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मिशन लाइफ से फिर जाग रहीं भारत की पुरानी संरक्षित परंपराएं: पीएम मोदी

04-Nov-2025
 नई दिल्ली (शोर संदेश) । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के एक लेख को साझा किया है, जिसमें बताया गया है कि भारत का मिशन लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवनशैली) कैसे पारंपरिक संरक्षण प्रणालियों को फिर से जीवंत कर रहा है। 

पीएम मोदी ने कहा कि भूपेंद्र यादव का यह लेख अवश्य पढ़ा जाना चाहिए

प्रधानमंत्री ने कहा कि भूपेंद्र यादव का यह लेख अवश्य पढ़ा जाना चाहिए, जिसमें उन्होंने बताया है कि तमिलनाडु के एरी टैंक सिस्टम से लेकर राजस्थान के जोहड़ तक भारत की पुरानी जल संरक्षण परंपराओं को मिशन लाइफ ने नया जीवन दिया है। इन परंपराओं को अब पृथ्वी सेवा के रूप में देखा जा रहा है। 

भूपेंद्र यादव ने लेख में बताया- भारत का मिशन लाइफ कैसे सदियों पुरानी संरक्षण परंपराओं को फिर से कर रहा जीवित 

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर कहा कि यह लेख जरूर पढ़ें। इसमें केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया है कि भारत का मिशन लाइफ कैसे सदियों पुरानी संरक्षण परंपराओं को फिर से जीवित कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि असली स्थिरता बातचीत से नहीं, बल्कि पोषण और संरक्षण से शुरू होती है।

बोत्सवाना से 8 चीते दिसंबर में भारत आएंगे : भूपेंद्र यादव

04-Nov-2025

नई दिल्ली (शोर संदेश)। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को बड़ा ऐलान किया। बोत्सवाना से आठ चीते दिसंबर के तीसरे सप्ताह में भारत आएंगे। यह प्रोजेक्ट चीता का नया चरण है। मंत्री एक कार्यक्रम में कोप30 सम्मेलन पर मीडिया को ब्रीफ कर रहे थे। बाद में पत्रकारों से बातचीत में चीतों की जानकारी दी। उन्होंने कहा, चीता पुनर्स्थापना योजना सफल हो रही है। नए चीते मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में रखे जाएंगे।

वर्तमान में कूनो में 26 चीते हैं। नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से पहले आए थे। बोत्सवाना से यह पहली खेप होगी। मंत्री बोले, "विविधता बढ़ेगी। प्रजनन में मदद मिलेगी।पर्यावरण मंत्रालय की टीम तैयारियां कर रही है। चीतों को विशेष चार्टर्ड फ्लाइट से लाया जाएगा। स्वास्थ्य जांच पूरी हो चुकी है। क्वारंटाइन की व्यवस्था पुख्ता।प्रोजेक्ट चीता 2022 में शुरू हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नामीबिया के चीतों को रिहा किया। अब तक 13 शावक पैदा हो चुके हैं। कुछ चीतों की मौत भी हुई।

मंत्री ने कहा, चुनौतियां हैं, लेकिन हम संभाल रहे हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि नए चीतों से जेनेटिक पूल मजबूत होगा। कूनो पार्क का क्षेत्र बढ़ाया जा रहा है। गांधी सागर अभयारण्य भी विकल्प है।कोप30 सम्मेलन ब्राजील में नवंबर में होगा। भारत जलवायु परिवर्तन पर मजबूत रुख दिखाएगा। चीता परियोजना को वैश्विक मंच पर सराहा जा रहा है। पर्यावरण प्रेमी उत्साहित हैं। एक्टिविस्ट बोले, यह जैव विविधता के लिए अच्छा। विपक्ष ने सवाल उठाया, खर्च कितना? सफलता कितनी? मंत्रालय ने जवाब दिया, लंबी योजना है। चीतों का आगमन वन्यजीव संरक्षण को बल देगा। भारत में 70 साल बाद चीते लौट रहे हैं।

पीएम मोदी एक और वंदे भारत ट्रेन को दिखाएंगे हरी झंडी

04-Nov-2025
नई  दिल्ली (शोर संदेश)। उत्तर मध्य रेलवे (NCR) जोन के वरिष्ठ अधिकारियों को शुक्रवार को वाराणसी में व्यवस्था करने को कहा गया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न्यू वाराणसी-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। रेलवे ने कहा कि अधिकारी बैठने की व्यवस्था, स्वागत के लिए पौधे लगाने और कार्यक्रम के लिए टेंट व कुर्सियां लगवाने का काम संभालेंगे।

वाटरप्रूफ टेंट और कुर्सियां लगाने का आदेश

एनसीआर जोन के प्रयागराज मंडल के एक आंतरिक परिपत्र के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी 7 नवंबर को वाराणसी से वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक को गणमान्य व्यक्तियों के लिए बैठने की उपयुक्त व्यवस्था, जलपान और पानी की व्यवस्था करने का कार्य सौंपा गया है, जबकि वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (समन्वय) को मंच, कुर्सियां, और वाटरप्रूफ टेंट की व्यवस्था करने को कहा गया है। 

वॉकी-टॉकी के साथ तैयार किए जाएंगे सुरक्षाबल

परिपत्र में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिया गया है कि वे कार्यक्रम के दौरान दवाओं और प्राथमिक चिकित्सा सामग्री के साथ एक चिकित्सा अधिकारी की उपस्थिति सुनिश्चित करें। परिपत्र में कहा गया है, 'सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए यात्रियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों, प्लेटफॉर्म और ट्रेन में वॉकी-टॉकी के साथ आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) कर्मियों को तैनात किया जाएगा।' 

छपवाए जा रहे आंमत्रण पत्र

इस आदेश में मंडल के अन्य वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों को निमंत्रण पत्र छपवाने, भाषणों का प्रारूप तैयार करने, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की व्यवस्था करने, सांसदों, विधायकों के स्वागत का समन्वय करने जैसी गतिविधियों में शामिल किया गया है। 

LJP ने बिहार से ज्यादा केंद्र की सत्ता में बनाई भागेदारी

04-Nov-2025

पटना (शोर संदेश)। लोक जनशक्ति पार्टी का गठन ऐसे नेता ने किया था, जिसको राजनीतिक मौसम का वैज्ञानिक माना जाता था। यह नेता और कोई नहीं बल्कि रामविलास पासवान थे। बिहार की सबसे छोटी पार्टी होने के बाद भी लोक जनशक्ति पार्टी की हमेशा सत्ता में भागेदारी रहती है। पार्टी की यह हिस्सेदारी सिर्फ बिहार में ही नहीं बल्कि केंद्र की सत्ता में भी मिलती है। जब बिहार की राजनीति के हाल बदले तो रामविलास पासवान ने अपनी पार्टी बना ली।




लोक जनशक्ति पार्टी का गठन

साल 2000 में राम विलास पासवान ने लोक जनशक्ति पार्टी की स्थापना की थी। इससे पहले रामविलास पासवान जनता पार्टी और फिर जनता दल और इसके बाद जनता दल यूनाइडेट का हिस्सा रहे। लेकिन बिहार की सियासत बदली तो रामविलास पासवान ने अपनी पार्टी बना ली। दलितों की राजनीति करने वाले रामविलास पासवान ने साल 1981 में दलिन सेना संगठन की स्थापना की।




एलजेपी का गठन सामाजिक न्याय और दलित पीड़ितों की आवाज को उठाने के मकसद से किया गया था। बता दें कि बिहार में दलित समुदाय की आबादी करीब 17 फीसदी है, लेकिन दुसाध जाति का वोट करीब 5 फीसदी है। यह लोक जनशक्ति पार्टी का कोर वोट बैंक माना जाता है।




राजनीतिक सफर

साल 2004 के लोकसभा चुनाव में एलजेपी ने 4 सीटें जीती थीं और 4 सीटों के साथ यूपीए का हिस्सा बने। फिर साल 2005 के विधानसभा चुनाव में एलजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया और 29 सीटों पर जीत हासिल की। लेकिन राज्य में किसी भी पार्टी को बहुमत न मिल पाने के कारण राष्ट्रपति शासन लगा और अक्तूबर-नवंबर 2005 में फिर से चुनाव हुए। इस दौरान एलजेपी सिर्फ 10 सीटों पर सिमटकर रह गई।




फिर साल 2010 के विधानसभा चुनाव में एलजेपी सिर्फ 3 सीटों पर कब्जा जमा पाई और 2011 में एलजेपी को एक झटका फिर लगा, जब पार्टी के 3 में से 2 विधायक दूसरी पार्टी के साथ चले गए। यह वो दौर था, जब एलजेपी सत्ता से बाहर थी, लेकिन समीकरण कुछ इस तरह से बदले कि एलजेपी को फिर से सहारा मिल गया। साल 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले एलजेपी ने बिहार में 7 सीटों पर चुनाव लड़ा और 6 सीटों पर जीत हासिल की।




इस दौरान राम विलास पासवान के बेटे चिराग पासवान ने भी पहली बार बिहार की जमुई सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। साल 2015 में पार्टी ने 42 सीटों पर प्रत्याशी उतारे, लेकिन सिर्फ 2 सीटें जीत सकी। वहीं साल 2019 में काफी गहमागहमी और लंबे मंथन के बाद एलजेपी ने 6 सीटों पर चुनाव लड़ा और पार्टी ने सभी 6 सीटों पर जीत हासिल की।




पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष

बता दें कि 05 नवंबर 2019 को रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान को लोक जनशक्ति पार्टी का अध्यक्ष चुना गया। पार्टी अध्यक्ष बनते ही चिराग पासवान ने राज्य में 'बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट' के नाम से यात्रा निकाली। वहीं पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान के नेतृत्व में लोक जनशक्ति पार्टी 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के चलते सभी 243 सीटों पर मजबूत तैयारी कर रही है।

तेजप्रताप यादव ने नई पार्टी जनशक्ति जनता दल का किया ऐलान

04-Nov-2025
पटना (शोर संदेश)। बिहार विधानसभा चुनाव 225 के रण में सभी राजनीतिक पार्टियां पूरी तैयारी के साथ उतरने के लिए तैयार हैं। लेकिन अब इस चुनावी रण में एक और नई पार्टी टक्कर देने को तैयार है। दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपनी नई पार्टी का ऐलान कर दिया है। तेज प्रताप यादव की पार्टी का नाम 'जनशक्ति जनता दल' है और पार्टी का चुनाव चिन्ह 'ब्लैक बोर्ड' है। तेज प्रताप यादव ने अपने ऑफिशियल X हैंडल पर चुनाव चिन्ह के साथ अपनी पार्टी का पोस्टर भी जारी कर दिया है।

बिहार के विकास को समर्पित

तेज प्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल  बिहार के संपूर्ण विकास के लिए पूर्ण रूप से समर्पित और तत्पर है। तेज प्रताप यादव ने X हैंडल पर जानकारी देते हुए बताया कि उनकी पार्टी का मकसद राज्य में संपूर्ण बदलाव करने के साथ ही एक नई व्यवस्था का निर्माण करना है। जनशक्ति जनता दल के जरिए तेज प्रताप यादव राज्य के संपूर्ण विकास के लिए न सिर्फ संघर्ष करेंगे, बल्कि आगामी चुनावी रण में उतरकर विरोधियों को भी कड़ी टक्कर देने का काम करेंगे।

पार्टी को पोस्टर हुआ लॉन्च

तेज प्रताप यादव ने जनशक्ति जनता दल का पोस्टर लॉन्च किया है। इस पोस्टर में 5 महापुरुषों महात्मा गांधी, राम मनोहर लोहिया, बीआर अंबेडकर, जय प्रकाश नारायण और कर्पूरी ठाकुर की तस्वीरें हैं। तेज प्रतार यादव द्वारा नई पार्टी के ऐलान से आरजेडी में खलबली मच गई हैं। क्योंकि तेज प्रताप अपनी नई पार्टी से सीधे तौर पर तेजस्वी यादव को चुनौती देंगे, क्योंकि तेजस्वी यादव इंडिया गठबंधन का मुख्यमंत्री चेहरा हैं।

तेज प्रताप बनेंगे मुसीबत

तेज प्रताप यादव आरजेडी के वोटों में सेंध लगाकर तोड़ सकते हैं। वहीं आरजेडी के नेताओं को टिकट न मिलने से नाराज होने विधायकों भी तेज प्रताप तोड़ कर अपने भाई तेजस्वी यादव को झटका दे सकते हैं। हालांकि यह देखना काफी दिलचस्प रहेगा कि तेज प्रताप की पार्टी को राज्य में कितना समर्थन मिलता है और बिहार की राजनीति में जनशक्ति जनता दल को कितनी जगह मिल पाती है।

परिवार से बिगड़े रिश्ते

कुछ महीनों पहले बिहार में लालू परिवार को राजनीति में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। तेज प्रताप यादव की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं, जिसके बाद उनकी परिवार से दूरी बढ़ने की खबरें आई थीं। इस तस्वीरों के कारण तेज प्रताप यादव को पिता लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल को बाहर का रास्ता दिखाया गया था। इसी के बाद से तेज प्रताप यादव की सियासत को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। वहीं कई मौकों पर तेज प्रताप यादव ने नई पार्टी बनाने के संकेत भी दिए थे।

राजस्थान में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र घोटाला: बीजेपी विधायक की बेटी का भी नाम...

04-Nov-2025

जयपुर (शोर संदेश)। राजस्थान में दिव्यांग कोटे के तहत सरकारी नौकरी पाने वालों के बीच फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र का बड़ा घोटाला सामने आया है। सबसे बड़ा खुलासा भाजपा विधायक शंकर सिंह रावत (ब्यावर) की बेटी कंचन चौहान के मामले में हुआ है, जिन्होंने आरएएस भर्ती 2024 में 40% श्रवण विकलांगता का दावा किया था।

हालांकि सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज (SMS) की मेडिकल जांच में यह दावा झूठा निकला। रिपोर्ट में कहा गया है कि कंचन को सुनने में किसी तरह की गंभीर समस्या नहीं है — उनकी विकलांगता केवल 8% पाई गई।

फर्जी प्रमाण पत्र से बनीं तहसीलदार
कंचन चौहान ने इसी फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर आरएएस भर्ती परीक्षा में भाग लिया था। शिकायत मिलने के बाद मामला सीएम पोर्टल के जरिए एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) तक पहुंचा।

3 सितंबर को जांच के लिए बुलाने पर वह नहीं आईं, लेकिन 14 अक्टूबर को SMS मेडिकल बोर्ड के समक्ष पेश होने पर उनकी श्रवण विकलांगता का दावा झूठा साबित हुआ। हालांकि जांच रिपोर्ट सामने आने के बावजूद अब तक किसी विभागीय कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है।

66 में से 38 कर्मचारियों के प्रमाण फर्जी
एसओजी जांच में 66 सरकारी कर्मचारियों को बुलाया गया, जिनमें से 43 पहुंचे। जांच में पाया गया कि केवल 6 के प्रमाण पत्र सही, जबकि 38 के फर्जी हैं। बाकी 23 कर्मचारी जांच में शामिल ही नहीं हुए। सबसे अधिक मामले “बधिर श्रेणी” में सामने आए हैं। एसओजी की रिपोर्ट पर 24 विभागाध्यक्षों को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है।

फिलहाल, पीएचईडी विभाग की कर्मचारी कविता यादव को फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने के आरोप में बर्खास्त किया गया है और जयपुर के सदर थाने में एफआईआर भी दर्ज की गई है।

डॉक्टर भी घेरे में, 100 से अधिक पर होगी कार्रवाई
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि फर्जी प्रमाण पत्रों पर 100 से अधिक डॉक्टरों ने हस्ताक्षर किए थे। सरकार ने इन सभी की पहचान कर ली है। चिकित्सा शिक्षा विभाग को एसओजी की रिपोर्ट सौंप दी गई है और अब विभागीय कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। मेडिकल एजुकेशन कमिश्नर इकबाल खान ने बताया कि अब नई नियुक्तियों से पहले संभाग स्तर पर दोबारा मेडिकल जांच कराई जा रही है और पुराने कर्मचारियों के प्रमाण पत्रों का भी सत्यापन होगा।

जांच में देरी का कारण – एक मशीन पर निर्भरता
एसएमएस अस्पताल में श्रवण विकलांगता की जांच के लिए केवल एक ऑडियोमेट्री मशीन है। इस पर अपॉइंटमेंट के लिए छह महीने तक का इंतजार करना पड़ता है, जिसके कारण बड़ी संख्या में जांच लंबित पड़ी है।

एयर इंडिया का विमान भोपाल में इमरजेंसी लैंडिंग! 172 यात्री बाल-बाल बचे

04-Nov-2025

नई दिल्ली (शोर संदेश)। दिल्ली से बेंगलुरु जा रहे एअर इंडिया के एक विमान को तकनीकी खराबी के कारण सोमवार रात आपात स्थिति में भोपाल के राजा भोज हवाई अड्डे पर उतारा गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। हवाई अड्डे के अधिकारी ने बताया कि विमान के ‘कार्गो होल्ड’ में खतरे की चेतावनी मिलने के बाद उड़ान (एआईसी 2487, ए320 नियो, वीटी-ईएक्सओ) को भोपाल हवाई अड्डे की ओर मोड़ दिया गया।



उन्होंने कहा, ‘‘मानक सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करते हुए भारतीय समयानुसार रात सात बजकर 33 मिनट पर बजे पूर्ण आपात स्थिति घोषित कर दी गई। कुछ ही मिनटों बाद, चालक दल ने पुष्टि की कि खतरा टल गया है और सभी विमान प्रणालियां सामान्य हैं। विमान में 172 यात्री सवार थे और यह विमान रात आठ बजे सुरक्षित उतर गया। सभी परिचालन अब सामान्य हैं।’’

भोपाल हवाई अड्डे पर हवाई यातायात नियंत्रण, अग्निशमन सेवा और विमानन कंपनियों के कर्मियों ने विमान को सुरक्षित उतारने के लिए स्थिति को कुशलतापूर्वक नियंत्रित किया। हवाई अड्डे के निदेशक रामजी अवस्थी ने बताया कि इस घटना से हवाई अड्डे का संचालन प्रभावित नहीं हुआ है।


एयर इंडिया ने बयान जारी किया


“3 नवंबर को दिल्ली से बेंगलुरु जाने वाली उड़ान संख्या AI2487 को एक संदिग्ध तकनीकी समस्या के कारण भोपाल डायवर्ट कर दिया गया। विमान भोपाल में सुरक्षित उतर गया और एहतियाती जाँच चल रही है, जिसमें सुधार के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता है। एयर इंडिया इस अप्रत्याशित स्थिति के कारण यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त करता है। भोपाल में हमारी ग्राउंड टीम यात्रियों को तत्काल सहायता और सहयोग प्रदान कर रही है। यात्रियों को जल्द से जल्द उनके गंतव्य तक पहुँचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा, "एयर इंडिया में, हमारे यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा और कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है।"

इससे पहले आज, सैन फ्रांसिस्को से दिल्ली जा रहे एयर इंडिया के एक विमान को मंगोलिया के उलानबटोर में एहतियातन उतारना पड़ा, क्योंकि चालक दल को रास्ते में तकनीकी खराबी का संदेह था।


एयर इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा, "सैन फ्रांसिस्को से कोलकाता होते हुए दिल्ली जा रहे 2 नवंबर के विमान AI174 को मंगोलिया के उलानबटोर में एहतियातन उतारना पड़ा, क्योंकि चालक दल को रास्ते में तकनीकी खराबी का संदेह था।"


प्रवक्ता ने कहा, "हम सभी यात्रियों की सहायता के लिए अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और सभी को जल्द से जल्द उनके गंतव्य तक पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा, "अप्रत्याशित स्थिति के कारण यात्रियों को हुई असुविधा के लिए हमें खेद है।"


एयरलाइन के प्रवक्ता ने आश्वासन दिया, "एयर इंडिया में यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।"

माओवादियों ने किया युद्धविराम का ऐलान, केंद्र पर लगाए समन्वय बिगाड़ने के आरोप

04-Nov-2025
हैदराबाद (शोर संदेश)। देशभर में माओवादियों के खिलाफ सरकार जहां सघन अभियान चला रही है, वहीं तेलंगाना राज्य समिति माओवादी संगठन ने अप्रत्याशित रूप से छह महीने के युद्धविराम का ऐलान किया है। संगठन ने यह घोषणा एक पत्र जारी कर की है, जिसमें केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर राज्य में शांति प्रक्रिया बाधित करने के आरोप भी लगाए गए हैं।

तेलंगाना को बना रहे हैं “सुरक्षित पनाहगाह”
माओवादियों की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि तेलंगाना में वर्तमान परिस्थितियाँ ऐसी हैं कि सरकार उनके खिलाफ कोई बड़ा सैन्य अभियान नहीं चला रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि संगठन तेलंगाना को “सुरक्षित पनाहगाह” के रूप में देख रहा है, जहाँ वे रणनीतिक रूप से खुद को पुनर्गठित कर सकते हैं।



उत्तर बस्तर और गढ़चिरौली के आत्मसमर्पण पर नाराज़गी
तेलंगाना राज्य समिति ने अपने बयान में हाल ही में उत्तर बस्तर और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में माओवादियों के आत्मसमर्पण को लेकर नाराज़गी जताई है। संगठन ने अपने ही कुछ पूर्व साथियों पर “गद्दारी” के आरोप लगाते हुए कहा कि जिन्होंने आत्मसमर्पण किया है, उन्हें “जनता के ज़रिए दंडित किया जाएगा।” माओवादी संगठन लगातार सरकारी पुनर्वास योजनाओं का विरोध करता रहा है और इसे अपने आंदोलन के लिए “धोखा” बताता है।

केंद्र सरकार पर समन्वय बिगाड़ने का आरोप
पत्र में माओवादी प्रवक्ता ने कहा कि केंद्र सरकार और भाजपा तेलंगाना में सरकार और माओवादियों के बीच शांति संवाद को असफल करने की कोशिश कर रहे हैं। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर यह हस्तक्षेप जारी रहा, तो “प्रदेश में शांति प्रयासों को गंभीर नुकसान हो सकता है।”

छह महीने तक ‘गैरकानूनी गतिविधियों’ पर रोक का दावा
पत्र के अंत में माओवादी प्रवक्ता ने दावा किया है कि संगठन अगले छह महीने तक किसी भी गैरकानूनी या हिंसक गतिविधि में शामिल नहीं होगा। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह घोषणा रणनीतिक विराम की तरह है, जिसके ज़रिए माओवादी संगठन अपने कैडर को दोबारा संगठित करने और जनसमर्थन पुनः हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं।

फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने से लेकर भुगतान तक के मामलों की होगी जांच

03-Nov-2025
लखनऊ (शोर संदेश)। उत्तर प्रदेश में साचीज के पोर्टल में छेड़छाड़ करके सिर्फ 300 फर्जी आयुष्मान कार्ड ही नहीं बनाए गए हैं बल्कि मरीजों को भर्ती करके उनका बिल भुगतान कराने की भी कोशिश की गई है। प्रदेश में करीब 70 मरीजों का अग्रिम संस्तुति पत्र साचीज के पोर्टल पर भेजा गया ताकि उनके उपचार में आने वाले खर्च को हासिल किया जा सके।

आयुष्मान कार्ड के फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद बिल का मामला भी पकड़ में आ गया है। इन सभी अस्पतालों को भी चिह्नित किया गया है। इनके हर तरह के भुगतान पर रोक लगा दी गई है। अस्पतालों की जांच के लिए अलग से टीम गठित की गई है। उधर, इस मामले की जांच कर रही हजरतगंज पुलिस आईपी एड्रेस की मदद से फर्जीवाड़ा करने वालों के बारे में पता लगा रही है। सीपी हजरतगंज विकास जायसवाल ने बताया कि इस मामले की शिकायत करने वाले ही डॉ. सचिन वैश्य के बयान जल्द दर्ज करेंगे।

संबद्धता पर भी उठे सवाल : प्रदेशभर के अस्पताल आयुष्मान मरीजों के उपचार के लिए अस्पताल को संबद्ध कराते हैं। सीएमओ कार्यालय की संस्तुति के बाद स्टेट एजेंसी फॉर कम्प्रेन्हेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) के पोर्टल पर आवेदन आता है। यहां से संबद्धता दी जाती है। चार माह पहले आवेदन करने वालों को अभी तक कोई जवाब नहीं दिया गया है, जबकि माहभर पहले आवेदन करने वाले तमाम अस्पतालों को संबद्धता दे दी गई है।




पोर्टल पर फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद अस्पताल संचालकों ने चार माह के अंदर हुई संबद्धता पर सवाल खड़े किए हैं। साथ ही पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। क्योंकि उन्हें आशंका है कि जिन अस्पतालों को संबद्धता दी गई है, उनके यहां आयुष्मान के मानक के अनुसार सुविधाएं नहीं हैं।




साचीज कर्मियों की भी होगी जांच

पोर्टल पर हुए बदलाव के मामले में पुलिस जांच कर रही है, लेकिन साचीज के अधिकारियों व कर्मचारियों की भी भूमिका की जांच कराई जा रही है। जिससे यह स्पष्ट हो सके कि किसी भी मिलीभगत तो नहीं है।

ISRO ने लॉन्च किया देश का सबसे भारी उपग्रह सीएमएस-03

03-Nov-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइज़ेशन ने 2 नवंबर को शाम 5:26 बजे IST पर श्रीहरिकोटा से LVM3-M5 रॉकेट से 4,400 किलोग्राम के GSAT-7R कम्युनिकेशन सैटेलाइट, जिसे CMS-03 भी कहा जाता है, को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। यह उपग्रह अब तक का सबसे भारी उपग्रह है। 

इंडियन नेवी के लिए डिज़ाइन किए गए इस सैटेलाइट में समुद्री इलाकों में जहाजों और सबमरीन के लिए सुरक्षित रियल-टाइम डेटा रिले को सपोर्ट करने के लिए Ku-बैंड और मिलिट्री Ka-बैंड ट्रांसपोंडर शामिल हैं। अधिकारियों ने मिशन के बिना किसी गलती के पूरा होने की पुष्टि की, जिससे स्वदेशी टेक्नोलॉजी के ज़रिए राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ावा मिला।




LVM3-M5 रॉकेट को उसकी भार उठाने की क्षमता के कारण 'बाहुबली' कहा जाता है। 43.5 मीटर ऊंचे इस रॉकेट को पूरी तरह असेंबल किया गया था और इसे सैटेलाइट के साथ श्रीहरिकोटा के दूसरे लॉन्च पैड पर पहुंचाया जा चुका था।




LVM3 जिसे GSLV Mk-III भी कहा जाता है, इसरो का नया हेवी-लिफ्ट लॉन्च व्हीकल है। यह रॉकेट 4 हजार किलो तक के सैटेलाइट को GTO और 8 हजार किलो तक को लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में भेज सकता है। य तीन चरणों वाला रॉकेट है- दो सॉलिड मोटर स्ट्रैप-ऑन (S200), एक लिक्विड प्रोपलेंट कोर स्टेज (L110) और एक क्रायोजेनिक स्टेज (C25)। इसे पूरी तरह देशी तकनीक से विकसित किया गया है।

मिशन का क्या है मकसद?
यह मिशन LVM3-M5 की पांचवीं ऑपरेशनल उड़ान है। इसी रॉकेट का ह्यूमन-रेटेड संस्करण (HRLV) भविष्य में ISRO के महत्वकांक्ष गगनयान मिशन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

हालांकि, यह भारत से लॉन्च होने वाला सबसे भारी सैटेलाइट होगा, लेकिन इसरो ने इससे पहले 2018 में GSAT-11 (वजन 5854 किलो) को फ्रेंच गुयान से Ariane-5 रॉकेट के जरिए लॉन्च किया था। CMS-03 का मकसद भारत और आसपास के समुद्री इलाकों में मल्टी-बैंड कम्युनिकेशन सेवाएं देना है।


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