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वैश्विक तनाव के बीच तेल कीमतों में बड़ी गिरावट, 3% से ज्यादा टूटा बाजार

18-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। बुधवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में 3% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों और ऊर्जा बाजार में हलचल देखने को मिली।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सुबह 10:28 बजे डब्ल्यूटीआई क्रूड 3.28% की गिरावट के साथ 92.40 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं ब्रेंट क्रूड 2.35% की कमजोरी के साथ 100.99 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा।
वैश्विक बाजार के रुझान का असर भारतीय बाजार में भी देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर 20 अप्रैल 2026 के कच्चे तेल के कॉन्ट्रैक्ट में 2.52% की गिरावट दर्ज की गई और यह 8,621 रुपए पर आ गया।
ईरान द्वारा वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी की हत्या की पुष्टि के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। उनकी मौत को ईरान के युद्ध नेतृत्व के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है और इससे क्षेत्रीय संघर्ष के और भड़कने की आशंका जताई जा रही है।
तेल बाजार की चिंताओं के केंद्र में होर्मुज जलडमरूमध्य बना हुआ है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग है। दुनिया के कुल ऑयल शिपमेंट का लगभग पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। फिलहाल इस मार्ग से आवागमन प्रभावित है और जहाजों की आवाजाही सामान्य व्यापार की बजाय भू-राजनीतिक घटनाओं पर निर्भर हो गई है।
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सहयोगी देशों का समर्थन जुटाने के प्रयास कमजोर पड़ते नजर आ रहे हैं, जिससे सप्लाई चेन को सामान्य करने को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। इस बीच क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। ईरान हमले बढ़ा रहा है, जबकि अमेरिकी सेना जलडमरूमध्य के आसपास मिसाइल ठिकानों को निशाना बना रही है।
तेल की कीमतों में इस साल करीब 70% तक की तेजी आ चुकी है, जिसका मुख्य कारण अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। इसका असर अब आम उपभोक्ताओं पर भी दिखने लगा है। अमेरिका में डीजल की कीमतें 5 डॉलर प्रति गैलन के पार पहुंच गई हैं।
 

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: केंद्रीय पर्यवेक्षकों की निगरानी के लिए बनेगी विशेष टीम

18-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने सामान्य पर्यवेक्षकों और पुलिस व व्यय पर्यवेक्षकों के दैनिक कामकाज की निगरानी के लिए एक नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।
पश्चिम बंगाल में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल के नेतृत्व और सीधे नियंत्रण में एक विशेष निगरानी प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। सीईओ कार्यालय के एक सूत्र ने बताया कि यह प्रकोष्ठ न सिर्फ आयोग की ओर से नियुक्त इन पर्यवेक्षकों के कामकाज की निगरानी करेगा, बल्कि अपनी टिप्पणियों पर आधारित एक रिपोर्ट रोजाना नई दिल्ली स्थित ईसीआई मुख्यालय को भी भेजेगा।
सीईओ कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, ईसीआई ने पश्चिम बंगाल के लिए पहले ही कुल 294 सामान्य पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए हैं। इस तरह, चुनाव वाले चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में से पश्चिम बंगाल एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां हर विधानसभा क्षेत्र के लिए एक सामान्य पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। साथ ही, पश्चिम बंगाल चुनावों में 84 पुलिस पर्यवेक्षक भी शामिल होंगे, जो चुनाव वाले सभी स्थानों में सबसे ज्यादा हैं। इस बार, पश्चिम बंगाल चुनावों में 100 व्यय पर्यवेक्षक भी शामिल होंगे, जो चुनाव वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है।
सूत्रों ने कहा कि चुनाव आयोग ने इस प्रणाली को पूरी तरह से त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाने के लिए पर्यवेक्षकों के रोजमर्रा के कामकाज को निगरानी के दायरे में लाने का फैसला किया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार की ओर से इस महीने की शुरुआत में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और हिंसा-मुक्त बनाने के लिए की गई प्रतिबद्धता के अनुरूप है।
सीईओ कार्यालय के सूत्र ने कहा, “सामान्य, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षकों के कामकाज को रोजाना की जांच-पड़ताल वाली व्यवस्था के तहत लाकर आयोग इस प्रणाली में पारदर्शिता का संदेश भी देना चाहता है। साथ ही, वह उन आरोपों का भी जवाब देना चाहता है, जिनमें कहा गया था कि चुनाव आयोग अपनी निगरानी सिर्फ राज्य सरकार के नौकरशाहों और पुलिस अधिकारियों तक ही सीमित रख रहा है।”
इसी बीच, आयोग ने पश्चिम बंगाल के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की सचिव अंतरा आचार्य और राज्य के खाद्य प्रसंस्करण सचिव परवेज अहमद सिद्दीकी को केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया है। इससे पहले, पश्चिम बंगाल के गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा को तमिलनाडु के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर नियुक्त किया गया। हालांकि, अंतरा आचार्य और परवेज अहमद सिद्दीकी ने आयोग से अनुरोध किया है कि उन्हें चुनाव वाले अन्य राज्यों में केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर नियुक्त करने के फैसले पर पुनर्विचार किया जाए।





 

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जारी किए निर्देश, अब फ्लाइट में 60% सीटें होंगी निःशुल्क

18-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बुधवार को एयर ट्रैवल को और आसान बनाने के लिए कुछ नए निर्देश जारी किए हैं। मंत्रालय ने कहा कि किसी भी फ्लाइट में कम से कम 60 फीसदी सीटें अतिरिक्त शुल्क के बगैर उपलब्ध करानी होंगी, ताकि सभी यात्रियों को बराबरी का मौका मिले। 
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एयरलाइन यात्रियों के लिए पारदर्शी और सुविधाजनक हो। डीजीसीए के माध्यम से जारी नए दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि एक ही पीएनआर पर यात्रा करने वाले यात्रियों को साथ में बैठाया जाए। कोशिश की जाएगी कि वे पास-पास की सीटों पर बैठ सकें। इससे परिवार या ग्रुप में सफर करने वाले लोगों को काफी सुविधा मिलेगी।
मंत्रालय ने कहा कि स्पोर्ट्स इक्विपमेंट और म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट जैसी चीजों को भी पारदर्शी और आसान तरीके से फ्लाइट में ले जाने की सुविधा दी जाएगी, बशर्ते सुरक्षा और ऑपरेशनल नियमों का पालन हो। इसी तरह, एयरलाइंस को पालतू जानवरों को ले जाने के लिए स्पष्ट और पारदर्शी नीति बनानी होगी।
इसके अलावा, मंत्रालय ने यात्रियों के अधिकारों पर भी जोर दिया है। इसमें लेट होने, कैंसलेशन या डिनाइड बोर्डिंग जैसी स्थिति में यात्रियों के अधिकारों का पालन करना अनिवार्य होगा।
एयरलाइंस को अपनी वेबसाइट, मोबाइल ऐप, बुकिंग प्लेटफॉर्म और एयरपोर्ट काउंटर पर यात्रियों के अधिकार स्पष्ट रूप से दिखाने होंगे। यात्रियों को उनके हक की जानकारी स्थानीय भाषाओं में भी दी जानी चाहिए ताकि ज्यादा लोग आसानी से समझ सकें।
भारत घरेलू उड़ान के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मार्केट बन गया है। यूडीएएन योजना के तहत एयर ट्रैवल अब अधिक सुलभ हो गया है। देश के एयरपोर्ट्स हर दिन पांच लाख से ज्यादा यात्रियों को संभालते हैं, जो इस सेक्टर की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता को दिखाता है।
मंत्रालय ने बताया कि यात्रियों की सुविधा हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी सोच के तहत यूडीएएन यात्री कैफे, फ्लाइब्ररी में मुफ्त किताबें और एयरपोर्ट पर फ्री वाईफाई जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं। मंत्रालय ने बताया कि वह यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने, पारदर्शिता बढ़ाने, शिकायतों को कम करने और सुरक्षा मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। 
 

हवाई यात्रा होगी और आसान, सरकार ने यात्रियों के लिए किए बड़े सुधार

18-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) भारत तेजी से वैश्विक विमानन क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। आज देश दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन चुका है, जहां हवाई यात्रा पहले से अधिक सुलभ और समावेशी होती जा रही है। उड़ान योजना के जरिए छोटे शहरों तक हवाई कनेक्टिविटी बढ़ी है और रोजाना 5 लाख से अधिक यात्री हवाई अड्डों से यात्रा कर रहे हैं।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों की सुविधा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। इसी दिशा में यात्रा को आसान और आरामदायक बनाने के लिए कई यात्री-केंद्रित पहल शुरू की गई हैं। इनमें किफायती भोजन के लिए ‘उड़ान यात्री कैफे’, किताबों तक मुफ्त पहुंच के लिए ‘फ्लाईब्ररी’ और हवाई अड्डों पर निःशुल्क वाई-फाई जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
यात्रियों की सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के माध्यम से एयरलाइनों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं।
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, हर उड़ान में कम से कम 60% सीटें निःशुल्क आवंटित की जानी चाहिए, ताकि सभी यात्रियों को समान सुविधा मिल सके। इसके अलावा, एक ही पीएनआर पर यात्रा करने वाले यात्रियों को साथ बैठाने पर जोर दिया गया है, जिससे परिवारों और समूहों को सुविधा मिल सके।
एयरलाइनों को खेल उपकरणों और संगीत वाद्ययंत्रों की ढुलाई को सरल और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, पालतू जानवरों की ढुलाई के लिए भी स्पष्ट और यात्री-अनुकूल नीतियां तैयार करने को कहा गया है, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
डीजीसीए ने एयरलाइनों को यात्रियों के अधिकारों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है, खासकर उड़ान में देरी, रद्द होने या बोर्डिंग से इनकार जैसी स्थितियों में। इसके साथ ही एयरलाइन की वेबसाइट, मोबाइल ऐप और हवाई अड्डों पर यात्रियों के अधिकारों की जानकारी प्रमुखता से प्रदर्शित करने को कहा गया है।
सरकार ने यात्रियों की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्रीय भाषाओं में जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया है। इससे अधिक से अधिक लोग अपने अधिकारों और सुविधाओं के बारे में जागरूक हो सकेंगे।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय का लक्ष्य यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाना, शिकायतों को कम करना और विमानन क्षेत्र में सुरक्षा के उच्चतम मानकों को बनाए रखना है। इन पहलों के जरिए भारत का विमानन क्षेत्र न केवल तेजी से बढ़ रहा है, बल्कि यात्रियों के लिए अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और सुविधाजनक भी बनता जा रहा है। 
 

राज्यसभा में पीएम मोदी का संबोधन, विदाई ले रहे सांसदों को दी शुभकामनाएं

18-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान विदाई ले रहे सांसदों के योगदान की सराहना की और लोकतांत्रिक परंपराओं की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संसद केवल बहस का मंच नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की एक “ओपन यूनिवर्सिटी” है, जहां से हर सदस्य सीखकर और समृद्ध होकर निकलता है।
नरेन्द्र मोदी ने कहा कि ऐसे अवसरों पर सदन में दलगत भावनाओं से ऊपर उठकर एक समान भावना देखने को मिलती है। उन्होंने विदा हो रहे सांसदों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राजनीति में कभी “फुल स्टॉप” नहीं होता और अनुभव का उपयोग आगे भी राष्ट्र सेवा में होता रहता है।
प्रधानमंत्री ने एच. डी. देवगौड़ा, मल्लिकार्जुन खड़गे और शरद पवार जैसे वरिष्ठ नेताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका लंबा संसदीय अनुभव नए सांसदों के लिए सीखने का अवसर है। उन्होंने कहा कि दशकों तक संसदीय प्रणाली में सक्रिय रहकर इन नेताओं ने समर्पण और जिम्मेदारी का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
नरेन्द्र मोदी ने हरिवंश के योगदान की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि हरिवंश ने सदन को सुचारू रूप से चलाने, सभी का विश्वास जीतने और युवाओं के बीच जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सदन में बदलते माहौल का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले हास्य और व्यंग्य के ज्यादा अवसर होते थे, लेकिन अब 24×7 मीडिया के कारण सदस्य अधिक सतर्क रहते हैं। उन्होंने रामदास अठावले का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका हास्य और व्यंग्य सदन में हमेशा ऊर्जा बनाए रखता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने द्विसदनीय संसदीय प्रणाली की अहमियत बताते हुए कहा कि एक सदन में लिए गए निर्णय दूसरे सदन में “सेकेंड ओपिनियन” के रूप में आते हैं, जिससे निर्णय प्रक्रिया और अधिक समृद्ध होती है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था लोकतंत्र को मजबूत बनाती है और बेहतर फैसलों का मार्ग प्रशस्त करती है।
नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विदाई ले रहे कई सांसद ऐसे हैं जिन्हें पुराने और नए दोनों संसद भवनों में काम करने का अवसर मिला। यह उनके सार्वजनिक जीवन की एक विशेष और यादगार उपलब्धि है।
मोदी मोदी ने संसद को “ओपन यूनिवर्सिटी” बताते हुए कहा कि यहां से सांसदों को राष्ट्र जीवन की बारीकियों को समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि संसद में बिताए गए वर्षों के दौरान न केवल देश के लिए योगदान होता है, बल्कि व्यक्ति के अनुभव और क्षमता में भी कई गुना वृद्धि होती है।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने सभी विदाई ले रहे सांसदों के योगदान की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विश्वास जताया कि उनका अनुभव आगे भी राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। 



 

ट्रैफिक एडवाइजरी: दिल्ली में इन रास्तों पर रहेगी पाबंदी, पहले से बना लें योजना

18-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) दिल्ली में आधिकारिक जरुरतों के कारण राष्ट्रीय राजधानी के कई प्रमुख इलाकों में यातायात व्यवस्था बुधवार शाम को प्रभावित रहेगी। प्रशासन की ओर से जारी सूचना के अनुसार डब्ल्यू प्वाइंट, ए प्वाइंट, आईटीओ चौक, आईपी मार्ग, बीएसजेड मार्ग, डीडीयू मार्ग, टैगोर रोड, विष्णु दिगंबर मार्ग, मिरदर्द रोड, मिरदर्द रेड लाइट, रणजीत सिंह मार्ग, रणजीत सिंह फ्लाईओवर, जंगीर रोड और प्रेस रोड के आसपास मुख्य सड़क और सर्विस लेन पर कई ट्रैफिक पाबंदियां और रास्तों में बदलाव लागू किए जाएंगे।
ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे आज बुधवार शाम 4 बजे से रात 9 बजे के बीच इन रास्तों पर जाने से बचें। इन मार्गों पर भीड़ और धीमी गति से चलने की स्थिति बन सकती है, जिससे यात्रियों को परेशानी हो सकती है। इसलिए लोगों को सलाह दी गई है कि वे वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें और घर से निकलने से पहले अपनी यात्रा की योजना बना लें।
खासकर दफ्तर जाने और लौटने वाले लोगों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है ताकि रास्ते में किसी तरह की देरी का सामना न करना पड़े। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को भी डीडीयू मार्ग से बचने के लिए कहा गया है। इसके बजाय वे कोटला कट से मिरदर्द चौक या दिल्ली गेट से कमला मार्केट चौराहे के रास्ते अपनी आगे की यात्रा पूरी कर सकते हैं।
इसके अलावा, कई प्रमुख सड़कों पर पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। बहादुरशाह जफर मार्ग, आईपी मार्ग, डीडीयू मार्ग, टैगोर रोड, विष्णु दिगंबर मार्ग, मिरदर्द रोड, रणजीत सिंह मार्ग, रणजीत सिंह फ्लाईओवर, जंगीर रोड और प्रेस रोड (दोनों तरफ की सड़कों) पर किसी भी वाहन को खड़ा करने की अनुमति नहीं होगी।
प्रशासन ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने पर खड़ी गाड़ियों को तुरंत हटाया जाएगा और संबंधित वाहन मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें ताकि सभी को सुरक्षित और सुगम यात्रा मिल सके।







 

दिल्ली-इंदौर अग्निकांड पर पीएम मोदी का शोक, मृतकों के परिजनों को 2 लाख मुआवजा

18-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली और इंदौर में हुए दर्दनाक अग्निकांडों पर गहरा शोक व्यक्त किया है। दोनों घटनाओं में कई लोगों की मौत हुई है, जिस पर प्रधानमंत्री ने संवेदना जताते हुए पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अनुसार, प्रधानमंत्री ने इंदौर की घटना को लेकर कहा कि जान-माल के नुकसान से उन्हें गहरा दुख हुआ है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। इसी तरह दिल्ली के पालम इलाके में हुई आग की घटना को भी उन्होंने बेहद दुखद बताया और प्रभावित परिवारों के प्रति सहानुभूति प्रकट की।
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मुआवजे की घोषणा करते हुए कहा कि प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी। वहीं, घायलों को 50,000 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
दिल्ली के पालम क्षेत्र में बुधवार सुबह राम मार्केट स्थित एक चार मंजिला इमारत में आग लग गई। इमारत के बेसमेंट, ग्राउंड और पहली मंजिल पर कपड़े और कॉस्मेटिक का शोरूम था, जबकि दूसरी और तीसरी मंजिल पर परिवार रहता था। इस हादसे में कई लोगों की मौत हो गई।
इंदौर में बंगाली चौराहा क्षेत्र की बृजेश्वरी कॉलोनी में कार चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। आग तेजी से फैल गई और पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। इस दौरान घर में रखे गैस सिलेंडरों में विस्फोट भी हुआ, जिससे स्थिति और भयावह हो गई। हादसे में कई लोगों की जान चली गई और मकान का कुछ हिस्सा भी ढह गया। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं से बचने के लिए इलेक्ट्रिक उपकरणों और गैस सिलेंडरों के सुरक्षित उपयोग को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।

यात्रियों को राहत: एयर इंडिया यूरोप और उत्तरी अमेरिका के बीच 36 अतिरिक्त उड़ानों का संचालन करेगी

17-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) एयर इंडिया ने मंगलवार को कहा कि मध्य पूर्व में तनाव के चलते देश में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की मांग बढ़ने के कारण एयरलाइन यूरोप और उत्तरी अमेरिका के लिए अतिरिक्त उड़ानों का संचालन करेगी। एयर इंडिया ने बताया कि यह उड़ानें इस हफ्ते की शुरुआत से लेकर और अगले हफ्ते के अंत तक के लिए शेड्यूल हैं। 
एयरलाइन के मुताबिक, वह 19 मार्च से 28 मार्च के बीच दिल्ली और मुंबई को लंदन (हीथ्रो), टोरंटो, फ्रैंकफर्ट और ज्यूरिख जैसे प्रमुख गंतव्यों से जोड़ने वाली 36 अतिरिक्त उड़ानें संचालित करेगी। एयरलाइन ने कहा कि इस कदम से इन मार्गों पर 10,000 से अधिक सीटें जुड़ेंगी, जिससे क्षमता बढ़ेगी और ऐसे समय में यात्रा के अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे, जब अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी काफी सीमित हो गई है।
यह अतिरिक्त उड़ानें दिल्ली-लंदन (हीथ्रो), मुंबई-लंदन (हीथ्रो), दिल्ली-फ्रैंकफर्ट, दिल्ली-ज्यूरिख और दिल्ली-टोरंटो के लिए होंगी। इससे पहले मांग को देखते हुए एयर इंडिया ने 10 मार्च से 18 मार्च के बीच 78 अतिरिक्त उड़ानों के संचालन का ऐलान किया था। इन उड़ानों के लिए बुकिंग एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप और अधिकृत ट्रैवल एजेंटों सहित सभी माध्यमों से धीरे-धीरे शुरू की जा रही है।
एयर इंडिया ने कहा कि क्षमता में यह वृद्धि यात्रा की मांग और मार्गों की उपलब्धता को प्रभावित करने वाली बदलती भू-राजनीतिक स्थितियों के बीच यात्रियों को सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। इससे पहले, नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयर इंडिया की यूरोप, अमेरिका और कनाडा जाने वाली लंबी दूरी की उड़ानों के लिए उड़ान शुल्क नियमों में अस्थायी छूट दी थी, क्योंकि ईरान संघर्ष के दौरान हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के कारण एयरलाइन को लंबे मार्गों से उड़ान भरनी पड़ रही थी, जिससे परिचालन और यात्री आवागमन प्रभावित हो रहा था।
इस बीच, इंडिगो ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि वह 16 मार्च से 28 मार्च के बीच पश्चिम एशिया से आने-जाने वाली 252 साप्ताहिक उड़ानें संचालित करेगी। इस अवधि के दौरान एयरलाइन की सेवाओं में सऊदी अरब से आने-जाने वाली लगभग 126 साप्ताहिक उड़ानें, संयुक्त अरब अमीरात से आने-जाने वाली 98 उड़ानें और ओमान से आने-जाने वाली 28 उड़ानें शामिल हैं। हालांकि, इंडिगो ने कहा कि क्षेत्र के कई गंतव्यों – दोहा, कुवैत, बहरीन, दम्माम, फुजैरा, रस अल खैमाह और शारजाह – के लिए परिचालन अस्थायी नेटवर्क समायोजन के तहत 28 मार्च तक निलंबित रहेगा।
 

ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच ट्रंप ने अपनी बीजिंग यात्रा टाली

17-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान से जुड़ा युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस संघर्ष के कारण उन्होंने चीन की अपनी तय यात्रा को फिलहाल टाल दिया है, क्योंकि इस समय उन्हें वॉशिंगटन में रहना जरूरी लग रहा है।
जब ओवल ऑफिस में पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान ट्रंप से पूछा गया कि क्या यह युद्ध इसी सप्ताह खत्म हो सकता है, तो उन्होंने कहा कि ऐसा जरूरी नहीं है, लेकिन यह ज्यादा लंबा नहीं चलेगा। उनके मुताबिक, जब यह युद्ध समाप्त होगा तो दुनिया पहले से ज्यादा सुरक्षित हो जाएगी।
ट्रंप ने बताया कि उन्होंने चीन से अपनी यात्रा लगभग एक महीने के लिए टालने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि वे चीन के साथ बातचीत कर रहे हैं और वहां जाना चाहते हैं, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए उन्हें अमेरिका में ही रहना जरूरी लग रहा है। इसलिए उन्होंने यात्रा को करीब एक महीने के लिए आगे बढ़ाने की बात कही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति की चीन यात्रा 28 मार्च से 1 अप्रैल के बीच तय थी, लेकिन अब नई तारीखों की घोषणा नहीं की गई है। ट्रंप ने कहा कि वे चीन जाने के लिए उत्सुक हैं और दोनों देशों के बीच संबंध भी अच्छे हैं। लेकिन मौजूदा युद्ध की स्थिति में उनका अमेरिका में रहना अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इसमें कोई खास रणनीति या चाल नहीं है, बात सीधी है कि युद्ध चल रहा है और ऐसे समय में उनका वॉशिंगटन में मौजूद रहना जरूरी है।
ट्रंप ने ये बातें उस समय कहीं जब उन्होंने ओवल ऑफिस में घरेलू धोखाधड़ी से जुड़ा एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद पत्रकारों के साथ हुई लंबी बातचीत में ज्यादातर सवाल ईरान और चल रहे सैन्य अभियान पर ही केंद्रित रहे। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि यह कदम उठाना जरूरी था, भले ही वे खुद युद्ध से बचना चाहते थे। उन्होंने कहा कि उन्हें यह फैसला लेना पड़ा और वे खुद भी ऐसा रास्ता नहीं अपनाना चाहते थे।
उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई केवल अमेरिका के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के हित में की गई है। उनके अनुसार, यह काम दुनिया की सुरक्षा के लिए किया गया है। उन्होंने इस सैन्य कार्रवाई को व्यापक संदर्भ में रखते हुए कहा: “लेकिन हमने दुनिया के लिए काम किया, अपने लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए। अगर कार्रवाई न की जाती तो इसके कहीं ज़्यादा गंभीर परिणाम होते। अगर मैंने वह न किया होता जो मैंने किया तो हम पर हमला हो चुका होता।”
राष्ट्रपति ने दावा किया कि इस संघर्ष के बाद ईरान की सैन्य क्षमता काफी कमजोर हो गई है। उन्होंने कहा कि अब ईरान के पास प्रभावी नौसेना नहीं है, वायुसेना नहीं है, हवाई हमलों से बचाव के हथियार नहीं हैं और नेतृत्व भी कमजोर पड़ गया है। ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि इस स्थिति का असर शेयर बाजार पर ज्यादा पड़ेगा। लेकिन उनके अनुसार, अगर बाजार पर थोड़े समय के लिए असर पड़ता भी है तो यह बहुत बड़ी कीमत नहीं है।
उन्होंने कहा कि सच कहें तो उन्हें लगा था कि शेयर बाजार इससे कहीं ज्यादा नीचे जा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उनके अनुसार, अगर कुछ नुकसान भी होता है तो यह बहुत छोटी कीमत है। जब उनसे पूछा गया कि आगे सेना की क्या योजना हो सकती है और क्या जमीन पर सेना भेजने की जरूरत पड़ सकती है, तो ट्रंप ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
 

दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र 23 से 25 मार्च तक चलेगा

17-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र 23 से 25 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट 23 मार्च को सदन में पेश की जाएगी। 24 मार्च को दिल्ली सरकार 2026-27 के लिए अपना बजट पेश करेगी।
सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक के दौरान, एक और फैसले में दिल्ली कैबिनेट ने दो अहम इंफ़्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स मंजूरी दी, बारापुल्ला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर और एमबी रोड पर अंडरपास के साथ एक छह-लेन वाला एलिवेटेड कॉरिडोर, ताकि ट्रैफिक की भीड़ कम हो सके और राष्ट्रीय राजधानी में सफर करना आसान हो जाए।
मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स से लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी और दिल्ली के सड़क नेटवर्क को ज्यादा आधुनिक और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि ये पहल ‘विकसित दिल्ली’ बनाने की दिशा में अहम कदम हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने में भी योगदान देंगी।
एक बयान में कहा गया कि दिल्ली सरकार ने बारापुल्ला नाले के ऊपर बारापुल्ला फेज-3 एलिवेटेड सड़क के निर्माण के लिए 1,635.03 करोड़ रुपए की संशोधित लागत को मंजूरी दे दी है। यह सड़क सराय काले खां को मयूर विहार से जोड़ती है। यह प्रोजेक्ट मौजूदा बारापुल्ला एलिवेटेड कॉरिडोर का ही विस्तार है। इसके पूरा होने के बाद, यह पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार से दक्षिणी दिल्ली एम्स तक सीधी, सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी देगा।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट से उन लाखों यात्रियों का सफर का समय काफी कम हो जाएगा, जो रोजाना पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच सफर करते हैं। इससे सराय काले खां, रिंग रोड, डीएनडी फ्लाईवे और एनएच-24 के आस-पास ट्रैफिक जाम कम होने की भी उम्मीद है।
बयान में आगे कहा गया है कि दिल्ली सरकार ने इस प्रोजेक्ट को 30 जून, 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि एमबी रोड पर अंडरपास के साथ छह-लेन वाली एलिवेटेड सड़क का यह प्रोजेक्ट साकेत जी-ब्लॉक से पुल प्रह्लादपुर तक फैला होगा। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 1,471.14 करोड़ रुपए है और इसे दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) द्वारा पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस प्रोजेक्ट को दो चरणों में लागू किया जाएगा। 


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