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दुनिया की सबसे छोटी डोनर बनी उत्तराखंड की सरस्वती, मां-बाप ने किया ढाई दिन की बच्ची का देहदान

12-Dec-2024
देहरादून।( शोर संदेश ) उत्तराखंड में ढाई दिन की सरस्वती का नाम दुनिया की सबसे छोटी देहदाता के रूप में दर्ज हो गया है। बच्ची जन्म से ही हृदय रोग से पीड़ित थी और पैदा होने के मात्र ढाई दिन में ही उसकी मौत हो गई। ऐसे में उसके माता-पिता ने बच्ची का देहदान कर एक मिसाल कायम की है। बच्ची का शव म्यूजियम में सुरक्षित तो रखा जाएगा लेकिन अब उसके माता-पिता कभी भी उसे नहीं देख पाएंगे।
ढाई दिन की बच्ची सरस्वती के देहदान की खबर सुर्खियों में है। हर कोई इस बच्ची की असमय मौत और देहदान की खबर से हैरान है। उत्तराखंड के इस युवा दंपति ने अपनी बच्ची का देहदान कर एक बड़ी मिसाल पेश की है।
हरिद्वार के ज्वालापुर स्थित पुरुषोत्तम नगर निवासी 30 वर्षीय राममेहर और उनकी पत्नी मगन देवी ने मेडिकल एजुकेशन के लिए अपनी ढाई दिन की बच्ची का शव दान दिया है। दून मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग को बच्ची का शव दान में दिया गया है।
डॉक्टर के अनुसार मगन देवी को लेबर पेन की वजह से दून अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां रविवार 8 दिसंबर को दोपहर के समय सिजेरियन से उन्होंने बच्ची को जन्म दिया। इस दंपति की यह दूसरी औलाद थी। अभी यह दंपति बच्ची के होने की खुशियां मना ही रहा था कि बच्ची को हृदय संबंधी रोग होने की खबर ने उन्हें हिला कर रख दिया। यह बच्ची NICU वार्ड में भर्ती थी लेकिन 10 दिसंबर को उसकी मौत हो गई।
बच्ची की मौत से दंपती सदमे में थे। इसी दौरान राम मेहर ने अपनी बच्ची की मौत की जानकारी अपने पारिवारिक डॉक्टर जितेंद्र सैनी को दी। ढाई दिन की बच्ची के हार्ट रिलेटेड प्रॉब्लम की वजह से मौत होने की बात पर डॉक्टर जितेंद्र सैनी ने बच्ची के शरीर को दान देने की राय दी।
अपनी ढाई दिन की बच्ची के देहदान की खबर से दंपती कुछ कसमसाए लेकिन डॉक्टर सैनी की प्रेरणा से उन्होंने दधिचि देहदान समिति के पदाधिकारियों से संपर्क कर दून हॉस्पिटल के एनाटॉमी विभाग को शव दान में दे दिया।
जन्म से ही वेंटिलेटर पर थी
अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अशोक कुमार के अनुसार सरस्वती बर्थ एसफिक्सिया नाम की बीमारी से पीड़ित थी। जन्म के बाद से वेंटिलेटर सपोर्ट पर थी। काफी प्रयासों के बाद भी बच्ची को बचाया नहीं जा सका। मंगलवार देर रात करीब 2:34 बजे बच्ची ने आखिरी सांस ली।। यह बीमारी बच्चों में जन्म से होती है। इसमें बच्चों के मस्तिष्क तक ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती है और बच्चे को सांस लेने में तकलीफ होती है। जिससे बच्चों के शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा घट जाती है और एसिड का स्तर बढ़ जाता है।

हनुमान जी के परम भक्त का अनोखा जीवन: जीवनभर रामायण पाठ और सिर्फ लंगोट धारण

12-Dec-2024
खरगोन। ( शोर संदेश )  नर्मदा तट स्थित भट्टयान बुजुर्ग में संत सियाराम बाबा 95 वर्ष का बुधवार मोक्षदा एकादशी पर सुबह 6.10 मिनट पर प्रभुमिलन हो गया है। आज गीता जयंती भी है। उनका अंतिम संस्कार शाम 4 बजे आश्रम के पास किया जाएगा। बाबा पिछले 10 दिन से बीमार थे।
इंदौर के डॉक्टरों ने भी उनका इलाज किया था। मूलतः गुजरात के बाबा यहां कई सालों से नर्मदा भक्ति कर रहे थे। अंतिम संस्कार में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी शामिल हो सकते हैं।
आश्रम में सियाराम बाबा के अंतिम दर्शन को लोगों की भीड़ लगी है। कुछ दिनों पहले बाबा को निमोनिया की शिकायत पर सनावद के निजी अस्पताल में भर्ती किया था। इसके बाद बाबा की इच्छानुसार उनका आश्रम में ही जिला चिकित्सालय और कसरावद के डॉक्टर भी इलाज कर रहे थे।
बाबा लगातार करते थे रामायण पाठ
सियाराम बाबा अपनी दिनचर्या में लगातार रामायण पाठ करते रहते थे। भक्तों के अनुसार वे 21 घंटों तक रामायण का पाठ करते थे। 95 साल की आयु में उन्हें चश्मा भी नहीं लगा था। भक्तों के अनुसार उन्होंने सियाराम बाबा को हमेशा लंगोट में ही देखा है। सर्दी, गर्मी या बरसात वे लंगोट के अलावा कोई कपड़े नहीं पहनते थे।
गुजरात के भावनगर से आए थे
बाबा का जन्म 1933 में गुजरात के भावनगर में हुआ था। 17 साल की उम्र में उन्होंने आध्यात्मिक मार्ग पर चलने का फैसला किया था। उन्होंने कई सालों तक गुरु के साथ पढ़ाई की और तीर्थ भ्रमण किया। वे 1962 में भट्याण आए थे।

यहां उन्होंने एक पेड़ के नीचे मौन रहकर कठोर तपस्या की। जब उनकी साधना पूरी हुई तो उन्होंने ‘सियाराम’ का उच्चारण किया, जिसके बाद से ही वे सियाराम बाबा के नाम से जाने जाते हैं। वे भगवान हनुमान के परम भक्त हैं।
ऐसी थी बाबा की दिनचर्या
आश्रम पर मौजूद अन्य सेवादारों ने बताया कि उनकी दिनचर्या भगवान राम व मां नर्मदा की भक्ति से शुरू होकर यही खत्म होती थी। बाबा प्रतिदिन रामायण पाठ का पाठ करते और आश्रम पर आने वाले श्रद्धालुओं को स्वयं के हाथों से बनी चाय प्रसादी के रूप में वितरित करते थे।
समीपस्थ ग्राम सामेड़ा के रामेश्वर सिसोदिया ने बताया कि बाबा की वर्तमान आयु लगभग 95 वर्ष है। बाबा के लिए गांव से पांच छह घरों से भोजन का टिफिन आता था, जिसे बाबा एक पात्र में मिलाकर लेते थे। खुद की जरूरत के अनुसार भोजन निकाल कर बचा भोजन पशु-पक्षियों में वितरित कर देते थे।
मंदिरों में दान किए करोड़ों रुपये
ग्राम भट्टयाण के सरपंच भूराजी बिरले ने बताया कि बाबा प्रत्येक श्रद्धालु से मात्र 10 रुपये दान स्वरूप लेते थे। बाबा ने आश्रम के प्रभावित डूब क्षेत्र हिस्से के मिले मुआवजे के दो करोड़ 58 लाख रुपये क्षेत्र के प्रसिद्ध तीर्थ स्थान नागलवाड़ी मंदिर में दान किए थे।
वही लगभग 20 लाख रुपये व चांदी का छत्र जाम घाट स्थित पार्वती माता मंदिर में दान किया। आश्रम से नर्मदा तक बनाया घाट भी सियाराम बाबा ने लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से बनवाया था।
 

 


हरदीभाटा ग्राम पंचायत को केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय द्वारा दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार से किया गया सम्मानित

11-Dec-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के हरदीभाटा ग्राम पंचायत को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि मिली है। केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय द्वारा दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार-2024 से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार - 2024 समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों हरदीभाटा के सरपंच मुनेन कुमार ने पुरस्कार ग्रहण किया। पंचायतों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय द्वारा विभिन्न श्रेणियों में हर साल पुरस्कार दिए जाते हैं। इस साल ये पुरस्कार कुल 15 राज्यों की 45 पंचायतों व संस्थाओं को दिए गए।

इसी के तहत दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार 27 पंचायतों को प्राप्त हुआ है। ये पुरस्कार कुल 9 विषयों के तहत दिया जाता है, जिनमें गरीबी मुक्त एवं उन्नत आजीविका युक्त पंचायत, स्वस्थ पंचायत, बाल हितैषी पंचायत, जल पर्याप्त पंचायत, स्वच्छ एवं हरित पंचायत, आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचा युक्त पंचायत, सामाजिक रूप से न्यायसंगत एवं सामाजिक रूप से संरक्षित पंचायत, सुशासन युक्त पंचायत और महिला हितैषी पंचायत शामिल हैं। ग्राम पंचायत हरदीभाटा को सामाजिक रूप से न्यायसंगत एवं सामाजिक रूप से संरक्षित पंचायत की श्रेणी में पुरस्कृत किया गया है। ग्राम पंचायत को 50 लाख रुपए पुरस्कार की राशि भी प्रदान की गई।
 

पीएम मोदी शुक्रवार को करेंगे महाकुंभ का शुभारंभ, चप्पे-चप्पे पर रहेगी सुरक्षा

10-Dec-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को महाकुंभ का औपचारिक शुभारंभ करने के लिए प्रयागराज पहुंचेंगे. इसे लेकर तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच गई हैं. पीएम मोदी के प्रयागराज दौरे को देखते हुए पीएमओ की टीम सोमवार को ही प्रयागराज पहुंच गई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को देखते हुए सर्किट हाउस में जिला प्रशासन और मेला प्रशासन ने पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की.
इसके साथ ही पीएमओ के अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल पर चल रही तैयारियों का जायजा लिया. इसके बाद शाम को एसपीजी की एक टीम भी प्रयागराज पहुंच गई. प्रधानमंत्री कार्यालय की टीम अब सिर्फ पीएम के कार्यक्रमों के समाप्त होने तक प्रयागराज में ही डेरा डाले रहेगी. इसके लिए एसपीजी के अधिकारी आज स्थानीय पुलिस और प्रशासन के उच्चाधिकारियों के साथ एडवांस सिक्योरिटी लाइजनिंग (ASL) की एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे.
सवा तीन घंटे कुभनगरी में रहेंगे पीएम मोदी
शुक्रवार (13 दिसंबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रयागराज पहुंचेंगे. जहां वह करीब सवा तीन घंटे बिताएंगे. पीएम मोदी के दौरे को लेकर कुंभनगरी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. प्रस्तावित प्रोटोकॉल के मुताबिक, पीएम मोदी विशेष विमान से सुबह करीब 11.30 बजे बमरौली एयरपोर्ट पहुंचेंगे. जहां सीएम योगी आदित्यनाथ समेत कई केंद्रीय मंत्री और प्रदेश सरकार के मंत्री उनका स्वागत करेंगे. उसके बाद पीएम मोदी हेलीकाप्टर से 11.50 बजे अरैल पहुंचेंगे, जहां से कार द्वारा वीवीआईपी घाट जाएंगे. उसके बाद पीएम मोदी निषादराज मिनी क्रूज से किला घाट वीआईपी घाट और उसके बाद 12.10 बजे अक्षयवट जाएंगे. इसके बाद वह हनुमान मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर 12.40 बजे संगम नोज पहुंचेंगे, जहां पर त्रिवेणी पूजन करेंगे. जहां वह करीब आधा घंटा तक गंगा पूजन और आरती करेंगे. यहां से करीब सवा एक बजे वह जनसभा स्थल पहुंच जाएंगे. जहां पीएम मोदी करीब 1.15 घंटा रहेंगे. उसके बाद उसी रूट से बमरौली एयरपोर्ट जाएंगे. उसके बाद 2.45 बजे पीएम मोदी दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे.
कई परियाजनाओं का लोकार्पण करेंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रयागराज में होने वाली जनसभा के दौरान महाकुंभ से संबंधित करीब सात हजार करोड़ रुपये की 532 परियोजनाओं का लोकार्पण भी करेंगे. इसके अलावा पीएम मोदी शृंगवेरपुर धाम में निर्मित निषादराज पार्क का वर्चुअल लोकार्पण भी करेंगे. बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम को लेकर सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं. जनसभा के लिए पंडाल से लेकर संगम नोज पर जेटी का कार्य करीब पूरा हो गया है.
कालिंदी का तट बना प्रकाश महाकुंभ का साक्षी
देवोत्थान एकादशी की पूर्व संध्या पर कुंभ नगरी प्रयागराज में कालिंदी महोत्सव का आयोजन किया गया . श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के संरक्षण वाली श्री दत्तात्रेय सेवा समिति की अगुवाई में यह आयोजन किया गया जिसमें सभी अखाड़ों के साधु संतों और कुंभ मेला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए. इस अवसर पर जूना अखाड़े के मौज गिरि घाट पर सवा लाख दीप जलाए गए. श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के सभापति महंत प्रेम गिरी का कहना है कि महाकुंभ के पूर्व देवोत्थान एकादशी की पूर्व संध्या के पावन अवसर पर मां कालिंदी के तट पर सवा लाख मिट्टी के दीए जलाए गए. सवा लाख दीयों का दीपदान भी यमुना में किया गया. सभी प्रमुख अखाड़ों से आए संतों और स्थानीय नागरिकों ने जनवरी 2025 में प्रयागराज में आयोजित होने जा रहे महाकुंभ के सकुशल संपन्न होने की कामना भी भी यमुना मां से की .  महोत्सव का आरंभ कालिंदी के तट पर बनाए गए श्री मौज गिरी के भव्य घाट में दीयों की श्रृंखला बनाने से हुआ. प्रदेश की योगी सरकार की तरफ से इस घाट का कायाकल्प 1.2 करोड़ के बजट से किया गया है. 
इस भव्य पक्के घाट में दो लाख से अधिक दीयों को प्रज्जवलित करने की क्षमता है. घाट में बनाई गई सीढ़ियों में रेड स्टोन से दो खूबसूरत गुम्बद भी बनाए गए. सीढ़ियों पर धार्मिक प्रतीकों को दीयों की श्रृंखला से सजाया गया. दीप प्रज्वलन के बाद घाट पर ही यमुना मां की भव्य आरती का आयोजन किया गया . आरती के समापन के पश्चात  दीपदान महायज्ञ का आयोजन किया गया जिसमें सवा लाख दीयों का यमुना जी में दीपदान किया गया .  कुंभ मेला प्रशासन की ओर से दीपदान के लिए 32 नावों की व्यवस्था की गई थी. कालिंदी का तट दीयों की दूधिया रोशनी से नहा उठा . 
महाकुंभ की तैयारियों पर जाहिर की खुशी
दीपदान महायज्ञ और कालिंदी महोत्सव में इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति गौतम चौधरी और हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान भी मौजूद रहे. कार्यक्रम की अध्यक्षता पंच दशनाम नाम जूना अखाड़े के सभापति महंत प्रेम गिरि जी महाराज ने की. साधु संतो ने महाकुंभ के भव्य आयोजन की योगी सरकार की तैयारियों पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आगामी महाकुंभ अपनी भव्यता और नव्यता के लिए एक नजीर बनेगा. महोत्सव और महायज्ञ में हजारों  की संख्या में आम नागरिक भी शामिल हुए.

पीएम मोदी ने किया उद्घाटन, अदाणी-बिड़ला ने बड़े निवेश का किया ऐलान

10-Dec-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को जयपुर में राइजिंग राजस्थान वैश्विक निवेश शिखर सम्मेलन 2024 और राजस्थान वैश्विक व्यापार एक्सपो का उद्घाटन किया। इसके बाद पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया का हर निवेशक भारत को लेकर उत्साहित है। उन्होंने कहा,भारत ने सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन के मंत्र के माध्यम से जो विकास हासिल किया है, वह हर क्षेत्र में देखा जा सकता है। इस सदी को ‘तकनीक और डेटा-संचालित’ बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश दुनिया को लोकतंत्र, जनसांख्यिकी और डेटा की असली ताकत दिखा रहा है। राजस्थान की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए, पीएम मोदी ने कहा, आजादी के बाद सरकारों की प्राथमिकता न तो विकास थी और न ही विरासत - राजस्थान को इसके कारण बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। लेकिन आज, हमारी सरकार 'विकास भी, विरासत भी' के मंत्र पर काम कर रही है... राजस्थान आगे बढ़ रहा है। 
7.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश का ऐलान
इसके बाद अदाणी ग्रुप ने राजस्थान में विभिन्न क्षेत्रों में 7.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश का ऐलान किया। अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक करण अदाणी ने यहां ‘राइजिंग राजस्थान शिखर सम्मेलन’ में कहा कि कुल निवेश का 50 प्रतिशत अगले पांच वर्षों के भीतर निवेश किया जाएगा। उन्होंने कहा, अदाणी समूह विभिन्न क्षेत्रों में 7.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने की योजना बना रहा है। करण अदाणी ने कहा, कंपनी की योजना दुनिया का सबसे बड़ा एकीकृत ऊर्जा परिवेश बनाने की है, जिसमें 100 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा, 20 लाख टन हाइड्रोजन और 1.8 गीगावाट जलविद्युत परियोजनाओं से संबंधित ऊर्जा शामिल हो। उन्होंने कहा कि इस निवेश से राजस्थान में हरित रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।
बिड़ला ग्रुप करेगा  50,000 करोड़ का निवेश
आदित्य बिड़ला ग्रुप अगले कुछ वर्षों में राजस्थान में अपने विभिन्न कारोबारों में 50,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रहा है। आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि समूह के निवेश में अगले एक-दो वर्षों में नवीकरणीय ऊर्जा में 6,000 करोड़ रुपये का निवेश भी शामिल होगा। उन्होंने कहा कि समूह की भारत में छह व्यवसायों में महत्वपूर्ण उपस्थिति है जिनमें सीमेंट, दूरसंचार, फैशन रिटेल आदि शामिल हैं। बिड़ला ने यहां ‘राइजिंग राजस्थान निवेश शिखर सम्मेलन’ में कहा, हम अपने सभी व्यवसायों में निवेश बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मुझे लगता है कि हमारा समूह अगले कुछ वर्षों में सीमेंट, नवीकरणीय ऊर्जा, दूरसंचार और खुदरा क्षेत्र में 50,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगा।
सीमेंट उत्पादन क्षमता बढ़ाएगी कंपनी 
उन्होंने कहा कि कंपनी राजस्थान में अपना सीमेंट उत्पादन एक करोड़ टन बढ़ाएगी। वर्तमान में समूह की कंपनी अल्ट्रा टेक सीमेंट की राजस्थान में उत्पादन क्षमता दो करोड़ टन है। बिड़ला ने कहा कि समूह की आभूषण कारोबार इकाई भी राज्य में एक छोटी विनिर्माण इकाई स्थापित करने की योजना बना रही है। 
महिंद्रा ग्रुप करेगा 11 हजार करोड़ का निवेश 
महिंद्रा समूह का सौर प्रभाग राजस्थान में 11,000 करोड़ रुपये निवेश करने को प्रतिबद्ध है। महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने यहां ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ में कहा कि कंपनी ने राजस्थान में 1.1 गीगावाट सौर क्षमता स्थापित की है। उन्होंने कहा, हमारे सौर प्रभाग ने राजस्थान में 1.1 गीगावाट से अधिक क्षमता स्थापित की है। अतिरिक्त 2.8 गीगावाट क्षमता हासिल करने के लिए 11,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। महिंद्रा ने कहा कि समूह ने राज्य में 5,000 प्रत्यक्ष रोजगार सृजन किए हैं और अगले पांच वर्षों में इसमें उल्लेखनीय वृद्धि करने की योजना है।

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को हटाने के लिए विपक्ष लाया अविश्वास प्रस्ताव, TMC भी साथ

10-Dec-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव विपक्ष ने पेश किया है। कांग्रेस के सीनियर नेता जयराम रमेश ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के सांसदों के हस्ताक्षर वाले इस प्रस्ताव को राज्यसभा के जनरल सेक्रेटरी को सौंप दिया गया है। इस प्रस्ताव को ममता बनर्जी की टीएमसी का भी समर्थन मिल गया है। जयराम रमेश ने कहा कि यह कठिन फैसला है, लेकिन मजबूरी में हमें ऐसा करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के सांसदों को तो सदन में बोलने का भी मौका नहीं दिया जाता। उनका माइक तक बंद कर दिया जाता है। यह पक्षपात की स्थिति है और इसलिए हमें अविश्वास प्रस्ताव लाना पड़ा है।
जयराम रमेश ने लिखा, ‘विपक्षी INDI अलायंस से जुड़े सभी दलों के पास राज्यसभा के चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। वह राज्यसभा की कार्यवाही का संचालन पक्षपात के साथ कर रहे थे। INDI अलायंस के दलों के लिए यह एक कठिन फैसला है, लेकिन संसदीय लोकतंत्र के हित में है। इसलिए हमें ऐसा कदम उठाना पड़ा है। अविश्वास प्रस्ताव को हमने राज्यसभा के जनरल सेक्रेटरी को सौंप दिया है।’ हालांकि सूत्रों का कहना है कि इस प्रस्ताव में विपक्षी दलों के किसी भी नेता सदन के हस्ताक्षर नहीं हैं। यहां तक कि सोनिया गांधी के साइन भी इस प्रस्ताव में नहीं हैं। कहा जा रहा है कि कुल 60 सांसदों ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं।
पहले खबर थी कि टीएमसी इस प्रस्ताव के समर्थन में नहीं है, लेकिन अब जानकारी मिली है कि ममता बनर्जी की पार्टी भी साथ आ गई है। टीएमसी की सांसद सागरिका घोष ने कहा कि हमारी पार्टी के सांसदों ने वॉकआउट कर दिया था। हम अविश्वास प्रस्ताव के साथ हैं। संसदीय लोकतंत्र को बचाने के लिए यह जरूरी है क्योंकि चेयरमैन पक्षपात के साथ कार्रवाई का संचालन कर रहे थे। विपक्ष को जनता के मुद्दे उठाने की भी परमिशन नहीं दी जा रही। टीएमसी की एक अन्य सांसद सुष्मिता देव ने कहा कि हम जनता के मुद्दे उठाना चाहते हैं। ममता दीदी ने हमें रोजगार, महंगाई, मणिपुर और बंगाल के लिए फंड्स के आवंटन जैसे मुद्दे उठाने की सलाह दी है।
भाजपा इन मुद्दों की बात नहीं करती। वह अहम मसलों को दबा देना चाहती है। यदि मौका मिलेगा तो हम भाजपा को इस पर घेरेंगे, लेकिन चेयरमैन ऐसा नहीं होने दे रहे। संविधान के तहत राज्यसभा के सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है। इसमें नियम के खिलाफ कुछ भी नहीं है। बता दें कि कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों का कहना है कि अडानी, संभल जैसे मसलों पर बात की जाए। वहीं भाजपा ने जॉर्ज सोरोस के साथ सोनिया गांधी के लिंक का आरोप लगाया है। इस मसले पर सोमवार और मंगलवार को भाजपा सांसदों ने जमकर हंगामा भी किया।

उत्तर भारत में ठंडी हवाओं से बढ़ी ठिठुरन, दिल्ली में आज हल्की बारिश का अलर्ट

09-Dec-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी के साथ अब तापमान और गिर रहा है। जम्मू संभाग के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों समेत कश्मीर के अधिकांश पहाड़ों पर शनिवार की रात से रविवार सुबह तक हिमपात हुआ। पीरपंजाल के पहाड़ों समेत मुगल रोड पर पीर की गली क्षेत्र में काफी बर्फ गिरी। किश्तवाड़ जिले में पारा माइनस 4.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। यह प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को भी कुछ क्षेत्रों में हिमपात हो सकता है। उधर पीरपंजाल के ऊंचे इलाकों में रविवार की सुबह से ही बर्फबारी हुई। पुंछ जिले के सुरनकोट क्षेत्र के दूरदराज क्षेत्र में भी हिमपात हुआ। मुगल रोड पर पीर की गली के नजदीक दो से तीन इंच तक बर्फबारी हुई है।
रविवार शाम को दिल्ली और एनसीआर के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी बारिश हुई। जिसके बाद तापमान गिरने के साथ ठंड और बढ़ गई है। अगले दो से तीन दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना है।  मौसम विभाग का कहना है कि अगले 12 घंटों के दौरान दिल्ली एनसीआर में गरज के साथ बहुत हल्की बारिश होने के आसार हैं। आईएमडी के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, झारखंड, सिक्किम और हिमालयी पश्चिम बंगाल में  9 दिसंबर को देर रात और सुबह के समय घना कोहरा छाया रहेगा।  पश्चिम बंगाल के दार्जीलिंग और कलीमपोंग, पंजाब, हरियाणा में कुछ जगहों पर हल्की बारिश भी हो सकती है।

मनीष सिसोदिया की सीट से लड़ेंगे अवध ओझा... दिल्ली चुनाव के लिए AAP की दूसरी लिस्ट जारी

09-Dec-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  दिल्ली में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी ने अपनी दूसरी लिस्ट जारी कर दी है. इस लिस्ट में 20 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं. आप ने इस बार दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की सीट बदल दी है. इस बार उन्हें पटपड़गंज की जगह जंगपुरा से मैदान में उतारा गया है. वहीं हाल ही में आप में शामिल हुए अवध ओझा को पटपड़गंज से टिकट दिया गया है.
इसके अलावा आप ने नरेला से दिनेश भारद्वाज, तिमारपुर से सुरेंद्र पाल सिंह बिट्टू, आदर्श नगर से मुकेश गोयल, मुंडका से जसबीर कारला, मंगोलपुरी से राकेश जाटव धर्मरक्षक, रोहिणी प्रदीप मित्तल, चांदनी चौक से पुनरदीप सिंह साहनी (सेबी), पटेल नगर से प्रवेश रतन, मादीपुर से राखी बिडला, जनकपुरी से प्रवीण कुमार, बिजवासन से सुरेंद्र भारद्वाज, पालम से जोगिंदर सोलंकी, जंगपुरा से मनीष सिसोदिया को टिकट दिया गया है.
आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देवली से प्रेम कुमार चौहान, त्रिलोकपुरी से अंजना पारछा, पड़पड़गंज से अवध ओझा, कृष्णा नगर से विकास बग्गा, गांधी नगर से नवीन चौधरी (दीपू), शाहदरा से पद्मश्री जितेंद्र सिंह शंटी और मुस्तफाबाद से आदिल अहमद खान को टिकट दिया है.
इस लिस्ट में तीन ऐसे चेहरे हैं, जिनको लेकर काफी चर्चा थी कि उन्हें कहां से टिकट मिलेगा. पहला नाम शिक्षाविद् अवध ओझा का था. अटकलें लगाई जा रही थीं कि उन्हें चुनाव लड़ाया जाएगा या नहीं, लेकिन अब फाइनल हो गया है कि वो मनीष सिसोदिया की सीट रही पटपड़गंज से चुनाव लड़ेंगे. सिसोदिया इस सीट से लगातार तीन बार विधायक चुने गए. पिछले चुनाव में उन्हें बहुत कम अंतर से जीत मिली थी, जिसके बाद उनको लेकर कई चर्चाएं चल रही थीं. 
इसके अलावा दूसरा नाम प्रवेश रतन का है. प्रवेश रतन जाटव समुदाय से आते हैं. उन्हें बीजेपी से AAP में शामिल कराया गया है. वो पिछला चुनाव पटेल नगर (सुरक्षित) सीट से बीजेपी की ही टिकट पर लड़े थे. हालांकि उन्हें AAP के राजकुमार आनंद से हार का सामना करना पड़ा था. अब राजकुमार आनंद AAP का दामन छोड़कर बीजेपी में चले गए हैं. 
इस लिस्ट में जो तीसरा नाम है- वो है जितेंद्र सिंह शंटी का. ये नाम कोरोना महामारी के दौरान काफी चर्चाओं में आया था. शंटी ने पिछला चुनाव बीजेपी की टिकट पर शाहदरा से लड़ा था, लेकिन उन्हें AAP के रामनिवास गोयल से हार का सामना करना पड़ा. इस बार गोयल ने चुनावी राजनीति से संन्यास की घोषणा कर दी है. 
इससे पहले आम आदमी पार्टी ने अपनी पहली लिस्ट में 11 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया था. इस लिस्ट में छह ऐसे उम्मीदवार थे, जिन्हें हाल में कांग्रेस और बीजेपी से AAP में शामिल कराया गया था. 
पहली लिस्ट में जिन उम्मीदवारों के नाम थे, उनमें छतरपुर से ब्रह्म सिंह तंवर, किराड़ी से अनिल झा, विश्वास नगर से दीपक सिंघला, रोहतास नगर से सरिता सिंह, लक्ष्मी नगर से बीबी त्यागी, बदरपुर से राम सिंह, सीलमपुर से जुबेर चौधरी, सीमापुरी से वीर सिंह धींगान, घोंडा से गौरव शर्मा, करावल नगर से मनोज त्यागी और मटियाला से सुमेश शौकीन के नाम शामिल थे.

मुकुट हटाया, साड़ी भी हुई हरी, कांग्रेस सरकार ने बदली 'तेलंगाना की माता' की छवि, शुरू हुआ विरोध

09-Dec-2024
हैदराबाद। ( शोर संदेश ) कांग्रेस की रेवंत रेड्डी सरकार के एक फैसले से तेलंगाना में घमासान मचा है। कांग्रेस की सरकार ने तेलंगाना थल्ली यानी तेलंगाना की माता की प्रतिमा का स्वरूप बदल दिया। कांग्रेस ने देवी के स्वरूप से तेलगू संस्कृति की प्रतीक वथकम्मा के कलश और मुकुट को हटा दिया। उनकी साड़ी के रंग को भी बदल दिया है। रेवंत रेड्डी ने नई प्रतिमा को राज्य सचिवालय में लगवाई है, जिसका लोकार्पण कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के जन्मदिन 9 दिसंबर को हो रहा है। बीजेपी ने इसे तेलगू अस्मिता पर हमला करार दिया है तो भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने इसके खिलाफ तेलंगाना हाई कोर्ट में अर्जी लगाई है।
'रेवंत रेड्डी सोनिया गांधी को कहते हैं तेलंगाना की माता'
बीजेपी का आरोप है कि तेलंगाना की कांग्रेस सरकार राजनीतिक हितों के लिए तेलंगाना की सांस्कृति पहचान से छेड़छाड़ कर रही है। कांग्रेस नेता रेवंत रेड्डी पार्टी की सर्वोच्च नेता सोनिया गांधी को 'तेलंगाना की मां' बोलते हैं । अब उनको खुश करने के लिए तेलंगाना की पहचान रही 'तेलंगाना थल्ली' की छवि बदल रही है। कांग्रेस ने वथकम्मा कलश हटाकर देवी के हाथ खाली कर दिए हैं। उनके शरीर से तेलंगाना की समृद्धता की प्रतीक कमरबंद, पैरों में पहने जानी वाली विछुवा और गुलाबी साड़ी भी बदल दी है। गौरव का प्रतीक मुकुट भी हटा दिया गया है। बीजेपी का आरोप है कि यह संयोग नहीं, बल्कि रेवंत रेड्डी ने इस नई मूर्ति के उद्घाटन के लिए सोनिया गांधी के जन्मदिन को चुना है। देवी के हाथ इसलिए खाली किए गए, वह कांग्रेस का चुनाव चिन्ह है।
'तेलंगाना थल्ली' कौन है, जानिए देवी के बारे में
तेलगू क्षेत्र में पहले से तेलगू थल्ली की धन्य-धान्य और समृद्धि देने वाली देवी के तौर पर पूजा होती रही है। उन्हें आंध्र माता कहा जाता है। नए राज्य तेलंगाना के आंदोलन के दौरान लोगों ने देवी का स्थानीय स्वरूप ‘तेलंगाना थल्ली’ दे दिया। इस प्रतीकात्मक मूर्ति को निर्मल जिले के निवासी बी वेंकटरमण ने डिजाइन किया था। यह मूर्ति तेलंगाना आंदोलन का प्रतीक भी बनी। 2003 में हैदराबाद के टीआरएस हेडक्वॉर्टर में ‘तेलंगाना थल्ली’ की पहली प्रतिमा लगाई गई। तेलंगाना के गठन के बाद यह प्रतिमा कई जगह लगाई गई।
गुलाबी से हरी हो गई साड़ी, देवी के हाथ भी खाली
'तेलंगाना थल्ली' की पहली प्रतिमा में देवी को गडवाल और पोचमपल्ली के प्रसिद्ध रेशमी कपड़ों की प्रतीक गुलाबी साड़ी पहनाई गई। उनके हाथ में मक्के की बाली दी गई, जो भरपूर धन्य-धान्य और कृषि से जुड़ी थी। देवी के दूसरे हाथ में रखा गया बथकम्मा की कलश तेलंगाना के सबसे बड़े त्योहार का प्रतीक था, जो नवरात्रों के दौरान मनाया जाता है। उन्हें समृद्धि का प्रतीक मुकुट भी पहनाया गया। उन्हें करीम नगर के प्रसिद्ध आभूषणों कमरबंद पहनाया गया और महिलाओं की सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ी पैरों में पहनने वाले बिछुवा से सजाया गया था। अब नए डिजाइन में देवी का मुकुट गायब है। उनकी गुलाबी साड़ी को हरा कर दिया गया है। कमरबंद हटा दिए गए हैं। हाथ में बथकम्मा का कलश भी नहीं है। चूड़ियां भी लाल से हरी हो गई हैं।
'तेलंगाना की पहचान का अपमान कर रही है कांग्रेस'
भारत राष्ट्र समिति ने भी 'तेलंगाना थल्ली' की पहचान बदलने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधा है। केसीआर के बेटे और पूर्व राज्य मंत्री के टी रामा राव ने एक बयान में कहा कि रेवंत रेड्डी तेलंगाना से केसीआर की विरासत को मिटाने की जल्दबाजी में हैं। उन्होंने कहा कि देवी की नई प्रतिमा तेलंगाना की पहचान का अपमान है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में लौटने पर राज्य सचिवालय में स्थापित राजीव गांधी की प्रतिमा को हटा देगी और उसकी जगह 'तेलंगाना थल्ली' की मूल प्रतिमा स्थापित करेगी।
 

आरबीआई ने फिर किया निराश, कम नहीं होगी आपकी ईएमआई, रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, 6.5 फीसदी पर बरकरार

06-Dec-2024
नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ऑफ इंडिया ने एक बार फिर से रेपो रेट को स्थिर रखा है. मौद्रिक समीक्षा बैठक के फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ने रेपो रेट को स्थिर रखने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि एक बार फिर से रेपो रेट में कोई बदलवा नहीं किया गया है और उसे 6.5 फीसदी पर स्थिर रखने का फैसला किया गया है. एमपीसी  के तीन दिनों तक चले मंथन के बाद ब्याज दरों में कटौती न करने का फैसला किया गया है. इस फैसले के साथ ही सस्ते लोन और ईएमआई में कटौती की उम्मीदों पर फिर से पानी फिर गया है.  बता दें कि ये 11वीं बार है जब आरबीआई ने रेपो रेट में कौई कटौती नहीं की है. 
क्या बोले आरबीआई के गवर्नर
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत एमपीसी बैठक के महत्व की गिनती के साथ की है. उन्होंने कहा कि एमपीसी और आरबीआई की पॉलिसी का असर लोगों के जीवन पर पड़ता है. आम आदमी की जिंदगी से लेकर देश की इकोनॉमी पर पड़ता है. उन्होंने कहा कि हमारी जिम्मेदारी महंगाई को नियंत्रित करना है.  उन्होंने कहा कि मौद्रिक कमेटी के 6 में से 4 सदस्य रेपो रेट में बदलाव करने के पक्ष में नहीं थी. उन्होंने कहा कि हमारी जिम्मेदारी जीडीपी को मजबूत करना है.  आरबीआई ने कैश रिजर्व रैश्यो यानी सीआरआर में 0.50 फीसदी की कटौती की. इस कटौती के साथ ही सीआरआर 4.50 फीसदी से घटकर 4 फीसदी पर पहुंच गया है. आरबीआई के एक फैसले से बाजार में 1.6 लाख करोड़ रुपये की लिक्विडिटी बढ़ेगी. आरबीआई ने एसडीएफ दर 6.25% पर बरकरार एमएसएफ दर 6.75% पर बरकरार रखा है. आरबीआई ने जनवरी से मार्च में महंगाई कम होने का अनुमान लगाया है. आरबीआई गवर्नर ने कहा कि महंगाई का जीडीपी ग्रोथ पर बुरा असर पड़ा है.  
क्या होता है रेपो रेट  
बैंकों को भी अपने कामों के लिए कभी-कभार बड़ी रकम की जरूरत पड़ती है, जिसके लिए वो आरबीआई से अल्पावधि ऋण या कर्ज़ लेता है. इस तरह के ओवरनाइट कर्ज़ पर रिज़र्व बैंक ब्याज वसूलता है. जिसे  रेपो रेट कहते हैं. इसी तरह से बैंकों के पास बड़ी रकम बची रहती है, जिसे वो  रिज़र्व बैंक में जमा कर देता है, जिस पर उन्हें आरबीआई से ब्याज़ हासिल होता है. उसे रिवर्स रेपो रेट कहते हैं. 
रेपो रेट घटने से होम लोन पर कैसे पड़ता है असर 
रेपो रेट घटने का मतलब है कि बैंकों को आरबीआई से कम ब्याज दर पर सस्ता लोन मिलेगा. जब बैंक को सस्ता लोन मिलेगा तो वो अपने ग्राहकों को भी सस्ती दरों पर लोन बांटेगा. यानी जब आरबीआई रेपो रेट घटाता है तो बैंकों की ओर से होम लोन, कार लोन आदि की ब्याज दरों में कटौती कर दी जाती है.

 




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