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भारत में पहला ऑस्ट्रेलियाई नेशंस बिजनेस मिशन, माइनिंग पार्टनरशिप को मिलेगा नया आयाम

24-Oct-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच माइनिंग पार्टनरशिप को मजबूत करने के उद्देश्य से ऑस्ट्रेलिया इस महीने भारत में अपना पहला नेशंस बिजनेस मिशन लीड करने जा रहा है। इस अवसर पर पार्टनरशिप के मौकों को तलाशने के लिए आठ ऑस्ट्रेलियाई माइनिंग इक्विपमेंट, टेक्नोलॉजी और सर्विसेज कंपनियां (एमईटीएस) 26 अक्टूबर से 3 नवंबर तक मुंबई, नई दिल्ली और कोलकाता का दौरा करेंगी।
डेलिगेशन पहले 26 से 28 अक्टूबर तक मुंबई उसके बाद 28 से 30 अक्टूबर दिल्ली और इसके बाद 30 अक्टूबर से 2 नवंबर तक कोलकाता के दौरे पर रहेगा। इस दौरान भारत के सबसे बड़े माइनिंग कॉन्फ्रेंस इंटरनेशनल माइनिंग, इक्विपमेंट एंड मिनरल्स एग्जीबिशन में अपनी विशेषज्ञता और इनोवेशन का प्रदर्शन करेंगे।
इस दौरे को लेकर ऑस्ट्रेलियाई हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन ने कहा, “दुनिया भर में स्वदेशी अधिकारों को आगे बढ़ाने और फर्स्ट नेशंस ट्रेड और इन्वेस्टमेंट को बढ़ाने में मदद करने की हमारी कोशिशों के तहत, ऑस्ट्रेलिया भारतीय अर्थव्यवस्था से ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने आगे कहा कि भारत ऑस्ट्रेलियाई फर्स्ट नेशंस इंडस्ट्रीज के लिए एक बहुत अवसर पेश करता है। चाहे यह अवसर एग्रीफूड और नेटिव बोटैनिकल,कला, डिजाइन का निर्यात हो या साइबर, क्लीन एनर्जी या माइनिंग सॉल्यूशन डेवलप करना हो। ऑस्ट्रेलियाई सरकार इस ऐतिहासिक बिजनेस मिशन को सपोर्ट करने पर गर्व महसूस करती है।
ऑस्ट्रेलियाई फर्स्ट नेशंस एबोरिजिनल और टोरेस स्ट्रेट आइलैंडर लोग धरती की सबसे पुरानी लगातार चलने वाली सभ्यताओं में से एक हैं, जो 65,000 साल से भी अधिक पुरानी है। इनकी पहचान ऑस्ट्रेलिया के पहले डिप्लोमैट, ट्रेडर, इनोवेटर और ज्ञान रखने वालों के रूप में होती है।
इस डेलिगेशन को पर्थ यूएसएशिया सेंटर और चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया द्वारा ऑस्ट्रेलियाई सरकार की ओर से लीड किया जा रहा है। जो कि डीजल माइनिंग गाड़ियों को इलेक्ट्रिक में बदलने से लेकर फ्यूल एफिशिएंसी को बेहतर बनाने के लिए केमिकल बनाने, सेफ्टी, इंडस्ट्रियल गैस, इंजीनियरिंग और टेक्निकल सर्विसेज जैसे कई सेक्टरों में ऑस्ट्रेलियाई क्षमताओं का बेहतरीन उदाहरण पेश करते हैं।








 

पीएम मोदी ने दी गुजराती नववर्ष की शुभकामनाएं, बोले— नया साल लाए सुख, शांति और समृद्धि

22-Oct-2025
नई दिल्ली ( शोर संदेश ) । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत अन्य नेताओं ने बुधवार को गुजराती नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि ”नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। मेरी हार्दिक कामना है कि आज से शुरू हो रहा नव वर्ष आप सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और उल्लास लेकर आए। गुजरात की इस उपजाऊ धरती के मेहनती लोग और समृद्ध संस्कृति और भी जीवंत हो, यही मेरी हृदय की गहराइयों से प्रार्थना है। नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं।” https://x.com/narendramodi/status/1980817578516967784 वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक्स पोस्ट में लिखा कि ”सभी गुजराती भाइयों और बहनों को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि यह नववर्ष आप सभी के लिए दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और अपार सुख-समृद्धि लेकर आए।” 
केंद्रीय मंत्री धमेंद्र प्रधान ने एक्स पोस्ट में लिखा ”गुजरात के सभी भाइयों और बहनों को नूतन वर्ष की हार्दिक मंगलकामनाएं। गुजरात की कर्मभूमि ने सदैव राष्ट्र को प्रेरणा, परिश्रम और प्रगति का संदेश दिया है – उसी भावना के साथ आइए, इस नववर्ष को नए संकल्प और नवतेज के साथ आरंभ करें। नए वर्ष का यह शुभारंभ सभी के जीवन में नई ऊर्जा, उत्साह और उत्कर्ष की किरणें लेकर आए, ऐसी कामना है। शुभ नूतन वर्ष।”
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पोस्ट में लिखा कि ”आप सभी को गुजराती नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। नए वर्ष का यह शुभ अवसर गुजरात की जीवंत संस्कृति, कर्मनिष्ठा और उद्यमशीलता की प्रेरणा का उत्सव है। आइए, इस नवप्रभात का स्वागत नई ऊर्जा, नव-संकल्प और उत्कर्ष की भावना के साथ करें। यह नववर्ष सभी के जीवन में आरोग्य, आनंद, समृद्धि और अपार सफलता लेकर आए, यही मंगलकामना है।” (इनपुट-एजेंसी) 

पीएम मोदी ने गोवा और करवार में INS विक्रांत पर नौसेना के जवानों के साथ मनाई दीपावली

20-Oct-2025
नई दिल्ली ( शोर संदेश ) । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोमवार को दीपावली का त्योहार भारतीय नौसेना के जवानों के साथ मनाया। इस बार पीएम मोदी गोवा और करवार तट के पास स्थित भारतीय एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत पर पहुंचे। उन्होंने नौसैनिक अधिकारियों और जवानों के साथ बातचीत की और कहा कि उन्हें नौसेना के जवानों के साथ दीपावली मनाने का सौभाग्य मिला। पीएम मोदी ने कहा, “आज एक तरफ मेरे सामने अनंत आकाश और समुद्र हैं, और दूसरी तरफ यह विशाल INS विक्रांत, जो अनंत शक्ति का प्रतीक है। महासागर पर सूर्य की किरणों की चमक उन दीपकों जैसी है, जो बहादुर सैनिकों ने जलाए हैं।”
INS विक्रांत 262 मीटर लंबा और लगभग 45,000 टन का भारी है। यह अपने पूर्ववर्ती जहाज से अधिक बड़ा और उन्नत है। इसे चार गैस टरबाइन से संचालित किया जाता है, जो कुल 88 मेगावाट शक्ति प्रदान करती हैं, और इसकी अधिकतम गति 28 नॉट्स है। इस परियोजना की कुल लागत लगभग 20,000 करोड़ रुपए रही। इसे तीन चरणों -मई 2007, दिसंबर 2014 और अक्टूबर 2019 में विकसित किया गया।
INS विक्रांत में 76 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। यह “आत्मनिर्भर भारत” और ‘मेक इन इंडिया’ पहल का सफल उदाहरण है। इस एयरक्राफ्ट कैरियर में मशीनरी संचालन, नेविगेशन और सुरक्षा के लिए उच्च स्तर का ऑटोमेशन है। इसे 30 विमान संचालित करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिनमें MiG-29K लड़ाकू विमान, Kamov-31 और MH-60R मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर, साथ ही स्वदेशी एडवांस लाइट हेलीकाॅप्टर्स और लाइट काम्बैट एयरक्राफ्ट (नेवी) शामिल हैं। INS विक्रांत की डिलीवरी के साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जो स्वदेशी रूप से एयरक्राफ्ट कैरियर डिजाइन और बना सकते हैं।
पीएम मोदी ने पिछले साल दीपावली कच्छ में भारत-पाक सीमा के पास सशस्त्र बलों के साथ मनाई थी। दीपावली पांच दिन का त्योहार है, जो धनतेरस से शुरू होता है। इसके बाद नरक चतुर्दशी (छोटी दीपावली), मुख्य दीपावली दिवस, गोवर्धन पूजा और भाई दूज आता है। इस दौरान लोग भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं और भाई दूज पर भाई-बहन एक-दूसरे को आशीर्वाद और उपहार देते हैं। इस बार INS विक्रांत पर दीपावली का आयोजन भारत की सुरक्षा, नौसेना की शक्ति और आत्मनिर्भर भारत के महत्व को दर्शाता है।

मुंबई : रियर एडमिरल शांतनु झा, एनएम ने संभाली महाराष्ट्र नौसेना क्षेत्र की कमान

18-Oct-2025
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) भारतीय नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी रियर एडमिरल शांतनु झा, एनएम ने शुक्रवार को महाराष्ट्र नौसेना क्षेत्र (फोमा) की कमान संभाल ली। उन्होंने यह जिम्मेदारी रियर एडमिरल अनिल जग्गी से एक औपचारिक परेड समारोह में ग्रहण की, जो मुंबई स्थित आईएनएस कुंजली में आयोजित किया गया। 
रियर एडमिरल शांतनु झा का नौसेना में शानदार करियर तीन दशकों से अधिक का रहा है। उन्हें 1 जुलाई 1993 को भारतीय नौसेना में कमीशन मिला था। नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) के स्नातक शांतनु झा नौवहन और दिशा निर्देशन के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान नौसेना की छह प्रमुख फ्रिगेट्स और डेस्ट्रॉयर्स, साथ ही विमानवाहक पोत आईएनएस विराट को भी नेविगेट किया है।
उन्होंने प्रतिष्ठित आईएनएस विक्रमादित्य पर बतौर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर भी सेवा दी है। समुद्र में उनके कमांड अनुभव में आईएनएस निशांक, आईएनएस कोरा और आईएनएस सह्याद्री जैसे जहाजों की कमान शामिल है। स्टाफ असाइनमेंट्स के दौरान उन्होंने नई दिल्ली में नौसेना मुख्यालय में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। इनमें ज्वाइंट डायरेक्टर (पर्सनल), नेवल असिस्टेंट टू वाइस चीफ ऑफ नेवल स्टाफ, कमोडोर (फॉरेन कोऑपरेशन) तथा कमोडोर (स्ट्रैटेजी, कॉन्सेप्ट्स एंड ट्रांसफॉर्मेशन) जैसे पद शामिल हैं। इसके अलावा, उन्होंने तेहरान (ईरान) स्थित भारतीय दूतावास में भारत के नौसेना अताशे के रूप में भी सेवाएं दीं।
रियर एडमिरल झा डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन और रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज, लंदन के स्नातक हैं। उन्होंने मद्रास विश्वविद्यालय से रक्षा अध्ययन में और किंग्स कॉलेज, लंदन से अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीति में मास्टर डिग्री हासिल की है। अपने शानदार करियर के दौरान उन्हें कई सम्मान प्राप्त हुए हैं। वे प्रतिष्ठित ‘नौसेना पदक’ से सम्मानित हैं और उन्हें नौसेना प्रमुख तथा कमांडर-इन-चीफ द्वारा चार बार प्रशस्ति पत्र भी मिल चुका है।
15 जनवरी 2024 को फ्लैग रैंक पर पदोन्नत होने के बाद रियर एडमिरल झा को पूर्वी नौसैनिक कमान में चीफ स्टाफ ऑफिसर (ऑपरेशंस) के रूप में नियुक्त किया गया था। वहां अपनी जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाने के बाद अब उन्होंने महाराष्ट्र नौसेना क्षेत्र की कमान संभाली है।
 

2014 से पहले ‘नाजुक पांच’ में था भारत, अब दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में : पीएम मोदी

18-Oct-2025
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में ‘एनडीटीवी वर्ल्ड समिट 2025’ में मुख्य भाषण दिया। अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की अटूट गति और तेजी से विकसित हो रहे विश्व में आशा की किरण के रूप में उसकी भूमिका पर जोर दिया।
उन्होंने देशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एनडीटीवी वर्ल्ड समिट उत्सव के माहौल में आयोजित हो रहा है। उन्होंने सत्र के विषय “अजेय भारत” की सराहना की और कहा कि यह बिल्कुल उपयुक्त है, क्योंकि आज भारत रुकने के मूड में नहीं है। भारत न रुकेगा, न थमेगा, 140 करोड़ भारतीय एक साथ मिलकर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विविध बाधाओं और गतिरोधकों का सामना कर रहे विश्व में अजेय भारत पर चर्चा स्वाभाविक और सामयिक दोनों है। उन्होंने इस विषय को ग्यारह वर्ष पूर्व और वर्तमान की स्थिति के संदर्भ में रखने का प्रयास किया। 2014 से पहले के दौर को याद करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने उस समय ऐसे शिखर सम्मेलनों में होने वाली चर्चाओं की प्रकृति पर प्रकाश डाला। जैसे भारत वैश्विक चुनौतियों का सामना कैसे करेगा, वह नाजुक पांच समूह से कैसे बाहर निकलेगा, देश कब तक नीतिगत निष्क्रियता में फंसा रहेगा और बड़े पैमाने पर घोटालों का दौर कब समाप्त होगा।
उन्होंने कहा कि 2014 से पहले महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएं व्यापक थीं और आतंकवादी स्लीपर सेल के अनियंत्रित प्रसार के बारे में खुलासे चर्चा में छाए रहते थे। महंगाई पर विलाप करने वाले गीत, जैसे कि ‘महंगाई डायन खाए जा रही है’ आम तौर पर सुने जाते थे।प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 11 सालों में भारत ने हर शक को तोड़ा और हर चुनौती पर जीत हासिल की। भारत ‘कमजोर पांच देशों’ से निकलकर दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया। महंगाई 2 फीसदी से कम है, और विकास दर 7 फीसदी से ज्यादा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि चिप्स से लेकर जहाज तक ‘आत्मनिर्भर भारत’ का आत्मविश्वास हर क्षेत्र में दिखता है। अब भारत आतंकी हमलों पर चुप नहीं रहता, बल्कि सर्जिकल स्ट्राइक, हवाई हमले और ‘सिंदूर’ जैसे ऑपरेशनों के जरिए जवाब देता है।
प्रधानमंत्री ने कोविड-19 के समय को याद करने को कहा, जब दुनिया जीवन-मृत्यु के संकट में थी। लोग सोच रहे थे कि इतनी बड़ी आबादी वाला भारत इस संकट से कैसे बचेगा। भारत ने सभी आशंकाओं को गलत साबित किया। भारत ने तेजी से अपनी वैक्सीन बनाई, रिकॉर्ड समय में टीकाकरण किया और सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बनकर उभरा।
उन्होंने कहा कि कोविड का असर खत्म होने से पहले ही दुनिया में कई जगह युद्ध की खबरें आने लगीं। फिर से भारत की प्रगति पर सवाल उठे। भारत ने एक बार फिर सभी आशंकाओं को गलत साबित किया और 7.8 फीसदी की औसत विकास दर के साथ सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहा। दो दिन पहले जारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत के माल निर्यात में पिछले साल की तुलना में करीब 7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि हाल ही में गूगल ने भारत के एआई सेक्टर में 15 अरब डॉलर के बड़े निवेश की घोषणा की। इसके अलावा, हरित ऊर्जा और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में भी बड़े निवेश हो रहे हैं। भारत की आज की प्रगति दुनिया के लिए नए अवसर बना रही है। उन्होंने हाल ही में हुए ईएफटीए व्यापार समझौते का उदाहरण दिया, जिसमें यूरोपीय देशों ने भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश का वादा किया है। इससे बड़े पैमाने पर नौकरियां पैदा होंगी।
पीएम मोदी ने अपने करीबी दोस्त, यूके के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के हाल के दौरे का जिक्र किया, जो अब तक की सबसे बड़ी व्यापारिक डेलीगेशन के साथ आए थे। यह दिखाता है कि दुनिया भारत में कितने बड़े अवसर देख रही है। उन्होंने बताया कि भारत का जी-7 देशों के साथ व्यापार 60 फीसदी से ज्यादा बढ़ा है। पीएम मोदी ने संबोधन में कहा, “दुनिया अब भारत को भरोसेमंद, जिम्मेदार और मजबूत साझेदार मानती है। इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयों, ऑटोमोबाइल और मोबाइल निर्माण जैसे क्षेत्रों में निवेश की बाढ़ आ रही है, जिससे भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का केंद्र बन रहा है।”
उन्होंने कहा कि समिट का विषय ‘एज ऑफ द अननोन’ दुनिया के लिए अनिश्चितता हो सकता है, लेकिन भारत के लिए यह अवसरों का द्वार है। सदियों से भारत ने अनजान रास्तों पर चलने का साहस दिखाया है। चाहे तकनीक, महामारी के दौरान वैक्सीन विकास, कुशल जनशक्ति, फिनटेक या हरित ऊर्जा हो, भारत ने हर जोखिम को सुधार में, सुधार को मजबूती में और मजबूती को क्रांति में बदला है।
पीएम ने हाल ही में आईएमएफ प्रमुख की टिप्पणी का जिक्र किया, जिन्होंने भारत के सुधारों की हिम्मत की तारीफ की।प्रधानमंत्री ने 60 वर्षों तक शासन करने वाली विपक्षी पार्टी की आलोचना की और कहा कि वह लगातार नीतियों और प्रक्रियाओं के नौकरशाहीकरण को बढ़ावा दे रही है। इसके विपरीत, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पिछले ग्यारह वर्षों में उनकी सरकार ने नीतियों और प्रक्रियाओं, दोनों के लोकतंत्रीकरण पर ध्यान केंद्रित किया है, जो एक अजेय भारत के उदय का एक महत्वपूर्ण कारक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत में अब एक ऐसी सरकार है, जो गरीबों और वंचितों की सेवा के लिए समर्पित है, पिछड़े समुदायों को प्राथमिकता दे रही है और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रमुख चर्चाओं में अक्सर ऐसे प्रयासों पर ध्यान नहीं दिया जाता।
उदाहरण के तौर पर, उन्होंने बीएसएनएल के हाल ही में लॉन्च किए गए मेड-इन-इंडिया 4जी स्टैक का हवाला दिया और इसे एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उपलब्धि बताया। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि भारत अब स्वदेशी रूप से विकसित 4जी स्टैक वाले दुनिया के शीर्ष पांच देशों में शामिल है। बीएसएनएल, जो कभी विपक्ष द्वारा उपेक्षित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी थी, अब नए मुकाम हासिल कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि 4जी स्टैक के लॉन्च के साथ ही बीएसएनएल ने उसी दिन लगभग एक लाख 4जी मोबाइल टावरों को सक्रिय किया। परिणामस्वरूप, दूरदराज के जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लाखों लोग, जो पहले हाईस्पीड इंटरनेट से अछूते थे, अब तीव्र इंटरनेट सेवाएं प्राप्त कर रहे हैं।
उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि 2014 से पहले, 1 जीबी डेटा की कीमत 300 रुपए थी, जबकि अब इसकी कीमत केवल 10 रुपए है, जिससे प्रत्येक भारतीय को सालाना हजारों रुपए की बचत हो रही है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से, प्रधानमंत्री ने बताया कि गरीब मरीजों ने 1.25 लाख करोड़ रुपए की बचत की है। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों पर दवाइयां 80 प्रतिशत छूट पर उपलब्ध हैं, जिससे लगभग 40,000 करोड़ रुपए की बचत हुई है। इसके अतिरिक्त, स्टेंट की कम कीमतों से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को सालाना 12,000 करोड़ रुपए की बचत हुई है।प्रधानमंत्री ने आयकर और जीएसटी दोनों में महत्वपूर्ण कटौती पर प्रकाश डाला और कहा कि इस वर्ष 12 लाख रुपए तक की आय को कर-मुक्त कर दिया गया है।
 

 


दलहन आत्मनिर्भरता मिशन और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का क्रियान्वयन जल्द शुरू होने से किसानों को होगा फायदा : शिवराज सिंह चौहान

17-Oct-2025
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज शुक्रवार को कहा कि दलहन आत्मनिर्भरता मिशन और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन जल्द शुरू होने से किसानों को फायदा होगा। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ और ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ से जुड़ी एक उच्चस्तरीय बैठक की। केंद्रीय मंत्री चौहान ने बैठक में इन योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए निर्देश जारी किए।
कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय के अनुसार, बैठक में बताया गया कि दलहन आत्मनिर्भरता मिशन पर जिलेवार क्लस्टर बनाकर काम किया जाएगा, जिसे लेकर राज्यों से क्लस्टर निर्माण के लिए सहयोग लिया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री चौहान ने ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए इस मिशन से जुड़े राज्यों से जुड़े नोडल अधिकारियों के साथ भी एक बैठक आयोजित करने का अधिकारियों को निर्देश दिया, जिससे कि मिशन को सफलतापूर्वक लागू किया जा सके।
ज्ञात हो, बीते 11 अक्टूबर को दिल्ली में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का शुभारंभ किया था। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को देश के 100 आकांक्षी जिलों में कृषि उत्थान के लिए 11 मंत्रालयों की 36 उप-योजनाओं को कॉर्डिनेट करते लॉन्च किया गया है।
इससे पहले 16 जुलाई 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को मंजूरी दी थी। वित्त वर्ष 2025-26 से ये योजनाएं छह वर्ष की अवधि के लिए चलाई जाएगी। इसका वार्षिक परिव्यय 24,000 करोड़ रुपए है। वहीं, ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ छह वर्षों की अवधि में 11,440 करोड़ रुपए के वित्तीय परिव्यय के साथ क्रियान्वित किया जाएगा।
इस मिशन से 2030-31 तक दलहन क्षेत्रफल को 275 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 310 लाख हेक्टेयर तक विस्तृत करने, उत्पादन को 242 लाख टन से बढ़ाकर 350 लाख टन तक बढ़ाने और उत्पादकता को 1130 किलोग्राम/हेक्टेयर तक बढ़ाने की उम्मीद है। उत्पादकता में वृद्धि के साथ-साथ यह मिशन बड़ी संख्या में रोजगार सृजन भी करेगा।




 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ग्रामीण बैंकों से कृषि ऋण वितरण बढ़ाने का आग्रह किया

17-Oct-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ग्रामीण बैंकों को कृषि और उससे जुड़े क्षेत्र में बढ़ती क्रेडिट की मांग को पूरे करने के लिए अधिक लोन देने को कहा है। गुरुवार को बेल्लारी में कर्नाटक ग्रामीण बैंक (केएजीबी) के व्यावसायिक प्रदर्शन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए वित्त मंत्री ने लोन वृद्धि, एनपीए, वित्तीय समावेशन के तहत प्रदर्शन और सरकार प्रायोजित योजनाओं के कार्यान्वयन सहित प्रमुख संकेतकों का मूल्यांकन किया।
वित्त मंत्री सीतारमण ने सभी पक्षकारों को क्षेत्र में कृषि गतिविधियों की क्षमता का दोहन करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का भी निर्देश दिया। केएजीबी और केनरा बैंक को विशेष रूप से एमएसएमई और उससे जुड़े क्षेत्रों को लोन वितरण बढ़ाने के लिए राज्य सरकार के विभागों के साथ मिलकर काम करने का निर्देश दिया गया।
वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी दरों को कम करने से खपत में वृद्धि के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में नए अवसर खुले हैं। उन्होंने ग्रामीण बैंकों से आग्रह किया कि वे अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लोन की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इस अवसर का लाभ उठाएं। केंद्रीय मंत्री ने केएजीबी और प्रायोजक बैंक को पंचायत स्तर पर संबंधित समितियों के साथ मिलकर पीएम-विश्वकर्मा और पीएमएफएमई जैसी सरकारी प्रायोजित योजनाओं के तहत प्राप्त आवेदनों की जांच प्रक्रिया में सुधार करने की सलाह दी।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने केएजीबी से आग्रह किया कि वह कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बढ़ाए और जहां भी बैंकिंग आउटलेट्स की उपलब्धता अपर्याप्त है, वहां नई शाखाएं खोलकर अपनी उपस्थिति को बढ़ाए। केएजीबी को परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार, नई तकनीक अपनाने और ग्राहक सेवा वितरण को मजबूत करके परिचालन दक्षता बढ़ाने की भी सलाह दी गई।
वित्त मंत्रालय के सचिव, एम. नागराजू ने कहा कि विलय के बाद प्रणालियों और प्रक्रियाओं का एकीकरण पूरा हो गया है और ग्रामीण बैंक की दीर्घकालिक स्थिरता और व्यवहार्यता के लिए केएजीबी की मध्यम अवधि की व्यावसायिक योजना और प्रायोजक बैंक द्वारा उसकी समीक्षा पर जोर दिया।नागराजू ने क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण और एमएसएमई की संभावनाओं का जिक्र किया और केएजीबी से कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में किसानों द्वारा मूल्य सृजन के लिए नाबार्ड के साथ साझेदारी करने का आग्रह किया।









 

छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर नक्सलमुक्त, अमित शाह बोले- 2026 तक पूरे देश से खत्म होगा नक्सलवाद

16-Oct-2025
नई दिल्ली।( शोर संदेश )  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज गुरुवार को ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर, जो कभी नक्सलवाद के सबसे बड़े गढ़ माने जाते थे, अब पूरी तरह नक्सलमुक्त हो चुके हैं। शाह ने यह भी विश्वास जताया कि वर्ष 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का सफाया कर दिया जाएगा। अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर खुशी जताते हुए लिखा, “यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है कि छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और उत्तरी बस्तर, जो कभी आतंकवादियों के गढ़ थे, आज नक्सली आतंक से मुक्त घोषित किए गए हैं। अब दक्षिणी बस्तर में नक्सलवाद का नामोनिशान बचा है, जिसे हमारे सुरक्षा बल जल्द ही मिटा देंगे।”
शाह ने बताया कि जनवरी 2024 में छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद से अब तक 2100 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, 1785 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है और 477 नक्सली मारे गए हैं। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने नक्सलवाद से निपटने के लिए तीन प्रमुख रणनीतियों-संवाद, सुरक्षा और समन्वय पर एक साथ काम किया है। शाह ने कहा, “आज हम इस नीति के परिणाम देख रहे हैं। पहले जो इलाके नक्सल हिंसा के प्रतीक थे, वे अब विकास और शांति की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।” इससे पहले 28 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित ‘नक्सल मुक्त भारत’ सम्मेलन में भी अमित शाह ने कहा था, “मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि 31 मार्च 2026 तक इस देश से हथियारी नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा।” उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की दृढ़ नीतियों, सुरक्षा बलों की कार्रवाई और स्थानीय जनता के सहयोग से नक्सलवाद का आधार धीरे-धीरे खत्म हो गया है।
शाह ने यह भी कहा कि अब ध्यान दक्षिण बस्तर जैसे बचे हुए इलाकों पर केंद्रित किया जा रहा है, जहां अंतिम चरण में नक्सलवाद को जड़ से मिटाने के प्रयास चल रहे हैं।











 

पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश के कुरनूल में 13,430 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया

16-Oct-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  पीएम मोदी ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश के कुरनूल में लगभग ₹13,430 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। ये पहल बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, रक्षा निर्माण, रेलवे और उद्योग सहित प्रमुख क्षेत्रों में फैली हुई हैं, जो राज्य के आर्थिक विकास और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने में एक बड़ी भूमिका निभाएंगी।
एक विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने अहोबिलम के भगवान नरसिंह स्वामी और महानंदी के महानंदीश्वर स्वामी के साथ-साथ क्षेत्र के पूज्य संतों और स्वतंत्रता सेनानियों का आशीर्वाद लिया। उन्होंने राज्य की असीम क्षमता और इसके युवाओं की क्षमताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा, “आंध्र प्रदेश गौरव और समृद्ध संस्कृति की भूमि होने के साथ-साथ विज्ञान और नवाचार का केंद्र भी है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि आंध्र प्रदेश के पास अब मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और पवन कल्याण के नेतृत्व में एक दूरदर्शी नेतृत्व और विकास को गति देने के लिए केंद्र का मजबूत समर्थन है। उन्होंने पिछले 16 महीनों में हुए तेज़ विकास को दिल्ली और अमरावती के बीच बढ़ते तालमेल का संकेत बताया।
पीएम ने कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के शुभारंभ और शिलान्यास की घोषणा की, जो राज्य की कनेक्टिविटी को मज़बूत करेंगी। इसमें सब्बावरम और शीलानगर के बीच ₹960 करोड़ की लागत से बनने वाला छह लेन का ग्रीनफील्ड राजमार्ग शामिल है, जिसका उद्देश्य विशाखापत्तनम में भीड़भाड़ को कम करना है। ₹1,140 करोड़ से अधिक की छह अतिरिक्त सड़क परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया गया।
रेलवे क्षेत्र में, ₹1,200 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का अनावरण किया गया, जिनमें कोट्टावलसा-विजयनगरम चौथी रेलवे लाइन और पेंडुर्ती और सिम्हाचलम उत्तर के बीच रेल फ्लाईओवर शामिल हैं। इन पहलों से यात्रियों की आवाजाही आसान होने, माल परिवहन में वृद्धि होने और क्षेत्र में उद्योगों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
ऊर्जा सुरक्षा के महत्व पर ज़ोर देते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कुरनूल-III पूलिंग स्टेशन पर ₹3,000 करोड़ की एक ट्रांसमिशन परियोजना का शुभारंभ किया, जो नवीकरणीय ऊर्जा ट्रांसमिशन क्षमता को बढ़ाएगी। उन्होंने गेल (इंडिया) लिमिटेड की श्रीकाकुलम-अंगुल प्राकृतिक गैस पाइपलाइन का भी लोकार्पण किया और चित्तूर में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के एलपीजी बॉटलिंग प्लांट का उद्घाटन किया, जिससे 7.2 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को सेवा मिलने की उम्मीद है।
विनिर्माण और रोज़गार को बढ़ावा देने के लिए, राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट और आंध्र प्रदेश औद्योगिक अवसंरचना निगम लिमिटेड द्वारा संयुक्त रूप से ₹4,920 करोड़ से अधिक के निवेश से विकसित ओर्वाकल और कोप्पर्थी औद्योगिक क्षेत्रों की आधारशिला रखी गई। इन केंद्रों से ₹21,000 करोड़ के निवेश आकर्षित होने और लगभग एक लाख रोज़गार सृजित होने की उम्मीद है।
भारत के रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करते हुए, पीएम मोदी ने कृष्णा जिले के निम्मलुरु में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा ₹360 करोड़ की लागत से स्थापित एडवांस्ड नाइट विज़न प्रोडक्ट्स फैक्ट्री का उद्घाटन किया। यह सुविधा सशस्त्र बलों के लिए उन्नत इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम का उत्पादन करेगी, आत्मनिर्भरता बढ़ाएगी और कुशल रोजगार के अवसर पैदा करेगी।
पीएम ने गूगल द्वारा किए गए एक बड़े निवेश पर प्रकाश डाला, जो आंध्र प्रदेश में भारत का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हब स्थापित करने के लिए तैयार है। इस परियोजना में विशाखापट्टनम में एक नए अंतर्राष्ट्रीय सबसी गेटवे का निर्माण शामिल है, जिसमें कई सबसी केबल शामिल होंगे जो भारत के पूर्वी तट को दुनिया से जोड़ेंगे। उन्होंने राज्य के लोगों को बधाई देते हुए कहा, “यह विशाखापत्तनम को एआई और वैश्विक कनेक्टिविटी के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।”
आंध्र प्रदेश द्वारा कुरनूल को भारत के ड्रोन हब के रूप में विकसित करने के संकल्प पर संतोष व्यक्त करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र भविष्य की तकनीकों को बढ़ावा देगा और नए रोजगार के अवसर पैदा करेगा। उन्होंने इस दृष्टिकोण को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान स्वदेशी तकनीकों की सफलता से जोड़ा।
पीएम मोदी ने कर राहत और नागरिक-केंद्रित सुधारों पर भी प्रकाश डाला, और कहा कि ₹12 लाख तक की आय अब कर-मुक्त है, और नई जीएसटी कटौती से आंध्र प्रदेश के लोगों के लिए ₹8,000 करोड़ से अधिक की बचत होने की उम्मीद है।
2047 के लिए अपने दृष्टिकोण को दोहराते हुए, पीएम ने कहा, “एक विकसित भारत का सपना एक विकसित आंध्र प्रदेश के माध्यम से साकार होगा।” उन्होंने राज्य के विकास में रायलसीमा के योगदान की सराहना की और कहा कि कुरनूल में शुरू की गई परियोजनाएँ पूरे क्षेत्र में रोजगार और समृद्धि के नए अवसर पैदा करेंगी।

आंध्र प्रदेश के कुरनूल में पीएम मोदी बोले- 21वीं सदी हिंदुस्तान की

16-Oct-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  पीएम मोदी ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश के कुरनूल में विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मेरा जन्म दादा सोमनाथ की धरती गुजरात में हुआ। मुझे बाबा विश्वनाथ की धरती काशी में सेवा करने का अवसर मिला और आज श्री शैलम का आशीर्वाद मिल रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि आंध्र प्रदेश गौरव और समृद्ध संस्कृति की भूमि है। यह विज्ञान और नवाचार का केंद्र भी है। इस राज्य में असीम संभावनाएं और अपार क्षमताएं हैं। आंध्र को सही दृष्टिकोण की आवश्यकता थी। चंद्रबाबू नायडू और पवन कल्याण के नेतृत्व में राज्य को अब वह दृष्टिकोण और केंद्र सरकार का समर्थन दोनों प्राप्त हैं।
उन्होंने आगे कहा कि 2047 में आजादी के जब 100 साल होंगे, तब ‘विकसित भारत’ होकर रहेगा। मैं विश्वास से कहता हूं कि 21वीं सदी हिंदुस्तान की होने वाली है। 21वीं सदी 140 करोड़ हिंदुस्तानियों की सदी होने वाली है। पीएम ने आगे कहा कि आंध्र प्रदेश विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। डबल इंजन वाली सरकार की ताकत से राज्य अभूतपूर्व विकास का गवाह बन रहा है।
पीएम ने आगे कहा कि आज सड़क, बिजली, रेलवे, राजमार्ग और व्यापार से जुड़ी कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया है। इन पहलों से उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और लोगों का जीवन आसान होगा। इन परियोजनाओं से कुरनूल और आसपास के क्षेत्रों को बहुत लाभ होगा। मैं इन विकासों के लिए कुरनूल और पूरे राज्य के लोगों को बधाई देता हूं।
उन्होंने कहा कि तेज विकास के बीच हमें अतीत की स्थिति को नहीं भूलना चाहिए। लगभग 11 साल पहले, जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब प्रति व्यक्ति बिजली की खपत औसतन 1000 यूनिट से भी कम थी। देश को अक्सर ब्लैकआउट जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता था, और हमारे कई गांवों में बिजली के खंभे तक नहीं थे। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया आज भारत को 21वीं सदी के नए मैन्युफैक्चरिंग सेंटर के रूप में देख रही है। इस सफलता का सबसे बड़ा आधार है आत्मनिर्भर भारत का विजन। हमारा आंध्र प्रदेश आत्मनिर्भर भारत का प्रमुख केंद्र बन रहा है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को तेजी से प्राप्त करने के लिए देश भर में मल्टीमॉडल बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है। हमारा ध्यान गांवों से शहरों और शहरों से बंदरगाहों तक कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर है। पीएम मोदी ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि तकनीक के मामले में हमारा आंध्र प्रदेश और उसके युवा हमेशा आगे रहते हैं। डबल इंजन वाली सरकार के तहत हम इस क्षमता को और मजबूत कर रहे हैं। आज पूरी दुनिया भारत और आंध्र प्रदेश, दोनों की गति देख रही है। गूगल भारत का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हब यहीं हमारे आंध्र प्रदेश में स्थापित कर रहा है।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमारी सरकार का विजन है, नागरिक-केंद्रित विकास। हम लगातार नए रिफॉर्म के जरिए नागरिकों के जीवन को आसान बना रहे हैं। देश में 12 लाख रुपए तक की आय पूरी तरह टैक्स फ्री हो चुकी हैं। सस्ती दवाइयां, सस्ता इलाज, बुजुर्गों के लिए आयुष्मान जैसी अनगिनत सुविधाओं से इजी ऑफ लिविंग का नया अध्याय शुरू हुआ है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आंध्र प्रदेश की क्षमता को नजरअंदाज किया, जिससे न केवल राज्य को, बल्कि पूरे देश को नुकसान हुआ। वह राज्य जो भारत के विकास को गति दे सकता था, उसे अपने विकास के लिए संघर्ष करना पड़ा। अब, एनडीए सरकार के तहत, आंध्र प्रदेश की स्थिति बेहतर हो रही है।
पीएम ने कहा कि निम्मलुरु में उन्नत नाइट विजन उत्पादों का कारखाना रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के दृष्टिकोण को और मजबूत करेगा। इससे नाइट विजन उपकरणों में भारत की क्षमता बढ़ेगी और यहां निर्मित उत्पाद भारत के रक्षा निर्यात को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हम भारत में निर्मित उपकरणों की ताकत देख चुके हैं।
 

 



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