
00 खाद्य मंत्री ने किया दरिमा, करजी और कर्रा उपार्जन केंद्र का निरीक्षण
अम्बिकापुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अमरजीत भगत ने आज धान उपार्जन केंद्र दरिमा, करजी और कर्रा का निरीक्षण कर व्यवस्थओं का जायजा लिया। उन्होंने शासन की ओर से धान खरीदी केंद्रों के लिए निर्धारित 34 चेक पॉइंट का मिलान किसानों के सामने कराया और अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्धारित बिंदुओं के अनुसार व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि किसानों को धान बेचने में कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए। मंत्री भगत ने समिति प्रबंधकों से धान समिति में पंजीकृत किसानों की संख्या, कुल रकबा, नमी मापक यंत्र, कम्प्यूटर सिस्टम की उपलब्धता सहित अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने धान बेचने आये किसानों से बातचीत की और उनकी समस्या से अवगत हुए। किसानों ने धान बेचने में किसी प्रकार की समस्या नहीं होना बताया। मंत्री भगत ने समिति प्रबंधकों को निर्देशित किया कि उपार्जन केंद्र में शेड या चबूतरा निर्माण की आवश्यकता हो तो तत्काल मांग पत्र प्रेषित करें। धान की समुचित सुरक्षा और देखभाल करें।

मंत्री भगत ने किसानों से खरीदे गए धान के थप्पी का भी निरीक्षण किया और शुरू से ही व्यवस्थित तरीके से चबूतरे में रखने तथा बारदानों की स्टैकिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीडीएस दुकानों से बारदाने का संग्रहण तेजी से करें। भगत ने कहा कि नए बारदाने की कमी की समस्या जल्द दूर होगी। उन्होंने समिति प्रबंधकों से कहा कि समर्थन मूल्य पर प्रति एकड़ निर्धारित मात्रा में ही किसानों से धान लेना सुनिश्चित करें। खरीदी केंद्र में हमाल रखने की व्यवस्था करें तथा हमाल न होने की स्थिति में किसान को हमाली का पैसा दें। भगत ने कोरोना महामारी से बचाव के मद्देनजर सेनेटाईजर, मास्क तथा सोशल डिस्टेसिंग का पालन करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर संजीव कुमार झा, अपर कलेक्टर ए.एल. ध्रुव, तहसीलदार भूषण मंडावी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ जनसम्पर्क विभाग में विभागीय पदोन्नति समिति ने 4 अफसरों को सहायक संचालक पद पर पदोन्नत किया है। पदोन्नत होने वालों में जिला जनसम्पर्क कार्यालय दंतेवाड़ा में पदस्थ सुनील तिवारी, जिला जनसम्पर्क कार्यालय दुर्ग में पदस्थ आर नटेश, जिला जनसम्पर्क कार्यालय महासमुंद में पदस्थ कीर्ति परिसर और जनसम्पर्क संचालनालय रायपुर में पदस्थ तौकीर जाहिर मिर्जा शामिल हैं।

बेमेतरा (शोर सन्देश)। प्रदेश के आदिम जाति तथा अनुसुचित जाति विकास विभाग की ओर से अस्पृश्यता निवारण के लिए अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना संचालित की जा रही है। योजना नियम 1978 के तहत विवाह करने वाले दम्पत्ति को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। इसके अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 मे दुर्ग जिला निवासी देवेन्द्र कुमार सतनामी ग्राम-मोरिद, पोस्ट-डुडेरा, तह.-पाटन एवं कु. भारती मरार को 2 लाख 50 हजार रुपए की राशि स्वीकृत किये गये है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास बेमेतरा ने बताया कि समाज में जाति, पाति, ऊंच-नीच के आधार पर अनुसूचित जाति के लोगों के साथ भेदभाव पूर्ण व्यवहार को समाप्त करने के उद्देश्य से नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम-1955 में अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना का प्रावधान किया गया है। कानून द्वारा विवाह के लिए निर्धारित न्यूनतम आयु प्राप्त अनुसूचित जाति के लड़के अथवा लड़की की ओर से सामान्य वर्ग (संवर्ण) के लड़की अथवा लड़के से विवाह करने पर हितग्राही की पात्रता होगी। योजना के तहत संवर्ण लड़के अथवा लड़की के द्वारा अनुसूचित जाति की लड़की अथवा लड़के से अंतर्जातीय विवाह के साहसिक कार्य के लिए वर्तमान में प्रति जोड़ा ढ़ाई लाख रूपए एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाने का प्रावधान हैै। ज्ञात हो कि प्रदेश के आदिमजाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की ओर से अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन संचालित की जा रही है। जिसके अंतर्गत कानून की ओर से विवाह के लिए निर्धारित न्युनतम आयु प्राप्त अनुसूचित जाति के लड़के अथवा लड़की की ओर से सामान्य वर्ग (सवर्ण) के लड़की अथवा लड़के से विवाह करने पर इस योजना का लाभ दिया जाता है।

00 प्राध्यापिकाओं के रोके गए वेतन का भुगतान करने डॉ. नायक ने दिए निर्देश
रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ किरणमयी नायक ने आज रायपुर जिले में महिलाओं के उत्पीड़न संबंधित प्रकरणों पर जन सुनवाई की। सुनवाई के दौरान सोशल व फिजीकल डिस्टेंसिंग एवं सैनिटाईजर का प्रयोग करते हुए कार्यवाही प्रारंभ की गई।
एक प्रकरण में अध्यक्ष डॉ. नायक ने कहा कि चार माह की बच्ची जेसिका को माँ से दूर रखना अपराध की श्रेणी में आता है। बच्ची की सम्पूर्ण देखभाल के लिए माँ की नितांत आवश्यकता होती है। आयोग की समझाइश पर बच्ची के पिता ने अगले दिन ही आयोग के समक्ष माँ को सौपने तैयार हो गया।
एक अन्य प्रकरण में एक वर्ष पूर्व शादी हुए दंपत्ति को पुनः साथ रहने के लिए एक माह का समय दिया गया। रायपुर निवासी महिला ने अपने बड़े बेटे द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की शिकायत आयोग से की। इस प्रकरण पर आयोग के अध्यक्ष डॉ नायक ने बड़े बेटे को पिता की सम्पति से हिस्सा लेकर पृथक रहने कहा।
इसी तरह बलौदाबाजार जिले से आये दम्पति ने आयोग की समझाइश पर आपसी रजामंदी से वैवाहिक बंधन से मुक्त होने की बात सहर्ष स्वीकार किये। एक अन्य प्रकरण में भिलाई महिला महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापिकाओ को प्रबंधन द्वारा समय से पहले सेवानिवृत्त कर प्रताड़ित करने के मामले में सुनवाई हुई। इसमे प्राध्यापिकाओ का माह सितंबर का वेतन काम करने के बाद भी नही दिया गया है। जिस पर आयोग के अध्यक्ष ने एक सप्ताह के भीतर वेतन भुगतान करने प्रबंधन को कहा। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने आज विभिन्न जिलों की महिलाओ द्वारा दिए गए आवेदनों की आयोग कक्ष में सुनवाई की।आज प्रस्तुत प्रकरण में शारीरिक शोषण,मानसिक प्रताड़ना,दहेज प्रताड़ना, सम्पत्ति विवाद आदि से संबंधित थे।

कांकेर (शोर सन्देश)। ग्रामीण पशुपालकों की जागरूकता, गौठान समिति एवं महिला स्व-सहायता समूह की सक्रियता और जिला प्रशासन के मार्गदर्शन से कांकेर जिले के चार गौठान आत्मनिर्भर बन चुके हैं। संभवतः ये छत्तीसगढ़ के पहले गौठान है जो आत्मनिर्भर बने हैं। इन गौठानों में जितने रूपये की गोबर खरीदी की गई है, उससे ज्यादा की कमाई वर्मी कम्पोस्ट बेचकर की जा चुकी है। आत्मनिर्भर बनकर इन गौठानों ने गोधन न्याय योजना की उद्देश्यों को साकार किया है। कांकेर विकासखण्ड के गढ़पिछवाड़ी गौठान में 21 हजार 202 रूपये से 10 हजार 601 किलोग्राम गोबर की खरीदी की गई तथा उससे 67 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट तैयार किया जाकर 08 रूपये प्रति किलोग्राम की दर से विक्रय कर 54 हजार रूपये की आमदनी प्राप्त की गई है। इसी प्रकार भावगीर नवागांव गौठान में 29 हजार 938 रूपये से 14 हजार 969 किलोग्राम गोबर खरीदा गया और उससे 60 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट तैयार किया जाकर 48 हजार रूपये में बेचा गया है। नरहरपुर विकासखण्ड के मानिकपुर गौठान में 25 हजार 596 रूपये से 12 हजार 798 किलोग्राम गोबर की खरीदी की गई तथा खरीदे गये गोबर से 90 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट तैयार किया गया, जिसे बेचकर 72 हजार रूपये की आमदनी प्राप्त की गई है। जिले केेे कोयलीबेड़ा जैसे दूरस्थ अंचल के हरनगढ़ गौठान में 01 लाख 3 हजार 970 रूपये से 51 हजार हजार 985 किलोग्राम गोबर खरीदा गया और उससे ‘दीये’ बनाकर 62 हजार रूपये में गोबर से बने दीये‘ बेचे गये, इस गौठान में 60 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट भी तैयार किया गया, जिसे 48 हजार रूपये में विक्रय किया गया है। इस प्रकार कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के हरनगढ़ गौठान में 01 लाख 10 रूपये की आमदनी प्राप्त की गई है। उल्लेखनीय है कि कांकेर जिले में 197 ग्रामीण गौठानों और 06 शहरी गौठानों में गोधन न्याय योजनांतर्गत गोबर की खरीदी की जा रही है, जिससे 04 हजार 497 पशुपालकों द्वारा 67 हजार 280 क्विंटल गोबर का विक्रय किया जाकर 01 करोड़ 34 लाख 56 हजार 58 रूपये की आमदनी प्राप्त की गई है। गोधन न्याय योजना से प्राप्त राशि से पशुपालकों के जीवन खुशहाली आई है।

गरियाबंद (शोर सन्देश) । राज्य शासन के समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरूआत 01 दिसम्बर से हो गई है। शासन के निर्देशानुसार उपार्जन केन्द्रों में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध की गई है। 01 दिसम्बर के लिए 1452 किसानों को टोकन जारी किया गया है, जिनसे 52 हजार क्विंटल धान की खरीदी की जायेगी। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के पहले दिन ही आज कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर, पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ,जिला पंचायत सीईओ विनय लंगेह सहित नोडल अधिकारी, खाद्य अधिकारी और राजस्व विभाग द्वारा गरियाबंद, छुरा विकासखण्ड के धान उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। गरियाबंद विकासखंड के ग्राम सड़क परसुली, छुरा के कृषि उपज मंडी, ग्राम लोहझर, खडमा, रानीपरतेवा और सोरिद में अधिकारियों द्वारा धान खरीदी का जायजा लिया गया। कलेक्टर क्षीरसागर ने धान खरीदी का जायजा लेते हुए किसानों से टोकन की जानकारी, बारदाना कि उपलब्धता और मौके पर धान बेचने आये किसानों से बातचीत की। उन्होंने समिति प्रबंधक को छोटे एवं मध्यम किसानों को टोकन जारी कर धान पहले खरीदने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने किसानों से धान को सुखाकर और पर्याप्त सफाई कर विक्रय हेतु लाने कहा है। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर द्वारा मॉस्चराइजर मशीन से धान की नमी मापी गई। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर ने धान खरीदी केन्द्रों में शासन के निर्देशानुसार धान खरीदी के निर्देश दिये है। धान नमी का औसत 17 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। कलेक्टर ने किसानों को धान अच्छी तरह सुखाकर एवं सफाई कर विक्रय हेतु लाने कहा है। टोकन प्राप्त किसान भौतिक रूप से उपस्थित रहे तथा उनके पास पंजीयन प्रमाण पत्र उपलब्ध हो। साथ ही समिति प्रबंधकों को बारदाना समिति कैम्पस में रखने के निर्देश दिये है। ज्ञात है कि जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 अंतर्गत 03 लाख 25 हजार मीट्रिक टन धान खरीदी किया जाना है। जिले में 75 हजार 217 किसान पंजीकृत है। नोडल अधिकारी ने बताया कि प्रतिदिन लगभग 8 हजार मीट्रिक टन धान खरीदी किया जाएगा। जिले में 67 समितियों के माध्यम से 76 उपार्जन केंद्रों में खरीदी होगी। इनमें से 14 नए केंद्र हैं जहां पहली बार खरीदी होगी।

रायपुर(शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं सचिव विकास तिवारी ने कहा कि एक ओर जहां केंद्र की मोदी सरकार के किसान विरोधी काले कानून के विरोध में लाखों किसान हाड़ कपकपाती ठंड में देश की राजधानी दिल्ली में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं और किसान विरोधी नरेंद्र मोदी सरकार के काले कानून को बदलने की मांग कर रहे हैं।वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ राज्य में धान खरीदी की शुरुआत आज से कर दी गई है जिसकी मॉनिटरिंग खुद किसान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ राज्य में कुल 2305 धान खरीदी केंद्र हैं और इस वर्ष 257 नए केंद्र खोले गये हैं जिससे कि प्रदेश के किसान अपने उत्पाद को सुगमता से बेच सकें। कांग्रेस सरकार ने घोषणा की है कि 1 दिसंबर से लेकर 31 जनवरी तक लगातार दो महीने धान और मक्का के फसलों की खरीदी की जायेगी और समर्थन मूल्य का लाभ प्रदेश के हर पंजीकृत किसानों को दिया जायेगा। कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि वर्ष 2020 में ढाई लाख से अधिक नये किसानों ने अपना पंजीयन करवाया है जो कि 19 लाख 36 हजार की तुलना में 21 लाख 29 हजार 764 हो गया है। प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल जो खुद एक किसान है उस पर प्रदेश के किसान लगातार भरोसा कर रहे हैं और उन्हें इसका प्रतिसाद भी मिल रहा है वर्तमान में धान का कुल रकबा 27 लाख 60 हजार से अधिक हो गया है पिछले वर्ष की तुलना में किसानों का कुल रकबा 19 लाख 36 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 22 लाख 68 हजार हेक्टेयर हो गया है और किसानों की संख्या लाख 6 हजार से बढ़कर 18 लाख 38 हजार हो चुकी है। कांग्रेस सरकार के 2 वर्ष के कार्यकाल में कुल नया रकबा 3 लाख 32 हजार हेक्टेयर और कुल नये किसान 6 लाख 32 हजार से अधिक हो गये हैं इसका कारण यह है कि कांग्रेस सरकार और किसान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा पूरे देश भर में एक मात्र छत्तीसगढ़ राज्य में दिये जाने वाले पच्चीस सौ रूपये धान समर्थन मूल्य को पाकर प्रदेश के किसान गदगद हैं और लगातार प्रदेश के युवा भी खेती-बाड़ी के कार्यों से जुड़कर अच्छी आमदनी कमा रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि 15 सालों के पूर्ववर्ती भाजपा के रमन राज में ना केवल धान खेती का रकबा कम हो चला था वहीं दूसरी ओर प्रदेश के किसान रोजी रोटी कमाने के लिए पलायन करने के लिये बेबस थे और अन्य प्रदेशों में जाकर कठिनाई युक्त जीवन बसर करने को मजबूर थे। पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के समय कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार का बोलबाला था कृषि विभाग में पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के कार्यकाल में घटिया स्तर के बीज,नकली खाद और कृषि विभाग में बड़े-बड़े घोटालों के कारण पूरी व्यवस्था चरमराई हुई थी। कृषि विभाग में कमीशन खोरो का बोलबाला था जिसके कारण प्रदेश के किसानों की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं थी पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के शासनकाल में किसानों ने उनके ही गृह जिले में आत्महत्या तक की थी अब जब कांग्रेस सरकार और किसान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के राज में धान का रकबा भी बढ़ रहा है और प्रदेश में नये किसान लाखों की तादाद में खेती-बाड़ी के काम के लिये जुड़ रहे हैं इसे देखकर भारतीय जनता पार्टी और आर एस एस के किसान विरोधी नेताओं के चेहरे में मायूसी छा गई है,और वे सब गहरे सदमे में है।

रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं छत्तीसगढ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम के मंशानुरूप किसानों के धान खरीदी के लिए प्रदेश के सभी जिले में त्रिस्तरीय निगरानी समिति का गठन जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ चौलेश्वर चंद्राकर द्वारा की गई है। उक्ताशय की जानकारी देते हुए जिला कांग्रेस प्रवक्ता द्वय रफिक सिद्दीक़ी व शिशिर द्विवेदी ने बताया कि जिला स्तर के निगरानी समिति में जिला कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमेश पैगवार जांजगीर, जितेंद्र बहादुर सिंह मालखरौदा, जिला महामंत्री विनोद शुक्ला बलौदा, भविष्य चंद्राकर अकलतरा, शत्रुहन दास महंत नवागढ, अमित राठौर सक्ती, ताराचंद टंडन पामगढ़, रोहन साहू बम्हनीडीह, विद्यानंद चन्द्रा जैजैपुर, मधुसूदन साहू हसौद, हीरालाल नायक डभरा को नियुक्त किया गया है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटीयों द्वारा ब्लॉक स्तर पर निगरानी समितियां गठित की गई हैं, इसके साथ ही जिले के सभी 230 धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों के सहयोग के लिए सरखों जोहन यादव, महंत किशोर सिंह, मुनुंद जयप्रकाश कश्यप, अमोरा डॉ शिवकुमार कश्यप, भडेसर दिनेश पाण्डेय, सिवनी रामगोपाल राठौर, धुरकोट रोहित राठौर, गौद चंद्रिका सिंह, खोखरा लखन देवांगन, जांजगीर शिशिर द्विवेदी, नैला दुलौरिन चौरसिया, पहरिया आनंद नामदेव, बोड़सरा सुरेन्द्र पांडेय, बनारी प्रमोद पांडेय, कुटरा विजय प्रकाश तिवारी, घूंठिया धनसाय पटेल, अमोदा राजेश सिंह, कर्रा बलराम कश्यप, भैंसदा त्रिलोक सिंह (पिंकी), सलखन रामखिलावन कश्यप, तुलसी विश्राम कश्यप, किरित गुहाराम साहू, सेमरा भागवत कश्यप, खिसोरा भजन दास महंत, सिऊंड प्रेमशंकर साहू, रोगदा चकराम कश्यप, धाराशिव रोहित यादव, नवागढ़ गोविन्द केशरवानी, बरगांव सजीवन चन्द्रा, तनौद राजेश साहू, खोरसी फिरंगी लाल साहू, केरा राधे केशरवानी, मिस्दा छबिलाल साहू, लोहर्सी नरेन्द्र तिवारी, खरौद गुलज़ारी साहू, शिवरीनारायण राकेश शर्मा, गोधना श्याम साहू, कटौद रामखिलावन कश्यप, नेगुरडीह गणपति कश्यप, कामता बंशीलाल कश्यप, मुलमुला नारायण साहू व राधेश्याम , कोनारगढ़ विजय कश्यप, कोसा नील सिंह यादव, जेवरा नरेश कश्यप, पकरिया प्रताप देवांगन, भिलौनी शिवकुमार साहू, डोंगाकोहरौद देवकुमार पाण्डेय, मेऊ योगेश साहू, राहौद अनिल कुमार गुप्ता, मेंहदी भारत भूषण बंजारे, कोसला उदल कश्यप, ससहा ओंकार राय सागर, भदरा पूरन बंजारे, रसौटा राजकपूर साहू, पकरिया दिलीप मरावी, भैंसो रामकुमार पटेल, लगरा ईश्वरी लाल कश्यप, सिल्ली रूपेश कश्यप, कोड़ाभाट फुग्गाराम श्रीराज, पामगढ़ देव चरण खांडे, धनगांव श्रीमती रेखा दिवाकर, कोटमी वहीद खान, अकलतरी पुर्णद्र सिंह राणा, सांकर भरत लाल साहू, करूमहू धीरेन्द्र कुमार लहरे, पकरिया गोविंदा मरावी, किरारी जय प्रकाश शर्मा, कोटगढ़ दीक्षांत चंद्राकर, पोंडी ज्ञान सिंह, तरौद भूषण वैष्णव, अमलीपाली कीर्ति कुमार सिंह,अमोरा जगदीश दुबे, मुकेश सिंह, अकलतरा कृष्ण कुमार बैंस, नरियरा ध्रुव सिंह बरेठ, कापन सनत कुर्रे, बरगंवा शांत सिंह बैंस, तिलई तिजराम यादव, खपरी डॉ रामकुमार नायक, चोरभट्टी तिजराम कश्यप, खैजा भोलादास महंत, खिसोरा कमलेश साहू, बक्सरा नवरतन रजक, गतवा गजानंद बिंझवार, कोरबी मनीराम खूंटे, बलौदा रफीक मोहम्मद, महुदा नितिन शुक्ला, चारपारा टीकम सिंह पटेल, जर्वे हीरादास महंत, जावलपुर विनोद शुक्ला, भैसतरा श्रीमती सत्या यादव, हरदी श्रीमती नीलू पाण्डेय, पिसौद देवी भागवत साहू, सिवनी मनीष राठौर, सोंठी विजय सिंह राज, चांपा हेमन्त सराफ, कुम्हारीकला बालमुकुंद बरेठ, अमरुवा मोदी राम बरेठ, दारंग योगेन्द्र सोनी, सारागांव अमनाथ राठौर, कमरीद कीर्तन गभेल, कोसमंदा पुरूषोत्तम कश्यप, मंडवा परमानंद चौहान, उच्चभिट्ठी भुरुलाल यादव, बम्हनीडीह रामलाल सहारे, अफरीद रामराज्य पाण्डेय, झर्रा हेमन्त साहू, चोरिया गणेश साहू, करनौद हरीश तिवारी, बंसुला पारस नाथ चन्द्रा, पोंडीशंकर विष्णु आदित्य, लखाली भूपेन्द्र चन्द्रा, सरहर मोहन लाल राठौर, गिधौरी नरेश साहू, बाराद्वार नरेश राठौर, बस्ती बाराद्वार देवा प्रसाद गुप्ता, कड़ारी त्रिलोचन साहू, ठठारी शांति भूषण सिंह, भोथिया दरसूराम चन्द्रा, सलनी चन्द्र कुमार चन्द्रा, डोंगिया मनोज गबेल, दर्राभांठा नंदलाल सिदार, अकलसरा सरकार सिंह, डूमरपारा ज्योतिष राठौर, लवसरा सुरेश कुमार साहू, झरना दिगम्बर राठौर, आमगांव मूरित राम, दतौद नंदकुमार चंद्रा, कांशीगढ़ बिसाहू राम चन्द्रा, जैजैपुर अनिल रत्थु राम चन्द्रा, ओडेकेरा राजकुमार भारद्वाज, तुषार मोहन लाल चन्द्रा, नंदेली भुवनेश्वर, कुटरा बोर तिरिथ राम कर्ष, मुक्ता नंदलाल यादव, सेंदरी प्रदीप पटेल, अरसिया रमेश चन्द्रा, खजुरानी नीलम चन्द्रा , भोथीडीह दिलचंद्र सिदार, हरदीडीह छोटेलाल चन्द्रा, बिर्रा देव चन्द्र यादव, सिलादेही रामखिलावन तिवारी, तालदेवरी सरोज यादव, डभरा खुर्द ओलेश्वर कौशिक, घिंवरा मणि लाल कश्यप, मल्दा किरित राम कश्यप, किकिरदा अमित आदित्य , देवरघटा योगेन्द्र नारंग, भातमाहुल विजय चन्द्रा, हसौद ओम प्रकाश, चिस्दा सतीश जाटवर, कैथा श्रीमती माधुरी टंडन, झरप लकेश्वर नारंग, जमडी विजय कश्यप, पिहरिद गोपाल शर्मा, बड़े रबेली सुदर्शन वर्मा, पोता महेश सारथी, करिगांव टोपी लाल चन्द्रा, सुलौनी विजय कुमार गबेल, सोनादुला श्याम कुमार कैवर्त, चरौदा कमलेश कुमार गबेल, बड़ेपड़रमुड़ा अशोक कुमार गबेल, सिंघरा छोटे लाल चन्द्रा, बेल्हाडीह प्रहलाद दास महंत, मालखरौदा जितेन्द्र बहादुर सिंह, मुक्ता दिनेश कर्ष, जमगहन ठंडाराम सांडे, आमनदुला डॉ सनत सूर्यवंशी, भठोरा रमेश कुमार चन्द्रा, बड़े सीपत देवा लहरे, पिरदा किशोर चन्द्रा, छपोरा नेतराम, नरियरा प्रदीप निराला, देवगांव नारायण चन्द्रा, घोघरी इस्माईल खान, नवापारा लखन लाल चन्द्रा, सकरेली यशवंत कुमार साहू, डोड़की श्रीमती सावित्री गबेल, सोंठी गजाधर प्रसाद चौधरी, कनेटी जय बाबू गबेल, किरारी दिनेश राठौर, खैरा पुष्पेन्द्र चन्द्रा, झालरौंदा श्रीमती नंदा नायक, रायपुरा रामा साहू, चिखलरौंदा सिद्धार्थ चन्द्रा,
अड़भार राधेलाल शुक्ला, बुन्देली हलधर रात्रे, बंदोरा डॉ महेंद्र बरेठ, पोरथा रामनाथ जायसवाल, असौंदा संजय राठौर, नवापाराकला लाल बहादुर राठौर, बरपाली रामेश्वर कंवर, नगरदा जगेश्वर सिंह राज, पतेरा पाली नत्थू राम पटेल, देवरमाल शीतल सिंह राज, रगजा मेम कुमार साहू, मसनिया खुर्द खगेंद्र पटेल, जर्वे दिगम्बर सिंह कंवर, सकर्रा दुलेश्वर बरेठ, मोहंदी रामकुमार यादव, सक्ती घनश्याम देवांगन, सिरियागढ़ लीलाधर सिदार, देवरघटा धनेश्वर साहू, बरतुंगा रामजी साहू, कुसमुल अमृत बंजारे, सिंघितराई संजय डनसेना, फरसवानी पारस यादव, डभरा दीनबंधु यादव, कटेकोनी लकेश्वर महेश्वरी, धुरकोट दयाल सोनी, कंवली गुड्डा डनसेना, किरारी गोवर्धन सिदार, रेडा संतोष मानिकपुरी, कोटमी सुदर्शन यादव, बड़े कटेकोनी रामनाथ बरेठ, कांसा तुलसी साहू, पुटीडीह राजू सिंह यादव, जवाली विजेंद्र पटेल, सकराली निर्मल जायसवाल, फगुरम जगदीश राठौर, भांटा दुर्गेश जायसवाल, कर्रापाली कुमार सिदार, सपोस नेतराम पटेल, बारापीपर छबी यादव, अमलडिहा खगेश यादव, टूंड्री डायमंड साहू, मड़वा राजेंद्र सिदार, चंद्रपुर रामेश्वर माली, कलमा उत्तरा जायसवाल, बघौद जनक राम आजाद, दर्री मंगल सिदार को प्रभारी के रूप में धान खरीदी की निगरानी के लिए बनाया गया है। धान खरीदी केन्द्रों में टोकन, बारदाने एवं तौल और भुगतान की निगरानी कर ब्लॉक, जिला व प्रदेश स्तर को रिपोर्टिंग करेंगे।

धान खरीदी को लेकर भाजपा के झूठ की पोल अब खुल चुकी है : शैलेष
रायपुर (शोर सन्देश)। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कांग्रेस सरकार ने किसानों से अपना वादे पर अडिग है। छत्तीसगढ़ में 1 दिसंबर से धान खरीदी होगी। 1 दिसंबर से धान खरीदी शुरू होने जा रही है। टोकन पहले से दिये जा रहे है। ये टोकन 7 दिन के लिये वेलिड होंगे। यदि कोई किसान अपने टोकन पर धान नहीं बेच पाया तो उसे फिर से टोकन जारी कर दिया जायेगा। इस प्रकार धान खरीदी सुव्यवस्थित रूप में चलेगी। सब का धान खरीदा जायेगा। 2500 रूपये में खरीदा जायेगा। भाजपा द्वारा लगातार धान खरीदी में बाधा डालने की कोशिशे की गयी है और की जा रही है। कभी भाजपा की केन्द्र सरकार द्वारा कहा गया सेन्ट्रल पुल में छत्तीसगढ़ के किसान के धान से बना चावल नही लिया जायेगा। इसके लिये चिट्ठी तक लिख दी थी मोदी सरकार ने। इस साल भाजपा की केन्द्र सरकार ने धान खरीदी के लिये बारदानो की उपलब्धता में बाधा डाली। बारदाने ही नही उपलब्ध कराये लेकिन कांग्रेस की सरकार इन तमाम समस्याओं का मुकाबला करते हुये अपने वादे को पूरा करते हुये किसानो की धान की खरीदी 1 दिसंबर से करने जा रही है। छत्तीसगढ़ में सुव्यवस्थित रूप से धान की खरीदी होगी। धान बिचौलियों और धान दलालों और धान खरीदी में गड़बड़ियों कर किसानों को परेशान करने वालों को कोई प्रश्रय नही मिलेगा। प्रदेश के बाहर का धान नही, छत्तीसगढ़ के किसानो का उगाया हुआ धान छत्तीसगढ़ के सोसाइटियों में 2500 रूपये में खरीदा जायेगा। भूपेश सरकार ने धान का दाम 2500 रू. देते हुये पहले साल 80 लाख टन से अधिक और दूसरे साल 83 लाख टन धान की खरीदी की है। भाजपा की 15 साल की सरकार में तो 12 लाख किसानों से ही औसत 50 लाख टन धान ही प्रतिवर्ष खरीदा गया। शैलेश त्रिवेदी ने कहा है कि इस साल 21 लाख 50 हजार से अधिक किसानों का पंजीयन हो चुका है जिनसे कांग्रेस सरकार 2500 रू. में धान खरीदने जा रही है। धान का रकबा भी बढ़ा है, किसानों की संख्या भी बढ़ी है। धान खरीदी भी लगातार बढ़ रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने पहले साल 2018-19 में 15 लाख 71 हजार किसानों से 80 लाख टन से अधिक धान खरीदा और दूसरे साल 2019-20 में 19 लाख 52 हजार किसानों से 83 लाख टन से अधिक धान खरीदा गया। धान खरीदी की सुव्यवस्थित तैयारियों से भाजपा के झूठ की पोल खुल गयी है।
00 धान खरीदी में निगरानी करेगी कांग्रेस की त्रिस्तरीय समितियां
राज्य सरकार 1 दिसंबर 2020 से प्रदेश के समस्त सोसाईटी, धान खरीदी केन्द्रो के माध्यम से 2500 रूपये प्रति क्विंटल की दर पर धान खरीदी करने जा रही है। इस अवसर पर कांग्रेस ने सभी जिला कांग्रेस कमेटियों को परिपत्र जारी करके कहा है कि देश में 2500 रूपये प्रति क्विंटल धान खरीदने वाला छत्तीसगढ़ एक मात्र राज्य है। जहां छत्तीसगढ़ राज्य के सीमावर्ती राज्यो से धान की अवैध आवक होती है, जिसे रोकना हम सभी कांग्रेसजनों का दायित्व एवं कर्तवय है, जिसके माध्यम से हम राज्य सरकार को आर्थिक क्षति न हो।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने धान खरीदी को गंभीरता से लेते हुये निर्देशित किया है कि, किसान भाईयों के हित में समर्थन मूल्य पर बिक्री व्यवस्था में, किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और सीमावर्ती राज्यों से धान की अवैध आवक न हो इसकी निगरानी हेतु कांग्रेस जिला, ब्लाक एवं खरीदी केन्द्रवार त्रि-स्तरीय निगरानी समिति का तत्काल गठन किया जाना है।
जिला, ब्लाक स्तरीय निगरानी समिति में जिला एवं ब्लाक के किसानों से संबधित समस्याओं के लिये कांग्रेसजनो, किसानो, किसान कांग्रेस के पदाधिकारियों को शामिल करके 11 सदस्यीय तथा खरीदी केन्द्र स्तर पर खरीदी केन्द्र के अंतर्गत आने वाले समस्त आश्रित ग्रामों से कांग्रेस सदस्यों को समाहित करते हुये निगरानी समिति का गठन जायेगा।
किसान को धान खरीदी, बिक्री में कोई समस्या उत्पन्न हो रही हो, तो जिला, ब्लाक स्तर पर समस्या को प्रशासन के समक्ष प्रभावी ढंग से रखते हुये निराकरण के लिये किसान को आवश्यक सहयोग, मदद किया जाना है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम फोन नं. 0771-2236793, 2236794 एवं 2236795 पर सूचित करें।

रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल पॉल ने सामान्य प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर यह जानकारी दिया है कि जिला शिक्षा अधिकारी के पद उप संचालक (संवर्ग) के अधिकारी को ही पदस्थ किये जाने का प्रावधान है, लेकिन प्रदेश में सात व्यक्तियों को सामान्य प्रशासन के स्थायी निर्देश 4.8.2011 को बायपास करते हुए प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बनाया गया है, जो उचित नहीं है। श्री पॉल का कहना है कि प्रदेश में मूल संवर्ग (उप संचालक) के प्रथम श्रेणी अधिकारी के रहते हुए द्वितीय श्रेणी अधिकारी को जिला शिक्षा अधिकारी का प्रभार दिया जाना सामान्य प्रशासन विभाग के स्थायी निर्देश 4.08.2011 का स्पष्ट रूप से उल्लंघन है। छग स्कूल शिक्षा विभाग, नवा रायपुर के द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी के पद वरिष्ठतम योग्य व्यक्तियों को चालू कार्यभार सौपने की पद्धति न अपनाकर संवर्ग के कनिष्ठ अधिकारियों को प्रभार दे दिया जा रहा है और ऐसे कनिष्ठ अधिकारी वरिष्ठ पदों का प्रभार लंबे समय से ग्रहण किए हुए है जो नियम विपरीत है।
श्री पॉल ने सामान्य प्रशासन और शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर सात व्यक्तियों को जिन्हे नियम विरूद्ध जिला शिक्षा अधिकारी का प्रभार दिया गया उन्हें तत्काल उनके मूल पद पर स्थानांतरण करते हुए सामान्य प्रशासन के स्थायी निर्देशानुसार योग्य और वरिष्ठतम अधिकारी को जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर पदस्थ करने की मांग किया गया है।
ये है प्रदेश के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंग बघेल (प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, दुर्ग), राजेश कर्मा (प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, दंतेवाड़ा), रजनी नेलशन (प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, धमतरी), मधुलिका तिवारी (प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, बेमेतरा), एमआर मंडावी (प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, नारायणपुर), राजेश कुमार झा (प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, जगदलपूुर) और परसराम चंद्राकर (प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, महासंमुद) है।