
वाशिंगटन (शोर सन्देश)। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा भारत के लिए देश का राजदूत नामांकित किए जाने पर लॉस एंजिलिस के महापौर एरिक गार्सेटी ने कहा है कि वह नामांकन स्वीकार कर सम्मानित महसूस कर रहे हैं और जिस तरह उन्होंने शहर की सेवा की, वह उसी जोश, प्रतिबद्धता और प्रेम के साथ अपनी नयी भूमिका भी निभाएंगे। सीनेट से उनके नाम की पुष्टि होने पर गार्सेटी (50) पूर्ववर्ती राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में भारत के लिए अमेरिका के राजदूत रहे केनेथ जस्टर का स्थान लेंगे। इस सप्ताह के शुरू में जस्टर को विदेश मामलों पर परिषद में प्रतिष्ठित सदस्य के तौर पर नियुक्त किया गया। बाइडन प्रशासन द्वारा नामांकित किए जाने की घोषणा के बाद गार्सेटी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, आज राष्ट्रपति ने भारत के लिए अमेरिका के राजदूत के तौर पर सेवा के वास्ते मेरे नाम की घोषणा की। नयी भूमिका में सेवा के लिए उनके नामांकन प्रस्ताव को स्वीकार कर मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं। गार्सेटी के अलावा व्हाइट हाउस ने कई अन्य राजदूतों के नामांकन की भी घोषणा की। व्हाइट हाउस ने कहा कि एरिक एम गार्सेटी 2013 से लॉस एंजिलिस शहर के महापौर रहे हैं। इसके अलावा वह 12 साल नगर परिषद के सदस्य तथा परिषद अध्यक्ष भी रहे हैं। बाइडन ने डेनिस कैम्पबेल बाउर को मोनाको के लिए दूत, पीटर डी हास को बांग्लादेश के लिए और बर्नाडेट एम. मीहान को चिली के लिए शीर्ष राजनयिक के तौर पर नामांकित किया।

00 कोरोना के बदलते स्वरुप के देखते हुए पड़ सकती है तीसरे डोज़ की जरुरत
न्यूयॉर्क/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका और वायरस के बदलते स्वरूप को देखते हुए अमेरीकी वैक्सीन निर्माता कंपनी तीसरी खुराक देने की तैयारी कर रही है। अमेरिकी दवा कंपनी फाइजर-बायोएनटेक तीसरे डोज की मंजूरी पाने की कोशिश में है। कंपनी का दावा है कि कोरोना को मात देने के लिए तीसरी डोज की जरूरत पड़ सकती है। कंपनी ने गुरुवार को घोषणा की है कि वे अपनी कोविड-19 वैक्सीन के लिए रेग्युलेटरी अप्रूवल की मांग करेंगे। कंपनी अंतरिम ट्रायल के डेटा के मद्देनजर मंजूरी प्राप्त करने की कोशिश करेगी, जिसमें पता चला था कि पहले दो डोज की तुलना में तीसरा डोज एंटीबॉडी लेवल को पांच से दस गुना बढ़ा सकता है।
दरअसल, इस तीसरे कोविड -19 खुराक से कोरोना के बीटा वैरिएंट के खिलाफ बेहतर सुरक्षा की उम्मीद की जा रही है। बीटा वैरिएंट सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में पाया गया था। यह वैरिएंट अबतक का सबसे शक्तिशाली है। यह डेल्टा वैरिएंट से भी ज्यादा असरदार है।
00 डेल्टा वैरिएंट पर फाइजर वैक्सीन की दो डोज कारगर नहीं
दरअसल, कोरोना के डेल्टा वैरिएंट से बचाव में फाइजर वैक्सीन कम प्रभावी है। एक अध्ययन में खुलासा हुआ कि जिन्हें पहले कोरोना वायरस नहीं हुआ है और अगर वो कोरोना के डेल्टा वैरिएंट से संक्रमित होते हैं तो ऐसे लोगों के शरीर में एंटीबॉडी बनाने में यह वैक्सीन ज्यादा कारगर नहीं है। `जरनल नेचर` में प्रकाशित एक स्टडी में दावा किया गया है कि कोविड-19 के डेल्टा वैरिएंट पर फाइजर टीका का असर ज्यादा नहीं दिखा। रिपोर्ट के मुताबिक, डेल्टा वैरिएंट के असर को रोकने में फाइजर 64 फीसदी तक प्रभावी है। इससे पहले कोरोना के अन्य वैरिएंट्स में यह वैक्सीन 94 फीसदी तक प्रभावी थी। ऐसे में फाइजर तीसरे डोज देने की अनुमति मांग रही है।

बाल्टिमोर/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। वैश्विक स्तर पर 18.4 करोड़ लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं, वहीं 39.8 लाख से ज्यादा संक्रमित लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा संक्रमण के मामलों के साथ अमेरिका सबसे ज्यादा प्रभावित देश बना हुआ है। कोरोना संक्रमण के मामले में भारत दूसरे स्थान पर है। जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी ने मंगलवार को महामारी के नए आंकड़े साझा किए।
यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर सिस्टम साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसएसई) ने खुलासा किया कि वर्तमान वैश्विक मामले, मरने वालों की संख्या और प्रशासित टीके की कुल संख्या क्रमश: 184,104,804, 3,983,508 और 3,220,930,100 है। सीएसएसई के अनुसार, दुनिया में सबसे ज्यादा मामलों और मौतों की संख्या क्रमश: 33,722,994 और 605,567 के साथ अमेरिका सबसे ज्यादा प्रभावित देश बना हुआ है।कोरोना संक्रमण के मामले में भारत 30,585,229 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है। सीएसएसई के आंकड़े के अनुसार 30 लाख से ज्यादा मामलों वाले अन्य सबसे खराब देश ब्राजील (18,792,511), फ्रांस (5,848,973), रूस (5,568,104), तुर्की (5,440,368), यूके (4,947,274), अर्जेंटीना (4,552,750), कोलंबिया (4,375,861), इटली (4,263,797) , स्पेन (3,866,475), जर्मनी (3,738,862) और ईरान (3,270,843) हैं।कोरोना से हुई मौतों के मामले में ब्राजील 525,112 मामलों के साथ दूसरे नंबर पर है। भारत (402,728), मैक्सिको (233,689), पेरू (193,230), रूस (136,279), यूके (128,495, इटली (127,680)), फ्रांस (111,360) और कोलंबिया (109,466) से मरने वालों की संख्या 100,000 से ज्यादा है।

रियो डी जेनेरियो (शोर सन्देश)। ब्राजील में कोविड-19 टीके संबंधी एक सौदे में भ्रष्टाचार के आरोपों पर कथित रूप से कार्रवाई नहीं करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश ने राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो के खिलाफ आधिकारिक जांच की मंजूरी दी है, जिसके एक दिन बाद शनिवार को देशभर में बोलसोनारो के खिलाफ प्रदर्शन हुए।देश के 40 से अधिक शहरों में सैकड़ों-हजारों प्रदर्शनकारियों ने बोलसोनारो के खिलाफ महाभियोग चलाने या कोविड-19 टीकों तक पहुंच मुहैया कराए जाने की मांग की। पारा की राजधानी बेलेम में एक प्रदर्शनकारी ने पोस्टर थाम रखा था, जिस पर लिखा था, यदि हम कोविड-19 के कारण हर मौत के लिए एक मिनट का मौन रखें, तो हम जून 2022 तक मौन ही रहेंगे। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार ब्राजील में संक्रमण से पांच लाख लोगों की मौत हो चुकी है।सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश रोसा वेबर ने शुक्रवार को कहा कि कोविड-19 से निपटने के सरकार के तरीके की जांच कर रही सीनेट की एक समिति के समक्ष हाल में जो गवाही दी गई है, उसी के आधार पर जांच शुरू करने की अनुमति दी जाती है।अभियोजक इस बात की जांच करेंगे कि क्या बोलसोनारो ने एक सरकारी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई में व्यक्तिगत हितों के कारण देरी की है या ऐसा करने से परहेज किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आयात विभाग के प्रमुख लुइस रिकार्डो मिरांडा ने कहा कि उन पर भारतीय दवा कंपनी भारत बायोटेक से दो करोड़ टीकों के आयात को मंजूरी देने के लिए हस्ताक्षर करने का अनुचित दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि बिल में सिंगापुर स्थित एक कंपनी को चार करोड़ 50 लाख डॉलर का अग्रिम भुगतान करने समेत कई अनियमितताएं थीं। मिरांडा ने सांसद एवं अपने भाई लुइस मिरांडा के साथ 25 जून को सीनेट समिति के सामने गवाही दी थी। इससे पहले लुइस बोलसोनारो से समर्थक थे। मिरांडा भाइयों ने कहा कि उन्होंने बोलसोनारो को अपनी चिंताओं से अवगत कराया था और उन्होंने आश्वासन दिया था कि वह संघीय पुलिस से अनियमितताओं की शिकायत करेंगे, लेकिन संघीय पुलिस के एक सूत्र ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि ऐसा नहीं किया गया।
.jpg)
00 अमेरिका के बाद भारत सबसे प्रभावित देश
न्यूयॉर्क/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। पूरे विश्व में कोरोना महामारी का आतंक अब भी जारी है, वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों की लिस्ट में अमेरिका पहले नंबर पर है। अमेरिका के बाद सबसे प्रभावित दूसरा देश भारत बना हुआ है, अगर बात करें विश्व में संक्रमण के मामलों की तो आंकड़ा बढ़कर 18.34 करोड़ से ज्यादा हो गए है। इस महामारी से अब तक कुल 39.6 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई हैं। ये आंकड़े जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय ने साझा किए।रविवार की सुबह अपने नवीनतम अपडेट में, यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर सिस्टम साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसएसई) ने बताया किया कि वर्तमान वैश्विक मामले और मरने वालों की संख्या क्रमश: 183,404,186 और 3,969,635 हो गई है। सीएसएसई के अनुसार, दुनिया में सबसे ज्यादा मामलों और मौतों की संख्या क्रमश: 33,713,729 और 605,493 के साथ अमेरिका सबसे ज्यादा प्रभावित देश बना हुआ है।
कोरोना संक्रमण के मामले में भारत 30,502,362 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है। सीएसएसई के आंकड़े के अनुसार 30 लाख से ज्यादा मामलों वाले अन्य सबसे खराब देश ब्राजील (18,742,025), फ्रांस (5,845,622), रूस (5,519,516), तुर्की (5,440,368), यूके (4,896,272), अर्जेंटीना (4,526,473), कोलंबिया (4,324,230), इटली (4,262,511) , स्पेन (3,833,868), जर्मनी (3,738,059) और ईरान (3,241,037) हैं।कोरोना से हुई मौतों के मामले में ब्राजील 523,587 मामलों के साथ दूसरे नंबर पर है। भारत (401,050), मैक्सिको (233,580), पेरू (192,687), रूस (134,987), यूके (128,471), इटली (127,637), फ्रांस (111,314) और कोलंबिया (108,314) से मरने वालों की संख्या 100,000 से ज्यादा है।

काबुल/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। तालिबान के लड़ाकों ने सोमवार को अफगानिस्तान के उत्तरी कुंदुज प्रांत के महत्वपूर्ण जिले पर नियंत्रण स्थापित कर लिया और प्रांतीय राजधानी की घेराबंदी कर दी। प्रांतीय पुलिस के प्रवक्ता इनामुद्दीन रहमानी ने बताया कि इमाम साहिब जिले के आसपास लड़ाई रविवार को शुरू हुई और सोमवार को दोपहर तक चली। उन्होंने बताया कि तालिबान ने जिला मुख्यालय पर हमले किए और पुलिस मुख्यालय पर भी कब्जा जमा लिया।तालिबान के लड़ाके कुंदुज प्रांत की राजधानी से कुछ ही किलोमीटर दूर हैं, लेकिन शहर में नहीं घुसे। लेकिन ऐसी कुछ खबरें हैं कि बाहरी इलाके में तालिबान के कुछ लड़ाके मौजूद हैं। अफगानिस्तान की उत्तरी सरहद पर स्थित उत्तरी कुंदुज के इमाम साहिब की सीमा ताजिकिस्तान के साथ जुड़ी है। यह मध्य एशिया में आपूर्ति का अहम मार्ग है। रहमानी ने कहा कि पुलिस और अफगान सेना ने जिले की हिफाजत का प्रयास किया।फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है कि कितने सुरक्षाकर्मी मारे गए या तालिबान के कितने लड़ाकों की मौत हुई। तालिबान के प्रवक्ता जबिउल्ला मुजाहिद ने कहा कि इमाम साहिब जिला अब हमारे नियंत्रण में आ गया है। मुजाहिद ने कहा, `हमने सुना है कि कई सैनिकों ने तालिबान के सामने समर्पण कर दिया।` कुंदुज में कई और जिलों पर भी आतंकवादी समूह का कब्जा हो गया है। इनमें इमाम साहिब के बगल का अचिन भी शामिल है।
00 राष्ट्रपति गनी से 25 को व्हाइट हाउस में मिलेंगे बाइडन
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी और वहां की राष्ट्रीय सुलह उच्च परिषद (हाई काउंसिल फॉर नेशनल रिकंसिलिएशन) के अध्यक्ष डॉ. अब्दुल्ला अब्दुल्ला से 25 जून को व्हाइट हाउस में मुलाकात करेंगे। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने रविवार को कहा था कि राष्ट्रपति गनी और डॉ. अब्दुल्ला की यात्रा अमेरिका और अफगानिस्तान के बीच अहम और स्थायी साझेदारी को रेखांकित करेगी।
00 चीन ने अपने नागरिकों से कहा, छोड़ दें युद्धग्रस्त देश
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की खबर के अनुसार अफगानिस्तान स्थित चीनी दूतावास ने चीनी नागरिकों से कहा है कि अमेरिका और नाटो के सैनिकों की वापसी से पहले तालिबान के नए क्षेत्रों पर कब्जा कर लेने के मद्देनजर वे तत्काल युद्धग्रस्त देश को छोड़ दें। इसने हिंसाग्रस्त देश में मौजूद चीनी नागरिकों और संगठनों को सलाह दी है कि वे अतिरिक्त सतर्कता बरतें और अपनी आपातकालीन तैयारी को और मजबूत करें।

लंदन/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। कोरोना महामारी की दूसरी लहर अभी ढ़ंग से गुजरी नहीं है कि तीसरी लहर आने की आशंका ब्रिटेन को परेशान करने लगी है। माना जा रहा है कि यह तीसरी लहर इस साल सर्दियों में आ सकती है. जिसके चलते सरकार को एक बार फिर लॉकडाउन लगाना पड़ सकता है।ब्रिटेन (UK) में इस साल सर्दियों में कोरोना वायरस का नया वेरिएंट सक्रिय हो सकता है। ऐसे में ब्रिटेन में इस साल का विंटर सीजन लोगों के लिए काफी मुश्किलों भरा हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक इस साल के अंत में बच्चे और बुजुर्ग बड़ी संख्या में इस वायरस की चपेट में आ सकते हैं।रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रिटिश सरकार की सलाहकार संस्था, साइंटिफिक एडवाइजरी ग्रुप फॉर इमर्जेंसीज (SAGE) ने यह चेतावनी जारी की है। SAGE के सदस्य प्रोफेसर कैलम सेम्पल ने कहा कि ब्रिटेन में कोरोना वायरस के उभरने की आशंका बढ़ सकती है। जिसकी वजह से देश में लॉकडाउन भी लगाया जा सकता है।कैलम ने कहा, `मुझे लगता है कि कोरोना के चलते विंटर सीजन खतरनाक होगा। इसके चलते हमें काफी मुश्किलों का सामना करना पडे़गा. मुझे लगता है कि अगले साल सामान्य रूप से व्यापार किया जा सकेगा।`पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड के निदेशक सुसान हॉपकिंस ने भी इस बारे में चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा, `कोरोना के नए वेरिएंट की वजह से हमें इन सर्दियों में लॉकडाउन लगाना पड़ सकता है। हालांकि हमारे पास इस वेरिएंट से लड़ने के लिए कोरोना वैक्सीन, टेस्टिंग और दूसरे इलाज मौजूद होंगे। जिससे हम इस वायरस से लड़ सकते हैं।

00 नागरिकों से जल्द वैक्सीन लगवाने की अपील
वाशिंगटन/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने शुक्रवार को कोरोना डेल्टा वेरिएंट को खतरनाक बताते हुए नागरिकों से जल्द से जल्द वैक्सीन लगवाने अपील की। व्हाइट हाउस में संवाददाता सम्मेलन के दौरान बाइडन ने कहा कि कोरोना के नए वैरिएंट बिना टीकाकरण वाले लोगों को एक महीने पहले की तुलना में और अभी अधिक असुरक्षित बना देगें। यह एक गंभीर चिंता का विषय है। यह इसलिए क्योंकि विशेषज्ञ डेल्टा वैरिएंट को घातक बता रहे हैं। यह कोरोना वायरस का ऐसा वेरिएंट है जो अधिक आसानी से प्रसारित, संभावित रूप से घातक और विशेष रूप से युवा लोगों के लिए खतरनाक है।कोरोना वायरस के इस डेटा वेरियंट को खतरनाक बताते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे चिंताजनक प्रकार की सूची में शामिल किया है। यह वेरिएंट कुछ देशों में तेजी से फैला है, विशेष रूप से भारत में संक्रमण में इससे तेज वृध्दि हुई जहां इसे पहली बार पाया गया था। बता दें कि अमेरिका विश्व में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले देशों में से एक है। कोरोना संक्रमण के कारण अमेरिका में जान गंवाने वालों की संख्या 6 लाख के पार हो गई है। लेकिन यह भी बताया जा रहा है कि कोरोना वैक्सीनेशन की वजह से मौतों में होने वाली संख्या में बेहद कमी आई है।इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने कोरोना महामारी को एक ‘वास्तविक त्रासदी‘ बताते हुए कहा था कि वैश्विक महामारी के कारण जान गंवाने वाले अमेरिकियों की संख्या 6 लाख होने वाली है। बाइडन ने ब्रसेल्स में उत्तरी अटलांटिका संधि संगठन शिखर सम्मेलन के बाद सोमवार को पत्रकारों से यह भी कहा था कि अब देश में संक्रमण से औसत मामलों और उससे होने वाली मौत के मामले में कमी आ रही है।

नई दिल्ली(शोर सन्देश)। अपने यहां जैसे-जैसे कोरोना का कहर बढ़ा है, इसके बारे में लोगों के बीच भ्रांति भी खूब फैली है। कहीं लोग कोरोना माई की पूजा कर रहे हैं तो कहीं इसका मंदिर भी बन गया। इन सब बातों को सोशल मीडिया के जरिए भी खूब फैलाया गया है। लेकिन अब सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक इस बारे में एक नई पहल कर रह है। इससे आप फर्जी खबरों से दूर रहेंगे।
थर्ड पार्टी चेकिंग
फेसबुक से जारी एक बयान में बताया गया `भारत में कोरोना संक्रमण के दौरान लोगों को जागरूक करने के लिए और कोरोना से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए फेसबुक बड़ी पहल करने जा रहा है। फेसबुक थर्ड पार्टी फैक्ट चेकिंग कार्यक्रम की शुरुआत करने जा रहा है, जिसमें स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने की कोशिश की जाएगी।`
द हेल्दी इंडियन प्रोजेक्ट के साथ साझेदारी
स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को समझने में मदद के लिए फेसबुक ने द हेल्दी इंडियन प्रोजेक्ट यानि थिप के साथ साझेदारी की है। थिप भारत में फेसबुक का पहला हेल्थ स्पेशलिस्ट पार्टनर है। कंपनी का कहना है कि थिप अनुभवी और वेरिफाइड डॉक्टरों की मदद से फैक्ट चेकिंग करेगा और गुमराह करने वाली खबरों और गलत दावों से आपको दूर रखेगा।
कई भाषाओं में मिलेगी जानकारी
यह हिंदी, अंग्रेजी, बंगला, पंजाबी और गुजराती भाषा में लोगों को दवा, डाइट और इलाज के बारे में जानकारी देगा।

गबोरोने/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। अफ्रीका के बोत्स्वाना में दुनिया का `तीसरा सबसे बड़ा` हीरा मिला है। बोत्सवाना हीरा फर्म देबस्वाना ने बुधवार को कहा कि उसने 1,098 कैरेट के एक पत्थर का पता लगाया है जिसे उसने दुनिया में अपनी तरह का तीसरा सबसे बड़ा बताया है।1,098 कैरेट का हीरा देबस्वाना कंपनी के इतिहास में पाया जाने वाला सबसे बड़ा गुणवत्ता वाला पत्थर है। दुर्लभ श्रेणी का हीरा मिलने के बाद बोत्स्वाना की राजधानी गैबोरोन में राष्ट्रपति को दिखाया गया। देबस्वाना के प्रबंध निदेशक लिनेट आर्मस्ट्रांग ने कहा कि यह दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा रत्न-गुणवत्ता वाला खोज माना जाता है। दुर्लभ और असाधारण पत्थर हीरे और बोत्सवाना के संदर्भ में बहुत मायने रखता है, उसने कहा। यह उस राष्ट्र के लिए आशा लाता है जो संघर्ष कर रहा है।