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अब पूरे देश में बुलेट ट्रेन चलाने का प्लान, संसद में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया ऐलान

27-Jun-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  अहमदाबाद से मुंबई को जोड़ने वाली बुलेट ट्रेन परियोजना पर काम तेजी से चल रहा है। इस बीच सरकार ने ऐलान किया है कि वह पूरे देश में इसकी संभावनाओं पर विचार करेगी और उसके लिए स्टडी कराएगी। गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए इसकी जानकारी दी। उन्होंने अपने अभिभाषण में कहा कि सरकार ने उत्तर, दक्षिण और पूर्वी भारत में बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के लिए अध्ययन शुरू करने का फैसला लिया है। फिजिबिलिटी स्टडी के तहत यह देखा जाएगा कि आखिर बुलेट ट्रेन चलाने का क्या रूट हो सकता है। कितनी जमीन की जरूरत होगी। कैसे ट्रैक का निर्माण होगा और कितना खर्च आएगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, ‘मेरी सरकार उन आधुनिक मानदंडों पर काम कर रही है, जिससे भारत विकसित देशों के सामने बराबरी से खड़ा हो सके।’ उन्होंने कहा, ‘सरकार ने उत्तर, दक्षिण और पूर्वी भारत में बुलेट ट्रेन गलियारों के लिए व्यवहार्यता अध्ययन शुरू करने का फैसला किया है।’ राष्ट्रपति ने कहा कि अहमदाबाद-मुंबई के बीच ‘हाई-स्पीड रेल इकोसिस्टम’ का निर्माण कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। अहमदाबाद और मुंबई के बीच 508 किलोमीटर लंबा हाईस्पीड गलियारा देश में पहला ‘कॉरिडोर’ है। 
इस पर बुलेट ट्रेन 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी और सूरत तथा वड़ोदरा में ठहराव के साथ पूरी दूरी केवल दो घंटे और सात मिनट में पूरी करेगी। परियोजना का निर्माण ‘नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड’ कर रहा है। उसने सूरत और बिलिमोरा के बीच परियोजना के पहले चरण के अगस्त 2026 तक पूरा होने की संभावना जताई है। राष्ट्रपति ने कहा कि 10 वर्ष में देश के 21 शहरों तक मेट्रो सुविधाएं पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने 10 वर्षों में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत गांवों में 3 लाख 80 हज़ार किलोमीटर से ज्यादा सड़कें बनाई हैं। 
मुर्मू ने कहा, ‘आज भारत में राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे का जाल बिछ रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने की गति में भी दोगुने से अधिक की वृद्धि हुई है।’ गौरतलब है कि अहमदाबाद से मुंबई तक चलने वाली ट्रेन पश्चिम भारत को जोड़ेगी। इसी तरह अब कोलकाता से दिल्ली समेत कई ऐसे रूटों पर ट्रेनें चलाने का प्लान है, जिससे देश के अहम शहरों की कनेक्टिविटी मजबूत हो सके। 

शपथ के समय जय फिलिस्तीन कह बुरे फंसे ओवैसी, सांसदी पर मंडराया खतरा; राष्ट्रपति को लेटर

27-Jun-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) लोकसभा में शपथ लेने के दौरान एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी के जय फिलिस्तीन कहने पर विवाद छिड़ गया है। ओवैसी की संसद से सदस्यता खत्म करने की मांग होने लगी है। वरिष्ठ वकील हरि शंकर जैन ने भी इस बाबत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेटर लिखा है और ओवैसी की सदस्यता को अयोग्य घोषित करने की मांग की है।
वरिष्ठ वकील हरि शंकर जैन ने हैदराबाद से एक बार फिर चुने गए असदुद्दीन ओवैसी द्वारा सदन के सदस्य के रूप में शपथ लेते समय इस्तेमाल किए गए 'जय फिलिस्तीन' शब्दों पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखा। उन्होंने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि 25.06.2024 को संसद सदस्य के रूप में शपथ लेते समय विदेशी देश यानी फिलिस्तीन के प्रति अपनी निष्ठा और पालन को स्वीकार करने के लिए सांसद को अयोग्य घोषित किया जाए।
हैदराबाद से पांचवीं बार सदस्य निर्वाचित हुए ओवैसी ने उर्दू में शपथ ली थी। शपथ लेने से पहले उन्होंने दुआ पढ़ी। अपनी शपथ के बाद उन्होंने मुस्लिमों के लिए एआईएमआईएम का नारा बुलंद करने के अलावा अपने राज्य तेलंगाना, बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के पक्ष में नारा लगाया। ओवैसी ने पश्चिम एशिया के उस क्षेत्र के पक्ष में नारा लगाया जो वर्तमान में युद्ध का सामना कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा के केंद्रबिंदु में है। उनकी शपथ के बाद सत्ता पक्ष के कुछ सदस्यों ने आपत्ति जताई, जिससे सदन में हंगामा शुरू हो गया। 
संसद से बाहर संवाददाताओं से बात करते हुए, ओवैसी ने कहा था कि उन्होंने सदन के भीतर 'जय फिलिस्तीन' कहा है। उनका कहना था, ''अन्य सदस्य भी अलग-अलग बातें कह रहे हैं... मैंने कहा 'जय भीम, जय मीम, जय तेलंगाना, जय फिलिस्तीन'। यह कैसे गलत है? मुझे संविधान के प्रावधान बताएं? आपको दूसरों की बात भी सुननी चाहिए...पढ़िए कि महात्मा गांधी ने फिलिस्तीन के बारे में क्या कहा था।'' यह पूछे जाने पर कि उन्होंने फिलिस्तीन का उल्लेख क्यों किया, ओवैसी ने कहा, ''वे उत्पीड़ित लोग हैं।'' 

वहीं, केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी और किरेन रिजिजू ने ओवैसी की आलोचना की और उनके बयान की निंदा की। एआईएमआईएम प्रमुख पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने कहा, "एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी द्वारा संसद में दिया गया 'जय फिलिस्तीन' का नारा गलत है। यह सदन के नियमों के खिलाफ है। वह भारत में रहते हुए 'भारत माता की जय' नहीं कहते हैं।" तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष ने आगे कहा, "लोगों को यह समझना चाहिए कि वह देश में रहते हुए असंवैधानिक काम करते हैं।" दूसरी ओर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि शपथ लेते समय दूसरे देश की प्रशंसा का नारा लगाना अनुचित है। उन्होंने कहा, "हमारी फिलिस्तीन या किसी अन्य देश से कोई दुश्मनी नहीं है। मुद्दा यह है कि शपथ लेते समय क्या किसी सदस्य द्वारा किसी अन्य देश की प्रशंसा में नारा लगाना उचित है।"

अरविंद केजरीवाल को सीबीआई ने किया गिरफ्तार

26-Jun-2024
नई दिल्लीः ( शोर संदेश )   एक्साइज पॉलिसी मामले में सीबीआई ने दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट की इजाज़त के बाद सीबीआई ने पहले कोर्ट रूम में ही केजरीवाल से पूछताछ की फिर औपचारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई ने अरविंद केजरीवाल का अरेस्ट मेमो कोर्ट को दिया। सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि हमने केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया है।
मंगलवार को भी सीबीआई ने की थी पूछताछ
इससे पहले अरविंद केजरीवाल को आबकारी मामले में तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने राउज एवन्यू कोर्ट में को पेश किया। केजरीवाल को विशेष न्यायाधीश अमिताभ रावत के समक्ष पेश किया गया जहां सीबीआई ने उनसे पूछताछ करने के लिए उन्हें हिरासत में दिए जाने का अनुरोध किया। सीबीआई ने आम आदमी पार्टी (आप) के नेता से मंगलवार शाम को तिहाड़ जेल में पूछताछ की थी। 
हाई कोर्ट ने जमानत पर लगाई थी रोक 
वहीं, मंगलवार को हाई कोर्ट ने केजरीवाल को जमानत देने से इनकार करते हुए निचली अदालत के फैसले को पलट दिया। निचली अदालत ने केजरीवाल को जमानत दे दी थी लेकिन इस आदेश के खिलाफ जांच एजेंसी ने हाई कोर्ट में अपील कर दिया था। ईडी ने कहा कि निचली अदालत ने उसके वकील से अपनी दलीलें 'छोटी' करने को कहा और कानूनी उपायों का लाभ उठाने के उसके अधिकार को भी सीमित कर दिया गया, क्योंकि जमानत आदेश अगले दिन सुबह 11 बजे के बाद तक अपलोड नहीं किया गया। इसने कहा कि केजरीवाल की जमानत रद्द की जानी चाहिए क्योंकि यह अवैध और विकृत है।
अवकाशकालीन न्यायाधीश के रूप में विशेष न्यायाधीश न्याय बिंदु ने 20 जून को केजरीवाल को जमानत दे दी थी और कहा था कि ईडी मनी लांड्रिंग मामले में अपराध की आय से उन्हें जोड़ने वाले प्रत्यक्ष साक्ष्य प्रस्तुत करने में विफल रहा है। इक्कीस जून को हाई कोर्ट ने स्थगन के मुद्दे पर फैसला सुनाये जाने तक जमानत आदेश के क्रियान्वयन को स्थगित कर दिया था। केजरीवाल ने अपनी जमानत पर अंतरिम रोक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। सोमवार को शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका पर सुनवाई के लिए 26 जून की तारीख तय की और कहा कि वह इस मुद्दे पर उच्च न्यायालय के आदेश की घोषणा की प्रतीक्षा करना चाहेगी।

ओम बिरला चुने गए लोकसभा के अध्यक्ष; प्रधानमंत्री मोदी, रिजिजू और राहुल गांधी आसन तक लेकर गए

26-Jun-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )   भाजपा सांसद और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार ओम बिरला लोकसभा के अध्यक्ष चुने गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा। केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह समेत कई दिग्गजों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। विपक्ष की ओर से के. सुरेश के नाम का प्रस्ताव रखा गया।

इसके बाद प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब ने सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाते हुए प्रस्ताव का सभी के सामने रखा। ध्वनिमत के आधार पर उन्होंने ओम बिरला को लोकसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान खास बात यह भी रही कि आम बिरला को आसन तक ले जाने के लिए पीएम मोदी और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के साथ नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी साथ आए। राहुल को बीती रात ही कांग्रेस ने नेता प्रतिपक्ष घोषित किया है।
ओम बिरला के बारे में जानिए
सबसे सक्रिय सांसदों में रहे, स्पीकर के रूप में कड़े फैसले लेने के लिए भी जाने गए
राजस्थान के कोटा से तीन बार के सांसद ओम बिरला राजस्थान में तीन बार विधायक भी रह चुके हैं। भाजयुमो के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रहे।
बतौर सांसद पहले कार्यकाल में 86 फीसदी उपस्थिति के साथ 671 प्रश्न और 163 बहसों में भागीदारी की थी। 2019 में दूसरी बार सांसद बनने पर लोकसभा अध्यक्ष बनाया गया।

बिरला के नाम दर्ज होगा यह रिकॉर्ड
पांचवीं बार ऐसा हो रहा है कि कोई अध्यक्ष एक लोकसभा से अधिक कार्यकाल तक इस पद पर आसीन रहेगा। कांग्रेस नेता बलराम जाखड़ एकमात्र ऐसे पीठासीन अधिकारी रहे, जिन्होंने सातवीं और आठवीं लोकसभा में दो कार्यकाल पूरे किए हैं।

राहुल बीती रात ही चुने गए नेता प्रतिपक्ष
बता दें कि कांग्रेस ने मंगलवार की रात को ही राहुल गांधी को लोकसभा का नेता प्रतिपक्ष चुना। 16वीं लोकसभा में कांग्रेस के 44 व 17वीं में 52 सांसद जीते थे। इस बार पार्टी के 99 सांसद जीते हैं। हालांकि राहुल गांधी की ओर से वायनाड सीट खाली करने से यह संख्या 98 रह गई है। इसके बावजूद नेता प्रतिपक्ष का पद हासिल करने के लिए यह पर्याप्त है।

अब अजित खेमे में मचने वाली है भगदड़? शरद पवार ने दिए संकेत

26-Jun-2024
मुंबई।  ( शोर संदेश )  महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से बड़ी उथल-पुथल देखने को मिल सकती है। ऐसी खबरे हैं कि अजित पवार खेमे के विधायक वापस शरद पवार के साथ जा सकते हैं। खुद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने मंगलवार को इसका संकेत दिया। उन्होंने संकेत दिया कि उनकी पार्टी के दरवाजे उन विधायकों के लिए खुले हैं, जिन्होंने अजित पवार का साथ दिया था और जिसके कारण पार्टी में फूट पड़ गई थी। हालांकि, उन्होंने कहा कि ऐसे विधायकों को पार्टी में वापस लाने से पहले वह अपने सहयोगियों से सलाह लेंगे।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा, "जहां भी (उन विधायकों के) शामिल होने से पार्टी को मदद मिलेगी और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा, वहां उन्हें शामिल करने में कोई समस्या नहीं है। लेकिन जिन लोगों ने पार्टी के अंदर रहकर पार्टी को कमजोर करने और पार्टी के हितों को नुकसान पहुंचाने का काम किया है, उन्हें वापस नहीं लिया जाएगा।" शरद पवार ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान करना होगा।
अजित पवार के चाचा ने आगे कहा, "इसे ऐसे ही हल्के में नहीं लिया जा सकता है। हमारे सभी सहयोगियों को विश्वास में लिया जाएगा। उनके सुझावों पर विचार किया जाएगा और उनका सम्मान किया जाएगा। उसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।" पवार नांदेड़ से पूर्व केंद्रीय मंत्री सूर्यकांत पाटिल के राकांपा (सपा) में वापस आने के बाद आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे। एनसीपी प्रमुख का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि अजित पवार की अगुआई वाली एनसीपी के 18-19 विधायक शरद पवार के खेमे में लौटने की कोशिश कर रहे हैं और आगामी विधानसभा चुनावों से पहले उनसे संपर्क कर रहे हैं। 
हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में शरद पवार की पार्टी ने विभाजन के बावजूद 10 में से आठ सीटों पर जीत हासिल की। इसके विपरीत, अजित पवार की अगुआई वाली एनसीपी ने जिन चार सीटों पर चुनाव लड़ा था, उनमें से केवल एक पर ही जीत हासिल कर पाई। पिछले सप्ताह एनसीपी (एसपी) महाराष्ट्र प्रमुख जयंत पाटिल ने कहा था कि अगले महीने राज्य के बजट के बाद अजित पवार के विधायक एनसीपी (एसपी) में वापस लौटना शुरू कर देंगे।
 

घर में लगी भीषण आग, परिवार के चार लोगों की मौत

25-Jun-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) राजधानी दिल्ली में बड़ी घटना हुई है। प्रेम नगर इलाके में एक घर में भीषण आग लग गई। आग में चार लोगों की मौत हो गई। आग सुबह करीब 3:30 बजे लगी। दो दमकल गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई।
जानकारी के अनुसार, नजफगढ़ के प्रेम नगर इलाके में सोमवार देर रात एक घर में आग लगने से दंपती समेत परिवार के चार लोगों की दम घुटने से मौत हो गई, शुरुआती जांच में पता चला है कि आग इनवर्टर में शॉर्ट सर्किट से लगी, घटना के समय परिवार के सदस्य पहली मंजिल पर सो रहे थे।
सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे दमकल कर्मी ने परिवार के सभी लोगों को अचेतावस्था में बाहर निकालकर पास के अस्पताल में भर्ती करवाया जहां चारों को मृत घोषित कर दिया गया। मृतकों की पहचान हीरा सिंह, उनकी पत्नी नीतू सिंह, बेटा रॉबिन और लक्ष्य के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, हादसा नजफगढ़ के प्रेम नगर कलोनी में हुआ है। जिसमें पति, पत्नी, दो बेटे की मौत हो गई है। तड़के साढ़े तीन बजे के आसपास मकान में आग लगी थी। दम घुटने से मौत होने की वजह सामने आ रही है।
 

वन्यजीवों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान

24-Jun-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  वन्यजीवों के भोजन में इस तरह के उत्पादों को शामिल किया है। इसमें बनखजूर, जंगल जलेबी, गूलर, बरगद के बीज, त्रिफला, कैत, बेल, पियार, आंवला, बेर, चिरौंजी, महुआ व करोंदा के साथ अन्य जंगली फल खाने में दिए जाएंगे। हालांकि, इसकी शुरुआत हो गई है। इसमें पक्षियों व हिरण प्रजाति के जीवों को गूल व त्रिफला दिया जाना शुरू कर दिया गया है। विशेषकर पक्षी इनका बड़े चाव से सेवन कर रहे हैं। चिडिय़ाघर में रहने वाले वन्यजीवों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वन्यजीवों को एक जंगल का माहौल देना जरूरी है। इससे वह स्वस्थ और उनके खाने की क्षमता ठीक बनी रहती है। चिड़ियाघर प्रबंधन के अधिकारियों ने बताया कि यह विशेष पहल का हिस्सा है। जानवरों को उनके भोजन में जंगली फलों व प्राकृतिक बीजों को अतिरिक्त दिया जा रहा है। इससे उनके स्वास्थ्य ठीक रहेगा। जिस वन्यजीव को जो जंगली फल पसंद हैं, वह देना अहम है। उन्होंने बताया कि तोते को गूलर और हिरण प्रजाति को त्रिफला काफी पसंद होता है। ऐसे में उन्हें वह दिया जा रहा है। 
बता दें, अब तक वन्यजीवों को भोजन में इन जंगली फलों को नहीं दिया जाता था। केवल वन्यजीवों को मौसम के आधार पर डाइट दी जाती थी। जिसमें शाकाहारी जीवों को गर्मी में भोजन में तरबूज, खीरा, ककड़ी, हरी पत्तियां समेत कई चीजें दी जाती हैं। ताकि वन्यजीवों के शरीर में पानी की मात्रा बनी रहे।
चिड़ियाघर प्रबंधन से जुड़े एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आने वाले दिनों में यहां देशी प्रजाति के पौधों को लगाया जाएगा। इससे यहां का वातावरण वन्यजीवों के अनुकूल रहेगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए विशेष रूप से ड्राइव भी चलाई जाएगी। वह कहते हैं कि बरसात का मौसम करीब है, जिसमें इन पौधों को लगाया जाएगा। इसमें फलदार पौधे अधिक होंगे। इससे वन्यजीव इनका अधिक मात्रा में सेवन कर सकें। 
वन्यजीवों को जंगली फलों व औषधीय गुणों से भरपूर अतिरिक्त भोजन दिया जा रहा है। यह विशेष पहल का हिस्सा है। अभी जंगली फल चिड़ियाघर के अंदर जो पेड़ हैं, उनसे दिया जा रहा है। जल्द ही बाहर से भी इनकी व्यवस्था की जाएगी। -डॉ. संजीत कुमार, निदेशक, चिड़ियाघर
चिड़ियाघर में फल वाले वृक्ष व झाड़ियां भरपूर मात्रा में हैं। 200 से अधिक किस्मों के पेड़ हैं। इसमें बनखजूर, नीम, कचनार, जामून, आंवला, गूलर, त्रिफला, अशोक, करौंदा, महुआ, इमली, अर्जुन, शीशम समेत कई प्रजाति के पेड़ हैं। यह देश के सबसे विशाल प्राणी उद्यानों में से एक है। यह 176 एकड़ में फैला हुआ है। यह लगभग 94 प्रजातियों का प्रतिनिधित्व करने वाले लगभग 1200 वन्य जानवरों का घर है और देसी और विदेशी पक्षियों की एक विस्तृत विविधता का दावा करता है।
 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली

24-Jun-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  18वीं लोकसभा के पहले सत्र की शुरुआत हो चुकी है। तीन जुलाई तक चलने वाले सत्र के शुरुआती दो दिन नए सांसदों को शपथ दिलाई जा रही है। बुधवार को नए लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा, जबकि गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। विपक्ष ने प्रोटेम अध्यक्ष की नियुक्ति के अलावा नीट-यूजी पेपर लीक व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के स्थगित होने के मामले में सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है, जिससे पहले दिन ही हंगामे के आसार हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को 18वीं लोकसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली। मोदी इस महीने की शुरुआत में लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटे हैं। मोदी और उनके मंत्रिपरिषद ने 9 जून को शपथ ली थी। मोदी का लोकसभा सदस्य के रूप में यह तीसरा कार्यकाल है। उन्होंने वाराणसी सीट बरकरार रखी, जिसे वे 2014 से जीतते आ रहे हैं। सदन के नेता के रूप में वे शपथ लेने वाले पहले व्यक्ति हैं। इससे पहले दिन मेंमहताब ने राष्ट्रपति भवन में नए सदन के सदस्य के साथ-साथ प्रोटेम स्पीकर के रूप में शपथ ली।
18वीं लोकसभा के पहले से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज का दिन गौरवमय है। पहली बार नए संसद भवन में शपथग्रहण होगा। उन्होंने लोकसभा चुनाव को लेकर कहा कि इतिहास में ऐसा दूसरी बार है कि जनता ने किसी सरकार को लगातार तीसरी बार शासन करने का अवसर दिया है। ये मौका 60 साल बाद आया है। अगर जनता ने ऐसा फैसला किया है तो उसने सरकार नियत पर मुहर लगाई है।
उसकी नीतियों पर मुहर लगाई है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "मैंने सभी नेताओं से मुलाकात की है...सभी इस बात पर सहमत हैं कि भारतीय संसद के इतिहास में प्रोटेम स्पीकर कभी मुद्दा नहीं रहा और प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति मूल रूप से नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाने और नए अध्यक्ष के चुनाव में मदद करने के लिए होती है ।

पीएम मोदी ने तीसरे कार्यकाल में तीन गुणा काम करने का किया वादा

24-Jun-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को 18वीं लोकसभा का पहला सत्र शुरू होने से पहले कहा कि उनकी सरकार तीसरे कार्यकाल में सबको साथ लेकर चलते हुए तीन गुणा काम करना चाहती है। उन्होंने देश में 50 साल पहले लगाए गए आपातकाल को याद करते हुए उसे लोकतंत्र पर "काला धब्बा" बताया।
पीएम मोदी ने यहां संसद भवन परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, सरकार चलाने के लिए बहुमत होता है, लेकिन देश चलाने के लिए सहमति बहुत जरूरी होती है। इसलिए हमारा निरंतर प्रयास रहेगा कि हर किसी की सहमति के साथ, हर किसी को साथ लेकर मां भारती की सेवा करें, 140 करोड़ देशवासियों की आशा-आकांक्षाओं को परिपूर्ण करें।
प्रधानमंत्री ने इंदिरा गांधी सरकार द्वारा लगाए गए आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा, कल 25 जून है। जो लोग इस देश के संविधान की गरिमा के प्रति समर्पित हैं, जो लोग भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं पर निष्ठा रखते हैं, उनके लिए 25 जून न भूलने वाला दिवस है। भारत के लोकतंत्र पर जो काला धब्बा लगा था, कल उसके 50 साल हो रहे हैं। भारत की नई पीढ़ी इस बात को कभी नहीं भूलेगी कि भारत के संविधान को पूरी तरह नकार दिया गया था।
संविधान के चिथड़े-चिथड़े उड़ा दिये गये थे। देश को जेलखाना बना दिया गया था। लोकतंत्र को पूरी तरह दबोच दिया गया था। इमरजेंसी के ये 50 साल इस संकल्प के हैं कि हम गौरव के साथ हमारे संविधान की रक्षा करते हुए भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा करते हुए संकल्प लेंगे कि भारत में फिर कभी कोई ऐसी हिम्मत नहीं करेगा जो 50 साल पहले की गई थी।
उन्होंने कहा कि देश की जनता ने 60 साल बाद किसी सरकार को तीसरी बार मौका दिया है। यह सरकार की नीयत और नीतियों, जनता के प्रति सरकार के समर्पण भाव पर जनता जनार्दन की मुहर है। उन्होंने कहा, हमारा दायित्व भी बढ़ जाता है। इसलिए, मैं देशवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि हमारे तीसरे कार्यकाल में हम पहले से तीन गुणा ज्यादा मेहनत करेंगे, हम तीन गुणा परिणाम भी लाकर रहेंगे।
 

शुभारंभ:18वीं लोकसभा का पहला संसद सत्र कल से, नए सदस्य लेंगे शपथ

23-Jun-2024
नई दिल्ली। (  शोर संदेश  )  18वीं लोकसभा का पहला सत्र सोमवार से शुरू हो जायेगा। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सभी नवनिर्वाचित सांसद शपथ लेंगे। वहीं लोकसभा स्पीकर के पद के लिए चुनाव भी होंगे और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। अप्रैल-जून में हुए लोकसभा चुनाव बाद यह पहला लोकसभा सत्र होगा। 18वीं लोकसभा में एनडीए के पास 293 सीटों के साथ बहुमत है, जबकि भाजपा के पास 240 सीटें हैं। विपक्षी इंडिया ब्लॉक के पास 234 सीटें हैं, जिसमें कांग्रेस के पास 99 सीटें हैं।
प्रधानमंत्री मोदी और उनके मंत्रिपरिषद के सदस्य सुबह 11 बजे से शपथ लेंगे। पीएम मोदी के शपथ लेने के बाद मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्य शपथ लेंगे। इसके बाद अलग-अलग राज्यों के सांसद एल्फाबेटिकल ऑर्डर में शपथ लेंगे यानी असम के सांसदों का क्रम सबसे पहले आएगा वहीं पश्चिम बंगाल के सांसद सबसे आखिर में शपथ लेंगे। सोमवार को मंत्रिपरिषद समेत 280 नवनिर्वाचित सांसद ही शपथ लेंगे, जबकि अगले दिन (25 जून) 264 नवनिर्वाचित सांसद शपथ लेंगे।
प्रोटेम स्पीकर के पद पर विवाद
सत्र के पहले दिन ही बीजेपी नेता और सात बार के सांसद भर्तृहरि महताब को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त करने पर विवाद हो सकता है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने इस पद के लिए कांग्रेस सदस्य कोडिकुन्निल सुरेश के दावे को नजरअंदाज किया है। सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति भवन में महताब को लोकसभा के प्रोटेम स्पीकर के तौर पर शपथ दिलाएंगी। इसके बाद महताब संसद पहुंचेंगे और सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू करेंगे। इसके बाद लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह लोकसभा के लिए चुने गए सदस्यों की सूची सदन के पटल पर रखेंगे। राष्ट्रपति ने लोकसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ/प्रतिज्ञान दिलाने में महताब की सहायता के लिए कोडिकुन्निल सुरेश (कांग्रेस), टीआर बालू (डीएमके), राधा मोहन सिंह और फग्गन सिंह कुलस्ते (दोनों भाजपा) और सुदीप बंद्योपाध्याय (तृणमूल कांग्रेस) को नियुक्त किया है।

लोकसभा स्पीकर के पद के लिए चुनाव 26 जून को होगा और उसके बाद प्रधानमंत्री अपने मंत्रिपरिषद का सदन में परिचय कराएंगे। राष्ट्रपति 27 जून को संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगे। 28 जून को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस शुरू होगी। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी 2 या 3 जुलाई को बहस का जवाब देंगे।
 



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