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स्कूल फीस मामला : सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले में दखल देने से किया इनकार*

07-Jul-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) देश के सर्वोच्च न्यायालय ने उत्तराखंड में गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में ट्यूशन फीस के मामले में हाईकोर्ट के फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने माना कि बिना मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के छात्रों को कोरोनावायरस के प्रकोप को रोकने के लिए लागू राष्ट्रव्यापी बंद की अवधि के दौरान फीस का भुगतान करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य के सभी निजी गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों को उन अभिभावकों से ट्यूशन फीस मांगने से रोक दिया था, जो अपने बच्चों को ऑनलाइन क्लास दिलाने में असमर्थ थे। इसके बाद स्कूलों ने इस आदेश को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया। प्रधान न्यायाधीश एस. . बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि वे इस स्तर पर मामले पर विचार करने के लिए उत्सुक नहीं हैं। हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली अपील प्रिंसिपल्स प्रोग्रेसिव स्कूल्स एसोसिएशन और सेंट जूड्स, देहरादून द्वारा दायर की गई थी। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने निर्देश दिया था कि ट्यूशन फीस का भुगतान केवल उन छात्रों को करना चाहिए, जो कि इसका भुगतान करना चाहते हैं और साथ ही निजी शिक्षण संस्थानों द्वारा पेश किए जा रहे ऑनलाइन पाठ्यक्रम का उपयोग करने में सक्षम हैं। इसके आलावा जिन छात्रों के पास ऑनलाइन पाठ्यक्रम तक पहुंच नहीं है, उन्हें ट्यूशन फीस का भुगतान करने के लिए नहीं कहा जा सकता है। हाईकोर्ट ने कहा था कि जो बच्चे ऑनलाइन पाठ्यक्रम में भाग नहीं लेते हैं, उन्हें ट्यूशन शुल्क का भुगतान करने के लिए नहीं कहा जाना चाहिए। स्कूलों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील जोहेब हुसैन ने दलील दी कि ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा प्रदान करने वाले स्कूलों को शुल्क लेने से रोका नहीं जाना चाहिए और अदालत से ऑनलाइन शिक्षा में शामिल खचरें को ध्यान में रखने के लिए कहा। उन्होंने अदालत को सूचित किया कि ऑनलाइन कक्षाओं में उपस्थिति 100 प्रतिशत है, लेकिन केवल 10 प्रतिशत छात्र ही फीस दे रहे हैं। राज्य सरकार के आदेश में कहा गया है कि लॉकडाउन के दौरान जिन निजी स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाएं या अन्य संचार मोड शुरू किए हैं, उन्हें केवल शिक्षण शुल्क लेने की अनुमति होगी। आदेश में यह भी कहा गया है कि एक छात्र को शुल्क का भुगतान नहीं करने पर उसे हटाया नहीं जा सकता है।


चीन विवाद : भारत के साथ खड़ी है अमेरिका सेना *

07-Jul-2020

रायपुर/नयी दिल्ली (शोर सन्देश) अमेरिकी सेना भारत और चीन के बीच या कहीं और भी संघर्ष के संबंध में उसके साथ ``मजबूती से खड़ी रहेगी।`` नौसेना क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को बढ़ाने के लिए दक्षिण चीन सागर में दो विमान वाहक पोत तैनात किये जाने के बाद अधिकारी का यह बयान आया है। ये बातें व्हाइट हाउस के एक शीर्ष अधिकारी ने कही। व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टॉफ मार्क मीडोज ने एक सवाल के जवाब में बताया, ``संदेश स्पष्ट है। हम खड़े होकर चीन को या किसी और को सबसे शक्तिशाली या प्रभावी बल होने के संदर्भ में कमान नहीं थामने दे सकते, फिर चाहे वह उस क्षेत्र में हो या यहां।`` उन्हें बताया गया कि भारत ने पिछले महीने चीनी सैनिकों के साथ संघर्ष में भारतीय सैनिकों के शहीद होने के बाद कई चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया।
भारत और चीन के सैनिकों के बीच पैंगोंग सो, गलवान घाटी और गोग्रा हॉट स्प्रिंग सहित पूर्वी लद्दाख के कई इलाकों में आठ सप्ताह से गतिरोध जारी है। हालांकि, स्थिति तब बिगड़ गई जब 15 जून को गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई झड़प में भारत के 20 सैन्यकर्मी शहीद हो गए। चीनी सेना ने गलवान घाटी और गोग्रा हॉट स्प्रिंग से सोमवार को अपने सैनिकों की वापसी शुरू कर दी। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने रविवार को टेलीफोन पर बात की जिसमें वे वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से सैनिकों के ``तेजी से`` पीछे हटने की प्रक्रिया को पूरा करने पर सहमत हुए।मीडोज ने कहा कि अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर में अपने दो विमान वाहक पोत भेजे है।
उन्होंने कहा, ``हमारा मिशन यह सुनिश्चित करना है कि दुनिया यह जाने कि हमारे पास अब भी दुनिया का उत्कृष्ट बल है।``चीन, दक्षिण चीन सागर और पूर्वी चीन सागर में क्षेत्रीय विवादों में लिप्त है। चीन लगभग समूचे दक्षिण चीन सागर पर दावा करता है। वियतनाम, फिलीपींस, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान के भी क्षेत्र को लेकर उसके दावे हैं।


अमरनाथ यात्रा 2020 : 21 जुलाई से किस्मत वालों को मिलेंगे बाबा बर्फानी के दर्शन *

06-Jul-2020

रायपुर/श्रीनगर (शोर सन्देश) बाबा अमरनाथ के भक्तों के लिए एक अच्छी खबर है। 21 जुलाई से अमरनाथ यात्रा के शुरू होने की तैयारी चल रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, `श्री बाबा अमरनाथ यात्रा के लिए से श्रद्धालुओं का पहला जत्था 21 से 23 जुलाई के बीच जम्मू स्थित भगवती नगर आधार शिविर से रवाना हो सकता है।` हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों ने बताया कि राज्य प्रशासन ने सभी विभागों के अधिकारियों को इस तिथि तक यात्रा से जुड़ी अपनी सभी तरह की तैयारियां पूरी करने के लिए कह दिया है। जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट जनरल जीसी मुर्मू बाबा बर्फानी की पूजा की। इसी बीच, बाबा बर्फानी की पहली तस्वीर सामने आई है।  सूत्रों के मुताबिक, सिर्फ 10,000 श्रद्धालुओं को यात्रा करने की इजाजत मिलेगी। इसके मद्देनजर सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं। इसी के मद्देनजर रविवार को भगवती नगर स्थित यात्री निवास में यात्रा को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। यात्री निवास को जम्मू नगरनिगम के कर्मचारियों ने सबसे पहले सैनिटाइज किया। यहां पर पहले क्वारंटाइन केंद्र बनाया गया था जिसे अब खाली करवा लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं का कठुआ के लखनपुर में टेस्ट होगा। साथ ही बुजुर्ग लोगों को यात्रा पर जाने से रोका जा सकता है। लखनपुर में आने वाले भक्तों के टेस्ट, रहन-सहन और खाने-पीने की तैयारियों में प्रशासन जुट गया है।


दिल्ली में 90 दिन बाद आज से खुल रहे ऐतिहासिक स्मारक, जाने कैसे मिलेगी एंट्री*

06-Jul-2020

नयी दिल्ली (शोर सन्देश) देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते पिछले तीन महीने से बंद ऐतिहासिक स्मारक आज से खुलेंगे। स्मारकों के बाहर सेनिटाइजेशन का इंतजाम और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए तैयारियां की गई हैं ताकि पर्यटकों को कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे से बचाया जा सके। वहीं, इस महामारी के मद्देनजर पर्यटकों को अब काउंटर से टिकट नहीं मिलेगा, बल्कि उन्हें ऑनलाइन टिकट खरीदना होगा। ऐसे में जो पर्यटक ऑनलाइन टिकट खरीदने में असमर्थ होंगे, उन्हें वापस लौटना पड़ सकता है। जानकारी के लिए बता दें कि हुमायूं का मकबरा, जंतर मंतर, पुराना किला और कुतुब मीनार जैसे स्मारक आज से पर्यटकों के लिए खुलने को तैयार हैं। इन पर्यटकों की सुरक्षा के लिए स्मारकों को सेनेटाइज किया गया है। वहीं, दो गज की दूरी के लिए निशान भी बनाए गए हैं। साथ ही, पयर्टकों को जागरूक करने के लिए जगह-जगह पम्पलेट भी चिपकाए गए हैं। इसके अलावा पर्यटकों को ग्रुप फोटो लेने की भी इजाजत नहीं होगी। पर्यटकों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। 


पेट्रोल-डीजल के दाम 7वें दिन भी स्थिर*

06-Jul-2020

रायपुर/नयी दिल्ली (शोर सन्देश) देश में पेट्रोल और डीजल के दाम में सोमवार को लगातार सातवें दिन स्थिरता बनी रही, उधर अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव सीमित दायरे में बना हुआ था। विशेषज्ञ बताते हैं कि दुनियाभर में कोरोना के गहराते प्रकोप के चलते कच्चे तेल की मांग नरम रहने की आशंकाओं के बीच कीमतों पर दबाव देखा जा रहा है, हालांकि ब्रेंट क्रूड के वायदा अनुबंध सोमवार को मजबूती के साथ कारोबार चल रहा था जबकि अमेरिकी क्रूड डब्ल्यूटीआई में नरमी बनी हुई थी। इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल का भाव बिना किसी बदलाव के क्रमश: 80.43 रुपये, 82.10 रुपये, 87.19 रुपये और 83.63 रुपये प्रति लीटर बना हुआ है। डीजल का दाम भी चारों महानगरों में पूर्ववत क्रमश: 80.53 रुपये, 75.64 रुपये, 78.83 रुपये और 77.72 रुपये प्रति लीटर बना हुआ है।
अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज; आईसीई पर बेंचमार्क कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड के सितंबर वायदा अनुबंध में सोमवार को पिछले सत्र से 0.35 फीसदी की मजबूती के साथ 42.95 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था, जबकि इससे पहले ब्रेंट का भाव कारोबार के दौरान 43.09 डॉलर प्रति बैरल तक उछला।
हालांकि, न्यूयार्क मर्केंटाइल एक्सचेंज; नायमैक्स पर अमेरिकी लाइट क्रूड वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट ; डब्ल्यूटीआई के अगस्त वायदा अनुबंध में पिछले सत्र से 0.66 फीसदी की कमजोरी के साथ 40.38 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था, जबकि इससे पहले भाव 40.25 डॉलर प्रति बैरल तक गिरा।


आखिर कौन है ये शख्श जो पहन रहा है सोने का मास्क*

06-Jul-2020

रायपुर/मुंबई (शोर सन्देश) कोरोना संकट में जहां लोगों को जान बचाने के लिए मास्क की जरूरत पड़ रही है वहीं एक शख्स ने अजीब शौक पाला हुआ है। पुणे के शंकर कुराडे कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए मास्क तो पहन रहे हैं, लेकिन उनका मास्क आम मास्क की तरह नहीं बल्कि सोने का है। आपको जानकर हैरानी होगी कि शंकर ने खुद के लिए सोने का जो मास्क बनाया है उसकी कीमत 2.89 लाख है। सोने की मास्क को लेकर जब शंकर से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि यह बेहद पतला सा मास्क है। इसमें कई छोटे- छोटे छेद हैं, जिससे मुझे सांस लेने में कोई दिक्कत नहीं होती है। साथ ही मुझे यह विश्वास है कि आने वाले समय में इस मास्क की ब्रिकी बढ़ेगी।


सावन का पहला सोमवार : हर-हर माहदेव के जयकारों से गूंज रहे शिवालय *

06-Jul-2020

रायपुर/नई दिल्ली (शोर सन्देश) आज पूरा देश कोरोना के संकट से गुजर रहा है। इसके बाद भी लोगों की आस्था के आगे सब कमजोर है, ऐसा ही नजर देश के सचिवालयों में देखने को मिल रहा है। चाहे हम देश विख्यात शिवालयों में कश्चि विश्वनाथ की बात करें या छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहे जाने वाले राजिम में कुलेश्वर महादेव की या रायपुर के महादेवघाट की हर शिवालय में सर हर-हर महादेव और बोल बम की गूंज ही सुनाई पद रही है। आज सावन का पहला सोमवार है। सामान्य दिनों में मंदिरों में रात से ही भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए हजारों लोग लाइनों में लगे रहते थे, लेकिन इस बार कोरोना संकट के चलते बहुत सारी पाबंदिया है सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी करना है। हालांकि कोरोना के खतरे के बावजूद भी भक्त घर पर नहीं रुक रहे हैं। वारणसी से लेकर छत्तीसगढ़ के मंदिरों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए भक्त पहुंच रहे हैं। सुबह से ही शिवालयों में भक्तों का आना शुरू हो गया है। ऐसे में मंदिरों में सोशल डिस्टेंसिंग और सैनेटाइजेशन का पूरा इंतजाम किया गया है।
00 सीएम योगी ने किया भगवान शिव का जलाभिषेकउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुबह-सुबह भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए मानसरोवर मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान शिव की पूजा भी की।
00 चांदनी चौक स्थित गौरी शंकर मंदिर में प्रवेश से पहले भक्तों की जांच :
वहीं दिल्ली के मंदिरों में भी भक्तों का आना सुबह से ही शुरू हो गया। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए चांदनी चौक स्थित गौरी शंकर मंदिर में भक्तों को स्क्रीनिंग के बाद ही प्रवेश दिया गया।
00 वारणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे भक्त :
वहीं वारणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में भी भक्तों का तांता लगा हुआ है। कोरोना संकट के बीच सभी नियमों का पालन करते हुए भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए भक्त पहुंच रहे हैं।


विभाग आयकर ने टीडीएस फॉर्म को व्यापक बनाने के लिए कर दिए बदलाव*

06-Jul-2020

रायपुर/नयी दिल्ली (शोर सन्देश) देश में आयकर विभाग ने डीएस फॉर्म को व्यापक बनाने के लिये इसमें कुछ बदलाव किये हैं। इनमें कर की कटौती नहीं करने के कारणों की जानकारी देने को अनिवार्य बनाना भी शामिल है। बैंकों को नये फॉर्म में एक करोड़ रुपये से अधिक की नकदी निकासी पर `स्रोत पर की गयीकर की कटौती` (टीडीएस) की जानकारी भी देनी होगी। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक अधिसूचना के माध्यम से -वाणिज्य ऑपरेटरों, म्यूचुअल फंड और कारोबार न्यासों के द्बारा लाभांश वितरण, नकदी निकासी, पेशेवर शुल्क और ब्याज पर टीडीएस लगाने के लिये आयकर नियमों को संशोधित किया है।
नांगिया एंड कंपनी एलएलपी के पार्टनर शैलेश कुमार ने कहा कि सरकार ने इस अधिसूचना के साथ फॉर्म 26 क्यू और 27 क्यू के प्रारूप को संशोधित किया है। फॉर्म 26 क्यू का उपयोग भारत में सरकार या कंपनियों द्बारा कर्मचारियों (भारतीय नागरिक) को वेतन के अलावा किये गये किसी भी अन्य भुगतान पर टीडीएस कटौती का तिमाही के आधार पर जानकारी देने में होता है। इसी तरह फॉर्म 27 क्यू का उपयोग अनिवासी भारतीयों को वेतन के अलावा किसी अन्य भुगतान पर टीडीएस कटौती और उसे जमा कराए जाने की जानकारी देने में होता है।
कुमार ने कहा, ``नये फॉर्म अधिक व्यापक हैं और भुगतान करने वालों को केवल उन मामलों की सूचना देने की आवश्यकता होगी, जिनमें टीडीएस काटा जाता है, बल्कि जिन मामलों में टीडीएस नहीं काटा गया है, अब उनकी भी सूचना देनी होगी।`` सरकार ने नकदी में लेन-देन को हतोत्साहित करने के लिये 219-2 के बजट एक वित्तीय वर्ष में एक बैंक खाते से एक करोड़ रुपये से अधिक की नकद निकासी पर दो प्रतिशत का टीडीएस लगाया था।


अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाका, 7 की मौत, कई घायल *

05-Jul-2020

रायपुर/गाजियाबाद (शोर सन्देश) गाजियाबाद के मोदी नगर में स्थित एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में आज धमाका हो गया। धमाका इतना खतरनाक था कि 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कई लोगों के घायल होने की खबर है। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पातल में भर्ती करा दिया है। मरने वालों में छह महिलाएं और एक बच्चा भी शामिल है। फैक्ट्री में अचानक हुए ब्लास्ट से स्थानीय इलाकों में दहशत का माहौल हो गया। फैक्ट्री में बर्थडे केक पर लगने वाले पेंसिल बम और मोमबत्ती बनाई जाती है। फैक्ट्री में महिलाओं और बच्चे भी काम करते हैं, यही कारण है कि मरने वालों में सात महिलाएं और एक बच्चा है। घटना के बाद लोगों ने स्थानीय प्रशासन को इसकी सुचना दी। मौके पर पुलिस की टीम पहुंच गई है और जांच पड़ताल कर रही है।फिलहाल आग बुझाने का काम जारी है। घायलों को निकालकर अस्पताल भेजने का काम किया जा रहा है।


जब महामारी विश्व भर में मानव जीवन और अर्थव्यवस्थाओं का विध्वंस कर रही है, बुद्ध के संदेश किसी प्रकाश स्तंभ की तरह काम कर रहे हैं: राष्ट्रपति*

05-Jul-2020

रायपुर/नयी दिल्ली (शोर सन्देश) राष्ट्रपति ने कहा कि जब महामारी विश्व भर में मानव जीवन और अर्थव्यवस्थाओं का विध्वंस कर रही है, बुद्ध के संदेश किसी प्रकाश स्तंभ की तरह काम कर रहे हैं। भगवान बुद्ध ने प्रसन्नता प्राप्त करने के लिए लोगों को लालच, घृणा, हिंसा, ईष्या और कई अन्य बुराइयों को त्यागने की सलाह दी थी। उसी प्रकार की पुरानी हिंसा और प्रकृति की अधोगति में शामिल बेदर्द मानवता की उत्कंठा के साथ इस संदेश की परस्पर तुलना करें। हम सभी जानते हैं कि जैसे ही कोरोना वायरस की प्रचंडता में कमी आएगी, हमारे सामने जलवायु परिवर्तन की एक बड़ी गंभीर चुनौती सामने जाएगी। राष्ट्रपति आज (4 जुलाई, 2020) राष्ट्रपति भवन में धर्म चक्र दिवस के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय बुद्ध परिसंघ द्वारा आयोजित एक वर्चुअल समारोह को संबोधित कर रहे थे।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत को धम्म की उत्पत्ति की भूमि होने का गौरव हासिल है। भारत में हम बौद्ध धर्म को दिव्य सत्य की एक नई अभिव्यक्ति के रूप में देखते हैं। भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति और उसके बाद के चार दशकों तक उनके द्वारा उपदेश दिया जाना बौद्धिक उदारवाद और आध्यात्मिक विविधता के सम्मान की भारतीय परंपरा की तर्ज पर था। आधुनिक युग में भी, दो असाधारण रूप से महान भारतीयों-महात्मा गांधी और बाबा साहेब अंबेडकर ने बुद्ध के उपदेशों से प्रेरणा पाई और और उन्होंने राष्ट्र की नियति को आकार दिया।
राष्ट्रपति ने कहा कि उनके पदचिन्हों का अनुसरण करते हुए, महान पथ पर चलने के उनके आमंत्रण के प्रत्युत्तर में हमें बुद्ध के आह्वान को सुनने का प्रयत्न करना चाहिए। ऐसा लगता है कि यह दुनिया अल्प अवधि तथा दीर्घ अवधि दोनों ही प्रकार से कष्टों से भरी हुई है। राजाओं और समृद्ध लोगों की ऐसी कई कहानियां हैं कि भयंकर अवसाद से पीड़ित होने के बाद कष्टों से बचने के लिए उन्होंने बुद्ध की शरण ली। वास्तव में, बुद्ध का जीवन पहले की धारणाओं को चुनौती देता है क्योंकि वह इस अपूर्ण विश्व के मध्य में कष्टों से मुक्ति पाने में विश्वास करते थे।




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