ब्रेकिंग न्यूज

देश-विदेश

राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के लिए पीएम मोदी आज गुजरात दौरे पर

30-Oct-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के ‘लौह पुरुष’ सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में हिस्सा लेने के लिए आज गुरुवार को गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। यहां वह कई परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और केवड़िया के एकता नगर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में एकता समारोह का नेतृत्व करेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा के पहले चरण के लिए गुरुवार को एकता नगर पहुंचेंगे। वह इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाएंगे और लगभग 1,140 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। ये परियोजनाएं पर्यटन को बढ़ावा देने, टिकाऊ बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने और दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) के आसपास पर्यावरण के अनुकूल गतिशीलता को बढ़ाने के लिए डिजाइन की गई हैं।
प्रधानमंत्री कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे, जैसे भारत के शाही राज्यों का संग्रहालय, वीर बालक उद्यान, एक खेल परिसर, एक वर्षावन परियोजना, शूलपनेश्वर घाट के पास जेटी विकास और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में ट्रैवलेटर्स। इन सभी का उद्देश्य आगंतुकों के अनुभव को समृद्ध बनाना और क्षेत्र में समग्र विकास को बढ़ावा देना है।
इस कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी सरदार पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में 150 रुपए का एक विशेष स्मारक सिक्का और एक डाक टिकट जारी करेंगे। यह 560 से ज्यादा रियासतों को एकजुट करने और आधुनिक भारत की नींव रखने में पटेल के अद्वितीय योगदान के प्रति एक प्रतीकात्मक श्रद्धांजलि होगी।
गुरुवार को, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह का नेतृत्व करेंगे। वह दिन की शुरुआत स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर सरदार वल्लभभाई पटेल को पुष्पांजलि अर्पित करके और एकता दिवस की शपथ दिलाकर करेंगे, जिससे राष्ट्रीय एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा के प्रति भारत की सामूहिक प्रतिबद्धता की पुष्टि होगी।
इस दिन का मुख्य आकर्षण एकता दिवस परेड होगी, जिसमें बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी के साथ-साथ विभिन्न राज्य पुलिस बलों की टुकड़ियां शामिल होंगी।
इस वर्ष की परेड में कई अनूठी प्रस्तुतियां होंगी, जिनमें रामपुर हाउंड्स और मुधोल हाउंड्स जैसी देशी भारतीय नस्लों के कुत्तों की बीएसएफ टुकड़ी, गुजरात पुलिस का घुड़सवार दस्ता, असम पुलिस मोटरसाइकिल डेयरडेविल शो और अपने प्रसिद्ध ऊंट सवार बैंड के साथ बीएसएफ ऊंट दस्ता शामिल हैं।
वीरता और बलिदान के सम्मान में, इस कार्यक्रम में सीआरपीएफ के पांच शौर्य चक्र विजेताओं और बीएसएफ के 16 वीरता पदक विजेताओं को झारखंड में नक्सल विरोधी अभियानों और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान उनके साहसिक कार्यों के लिए सम्मानित किया जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अनुकरणीय वीरता का प्रदर्शन करने वाले बीएसएफ कर्मियों को भी सम्मानित किया जाएगा। 
 

मुंबई समेत दस जिलों में येलो अलर्ट, तीन घंटे तक हल्की-मध्यम बारिश के आसार

30-Oct-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) भारतीय मौसम विभाग ने आज गुरुवार को महाराष्ट्र के दस जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट अगले तीन घंटे यानी सुबह दस बजकर बीस मिनट तक लागू रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, रायगढ़, रत्नागिरी, मुंबई शहर, मुंबई उपनगर, ठाणे, पालघर, पुणे, नासिक, सतारा और नांदेड़ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाएं और स्थानीय प्रणाली के कारण बादल छा गए हैं। सुबह से ही मुंबई, ठाणे और पालघर में आसमान पर घने बादल मंडरा रहे हैं और कई जगह हल्की बूंदाबांदी शुरू हो चुकी है। पुणे और नासिक में भी मौसम बदला हुआ नजर आ रहा है। रायगढ़ तथा रत्नागिरी के तटीय इलाकों में समुद्री लहरें ऊंची हो सकती हैं, इसलिए मछुआरों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पुलिस और नगर निगम की टीमें सतर्क हैं। मुंबई महानगर पालिका ने जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि निचले इलाकों में पानी न भरे। लोकल ट्रेन अभी सामान्य गति से चल रही हैं, लेकिन बारिश तेज हुई तो देरी संभव है। सड़क यातायात में फिसलन की आशंका को देखते हुए वाहन चालकों से धीरे चलने को कहा गया है।
स्कूल जाने वाले बच्चों के अभिभावक सुबह 10:30 तक मौसम का जायजा लेकर ही बच्चों को बाहर निकालें। दफ्तर जाने वाले लोग थोड़ा जल्दी घर से निकलें, ताकि बारिश की वजह से देर न हो। किसानों से अपील की गई है कि अगर खेत में फसल कटाई का काम चल रहा है, तो उसे कुछ घंटे टाल दें।
मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक, यह बारिश का दौर अस्थायी है और दोपहर बाद मौसम साफ होने की उम्मीद है। फिर भी येलो अलर्ट के समय सतर्क रहना जरूरी है। विभाग दोपहर एक बजे अगले चौबीस घंटे का पूरा पूर्वानुमान जारी करेगा। बारिश से तापमान में गिरावट आएगी और उमस कम होगी, जो लोगों के लिए राहत की बात है। 

मुजफ्फरपुर की लीची जितनी मीठी, उतनी ही मीठी यहां की जनता की बोली: पीएम मोदी

30-Oct-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आज गुरुवार को मुजफ्फरपुर रैली में जबरदस्त हुजूम उमड़ा है। इसे देखकर प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि बारिश के बावजूद हुजूम लगातार आ रहा है। छठ महापर्व के बाद बिहार में अपनी पहली रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जब मैं मुजफ्फरपुर आता हूं तो सबसे पहले यहां की मिठास ध्यान खींच लेती है। यहां की लीची जितनी मीठी होती है, उतनी ही यहां की जनता की बोली मीठी है। उन्होंने कहा, “आपका यह प्यार मैं देख रहा हूं। लगातार रैली में हुजूम आ रहा है।”
उन्होंने कहा, “मैं बिहार की जनता का कर्जदार हूं। रैली में बड़ी संख्या में युवा आए हैं। माता-बहनों का भी दर्शन कर रहा हूं। यह विशाल जन-सागर बता रहा है कि ‘फिर एक बार, एनडीए सरकार’।”
आपको बता दें, प्रधानमंत्री मोदी की रैली को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। उनकी नजदीक से झलक पाने के लिए सुबह से ही कार्यक्रम स्थल पर हुजूम उमड़ने लगा। मुजफ्फरपुर की महिलाएं भी प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचीं।
एक महिला कार्यकर्ताओं ने न्यूज़ एजेंसी से बातचीत में कहा, “प्रधानमंत्री हमारे मुजफ्फरपुर की धरती पर कदम रखने आ रहे हैं। हम सभी बहनें और कार्यकर्ता बहुत खुश और उत्साहित हैं। प्रधानमंत्री जहां भी जाते हैं, वह धरती धन्य हो जाती है।” उन्होंने बिहार में सरकार की तरफ से किए गए कामों की प्रशंसा की। एक महिला कार्यकर्ता ने कहा, “बिहार में बहुत विकास हुआ है। राज्य विकास की रफ्तार पकड़ चुका है। आज सड़कों और हाईवे पर गाड़ियां फर्राटे भरती हैं। राज्य में हर तरह विकास ही विकास दिख रहा है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देन है।”
एक युवक ने कहा, “बिहार बहुत तेजी से विकास कर रहा है। इसने जबरदस्त गति पकड़ी है। एक बार फिर, एनडीए सरकार के साथ, हम एक विकसित भारत और एक विकसित बिहार देखेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है, और हम सभी इस सपने को पूरा करने के लिए बहुत उत्साहित हैं।”
 



 

भारत के निर्यात को बेहतर बनाने के लिए हम सस्टेनेबल ग्रोथ के नए रास्ते खोलने के लिए प्रतिबद्ध : पीयूष गोयल

30-Oct-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अलग-अलग सेक्टर्स के एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल और इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक में भारत की निर्यात को बढ़ाने से जुड़ी रणनीतियों पर चर्चा की गई।
इसकी जानकारी देते हुए बुधवार को पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मैंने अलग-अलग सेक्टर के एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (ईपीसी) और इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ एक मीटिंग की अध्यक्षता की, जिसका फोकस भारत के एक्सपोर्ट ग्रोथ को बढ़ाने की रणनीतियों पर था।”
केंद्रीय मंत्री गोयल ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि चर्चा के मुख्य बिंदुओं में अधिक मार्केट एक्सेस के लिए एफटीए का इस्तेमाल करना, वैल्यू एडिशन बढ़ाना, मार्केट डाइवर्सिफिकेशन का विस्तार करना और सेक्टोरल तालमेल को मजबूत करना शामिल था। उन्होंने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा, “हम भारत के निर्यात को बेहतर बनाने के लिए क्वालिटी-ड्रिवन और सस्टेनेबल ग्रोथ के नए रास्ते खोलने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
इसी कड़ी में, वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच इस वर्ष अप्रैल-सितंबर के दौरान कुल निर्यात (मर्चेंडाइस और सर्विस) 413.30 बिलियन डॉलर होने का अनुमान है, जबकि बीते वर्ष 2024 की अप्रैल-सितंबर अवधि में यह 395.71 बिलियन डॉलर था। वहीं, सितंबर में भारत का कुल निर्यात (मर्चेंडाइस और सर्विस) 67.20 बिलियन डॉलर होने का अनुमान है, जो सितंबर 2024 की तुलना में 0.78 प्रतिशत की सकारात्मक बढ़त को दिखाता है।
इससे पहले केंद्रीय मंत्री गोयल ने न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले के साथ एक प्रोडक्टिव वर्चुअल मीटिंग की। उन्होंने मैक्ले के साथ हुई इस मीटिंग को लेकर जानकारी साझा की। उन्होंने एक दूसरे पोस्ट में लिखा, “हमने अपने व्यापार संबंधों को मजबूत करने और एफटीए पर बातचीत को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।”
केंद्रीय मंत्री गोयल ने बताया कि इस मीटिंग में दोनों देशों के लिए लाभदायक और दूरदर्शी फ्रेमवर्क बनाने पर फोकस किया गया। उन्होंने कहा, “मैं हमारी पार्टनरशिप को मजबूत करने और अहम सेक्टरों में आपसी ग्रोथ के लिए नए मौकों को तलाशने के लिए उत्सुक हूं।”

सरदार पटेल की जयंती पर अब हर साल गुजरात में होगी भव्य परेड: अमित शाह

30-Oct-2025
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर यानी 31 अक्टूबर को हर साल गुजरात के एकता नगर में भव्य परेड का आयोजन किया जाएगा। बिहार विधानसभा चुनावों की हलचल के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को पटना के होटल मौर्या में आयोजित पत्रकार वार्ता में यह घोषणा की। साथ ही, उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद परेड की सलामी देंगे। 
गृह मंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने आजादी के आंदोलन में और आजादी के बाद देश को एकजुट करने में अद्भुत भूमिका निभाई, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें भुलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। यही कारण था कि उन्हें भारत रत्न मिलने में 41 साल की देरी हुई। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने भारत की 562 रियासतों को जोड़कर एकता का जो काम किया, वही आज “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की नींव है। उन्होंने कहा कि यह परेड देश की भौगोलिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक एकता का प्रतीक बनेगी।
अमित शाह ने कहा कि देश की एकता और अखंडता के प्रतीक सरदार पटेल की जयंती अब सिर्फ एक स्मरण दिवस नहीं रहेगी, बल्कि राष्ट्रीय गर्व और प्रेरणा का पर्व बनेगी। शाह ने कहा कि सरदार पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सुबह 7:55 बजे एकता नगर में भव्य परेड की सलामी देंगे। अमित शाह ने कहा कि पटेल जयंती के मौके पर केवल गुजरात ही नहीं, बल्कि पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सभी राज्यों, जिलों, विश्वविद्यालयों और विद्यालयों में ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के अवसर पर एकता दौड़ का आयोजन होगा।
 इस परंपरा की शुरुआत की घोषणा पटना से होना अपने आप में ऐतिहासिकइस दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय भी मौजूद रहे। इस दौरान गृह राज्य मंत्री ने कहा कि बिहार हमेशा से राष्ट्रीय एकता और भाईचारे का केंद्र रहा है, इसलिए इस परंपरा की शुरुआत की घोषणा पटना से होना अपने आप में ऐतिहासिक है। 


 

 


जो लोग आस्था का सम्मान नहीं कर सकते, वे आस्था स्थलों का विकास नहीं कर सकते: पीएम मोदी

30-Oct-2025
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को छपरा में एक चुनावी सभा को संबोधित किया। उन्होंने अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण की चर्चा करते हुए राजद और कांग्रेस पर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि राजद और कांग्रेस वालों को विदेश जाने की फुर्सत है, लेकिन इन्हें राम मंदिर दर्शन जाने के लिए फुर्सत नहीं है। 
उन्होंने कहा कि जो लोग आपकी आस्था का सम्मान नहीं कर सकते, वे लोग आस्था स्थलों का विकास नहीं कर सकते। राजद और कांग्रेस ने छठी मैया का अपमान किया है। पीएम मोदी ने कहा कि 500 साल के इंतजार और अविरत संघर्ष के बाद जब अयोध्या में भव्य राम मंदिर बना, तब प्रभु श्रीराम के दर्शन के लिए लाखों लाख लोग अयोध्या चल पड़े, लेकिन कांग्रेस और राजद के नेताओं को राम मंदिर के निर्माण से भी परेशानी है। कांग्रेस और राजद वालों को अयोध्या जाते नहीं देखा।
पीएम मोदी ने कहा, “उन्हें (कांग्रेस-राजद) डर है कि अयोध्या जाकर अगर वे श्रीराम के दर्शन करेंगे, तो उनका वोट बैंक नाराज हो जाएगा, तुष्टिकरण का गणित बिगड़ जाएगा, और ये घुसपैठिए उनके माथे पर चढ़ जाएंगे।”
उन्होंने राजद और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लालटेन वाले, पंजे वाले या उनके इंडी गठबंधन के साथी ये लोग बिहार और बिहारियों का अपमान करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पंजाब के एक मुख्यमंत्री थे, जिन्होंने एक रैली में खुला ऐलान किया कि बिहार के लोगों को वे अपने राज्य पंजाब में घुसने नहीं देंगे।
पीएम मोदी ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि उस समय मंच पर गांधी परिवार की एक बेटी, जो आजकल पार्लियामेंट में बैठती हैं, वह इस पर खुश होकर तालियां बजा रही थीं। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस के नेता बिहार को गाली देते रहते हैं। तमिलनाडु में डीएमके के लोग बिहार के मेहनतकश लोगों को प्रताड़ित करते हैं। इतना सब कुछ हो रहा है और बिहार में राजद को सांप सूंघ जाता है।
उन्होंने आए लोगों से संकल्प करवाते हुए कहा कि जंगल राज से बिहार दूर रहेगा। पीएम मोदी ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा, “पहली बार वोट देने जा रहे हैं। मैं उन सभी युवाओं से कहना चाहता हूं, मैं सभी मतदाताओं से कहना चाहता हूं कि आपको अपने वोट की कीमत पहचाननी है। मैं आपको बताना चाहता हूं कि आपके माता-पिता के एक वोट ने बिहार को जंगलराज से मुक्ति दिलाई और बिहार को सुशासन की ओर ले गए। यह आपके पिताजी और माताजी के वोट की ताकत थी, अब बारी आपकी है। अब आपके एक वोट से सुशासन को समृद्धि में बदलने का समय है।”
उन्होंने रोजगार योजना की चर्चा करते हुए कहा कि जिसे कोई नहीं पूछता है, उसे मोदी पूजता है। उन्होंने कहा कि बिहार अब रुकेगा नहीं, बिहार तेज रफ्तार से आगे बढ़ेगा। इससे पहले पीएम मोदी ने मुजफ्फरपुर में एक रैली को संबोधित किया। इस दौरान, पीएम मोदी ने राजद और कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राजद-कांग्रेस वालों की पहचान 5 चीजों से है, जो कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुशासन और करप्शन हैं। 

पीएम मोदी 31 अक्टूबर को नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय आर्यन शिखर सम्मेलन में होंगे शामिल

29-Oct-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 31 अक्टूबर को नई दिल्ली के रोहिणी में होने वाले अंतरराष्ट्रीय आर्यन शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री सभा को भी संबोधित करेंगे।
भारत और विदेशों से आर्य समाज की विभिन्न शाखाओं के प्रतिनिधि लेंगे भाग
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, सम्मेलन में भारत और विदेशों से आर्य समाज की विभिन्न शाखाओं के प्रतिनिधि भाग लेंगे। कार्यक्रम में“150 गोल्डन इयर्स ऑफ सर्विस” शीर्षक से प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें शिक्षा, सामाजिक सुधार और आध्यात्मिक उन्नति में आर्य समाज के योगदान को प्रदर्शित किया जाएगा।
इस सम्मेलन का उद्देश्य
पीएमओ ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य महर्षि दयानंद सरस्वती की सुधारवादी और शैक्षिक विरासत का सम्मान करना है। साथ ही आर्य समाज की 150 वर्षों की सेवाओं का उत्सव मनाना और वैदिक सिद्धांतों व स्वदेशी मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी इसका हिस्सा है।
यह शिखर सम्मेलन ज्ञान ज्योति महोत्सव का हिस्सा
उल्लेखनीय है कि यह शिखर सम्मेलन ज्ञान ज्योति महोत्सव का हिस्सा है। यह महोत्सव महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती और आर्य समाज की समाज सेवा के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। 

------------

खरीफ की प्रमुख फसलों की बेहतर बुवाई हुई, उपज अच्छी होने की उम्मीद- शिवराज सिंह

29-Oct-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। देश के कृषि क्षेत्र को इस बार अनुकूल मानसून, पर्याप्त वर्षा, जलाशयों में बेहतर जलसंग्रह के चलते काफी लाभ मिला है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा देश में कृषि क्षेत्र की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रमुख जलाशयों में सामान्य या अधिक स्तर पर पानी संग्रहित है, जिससे सिंचाई संबंधी जरूरतें काफी हद तक पूरी हुई हैं व खरीफ की बुवाई समय पर पूरी हो सकी है। यह किसानों के लिए बड़ी राहत की बात रही, क्योंकि लगातार पर्याप्त नमी के कारण बुवाई में तेजी आई, पौधों की वृद्धि भी संतुलित रही हैं। पर्याप्त नमी से रबी बुवाई क्षेत्र में भी वृद्धि होगी।
 
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि समय पर और अनुकूल मानसून, पर्याप्त जलाशय संसाधन, बढ़िया योजना प्रबंधन एवं डिजिटल नवाचार के चलते देश के कृषि क्षेत्र में रिकॉर्ड उपलब्धियां दर्ज हो रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में, सरकार की किसान हितैषी नीतियों की वजह से ये उपलब्धियां किसानों के जीवन स्तर को ऊंचा उठा रही है, वहीं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लिए भी यह शुभ संकेत हैं। आगामी रबी मौसम में दलहनी और तिलहनी फसलों की ज्यादा बुवाई के लिए और रिकार्ड उत्पादकता प्राप्त करने के लिए केंद्र सरकार, प्रदेशों के साथ मिलकर हरसंभव सहायता किसानों को उपलब्ध कराएगी।
 
कल मंगलवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में बताया गया कि खरीफ-2025 के दौरान फसलों की बुवाई काफी अच्छी हुई है। खरीफ-2025 के लिए धान की बुवाई का कुल आंकड़ा 441.58 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की अपेक्षा अधिक है। वहीं, तिलहनी फसलों का अखिल भारतीय क्षेत्र 190.13 लाख हेक्टेयर तक दर्ज किया गया, जिसमें सोयाबीन एवं मूंगफली प्रमुख हैं।
 
इसी तरह, दालों का क्षेत्र 120.41 लाख हेक्टेयर तक पहुंचा है, जो पोषण सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है, वहीं गन्ने का क्षेत्र 59.07 लाख हेक्टेयर तक रहा हैं, जिससे गन्ना उत्पादक किसान भाइयों-बहनों को सीधा फायदा होगा।
 
शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा खाद सब्सिडी के लिए 38 हजार करोड़ रुपए जारी करने के फैसले पर किसानों की ओर से उनका आभार व्यक्त किया।
 
बैठक में मौजूद कृषि आयुक्त डा. पी.के. सिंह ने शिवराज सिंह को रिपोर्ट दी कि देशभर में सिंचाई परियोजनाओं एवं जलाशयों के लिए जल उपलब्धता में वृद्धि हुई हैं, जिससे सिंचाई आधारित कृषि क्षेत्रों में भी कृषि विकास संभव हुआ है। बैठक में बताया गया कि देश में पिछले वर्ष की तुलना में कुल जल संग्रहण की स्थिति बेहतर है, 161 जलाशयों में उपलब्ध संग्रहण 165.58 अरब घन मीटर (BCM) है, जो गत वर्ष के मुकाबले 104.30% और पिछले 10 वर्षों के औसत संग्रहण का 115.95% है।
 
इस दौरान, यह जानकारी भी दी गई कि देश के कुछ क्षेत्रों में खरीफ की फसलों की कटाई शुरू हो गई है, अब तक कुल खरीफ क्षेत्र के लगभग 27% भाग की कटाई हो चुकी है, साथ ही कुछ इलाकों में रबी की बुवाई भी प्रारंभ हो चुकी है, जो वर्तमान में प्रारंभिक चरण में है। देश में प्याज, आलू व टमाटर की फसलों की स्थिति भी औसतन अच्छी परिलक्षित हो रही है, वहीं चावल-गेहूं का वास्तविक स्टाक, बफर मानक की तुलना में ज्यादा है।
 

पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर तेज़ी से अग्रसर: केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी

29-Oct-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को तेल क्षेत्र (विनियमन एवं विकास संशोधन) अधिनियम 2025 को लेकर कहा कि यह अधिनियम आज के ऊर्जा युग के लिए 1948 के कानून का आधुनिकीकरण करता है।
अधिनियम एकीकृत लीज सिस्टम से ऊर्जा संसाधनों का दायरा व निवेश का अवसर बढ़ाता है
केंद्रीय मंत्री पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “पीएम मोदी के नेतृत्व में ऊर्जा स्वतंत्रता की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। अधिनियम एक समान पेट्रोलियम लीज सिस्टम को पेश करता है। इसके अलावा, यह सीबीएम, शेल गैस, टाइट ऑयल, गैस हाइड्रेट्स का दायरा बढ़ाता है। साथ ही, तेजी से अप्रूवल मिलने, इंफ्रा-शेयरिंग को लेकर निवेशकों का विश्वास बढ़ता है। इस अधिनियम के तहत तेल क्षेत्र में सोलर और हाइब्रिड सिस्टम को अनुमति दी जा रही है।” 
तेल क्षेत्र अधिनियम 2025 को लेकर शेयर किए गए वीडियो में दी गई जानकारी के अनुसार, मार्च 2025 में सरकार द्वारा तेल क्षेत्र (विनियमन एवं विकास संशोधन) अधिनियम 2025 के रूप में एक ऐतिहासिक सुधार पेश किया गया। यह अधिनियम भारत के तेल और गैस सेक्टर को नई दिशा, नया अनुशासन और एक हरित भविष्य देता है।
नए अधिनियम के साथ नियम आसान होने जा रहे हैं। यह पुराने माइनिंग लीज को एक आधुनिक पेट्रोलियम लीज से बदलता है ताकि कंपनियां एक जैसे नियमों के तहत तेल और गैस की खोज और उत्पादन कर सकें।इसके अलावा, अधिनियम मिनरल ऑयल की परिभाषा का विस्तार करता है, जिसमें कोल बेड मीथेन, शेल गैस, टाइट ऑयल और गैस हाइड्रेट्स शामिल हैं, जिससे स्वच्छ ऊर्जा के नए घरेलू स्रोत खुलते हैं। 
यह अधिनियम लीज नियमों को आधुनिक बनाकर, मंजूरी को आसान बनाता है और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग को बढ़ावा देकर ओएएलपी राउंड 10 के तहत भारत के एक्सप्लोरेशन अभियान को भी पूरा करता है। अधिनियम तेल का उत्पादन करने वाली जमीन को क्लीन पावर भी पैदा करने की अनुमति देता है। अधिनियम के साथ छोटे प्लेयर्स को भी कम लागत के साथ विकास के अवसर मिलेंगे। इसके अलावा, भारत को आयात कम करने और कीमती संसाधनों को बचाने में मदद मिलेगी। पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत अपने तेल क्षेत्रों का आधुनिकीकरण कर रहा है और धीरे-धीरे ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
 

भारत की कोल्ड चेन योजना से कम हुई उपज की खराबी, बढ़ी किसानों की आमदनी

29-Oct-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। भारत ने वर्ष 2008 से अब तक इंटीग्रेटेड कोल्ड चेन एंड वैल्यू एडिशन इन्फ्रास्ट्रक्चर स्कीम के तहत 291 एकीकृत कोल्ड चेन परियोजनाएँ शुरू की हैं। इनसे हर साल 25.52 लाख मीट्रिक टन की भंडारण क्षमता विकसित हुई है, यह जानकारी सरकार ने बुधवार को जानकारी दी।
इस विस्तार के साथ देश की प्रोसेसिंग क्षमता 114.66 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष हो गई है। पूरी और चालू परियोजनाओं के माध्यम से 1,74,600 रोजगार अवसर भी सृजित हुए हैं, आधिकारिक बयान में कहा गया।
जून 2025 तक इस योजना के तहत कुल 395 एकीकृत कोल्ड चेन परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। यह योजना आमतौर पर कोल्ड चेन स्कीम के नाम से जानी जाती है।
यह कोल्ड चेन स्कीम अब प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) का हिस्सा है। इसका उद्देश्य खेत से खुदरा बाजार तक एक सुगठित कोल्ड चेन नेटवर्क तैयार करना है, ताकि फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम किया जा सके और किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सके।
कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर का महत्व केवल भंडारण तक सीमित नहीं है। इसमें फार्म पर प्री-कूलिंग सुविधाएँ, आधुनिक प्रोसेसिंग सेंटर, प्रभावी वितरण केंद्र और तापमान नियंत्रित परिवहन प्रणाली शामिल हैं, जो आपस में समन्वित रूप से कार्य करती हैं।
PMKSY के तहत इस योजना को शामिल करने का उद्देश्य किसानों, प्रोसेसरों और बाजारों को जोड़ते हुए एक पूर्ण कोल्ड चेन समाधान तैयार करना था। इससे बर्बादी घटाने, रोजगार बढ़ाने और नाशवान उत्पादों के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मकता मजबूत करने में मदद मिली है।
जुलाई 2025 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने PMKSY के लिए 1,920 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि को मंजूरी दी, जिससे कुल आवंटन 6,520 करोड़ रुपये (31 मार्च 2026 तक) हो गया।
इसमें 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान 50 मल्टी-प्रोडक्ट फूड इर्रेडिएशन यूनिट्स की स्थापना के लिए किया गया है, जो कोल्ड चेन और वैल्यू एडिशन इंफ्रास्ट्रक्चर घटक के अंतर्गत आएंगी।
योजना के तहत वित्तीय सहायता के रूप में सामान्य क्षेत्रों में 35 प्रतिशत तक और कठिन क्षेत्रों, अनुसूचित जाति/जनजाति समूहों, एफपीओ व एसएचजी के लिए 50 प्रतिशत तक परियोजना लागत पर सहायता दी जाती है। प्रति परियोजना अधिकतम 10 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत है।


Feedback/Enquiry



Log In Your Account