
रायपुर/नयी दिल्ली (शोर सन्देश)। प्रधानमंत्री ने तकनीक क्षेत्र से जुड़े लोगों से आत्मनिर्भर भारत ऐप इनोवेशन चैलेंज में भाग लेने का आह्वान किया है। लिंक्डइन पर प्रकाशित एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने भारत में एक जीवंत और स्टार्टअप इकोसिस्टम होने का उल्लेख किया, साथ ही बताया कि कैसे युवाओं ने विविध क्षेत्रों में तकनीक समाधान उपलब्ध कराने में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप और तकनीक इकोसिस्टम में घरेलू स्तर पर ऐप के लिए नवाचार, विकास और प्रोत्साहन देने के लिए खासा उत्साह है। उन्होंने कहा कि देश जहां आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में काम कर रहा है, वहीं यह ऐप्स के विकास को नई दिशा एवं गति देने का एक अच्छा अवसर है जो हमारे बाजार को संतुष्ट कर सकें और साथ ही दुनिया में प्रतिस्पर्धा दे सकें। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने अटल नवाचार मिशन के साथ मिलकर आत्मनिर्भर भारत ऐप इनोवेशन चैलेंज पेश किया है, जो दो दिशाओं में चलेगा : मौजूदा ऐप्स को प्रोत्साहन और नए ऐप्स का विकास। इस चैलेंज में समग्रता लाने के उद्देश्य से इसका आयोजन सरकार और तकनीक समुदाय द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। ई-लर्निंग, वर्क फ्रॉम होम, गेमिंग, कारोबार, मनोरंजन, कार्यालय सेवाओं और सोशल नेटवर्किंग की श्रेणियों में मौजूद ऐप्स और प्लेटफॉर्म्स को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार सलाह, मार्गदर्शन और समर्थन उपलब्ध कराएगी। ट्रैक-01 लीडर-बोर्ड के लिए अच्छे गुणवत्ता वाले ऐप्स की पहचान की दिशा में एक मिशन की तरह काम करेगा और इसे लगभग एक महीने में पूरा कर लिया जाएगा। नए ऐप्स और प्लेटफॉर्म्स विकसित करने के लिए, ट्रैक-02 पहल विचार, विकसित करने, प्रोटोटाइप (नमूने तैयार करना) में समर्थन और बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराकर भारत में नए चैंपियंस तैयार करने में सहायता देगा। प्रधानमंत्री ने लिखा कि इस चैलेंज के बाद मौजूदा ऐप्स को अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए ज्यादा दृश्यता और स्पष्टता मिलेगी। इससे पूरे जीवन चक्र के दौरान परामर्श, तकनीक समर्थन और मार्गदर्शन के रूप में सहायता से तकनीक से जुड़ी पहेलियों के समाधान उपलब्ध कराने वाले तकनीक उत्पाद विकसित किए जा सकेंगे। प्रधानमंत्री ने अपने विचार साझा किए और पूछा कि क्या तकनीक पारंपरिक भारतीय खेलों को ज्यादा लोकप्रिय बनाने में सहायता कर सकती है, क्या पुनर्वास और परामर्श हासिल करने में लोगों को सहायता करने वाले ऐप्स विकसित हो सकते हैं या क्या लर्निंग, गेमिंग आदि के लिए सही आयु वर्ग पर लक्षित और बेहतर पहुंच वाले ऐप्स विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने तकनीक क्षेत्र से जुड़े लोगों से आत्मनिर्भर ऐप इकोसिस्टम के निर्माण में भाग लेने और सहायक बनने का आह्वान किया है।

कानपुर (शोर सन्देश) कानपुर में बदमाशों की तरफ से पुलिस कर्मियों पर हमला मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस की पड़ताल में यह पता चला है विभाग के स्टाफ ने भी रेड की सुचना पहले से ही बदमाशों को दे दी थी। 8 पुलिसकर्मियों पर फायरिंग का आरोपी विकास दुबे घटना के बाद छिपा बैठा है। इस मामले में पुलिस ने 12 लोग को हिरासत में लिया है। सूत्रों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में इन लोगों से विकास दुबे की बातचीत हुई थी। हैरानी की बात है कि विकास दुबे के फोन की कॉल डिटेल में कुछ पुलिसवालों के नंबर भी सामने आए हैं. ये बेहद हैरान करने वाला तथ्य है। बता दें इस घटना में डीएसपी समेत साथ पुलिस कर्मी शहीद हुए थे। पुलिस के वहां पहुंचने पर बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी है।

दिल्ली (शोर सन्देश)। उत्तर प्रदेश के कानपुर एनकाउंटर (Kanpur Encounter) में पुलिस ने विकास दुबे के मामा प्रेम प्रकाश पांडेय और उसके साथी अतुल दुबे को मार गिराने की जानकारी मिल रही है। खबरों के अनुसार, उत्तर प्रदेश पुलिस आरोपी विकास दुबे की सरगर्मी से तलाश कर रही है। बता दे की हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर गोलिया बरसा दी गयी घटना में डीएसपी समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए। वही सात पुलिस कर्मी घायल भी हुए है। दबिश के दौरान बदमाशों ने पुलिस को घेरकर फायरिंग कर दी। इसमें आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए. विकास दुबे वही अपराधी है, जिसने राजनाथ सिंह सरकार में मंत्री का दर्जा पाए संतोष शुक्ला की थाने में घुसकर हत्या की थी. वारदात पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने डीजीपी और अपर मुख्य सचिव गृह से बात की है। पुलिस हत्या के प्रयास के केस में शातिर विकास दुबे को अरेस्ट करने गई थी। विकास के खिलाफ 60 केस दर्ज हैं।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। वर्चुअल वेसाक एवं 7 मई से 16 मई 2020 तक वैश्विक प्रार्थना सप्ताह के अत्यंत सफल आयोजन के बाद, अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) अब भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की साझीदारी में आगामी 4 जुलाई, 2020 को अषाढ़ पूर्णिमा पर धम्म चक्र दिवस मना रहा है। भगवान बुद्ध के ज्ञान एवं जागृति, उनके धम्म चक्र के मोड़ तथा महापरिनिर्वाण की भूमि होने की भारत की ऐतिहासिक विरासत के अनुरूप राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन से धम्म चक्र दिवस समारोहों का उद्घाटन करेंगे। संस्कृति मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रह्लाद सिंह पटेल तथा अल्पसंख्यक राज्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू भी उद्घाटन समारोह को संबोधित करेंगे। दिन के शेष समारोह महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया तथा बोध गया मंदिर प्रबंधन समिति के सहयोग से सारनाथ के मुलागंध कुटी विहार तथा बोध गया के महाबोधि मंदिर से प्रसारित किए जाएंगे। राजवंश, बौद्ध संघों के सर्वोच्च प्रमुख तथा विश्व भर तथा आईबीसी चैप्टर, सदस्य संगठनों के विख्यात जानकार एवं विशेषज्ञ इसमें भाग ले रहे हैं। अषाढ़ पूर्णिमा का पावन दिवस भारतीय सूर्य कैलेंडर के अनुसार अषाढ़ महीने की पहली पूर्णिमा को पड़ता है जो श्रीलंका में एसाला पोया तथा थाईलैंड में असान्हा बुचा के नाम से विख्यात है। बुद्ध पूर्णिमा या वेसाक के बाद बौद्धों के लिए यह दूसरा सबसे पवित्र दिवस है। यह दिन बुद्ध के ज्ञान प्राप्त करने के बाद भारत में वाराणसी के निकट सारनाथ में आज के दिन हिरण उद्यान, ऋषिपटन में अषाढ़ की पूर्णिमा को पहले पांच तपस्वी शिष्यों (पंचवर्गिका) को उपदेश दिए जाने को चिन्हित करता है। धम्म चक्र-पवट्टनसुता (पाली) या धर्म चक्र प्रवर्तन सूत्र (संस्कृत) का यह उपदेश धर्म के प्रथम चक्र के घूमने के नाम से भी विख्यात है और चार पवित्र सत्य तथा उच्च अष्टमार्ग से निर्मित्त है। संन्यासियों तथा संन्यासिनियों के लिए भी वर्षा ऋतु निवर्तन (वर्षा वस्सा) भी इसी दिन से आरंभ होता है जो जुलाई से अक्तूबर तक तीन चंद्र महीनों तक चलता है जिसके दौरान वे एक एकल स्थान पर, साधारणतया अपने मंदिरों में, गहन साधना करते हुए बने रहते हैं। इस अवधि के दौरान उनकी सेवा गृहस्थ समुदाय द्वारा की जाती है जो उपोस्था अर्थात आठ नियमों का पालन करते हैं तथा अपने गृरुओं के दिशानिर्देश में ध्यान करते हैं। इस दिन को बौद्धों एवं हिन्दुओं, दोनों के द्वारा अपने गृरुओं के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए गुरु पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है। एक अग्रणी बौद्ध विश्व निकाय के रूप में, अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) एक बार फिर से इस बहुत पवित्र दिवस को मनाने के लिए एक भव्य उत्सव को एकजुट करने के जरिये विश्व भर में धम्म अनुयायियों की सामूहिक आकांक्षाओं का नेतृत्व कर रहा है। वर्तमान में व्याप्त कोविड-19 महामारी के कारण, यह समारोह वर्चुअल एवं बुद्ध के पदचिन्हों पर समादेशित पवित्र भूमि से नियमों एवं विनियमनों के सख्त अनुपालन के तहत आयोजित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, थेरावदा एवं विश्व भर के कई देशों से महायान परंपराओं दोनों में ही समारोहों एवं धम्म चक्र पवत्तनसुत्ता के जापों का भी सीधा प्रसारण किया जाएगा।

दिल्ली (शोर सन्देश) भारत-चीन तनाव के बीच अब पीएम मोदी भी आज सुबह लेह पहुँच गए। पीएम के इस दौरे की जानकारी अचानक की हुई है। वहीं पीएम मोदी ने सेना के अधिकारीयों से बातचीत की। नरेंद्र मोदी को सेना, वायुसेना के अधिकारियों ने जमीनी हकीकत की जानकारी दी। मई से ही चीन के साथ बॉर्डर पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को नीमू की फॉरवर्ड पोस्ट पर पहुंचे। यहां पर सीनियर अधिकारियों ने उन्हें मौके की जानकारी दी. पीएम मोदी ने सेना, वायुसेना के अफसरों से सीधे संवाद भी किया। पहले इस दौरे पर सिर्फ CDS बिपिन रावत को ही आना था, लेकिन पीएम मोदी ने खुद पहुंचकर सभी को चौंका दिया।

मुंबई (शोर सन्देश)। वर्ष 2020 फ़िल्मी जगत के लिए भी कुछ अच्छा नहीं रहा है। जानी-मानी कोरियोग्राफर सरोज खान का देर रात को निधन हो गया है। उनका निधन मुंबई के एक अस्पताल में हुआ है। वह 71 साल की थीं। दरअसल, कुछ दिन पहले ही सरोज खान को मुंबई के गुरु नानक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उन्हें सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक आज देर रात 1.52 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली। सरोज खान का निधन उनके चाहने वालों के लिए बड़ा झटका है। फिल्म जगत में उन्हें काफी सम्मान से देखा जाता था।
सरोज खान को मुंबई के चारकोप कब्रिस्तान में आज सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। गौरतलब है कि महज तीन साल की उम्र से उन्होंने बतौर बैकग्राउंड डांसर अपना करियर फिल्म जगत में शुरू किया था। उन्हें 1974 से बतौर कोरियॉग्राफर फिल्म इंडस्ट्री में अपना सफर शुरू किया। उन्होंने अपने करियर में दो हजार से भी ज्यादा गानों को कोरियॉग्राफ किया। सरोज खान को तीन बार नैशनल अवॉर्ड भी मिला।

दिल्ली (शोर सन्देश)। कानपुर से एक बड़ी खबर आ रही है। हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने गई पुलिस टीम पर गोलिया बरसा दी है। घटना में डीएसपी समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हुए है। वही सात पुलिस कर्मी घायल भी हुए है। इस घटना के बाद सनसनी फ़ैल गई है। दबिश के दौरान बदमाशों ने पुलिस को घेरकर फायरिंग कर दी. इसमें आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए. विकास दुबे वही अपराधी है, जिसने राजनाथ सिंह सरकार में मंत्री का दर्जा पाए संतोष शुक्ला की थाने में घुसकर हत्या की थी. वारदात पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने डीजीपी और अपर मुख्य सचिव गृह से बात की है। आठ पुलिसकर्मी शहीद बताया जा रहा है कि बिल्हौर के सीओ देवेंद्र मिश्र, शिवराजपुर के एसओ महेश यादव, दो सब इंस्पेक्टर और 4 सिपाही शहीद हो गए. इसके अलावा सात पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर है. पुलिस हत्या के प्रयास के केस में शातिर विकास दुबे को अरेस्ट करने गई थी। विकास के खिलाफ 60 केस दर्ज हैं।

नयी दिल्ली (शोर सन्देश)। गणतंत्र दिवस 2021 के अवसर पर घोषित किए जाने वाले पद्म पुरस्कारों के लिए ऑनलाइन नामांकन/सिफारिश की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2020 है। पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन की शुरुआत 1 मई, 2020 से हो चुकी हैं। पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन/सिफारिशें केवल पद्म पुरस्कार https://padmaawards.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन माध्यम से ही प्राप्त की जाएगी। पद्म पुरस्कारों में पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में शामिल हैं। 1954 में स्थापित किए गए इन पुरस्कारों की घोषणा प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। यह पुरस्कार `काम में विशिष्टता` की पहचान करने का प्रयास करता है और कला, साहित्य, शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान, इंजीनियरिंग, सार्वजनिक मामलों, सिविल सेवा, व्यापार और उद्योग आदि जैसे सभी क्षेत्रों/विषयों में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों/सेवाओं के लिए प्रदान किया जाता है। इन पुरस्कारों के लिए लिये व्यवसाय, स्थिति या लिंग आदि बिना किसी भेदभाव के सभी व्यक्ति पात्र हैं। सरकारी कर्मचारी, सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारी, डॉक्टर और वैज्ञानिक इन पद्म पुरस्कारों के लिए पात्र नहीं हैं।
सरकार इन पद्म पुरस्कारों को `लोगों का पद्म` के रूप में तब्दील करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसलिए सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे स्व-नामांकन सहित नामांकनों/सिफारिशों को भेजें।
नामांकन/सिफारिशों में उपर्युक्त वेबसाइट पर उपलब्ध प्रारूप में निर्दिष्ट सभी प्रासंगिक विवरण शामिल होने चाहिए, जिसमें स्पष्ट रूप से प्रतिष्ठित व्यक्ति की असाधारण उपलब्धियां/सेवा/संबंधित क्षेत्र/अनुशासन तथा उसकी/उसके लिए अनुशंसित उद्धरण (अधिकतम 800 शब्द) शामिल हों।
गृह मंत्रालय ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों, भारत रत्न और पद्म विभूषण विजेताओं, उत्कृष्टता संस्थानों से उन प्रतिभाशाली व्यक्तियों की पहचान करने की दिशा में पूर्ण प्रयास किया जाए, जिनकी उत्कृष्टता और उपलब्धियां वास्तव में महिलाओं, समाज के कमजोर वर्गों, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति, दिव्यांगजनों और समाज के लिए निस्वार्थ सेवा में लगा हुआ हो तथा उनका नामांकन करने का अनुरोध किया गया है।
इस संबंध में और विस्तृत विवरण गृह मंत्रालय की वेबसाइट (www.mha.gov.in)) पर शीर्षक ‘पुरस्कार एवं पदक’ के अंतर्गत उपलब्ध हैं। इन पुरस्कारों से संबंधित नियम और क़ानून वेबसाइट https://padmaawards.gov.in/AboutAwards.aspx के लिंक पर उपलब्ध हैं।

दिल्ली (शोर सन्देश)। लदाख में भूकंप के झटके महूसस किये गए है। बार-बार आ रहे झटकों ने दुनियाभर के वैज्ञानिकों को हैरान-परेशान करके रख दिया है। ऐसे में अब लद्दाख में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए है। भूकंप की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 4.5 नापी गई है। साथ ही ये भी कहा जा रहा है भूकंप का केंद्र 119 किलोमीटर दूर कारगील के उत्तर-पश्चिम था। हालांकि राहत की बात ये है कि कोई भी जन-धन की हानि नहीं हुई है।लद्दाख में इससे पहले यानी 2 दिन पहले भी भूकंप आ चुका है। सीमा पर वैसे ही भारत-चीन विवाद अपनी ऊचांई पर है, ऐसे में भूकंप ने सैनिकों की दिक्कतों को और बढ़ा दिया है। कई दिनों से देश में भूकंप से लोगों को कई परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

नई दिल्ली (शोर सन्देश) भारत, चीन को लगातार आर्थिक झटके देते जा रहा है। सड़क निर्माण और डिजिटल क्षेत्र में झटके के बाद अब बारी बिजली क्षेत्र की है। केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने कहा कि पावर प्रोजेक्ट के लिए चीन से जो भी इम्पोर्ट होता था, अब सरकार उसे रेगुलेट कर सकती है। इस क्षेत्र में कस्टम ड्यूटी को बढ़ाया जा सकता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत इतनी ताकत रखता है कि हम आर्थिक लेवल के साथ-साथ युद्ध क्षेत्र में भी चीन को धकेल सके। आज पूरी दुनिया भारत के साथ है, इसमें भारत के मजबूत नेतृत्व का हाथ है।
बता दें कि इससे पहले बुधवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बयान दिया था कि भारत में बड़े हाइवे प्रोजेक्ट्स में अब चीनी कंपनियों को बैन किया जाएगा, इतना ही नहीं अगर वो किसी के साथ पार्टनरशिप में आती हैं तो भी उसपर रोक लगाई जाएगी। दूसरी ओर MSME सेक्टर में भी चीन पर नकेल कसी जाएगी।