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प्रधानमंत्री मोदी और मंगोलियाई राष्ट्रपति खुरेलसुख के बीच हुई सार्थक वार्ता

15-Oct-2025
नई दिल्ली।। ( शोर संदेश )  मंगोलियाई राष्ट्रपति खुरेलसुख उखना भारत की चार दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं। यात्रा के दौरान मंगलवार को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि राष्ट्रपति खुरेलसुख का दिल्ली में स्वागत करके और उनके साथ विस्तृत वार्ता करके मुझे खुशी हुई।
उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और मंगोलिया अपने राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे कर रहे हैं और हमारी रणनीतिक साझेदारी का एक दशक पूरा हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम वैश्विक दक्षिण की आवाज को और मजबूत करने और वैश्विक समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करते रहने पर सहमत हुए। हमारी वार्ता में जिन क्षेत्रों पर प्रमुखता से चर्चा हुई, उनमें ऊर्जा, कौशल विकास, सूचना प्रौद्योगिकी, महत्वपूर्ण खनिज, दुर्लभ मृदा, कृषि आदि शामिल हैं।
उन्होंने आगे कहा कि सांस्कृतिक बंधन भारत-मंगोलिया मैत्री के मूल में हैं। इस संबंध में हमने भारत से भगवान बुद्ध के दो शिष्यों के पवित्र अवशेषों को मंगोलिया भेजने, गंडन मठ में संस्कृत शिक्षण की क्षमता बढ़ाने, पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण के मंगोलिया के प्रयासों का समर्थन करने आदि जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
राष्ट्रपति खुरेलसुख की यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देश नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल परिवर्तन, शिक्षा और पारंपरिक चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में अपने सहयोग का विस्तार करने की कोशिश कर रहे हैं।
इसके अलावा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में मंगोलियाई राष्ट्रपति खुरेलसुख उखना का स्वागत किया। उन्होंने उनके सम्मान में एक राजकीय भोज का आयोजन किया। यह यात्रा भारत और मंगोलिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अपनी बैठक के दौरान दोनों ने द्विपक्षीय सहयोग, विशेष रूप से विकास साझेदारी, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और लोगों के बीच संबंधों के क्षेत्रों में, बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
 

जैसलमेर में भीषण बस हादसा: आग की चपेट में आने से 20 यात्रियों की मौत, कई घायल

15-Oct-2025
जैसलमेर। । ( शोर संदेश )  राजस्थान के जैसलमेर में मंगलवार दोपहर एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। जैसलमेर से जोधपुर जा रही एक प्राइवेट बस (RJ 09 PA 8040) में अचानक आग लग गई, जिससे बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि बस पूरी तरह जलकर राख हो गई।
सूत्रों के मुताबिक, बस में करीब 57 यात्री सवार थे, जिनमें से अब तक 20 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। कई यात्री गंभीर रूप से झुलसे हैं जिन्हें इलाज के लिए जोधपुर और जैसलमेर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
थईयात गांव के पास हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, हादसा मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे जैसलमेर-जोधपुर राजमार्ग पर थईयात गांव के पास हुआ। बस जैसलमेर से जोधपुर की ओर जा रही थी, तभी वार म्यूजियम के पास अचानक पीछे के हिस्से से धुआं निकलने लगा। चालक ने जैसे ही बस को किनारे रोका, आग ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया।
स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत रेस्क्यू शुरू किया। दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस लगभग पूरी तरह जल चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। झुलसे यात्रियों को तुरंत जैसलमेर के जवाहर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
गंभीर रूप से घायल 16 यात्रियों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जोधपुर के अस्पतालों में रेफर किया गया। इनमें 2 महिलाएं और 2 बच्चे भी शामिल हैं।
जोधपुर पहुंचे घायलों में शामिल हैं:
हुसैन (मृतक), महिपाल सिंह, यूनुस, ओमाराम, इकबाल,
रफीक, अस्मिता, पीर मोहम्मद, आशाबाई, लक्ष्मण,
ओबेदुल्ला, विशाखा, आशीष, जीवराज और मनोज भाटिया।
जोधपुर अस्पताल में डॉक्टरों की टीम लगातार इनका इलाज कर रही है। जिला प्रशासन ने परिजनों को सूचित करने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।
इस दर्दनाक हादसे ने पूरे राजस्थान को झकझोर दिया है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि “यह बेहद दुखद घटना है। सरकार की पूरी टीम राहत और बचाव कार्य में जुटी है।”
सीएम विशेष विमान से जैसलमेर पहुंचे, जहां उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अस्पताल में घायलों से मुलाकात की।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी घटना पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा —
“यह अत्यंत पीड़ादायक समाचार है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि झुलसे लोगों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ मिले।”
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, और सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने भी हादसे पर शोक जताया है और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है।
20 लोगों की मौत की पुष्टि
डीएनए जांच से होगी मृतकों की पहचान
इसके अलावा जोधपुर रेफर किए गए घायलों में से एक यात्री की भी मौत हो गई है, जिससे मृतकों की कुल संख्या 20 पहुंच गई है।
सेना और स्थानीय लोगों ने की मदद
हादसे के बाद स्थानीय लोग, पुलिस और सेना के जवान मौके पर पहुंच गए और बचाव अभियान चलाया।
जोधपुर रोड को हादसे के कारण कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा।
दमकल की कई गाड़ियां मौके पर मौजूद रहीं और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
हेल्पलाइन नंबर जारी
जिला प्रशासन ने यात्रियों के परिजनों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं ताकि वे अपने परिजनों की जानकारी प्राप्त कर सकें।
प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की गई है।
पूरा राज्य शोक में डूबा
जैसलमेर के इस हादसे ने पूरे राजस्थान को स्तब्ध कर दिया है।
स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि मौके पर मौजूद हैं, जबकि सोशल मीडिया पर भी लोगों ने मृतकों के लिए संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
 

पीएम मोदी ने कहा- ‘गूगल का गीगावाट स्तर का डेटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर हमारे ‘विकसित भारत’ विजन के अनुरूप’

14-Oct-2025
नर्ई दिल्ली  ( शोर संदेश ) । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि गूगल का गीगावाट स्तर का डेटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर हमारे ‘विकसित भारत’ विजन के अनुरूप है। गूगल ने विशाखापत्तनम में एआई हब बनाने का किया ऐलान गूगल ने विशाखापत्तनम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) हब बनाने का ऐलान किया है। इसके लिए कंपनी अगले पांच वर्षों (2026-2030) तक में करीब 15 अरब डॉलर का निवेश करेगी। यह देश में कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा निवेश है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “आंध्र प्रदेश के गतिशील शहर विशाखापत्तनम में गूगल एआई हब का लॉन्च होना काफी खुशी की बात है।” पीएम मोदी ने आगे कहा कि यह बहुआयामी निवेश, जिसमें गीगावाट स्तर का डेटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर शामिल है। इससे टेक्नोलॉजी के लोकतंत्रीकरण को एक शक्तिशाली बल मिलेगा। गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई की एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि यह निवेश सभी के लिए एआई सुनिश्चित करेगा, हमारे नागरिकों को अत्याधुनिक उपकरण प्रदान करेगा, हमारी डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा और इससे ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडर के रूप में भारत का स्थान सुरक्षित होगा। https://x.com/narendramodi/status/1978018108011880739 पिचाई ने इससे पहले पोस्ट किया था कि प्रधानमंत्री मोदी से बात करके उन्हें बहुत अच्छा लगा और विशाखापत्तनम में पहले गूगल एआई हब के लिए हमारी योजनाओं को साझा किया।उन्होंने कहा, “यह हब गीगावाट-स्तरीय कंप्यूटिंग क्षमता, एक नए अंतरराष्ट्रीय सबसी गेटवे और बड़े पैमाने पर एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर को जोड़ता है। इसके माध्यम से हम अपनी उद्योग-अग्रणी तकनीक को भारत में उद्यमों और उपयोगकर्ताओं तक पहुंचाएंगे, एआई इनोवेशन को गति देंगे और देश भर में विकास को गति देंगे।”
गूगल एआई हब को अदाणी समूह की कंपनी अदाणीकॉनेक्स के साथ मिलकर बनाएगी। अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी ने कहा, “अदाणी समूह को इस ऐतिहासिक परियोजना पर गूगल के साथ साझेदारी करने पर गर्व है, यह परियोजना भारत के डिजिटल परिदृश्य के भविष्य को परिभाषित करेगी।”
उन्होंने आगे कहा, “यह सिर्फ इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश से कहीं बढ़कर है। यह एक उभरते राष्ट्र की आत्मा में निवेश है। यह साझेदारी राष्ट्र निर्माण के हमारे साझा दृष्टिकोण और 21वीं सदी के उपकरणों से प्रत्येक भारतीय को सशक्त बनाने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। विशाखापत्तनम अब टेक्नोलॉजी के लिए एक वैश्विक गंतव्य बनने के लिए तैयार है, और हम इस ऐतिहासिक यात्रा के आर्किटेक्ट बनकर रोमांचित हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की अधिसूचना आज होगी जारी

13-Oct-2025
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की अधिसूचना आज सोमवार को जारी होगी। इसके साथ ही 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। दूसरे चरण के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर है। नामांकन पत्रों की जांच 21 अक्टूबर को होगी और नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 23 अक्टूबर है। इस चरण के लिए मतदान 11 नवंबर को होगा।
नामांकन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक दाखिल किए जा सकेंगे। चुनाव आयोग ने नामांकन केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा चुनाव के दोनों चरणों की मतगणना 14 नवंबर को होगी। 
विधानसभा चुनाव में कुल 7.42 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। दूसरे चरण में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार जिले में मतदान होगा। इसके अलावा भागलपुर, बांका, जमुई, नवादा, गया, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, कैमूर और रोहतास जिले में भी मतदान होगा। (इनपुट-एजेंसी)
















 

देश भर की पांच विधानसभा सीटों के उपचुनाव के लिए निर्वाचन आयोग ने अधिसूचना की जारी

13-Oct-2025
 नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने सोमवार को देश भर की पांच विधानसभा सीटों के उपचुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी। मतदान 11 नवंबर को होगा और मतगणना 14 नवंबर को होगी।
अधिसूचना के अनुसार, ओडिशा की 71-नुआपाड़ा विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव के लिए 20 अक्टूबर से नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे, 22 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 24 अक्टूबर तक नामांकन वापस लिए जा सकेंगे। मतदान 11 नवंबर को होगा।
यह सीट बीजद विधायक राजेंद्र ढोलकिया के 8 सितंबर को चेन्नई में इलाज के दौरान निधन के बाद खाली हुई थी।
इसी तरह, चुनाव आयोग ने पंजाब की 21-तरनतारन विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव की तारीख की घोषणा की। नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 21 अक्टूबर से शुरू होगी, उसके बाद 22 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 24 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। मतदान 11 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा।
‘आप’ विधायक कश्मीर सिंह सोहल के निधन के कारण यह उपचुनाव आवश्यक हो गया था। सोहल ने शिरोमणि अकाली दल के हरमीत सिंह संधू को हराकर 52,935 मतों से यह सीट जीती थी।
राजस्थान में, चुनाव आयोग ने 193-अंता विधानसभा क्षेत्र के लिए उपचुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। यह क्षेत्र 23 मई को विधायक कंवर लाल मीणा की अयोग्यता के बाद रिक्त हुआ था।
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 150(1), 30 और 56 के तहत जारी अधिसूचना में कहा गया है कि नामांकन 21 अक्टूबर को बंद होंगे, 23 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और उम्मीदवार 27 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकते हैं। मतदान 11 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा।
कंवर लाल मीणा को 20 साल पुराने एक आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद 23 मई को विधानसभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया था।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने उन्हें 2 मई, 2025 से पूर्वव्यापी प्रभाव से अयोग्य घोषित कर दिया, जिस दिन राजस्थान उच्च न्यायालय ने उनकी अपील पर अपना फैसला सुनाया था, जिससे सदन में उनकी सदस्यता समाप्त हो गई।
चुनाव आयोग ने जम्मू-कश्मीर में 77-नगरोटा विधानसभा क्षेत्र और 27-बडगाम विधानसभा क्षेत्र के उपचुनावों के लिए भी अधिसूचना जारी कर दी है।
दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 20 अक्टूबर से शुरू होगी, जिसके बाद 22 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच, 24 अक्टूबर तक नाम वापसी और 11 नवंबर को मतदान होगा। 




















 

 


चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की अधिसूचना जारी की, 122 सीटों के लिए नामांकन शुरू

13-Oct-2025

नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) चुनाव आयोग ने आज सोमवार को बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए अधिसूचना जारी कर दी। इसी के साथ 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है।

दूसरे चरण के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर है। नामांकन पत्रों की जांच 21 अक्टूबर को होगी और नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 23 अक्टूबर है।
इस चरण के लिए मतदान 11 नवंबर को होगा। नामांकन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक दाखिल किए जा सकेंगे। चुनाव आयोग ने नामांकन केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
243 सदस्यीय बिहार विधानसभा चुनाव के दोनों चरणों की मतगणना 14 नवंबर को होगी। विधानसभा चुनाव में कुल 7.42 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। दूसरे चरण में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार जिले में मतदान होगा। इसके अलावा भागलपुर, बांका, जमुई, नवादा, गया, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, कैमूर और रोहतास जिले में भी मतदान होगा। 
 
 
 
 
 
 
 

भारत-ईएफटीए व्यापार समझौता से अब भारतीय उत्पादों को मिलेगा यूरोपीय बाज़ार

13-Oct-2025
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौते (TEPA) पर 10 मार्च 2024 को नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए गए थे। 1 अक्टूबर 2025 से लागू यह समझौता भारत की विदेश व्यापार नीति में निर्णायक साबित होगा।
यूरोप के चार विकसित देशों स्विट्ज़रलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन के साथ किया गया यह भारत का पहला मुक्त व्यापार समझौता है और आर्थिक दृष्टि से सबसे महत्वाकांक्षी समझौतों में से एक है। यह परिमाण और उद्देश्य के लिहाज से सबसे महत्वाकांक्षी समझौतों में से एक है। यह आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना और ईएफटीए की मजबूत और विविधीकृत साझेदारीयों की तलाश के रणनीतिक संमिलन का प्रतीक है
इस समझौते में 14 अध्याय शामिल हैं, जो मुख्य क्षेत्रों जैसे कि वस्तुओं की बाजार तक पहुंच, उत्पत्ति के नियम, व्यापार सुविधा, व्यापार में सुधार, स्वच्छता और पादप-स्वच्छता उपाय, व्यापार की तकनीकी बाधाएँ, निवेश प्रोत्साहन, सेवाएँ, बौद्धिक संपदा अधिकार, व्यापार और संवहनीय विकास और अन्य कानूनी और आपसी प्रतिस्पर्धा घटाने के प्रावधानों पर केंद्रित हैं।
इस समझौते का मुख्य लक्ष्य अगले पंद्रह वर्षों में भारत में 100 बिलियन डॉलर का निवेश लाना तथा दस लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करना है। यह देश के आर्थिक इतिहास में सबसे अग्रगामी व्यापार साझेदारीयों में से एक है।
अनुच्छेद 7.1 के अंतर्गत, ईएफटीए के चार सदस्य देशों ने पहले 10 वर्षों में भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को 50 अरब डॉलर तक बढ़ाने और उसके अगले 5 वर्षों में अतिरिक्त 50 अरब डॉलर तक बढ़ाने का संकल्प लिया है।
पोर्टफोलियो आप्रवाह के विपरीत, ये दीर्घकालिक, क्षमता-निर्माण निवेश है जिसमें विनिर्माण, नवोन्मेष और अनुसंधान को केंद्र में रखा गया है। समय के साथ, इनसे दस लाख प्रत्यक्ष रोज़गार पैदा होने और भारत के कुशल कार्यबल और यूरोप के प्रौद्योगिकी परिवेश के बीच गहरे संबंध स्थापित होने की संभावना है।
फरवरी 2025 से निवेश सुविधा को सुव्यवस्थित करने के लिए, एक समर्पित भारत-ईएफटीए डेस्क शुरू किया गया है, यह संभावित निवेशकों के लिए सिंगल विंडो प्लेटफार्म के रूप में कार्य करता है। इसमें नवीकरणीय ऊर्जा, जीवन विज्ञान, इंजीनियरिंग, और डिजिटल बदलाव पर विशेष ध्यान दिया गया है, इसके साथ ही यह संयुक्त उद्यमों और लघु और मध्यम उद्यमों के सहयोग को भी बढ़ावा देता है।
टीईपीए महत्वाकांक्षा और विवेक के बीच संतुलन बनाता है। ईएफटीए ने सीमा शुल्क की 92.2 प्रतिशत उत्पाद प्रविष्टियों पर रियायत की पेशकश की है, जिसके दायरे में भारत का 99.6 प्रतिशत निर्यात शामिल है। इससे सभी गैर-कृषि वस्तुएं और प्रसंस्करित कृषि उत्पाद रियायत के दायरे में आएंगे।
बदले में, भारत ने कड़े सुरक्षा उपायों के साथ 82.7 प्रतिशत उत्पाद प्रविष्टियां पर पहुँच दे दी है, जो ईएफटीए निर्यात का 95.3 प्रतिशत है। ईएफटीए से 80 प्रतिशत से ज़्यादा आयात सोने का आयात होता है जिसमें प्रभावी शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
डेयरी, सोया, कोयला, फार्मास्यूटिकल्स, चिकित्सा उपकरण और चुनिंदा खाद्य उत्पादों जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को इस सूची से अलग रखा गया है। मेक इन इंडिया और उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना जैसे प्रमुख कार्यक्रमों के तहत आने वाले उत्पादों के लिए, सीमा शुल्क में 5-10 वर्षों में चरणबद्ध कटौती की जा रही है। इससे घरेलू उद्योगों को स्पर्धा में उतरने से पहले मज़बूत होने का समय मिल जाता है।
भारत के सकल मूल्य वर्धन(जीवीए) में सेवाओं का योगदान 55% से अधिक है और टीईपीए ज्ञान और डिजिटल सेवाओं में अगली पीढ़ी के व्यापार के लिए एक मंच प्रदान करता है।
भारत ने 105 उप-क्षेत्रों में अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है, जबकि ईएफटीए के प्रस्तावों में स्विट्ज़रलैंड से 128, नॉर्वे से 114, आइसलैंड से 110 और लिकटेंस्टीन से 107 क्षेत्रों की पेशकश है। इसमें आईटी और व्यावसायिक सेवाएँ, शिक्षा, मीडिया, सांस्कृतिक और व्यावसायिक सेवाओं जैसे प्रमुख भारतीय क्षेत्र शामिल हैं।
टीईपीए का एक निर्णायक प्रावधान पेशेवर गतिशीलता को आसान बनाने की दिशा में एक कदम के रूप में, नर्सिंग, चार्टर्ड अकाउंटेंसी और वास्तुकला जैसे व्यवसायों में पारस्परिक मान्यता समझौतों (एमआरए) को शामिल करना है, जो कि सहज व्यावसायिक गतिशीलता की दिशा में एक कदम है।
टीईपीए से आईटी और व्यावसायिक सेवाओं, सांस्कृतिक और मनोरंजन, शिक्षा और दृश्य-श्रव्य सेवाओं जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भारत से दी जाने वाली सेवाओं के निर्यात को बढ़ावा मिलने की भी उम्मीद है।
मोड 1: सेवाओं की डिजिटल डिलीवरी
मोड 2: व्यावसायिक उपस्थिति
मोड 3: कुशल पेशेवरों के प्रवेश और अस्थायी प्रवास के लिए निश्चितता
टीईपीए के आईपीआर प्रावधान ट्रिप्स (बौद्धिक संपदा अधिकारों के व्यापार-संबंधित पहलू) के प्रति प्रतिबद्ध हैं, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य और जेनेरिक दवाओं पर भारत के लचीलेपन को बनाए रखते हुए उच्च स्तर की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
वैश्विक नवाचार के केंद्र स्विट्ज़रलैंड के लिए, आईपीआर अध्याय भारत की नियामक शक्ति में विश्वास को दिखाता है। वहीं, पेटेंट एवरग्रीनिंग के खिलाफ भारत के सुरक्षा उपाय दवाओं तक किफ़ायती पहुँच सुनिश्चित करते हैं। यह संतुलन नवोन्मेष और समावेशन के बीच विश्वास-आधारित सहयोग का एक आदर्श मॉडल बनाता है।
टीईपीए संवहनीय विकास, समावेशी विकास, सामाजिक प्रगति और पर्यावरण संरक्षण पर ज़ोर देता है। यह व्यापार प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, दक्षता, सरलीकरण, सामंजस्य और निरंतरता को बढ़ावा देगा।
भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौते से भारतीय उद्योंगों के लिए कई अवसर खुलते हैं। ईएफटीए में 92 प्रतिशत उत्पाद प्रविष्टियां शामिल होने से, मशीनरी, जैविक रसायन, कपड़ा और प्रसंस्करित खाद्य पदार्थ जैसे क्षेत्रों में भारतीय निर्यातकों की ईएफटीए के बाजारों तक पहुंच बढ़ेगी। इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ने, लागत कम करने और वहाँ के बाजारों में भारतीय उत्पादों के प्रवेश में तेजी आने की संभावना है।
वित्त वर्ष 2024-25 में ईएफटीए देशों में भारत का निर्यात 72.37 मिलियन डॉलर का होगा, जिसमें ग्वार गम, प्रसंस्करित सब्जियाँ, बासमती चावल, दालें, फल और अंगूर प्रमुख हैं।
टीईपीए ने विशेष रूप से स्विट्जरलैंड और नॉर्वे में इन श्रेणियों में सीमाशुल्क को कम किया है या समाप्त कर दिया है, जिसमें ईएफटीए के साथ भारत के कृषि-व्यापार का 99% से अधिक हिस्सा है।
ईएफटीए देश मिलकर 175 मिलियन डॉलर मूल्य की कॉफ़ी का आयात करते हैं, जो वैश्विक व्यापार का लगभग 3% है। सभी कॉफी श्रेणियों पर शुल्क समाप्त होने से भारतीय उत्पादकों की स्विट्जरलैंड और नॉर्वे के प्रीमियम बाजारों तक पहुंच बढ़ेगी, यह छाया में उगाई गई और हाथ से चुनी गई भारतीय कॉफी के लिए एक आदर्श स्थान है।
चाय के लिए, ईएफटीए के छोटे लेकिन उच्च मूल्य वाले बाजार (लगभग 3 मिलियन किलोग्राम प्रतिवर्ष) में पहले ही लाभ दिखने लगा है, भारत का औसत निर्यात 2024-25 में बढ़कर 6.77 डॉलर प्रति किलोग्राम हो गया जबकि पिछले वर्ष यह 5.93 डॉलर प्रति किलोग्राम था।
वित्त वर्ष 2024-25 में ईएफटीए देशों को इंजीनियरिंग वस्तुओं का निर्यात 315 मिलियन डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 18% अधिक है। इस समझौते से इलेक्ट्रिक मशीनरी, तांबे के उत्पादों, ऊर्जा-कुशल प्रणालियों और इंजीनियरिंग के लिए बाजार पहुँच का विस्तार होगा।
कपड़ा और परिधान, जिनका मूल्य 0.13 बिलियन डॉलर है, तथा चमड़ा और जूते-चप्पल पर शुल्क स्थिर रखने और मानकों के सरलीकरण से लाभ मिलेगा, जबकि खेल के सामान और खिलौनों का ड्यूटी समाप्त करने और अनुरूपता मानकों की आपसी सहमति का लाभ होगा।
रत्न एवं आभूषणों को टीईपीए, सभी ईएफटीए देशों में शुल्क-मुक्त रखा गया है, जिससे हीरे, सोने और रंगीन रत्नों के निर्यातकों के लिए दीर्घकालिक पूर्वानुमान सुनिश्चित किया जा सकता है।
ईएफटीए ने भारत के 95% रासायनिक निर्यात पर सीमाशुल्क समाप्त कर दिया है या कम कर दिया है जिससे मुक्त व्यापार समझौते से पहले के शुल्कों में 54% तक की कटौती हुई है।
निर्यात 49 मिलियन डॉलर से बढ़कर 65-70 मिलियन डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है, विशेष रूप से पालतू पशुओं के भोजन, रबर, सिरेमिक और कांच के बने पदार्थों में।
प्लास्टिक और से लाख से बने उत्पादों के लिए, टीईपीए उच्च-मूल्य वाले यूरोपीय बाजारों में विविधीकरण को सक्षम बनाता है, जिससे अमेरिका जैसे ज्यादा टैरिफ वाले देशों पर निर्भरता कम होती है।
टीईपीए भारत के लिए एक व्यापार समझौते से कहीं बढ़कर है, यह समान विचारधारा वाली अर्थव्यवस्थाओं के साथ रणनीतिक विश्वास का एक साधन है जो पारदर्शिता, नियम-आधारित व्यापार और नवोन्मेष को महत्व देते हैं।
यह व्यापार उदारीकरण के प्रति एक परिपक्व दृष्टिकोण को भी दर्शाता है, जो देश के हितों की रक्षा करते हुए भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में प्रस्तुत करता है। निवेश, रोजगार, प्रौद्योगिकी और संवहनीयता के द्वार खोलकर, टीईपीए एक आधुनिक आर्थिक साझेदारी का उदाहरण प्रस्तुत करता है, जो महत्वाकांक्षी, संतुलित और दूरदर्शी है।
भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता (टीईपीए) एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो चार विकसित यूरोपीय देशों के साथ भारत का पहला मुक्त व्यापार समझौता है। इसके माध्यम से आने वाले 15 वर्षों में 100 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजन की संभावनाएं जुड़ी हुई हैं। यह समझौता वस्तुओं और सेवाओं की बाजार तक पहुंच को बेहतर बनाएगा, बौद्धिक संपदा अधिकारों को सशक्त करेगा और ‘मेक इन इंडिया’ व ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियानों को आगे बढ़ाते हुए सतत और समावेशी विकास को प्रोत्साहित करेगा। 





 

वित्त मंत्रालय और पीएसबी समीक्षा बैठक करेंगे, जिसमें एमएसएमई पर अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव का आकलन किया जाएगा

13-Oct-2025
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, वित्त मंत्रालय सोमवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के साथ एक रिव्यू मीटिंग करने जा रहा है, जिसमें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र पर अमेरिका द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ वृद्धि के प्रतिकूल प्रभाव का आकलन किया जाएगा। साथ ही, उनकी क्रेडिट से जुड़ी जरूरतों को जानने की कोशिश की जाएगी। 
वित्त मंत्रालय का वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के सचिव एम नागराजू की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक का उद्देश्य यह समझना है कि बाहरी व्यापार दबाव एमएसएमई को कैसे प्रभावित कर रहे हैं और यह सुनिश्चित करना है कि मौजूदा सरकारी पहलों के तहत पर्याप्त ऋण सहायता जारी रहे।
इस उच्च-स्तरीय बैठक में सरकार की मुद्रा और ऋण गारंटी योजनाओं जैसी वित्तीय समावेशन पहलों के माध्यम से धन प्रवाह की समीक्षा की जाएगी। इंजीनियरिंग सेक्टर के एमएसएमई ने हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​से मुलाकात की थी और हाल ही में अमेरिकी टैरिफ के मद्देनजर इस क्षेत्र की कमजोरियों को उजागर किया था और निर्यातकों के लिए उधारी लागत कम करने में सहायता मांगी थी।
ईईपीसी इंडिया के अध्यक्ष पंकज चड्ढा के अनुसार, “भारत का अमेरिका को इंजीनियरिंग निर्यात औसतन लगभग 20 अरब डॉलर का है, जो अमेरिकी टैरिफ के अधीन भारत के कुल निर्यात का लगभग 45 प्रतिशत है। यह हमारे क्षेत्र की कमजोरी और सरकारी सहायता की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करता है। इस नुकसान को कम करने के लिए उद्योग को कुछ क्षेत्रों में तत्काल सरकारी हस्तक्षेप की आवश्यकता है।”
उन्होंने एक्सपोर्ट फाइनेंसिंग के लिए कोलेटेरल फ्री लोन के संबंध में एमएसएमई निर्यातकों के सामने आने वाली चुनौतियों की ओर भी ध्यान दिलाया। एमएसएमई को बैंकों और वित्तीय संस्थानों से वित्त प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जहां हाई-कोलेटेरल आवश्यकताएं बनी रहती हैं।इसके अतिरिक्त, बैंकों द्वारा कोलेटरल और ब्याज दरों का निर्धारण करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाला क्रेडिट रेटिंग सिस्टम एमएसएमई को असमान रूप से प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा कि परिणामस्वरूप, एमएसएमई को पर्याप्त कोलेटरल प्रदान करने के अलावा उच्च ब्याज दरों का भुगतान करना पड़ता है। ईईपीसी इंडिया के अध्यक्ष ने कहा कि इंजीनियरिंग निर्यातकों के अमेरिकी जोखिम ने उनकी क्रेडिट रेटिंग को प्रभावित किया है और सुझाव दिया कि रेटिंग एजेंसियों को कम से कम इस वर्ष के लिए क्रेडिट रेटिंग की गणना करते समय अमेरिकी जोखिम पर विचार नहीं करना चाहिए।

राजमाता विजयाराजे सिंधिया राष्ट्र निर्माण की प्रेरणास्रोत — पीएम मोदी

13-Oct-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) ।   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राजमाता विजयाराजे सिंधिया की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनका सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध भारत का सपना आत्मनिर्भर भारत के जरिये साकार होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि राजमाता ने जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई और उनके आदर्श आज भी राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “राजमाता विजयाराजे सिंधिया जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन। समाज सेवा के उनके प्रयासों को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। उन्होंने जनसंघ और भाजपा को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विजयाराजे सिंधिया जी हमारी सांस्कृतिक जड़ों के प्रति गहरी आस्था रखती थीं और उन्हें संरक्षित व लोकप्रिय बनाने के लिए सदैव कार्यरत रहीं।”
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर 1 मिनट 19 सेकंड का एक वीडियो संदेश भी साझा किया। इसमें उन्होंने कहा, “पिछली शताब्दी में भारत को दिशा देने वाले कुछ चुनिंदा व्यक्तित्वों में राजमाता विजयाराजे सिंधिया शामिल थीं। वह केवल वात्सल्य मूर्ति ही नहीं, बल्कि एक निर्णायक नेता और कुशल प्रशासक थीं। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आजादी के बाद के दशकों तक राष्ट्रसेवा में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया।”
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “राजमाता राजपरिवार से थीं, उनके पास सब कुछ था, लेकिन उन्होंने अपना जीवन एक मां की तरह जनसेवा में खपा दिया। सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध भारत उनका सपना था, और हम इस सपने को आत्मनिर्भर भारत के माध्यम से साकार करेंगे। राजमाता की प्रेरणा सदैव हमारे साथ रहेगी।” राजमाता विजयाराजे सिंधिया भारतीय राजनीति की प्रमुख हस्तियों में से एक थीं। उन्होंने जनसंघ से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और भाजपा की संस्थापक सदस्य के रूप में पार्टी को मजबूत नींव प्रदान की।
वहीं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, “अपने जीवन का हर क्षण लोककल्याण और अंत्योदय की उन्नति के लिए समर्पित करने वाली, सरलता, सहजता और संवेदनशीलता की त्रिवेणी, राजमाता विजयाराजे सिंधिया जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन। पूज्य अम्मा महाराज जी स्नेह और वात्सल्य की प्रतिमूर्ति थीं। यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे उनका स्नेह और आशीर्वाद मिला। जनसंघ और भाजपा को आपने मध्य प्रदेश में जिस सेवा और समर्पण से सींचा, वह हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत है।”
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा, “राजसी वैभव का त्याग कर जनसेवा, लोकतंत्र और राष्ट्रवादी विचारधारा के सशक्तीकरण हेतु अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित करने वाली, भाजपा की संस्थापक सदस्य राजमाता विजयाराजे सिंधिया को विनम्र श्रद्धांजलि। त्याग, संघर्ष और सेवा की प्रतिमूर्ति राजमाता ने जो दिशा दी, वह भारत की एकता और अखंडता को सदैव बल देती रहेगी।” केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने भी श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “सेवा, त्याग और सादगी की प्रतिमूर्ति, भाजपा की संस्थापक सदस्य राजमाता विजयाराजे सिंधिया जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन। उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन जनकल्याण और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित किया। गरीबों और वंचितों के लिए उनके प्रयास सशक्त भारत के निर्माण के लिए प्रेरणादायक हैं।


 

धन धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन से आत्मनिर्भर भारत की नई खेती क्रांति — पीएम मोदी

12-Oct-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि बीते 11 वर्षों में भारत का कृषि निर्यात करीब-करीब दोगुना हो गया है। अनाज उत्पादन 900 लाख मीट्रिक टन और बढ़ गया। फल और सब्जियों का उत्पादन 640 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा बढ़ गया है। नई दिल्ली स्थित इंडियन एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टिट्यूट में एक विशेष कृषि कार्यक्रम में किसानों के लिए दो नई योजनाओं ‘प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना’ और ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ को लॉन्च करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ये दो योजनाएं भारत के किसानों का भाग्य बदलने का काम करेंगी।
उन्होंने बताया कि इन योजनाओं पर सरकार करीब 35 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च करने वाली है। उन्होंने किसानों के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खेती और किसानी हमेशा से हमारी विकास यात्रा का एक प्रमुख हिस्सा रही है। यह बेहद जरूरी है कि बदलते समय के साथ खेती और किसान को सरकार का सहयोग मिलता रहे।
पीएम मोदी ने आगे कहा, “बीज से लेकर बाजार तक अनगिनत सुधार किए गए। जिसके परिणामस्वरूप आज दूध उत्पादन में भारत दुनिया में नंबर एक पर है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक है। भारत में शहद उत्पादन 2014 की तुलना में दोगुना हो गया है। देश में 6 बड़ी फर्टिलाइजर फैक्ट्रियां बनाई गई हैं। 25 करोड़ से ज्यादा सॉइल हेल्थ कार्ड किसानों को दिए गए हैं। 100 लाख हेक्टेयर में सूक्ष्म सिंचाई की सुविधा पहुंची है। पीएम फसल बीमा योजना से करीब 2 लाख करोड़ रुपए क्लेम के रूप में किसानों को मिले हैं। बीते 11 वर्षों में 10 हजार से ज्यादा किसान उत्पाद संघ एफपीओ बने।” उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में आने से पहले उनकी अनेक किसानों और मछुआरों से बात हुई। उन्हें कृषि क्षेत्र में काम कर रही महिलाओं के अनुभव सुनने का अवसर मिला।
पीएम मोदी ने कहा कि ऐसी अनेक उपलब्धियां हैं जो देश के किसानों ने बीते 11 वर्षों में अनुभव की हैं। उन्होंने कहा, “हमें विकसित बनने के लिए हर क्षेत्र में लगातार बेहतर करते ही रहना होगा। सुधार करना ही होगा। इसी सोच का प्रमाण पीएम धन-धान्य कृषि योजना है। इस योजना की प्रेरणा आकांक्षी जिला योजना का सफलता बनी है।”
आकांक्षी जिलों को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि जब वंचितों को वरीयता और पिछड़ों को प्राथमिकता मिलती है तो उसके नतीजे भी बहुत अच्छे मिलते हैं। आज आकांक्षी जिलों में माता मृत्यु दर घटी है। बच्चों का स्वास्थ्य और पढ़ाई का स्तर सुधरा है। ये जिले अब कई पैरामीटर्स को लेकर दूसरे जिलों से बेहतर कर रहे हैं।


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