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चक्रवात ‘मोंथा’ पहुंचा काकीनाडा, तमिलनाडु में छह दिनों तक बारिश की संभावना

29-Oct-2025
काकीनाडा (शोर संदेश)। चक्रवात ‘मोंथा’ बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश के काकीनाडा पहुंचा, जिससे तटीय जिलों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने लगी। मौसम विभाग (आईएमडी) ने पुष्टि की है कि इस सप्ताह की शुरुआत में दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बना यह चक्रवात मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच 110 किमी प्रति घंटे की गति से टकराया।

आईएमडी अधिकारियों के अनुसार, ‘मोंथा’ के कारण कृष्णा और मछलीपट्टनम जिलों के कई हिस्सों में गरज और बिजली के साथ तेज बारिश हुई, जिससे पेड़ उखड़ गए और संपत्ति को नुकसान पहुंचा। अल्लूरी जिले में, तूफान के दौरान एक पेड़ गिरने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

प्रभावित क्षेत्रों में गिरे हुए पेड़ों को हटाने और बिजली बहाल करने के लिए आपदा प्रबंधन टीमों को तैनात किया गया है। सोमवार से उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा भीषण चक्रवाती तूफान तट पार करने के बाद थोड़ा कमजोर पड़ गया, लेकिन इसके दक्षिण भारत में व्यापक वर्षा लाने की उम्मीद है। आईएमडी ने कहा कि मोंथा के प्रभाव के कारण, तमिलनाडु में अगले छह दिनों तक मध्यम वर्षा होने की संभावना है।

बुधवार सुबह जारी मौसम बुलेटिन में चेतावनी दी गई है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी और कन्याकुमारी सागर के तटीय क्षेत्रों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो कभी-कभी 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे हालात सुधरने तक समुद्र तट पर न जाएं। चेन्नई में, आसमान में बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन और तमिलनाडु आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने संभावित वर्षा संबंधी घटनाओं से निपटने के लिए सभी आपातकालीन नियंत्रण कक्षों को अलर्ट पर रखा है।

तमिलनाडु के अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन को नदियों और जलाशयों में जल स्तर की निगरानी करने और निचले व बाढ़-प्रवण क्षेत्रों में निवारक कदम सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है। 

 


पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री साने ताकाइची को दी बधाई, भारत-जापान संबंध को लेकर फोन पर हुई चर्चा

29-Oct-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान की पीएम से फोन पर बातचीत की। जापान को हाल ही में पहली महिला प्रधानमंत्री मिली हैं। साने ताकाइची ने जापान की प्रधानमंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभाली है। पीएम मोदी ने जापान की प्रधानमंत्री बनने के लिए ताकाइची को बधाई दी।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी इसकी जानकारी
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा, “जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची के साथ गर्मजोशी से बातचीत हुई। उन्हें पदभार ग्रहण करने पर बधाई दी और आर्थिक सुरक्षा, रक्षा सहयोग और प्रतिभा गतिशीलता पर केंद्रित भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को आगे बढ़ाने के हमारे साझा दृष्टिकोण पर चर्चा की। हम इस बात पर सहमत हुए कि वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए भारत-जापान के मजबूत संबंध अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।”

पीएम ताकाइची ने हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी
बता दें, पीएम ताकाइची ने हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी। अमेरिकी राष्ट्रपति इन दिनों एशिया दौरे पर हैं। एशिया दौरे के दूसरे चरण के तहत ट्रंप जापान के टोक्यो पहुंचे थे।ट्रंप के जापान दौरे पर दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर मुहर लगी। देशों ने रेयर अर्थ मिनरल्स की आपूर्ति को लेकर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। अमेरिका स्मार्टफोन से लेकर फाइटर जेट्स तक कई तरह के प्रोडक्ट्स के लिए जरूरी इन मटीरियल्स पर चीन के दबदबे को खत्म करना चाहता है, उस पर निर्भरता कम करना चाहता है।

जापान के अहम सुरक्षा और व्यापार पार्टनर संग ऐसा ही करीबी रिश्ता ताकाइची को देश में अपनी कमजोर राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने में मदद कर सकता है।जापानी मीडिया के अनुसार, ट्रंप ने अमेरिका से ज्यादा सुरक्षा उपकरण खरीदने की जापान की कोशिशों की भी तारीफ की। वहीं पीएम ताकाइची ने कंबोडिया-थाईलैंड और इजरायल-हमास के बीच सीजफायर कराने में ट्रंप की भूमिका को “अभूतपूर्व” बताया। यही वजह है कि उन्होंने दूसरे वर्ल्ड लीडर्स की तरह ट्रंप को शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया।जापानी मीडिया के अनुसार ताकाइची का अंदाज जनता को पसंद आ रहा है, लेकिन अभी भी वे निचले सदन में बहुमत से दो वोट दूर हैं। ऐसे में उम्मीद पक्की है कि जो डील सील हुई है, वह जापानी पीएम की स्थिति को और मजबूत करेगी। ट्रंप के साथ जापान का यह गठबंधन नई ऊर्जा भरने का काम करेगा।
 

राजनाथ सिंह कुआलालंपुर में 12वीं आसियान रक्षा मंत्री बैठक-प्लस में होंगे शामिल

29-Oct-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 12वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस में शामिल होंगे। वह एक नवंबर को मलेशिया के कुआलालंपुर में आयोजित होने जा रही इस बैठक का हिस्सा बनेंगे। इस दौरान राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस के 15 वर्षों पर चिंतन और आगे की राह तय करने संबंधी विषय पर अपने विचार साझा करेंगे।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारत 1992 में आसियान का वार्ता साझेदार बना और इसका पहला एडीएमएम-प्लस 12 अक्टूबर, 2010 को वियतनाम के हनोई में आयोजित किया गया था। 2017 से, एडीएमएम-प्लस का आयोजन आसियान और प्लस देशों के बीच रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिवर्ष किया जाता है। एडीएमएम-प्लस के तहत, भारत 2024-2027 चक्र के लिए मलेशिया के साथ आतंकवाद निरोध पर विशेषज्ञ कार्य समूह का सह-अध्यक्ष है। आसियान-भारत समुद्री अभ्यास का दूसरा संस्करण भी 2026 में निर्धारित है।
रक्षा मंत्री 31 अक्टूबर को आयोजित होने वाली दूसरी आसियान-भारत रक्षा मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक में भी भाग लेंगे। रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह बैठक मलेशिया की अध्यक्षता में होगी। इस बैठक में आसियान के सभी सदस्य देशों के रक्षा मंत्री मौजूद रहेंगे।
इस बैठक का उद्देश्य भारत और आसियान देशों के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को और सुदृढ़ बनाना है। इसके साथ ही इस बैठक के जरिए भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ को और गति देने का प्रयास किया जाएगा। अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान राजनाथ सिंह आसियान-प्लस सदस्य देशों के अपने समकक्ष रक्षा मंत्रियों से मुलाकात करेंगे। वह मलेशिया के वरिष्ठ नेतृत्व से द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे।
आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक आसियान के भीतर रक्षा संबंधी परामर्श और सहयोग का सर्वोच्च मंच है। आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस इस मंच का विस्तारित रूप है। इसमें ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, तिमोर लेस्ते और वियतनाम जैसे 11 सदस्य देश शामिल हैं।
इनके अलावा 8 संवाद साझेदार देश भी हैं, जिनमें भारत, अमेरिका, चीन, रूस, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड शामिल हैं। वर्तमान चक्र (2024–2027) में भारत मलेशिया के साथ मिलकर ‘काउंटर टेररिज्म (आतंकवाद-रोधी)’ विशेषज्ञ कार्य समूह की सह-अध्यक्षता कर रहा है। इसके अतिरिक्त, आसियान-भारत समुद्री अभ्यास का दूसरा संस्करण वर्ष 2026 में आयोजित किया जाएगा। 

राष्ट्रपति मुर्मु ने लड़ाकू विमान में उड़ान भरने के बाद कहा- ‘राफेल ने देश की रक्षा क्षमता पर गर्व बढ़ाया’

29-Oct-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को राफेल विमान में उड़ान भरने के बाद कहा कि शक्तिशाली राफेल विमान की पहली उड़ान ने मुझमें राष्ट्र की रक्षा क्षमताओं के प्रति एक नई गौरव की भावना जगाई है। राष्ट्रपति को राफेल और भारतीय वायु सेना की परिचालन क्षमताओं के बारे में भी जानकारी दी गई।
राष्ट्रपति मुर्मु भारतीय वायु सेना के दो लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति बनीं
राष्ट्रपति मुर्मु भारतीय वायु सेना के दो लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति हैं। इससे पहले उन्होंने 2023 में सुखोई-30 एमकेआई में उड़ान भरी थी। भारतीय सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति ने लगभग 30 मिनट तक उड़ान भरी और लगभग 200 किलोमीटर की दूरी तय की। विमान को 17 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन अमित गेहानी ने उड़ाया। विमान ने समुद्र तल से लगभग 15 हजार फीट की ऊंचाई पर और लगभग 700 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उड़ान भरी।
आगंतुक पुस्तिका में राष्ट्रपति ने एक संक्षिप्त नोट लिखकर व्यक्त कीं अपनी भावनाएं
बाद में आगंतुक पुस्तिका में राष्ट्रपति ने एक संक्षिप्त नोट लिखकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं, जिसमें उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना के राफेल विमान पर अपनी पहली उड़ान के लिए वायुसेना स्टेशन अंबाला आकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। राफेल पर उड़ान मेरे लिए एक अविस्मरणीय अनुभव है। शक्तिशाली राफेल विमान पर इस पहली उड़ान ने मुझमें राष्ट्र की रक्षा क्षमताओं के प्रति गर्व की एक नई भावना भर दी है। मैं इस उड़ान के सफल आयोजन के लिए भारतीय वायु सेना और वायुसेना स्टेशन, अंबाला की पूरी टीम को बधाई देती हूं। 

कर्नाटक के विजयपुरा जिले में भूकंप से दहशत, दो महीने में 11 झटके

29-Oct-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। कर्नाटक के विजयपुरा जिले में लगातार आ रहे भूकंपों ने लोगों की नींद उड़ा दी है। पिछले दो महीनों में 11 झटके दर्ज किए गए हैं। मंगलवार रात 11:41 बजे के बाद बुधवार सुबह भी करीब 5:30 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। दोनों बार कंपन के बाद लोग घरों से बाहर भागे। कई इलाकों में सीसीटीवी कैमरों ने भूकंप के दौरान का पूरा दृश्य कैद कर लिया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि जैसे ही झटके लगे, दीवारे और सड़कों पर खड़े वाहन हिलने लगे और कुत्ते जोर-जोर से भौंकने व चीखने लगे।
भूकंप की तिव्रता रिक्टर स्केल पर 3.0 दर्ज की गई
भूकंप के केंद्र के बाहर रिक्टर स्केल पर 3.0 तीव्रता दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि यह तीव्रता मध्यम स्तर की है, लेकिन बार-बार आने से खतरा बढ़ रहा है। अभी तक किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन लोग सहमे हुए हैं।
डर के मारे कई परिवार अब रात में घर के बाहर सोने को मजबूर
स्थानीय लोगों के मुताबिक, रात में सोते वक्त अचानक बिस्तर हिलता है तो दिल बैठ जाता है। बच्चे रोने लगते हैं और बुजुर्ग घबरा जाते हैं। कई परिवार अब रात में घर के बाहर सोने लगे हैं। दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। स्कूलों में भी बच्चों में डर दिख रहा है।
भू-वैज्ञानिकों की टीम मौके पर पहुंच गई है
भू-वैज्ञानिकों की टीम मौके पर पहुंच गई है। वे भूकंप के कारणों का पता लगा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह इलाका भूकंपीय रूप से सक्रिय जोन में नहीं है, फिर भी इतने झटके चिंता की बात हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित जगह पर जाने की सलाह दी है।
जिला प्रशासन ने आपातकालीन हेल्पलाइन सेवा शुरू की है
जिला प्रशासन ने आपातकालीन हेल्पलाइन सेवा शुरू की है। लोगों से कहा गया है कि पुरानी इमारतों में न रहें और भूकंप आने पर टेबल के नीचे छिपें। अभी तक राहत शिविर नहीं लगाए गए, लेकिन जरूरत पड़ी तो तुरंत व्यवस्था की जाएगी। लगातार भूकंपों ने विजयपुरा को दहशत में डाल दिया है। जांच जारी है, जल्द ही पूरी रिपोर्ट आएगी।

कांकेर में 21 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, अमित शाह बोले — 2026 तक नक्सलवाद का होगा अंत

27-Oct-2025
नई दिल्ली । ( शोर संदेश ) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में 21 माओवादियों के सरेंडर के बाद उनकी प्रशंसा की। उन्होंने अभी भी हथियार थामने वाले माओवादियों से जल्द से जल्द आत्मसमर्पण करने की अपील भी की।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में 21 माओवादियों ने अपने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। इनमें से 13 वरिष्ठ कार्यकर्ता थे।”
उन्होंने कहा, “मोदी सरकार के आह्वान पर हिंसा का त्याग कर मुख्यधारा में शामिल होने के लिए मैं उनकी सराहना करता हूं। मैं उन बाकी लोगों से, जो अभी भी बंदूक थामे हुए हैं, अपनी अपील दोहराता हूं कि वे जल्द से जल्द आत्मसमर्पण कर दें।”
अमित शाह ने केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा, “हम 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का सफाया करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”कांकेर जिले में रविवार को 21 माओवादी कैडरों ने अपने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया और समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया। यह कदम “पूना मार्गम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के तहत किया गया।इन 21 कैडरों में 4 डीवीसीएम (डिवीजन वाइस कमेटी मेंबर), 9 एसीएम (एरिया कमेटी मेंबर) और 8 पार्टी सदस्य शामिल हैं। आत्मसमर्पण करने वालों में 13 महिला और 8 पुरुष कैडर हैं। इस समूह में डिवीजन कमेटी सेक्रेटरी मुकेश भी शामिल हैं।
इन कैडरों के पास से 18 हथियार भी बरामद किए गए, जिनमें तीन एके-47 रायफलें, चार एसएलआर रायफलें, दो इंसास रायफलें, छह .303 रायफलें, दो सिंगल शॉट रायफलें और एक बीजीएल हथियार शामिल हैं।करीब दो हफ्तों में छत्तीसगढ़ में 400 से अधिक माओवादियों ने पुलिस के सामने हथियार डाले हैं। सबसे बड़ी उपलब्धि उस समय मिली, जब माओवादी गढ़ माने जाने वाले माड़ क्षेत्र के 208 नक्सलियों ने बस्तर जिले के रिजर्व पुलिस लाइन्स में आयोजित एक कार्यक्रम में आत्मसमर्पण किया। इससे पहले, 16 अक्टूबर को 170 और 15 अक्टूबर को 27 माओवादियों ने सरेंडर किया था। 





 

प्रधानमंत्री मोदी बोले – स्वच्छता, संस्कृति और आत्मनिर्भरता ही भारत की नई पहचान

27-Oct-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 127वें एपिसोड में देशवासियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने त्योहारी सीजन, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, भारतीय संस्कृति और देश के युवा नेतृत्व पर अपने विचार साझा किए। पीएम मोदी ने कहा कि इस समय देश में दीपावली और छठ पूजा के उत्साह का माहौल है। उन्होंने अपने पत्रों के जवाब में आए संदेशों का जिक्र करते हुए बताया कि देशवासियों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और जीएसटी बचत उत्सव को लेकर उत्साह दिखाया। उन्होंने घरेलू उत्पादों की खरीद और खाद्य तेल की खपत में कमी के लिए लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रेरक उदाहरण साझा किए। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में प्लास्टिक कचरे के बदले भोजन देने वाले ‘गार्बेज कैफे’ शुरू किए गए हैं। वहीं, बेंगलुरु में इंजीनियर कपिल शर्मा और उनकी टीम ने 40 कुओं और 6 झीलों का जीर्णोद्धार किया और वृक्षारोपण अभियान में स्थानीय लोगों और कॉर्पोरेट्स को भी शामिल किया। गुजरात में धोलेरा और कच्छ में मैंग्रोव वृक्षारोपण अभियान की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि इन वृक्षों के कारण समुद्री पारिस्थितिकी में सुधार हुआ है, डॉल्फिन, क्रैब और प्रवासी पक्षियों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने भारतीय कुत्तों की नस्लों, उनके प्रशिक्षण और सुरक्षा बलों में उनकी भूमिका पर भी चर्चा की। उन्होंने बीएसएफ और सीआरपीएफ द्वारा देशी कुत्तों को प्रशिक्षित करने और उनके नामों में भारतीयता बनाए रखने की प्रशंसा की। इसके अलावा, उन्होंने 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ में भाग लेने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने भारतीय कॉफी, विशेषकर ओडिशा की कोरापुट कॉफी और देश के अन्य हिस्सों में कॉफी की विविधता और उसके लाभ पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत की कॉफी अब विश्व स्तर पर पहचान बना रही है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150वें वर्ष और इसके महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ मातृभूमि के प्रति हमारे कर्तव्यों और देशभक्ति की भावना जगाता है। उन्होंने देशवासियों से इस अवसर को यादगार बनाने के लिए सुझाव भेजने का अनुरोध किया।
साथ ही, उन्होंने संस्कृत भाषा और युवा पीढ़ी द्वारा संस्कृत में किए जा रहे रोचक कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भाषा किसी सभ्यता के मूल्यों और परंपराओं का वाहक होती है और युवा इसे पुनर्जीवित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने आदिवासी नायकों, कोमराम भीम और भगवान बिरसा मुंडा के योगदान को याद करते हुए युवा पीढ़ी से उनसे सीख लेने और उनके जीवन और कार्यों को जानने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ के माध्यम से देशवासियों को अपने आस-पास के प्रेरक व्यक्तियों और समूहों के बारे में बताने का मौका मिलता है। उन्होंने सभी से ऐसे संदेश भेजने का अनुरोध किया और अगले महीने फिर नए विषयों के साथ ‘मन की बात’ में मिलने का वादा किया।

पीएम मोदी ने समस्तीपुर जिले से चुनाव अभियान की शुरुआत की

25-Oct-2025
नई दिल्ली । ( शोर संदेश )   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार के समस्तीपुर से अपने चुनाव प्रचार का आगाज किया। उन्होंने जननायक कर्पूरी ठाकुर की धरती से कहा, “लोकतंत्र के महापर्व का बिगुल बज चुका है और पूरा बिहार कह रहा है- ‘फिर एक बार एनडीए सरकार, फिर एक बार सुशासन सरकार, जंगलराज वालों को दूर रखेगा बिहार’। ”
अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने दावा किया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए जीत के सारे रिकॉर्ड तोड़ देगा। इन चुनावों में एनडीए को अब तक का सबसे बड़ा जनादेश प्राप्त होगा।
पीएम मोदी ने कहा, “राजद और कांग्रेस वाले क्या कह रहे हैं और क्या कह रहे हैं ये आपको मुझसे ज्यादा पता है। आपको याद दिलाने की जरूरत नहीं है। ये लोग हजारों करोड़ रुपए के घोटालों में जमानत पर चल रहे हैं। कोई चोरी के मामले में जमानत पर है, अब चोरी की आदत इनकी ऐसी है कि ये ‘जननायक’ की उपाधि की चोरी में जुटे हैं। बिहार के लोग जननायक कर्पूरी ठाकुर का ये अपमान कभी नहीं सहेंगे।”
उन्होंने कहा कि इस बार बिहार में भी नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए जीत के अपने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ने वाला है। इन चुनावों में बिहार एनडीए को अब तक का सबसे बड़ा जनादेश देगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “लोकतंत्र के महापर्व का बिगुल बज चुका है और पूरा बिहार कह रहा है- ‘फिर एक बार एनडीए सरकार, फिर एक बार सुशासन सरकार, जंगलराज वालों को दूर रखेगा बिहार’।”
उन्होंने कहा कि इस समय आप जीएसटी बचत उत्सव का भी खूब आनंद ले रहे हैं और कल से छठी मैया का महापर्व भी शुरू होने जा रहा है। ऐसे व्यस्त समय में भी आप इतनी विशाल संख्या में यहां आए हैं, समस्तीपुर का जो ये माहौल है, मिथिला का जो मूड है उसने पक्का कर दिया है- ‘नई रफ्तार से चलेगा बिहार, जब फिर आएगी एनडीए सरकार।’
पीएम मोदी ने कहा, “आज का दिवस मेरे जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण दिवस है। यहां आने से पहले मैं कर्पूरी ग्राम गया था, वहां मुझे भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को श्रद्धापूर्वक उन्हें नमन करने का अवसर मिला। ये उनका ही आशीर्वाद है कि आज हम जैसे पिछड़े और गरीब परिवारों से निकले लोग इस मंच पर खड़े हैं। आजाद भारत के सामाजिक न्याय लाने में, गरीब और वंचितों को नए अवसरों से जोड़ने में भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की भूमिका बहुत बड़ी रही है। वे मां भारती के अनमोल रत्न थे। उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने का सौभाग्य हमारी सरकार को मिला। ये हमारे लिए सम्मान की बात है। हमारी सरकार भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को प्रेरणापुंज मानती है। वंचितों को वरीयता, पिछड़ों को प्राथमिकता, गरीब की सेवा हम इस संकल्प के साथ आगे बढ़े हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कर्पूरी ठाकुर के दिखाए सामाजिक न्याय के रास्ते को एनडीए ने सुशासन का आधार बनाया है। हमने गरीबों, दलितों, महादलितों, पिछड़ों, अतिपिछड़ों के हितों को प्राथमिकता दी है। हमारी सरकार ने सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया। भाजपा एनडीए ने ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के आरक्षण को भी 10 साल के लिए और आगे बढ़ाया। डॉक्टर की पढ़ाई के लिए अखिल भारतीय कोटे में पहले पिछड़ों को, गरीबों को आरक्षण नहीं था। ये संविधान लेकर जो गुमराह करते हैं तब ये हक नहीं मिलता था। एनडीए सरकार ने ही ये प्रावधान किया। हमारे देश में ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा देने की मांग कई दशकों से हो रही थी। ये मांग भी एनडीए सरकार ने ही पूरी की। अब गरीब का बेटा अपनी भाषा में पढ़ाई कर सकता है।”
 

पीएम मोदी का छठ पूजा संदेश — देशवासियों से पर्व की भव्यता बढ़ाने वाले गीत साझा करने का आग्रह

24-Oct-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के प्रमुख सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्व छठ पूजा के आगमन पर देशवासियों से उत्साहपूर्ण भागीदारी की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में कहा कि प्रकृति और संस्कृति को समर्पित यह महापर्व जल्द ही शुरू होने वाला है। बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों में श्रद्धालु इस पर्व की तैयारियों में भक्ति-भाव से जुटे हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में छठ पूजा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस पर्व के गीत इसकी भव्यता और दिव्यता को और बढ़ाते हैं। उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि वे छठ पूजा से जुड़े अपने पसंदीदा गीत उनके साथ साझा करें।
पीएम मोदी ने यह भी घोषणा की कि वे अगले कुछ दिनों तक इन गीतों को देशवासियों के साथ सोशल मीडिया के माध्यम से साझा करेंगे, ताकि इस पर्व का उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा पूरे देश में फैले। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “प्रकृति और संस्कृति को समर्पित महापर्व छठ आने वाला है। बिहार सहित देशभर में इसकी तैयारियों में श्रद्धालु पूरे भक्ति-भाव से जुट चुके हैं। छठी मइया के गीत इस पावन अवसर की भव्यता और दिव्यता को और बढ़ाने वाले होते हैं। आपसे आग्रह है कि आप भी छठ पूजा से जुड़े गीत मेरे साथ शेयर करें। मैं अगले कुछ दिनों तक इन्हें सभी देशवासियों के साथ साझा करूंगा।”
छठ पूजा, जो मुख्य रूप से सूर्य देव और छठी मैया की उपासना का पर्व है, भारतीय संस्कृति में विशेष स्थान रखता है। यह पर्व चार दिनों तक चलता है, जिसमें नहाय-खाय, खरना, डूबते सूर्य को अर्घ्य और उगते सूर्य को अर्घ्य जैसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान शामिल हैं।
बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में यह पर्व विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है, जहां लाखों श्रद्धालु घाटों पर एकत्र होकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करते हैं। इस दौरान छठी मइया के गीतों की गूंज वातावरण को और भी पवित्र बनाती है। प्रधानमंत्री मोदी के इस आह्वान से देशभर के लोग छठ पूजा के गीतों को साझा करने के लिए उत्साहित हैं। 

भारत में पहला ऑस्ट्रेलियाई नेशंस बिजनेस मिशन, माइनिंग पार्टनरशिप को मिलेगा नया आयाम

24-Oct-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच माइनिंग पार्टनरशिप को मजबूत करने के उद्देश्य से ऑस्ट्रेलिया इस महीने भारत में अपना पहला नेशंस बिजनेस मिशन लीड करने जा रहा है। इस अवसर पर पार्टनरशिप के मौकों को तलाशने के लिए आठ ऑस्ट्रेलियाई माइनिंग इक्विपमेंट, टेक्नोलॉजी और सर्विसेज कंपनियां (एमईटीएस) 26 अक्टूबर से 3 नवंबर तक मुंबई, नई दिल्ली और कोलकाता का दौरा करेंगी।
डेलिगेशन पहले 26 से 28 अक्टूबर तक मुंबई उसके बाद 28 से 30 अक्टूबर दिल्ली और इसके बाद 30 अक्टूबर से 2 नवंबर तक कोलकाता के दौरे पर रहेगा। इस दौरान भारत के सबसे बड़े माइनिंग कॉन्फ्रेंस इंटरनेशनल माइनिंग, इक्विपमेंट एंड मिनरल्स एग्जीबिशन में अपनी विशेषज्ञता और इनोवेशन का प्रदर्शन करेंगे।
इस दौरे को लेकर ऑस्ट्रेलियाई हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन ने कहा, “दुनिया भर में स्वदेशी अधिकारों को आगे बढ़ाने और फर्स्ट नेशंस ट्रेड और इन्वेस्टमेंट को बढ़ाने में मदद करने की हमारी कोशिशों के तहत, ऑस्ट्रेलिया भारतीय अर्थव्यवस्था से ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने आगे कहा कि भारत ऑस्ट्रेलियाई फर्स्ट नेशंस इंडस्ट्रीज के लिए एक बहुत अवसर पेश करता है। चाहे यह अवसर एग्रीफूड और नेटिव बोटैनिकल,कला, डिजाइन का निर्यात हो या साइबर, क्लीन एनर्जी या माइनिंग सॉल्यूशन डेवलप करना हो। ऑस्ट्रेलियाई सरकार इस ऐतिहासिक बिजनेस मिशन को सपोर्ट करने पर गर्व महसूस करती है।
ऑस्ट्रेलियाई फर्स्ट नेशंस एबोरिजिनल और टोरेस स्ट्रेट आइलैंडर लोग धरती की सबसे पुरानी लगातार चलने वाली सभ्यताओं में से एक हैं, जो 65,000 साल से भी अधिक पुरानी है। इनकी पहचान ऑस्ट्रेलिया के पहले डिप्लोमैट, ट्रेडर, इनोवेटर और ज्ञान रखने वालों के रूप में होती है।
इस डेलिगेशन को पर्थ यूएसएशिया सेंटर और चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया द्वारा ऑस्ट्रेलियाई सरकार की ओर से लीड किया जा रहा है। जो कि डीजल माइनिंग गाड़ियों को इलेक्ट्रिक में बदलने से लेकर फ्यूल एफिशिएंसी को बेहतर बनाने के लिए केमिकल बनाने, सेफ्टी, इंडस्ट्रियल गैस, इंजीनियरिंग और टेक्निकल सर्विसेज जैसे कई सेक्टरों में ऑस्ट्रेलियाई क्षमताओं का बेहतरीन उदाहरण पेश करते हैं।








 


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