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भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान हाई-टेक वार सिमुलेशन में कर रहे हैं शानदार प्रदर्शन

26-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। फ्रांस व भारतीय वायु सेना द्विपक्षीय वायु अभ्यास ‘गरुड़ 25’ में भाग ले रही है। भारतीय वायुसेना और फ्रांस की एयर एंड स्पेस फोर्स के बीच यह संयुक्त युद्धाभ्यास अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। युद्धाभ्यास के दौरान भारतीय वायुसेना के सुखोई (एसयू-30 एमकेआई) लड़ाकू विमानों ने फ्रांस के बहुउद्देशीय लड़ाकू विमानों के साथ जटिल कृत्रिम हवाई युद्ध परिदृश्यों में उड़ान भरी। इस दौरान हवाई हमलों का जबरदस्त अभ्यास किया गया। हवा से हवा में युद्ध, वायु रक्षा और संयुक्त हमला अभियानों पर केंद्रित, प्रचालन को अंजाम दिया गया है।
भारत-फ्रांस वायुसेना अभियान में दोनों दल उच्च दक्षता से विभिन्न मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम दे रहे हैं
वायुसेना का यह अभियान फ्रांस में चल रहा है। यहां फ्रांस में दोनों देशों के पायलट व तकनीकी दल अत्यंत उच्च स्तर की संचालन क्षमता बनाए हुए हैं। इस दौरान दोनों वायु सेनाओं के दल विभिन्न प्रकार के मिशन प्रोफाइल को सफलतापूर्वक अंजाम दे रहे हैं। इन मिशनों में एयर-टू-एयर कॉम्बैट, एयर डिफेंस, लंबी दूरी की स्ट्राइक मिशन, एयर-टू-ग्राउंड समन्वय और रणनीतिक एयर ऑपरेशंस शामिल हैं।
भारतीय और फ्रेंच वायुसेना ने अभ्यास में पूर्ण तालमेल, उच्च पेशेवर दक्षता और सटीक मिशन कौशल दिखाया
अभ्यास के दौरान भारतीय वायुसेना और फ्रेंच एयर एंड स्पेस फोर्स की टीमों ने पूर्ण तालमेल के साथ कार्य करते हुए असाधारण पेशेवर दक्षता और सटीकता का परिचय दिया। जटिल परिस्थितियों में भी दोनों देशों के पायलटों ने बेहतरीन निर्णय क्षमता और मिशन एक्सेक्यूशन कौशल प्रदर्शित किया। यह अभ्यास इंटरऑपरेबिलिटी अर्थात संयुक्त रूप से ऑपरेशन संचालित करने की क्षमता को और मजबूत बनाता है।
संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य भारत-फ्रांस वायुसेनाओं में रणनीतिक समझ, आधुनिक तकनीक आदान-प्रदान और क्षमता वृद्धि करना है
भारतीय वायुसेना के अनुसार इस संयुक्त सैन्य अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच रणनीतिक समझ, आधुनिक युद्धक तकनीकों के आदान-प्रदान और संयुक्त ऑपरेशनल क्षमताओं को बढ़ाना है। अभ्यास के दौरान दोनों पक्षों ने उन्नत प्लेटफॉर्म, हथियार प्रणालियों और संचार नेटवर्क के उपयोग पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया, जिससे रियल-टाइम को-आर्डिनेशन और मिशन-प्लानिंग बेहद प्रभावी रही।
सहयोग सामरिक और रक्षा साझेदारी मजबूत करता है; फ्रांस ने भारतीय वायुसेना की दक्षता और तैयारी की प्रशंसा की
फ्रेंच दल के साथ यह सहयोग न केवल सामरिक स्तर पर महत्वपूर्ण है बल्कि दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी को और मजबूती प्रदान करता है। वहीं फ्रांस की एयर एंड स्पेस फोर्स ने भी भारतीय वायुसेना की तैयारी, पेशेवर रवैये और आधुनिक क्षमताओं की प्रशंसा की है। यह द्विपक्षीय अभ्यास भारत-फ्रांस रक्षा सहयोग की मजबूती, पारस्परिक विश्वास और व्यापक रणनीतिक साझेदारी का प्रमाण है।
गौरतलब है कि फ्रांस के मोंट-डे-मार्सन में भारतीय वायुसेना 16 नवंबर से यह अभ्यास कर रही है
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती यह समझ दोनों देशों की वायु सेनाओं को भविष्य के संयुक्त मिशनों और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में और सक्षम बनाएगी। गौरतलब है कि फ्रांस के मोंट-डे-मार्सन में भारतीय वायुसेना 16 नवंबर से यह अभ्यास कर रही है। यह अभ्यास 27 नवंबर तक जारी रहेगा। भारतीय वायुसेना की टुकड़ी यहां 10 नवंबर को फ्रांस पहुंची थी। अभ्यास के इंडक्शन और डी- इंडक्शन चरणों के लिए सी-17 ग्लोबमास्टर द्वारा एयरलिफ्ट सहायता प्रदान की गई।
गरुड़ 25 में दोनों वायु सेनाओं ने पेशेवर संवाद, ज्ञान और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियां साझा कीं
अभ्यास में शामिल लड़ाकू विमानों के रेंज और स्थायित्व को बढ़ाने के लिए आईएल-78 हवा से हवा में ईंधन भरने वाले टैंकरों का उपयोग भी किया गया है। इस अभ्यास का उद्देश्य एक वास्तविक प्रचालन वातावरण में रणनीति और प्रक्रियाओं को परिष्कृत करना था। गरुड़ 25 अभ्यास के दौरान दोनों वायु सेनाओं के बीच प्रोफेशनल बातचीत, ज्ञान के आदान-प्रदान और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को साझा किया गया है।

भारत में लग्जरी घरों की कीमतें 40 प्रतिशत बढ़ीं, अफोर्डेबल होम 26 प्रतिशत महंगे हुए

26-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)।  भारत के शीर्ष सात शहरों में लग्जरी घरों की कीमतों ने पिछले तीन वर्षों में अन्य सेगमेंट से बेहतर प्रदर्शन किया है और औसत लग्जरी घर की कीमत अब बढ़कर 1.5 करोड़ हो गई है। वहीं, 2025 में प्रति स्क्वायर फीट दाम बढ़कर 14,530 रुपए हो गया है, जो कि 2022 में 20,300 प्रति स्क्वायर फीट था। यह जानकारी बुधवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।
रियल एस्टेट सर्विसेज फर्म एनारॉक की रिपोर्ट में कहा गया कि देश के शीर्ष सात शहरों के लग्जरी आवासीय बाजार में न केवल आपूर्ति देखने को मिल रही है, जबकि बिक्री के साथ-साथ कीमतों में भी बढ़त हो रही है। लग्जरी सेगमेंट में दिल्ली-एनसीआर पहले पायदान पर है, जहां कीमतें 72 प्रतिशत बढ़कर 23,100 प्रति स्क्वायर फीट हो गई हैं। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (एमएमआर) और बेंगलुरु में कीमतों में क्रमश: 43 प्रतिशत और 42 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला है।
दूसरी तरफ अफोर्डेबल घरों (40 लाख रुपए से कम) की कीमत में केवल 26 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया है। इस दौरान एनसीआर में अफोर्डेबल घरों की कीमत में 48 प्रतिशत का इजाफा देखा गया है। मिड और प्रीमियम घरों (40 लाख रुपए से 1.5 करोड़ रुपए)तक के घरों की कीमत में 39 प्रतिशत का इजाफा देखा गया है। बेंगलुरु में घरों की कीमतों में सबसे अधिक 62 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया है।
एनारॉक ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, “बेहतर स्थानों पर ब्रांडेड डेवलपर्स द्वारा बड़े घरों की निरंतर मांग के कारण लग्जरी घरों की मांग अन्य क्षेत्रों की तुलना में तेजी से बढ़ रही है।” उन्होंने आगे कहा, “हमारे आंकड़ों से पता चलता है कि जनवरी से सितंबर की अवधि में इन शहरों में लगभग 2.87 लाख यूनिट्स की कुल बिक्री में से लगभग 30 प्रतिशत लग्जरी सेगमेंट में थीं। पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी हुई लागत और मजबूत मांग के कारण देश भर में घरों की कीमतें बढ़ी हैं।”
शहरवार विश्लेषण से पता लगता है कि एमएमआर में औसत कीमत सबसे अधिक 40,200 प्रति स्क्वायर फीट है, जबकि किफायती घरों का दाम 6,450 प्रति स्क्वायर फीट है।
 

संविधान दिवस: सीजेआई सूर्यकांत ने कोर्ट को बताया संविधान का पहरेदार

26-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। सुप्रीम कोर्ट में संविधान दिवस के मौके पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका आयोजन सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने किया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) सूर्यकांत और कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल रहे। 
सीजेआई सूर्यकांत ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि जब कोर्ट को संविधान का पहरेदार माना जाता है, तो बार के सदस्य उस मशाल को उठाते हैं जो हमें संवैधानिक फैसले लेने में मदद करती है। बार के सदस्यों की जिम्मेदारी है कि वे लगातार न्याय और संविधान के आदर्शों को बनाए रखें।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और बार के सदस्यों ने हमेशा संविधान के आदर्शों को बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बार को संविधान के संरक्षक और न्याय के मार्गदर्शक के रूप में पहचान दी। उन्होंने कहा कि संविधान दिवस का यह अवसर उनके लिए बेहद खास है क्योंकि यह उनका पहला सार्वजनिक भाषण है, और इस दिन का महत्व इसलिए भी है क्योंकि इसी दिन भारत के लोगों ने अपने लिए संविधान का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज अपनाया।
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी अपने संबोधन में संविधान निर्माण की प्रक्रिया और इसके महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संविधान सभा में सभी वर्गों के प्रतिनिधि थे और डॉ. भीमराव अंबेडकर ने इसे बड़ी सावधानी और समझदारी से तैयार किया। मेघवाल ने कहा कि संविधान ने आपातकाल के कठिन समय में भी देश को सही दिशा दिखाई और भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है कि 2047 तक भारत एक विकसित देश बन जाए।
कानून मंत्री ने इंडस्ट्री 4.0 और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान हमें इन बदलावों का सामना करने की ताकत देता है। उन्होंने कहा कि संविधान केवल राजनीतिक क्षेत्र में बराबरी नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में भी समानता और न्याय सुनिश्चित करता है।
वहीं, एसजी तुषार मेहता ने अपने संबोधन में कहा कि संविधान की यात्रा 1946 में शुरू हुई और इसे केवल कुछ व्यक्तियों ने नहीं, बल्कि डॉ. भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता में संविधान सभा के सभी सदस्यों ने 165 दिनों तक बहस और विचार-विमर्श के बाद तैयार किया। उन्होंने बताया कि संविधान सभा में पूरे भारत का प्रतिनिधित्व था और प्रत्येक क्षेत्र, धर्म, भाषा और संस्कृति की आवाज को ध्यान में रखा गया।
तुषार मेहता ने यह भी बताया कि भारत ने अन्य देशों के संविधान की सर्वोत्तम बातें अपनाई, लेकिन उन्हें भारतीय परिस्थितियों और संस्कृति के अनुसार ढाला। उन्होंने कहा कि संविधान के तीनों अंग (कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका) स्वतंत्र हैं, लेकिन आंतरिक संतुलन बनाए रखा गया है। यदि कोई अंग संवैधानिक नियमों का उल्लंघन करता है, तो न्यायपालिका हस्तक्षेप करती है। उन्होंने आम नागरिक की भूमिका को भी याद किया और कहा कि आम लोग ही इस संविधान को जीवित और प्रभावी बनाए रखते हैं।
वहीं, संविधान दिवस के अवसर पर दिव्यांग आर्टिस्ट अपूर्व ओम ने सीजेआई सूर्यकांत को अपनी स्केच-पेंटिंग भेंट की। अपूर्व के पिता सुप्रीम कोर्ट के वकील हैं। उन्होंने बताया कि अपूर्व की पेंटिंग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रदर्शित हो चुकी है, जिसमें इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) और यूनेस्को हेडक्वार्टर पेरिस शामिल हैं।

संविधान दिवस 2025 : केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने संविधान निर्माताओं को याद किया

26-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। भारत के 76वें संविधान दिवस के मौके पर केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने भारतीय संविधान के निर्माताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, “उन सभी महान व्यक्तियों को करोड़ों सलाम जिन्होंने भारतीय लोकतंत्र को मजबूत और जीवंत बनाने में योगदान दिया।” उन्होंने संविधान के मूल सिद्धांत को उजागर करते हुए कहा, “हमारा संविधान तय करता है कि देश में सभी को राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक न्याय मिले और उनके विश्वास, धर्म और पूजा की स्वतंत्रता सुरक्षित हो।“
केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री किर्ति वर्धन सिंह ने भी संविधान दिवस पर अपने विचार साझा किए और एक्स पर लिखा, “इस संविधान दिवस पर, हम उन दूरदर्शियों का सम्मान करते हैं जिन्होंने हमारे लोकतंत्र को आकार दिया और इसके आदर्शों को ईमानदारी और एकता के साथ बनाए रखने का हमारा कर्तव्य दोहराते हैं।” इस अवसर पर पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने नई दिल्ली के इंदिरा पर्यावरण भवन में संविधान का प्रस्तावना सामूहिक रूप से पढ़कर समारोह मनाया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व केंद्रीय पर्यावरण सचिव तन्मय कुमार ने किया, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी और मंत्रालय के कर्मचारी उपस्थित रहे और संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि दी।
समारोह के दौरान सचिव तन्मय कुमार ने #EkPedMaaKeNaam अभियान के तहत एक पौधा भी लगाया, जिससे प्रत्येक नागरिक के पर्यावरण संरक्षण के मौलिक कर्तव्य को उजागर किया गया। देशभर में मंत्रालय के सभी संगठन, संस्थान और कार्यालयों ने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पठान किया और वेबिनार, कार्यशालाओं और ऑनलाइन क्विज जैसी गतिविधियों में भाग लेकर भारत के 76वें संविधान दिवस को मनाया।
 

इजरायल ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के समर्थन की दोहराई प्रतिबद्धता, कहा- 26/11 इंसानियत पर हमला

26-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। इजराइल ने आतंकवाद के सभी रूपों को हराने के लिए भारत के साथ काम करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। राजदूत, रियूवेन अजार ने आज बुधवार को 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के मृतकों को श्रद्धांजलि दी और इस आतंकी घटना को इंसानियत पर हमला बताया। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई पर 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकी हमले में 160 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी।
इजरायल आतंकवाद में मासूम लोगों की जान जाने का दर्द समझता है
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किए गए एक वीडियो मैसेज में, अजार ने कहा कि इस हमले में हर कम्युनिटी, देश और हर धर्म के लोगों को टारगेट किया गया। उन्होंने कहा कि इजरायल आतंकवाद में मासूम लोगों की जान जाने का दर्द समझता है और हिम्मत और पक्के इरादे से इसका जवाब दे रहा है।
उन्होंने आगे कहा, “आज, जब भारत 26/11 के भयानक मुंबई आतंकी हमलों की बरसी मना रहा है, मैं और इजरायल के लोग, भारत के लोगों के साथ खड़े हैं, ठीक वैसे ही जैसे हम उस काले दिन और उसके बाद हर साल खड़े थे। 26/11 सिर्फ मुंबई पर हमला नहीं था, यह इंसानियत पर हमला था।”
अजार ने आगे कहा कि इसने हर समुदाय, हर देश, हर धर्म, भारतीयों और इजरायलियों को एक ही तरह से टारगेट किया। बदकिस्मती से, इजरायल इस दर्द को जानता है। हम जानते हैं कि आतंकी घटनाओं में मासूम लोगों की जान जाने का क्या मतलब होता है।”
आज हम 26/11 के पीड़ितों को याद करते हैं
अजार ने आगे कहा कि भारत और इजरायल के मिले-जुले अनुभव ही “गहरी और हमेशा रहने वाली साझेदारी” की नींव हैं। उन्होंने कहा, “आज, हम 26/11 के पीड़ितों को याद करते हैं। हम उन बहादुर अधिकारियों, सुरक्षा बलों और फर्स्ट रेस्पॉन्डर्स का सम्मान करते हैं जिन्होंने बहुत बड़ी कुर्बानी देकर शहर की रक्षा की, और हम उन परिवारों के साथ खड़े हैं जिनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई।”
इजरायल हमेशा भारत के साथ खड़ा है
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इजरायल आतंकवाद को उसके सभी रूपों में हराने के लिए भारत के साथ काम करने के लिए “हमेशा प्रतिबद्ध है और रहेगा।” इजरायली दूत ने कहा, “जब हम 26/11 को याद करते हैं, तो हम अपने साझा मूल्यों, आजादी, लोकतंत्र और इस पक्के विश्वास को दोहराते हैं कि जिंदगी को हमेशा नफरत पर जीत मिलनी चाहिए। भारत अकेला नहीं है। इजरायल आज, हमेशा भारत के साथ खड़ा है।”
फ्रांस के राजदूत थिएरी मथौ ने भी आतंकी हमलों के पीड़ितों को दी श्रद्धांजलि
इससे पहले, भारत में फ्रांस के राजदूत थिएरी मथौ ने आतंकी हमलों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी, साथ ही आतंकवाद को लेकर फ्रांस की निंदा को दोहराया और आतंकवाद से लड़ने में भारत को अपना समर्थन दिया। एक एक्स पोस्ट में उन्होंने कहा, “मुंबई हमला 26/11: इन भयानक हमलों के 17 साल पूरे होने पर, फ्रांस पीड़ितों की याद में श्रद्धांजलि देता है। फ्रांस आतंकवाद की पूरी तरह से निंदा करता है, और इस बुराई से लड़ने में भारत के साथ खड़ा है।”
 

पीएम मोदी ने सप्त मंदिर में की पूजा-अर्चना

25-Nov-2025
प्रयागराज (शोर संदेश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंगलवार को अयोध्या पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। वे यहां रामजन्मभूमि मंदिर में होने वाले बहुप्रतीक्षित ध्वजारोहण समारोह में शामिल होने आए थे। 
पीएम मोदी के आगमन पर किया गया एक शानदार रोड शो 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साकेत कॉलेज के हेलीपैड पर उनका स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री मंदिर परिसर की ओर रवाना हुए और उनके आगमन पर एक शानदार रोड शो किया।
रास्ते के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग खड़े थे। तिरंगा, भारतीय जनता पार्टी के झंडे और भगवान राम के प्रतीक वाले झंडे लहरा रहे थे। पूरा शहर “जय श्री राम” और “मोदी- मोदी” के नारों से गूंज रहा था।
ऐतिहासिक कार्यक्रम को लेकर लोगों की दिखाई दी उत्सुकता 
जब प्रधानमंत्री का काफिला साकेत कॉलेज से राम जन्मभूमि मंदिर की ओर बढ़ रहा था, तो लोगों ने फूल बरसाए। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को लेकर लोगों की उत्सुकता साफ दिखाई दे रही थी।
अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विशाल राम मंदिर परिसर में स्थित सप्त मंदिर में भी पूजा की। ये सात मंदिर महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुह और माता शबरी को समर्पित हैं।
सप्त मंदिर भगवान राम के जीवन में महत्वपूर्ण रहे इन गुरुओं, भक्तों और सहयोगियों को दर्शाते हैं। इन्हें मंदिर परिसर में स्थान देना उनके स्थायी महत्व और सम्मान को दर्शाता है।

सीएम रेखा गुप्ता ने 70 आयुष्मान आरोग्य मंदिर सेंटर का किया उद्घाटन

25-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज मंगलवार को शक्ति नगर से अलग-अलग जिलों में 70 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मॉडल टाउन के विधायक अशोक गोयल भी उपस्थित रहे।
इस दौरान, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जानकारी दी कि इन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में नियमित स्वास्थ्य जांच, डॉक्टर परामर्श, आवश्यक दवाइयां, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, प्रिवेंटिव हेल्थकेयर, सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग और टीकाकरण जैसी सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना, जन औषधि केंद्र, वय वंदना योजना और आयुष्मान आरोग्य मंदिर मिलकर दिल्ली में एक ऐसी स्वास्थ्य प्रणाली का निर्माण कर रहे हैं, जहां बेहतर इलाज हर किसी का अधिकार है, दवाइयां किफायती हैं और आधुनिक सुविधाएं हर नागरिक की पहुंच में हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इन 10 महीनों में, हमने दिल्ली की सूरत बदलने की कोशिश की है। मैं कई बार इस इलाके में आई और सिर्फ टूटी हुई सड़कें देखीं। इतने सालों में इतने लंबे समय तक सरकार में रहने के बावजूद पिछली सरकारों में बहुत कम काम हुआ। सालों तक शहर को इसी हालत में छोड़ दिया गया।
उन्होंने जनता से पूछा, “पिछले 10-11 सालों में, क्या आपके पिछले विधायक कभी आपके बीच ऐसे आए थे? क्या उन्होंने कभी ऐसे कदम उठाए?” ‘मोहल्ला क्लीनिक’ को लेकर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “सालों तक पिछली सरकारों ने ‘मोहल्ला क्लीनिक’ के आइडिया को बढ़ावा दिया, लेकिन असल में कितने लोग इन क्लीनिक में गए और उन्हें देखा? उन्होंने बस बड़े हॉल या सड़कों के किनारे प्रोपेगैंडा पोस्टर लगाए, जिन पर उनकी बड़ी तस्वीरें लगी थीं। उन बड़ी तस्वीरों के पीछे बहुत कम काम था। दवा, डॉक्टर और कोई स्टाफ नहीं था। आज, एक आरोग्य मंदिर के अंदर कदम रखें और खुद देखें। हर एक आरोग्य मंदिर आपके प्राइमरी हॉस्पिटल की तरह काम करता है।” 
 

अयोध्या ध्वजारोहण: पीएम मोदी ने रामलला के दरबार में लगाई हाजिरी

25-Nov-2025
प्रयागराज (शोर संदेश)। अयोध्या में मंगलवार को एक और अध्याय दर्ज हो गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में ध्वजारोहण से पहले रामलला के दरबार पहुंचे। इस दौरान उन्होंने वहां पर पूजा अर्चना की और आरती उतारी। उनके साथ संघ प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद रहें। 
पीएम मोदी ने दिन की शुरुआत सप्तऋषियों की पूजा-अर्चना से की
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर ध्वजारोहण समारोह से पहले पीएम ने प्राचीन भारतीय परंपरा और सनातन संस्कृति के प्रतीकों में गहन श्रद्धाभाव व्यक्त करते हुए दिन की शुरुआत सप्तऋषियों की पूजा-अर्चना से की। महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुहा और माता शबरी के मंदिरों में पहुंचकर प्रधानमंत्री ने शीश झुकाया और राष्ट्रकल्याण की कामना की। 
इसके बाद पीएम मोदी रामदरबार पहुंचकर विधिवत आरती की
इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रामदरबार पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत आरती उतारी। पूरे परिसर में जय श्रीराम के जयघोषों और मंत्रोच्चार ने ऐसा वातावरण रचा, जिसने भक्तिमय आलोक का विस्तार कर दिया। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत भी मौजूद रहे। 
इसके उपरांत पीएम माता अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचकर अन्नपूर्णा और लोककल्याण की कामना की
प्रधानमंत्री मोदी इसके उपरांत उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ माता अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने ध्वजारोहण से पहले विशेष पूजा-अर्चना कर समृद्धि, अन्नपूर्णा और लोककल्याण की कामना की। 
इसके बाद पीएम मोदी शेषावतार मंदिर पहुंचे
अन्नपूर्णा मंदिर में सम्पन्न इस अनुष्ठान को ऐतिहासिक ध्वजारोहण से पहले की आध्यात्मिक भूमिका के रूप में देखा जा रहा है। इसके बाद वे शेषावतार मंदिर भी पहुंचे, जहां उन्होंने परंपरागत विधियों के अनुसार पूजा की। शेषावतार मंदिर में उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी अधिक पवित्रता और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया। 
अयोध्या नगरी दिखी पूरी तरह उत्सवमय
रीराम जन्मभूमि मंदिर में होने वाले ध्वजारोहण समारोह को लेकर अयोध्या नगरी पूरी तरह उत्सवमय दिखी। सड़कें, मार्ग, घाट और मंदिर—हर ओर भव्य सजावट, फूल मालाएं और झंडों का समंदर दिखाई दे रहा था। ध्वजारोहण से पहले हुए इन अनुष्ठानों ने न सिर्फ प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत आस्था को अभिव्यक्त किया, बल्कि रामनगरी को सनातन परंपराओं की अमर ज्योति से और भी तेजस्वी बना दिया।
 

अयोध्या: राममंदिर में प्रधानमंत्री मोदी ने फहराई धर्मध्वजा

25-Nov-2025
प्रयागराज (शोर संदेश)। अभिजीत मुहूर्त के शुभ समय में श्रीराम मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज की स्थापना की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिखर पर भगवा ध्वज फहराया। इस दौरान उनके साथ संघ प्रमुख मोहन भागवत और ट्रस्ट के गोविंदगिरी भी मौजूद रहे। 
राम मंदिर के शिखर पर फहराया जाने वाला ध्वज 10 फीट ऊंचा और 20 फीट लंबा
ट्रस्ट की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार राम मंदिर के शिखर पर फहराया जाने वाला ध्वज 10 फीट ऊंचा और 20 फीट लंबा, समकोण त्रिभुजाकार है। इसके साथ कोविदारा वृक्ष की छवि के साथ इस पर ‘ओम’ अंकित है। मंदिर के चारों ओर बना 800 मीटर का परकोटा, जो दक्षिण भारतीय आर्किटेक्चरल परंपरा में डिजाइन किया गया है, जो मंदिर की आर्किटेक्चरल विविधता को दिखाता है। 
इसके पहले पीएम मोदी ने रामलला के दरबार में शीश नवाया
इसके पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सरसंघचालक मोहन भागवत के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रामलला के दरबार में शीश नवाया। दर्शन के बाद पूजा अर्चना की। सीएम योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं। 
ध्वजारोहण समारोह का साक्षी बनने के लिए हर उम्र के लोग और भक्त अयोध्या शहर पहुंचे
ध्वजारोहण समारोह का साक्षी बनने के लिए हर उम्र के लोग और भक्त अयोध्या शहर पहुंचे हैं। उन्हें भले ही राम मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा, लेकिन वह रामनगरी पहुंचे हैं। यह आयोजन अयोध्या में चल रहे सांस्कृतिक पुनर्जागरण का एक और महत्वपूर्ण चरण है। नेताओं ने कहा है कि यह ध्वज केवल धार्मिक आस्था का नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन सभ्यता और समृद्ध सांस्कृतिक मूल्यों का भी प्रतीक है।
राम मंदिर करोड़ों की आस्था का प्रतीक
ऐतिहासिक ध्वजारोहण के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज पीढ़ियों की प्रतीक्षा आज साकार हुई। उन्होंने कहा कि देश आज नई ऊंचाइयों को छू रहा है। यह राम मंदिर करोड़ों की आस्था का प्रतीक है।
ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अयोध्या में हैं। सुबह एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने लंबा शो निकाला, जहां रास्ते में श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया। रोड शो के बाद प्रधानमंत्री सप्त मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की।

धर्मध्वजा भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का प्रतीक, सदियों का संकल्प आज हुआ सिद्ध : पीएम मोदी

25-Nov-2025
प्रयागराज (शोर संदेश)। अयोध्या के राम मंदिर में ध्वजारोहण संपन्न हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धर्मध्वजा फहराई। इस दौरान उनके साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक सेवक संघ के सरसंचालक मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे। ध्वजारोहण के बाद पीएम मोदी ने रामभक्तों को संबोधित किया।
पीएम मोदी ने कहा- ‘आज संपूर्ण भारत, संपूर्ण विश्व राममय’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामभक्तों को संबोधित करते हुए कहा, “आज संपूर्ण भारत, संपूर्ण विश्व राममय है। हर रामभक्त के हृदय में अद्वितीय संतोष, असीम कृतज्ञता, अपार अलौकिक आनंद है। सदियों के घाव भर रहे हैं। सदियों की वेदना आज विराम पा रही है। सदियों का संकल्प आज सिद्धि को प्राप्त हो रहा है। आज उस यज्ञ की पूर्णावती है, जिसकी अग्नि 500 वर्ष तक प्रज्ज्वलित रही। जो यज्ञ एक पल भी आस्था से डिगा नहीं, एक पल भी विश्वास से टूटा नहीं।”‘
यह धर्म ध्वजा भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का ध्वज’
उन्होंने कहा, “यह धर्म ध्वजा केवल एक ध्वजा नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का ध्वज है। इसका भगवा रंग, सूर्यवंश की ख्याति, वर्णित ओम शब्द और अंकित कोविदार वृक्ष, रामराज्य की कृति को दिखाता है। यह ध्वज, संकल्प, सफलता, संघर्ष से सृजन और सदियों से चले आ रहे सपनों का साकार रूप है। यह संतों की साधना और समाज की सहभागिता की सार्थक परिणति है। आने वाली सदियां और कई शताब्दियों तक प्रभु श्रीराम के आदर्शों और सिद्धांतों का उद्घोष करेगा।”
यह धर्म ध्वज ‘प्राण जाय पर वचन नहीं जाए’ के वचन की प्रेरणा बनेगा
पीएम मोदी ने कहा, “यह ध्वज सत्यमेव जयते का आह्वान करेगा। यह धर्म ध्वज उद्घोष करेगा कि सत्य में ही धर्म स्थापित है। यह ‘प्राण जाय पर वचन नहीं जाए’ के वचन की प्रेरणा बनेगा। यह संदेश देगा कि विश्व में कर्म और कर्तव्य की प्रधानता हो। यह प्रार्थना करेगा कि भेदभाव, पीड़ा, परेशानी से मुक्ति और समाज में शांति और सुख हो। हम ऐसा समाज बनाएं, जहां गरीबी न हो और कोई दुखी न हो।”
‘यह ध्वज दूर से ही रामलला के जन्मभूमि के दर्शन कराएगा’
उन्होंने कहा, “जो लोग किसी कारण मंदिर नहीं आ पाते और दूर से ध्वज को प्रणाम करते हैं, उन्हें भी उतना ही पुण्य मिलता है। यह ध्वज दूर से ही रामलला के जन्मभूमि के दर्शन कराएगा। विश्व के करोड़ों राम भक्तों को इस क्षण की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। उन सभी भक्तों और दानवीरों का भी आभार व्यक्त करता हूं कि जिन्होंने मंदिर निर्माण में अपना सहयोग दिया।”
‘अयोध्या वह भूमि है, जहां आदर्श आचरण में बदलते हैं’
प्रधानमंत्री ने कहा, “अयोध्या वह भूमि है, जहां आदर्श आचरण में बदलते हैं। यही वह नगरी है, जहां से श्रीराम ने अपना जीवन पथ शुरू किया। इसी अयोध्या ने संसार को बताया कि कैसे एक व्यक्ति समाज की शक्ति से उसके संस्कारों से पुरुषोत्तम बनता है। जब राम अयोध्या से गए तो युवराज राम थे, लेकिन जब लौटे तो मर्यादा पुरुषोत्तम बनकर आए। इसमें अगिनत लोगों की भूमिका रही। विकसित भारत बनाने के लिए सामूहिक स्तर की भूमिका है।” 



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