
वाशिंगटन (शोर सन्देश)। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने भारतीय-अमेरिकी नागरिक अधिकार वकील सरला विद्या नगाला को कनेक्टिविटी राज्य का संघीय न्यायाधीश मनोनीत किया है। अभी इस नियुक्ति की सीनेट से मंजूरी ली जाएगी। सरला दक्षिण एशिया की पहली महिला होंगी, जो इस पद पर नियुक्त होंगी। सरला वर्तमान में यूएस अटार्नी आफिस में बड़े अपराधों के मामलों को देख रही हैं। उन्होंने 2008 में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के बर्कले स्कूल आफ ला से स्नातक की उपाधि और ज्यूरिस डाक्टर की डिग्री प्राप्त की थी। सरला को कानूनी संस्थाओं में रहने का लंबा अनुभव है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इजरायल और मैक्सिको सहित नौ देशों में नए राजदूतों की नियुक्ति की है। इनमें रिटायर्ड एयरलाइन पायलट सीबी सुलेनबर्गर भी शामिल हैं। सुलेनबर्गर ने एक उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी आने के कारण यात्री विमान को हडसन नदी पर सुरक्षित उतारा था, वह इसमें विमान में सवार सभी यात्रियों की जान बचाने में सफल हुए थे। इन सभी राजनयिकों को पहले सीनेट की मंजूरी प्राप्त करनी होगी। इनमें विदेश मंत्री एटोंनी ब्लिंकनकी वरिष्ठ सलाहकार जूली ज्यून चुंग को श्रीलंका का राजदूत नियुक्त किया गया है।

इस्लामाबाद (शोर सन्देश)। पड़ोसी देश पाकिस्तान में सोमवार तड़के एक भीषण रेल हादसा हो गया। सिंध प्रांत के डहारकी में दो ट्रेनों के बीच टक्कर हो गई, जिससे 30 से ज्यादा लोगों की जान चली गई और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। पाकिस्तान के सिंध प्रांत के डहारकी के घोटाकी जिले में सोमवार तड़के करीब 3:45 बजे मिल्लत एक्सप्रेस और सर सैय्यद एक्सप्रेस की आपस में टक्कर हो गई। इससे मिल्लत एक्सप्रेस के आठ डिब्बे पटरी से उतर गए। मिली सूचना के मुताबिक, अब तक 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 50 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। घायलों में से कई की हालत गंभीर बनी हुई है। मृतकों की संख्या में इजाफा हो सकता है।

मॉस्को/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। कहा है कि पीएम मोदी एक जिम्मेदार नेता हैं। उन्होंने भारत-चीन के बीच चल रही सीमा विवाद पर कहा कि पीएम मोदी और शी जिनपिंग दोनों जिम्मेदार नेता हैं, और आपसी विवाद को बेहतर तरीके से सुलझा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि, इस मसले पर किसी तीसरी ताकत को हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है. भारत औऱ चीन अपने मसले खुद सुलझा सकते हैं।
00 चार देशों के समूह क्वाड की रुस ने की आलोचनाः
रुस की ओर भारत और चीन को लेकर यह बयान तब आया है, जब खुद रुस भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया को लेकर बने ग्रुप क्वाड का सार्वजनिक रुप से निंदा कर रहा है। इस बारे में रुस के राष्ट्रपति पुतिन ने कहा है कि किसी भी साझेदारी का मकसद किसी अन्य देश के खिलाफ नहीं होनी चाहिए।
गौरतलब है कि भारत के क्वाड ग्रुप में शामिल होने के बारे में जब पुतिन से एक सवाल पूछा गया तो इसके जबाव में पुतिन ने यह बात कही। गौरतलब है कि चीन भी क्वाड समूह का हमेशा विरोध करता आया है। चीन का कहना है कि यह समूह हिन्द महासागर और प्रशांत महासागर में चीन प्रभाव को नियंत्रण करने के लिए बनाया गया है।
00 क्वाड में शामिल नहीं होगा रुसः
रुस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने साफ कर दिया है कि रुस किसी भी हालत में क्वाड का हिस्सा नहीं बनेगा। उन्होंने कहा कि हर स्वतंत्र देश को यह निर्णय लेने का अधिकार है कि, वो किस समूह में शामिल होना चाहता है, और किसमें नहीं। उन्होंने कहा कि रुस किसी भी देश के आंतरिक मामलों में दखन नहीं देता। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी समूह का मकसद अन्य राष्ट्र के खिलाफ लामबंद होना सही नहीं हैं।
गौरतलब है कि भारत और चीन के बीच लंबे समय से सीमा विवाद चल रहा है। इस मसले को लेकर कई बार दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हो चुकी हैं। कुछ मामलों में तो दोनों देशों की सेना के बीच हिंसक झड़पे भी हो चकी हैं। बीते साल 2020 में ऐसे ही एक खूनी संग्राम में दोनों देशों के कई सैनिक की मौत हो गई थी।

लंदन/ नई दिल्ली (शोर सन्देश)। मॉडर्ना और फाइजर ने अपने आंकड़ों को जारी कर दिया है जिससे संकेत मिलता है कि उनके टीके किशोरों के लिये उपयुक्त और कोविड-19 की रोकथाम में बेहद प्रभावी हैं। कनाडा, अमेरिका और यूरोपीय संघ पहले ही 12 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को फाइजर का टीका लगाए जाने के लिये मंजूरी दे चुके हैं। ब्रिटेन ने भी अब 12 से 15 साल की उम्र के बच्चों को फाइजर के लिए फाइजर के टीके के इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। लेकिन कई कारणों से इसे तत्काल लागू करने को लेकर सवाल हो सकते हैं। कोई टीका किसी के लिये लाभदायक है यह तीन चीजों पर निर्भर करता है: संक्रमण के बाद उनके गंभीर रूप से बीमार पड़ने की आशंका कितनी है, टीका कितना प्रभावी है और टीकाकरण का जोखिम कितना है। वयस्कों के मुकाबले बच्चों में कोविड-19 कम गंभीर होता है। सात देशों में हुए एक हालिया अध्ययन से संकेत मिलता है कि कोविड-19 से हुई 10 लाख मौत के मामलों में बच्चों की मौत के दो से भी कम मामले सामने आते हैं। भले ही टीका बच्चों पर बेहद प्रभावी हो, यह पहले से ही बेहद मामूली जोखिम को सिर्फ खत्म कर सकता है। निश्चित रूप से, अन्य समस्याएं, जैसे दीर्घकालिक कोविड आदि हैं लेकिन हम अभी यह नहीं जानते के बच्चों में यह कितनी सामान्य हैं।

00 तेज हुई चोकसी को भारत लाने की तैयारी
रुसाउ/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। डोमिनिका की जेल में बंद भारत के भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को वहां की अदालत से बड़ा झटका लगा है। डोमिनिका की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने भगोड़े हीरा कारोबारी चोकसी के देश में अवैध प्रवेश के मामले में उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। बता दें कि पिछले दिनों मेहुल चोकसी एंटीगुआ से लापता होकर डोमिनिका में पकड़ा गया था। पंजाब नेशनल बैंक से 13,500 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में आरोपी चोकसी जनवरी 2018 से ही भारत से भागने के बाद एंटीगा और बारबुडा में रह रहा है। पिछले दिनों उसे डोमिनिका पुलिस ने गिरफ्तार कर उसे कोर्ट में पेश किया था, कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस मामले में चोकसी के वकील ने कोर्ट में जमानत अर्जी लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट के फैसले के बाद मेहुल चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने बताया कि जमानत के लिए हाईकोर्ट में अपील करेंगे। उसके वकील ने आरोप लगाया कि उनके मुवक्किल को एंटीगुआ के जॉली हार्बर से अगवा कर उसे करीब 100 नॉटिकल मील दूर एक नौका से डोमिनिका ले जाया गया।
00 एंटीगुआ भेजने पर कोर्ट ने लगाई रोक
पिछले दिनों बताया गया था कि भगोड़े कारोबारी मेहुल चोकसी को डोमिनिका से एंटीगुआ भेजने की कानूनी प्रक्रिया चल रही है, लेकिन डोमिनिका कोर्ट ने इसपर रोक लगा दी। कोर्ट ने साफ कर दिया कि अगली सुनवाई तक मेहुल को कहीं नहीं भेजा जाएगा। इससे पहले डोमिनिका सरकार ने कहा था कि वो मेहुल चोकसी को भारत के बजाय एंटीगुआ भेजेगी। बीते दिनों मेहुल चोकसी की कुछ तस्वीरें भी सामने आई थीं, जिसमें चोकसी जेल के भीतर खड़ा दिख रहा था। मेहुल चोकसी की आंखें सूजी हुई थी और उसके हाथ पर चोट के निशान भी दिख रहे थे। उसके वकील ने पुलिस पर मारपीट का आरोप भी लगाया था। उसके बाद चोकसी की पत्नी ने भी पिटाई करने का आरोप लगाया था।
00 चोकसी को भारत लाने की तैयारी तेजबता दें कि भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को भारत लाने की तैयारी भी जोरों पर चल रही है। डोमिनिका पुलिस और भारतीय जांच एजेंसियां लगातार संपर्क में है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक चोकसी को लाने के लिए सीबीआई और ईडी की टीम डोमिनिका पहुंच चुकी है। कागजी कार्रवाई के बाद उसे भारत लाया जा सकता है।

बमाको/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। माली में विद्रोही सैनिकों ने देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। घटना के कुछ ही घंटों पहले सरकार में फेरबदल किया गया था और सेना के दो सदस्यों को सरकार में शामिल नहीं किया गया था। अफ्रीकी संघ और संयुक्त राष्ट्र ने यह जानकारी दी। माली में नौ महीने पहले सेना ने सैन्य तख्तापलट करके सत्ता अपने हाथ में ले ली थी। पश्चिम अफ्रीकी क्षेत्रीय खंड (ईसीओडब्ल्यूएएस) और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के अन्य सदस्यों ने एक संयुक्त बयान जारी कर राष्ट्रपति बाह एन`डॉव और प्रधानमंत्री मोक्टर ओउने को तुरंत रिहा करने की मांग की है। दोनों नेताओं को काती सैन्य मुख्यालय ले जाया गया है। संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर करने वालों ने माली की राजनीतिक व्यवस्था को तत्काल बहाल करने तथा तय समयसीमा के अंदर उसे अपना कार्यकाल पूरा करने की मांग की है। बयान में कहा गया है, ``अंतरराष्ट्रीय समुदाय जबरन इस्तीफे समेत तमाम कार्रवाइयों का विरोध करता है।`` उन्होंने कहा, ``आज का यह अविवेकपूर्ण फैसला भविष्य में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को माली के समर्थन में आने से रोकेगा।`` इस घटनाक्रम से एक नयी चिंता उभर कर सामने आयी है कि क्या मौजूदा सरकार स्वतंत्र रूप से भविष्य में काम कर पायेगी और अगले साल फरवरी में माली में तय लोकतांत्रिक चुनाव को आयोजित कराने की योजना को आगे बढ़ा पायेगी। संयुक्त राष्ट्र माली में शांति अभियानों पर हर साल 1.2 अरब डॉलर खर्च करता है।

न्यूयॉर्क/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। भारत कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच वैक्सीन की कमी से जूझ रहा है। इस बीच, विदेश मंत्री एस जयशंकर पांच दिवसीय यात्रा पर अमेरिका पर पहुंचे हैं। जयशंकर अपने अमेरिकी दौरे की शुरुआत में न्यूयॉर्क पहुंच गए हैं। उनका यह दौरा 28 मई तक जारी रहेगा। इस दौरान विदेश मंत्री अमेरिकी कंपनियों के साथ कोविड-19 रोधी टीके, घरेलू उत्पादन के लिए कच्चे माल की खरीद और टीकों के संयुक्त उत्पादन की संभावना के बारे में चर्चा करने की संभावना है। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, ``विदेश मंत्री एस जयशंकर 24 से 28 मई तक अमेरिका की यात्रा पर न्यूयॉर्क पहुंचे हैं। न्यूयार्क में उनके संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस से मुलाकात करने की संभावना है।``मंत्रालय ने बताया कि जयशंकर वाशिंगटन में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन के साथ चर्चा करेंगे। वे अमेरिकी मंत्रिमंडल के सदस्यों एवं वहां के प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय संबंधों के बारे में चर्चा करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के जनवरी में सत्ता संभालने के बाद भारत के किसी वरिष्ठ मंत्री की यह पहली यात्रा है।समझा जाता है कि इस यात्रा के दौरान जयशंकर भारत में कोविड-19 रोधी टीके के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए अमेरिका से कच्चे माल की आपूर्ति तेज करने पर जोर दे सकते हैं। साथ ही टीके के संयुक्त उत्पादन की संभावना के बारे में भी वह चर्चा करेंगे। मंत्रालय के बयान के अनुसार, विदेश मंत्री की यात्रा के दौरान उनका, भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक एवं कोविड-19 महामारी से जुड़े सहयोग को लेकर कारोबारी मंचों से संवाद का कार्यक्रम है।
जयशंकर की अमेरिका यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब एक दिन पहले ही विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा था कि भारत, अमेरिकी उद्यमों के साथ कोविड-19 रोधी टीकों की खरीद और बाद में देश में उसके उत्पादन की संभावना के बारे में बातचीत कर रहा है। कोरोना वायरस की दूसरी लहर से प्रभावित भारत कोविड-19 रोधी टीके के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के साथ विदेशों से टीके की खरीद पर जोर दे रहा है ।

बीजिंग/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। चीन में 100 किलोमीटर की क्रॉस कंट्री माउंटेन रेस पर मौसम कहर बन टूटा। तेज हवा, भीषण बारिश और दूर-दूर तक फैले पहाड़ों के बीच फतह करने को दौड़ रहे धावकों में से 20 जिंदगी की रेस हार गए। वहीं एक धावक अभी भी लापता है। अधकारियों ने इसकी जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को चीन के उत्तर-पश्चिमी गांसू प्रांत के बैयिन शहर नजदीक येलो रिवर स्टोन फॉरेस्ट में 100 किलोमीटर क्रॉस कंट्री माउंटेन रेस का आयोजन किया गया। बैयिन शहर के मेयर झांग ज़ुचेन ने बताया कि दोपहर में ऊंचाई वाले क्षेत्र में 20 से 31 किलोमीटर के बीच की दौड़ के दौरान अचानक मौसम बिगड़ गया। कुछ ही देर में भीषण बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने लगीं। तापमान में भी तेजी से गिरावट आ गई। उन्होंने बताया कि कुछ प्रतिभागियों से मदद के संदेश मिलने के तुरंत बाद मैराथन आयोजकों ने एक बचाव दल भेजा, जो 18 प्रतिभागियों को बचाने में कामयाब रहा। झांग ने बताया कि शनिवार दोपहर करीब दो बजे मौसम बहुत खराब हो गया, जिसके बाद मैराथन को रद्द कर दिया गया। धावकों की मदद के लिए बचाव दल भेजे गए। झांग ने बताया कि इस मैराथन में 172 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था, जिनमें से 151 को बचा लिया गया, जिनमें से आठ का अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं 20 धावकों के शव बरामद किए गए हैं, जबकि एक लापता है। इससे पहले, 2010 में चीन के इसी प्रांत में बाढ़ और भूस्खलन के चलते 1,000 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। जानकारी के मुताबिक येलो रिवर स्टोन फॉरेस्ट अपने ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है। कई चीनी टेलीविजन शो और फिल्मों में इसे दिखाया गया है।

येरुशलम/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सुरक्षा कैबिनेट ने गाजा पट्टी में 11 दिन से चल रहे सैन्य अभियान को रोकने के लिए एकतरफा युद्धविराम को मंजूरी दे दी है। इस्राइल मीडिया ने बृहस्पतिवार देर रात यह जानकारी दी। मडिया में आई खबरों में कहा गया है कि हमलों को रोकने के लिए अमेरिका की ओर से दबाव बनाए जाने के बाद यह फैसला किया गया है। कई रिपोर्ट में कहा गया है कि संघर्ष विराम फैसले से करीब तीन घंटे बाद देर रात दो बजे से लागू हो जाएगा। नेतन्याहू के कार्यालय ने इन रिपोर्ट की तत्काल पुष्टि नहीं की और हमास ने भी इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। वहीं हमास के अधिकारियों ने कहा कि इस्राइल के साथ युद्धविराम शुक्रवार सुबह 2 बजे से लागू होगा। इस्राइली कैबिनेट ने युद्धविराम की पुष्टि की है लेकिन इसके लागू होने का समय नहीं बताया है। बता दें कि यूरोप ने युद्धविराम के लिए इस्राइल पर दबाव बढ़ाया है जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने तीन दिन में दूसरी बार इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से अगले 24 घंटे में टकराव रोकने की उम्मीद जताई थी। लेकिन नेतन्याहू इसके लिए तैयार नहीं दिखे थे और बृहस्पतिवार को भी गाजा पर हमले जारी रहे। इस दौरान गाजा के मध्य शहर दीर अल-बाला, दक्षिणी शहर खान यूनिस व गाजा के वाणिज्यिक मार्ग अल-सफ्तावी स्ट्रीट पर भी कई हवाई हमले हुए। इस्राइली सेना ने हमास आतकी कमांडरों के चार घरों को निशाना बनाया। हमलों में अल-खोजंदर में सो रहे 11 लोग घायल हो गए। नेतन्याहू ने बाइडन के समर्थन की सराहना करते हुए इस्राइलियों को सुरक्षा देने के लिए आगे बढ़ने की बात कही। उधर, राष्ट्रपति बाइडन पर उनकी ही पार्टी के वामपंथियों और यूरोप में मुस्लिम प्रवासियों व आतंकवाद की आशंका के चलते गाजा में संघर्ष विराम को लेकर सियासी दबाव बढ़ गया था। यह भी आशंका थी कि कहीं मध्य-पूर्व के देश भी युद्ध में न कूद पड़ें।

मुंबई (शोर सन्देश)। टाटा मोटर्स ने कोविड-19 से मरने वाले अपने कर्मचारियों के परिजनों को हर महीने बेसिक सैलरी का 50 फीसदी भुगतान करने का फैसला किया है। ये भुगतान दिवंगत कर्मचारी की सेवानिवृत्ति की अवधि तक किया जाएगा। कंपनी ने बताया कि ये भत्ते कर्मचारी के परिजनों को तत्काल दी गई आर्थिक राहत के अतिरिक्त दिए जाएंगे। टाटा मोटर्स के मुख्य वित्तीय अधिकारी पीबी बालाजी ने कहा कि उनके कर्मचारी की मौत कोविड-19 से हुई हो या न हुई हो उनके परिजनों को 20 महीनों के बेसिक वेतन का एकबारगी भुगतान किया जाएगा।
00 हर महीने परिजनों को दी जाएगी बेसिक सैलरी की 50% राशि :
बालाजी ने बताया कि दिवंगत कर्मचारी की सेवानिवृत्ति की अवधि तक उनके परिजनों को बेसिक सैलरी की 50 फीसदी राशि भत्ते के तौर पर हर महीने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी को भी टाटा कंपनी से इससे कम की उम्मीद नहीं होगी। महामारी की 2020 में शुरुआत से लेकर अब तक टाटा मोटर्स के 47 कर्मचारियों ने कोविड-19 के कारण जान गंवाई है। बता दें कि टाटा मोटर्स भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में सबसे बड़े नियोक्ताओं में एक है, जो पूरे भारत में कई प्लांट चलाते हैं। कंपनी कार, स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल्स, मिनी ट्रक, वैन, ट्रक और बसें बनाती है।
00 टाटा मोटर्स के 90 फीसदी कर्मचारियों का हो चुका वैक्सीनेशन :
सीएफओ पीबी बालाजी ने मार्च 2021 तिमाही के नतीजों की घोषणा करने के अलावा कहा कि फिलहाल 45 साल की ऊपर के उम्र वाले हमारे 90 फीसदी कर्मचारियों को कोरोना वैक्सीन लगाई जा चुकी है। हम अपने कर्मचारियों को चिकित्सा देखभाल भी मुहैया करा रहे हैं। साथ ही कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए एक बीमा योजना भी उपलब्ध करा रहे हैं। बता दें कि टाटा मोटर्स ऐसी कुछ कंपनियों में शामिल है, जिन्होंने अपने दिवंगत कर्मचारियों के परिजनों के लिए एक कर्मचारी केंद्रित कोविड-19 वित्तीय लाभ योजना लागू की है।