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देश-विदेश

कोरोना वैक्सीन प्लान में शामिल हेंगे दुनिया के 76 देश*

03-Sep-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) दुनिया के करीब 76 देश अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की सह-नेतृत्व वाली वैश्विक कोरोना वैक्सीन आवंटन योजना में शामिल होने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिसका उद्देश्य टीका खरीदने और उन्हें वितरित करने में मदद करना है। इस योजना से जुड़े एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है। GAVI वैक्सीन गठबंधन के मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष सेठ बर्कले ने कहा कि समन्वित योजना, जिसे COVAX के रूप में जाना जाता है, में अब जापान, जर्मनी, नॉर्वे सहित 70 से अधिक अन्य राष्ट्रों ने हस्ताक्षर किए हैं। ये सभी देश कोरोना वैक्सीन की खरीद के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमत हैं। बर्कले ने एक साक्षात्कार में बताया, `हमारे पास अभी 76 देश हैं जिन्होंने टीका खरीदने और उसे अपने देश की जनता तक पहुंचाने के लिए हामी भरी है। हम उम्मीद करते हैं कि इसी संख्या बढ़ेगी।` उन्होंने आगे कहा, `यह अच्छी खबर है। यह दिखाता है कि COVAX की सुविधा व्यवसाय के लिए खुली है और दुनिया भर में उस प्रकार की इच्छा को आकर्षित कर रही है, जिसकी हमें उम्मीद थी कि यह होगा।


चीन से तनाव के बीच लेह का दौरा करेंगे सेना प्रमुख नरवणे*

03-Sep-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे लेह की स्थिति का जायजा लेने के लिए आज वहां का दौरा करेंगे। सेना के सूत्र ने बताया है कि वरिष्ठ फील्ड कमांडर उन्हें वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के जमीनी हालात की जानकारी देंगे। सेना के सूत्र का कहना है कि सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे अपने इस दो दिवसीय दौरे के दौरान सैनिकों की ऑपरेशनल तैयारियों का भी मुआयना करेंगे। बता दें कि पैंगोंग लेक के दक्षिणी हिस्से को चीनी सेना से खाली कराने के बाद अब उत्तरी इलाके में भी चीनी सेना की घेराबंदी शुरू कर दी गई है। सेना के सूत्रों ने कहा कि एलएसी के भारतीय क्षेत्र में ऊंची पहाड़ियों पर सेना की विशेष टुकड़ियों को तैनात किया गया है। जो किसी भी हालात का मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। सेना के सूत्रों ने बुधवार को बताया कि चीनी सेना की फिंगर-4 से फिंगर-8 के इलाकों में तैनाती कायम रहने और दक्षिणी हिस्से में घुसपैठ की नाकाम कोशिश के बाद यह सुरक्षात्मक कदम उठाया गया है। पैंगोंग लेक के उत्तरी हिस्सों में ऊंची पहाड़ियों पर भारतीय सैनिकों की तैनाती की गई है। लेकिन भारतीय सैनिक जिस क्षेत्र में है, वह पूरी तरह से भारतीय क्षेत्र में है, लेकिन वहां से पैंगोंग लेक के उत्तरी इलाके पर भारत को रणनीति बढ़त मिलती है। 


विपक्ष में कड़े विरोध के बाद अब संसद में होगा सीमित प्रश्नकाल*

03-Sep-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) संसद के मॉनसून सत्र के दौरान प्रश्नकाल को रद्द करने के सरकार के फैसले ने सत्ता और विपक्ष में तलवारें खींच दी हैं। विपक्षी दलों के कड़े विरोध के बाद सरकार सीमित प्रश्नकाल आयोजित करने पर सहमत हुई है। विपक्ष ने कहा कि प्रश्नकाल के बिना संसद का सत्र बुलाने का कोई मतलब नहीं है। इसके बाद सीमित प्रश्नकाल पर सरकार द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया। संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी का कहना है कि विपक्ष के आरोपों का कोई मतलब नहीं है कि सरकार देश के सामने महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने से भाग रही है। सरकार हर महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा करना चाहती है और हम अतारांकित प्रश्न लेने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को इस बारे में पहले ही बता दिया गया था और अधिकांश विपक्षी दलों ने भी इस पर सहमति जताई थी। अतारांकित प्रश्न वे होते हैं जिनके मंत्री केवल लिखित उत्तर देते हैं, जबकि तारांकित प्रश्न में प्रश्नकर्ता को मौखिक और लिखित उत्तर दोनों का विकल्प मिलता है।
कोरोना संकट के कारण इस बार संसद का मानसून सत्र बहुत देर से शुरू हो रहा है। संसद का मानसून सत्र 14 सितंबर से 1 अक्टूबर तक चलेगा। इस सत्र के दौरान प्रश्नकाल स्थगित करने के सरकार के फैसले पर विपक्ष द्वारा सवाल उठाए गए थे। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सरकार के फैसले की कड़ी आलोचना की और कहा कि सरकार को इस संबंध में स्पष्टीकरण देना चाहिए। जब सांसद सवाल पूछने में असमर्थ हैं, तो इस तरह के सत्र के आयोजन का कोई मतलब नहीं है।
थरूर ने कहा कि मैंने 4 महीने पहले कहा था कि सत्तारूढ़ पार्टी कोरोना के बहाने देश के सामने महत्वपूर्ण समस्याओं पर चर्चा से बचने की कोशिश करेगी। उन्होंने कहा कि हमें सुरक्षित रखने के नाम पर सरकार के कदम को उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि सवाल पूछने का अधिकार संसदीय लोकतंत्र के लिए आरक्षित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस सरकार ने सांसदों की आवाज को पूरी तरह से दबा दिया है और भारी बहुमत के बल पर संसद से फैसला पारित कराने में व्यस्त है।
तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ब्रायन ने कहा कि सही बात यह है कि कोरोना महामारी की आड़ में लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। देश की अर्थव्यवस्था की हालत बहुत खराब है और कोरोना में संकट लगातार गहरा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि सांसद इन मुद्दों पर सवाल पूछें। तृणमूल सांसद ने कहा कि मानसून सत्र का कार्य समय लगभग बराबर है, इसलिए प्रश्नकाल को रद्द करने का निर्णय उचित नहीं है।
राजद सांसद मनोज ओझा ने भी फैसले को निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट गहरा गया है, सीमा पर तनाव है और देश की अर्थव्यवस्था संकट में फंस गई है। इस मामले में, प्रश्नकाल को रद्द करना उचित नहीं है। कांग्रेस सांसद पीएल पुनिया ने भी सरकार के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने से नहीं कतराएगी और शून्यकाल जारी रहेगा।
संसद के मानसून सत्र के बारे में लोकसभा और राज्यसभा की अधिसूचना के अनुसार, इस बार मानसून सत्र के दौरान प्रश्नकाल नहीं होगा और निजी बिलों को पेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। शून्यकाल का समय सरकार से घटाकर आधा घंटा कर दिया गया है।
इस बार कोरोना संक्रमण के कारण संसद का मानसून सत्र सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे और दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक दो पालियों में चलेगा। राज्य सभा की बैठक सुबह की पाली में होगी जबकि लोकसभा की कार्यवाही दूसरी पाली में चलेगी। पूरे सत्र के दौरान इस बार कोई छुट्टी नहीं होगी।
राज्यसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक शिव प्रताप शुक्ला ने कहा कि तृणमूल को देश में कोरोना संकट के दौरान ऐसे आरोप नहीं लगाने चाहिए। उन्होंने कहा कि संवैधानिक बाध्यता के कारण संसद का सत्र बुलाया गया है ताकि आवश्यक कार्य पूरे किए जा सकें। संसद की कार्यवाही के संबंध में निर्णय राज्यसभा के सभापति और लोकसभा अध्यक्ष द्वारा लिया जाता है और सरकार को इससे कोई लेना-देना नहीं है। इसलिए, सरकार को दोष देना उचित नहीं है।

भाजपा सांसद और मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी ने विपक्ष पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल स्थगित करने पर विपक्ष का हंगामा और कुछ नहीं बल्कि पाखंड है। विपक्ष के सदस्य, जो पार्टी के अध्यक्ष से सवाल पूछने की हिम्मत भी नहीं करते, इस मुद्दे पर एक झूठी कहानी गढ़ने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट के कारण मानसून सत्र का समय कम कर दिया गया है। इस कारण से, प्रश्नकाल रद्द कर दिया गया है लेकिन सदस्य अतारांकित प्रश्न पूछ सकते हैं। 


यूएई गये बीसीसीआई का मेडिकल सदस्य कोरोना संक्रमित*

03-Sep-2020

नई दिल्ली(शोर सन्देश) पिछले सप्ताह चेन्नई सुपर किंग्स के 2 खिलाड़ियों समेत 13 सदस्यों को संयुक्त अरब अमीरात में कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था। इसी कड़ी में अब आइपीएल 2020 से जुड़े कोरोना केसों की संख्या 14 हो गई है, क्योंकि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी की मेडिकल टीम के एक सदस्य को कोरोना वायरस टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया है। इस बात की पुष्टि भारतीय क्रिकेट बोर्ड से जुड़े सूत्रों ने की है।सीएसके के 13 सदस्यों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद बीसीसीआइ मुश्किल में थी। वहीं, अब खुद बोर्ड की मेडिकल टीम का सदस्य कोरोना संक्रमित होने के बाद बोर्ड की परेशानी काफी बढ़ गई है। इतना ही नहीं, बेंगलुरु स्थित नेशनल क्रिकेट एकेडमी के दो सदस्य भी कोरोना वायरस टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं। 


सुरक्षा, निगरानी, डेटा संबंधी चिंताओं को लेकर प्रतिबंधित किए गए 118 ऐप : रविशंकर प्रसाद*

03-Sep-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) केंद्रीय दूरसंचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जिन 118 मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध लगाये गये हैं, उनके साथ सुरक्षा, निगरानी और भारतीय उपयोक्ताओं (यूजरों) की सूचनाओं की गोपनीयता से संबंधित दिक्कतें थीं।

उन्होंने कहा कि भारत ऐसे देशों में से है, जहां मोबाइल ऐप सर्वाधिक डाउनलोड किये जाते हैं। अब सरकार ने `मेड इन इंडिया` ऐप पर ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया है। प्रसाद ने अमेरिका-भारत रणनीतिक भागीदारी फोरम की एक आभासी संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा हमने आज ऐसे अन्य 118 ऐप को प्रतिबंधित कर दिया, जिनके साथ सुरक्षा, निगरानी और डेटा संबंधी दिक्कतें थीं।
सरकार ने लोकप्रिय गेमिंग ऐप पबजी सहित चीन की कंपनियों से जुड़े 118 अन्य मोबाइल ऐप पर बुधवार को प्रतिबंध लगा दिया। इन्हें भारत की संप्रभुता, अखंडत, सुरक्षा और शांति-व्यवस्था के लिये खतरनाक मानते हुए इन पर पाबंदी लगायी गयी है। इससे चीन की कंपनियों से संबंधित जिन ऐप पर भारत में प्रतिबंध लगाया गया है, उनकी संख्या बढ़कर अब 224 हो गयी है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, बुधवार को प्रतिबंधित ऐप में बायदू, बायदू एक्सप्रेस एडिशन, अलीपे, टेनसेंट वॉचलिस्ट, फेसयू, वीचैट रीडिंग, गवर्नमेंट वीचैट, टेनसेंट वेयुन, आपुस लांचर प्रो, आपुस सिक्योरिटी, कट कट, शेयरसेवा बाइ श्याओमी और कैमकार्ड के अलावा पबजी मोबाइल और पबजी मोबाइल लाइट शामिल हैं।
बयान में कहा गया कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय को विभिन्न स्रोतों से कई शिकायतें मिली हैं। इन शिकायतों में एंड्रॉयड आईओएस जैसे प्लेटफॉर्म पर मौजूद कुछ मोबाइल ऐप के उपयोक्ताओं (यूजरों) का डेटा चुराकर देश से बाहर के सर्वरों पर भंडारित किये जाने की रपटें भी शामिल हैं। बयान में कहा गया इन सूचनाओं का संकलन, इनका विश्लेषण आदि ऐसे तत्व कर रहे हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और भारत की रक्षा के लिये खतरा हैं। यह अंतत: भारत की संप्रभुता और अखंडता पर जोखिम उत्पन्न करता है। यह बेहद गंभीर मसला है, जिसके लिये त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता थी।

प्रसाद ने इस बीच बताया कि सैमसंग, अनुबंध पर विनिर्माण करने वाली कंपनियों समेत कई अन्य कंपनियों ने आने वाले पांच साल में भारत में 153 अरब डॉलर के मोबाइल फोन कल-पुर्ज बनाने की प्रतिबद्धता जाहिर की है। उन्होंने कहा, `यह इस चुनौतीपूर्ण समय में भी भारत की संभावनाएं बताता है।` उन्होंने कहा, जैसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था, हम अगले एक हजार दिन के भ्रीमर छह लाख गांवों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ने वाले हैं। उन्होंने कहा कि सरकार एक लाख गांवों को डिजिटल गांव के रूप में तैयार करना चाहती है। उन्होंने अमेरिका की कंपनियों से कुछ गांवों का चयन करने तथा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में उनका सलाह देने का भी अनुरोध किया। 


घर में रखे सैनिटाइजर की बोतल में लगी आग, शख्स की गई जान*

03-Sep-2020

नासिक (शोर सन्देश) देश में कोरोना वायरस का कहर लगातार बढ़ता ही जा रहा है. हर रोज कोरोना वायरस के मामलों में इजाफा देखने को मिल रहा है। वहीं कोरोना वायरस से बचाव के लिए लोग एहतियात के लिए कई कदम भी उठा रहे हैं। लोग सैनिटाइजर का इस्तेमाल भी काफी कर रहे हैं। हालांकि अब सैनिटाइजर के कारण एक शख्स की जान जाने का मामला सामने आया है। कोरोना वायरस का संकट सामने आने के बाद सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना आम बात हो गई है। हालांकि महाराष्ट्र में सैनिटाइजर ने एक शख्स की जान ले ली है।खबरों के मुताबिक सैनिटाइजर के कारण आग लगने से शख्स जल गया और उसकी मौत हो गई।
घटना के बारे में पुलिस ने बताया कि महाराष्ट्र के नासिक में एक 56 वर्षीय शख्स सैनिटाजर के कारण आग की चपेट में गया। इसके कारण उसका शरीर 68 फीसदी जल गया. जिसके बाद घायल हालात में शख्स को अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया।

पुलिस ने बताया कि अनिल सुचक नाम का शख्स 30 अगस्त को एक बोतल में सैनिटाइजर भर रहा था, तभी सैनिटाइजर गैस स्टोव की आंच के संपर्क में गया, जिससे आग लग गई। इससे अनिल भी आग की चपेट में गया और उसका शरीर जल गया। हालांकि शख्स को बचाया नहीं जा सका और 1 सितंबर को जिला नागरिक अस्पताल में उसका निधन हो गया। 


मुरली रामकृष्णन साउथ इंडियन बैंक के एमडी बने*

03-Sep-2020

नयी दिल्ली(शोर सन्देश) निजी क्षेत्र के साउथ इंडियन बैंक के भारतीय रिजर्व बैंक ने मुरली रामकृष्णन को बैंक का प्रबंध निदेशक (एमडी) और सीईओ बनाए जाने के लिए अपनी मंजूरी दी है। उनकी नियुक्ति एक अक्टूबर से प्रभावी होगी। रामकृष्णन 30 मई को आईसीआईसीआई बैंक से वरिष्ठ महाप्रबंधक के रूप में सेवानिवृत्त हुए थे। वे एक जुलाई को साउथ इंडियन बैंक के सलाहकार बने। केरल स्थित साउथ इंडियन बैंक ने शेयर बाजार को बताया कि आरबीआई ने एक अक्टूबर, से तीन साल के लिए बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ के रूप में मुरली रामाकृष्णन की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। 


एयर ट्रांसमिशन को लेकर रिसर्च में हुआ चौंकाने वाला खुलासा, 2 मीटर दूर से भी फैलता है कोरोना*

03-Sep-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) एक चीनी बस में कोरोना वायरस के हवा में संचरण को लेकर की गई रिसर्च में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। मंगलवार को प्रकाशित इस रिचर्स में कोविड-19 के ऐसे हवाई प्रसारण का पता चला है जिसमें बस में बैठा केवल एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित था और वह बस में बैठे दो दर्जन से अधिक लोगों को संक्रमित करने में सक्षम था। यह रिसर्च वायरस को लेकर नए सबूत पेश करती है, जिसके बारे में हर कुछ दिनों में नई जानकारी सामने आती है।

2 मीटर के बाद भी ट्रांसमिशन में सक्षम
शोध में पाया गया कि वह व्यक्ति उन लोगों को भी संक्रमित करने में सक्षम था जो उसके संपर्क की सीधी रेखा में भी नहीं थे।
महामारी की शुरुआत में, स्वास्थ्य अधिकारियों को यह विश्वास नहीं था कि वायरस हवाई था, मतलब कि यह वायरस हवा के जरिए संक्रामक सूक्ष्म बूंदों को ट्रांसमीट कर सकता है। लेकिन जैसे-जैसे सबूत सामने आते रहे, वैज्ञानिकों को भी अपनी बात से हटना पड़ा।
अमेरिकी मेडिकल जर्नल JAMA इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार जनवरी में चीनी शहर Ningbo में एक बौद्ध समारोह में सम्मिलित होने बस में जा रहे यात्रियों को केवल 50 मिनट की यात्रा करनी थी और वे दो बसों में सवार थे। यह सार्वजनिक स्थानों पर मास् अनिवार्य किए जाने से पहले की घटना है।
00 एक रोगी ने फैलाया पूरी बस में कोरोना
शोधकर्ताओं के अनुसार, कोविड-19 संक्रमित एक रोगी ने बस में यह वायरस फैलाया। यह वह समय था, जब कोरोना वायरस अपने शुरुआती चरणों में था। फिर वह रोगी वुहान के लोगों के संपर्क में आया, जहां वायरस ने पहली बार 2019 में अपना प्रकोप दिखाया था।
जब वैज्ञानिकों ने इस घटना के बारे में जांच की और बस में मौजूद हर व्यक्ति का पता लगाया तो चौंकाने वाली बात सामने आई। उन्होंने पाया कि बस में बैठे 68 में से 23 लोग वायरस से संक्रमित थे।
जाहिर है वायरस उन लोगों को प्रभावित करने में सक्षम था जो रोगी से 1-2 मीटर (3-6 फीट) से भी अधिक दूर थे। जबकि इसे वायरस के फैलने से को रोकने के लिए अधिकतम पैरामीटर माना जाता है। यानि कि जो लोग बस में बिल्कुल आगे और पीछे बैठे थे वे भी इससे संक्रमित हो गए।

इसके अलावा जिस एक यात्री ने सभी में संक्रमण फैलाया, उसमें बस में बैठे रहने के दौरान वायरस के लक्षण भी दिखाई नहीं दे रहे थे। हालांकि, यह संभव है कि एसी बस में मौजूद हवा किया, जिसके कारण वायरस का इतना अधिक संचरण हुआ हो। 


गाज़ियाबाद की एथलीट ने की मदद की गुहार, `हीरो` ने करवाई सर्जरी*

03-Sep-2020

गाजियाबाद (वीएनएस) जाने-माने फिल्म अभिनेता सोनू सूद कोरोना काल के दौरान असहाय लोगों के लिए मसीहा बनकर उभरे हैं। फ़िल्मी पर्दे का ये खलनायक कोरोना काल के बाद देश में रियल हीरो बनकर उभरा है, कोरोना काल में जब लाखों मजदूर सड़क पर पैदल चल कर घर पहुँचने की जद्दोजहद कर रहे थे और सरकारी तंत्र उन पर जगह-जगह लाठी बरसा रहा था, तब अचानक से उन गरीबों के लिए सोनू एक देवदूत बनकर सामने आये और तब से सोनू का ये सफर लगातार जारी है।
लाखों लोगों को अपने घर पहुंचाकर और उनकी अलग अलग तरह से मदद करके पहले ही देश में रियल हीरों बन चुके सोनू ने इसी क्रम में अब गाजियाबाद की रहने वाली एथलीट विजेंद्र कौर की सर्जरी कराई है इसके लिए एथलीट कौर ने सोनू से गुहार लगाई थी। सोनू सूद की मदद के बाद गाजियाबाद निवासी नेशनल कराटे एथलीट विजेंद्र कौर अब फिर आराम से चलने- फिरने लगेगी।
विजेंद्र कौर ने बुधवार को बताया कि उनका लिगामेंट जनवरी में टूट गया था। उन्होंने डॉक्टरों को दिखाया तो सर्जरी कराने की सलाह दी गई। कोरोना के चलते परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक होने के कारण वो अपना इलाज कराने में असमर्थ रही। उन्होंने कई लोगों से मदद की गुहार भी लगाई लेकिन उनकी मदद के लिए कोई आगे नहीं आया। जब कहीं से मदद ना मिली तो उन्होंने फिल्म अभिनेता सोनू सूद से मदद की गुहार लगाई। ट्विटर के माध्यम से उन्होंने अपनी परेशानी सोनू सूद तक पहुंचाई।
सोनू सूद को जैसे ही उनके लिगामेंट इंजरी की जानकारी मिली तो उन्होंने गाजियाबाद के जाने-माने डॉक्टर अखिलेश यादव से उनके ऑपरेशन को लेकर बातचीत की। डॉक्टर अखिलेश यादव ने विजेंद्र कौर की सर्जरी निशुल्क करने की हामी भरी। मंगलवार को दूरबीन विधि द्वारा लिगामेंट का सफल ऑपरेशन इंदिरापुरम स्थित हीलिंग ट्री हॉस्पिटल में डॉक्टर अखिलेश और उनकी टीम द्वारा किया गया। डॉक्टर अखिलेश ने बताया कि विजेंदर कौर की सर्जरी कामयाब हुई और एक-दो दिन में ही अपने पैरों पर खड़ी होकर चलने लगेंगी। ऑपरेशन के बाद सोनू सूद ने वीडियो कॉल कर डॉक्टर अखिलेश से बात की और विजेंद्र का हालचाल पूछा।

इससे पहले भी डॉ अखिलेश ,सोनू सूद के कहने पर कई आर्थिक तौर पर कमजोर लोगों का ऑपरेशन निशुल्क कर चुके हैं। डॉ अखिलेश का कहना है कि वह बहुत भाग्यशाली हैं। जो ईश्वर ने यह नेक काम करवाने के लिए उन्हें चुना। वह आगे भी आर्थिक तौर पर कमजोर लोगों की इसी प्रकार मदद करते रहेंगे। 


UPSC ने जारी किया सीडीएस का रिजल्ट, सुरेश चंद्र बने टॉपर*

02-Sep-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश ) यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन ने कंबाइंड डिफेंस सर्विस सीडीएस 2019 का रिजल्ट (2019) आज जारी कर दिया है। सीडीएस एग्जाम में सुरेश चंद्र ने टॉप किया है, जबकि प्रवेश कुमार ने दूसरा और जतिन गर्ग ने तीसरा स्थान हासिल किया है। कैंडीडेट्स यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पद पर जाकर अपना परिणाम देख सकते हैं। ये परीक्षा सितंबर 2019 में आयोजित की गई थी। यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा कराए गए कंबाइंड डिफेंस सर्विस एग्जाम में रिजल्ट के आधार पर कुल 196 कैंडीडेट्स सफल घोषित किए गए हैं। ये परीक्षा 149वीं कोर्स आफ इंडियन मिलिट्री एकेडमी देहरादून, इंडियन नवल एकेडमी एझिमाला केरल और एयर फोर्स एकेडमी हैदराबाद प्री फ्लाइंग ट्रेनिंग कोर्स में दाखिले के लिए आयोजित हुई थी। इंडियन मिलिट्री एकेडमी में कुल 100 पद भरे जाने हैं, जिनमें 13 वैकेंसी एनसीसी सी सर्टिफिकेट्स के लिए रिजर्व हैं। 45 पद इंडियन नवल एकेडमी एझिमाला केरल तो 32 वैकेंसी एयर फोर्स एकेडमी हैदराबाद के लिए हैं। कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज एग्जामिनेशन प्प्, 2019 के लिए आफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी का फाइनल रिजल्ट घोषित होने के बाद कैंडीडेट्स वेबसाइट पर अपने नंबर देख सकेंगे। नोटिस के अनुसार, आर्मी हेडक्वार्टर में क्वालीफाई करने वाले कैंडीडेट्स की जन्मतिथि एजुकेशनल क्वालीफिकेशन की वेरीफिकेशन की जा रही है। कैंडीडेट्स अधिक जानकारी के लिए यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जा सकते हैं। 




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