ब्रेकिंग न्यूज

देश-विदेश

बस-ट्रक की टक्कर, 4 लोगों की मौत

14-Jul-2024
पाटन। ( शोर संदेश )    गुजरात के पाटन जिले में शुक्रवार की सुबह एक सरकारी बस और ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हुई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हैं। मृतकों में बस और ट्रक के ड्राइवर और कंडक्टर शामिल हैं। बस आनंद से कच्छ के रापर जा रही थी। सुबह करीब 4.30 बजे राधनपुर से करीबन 7 किलोमीटर दूर सांतलपुर हाईवे पर यह हादसा हुआ। मौके पर पहुंची पुलिस ने बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और घायलों को नजदीकी अस्पताल लेकर गए। हादसे में बस पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। ट्रक ड्राइवर और कंडक्टर की पहचान अभी नहीं हो सकी है। 
 

 


महाराष्ट्र के 'सेमीफाइनल' में एनडीए का बजा डंका; सभी नौ उम्मीदवार जीते

13-Jul-2024
मुंबई।   ( शोर संदेश )  महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के नतीजे आ गए हैं। राज्य में सत्तारूढ़ महायुति ने 11 सीटों में से 9 पर जीत दर्ज की है। रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस के 6 विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की जिसका फायदा एनडीए गठबंधन को मिला है। एमएलसी चुनाव में बीजेपी के 5, शिवसेना (शिंदे गुट) के 2 और एनसीपी (अजित पवार गुट) के 2 प्रत्याशियों को सफलता मिली। वहीं, कांग्रेस के एक उम्मीदवार और शिवसेना (उद्धव गुट) के एक उम्मीदवार ने विजय का परचम फहराया। राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले इस चुनावी मुकाबले को सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा था, जिसमें एनडीए का डंका बजा है। 
विपक्षी एमवीए की तरफ से शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे के करीबी सहयोगी मिलिंद नार्वेकर और कांग्रेस उम्मीदवार प्रज्ञा सातव ने जीत दर्ज की है। शरद पवार की अगुवाई वाली NCP (एसपी) की ओर से समर्थित पीजेंट्स एंड वर्कर्स पार्टी (पीडब्ल्यूपी) के उम्मीदवार जयंत पाटिल चुनाव हार गए। शिवसेना ने लोकसभा के 2 पूर्व सदस्य सशिवाजीराव गर्जे और राजेश विटेकर को टिकट दिया था। कांग्रेस ने सातव को एक और कार्यकाल के लिए नामित किया था, जबकि शिवसेना (यूबीटी) ने नार्वेकर को मैदान में उतारा था। एमवीए के तीसरे घटक एनसीपी (एसपी) ने अपना उम्मीदवार उतारने के बजाय पीडब्ल्यूपी के जयंत पाटिल को समर्थन दिया था।
सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक हुआ मतदान
11 सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव के लिए शुक्रवार को विधान भवन परिसर में मतदान संपन्न हुआ। अधिकारियों ने बताया कि वोटिंग सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चली। विधान परिषद की 11 सीट पर हो रहे चुनाव के लिए कुल 12 उम्मीदवार मैदान में थे। राज्य की 288 सदस्यीय विधानसभा इन चुनावों के लिए निर्वाचक मंडल है। वर्तमान में इसमें संख्या बल 274 है। सभी 274 विधायकों ने अपने वोट डाले। विधान परिषद के 11 सदस्यों का कार्यकाल 27 जुलाई को खत्म होने जा रहा है। शिवसेना (यूबीटी) ने सुबह कहा था कि वह राज्य निर्वाचन अधिकारी से मुंबई में भारी बारिश के कारण मतदान का समय एक घंटे बढ़ाने का अनुरोध करेगी।
गणपत गायकवाड़ के वोट डालने पर हुआ विवाद 
शिवसेना के संजय गायकवाड़ गुप्त मतदान प्रणाली के माध्यम से सबसे पहले वोट डालने वाले विधायक थे। मतदान के दौरान कांग्रेस ने निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर आग्रह किया कि भाजपा विधायक गणपत गायकवाड़ को वोट डालने की अनुमति न दी जाए। कल्याण पूर्व विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले गायकवाड़ विवादों में थे। ठाणे जिले के उल्हासनगर में भूमि विवाद को लेकर पुलिस थाने के अंदर शिवसेना के पदाधिकारी पर गोली चलाने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। कांग्रेस ने कहा कि क्योंकि गायकवाड़ न्यायिक हिरासत में हैं, इसलिए वह जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 62(5) के तहत मतदान नहीं कर सकते।
भाजपा ने चुनाव मैदान में उतारे थे 5 उम्मीदवार 
भाजपा 103 सदस्यों के साथ विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी है। इसके बाद शिवसेना (38), राकांपा (42), कांग्रेस (37), शिवसेना (यूबीटी) 15 और राकांपा (शरदचंद्र पवार) के सदस्यों की 10 है। भाजपा ने चुनाव मैदान में 5 उम्मीदवार उतारे। महायुति के उसके गठबंधन सहयोगियों शिवसेना और राकांपा ने दो-दो उम्मीदवार खड़े किए हैं। कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) ने एक-एक उम्मीदवार मैदान में उतारा है, जबकि महा विकास आघाडी (एमवीए) की उनकी सहयोगी राकांपा (शरद पवार) पीजेंट्स एंड वर्कर्स पार्टी (पीडब्ल्यूपी) के उम्मीदवार का समर्थन कर रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के उपराज्यपाल को लगाई फटकार, संरक्षित क्षेत्र में पेड़ों की कटाई का है मामला

13-Jul-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )   सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) वीके सक्सेना को इस बात के लिए कड़ी फटकार लगाई कि उन्होंने दिल्ली विकास प्राधिकरण की ओर से अदालत में लंबित एक आवेदन के बावजूद, बिना उचित विचार किए रिज क्षेत्र (संरक्षित क्षेत्र) पेड़ों को काटने की अनुमति दे दी. जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने अदालत की पूर्व अनुमति लिए बिना पेड़ों को काटने के उपराज्यपाल के कदम पर कड़ी नाराजगी जताई.
सुप्रीम कोर्ट सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए रिज वन में 1,100 पेड़ों की कथित कटाई को लेकर डीडीए के उपाध्यक्ष के खिलाफ स्वत:संज्ञान से अवमानना कार्यवाही की सुनवाई कर रहा था. शीर्ष अदालत ने मामले में उपराज्यपाल की संलिप्तता को छिपाने के प्रयासों की भी निंदा की और कहा कि सुनवाई के पहले दिन ही उसे यह बता दिया जाना चाहिए था कि उपराज्यपाल ने पहले ही पेड़ों की कटाई के निर्देश जारी किये थे.
एलजी ने नहीं किया विवेक का इस्तेमाल- कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "उपराज्यपाल ने पूरी तरह से विवेक का इस्तेमाल नहीं किया. उन्होंने मान लिया कि दिल्ली सरकार के पास वृक्ष अधिकारी की शक्ति है. यह दुखद स्थिति है कि जो कुछ हो रहा है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है. हमें पहले दिन ही बता दिया जाना चाहिए था कि उपराज्यपाल ने निर्देश दिए हैं." 
पीठ ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना से तीखे लहजे में सवाल करते हुए कहा,  'क्या वह खुद को अदालत मानते हैं?' इसके अलावा, यह भी पूछा कि क्या डीडीए अधिकारियों ने उन्हें सूचित किया था कि पेड़ों को काटने के लिए शीर्ष अदालत से अनुमति आवश्यक है. जस्टिस ओका ने कहा, "मुझे लगता है कि उपराज्यपाल खुद को अदालत मान रहे हैं. क्या कोई अधिकारी एलजी के पास यह बताने गया था कि हमें आगे बढ़ने के लिए सुप्रीम कोर्ट की अनुमति की आवश्यकता है?" 
खुद की गलतियां छिपाने की करी कोशिश
पीठ ने जोर देकर कहा कि वीके सक्सेना सहित सभी संबंधित पक्षों ने गलतियां की हैं और स्पष्टीकरण के लिए अदालत में आने के बजाय इन त्रुटियों को छिपाने का विकल्प चुनने के लिए उनकी आलोचना की. सुप्रीम कोर्ट ने डीडीए को यह भी स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि क्या उसने उपराज्यपाल की अनुमति के आधार पर पेड़ों को काटने का निर्णय लिया था या कोई स्वतंत्र निर्णय भी लिया गया था? इसने पेड़ों की कटाई का काम करने वाले ठेकेदार को भी नोटिस जारी किया, जिसमें उसे अदालत को यह बताने के लिए कहा गया कि किसके निर्देश पर उसने यह कार्रवाई की है.
सैकड़ों पेड़ों की कटाई का है मामला
यह मामला डीडीए द्वारा सैकड़ों से अधिक पेड़ों की अवैध कटाई से जुड़ा है, जो अदालत के पूर्व आदेशों का उल्लंघन है, जिसके अनुसार ऐसी कार्रवाई करने से पहले अदालत से अनुमति लेना आवश्यक है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) ने आरोप लगाया है कि उपराज्यपाल के निर्देश पर डीडीए ने दक्षिणी रिज क्षेत्र में लगभग 1,100 पेड़ काटे हैं.
पीठ ने कहा, “हमें इस बात से परेशानी है कि हर किसी ने गलती की है. पहले दिन सभी को अदालत में आकर कहना चाहिए था कि हमसे गलती हुई है लेकिन लीपापोती चलती रही. चार-पांच आदेशों के बाद डीडीए अधिकारी के हलफनामे के रूप में सच्चाई सामने आ जाती है. गलती उपराज्यपाल के साथ-साथ सभी ने की है.”

अपने ही दांव में फंसी बीमा भारती? पाला बदलने के बाद भी नहीं बदली किस्मत

13-Jul-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )   बिहार की रुपौली विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में राष्ट्रीय जनता दल की उम्मीदवार बीमा भारती के लिए जो परिणाम आए हैं वो उनके राजनीतिक भविष्य पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह जरूर लगा रहे हैं. यहां से वापसी करना और बीमा भारती के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होने वाला है. आपको बता दें कि बीमा भारती रुपौली सीट से ही तीन बार विधायक रही हैं. लोकसभा चुनाव से ठीक पहले बीमा भारत ने जेडीयू का साथ छोड़कर आरजेडी का दामन थामा था. बाद में आरजेडी ने उन्हें पूर्णिया लोकसभा सीट से इंडिया गठबंधन का उम्मीदवार भी बनाया. इस सीट पर बीमा भारती का सीधा मुकाबला निर्दलीय उम्मीदवार पप्पू यादव से था. और इस चुनाव में बीमा भारती को पप्पू यादव ने बड़े अंतर से हराया था. 
बीमा भारती की इस हार के बाद से ही अंदरखाने ये बात उठने लगी थी कि क्या बीमा भारती का दांव उनपर ही उल्टा पड़ा है. ये वही दांव था जिसके तहत बीमा भारती दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होना चाह रहीं थीं. दरअसल, बीमा भारती बीते 14 सालों से जेडीयू में थीं और लगातार रुपौली सीट से विधायक भी रहीं हैं. लेकिन इस बार के आम चुनाव से ठीक पहले बीमा भारती ने  राजनीति में अपना कद बढ़ाने के इरादे से लोकसभा का चुनाव लड़ने का फैसला किया. यही वजह थी कि उन्होंने जेडीयू से 14 साल पुराना अपना रिश्ता तोड़कर आरजेडी के साथ अपनी नई पारी शुरू की. आरजेडी ने भी बीमा भारती पर दांव खेला और उन्हें पूर्णिया से उम्मीदवार बनाया. आरजेडी ने बीमा भारती पर ये दांव इसलिए खेला क्योंकि बीमा भारती रुपौली से विधायक थीं, और रुपौली विधानसभा क्षेत्र पूर्णिया लोकसभा सीट के तहत ही आता है.
 

उपचुनाव में इंडिया गठबंधन का शोर, बीजेपी को बड़ा झटका, बिहार में निर्दलीय शंकर सिंह ने जदयू से छीनी रुपौली विधानसभा

13-Jul-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )   सात राज्यों की 13 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को इस उप-चुनाव में सिर्फ दो सीटों पर जीत हासिल हुई है। बीजेपी ने जिन दो सीटों पर जीत हासिल की है, वो हिमाचल प्रदेश की हमीरपुर औऱ मध्य प्रदेश की अमरवाड़ा हैं। इन दोनों सीटों पर बीजेपी की जीत का अंतर दो हजार वोटों से कम है।
कहां-कहां इंडिया गठबंधन का जलवा?
लोकसभा चुनाव के लिए बनाए गए इंडिया गठबंधन में शामिल पार्टियों ने जिन सीटों पर जीत हासिल की है। उनमें पश्चिम बंगाल की रायगंज, बगदा, राणाघाट दक्षिण और मनिकतला शामिल हैं। इन चारों सीटों पर टीएमसी ने जीत हासिल की।
हिमाचल प्रदेश की कुल तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुआ। यहां कांग्रेस पार्टी को दो सीटों पर जबकि भाजपा को एक सीट पर जीत हासिल हुई। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी देहरा और नालागढ़ विधानसभा सीटें जीतने में सफल रहीं। देहरा सीट पर हिमाचल के सीएम की पत्नी कमलेश ठाकुर और नालागढ़ से हरदीप सिंह बावा जीत हासिल करने में सफल रहे।
पंजाब में सिर्फ एक सीट पर चुनाव हुआ था। यहां सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी मोहिंदर भगत 37 हजार वोटों से जीतने में सफल रहे। दक्षिण भारत के राज्य तमिलनाडु की विक्रवंडी विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में सत्ताधारी डीएमके ने 54 हजार से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की।
उत्तराखंड की दोनों विधानसभा सीटों मंगलौर और बद्रीनाथ में बीजेपी उपचुनाव हार गई। मंगलौर विधानसभा सीट पर कांग्रेस के मुस्लिम प्रत्याशी काजी मोहम्मद निजामुद्दीन को 422 वोटों से जीत हासिल हुई। बद्रीनाथ विधानसभा सीट पर कांग्रेस पांच हजार से ज्यादा वोटों से जीतने में सफल रही।
बिहार में जदयू और राजद दोनों को झटका
बिहार में जदयू और राजद दोनों को ही बड़ा झटका लगा। बिहार की रुपौली विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी शंकर सिंह करीब आठ हजार वोटों से जीतने में सफल रहे। यहां एनडीए (जदयू) ने कलाधर प्रसाद मंडल और राजद ने बीमा भारती को अपना प्रत्याशी बनाया था। यहां बीमा भारती तीसरे नंबर पर रहीं। वह 37,668 वोटों से चुनाव हारीं। 

दूल्हे अनंत को विवाह स्थल तक लेकर गए पिता मुकेश और चाचा अनिल अंबानी

13-Jul-2024
मुंबई।   ( शोर संदेश )  कई प्री-वेडिंग रस्मों के बाद अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट शुक्रवार को एक भव्य समारोह में शादी के बंधंन में बध गए। इस दौरान नीता अंबानी द्वारा मेहमानों का स्वागत करने से लेकर दूल्हे द्वारा अपने बारातियों के साथ नाचने की तस्वीरें सामने आईं। सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों ने जब अपनी जगह बनाई तो लोग चकित रह गए। इनमें अनंत अंबानी, मुकेश अंबानी और अनिल अंबाली से जुड़ा एक मधुर पारिवारिक क्षण भी शामिल है। 
इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया गया है। इसके कैप्शन में लिखा है, "ये रहा हमारा दूल्हा, अनंत।" छोटी सी वीडियो क्लिप में दूल्हे को एक तरफ पिता मुकेश अंबानी और दूसरी तरफ चाचा अनिल अंबानी के साथ विवाह स्थल में प्रवेश करते हुए दिखाया गया है। प्रवेश करते वक्त अनंत अंबानी मेहमानों से हाथ मिलाते नजर आ रहे हैं। जिसमें महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी शामिल हैं।
अनंत अंबानी ने 2022 में अपने रोका रस्म के बाद राधिका मर्चेंट के साथ आधिकारिक तौर पर अपना रिश्ता बनाया। उसके बाद अगले साल 2023 में जोड़ की सगाई हुई। इसके बाद 2024 में शादी से पहले कई रस्में और समारोह आयोजित किए गए। जिसमें अमीर कारोबारियों से लेकर मशहूर फिल्मी सितारों ने तक भाग लिया। जामनगर में आयोजित पहले प्री-वेडिंग कार्यक्रम में पॉपस्टार रिहाना और अन्य कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी। दूसरे प्री-वेडिंग समारोह में चार दिसवीय यूरोपीय क्रूज, बैकस्ट्रीट बॉय, कैटी पेरी और पिटबुल की प्रस्तुति शामिल थी। अनंत दिग्गज कारोबी मुकेश अंबानी और नीता अंबानी के सबसे छोटे बेटे हैं। जबकि राधिका हीरा कारोबारी वीरेन मर्चेंट की बेटी हैं।
राधिका मर्चेंट, मुकेश और नीता अंबानी की सबसे छोटी बहू बन गईं हैं। अनंत की शादी से पहले मुकेश और नीता अंबानी के जुड़वा बच्चे ईशा और आकाश अंबानी की भी शादी हो चुकी है। आकाश ने जहां श्लोका मेहता से शादी की है। वहीं, ईशा ने आनंद पीरामल से शादी की है। 
दिग्गज कारोबारी गौतम अदाणी भी शादी में शामिल हुए
अदाणी समूह के प्रमुख गौतम अदाणी भी अनंत अंबानी की शादी में शामिल हुए। अनंत और राधिका की मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित एक भव्य समारोह में शादी हुई। शादी समारोह के बाद शनिवार को 'शुभ आशीर्वाद' रस्म होगी और रविवार को मंगल उत्सव या शादी का रिसेप्शन होगा। 

सैलरी रोकने का आदेश, अनुशासनात्मक कार्रवाई... शिक्षकों की डिजिटल अटेंडेंस पर सख्त हुई योगी सरकार

12-Jul-2024
लखनऊ।   ( शोर संदेश )  उत्तर प्रदेश में गुरुवार से डिजिटल अटेंडेंस को लेकर सरकार सख्त है. इसको लेकर जारी आदेश में कहा गया है कि तीन दिन तक ऑनलाइन हाजिरी दर्ज न कराने वालों का वेतन रोक दिया जाएगा. डिजिटल अटेंडेंस दर्ज न कराना विभागीय आदेश की अवहेलना मानी जाएगी. ऐसी स्थिति में अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी. उन्नाव में बीएसए ने आदेश जारी किया है कि तीन दिन तक डिजिटल हाजिरी दर्ज न कराना विभागीय निर्देशों की अवहेलना मानी जाएगी. ऐसे में अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. ऐसे शिक्षकों का मानदेय और वेतन अगले आदेश तक रोक दिया जाएगा. बाराबंकी-उन्नाव में डिजिटल अटेंडेंस न लगाने पर शिक्षकों का वेतन रोकने का आदेश दिया गया है.
इससे पहले प्रदेश सरकार ने शिक्षकों को 11 जुलाई से अनिवार्य रूप से डिजिटल अटेंडेंस दर्ज कराने का आदेश दिया. सरकार के इस आदेश के खिलाफ शिक्षकों ने मोर्चा खोल दिया है. शिक्षकों के कई संगठन इसका विरोध कर रहे हैं. शिक्षकों ने सरकार के आदेश को अव्यवहारिक बताया है. यूपी के कई जिलों में शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया. कई संगठनों से जुड़े शिक्षकों ने जिला मुख्यालयों पर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा. 
आदेश लागू होने के पहले दिन यानी 8 जुलाई को मात्र दो फीसदी शिक्षकों ने ही डिजिटल अटेंडेंस लगाई थी. उन्नाव-बाराबंकी के बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने ऐसे शिक्षकों का वेतन या मानदेय रोकने की सिफारिश की है.
शिक्षकों के विरोध को देखते हुए आज शुक्रवार को सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और शिक्षा समन्वयकों की बैठक बुलाई गई है. बैठक के बाद विभाग आगे की स्थिति पर फैसला लेगा. राज्य सरकार इस कदम से शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने को कोशिश में है. शिक्षकों और कर्मचारियों को रोजाना अपनी डिजिटल अटेंडेंस लगाने और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के आदेश दिए हैं.
माना जा रहा है कि इस तरह की सख्ती से शिक्षा क्षेत्र में अनुशासन और कार्यप्रणाली में सुधार होगा और सकारात्मक बदलाव आएंगे. वहीं इस मामले पर राजनीति भी तेज हो गई है. कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं.
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी की बजाय आला अधिकारियों, बीएसए, सचिवों की ऑनलाइन हाजिरी चेक करनी चाहिए, तब उन्हें समस्या का पता चलेगा. उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं और हाजिरी के अलावा उन पर पड़ने वाले अन्य बोझ के बारे में भी सरकार को निर्णय लेना चाहिए.
यूपी में प्राइमरी शिक्षकों की हाजिरी को लेकर मचे बवाल पर सपा नेता फखरुल हसन चांद ने कहा कि यह शिक्षकों पर अत्याचार है. दूरदराज के इलाकों से आने वाले शिक्षकों की स्थिति में यह संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को सबसे पहले स्कूलों की हालत सुधारनी चाहिए, जहां कभी बच्चों से घास कटवाई जाती है तो कभी मिड-डे मील के नाम पर घोटाला होता है. यह मनमानी का एक तरीका है.
शिक्षकों की डिजिटल अटेंडेंस को लेकर चल रहे विवाद के बीच शिक्षाविद् और प्राथमिक शिक्षा विशेषज्ञ मीनाक्षी बहादुर ने कहा कि डिजिटल अटेंडेंस शिक्षकों और छात्रों दोनों के लिए फायदेमंद है. उन्होंने कहा कि भले ही इसे व्यावहारिक नहीं कहा जा रहा है, लेकिन इससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि स्कूल की व्यवस्था को बनाए रखने में भी मदद मिलती है. शिक्षकों को राहत देने के लिए पहले से शेड्यूलिंग की जा सकती है और अगर डिजिटल तरीके से अटेंडेंस की जाती है तो उनका प्रशासनिक काम और भी पारदर्शी तरीके से हो सकता है.

भीषण सड़क हादसा, बस को लॉरी की टक्कर से 9 लोगों की मौत 15 घायल

12-Jul-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  कर्नाटक के कोलार में गुरुवार देर रात लॉरी ने यात्री बस को टक्कर मार दी। इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई जबकि 15 लोग घायल हैं। भीषण सड़क हादसा कोलार के पास नरसापुर में हुआ। बस बेंगलुरु से तिरुपति की ओर जा रही थी। कुछ तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं जिससे हादसे की भयावहता को समझा जा सकता है। यात्री बस के परखच्चे उड़ गए हैं और सड़क पर कागजात बिखरे हुए हैं। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक ओवरटेक करने की कोशिश में ये दुर्घटना हुई।
घायलों को अस्पताल में करवाया भर्ती
हादसे की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। यातायात प्रभावित हो गया था जिसे चालू कराया गया। साथ ही राहत और बचाव का कार्य किया जा रहा है। पुलिस की टीम घायलों को अस्पताल पहुंचाने का काम कर रही है।
24 घंटों में दूसरा बड़ा हादसा
कर्नाटक में 24 घंटों के भीतर हुआ ये दूसरा बड़ा हादसा है। गुरुवार को ही मांड्या जिले के नागमंगला तालुक में श्रीरामनहल्ली गेट के पास एक कार और कैंटर वाहन के बीच टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गई थी। कार होलालकेरे से मैसूरु जा रही थी तभी यह हादसा हुआ।
 

एक अगस्त से होंगे कई बड़े बदलाव, जानें आम आदमी से कैसे होगा सीधा सरोकार

12-Jul-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  त्योहारी सीजन शुरू हो चुका है, ऐसे में ये जानना जरूरी हो जाता है कि 1 अगस्त आम आदमी के जीवन के क्या-क्या बदलाव लेकर आयेगा. हालांकि हर माह की पहली तारीख को कुछ जरूरी बदलाव होते हैं. लेकिन अगस्त माह कई मायनों में खास होगा. क्योंकि 23 जुलाई को देश का आम बजट पेश किया जाएगा. जिसके बाद कई बदलाव जरूरी हैं. घरेलू गैस सिलेंडर के रेट पिछले छह माह से जस के तस बने हुए हैं. अब नई सरकार का गठन हो गया है. इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस बार घरेलू सिलेंडर दामों में जरूर कुछ न कुछ कटौती होना तय माना जा रहा है. इसके अलावा भी आईटीआर सहित कई ऐसे बदलाव हैं जिनका आम आदमी से सीधा सरोकार होगा. 
मिलेंगे त्योहारी ऑफर 
आपको बता दें कि 1 अगस्त  से बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB)चेक से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव करने जा रहा है. वहीं  देश का सबसे बड़ा बैंक एसबीआई व एचडीएफसी अपने ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड यूज पर कुछ छूट की घोषणा भी कर सकते हैं. हालांकि इसकी सिर्फ चर्चा है.  साथ ही भीम एप के माध्यम से अब क्रेडिट कार्ड से भी भुगतान हो जाएगा. हलांकि ये सुविधा शुरू हो चुकी है. लेकिन इसकी आधिकारिक घोषणा भी 1 अगस्त को होने की उम्मीद है. बैंक ऑफ बड़ोदा की बात करें तो 5 लाख रुपए से अधिक अमाउंट वाले चेक पैमेंट के लिए पॅाडिटिव पे सिस्टम लागू कर दिया गया है.. 
एलपीजी की कीमतों में कटौती संभव
आपको बता दें कि हर माह की 1 तारीख को एलपीजी गैस के रेटों को रिवाइज किया जाता है. कॅामर्शियल सिलेंडर के दाम कई बार घट चुके हैं. लेकिन एलपीजी सिलेंडर के दामों में कोई कटौती नहीं की गई है. बताया जा रहा है कि यह 1 तारीख बजट के तुरंत बाद आ रही है. सूत्रों का दावा है कि इस बार घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में भी कटौती की जाएगी. पिछले कई माह से रसोई गैस की कीमतों में कुछ बदलाव देखने को नहीं मिला है.  उम्मीद जताई जा  रही है कि 1 अगस्त को रसोई गैस के सिलेंडर के दामों में कुछ कटौती होने की संभावनाएं जताई जा रही है. 
देना होगा जुर्माना
वहीं इनकम टैक्स रिटर्न भरने की लास्ट डेट 31 जुलाई निर्धारित है. यदि कोई करदाता डेडलाइन तक रिटर्न नहीं भरता है तो उसे फिर जुर्माना देना होगा. इसके अलावा भी कई ऐसी योजनाएं हैं जिनकी डेडलाइन 31 जुलाई निर्धारित है. तय समय तक नियम फॅालो न करने पर जुर्माना भरना अनिवार्य है. 

आरएसएस मानहानि मामले में राहुल गांधी को राहत, बॉम्बे हाईकोर्नेट भिवंडी कोर्ट के आदेश को किया रद्द

12-Jul-2024
मुंबई। ( शोर संदेश )   कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने भिवंडी कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक कार्यकर्ता द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले में सबूत के तौर पर कुछ अतिरिक्त दस्तावेजों को अनुमति दी गई थी।
राहुल की याचिका पर आदेश पारित
न्यायमूर्ति पृथ्वीराज चव्हाण ने राहुल की याचिका पर यह आदेश पारित किया। याचिका में आरोप लगाया गया था कि ट्रायल कोर्ट ने आरएसएस पदाधिकारी राजेश कुंटे को तय समय के बाद भी कुछ दस्तावेज पेश करने की अनुमति दी थी।
याचिका में की गई थी ये मांग
बीते तीन जून को ठाणे स्थित भिवंडी मजिस्ट्रेट अदालत ने आरएसएस कार्यकर्ता द्वारा प्रस्तुत कुछ दस्तावेजों को रिकॉर्ड में लिया था। मजिस्ट्रेट अदालत ने कथित मानहानिकारक भाषण की प्रतिलिपि को साक्ष्य के रूप में स्वीकार कर लिया था, जिसके आधार पर मानहानि का मामला दायर किया गया था।
गांधी ने इसे उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। याचिका में कहा गया था कि मजिस्ट्रेट का आदेश, कुंटे द्वारा दायर एक अन्य याचिका में उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश के आदेश का उल्लंघन है।
कुंटे की याचिका पहले हो चुकी खारिज
बता दें कि 2021 में एकल न्यायाधीश न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे ने कुंटे द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें मांग की गई थी कि राहुल गांधी कथित अपमानजनक भाषण को या तो स्वीकार करें या अस्वीकार करें।
न्यायमूर्ति डेरे ने तर्क दिया था कि किसी आरोपी व्यक्ति को उक्त याचिका के अनुलग्नकों को स्वीकार करने या अस्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है।
गांधी ने वर्तमान याचिका में दावा किया है कि उच्च न्यायालय के 2021 के आदेश के बावजूद, मजिस्ट्रेट ने उन्हीं दस्तावेजों को रिकॉर्ड में ले लिया।
 



kalyan chart

Feedback/Enquiry



Log In Your Account