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दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र 23 से 25 मार्च तक चलेगा

17-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र 23 से 25 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट 23 मार्च को सदन में पेश की जाएगी। 24 मार्च को दिल्ली सरकार 2026-27 के लिए अपना बजट पेश करेगी।
सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक के दौरान, एक और फैसले में दिल्ली कैबिनेट ने दो अहम इंफ़्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स मंजूरी दी, बारापुल्ला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर और एमबी रोड पर अंडरपास के साथ एक छह-लेन वाला एलिवेटेड कॉरिडोर, ताकि ट्रैफिक की भीड़ कम हो सके और राष्ट्रीय राजधानी में सफर करना आसान हो जाए।
मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स से लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी और दिल्ली के सड़क नेटवर्क को ज्यादा आधुनिक और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि ये पहल ‘विकसित दिल्ली’ बनाने की दिशा में अहम कदम हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने में भी योगदान देंगी।
एक बयान में कहा गया कि दिल्ली सरकार ने बारापुल्ला नाले के ऊपर बारापुल्ला फेज-3 एलिवेटेड सड़क के निर्माण के लिए 1,635.03 करोड़ रुपए की संशोधित लागत को मंजूरी दे दी है। यह सड़क सराय काले खां को मयूर विहार से जोड़ती है। यह प्रोजेक्ट मौजूदा बारापुल्ला एलिवेटेड कॉरिडोर का ही विस्तार है। इसके पूरा होने के बाद, यह पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार से दक्षिणी दिल्ली एम्स तक सीधी, सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी देगा।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट से उन लाखों यात्रियों का सफर का समय काफी कम हो जाएगा, जो रोजाना पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली के बीच सफर करते हैं। इससे सराय काले खां, रिंग रोड, डीएनडी फ्लाईवे और एनएच-24 के आस-पास ट्रैफिक जाम कम होने की भी उम्मीद है।
बयान में आगे कहा गया है कि दिल्ली सरकार ने इस प्रोजेक्ट को 30 जून, 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि एमबी रोड पर अंडरपास के साथ छह-लेन वाली एलिवेटेड सड़क का यह प्रोजेक्ट साकेत जी-ब्लॉक से पुल प्रह्लादपुर तक फैला होगा। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 1,471.14 करोड़ रुपए है और इसे दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) द्वारा पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस प्रोजेक्ट को दो चरणों में लागू किया जाएगा। 

पीएम मोदी से वरुण गांधी ने परिवार के साथ की मुलाकात, बताया राष्ट्र का ‘सच्चा संरक्षक

17-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) भाजपा नेता वरुण गांधी ने अपने परिवार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात को उन्होंने बेहद खास बताते हुए कहा कि यह उनके लिए ‘सौभाग्य’ की बात है और इससे उनका यह विश्वास और मजबूत हुआ है कि प्रधानमंत्री देश और जनता के सच्चे ‘संरक्षक’ हैं।
मुलाकात के बाद वरुण गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने लिखा, “मुझे अपने परिवार के साथ आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने और उनका आशीर्वाद व मार्गदर्शन प्राप्त करने का सौभाग्य मिला।”
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तित्व और नेतृत्व की भी सराहना की। वरुण गांधी ने कहा, “आपके आभामंडल में पिता समान स्नेह और संरक्षण का भाव है। आपसे हुई भेंट इस विश्वास को और भी दृढ़ बना देती है कि आप देश और देशवासियों के सच्चे अभिभावक हैं।”
राजनीतिक सफर की बात करें तो वरुण गांधी भारतीय जनता पार्टी में एक मजबूत पहचान बना चुके हैं। वह उत्तर प्रदेश की पीलीभीत लोकसभा सीट से तीन बार सांसद रह चुके हैं और पार्टी के भीतर लगातार सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
वरुण गांधी देश के चर्चित नेहरू-गांधी परिवार से संबंध रखते हैं। वह मेनका गांधी और दिवंगत संजय गांधी के बेटे हैं। संजय गांधी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे बेटे थे।
उनकी मां मेनका गांधी ने संजय गांधी की 1980 में विमान दुर्घटना में मृत्यु के बाद कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार के अन्य सदस्यों से अलग होकर भारतीय जनता पार्टी का रुख किया था। बाद में वर्ष 2004 में उन्होंने औपचारिक रूप से भाजपा जॉइन की और अपने बेटे वरुण गांधी के साथ पार्टी में अपनी राजनीतिक पारी को आगे बढ़ाया।
उस समय वरुण गांधी ने भी भाजपा में शामिल होने के अपने फैसले को देशहित में बताया था। उन्होंने कहा था कि मैं मानता हूं कि भाजपा को मजबूत करना और उसमें शामिल होना देश के हित में है, इसलिए मैंने यह फैसला लिया। इसके बाद वरुण गांधी ने पार्टी में तेजी से अपनी पहचान बनाई और साल 2012 में उन्हें भाजपा का महासचिव नियुक्त किया गया। 
 

एचपीवी टीकाकरण अभियान को तेज रफ्तार, दो हफ्तों में 3 लाख किशोरियों को सुरक्षा कवच

17-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) देश में बेटियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए एचपीवी टीकाकरण अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। अभियान की शुरुआत के महज दो हफ्तों के भीतर ही लगभग 3 लाख 14 वर्ष की किशोरियों को टीका लगाया जा चुका है। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह इस महत्वपूर्ण जनस्वास्थ्य पहल की मजबूत और उत्साहजनक शुरुआत है।
मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात, ओडिशा और मिजोरम जैसे राज्य इस अभियान में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। इन राज्यों में स्कूलों और समुदायों के सहयोग से टीकाकरण को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।
ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव में बेहद अहम भूमिका निभाती है, जो महिलाओं में होने वाले सबसे आम कैंसर में से एक है। इस अभियान के प्रति अभिभावकों, स्कूलों और समाज में बढ़ती जागरूकता साफ तौर पर दिखाई दे रही है, जिससे टीकाकरण को व्यापक समर्थन मिल रहा है।
अभियान को शैक्षणिक सत्र के दौरान रणनीतिक रूप से शुरू किया गया है। हालांकि कई क्षेत्रों में परीक्षाएं चल रही हैं, फिर भी टीकाकरण की रफ्तार बनी हुई है। जैसे-जैसे परीक्षा सत्र समाप्त होगा, इस अभियान के और तेज होने की उम्मीद है, जिससे ज्यादा से ज्यादा किशोरियों तक यह जीवनरक्षक टीका पहुंच सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग स्कूलों, स्थानीय निकायों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मिलकर टीकाकरण प्रक्रिया को सुगम और सुलभ बनाने में जुटा है। अभिभावकों और अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपनी बेटियों को समय पर टीका लगवाने के लिए प्रोत्साहित करें।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि देश की बेटियों को कैंसर से सुरक्षित भविष्य देने की एक सामूहिक पहल है।
 

राज्यसभा चुनाव जीतकर दिल्ली पहुंचे नितिन नवीन का हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत

17-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन राज्यसभा चुनाव जीतकर मंगलवार को नई दिल्ली पहुंचे हैं। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हवाई अड्डे पर पहुंचकर उनका स्वागत किया। सांसद मनोज तिवारी और बांसुरी स्वराज ने भी उनका वेलकम किया। वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए। उन्होंने सभी का अभिवादन किया। 
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने नितिन नवीन के राज्यसभा जाने पर उनको बधाई दी। उन्होंने राज्यसभा चुनाव में जीत को लेकर कहा कि बिहार की पांच की पांचों सीट हमने जीत ली। जबकि ये कहा जा रहा था कि पांचवीं सीट फंस सकती है। विधायकों ने अंतरआत्मा से वोट दिया और पांचवीं सीट भी हम जीत गए। राज्यसभा सदस्य के तौर पर नितिन नवीन पहली बार दिल्ली आए हैं, इसलिए हम लोगों ने उनका स्वागत किया।
सांसद बांसुरी स्वराज ने भी नितिन नवीन के राज्यसभा जाने पर उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता को हार्दिक बधाई। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकास नीतियों में अपार विश्वास का परिणाम है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी का कार्यकर्ता उनसे रूठा हुआ है।
बता दें कि सोमवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राज्यसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के शानदार प्रदर्शन पर प्रसन्नता जताते हुए इस जीत के लिए एनडीए के सभी कार्यकर्ताओं को बधाई दी थी। उन्होंने एनडीए के विजयी उम्मीदवारों को बधाई देते हुए कहा था कि बिहार के लोग एनडीए के नेतृत्व में आगे बढ़ने को तैयार हैं।
नितिन नवीन ने कहा था कि एनडीए पूरी मजबूती से यहां के लोगों के साथ है। अब तक मैं विधानसभा में अपनी बात रखता था, अब यहां की समस्याओं को उच्च सदन में रखूंगा। उन्होंने कहा कि यह जीत न केवल मारी एकजुटता का परिणाम है, बल्कि यह पांच राज्यों में होने वाले चुनाव के पहले की एनडीए की जीत की आहट है।
 

अमित शाह ने मनोहर पर्रिकर को दी श्रद्धांजलि, बताया सादगी और राष्ट्रसेवा का प्रतीक

17-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पूर्व रक्षा मंत्री और गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने पर्रिकर को एक दृढ़ राष्ट्रवादी और सादगीपूर्ण व्यक्तित्व का धनी बताया।
अमित शाह ने कहा कि मनोहर पर्रिकर का जीवन और राष्ट्र के प्रति उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पर्रिकर न केवल एक कुशल प्रशासक थे, बल्कि अपने सरल स्वभाव और ईमानदारी के लिए भी जाने जाते थे।
अमित शाह ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “मनोहर पर्रिकर जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि। पर्रिकर जी एक दृढ़ राष्ट्रवादी और हृदय से सादगीपूर्ण व्यक्ति थे, उनका जीवन और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान हमेशा याद किए जाएंगे। जननेता के रूप में उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।”
उन्होंने कहा कि मनोहर पर्रिकर ने अपने कार्यकाल में जनसेवा और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा। एक जननेता के रूप में उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करती रहेगी।
पर्रिकर का राजनीतिक और प्रशासनिक जीवन देश के विकास और सुरक्षा को समर्पित रहा। उनकी कार्यशैली और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें देश के प्रमुख नेताओं में एक विशिष्ट स्थान दिलाया। 


 

लोकसभा के 8 सांसदों का निलंबन रद्द, कांग्रेस नेतृत्व की ओर से ‘अफसोस’ व्यक्त करने के बाद लिया गया फैसला

17-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव के बाद मंगलवार को लोकसभा के आठ विपक्षी सदस्यों का निलंबन रद्द कर दिया गया है। यह प्रस्ताव 8 सांसदों के आचरण के संबंध में कांग्रेस नेतृत्व की ओर से ‘अफसोस’ व्यक्त करने के बाद लाया गया।
अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, मणिक्कम टैगोर, गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, सी. किरण कुमार रेड्डी, प्रशांत यदाओराव पाडोले, एस. वेंकटेश और डीन कुरियाकोस के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। सदन की कार्यवाही में बाधा डालने और तीखी बहस के दौरान अध्यक्ष की ओर कागज फेंकने के आरोप में इन सभी आठ सांसदों को 3 फरवरी को बजट सत्र के शेष समय के लिए निलंबित कर दिया गया था।
कांग्रेस के मुख्य सचेतक के. सुरेश ने कार्यवाही के दौरान सदस्यों की ओर से की गई ‘अनजाने में हुई लापरवाही’ पर खेद व्यक्त किया। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने सदन में सांसदों का निलंबन रद्द करने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव को समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की सुप्रिया सुले ने समर्थन दिया। सदन को संबोधित करते हुए रिजिजू ने संसदीय कार्यवाही के सुचारू और प्रभावी संचालन को सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट रूप से परिभाषित सीमा में रहने पर जोर दिया।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अनुशासन बनाए रखना और संसदीय प्रक्रियाओं का सम्मान करना विधायिका के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक है। उन्होंने संसदीय नियमों के पालन के संबंध में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हुई पिछली चर्चाओं का भी जिक्र किया। सदन में मर्यादा बनाए रखने को लेकर उन्होंने कहा कि अगर हम लक्ष्मण रेखा खींच लें, तो सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलेगी।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने कहा कि कल हमने कहा था कि यदि विपक्ष सदन और अध्यक्ष के नियमों का पालन करने में हमारी मदद करता है, तो हम (सत्ता पक्ष) भी ऐसा ही करेंगे। संसदीय कार्य मंत्री ने विपक्ष से भविष्य में सुचारू कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए संसदीय मानदंडों के पालन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट करने को भी कहा। इसके बाद सदन ने ध्वनि मत से सभी आठ सांसदों का निलंबन रद्द कर दिया, जिससे उन्हें चल रहे बजट सत्र में भाग लेने की अनुमति मिल गई। निलंबन रद्द होने के बाद सांसदों ने संसद परिसर में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
 

किसानों की आय और सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता: लोकसभा में बोले शिवराज सिंह चौहान

17-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोक सभा में कहा कि केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने खेती को अधिक लाभकारी और सुरक्षित बनाने पर विशेष जोर दिया है।
शिवराज सिंह ने कहा कि सरकार तंबाकू जैसी हानिकारक फसल के स्थान पर किसानों को लाभकारी विकल्प उपलब्ध करा रही है। जिन क्षेत्रों में तंबाकू की खेती होती है, वहां हाइब्रिड मक्का, मिर्च, शकरकंद, कपास, आलू, चिया, फीड बीन, लोबिया, रागी, रेड ग्राम, गन्ना, सोयाबीन, ज्वार और मूंगफली जैसी फसलों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि किसानों की आय सुरक्षित रह सके।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि देश में अधिकांश किसानों के पास छोटी जोत है, ऐसे में एक ही फसल पर निर्भर रहना जोखिम भरा होता है। इसे देखते हुए सरकार ने इंटीग्रेटेड फार्मिंग के मॉडल विकसित किए हैं। इन मॉडलों में अनाज, सब्जियां, फल, पशुपालन, मछली पालन, मधुमक्खी पालन और कृषि वानिकी जैसी गतिविधियों को एक साथ अपनाकर सालभर स्थिर आय सुनिश्चित की जा सकती है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गेहूं, धान, दलहन और तिलहन सहित प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि की गई है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सीजन में MSP पर ऐतिहासिक खरीदी हो रही है। खासकर तुअर, मसूर और उड़द जैसी दलहन फसलों के लिए सरकार ने यह व्यवस्था की है कि पंजीकरण कराने वाले किसानों की पूरी उपज खरीदी जाएगी।
शिवराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब यदि किसी एक किसान की फसल को नुकसान होता है, तो भी उसे मुआवजा मिलेगा। साथ ही, उपज के आंकड़े आने के बाद 21 दिनों के भीतर बीमा राशि का भुगतान अनिवार्य किया गया है। यदि भुगतान में देरी होती है, तो बीमा कंपनियों और संबंधित राज्य सरकारों को 12% ब्याज के साथ राशि देनी होगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के “न खाऊंगा, न खाने दूंगा” के संकल्प के तहत योजनाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि कृषि रक्षक पोर्टल और अन्य डिजिटल माध्यमों से शिकायतों की निगरानी की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कई राज्यों में किसानों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से फसल बीमा की बड़ी राशि सीधे भेजी गई है। यह सरकार की किसानों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 
 

भारतीय परिवारों की बचत बढ़कर जीडीपी की 21.7 प्रतिशत, बचत अर्थव्यवस्था में फाइनेंसिंग इन्वेस्टमेंट का मुख्य सोर्स

17-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) केंद्र सरकार ने मंगलवार को संसद में कहा कि नई जीडीपी सीरीज के मुताबिक (बेस ईयर 2022-23) भारतीय परिवारों की बचत वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर जीडीपी के 21.7 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो कि वित्त वर्ष 2022-23 में जीडीपी के 20 प्रतिशत थी।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में कहा कि घरेलू परिवारों की बचत अर्थव्यवस्था में फाइनेंसिंग इन्वेस्टमेंट का मुख्य सोर्स है। यह परिवारों को वित्तीय रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा,”हाल के वर्षों में, सरकार ने व्यापार करने में सुगमता में सुधार लाने, कौशल विकास पहलों का विस्तार करने, रोजगार सृजन करने, समावेशी मानव संसाधन विकास को बढ़ावा देने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से नीतियां अपनाई हैं, जिनसे परिवारों की आय और बचत में निरंतर वृद्धि होने की उम्मीद है।”
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि हाल ही में उठाए गए नीतिगत कदम, जैसे कि 12 लाख रुपए तक की वार्षिक आय पर आयकर छूट और जीएसटी दरों का युक्तिकरण, से व्यय योग्य आय में वृद्धि होने की उम्मीद है। इससे मध्यम अवधि में घरेलू उपभोग, बचत और निवेश को बढ़ावा मिलेगा और ऋण पर अत्यधिक निर्भरता कम होगी।एक अन्य सवाल के जबाव में केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में खाद्य और ईंधन में कोई महंगाई नहीं थी।
खुदरा खाद्य कीमतों में वित्त वर्ष 2025-26 में (अप्रैल से जनवरी) अवधि में औसत -0.98 प्रतिशत की कमी देखी गई है, जो कि वित्त वर्ष 2024-25 में 7.3 प्रतिशत थी। मंत्री ने कहा, “नई सीपीआई सीरीज में ईंधन के लिए कोई अलग श्रेणी नहीं है। थोक मल्यू सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के अप्रैल-जनवरी के दौरान औसत ईंधन मुद्रास्फीति (-)3.16 प्रतिशत रही। ग्लोबल क्रूड ऑयल के साथ-साथ भारतीय क्रूड ऑयल की कीमतों में पिछले एक वर्ष से गिरावट देखी जा रही थी; हालांकि, पश्चिम एशिया में हालिया भू-राजनीतिक तनावों के कारण कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई हैं।”
खाद्य और ईंधन मुद्रास्फीति घरेलू और वैश्विक कारकों के संयोजन से प्रभावित होती है। खाद्य मुद्रास्फीति मुख्य रूप से कृषि उत्पादन पर निर्भर करती है, जो मानसून की स्थिति, मौसम की स्थिति, मौसमी आपूर्ति में उतार-चढ़ाव, उर्वरक, ऊर्जा और श्रम जैसी इनपुट लागतों के साथ-साथ आपूर्ति श्रृंखला, परिवहन और भंडारण अवसंरचना पर निर्भर करती है।
 

PM मुद्रा योजना: बिना किसी गारंटी के लोन देकर छोटे उद्यमियों को सशक्त बनाना जारी: वित्त मंत्री

17-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत में छोटे उद्यमियों को बिना किसी गारंटी के लोन देकर सहायता करने में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) की महत्वपूर्ण भूमिका की फिर से पुष्टि की है। इस योजना ने लाखों लोगों को बिना किसी सुरक्षा या गारंटी के बोझ के अपने व्यावसायिक विचारों को हकीकत में बदलने में सक्षम बनाया है।
राज्यसभा में इस योजना के प्रभाव पर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए, FM सीतारमण ने बताया कि PMMY तीन मुख्य श्रेणियों के तहत लोन देती है: शिशु (50,000 रुपये तक), किशोर (50,001 रुपये से 5 लाख रुपये तक), और तरुण (5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक)। ये श्रेणियां अलग-अलग विकास चरणों वाले व्यवसायों की जरूरतों को पूरा करती हैं – स्टार्टअप से लेकर विस्तार करने वाले उद्यमों तक – और गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि क्षेत्र में सूक्ष्म और छोटे उद्यमों के लिए वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देती हैं।
31 मार्च 2025 तक के नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि सभी श्रेणियों में लोन रिकवरी का प्रदर्शन कैसा रहा है। गैर-निष्पादित संपत्तियां (NPAs) – या ऐसे बकाया लोन जिन्हें ‘तनावग्रस्त’ (stressed) माना गया है – शिशु श्रेणी में दिए गए कुल लोन का 12.4 प्रतिशत, किशोर श्रेणी में 9.4 प्रतिशत, और तरुण श्रेणी में 7.92 प्रतिशत हैं।
बैंक इन बकाया राशियों की रिकवरी के लिए सक्रिय रूप से कदम उठा रहे हैं। यह इस बात को दर्शाता है कि वे एक तरफ तो लोन लेने वालों की सहायता कर रहे हैं, और दूसरी तरफ इस योजना की निरंतरता बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
वित्त मंत्री ने हाल ही में शुरू की गई ‘तरुण प्लस’ श्रेणी के तहत अपेक्षाकृत कम लोन वितरण को लेकर जताई गई चिंताओं का भी जवाब दिया। इस श्रेणी के तहत उन उद्यमियों को 20 लाख रुपये तक का बिना किसी गारंटी वाला लोन दिया जाता है, जिन्होंने अपने पिछले ‘तरुण’ लोन का सफलतापूर्वक भुगतान कर दिया है।
केंद्रीय बजट 2024-25 की घोषणा के बाद शुरू की गई और अक्टूबर 2024 से प्रभावी हुई ‘तरुण प्लस’ योजना को, नियमों का पालन करने वाले लोन लेने वालों को पुरस्कृत करने और उनके व्यवसायों को और अधिक विस्तार देने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। FM सीतारमण ने बताया कि यह योजना अभी केवल लगभग एक साल पुरानी है। उन्होंने कहा, “इस योजना की ठीक से समीक्षा करने के लिए, हम इसे थोड़ा और समय देना चाहेंगे, क्योंकि इसे शुरू हुए अभी केवल एक साल ही हुआ है।”
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस श्रेणी को गति पकड़ने के लिए धैर्य रखने की आवश्यकता है। जैसे-जैसे अधिक से अधिक पात्र उद्यमियों को इस योजना के बारे में पता चलेगा और वे अपने पिछले लोन के समय पर भुगतान का अनुशासन दिखाते हुए इसके लिए आवेदन करेंगे, वैसे-वैसे इस श्रेणी का विस्तार होता जाएगा।
2015 में शुरू होने के बाद से, PMMY ने 52 करोड़ से ज्यादा लोन के जरिए 32 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा बांटे हैं (वित्त वर्ष 2024-25 के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, करीब 5.5 लाख करोड़ रुपये के और लोन मंजूर किए गए हैं)। इसका एक बड़ा हिस्सा — करीब 68 फीसदी — महिला उद्यमियों को मिला है, जिससे लैंगिक रूप से समावेशी विकास और ज़मीनी स्तर पर आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला है।
सरकार छोटे व्यवसायों के लिए लोन की पहुंच बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है; हाल के विस्तार और सुधारों से आत्मनिर्भरता और रोज़गार सृजन पर उसका ज़ोर साफ़ दिखता है। वित्त मंत्री सीतारमण की ये टिप्पणियां वित्तीय क्षेत्र के स्वास्थ्य पर चल रही व्यापक चर्चाओं के बीच आई हैं, जहां मार्च 2025 तक कुल MSME NPA, मुद्रा-विशिष्ट आंकड़ों की तुलना में, लगभग 3.6 फ़ीसदी के निचले स्तर पर बने हुए हैं।
 

देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत की जयंती पर गडकरी, सीएम योगी समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

16-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) पूरा देश सोमवार को भारत के पहले पहले सीडीएस (चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ) जनरल बिपिन रावत को याद कर रहा है। इस अवसर पर कई प्रमुख नेताओं ने भी उन्हें याद किया है और श्रद्धांजलि दी है।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “देश के प्रथम रक्षा प्रमुख पद्म विभूषण जनरल बिपिन रावत की जयंती पर उन्हें विनम्र अभिवादन।”
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “जनरल बिपिन रावत को उनकी जयंती पर याद करता हूं। भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, जनरल रावत ने अपना पूरा जीवन देश की रक्षा को मजबूत करने और सशस्त्र बलों के बीच आपसी तालमेल को बढ़ावा देने के लिए समर्पित कर दिया। उनका दूरदर्शी नेतृत्व, साहस और देश के प्रति उनकी अटूट निष्ठा सैनिकों और नागरिकों की पीढ़ियों को लगातार प्रेरित करती रहेगी। एक सच्चे देशभक्त और असाधारण नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि।”
केंद्रीय राज्य मंत्री और उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पोस्ट में लिखा, “देश के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ पद्म विभूषण जनरल बिपिन रावत की जयंती पर सादर नमन। उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण देश की आन-बान-शान को बढ़ाने और सेनाओं को मजबूत बनाने के लिए समर्पित किया।”
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पोस्ट में लिखा, “मां भारती के वीर सपूत, देश के प्रथम सीडीएस और ‘पद्म विभूषण’ जनरल बिपिन रावत की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि। राष्ट्र की सुरक्षा, सैन्य सुदृढ़ता और आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को साकार करने में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।”
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी बिपिन रावत को याद किया है। उन्होंने पोस्ट किया, “मां भारती की सेवा में अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित करने वाले, अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक, सैन्यभूमि उत्तराखंड के गौरव, पद्मविभूषण से अलंकृत भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन। राष्ट्र की रक्षा और सेवा के प्रति उनका समर्पण हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।”
वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लिखा, “भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन। अदम्य साहस और अद्वितीय सैन्य कौशल के प्रतीक जनरल रावत जी ने भारतीय सेना के आधुनिकीकरण और सुरक्षा तंत्र को सशक्त करने में अतुलनीय भूमिका निभाई। मातृभूमि की सेवा में उनका सर्वोच्च समर्पण और दूरदर्शी नेतृत्व प्रत्येक देशवासी के लिए सदैव स्मरणीय रहेगा।


 


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