
कोरबा (छत्तीसगढ़)। राज्य सरकार ने कोटा की ही तरह देश के दूसरे राज्यों और एजुकेशन हब शहरों में पढऩे गए छतीसगढ़ के विद्यार्थियो का डाटाबेस तैयार करने का प्रयास शुरू कर दिया है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छतीसगढ़ के ऐसे सभी विद्यार्थियो की जिले वार जानकारी जुटाने के निर्देश सभी जिला कलेक्टरों को दिए हैं। मुख्यमंत्री के इस निर्देश पर अमल करते हुए कलेक्टर किरण कौशल ने ऐसे छात्र-छात्राओं की जानकारी तैयार करने जिला शिक्षा अधिकारी को नोडल अधिकारी बना दिया है। कोरबा कलेक्टोरेट में इसके लिए नियंत्रण कक्ष भी बनाया गया है जिसका फोन नम्बर 07759-228548 है। कोरबा जिले के पालक इस नम्बर पर कार्यालयीन समय पर फोन कर दूसरे राज्य या शहर में पढऩे गए और कोरोना के चलते जारी लाक डाउन मे फँसे अपने बच्चों की जानकारी दे सकते हैं।
कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने सभी जिलावासियों से अपील की है कि छत्तीसगढ़ से बाहर के राज्यों में पढऩे गए विद्यार्थी जो लॉक डाउन के कारण वहाँ फंस गए है, यदि कोरबा वापस अपने घर लौटना चाहते हैं तो उनकी पूरी जानकारी जिला प्रशासन को उपलब्ध करावें। जानकारी में छात्र-छात्रा का नाम, पिता का नाम, कोरबा का पता, कोरबा में संपर्क का मोबाईल नंबर, सम्बंधित कोचिंग संस्थान का विवरण, राज्य, जिला, शहर का नाम आदि विस्तृत रूप से बताएं ताकि राज्य शासन के निर्देशों के अनुसार डाटाबेस तैयार किया जा सकें।

रायपुर (CHHATTISGARH)। लॉकडाउन के बीच जांजगीर-चांपा के करीब 85 मजदूर गाजियाबाद (उत्तरप्रदेश) में फंसे हुए हैं। मजदूरों ने छत्तीसगढ़ वापसी की गुहार लगाई है। मजदूरों का कहना है कि लॉकडाउन के चलते उनका छत्तीसगढ़ वापस आने में असमंजस बना हुआ है। लिहाजा, इन मजदूरों ने विजन न्यूज सर्विस को फोन कर अपनी पीड़ा बताई है। गाजियाबाद में फंसे मजदूर बजरंग ने बताया कि वे मानसरोवर यात्रियों की सुविधा के लिए भवन निर्माण कार्य में लगे हुए हैं, लेकिन लॉकडाउन के चलते मानसरोवर यात्रा भी बंद है और उनके साथ-साथ उनके करीब 85 मजदूर साथी भी गाजियाबाद में फंस गए हैं। बजरंग का कहना है कि हालांकि कंपनी की ओर से उन्हें रहने और खाने की सुविधा दी गई है, लेकिन इसके एवज में प्रबंधन उनके जमा पैसों से इसकी कटौती करना चाह रहा है, जो गरीब मजदूरों के लिए संभव नहीं हो पाएगा, इसलिए वे जांजगीर-चांपा जिले के पांच गांवों में अपनी वापसी चाहते हैं, इसलिए उन्होंने विजन न्यूज सर्विस को फोन कर अपनी पीड़ा बताई और वापसी के लिए गुहार लगाई है। बजरंग ने बताया कि वे और उनके मजदूर साथी जांजगीर-चांपा जिले के सेवई, खोखरा, धीरकोट, सरखो, आमनआरा, मरकाडीह और भड़ेसर के रहने वाले हैं।
ज्ञातव्य है कि कोरोना संक्रमण को लेकर पूरे देश में इन दिनों 17 मई तक लॉकडाउन जारी है। इस बीच सबसे ज्यादा दिक्कतें मजदूरों को लेकर ही है। हालांकि उन्हें राशन और अन्य जरूरत की चीजें मुहैया कराई जा रही है, लेकिन फिर भी मजदूर काम बंद होने के चलते अपने-अपने घरों को वापस लौटना चाहते हैं। इसलिए वे अपने-अपने स्तर पर लगातार प्रयास में लगे हुए हैं, कि वे किसी भी तरह से अपने गृह ग्राम में लौट जाएं।

जगदलपुर(chhattishgarh)।कोरोना के कारण जहाँ एक तरह पूरी जिंदगी लॉकडाउन की वजह से रुक सी गयी है, वही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए मनरेगा संजीवनी का कार्य कर रही है। जहाँ एक तरह मनरेगा ग्रामीण लोगो को रोजगार उपलब्ध करा रहा है वही निरंतर मजदूरी भुगतान भी प्राप्त हो रहा है। जिला पंचायत कार्यालय के मनरेगा शाखा से प्राप्त जानकारीनुसार-मनरेगा में निर्माण कार्यो का 3 करोड़ 60 लाख से अधिक का सामग्री राशि का हुआ भुगतान मनरेगा अंतर्गत वर्ष 2019-20 और 2020-21 में ग्राम पंचायतों और क्रियान्वयन एजेंसी के द्वारा कराए गए निर्माण कार्यो का 3 करोड़ 60 लाख रुपये से अधिक राशि का भुगतान 30 मई को राज्य शासन से प्राप्त हुआ। जिसमें 2 करोड़ 21 लाख 10 हजार रुपये की राशि 2019-20 और 1 करोड़ 38 लाख 99 हजार राशि का भुगतान 2020-21 के कार्यो का किया गया है। मनरेगा के प्रावधान के अनुसार, मजदूरी और सामग्री मद की राशि का भुगतान एफटीओ के माध्यम से सीधे मजदूर और सामग्री प्रदाता वेंडर के खाते में किया जाता है।
मनरेगा के कार्यो का निरंतर हो रहा भुगतान
मनरेगा अंतर्गत कार्य करने वाले मजदूरों का भुगतान निरंतर अंतराल पर प्राप्त हो रहा है। जिससे मनरेगा के कार्यो में तेजी आ रही है। 30 मार्च तक के सभी मजदूरी राशि का भुगतान किया जा चुका है। इस माह कार्य किये 68 लाख मजदूरी का भुगतान भी इस सप्ताह प्राप्त हो जाएगा। समय पर प्राप्त हो रहे मजदूरी भुगतान के कारण विगत 15 दिवस में मनरेगा अंतर्गत कार्य के लिए दोगुने श्रमिक कार्य करने के लिए आ रहे है। 30 अप्रैल तक 20 हजार श्रमिक मनरेगा में कार्य कर रहे है। सामग्री भुगतान के लिए अभी भी पर्याप्त राशि है। जैसे-जैसे कार्य कराया जा रहा है, वैसे-वैसे कार्यो का भुगतान किया जा रहा है।
सिंचाई से संबंधित कार्यो को प्राथमिकता
मनरेगा अंतर्गत ग्राम पंचायतों के सिंचाई से संबंधित कार्यो को प्राथमिकता से करवाया जा रहा है। बारिश के पानी का लंबे समय तक उपयोग किया जा सके इसके लिए नए तालाब का निर्माण, ग्राम पंचायत के पुराने तालाब का गहरीकरण व साफ सफाई, खेत तालाब-डबरी का निर्माण, कुँआ का निर्माण तथा सिंचाई नाली का निर्माण करवाया जा रहा है।

धमतरी(chhattishgarh)। उच्च न्यायालय बिलासपुर के अधिवक्ता शत्रुहन सिंह साहू ने सरकार द्वारा शराब दुकान खोले जाने की आलोचना करते हुए कहा कि कोविड-19 के इस वैश्विक महामारी के दौर में जहां इस बीमारी से बचाव के लिए फिजिकल डिस्टेंस एक महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे में राज्य व केंद्र सरकार द्वारा शराब दुकान खोलने का निर्णय जनता की मौत का फरमान जैसा है। ऐसे असंवैधानिक व जीवन को तबाह करने वाले निर्णय को अपने चुनावी घोषणा पत्र के अनुसार तुरंत वापस लें। अन्यथा समय आने पर इस धोखेबाजी के लिए जनता उन्हें सबक सिखाएगी।

धमतरी(chhattishgarh)। राज्य शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर रजत बंसल ने जिले की 17 देशी तथा 9 विदेशी मदिरा दुकानों को 4 मई से खोलने का आदेश जारी किया है। सभी 26 दुकानें सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक खुली रहेंगी, किन्तु इसके लिए सोशल एवं फिजिकल डिस्टेंसिंग की शर्तों का सख्ती से पालन करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं। सुबह 8 बजे से ही जिले की मदिरा दुकानें खुल गईं, जहां पर राजस्व, आबकारी तथा पुलिस विभाग के जवानों के द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का कड़ाई से पालन करने की अपील की जा रही है। लोगों को इन्हीं शर्तों के आधार पर मदिरा का विक्रय किया जा रहा है। साथ ही प्रत्येक लोगों को मुंह पर अनिवार्य रूप से मास्क लगाने, दुकानों में रखे गए हैण्डवॉश तथा सेनेटाइजर से हाथ धोने की भी अपील की जा रही है। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि मदिरा दुकानों में बांस-बल्ली की बेरिकेटिंग कराकर न्यूनतम एक मीटर की दूरी पर चूना मार्क से गोले तैयार कर उसके भीतर ही क्रेताओं को खड़ा कराया जा रहा है। साथ ही बिना मास्क अथवा स्कार्फ के आने वाले क्रेताओं को मदिरा नहीं बेची जा रही है। सुबह से ही अनुविभागीय अधिकारियों ने अपने अधीनस्थ विकासखण्ड में स्थित मदिरा दुकानों में मातहतों के साथ दौरा कर सोशल डिस्टेंसिंग सहित शासन के अन्य निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने निरीक्षण किया। कलेक्टर ने सभी क्रेताओं से सोशल एवं फिजिकल डिस्टेंसिंग के संबंध में शासन के निर्देशों का पालन करने के साथ-साथ सुरक्षित ढंग से ज्यादातर समय घर पर व्यतीत करने और आवश्यक होने पर ही पूरी सुरक्षा के साथ बाहर जाने की अपील की है।

कोरबा (chhattishgarh)। गेवरा, कुसमुंडा, दीपका जैसी कोयला नगरियों में कोरोना वायरस के फैलाव को कोल परिवहन में लगे डम्फरों, ट्रकों और अन्य वाहनों पर जिला प्रशासन की विशेष निगाह रहेगी। इन वाहनों के ड्राईवरो, कंडेक्टरों, हेल्परों से कोयला नगरियों के रिहायसी क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण फैलने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा विशेष सावधानी बरती जा रही है। कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण के रोकथाम के लिए कोल क्षेत्रों में चलने वाले कोयला ट्रकों के परिवहन पर निगरानी रखने के लिए 11 सदस्यीय विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया है। यह विशेष टास्क फोर्स कोल क्षेत्र में चलने वाली समस्त कोयला ट्रकों के परिवहन पर आवश्यक पर्यवेक्षण करेंगे। टास्क फोर्स द्वारा सभी कोयला गाडिय़ों के निर्धारित रूट पर ही चलना सुनिश्चित किया जायेगा।
कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने बताया कि एसईसीएल दीपका, गेवरा, कुसमुंडा, कोरबा माईनिंग क्षेत्र के पास सघन आबादी वाली बस्तियां हैं। इन क्षेत्रों में कोयला परिवहन वाली गाडिय़ों के साथ ड्राईवर, हेल्पर जैसे बाहरी लोगों का बड़ी संख्या में आवागमन प्रतिदिन होता रहता है। दीपका सहित सभी कोल क्षेत्र के आसपास की बस्तियां कोरोना संक्रमण हेतु संवेदनशील जोन हो सकती है तथा इन गाडिय़ों के परिवहन से कोरोना संक्रमण का फैलाव भी हो सकता है। इसलिए किसी भी स्थिति में कोयला परिवहन में लगी गाडिय़ां बस्ती एवं बस्ती के आसपास क्षेत्र में खड़ी न हो और गाडिय़ों के चालक-परिचालक आबादी क्षेत्र में अनावश्यक रूक कर रात्रि विश्राम तथा भ्रमण न करें। इसके मानिटरिंग के लिए विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
कलेक्टर श्रीमती कौशल ने इस संबंध में बताया कि यह विशेष टास्क फोर्स कोल क्षेत्र में गाडिय़ों के रूकने का स्थान, आटो पाट्र्स दुकान हेतु स्थान एवं रिपेयर स्थल चिन्हांकित करेंगे। टीम द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जायेगा कि गाडिय़ां, चालक-परिचालक व अन्य संदिग्ध लोग माईनिंग एरिया के बाहर न निकलें। ड्राईवरों-हेल्परों के ठहरने आदि की जगह का चिन्हाकन कर पर्याप्त बेरिकेटिंग लगाकर निगरानी की जायेगी। टास्क फोर्स द्वारा चालक-परिचालक, हेल्पर, क्लीनर के रूकने व भोजन की व्यवस्था कोल एरिया के भीतर ही संस्थान द्वारा करवाया जाना सुनिश्चित किया जायेगा। कलेक्टर ने कहा कि टीम के सदस्य इन कोल क्षेत्रों में प्रतिदिन पेट्रोलिंग करके हरेक स्थिति पर नजर रखेंगे। टास्क फोर्स का मुख्यालय एसईसीएल दीपका में रहेगा।

अंबिकापुर (CHHATISHGARH)। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा व प्रदेश भाजपा के आह्वान पर नगर पालिक निगम अंबिकापुर के पार्षद दल ने अंबिकापुर नगरीय क्षेत्र में एक लाख मास्क वितरीत किए जाने की योजना की औपचारिक शुरूआत की।
संकल्प भवन भाजपा कार्यालय में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष अखिलेश सोनी, वरिष्ठ नेता अनिल सिंह मेजर, पूर्व सांसद कमलभान सिंह, किसान मोर्चा प्रदेश महामंत्री भारत सिंह सिसोदिया, नगर पालिक निगम अंबिकापुर नेता प्रतिपक्ष प्रबोध मिंज व वरिष्ठ नेता ललन प्रताप सिंह की उपस्थिति में करने के बाद नेहरू वार्ड में घरों में जाकर मास्क का वितरण भी किया।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष अखिलेश सोनी ने बताया कि कोरोना महामारी कोविड 19 से उत्पन्न गंभीर परिस्थतियों को देखते हुये आगामी लम्बे समय तक मास्क की उपयोगिता बढ़ गई है। अत: इसकी आवश्यकता को देखते हुए इसकी पूर्ति हेतु भाजपा सरगुजा अम्बिकापुर नगरीय क्षेत्र में 1 लाख मास्क सहित संगठन के सभी 12 मंडलों में तीन लाख पचास हजार हस्त निर्मित व धोकर पुन: उपयोग करने योग्य मास्क का वितरण पार्टी के मंडल कमेटी, शक्ति केंद्र एवं बूथ समिति के माध्यम से व्यापक रूप से किया जाएगा। इसकी तैयारी हेतु भाजपा के सभी पदाधिकारी मोर्चों के कार्यकर्ता हस्त निर्मित मास्क के निर्माण में निरंतर लगे हुए हैं साथ ही स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बनाये जा रहे सूती कपड़े का मास्क का उपयोग किया जाएगा।
कार्यक्रम में भाजपा मंडल अध्यक्ष विद्यानंद मिश्रा, वरिष्ठ नेता करताराम गुप्ता परमवीर सिंह बाबरा, अजय प्रताप सिंह, संतोष दास, मनोज गुप्ता, मधुसुदन शुक्ला, विशाल गोस्वामी,रमेश जायसवाल, हरमिंदर सिंह टिन्नी, श्रीमती मंजुषा भगत, आलोक दुबे, मनीष सिंह, सिकंदर जायसवाल, सुनीता सोनी, सुषमा गुप्ता, भारती सोनवानी, अशोक सोनवानी, प्रेमानंद तिग्गा, विश्वविजय सिंह तोमर, सुशांत घोष, चंद्रशेखर तिवारी, आकाश गुप्ता, अभिषेक शर्मा, विकास पाण्डेय, दिपक सिंह तोमर, गौतम विश्वकर्मा, रोचक गुप्ता, शानु कश्यप, सिंधु सोनी, वेदांत तिवारी, रूपेश दुबे, अंशुल श्रीवास्तव, संजीव वर्मा, अजय सिंह, सर्वेश तिवारी, अनिष सिंह, शरद सिन्हा, सालेम टोप्पो, नितिन गुप्ता, आकाश सोनी सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।

रायपुर (chhatishgarh)। कांग्रेस प्रवक्ता ने नेताप्रतिपक्ष की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से की जाने वाली पत्रकार वार्ता पर सवाल खड़े किये हैं, आरपी सिंह ने पूछा है कि जिस ज़ूम चाइनीस ऐप को केंद्र सरकार ने खतरनाक माना है और खतरे की चेतावनी देते हुए राष्ट्रव्यापी एडवाइजरी जारी की है। उसी जूम ऐप का इस्तेमाल आज नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से की जाने वाली पत्रकार वार्ता के लिए कर रहे हैं। क्या धरमलाल कौशिक अपनी ही पार्टी की केंद्र सरकार के निर्देशों की अवहेलना नहीं कर रहे हैं? क्या धरमलाल कौशिक यह संदेश देना चाहते हैं कि वे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बड़े नेता हैं ?
कांग्रेस पार्टी भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व से यह मांग करती है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की एडवाइजरी के खिलाफ जाकर एक खतरनाक चाइनीज ऐप का इस्तेमाल करने वाले नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता में यह संदेश पहुंच सके कि केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशों का पालन गंभीरतापूर्वक करना चाहिए।

जशपुरनगर(chhatishgarh)। जिले के राहत शिविरों में पिछले डेढ़ माह से ठहरे झारखंड के करीब 210 प्रवासी श्रमिकों एवं अन्य लोगों को रविवार सुबह जिले के रणजीता स्टेडियम से 5 बसों के माध्यम से उनके गृह राज्य के लिए रवाना किया गया।
अनुविभागीय अधिकारी जशपुर योगेन्द्र श्रीवास द्वारा सभी प्रवासी श्रमिकों को बस में बिठाने के पूर्व मास्क, साबुन, सेनेटाईजर एवं अन्य आवश्यक सामग्री का वितरण किया गया एवं उन्हें कोरोना वायरस से बचने के लिए जारी सरकारी गाइड लाइन का आवश्यक सुझाव दिए गए। साथ ही सभी श्रमिकों के नाम एव्ं अन्य आवश्यक जानकारी की पंजी संधारित किया गया। श्रमिको को बस में बिठाते समय भी सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा गया, उन्हेे पंक्तिबद्ध तरीखे से एक-एक करके बस में बिठाया गया एवं बस के अंदर भी यात्रियों के मध्य सोशल डिस्टेस बना रही इस बात का भी व्यवस्था की गई।
इस अवसर पर जिला प्रशासन एवं अन्य स्वयं सेवी संस्थान के माध्यम से सभी प्रवासी श्रमिको के रास्ते के लिए खान-पान का भी समुचित प्रबंध किया गया। यातायात पुलिस जशपुर, आरपीआई के विजय गुप्ता, कमलकांत वर्मा, संवेदना समूह के द्वारा सभी श्रमिकों को पानी, बिस्किट एवं स्वल्पाहार का पैकेट वितरण किया गया। सभी श्रमिकों द्वारा जिला प्रशासन एवं अन्य सभी समाजसेवी लोगों के इस कार्य के लिए सभी का आभार प्रकट करते हुए सभी को धन्यवाद दिया।

रायपुर। राज्य शासन के निर्देशानुसार गर्मी के दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों में निस्तारी के लिए पानी की कमी को दूर करने के लिए तालाबों को भरा जा रहा है। जिले के निस्तारी तालाबों को महानदी प्रोजेक्ट की नहरों से भरना शुरु किया. जिले के लगभग 240 गावों के लगभग 300 तालाबों को भरा जायेगा। कार्य पालन अभियंता जल संसाधन विभाग रायपुर ने बताया कि तालाबों को भरने से ग्रामीणों को ग्रीष्मकाल में निस्तारी की सुविधा मिलेगी। इसी क्रम में पेयजल के लिए रायपुर, अभनपुर, गोबरा-नवापारा और अटल नगर नया रायपुर को भी जल प्रदाय किया जा रहा है।