ब्रेकिंग न्यूज

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*पटना में पीपा पुल से गंगा में गिरी गाड़ी नौ शव निकाले गए आठ लापता*

23-Apr-2021

 पटना (शोर सन्देश)। बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार की सुबह बड़ा हादसा हो गया है। यहां एक सवारी गाड़ी गंगा में डूब गई। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्‍थानीय गोताखोरों की मदद से अब तक नौ लोगों के शव गंगा से न‍िकाले जा चुके हैं। अभी सात से आठ और लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है। यह हादसा दानापुर के समीप बने पीपा पुल पर हुआ। हादसे के करीब दो से ढाई घंटे देर से बचाव दल मौके पर पहुंचा। करीब तीन घंटे की मशक्‍कत के बाद गोताखोरों ने गाड़ी को ढूंढ निकाला। अब गाड़ी को क्रेन के जरिये नदी से बाहर निकाल लिया गया है। कुछ शवों के नदी में बहने की आशंका जाहिर की जा रही है। बताया जाता है कि सारण (छपरा) जिले के अकिलपुर निवासी मदन सिंह के पुत्र राकेश का 21 अप्रैल को तिलक हुआ था। 26 अप्रैल को शादी होनी है। इनका परिवार दानापुर के चित्रकुटनगर में रहता है। पटना में गंभीर कोरोना संक्रमण को देखते हुए शादी का कार्यक्रम गांव से हो रहा था। तिलक के बाद मदन सिंह के रिश्तेदार व परिवार के लोग दानापुर आ रहे थे। सुबह वे लोग गांव से चले थे। स्‍वजनों के मुताबिक गाड़ी पर अरविंद सिंह, रमाकांत सिंह, गीता देवी, उमाकांत सिंह की पत्नी अनुरागो देवी, उनके पोता-पोती और सरोज देवी आदि सवार थे। उसी गाड़ी पर सुजीत सिंह मनोज व सिताब राय भी थे। ये दाेनों किसी तरह जान बचा निकल पाये।


*कोरोना काल में फ्रंट लाईन वाले पत्रकारों की समसओं की ओर भी ध्यान दे शासन प्रशासन*

22-Apr-2021

00 युवा विधायक से मीडिया जगत को भारी उम्मीदें
00 कोरोना काल में युवा पत्रकारों की हो रही है लगातार दर्दनाक मौत
भिलाई (शोर सन्देश) पूरे देश और प्रदेश में फैले कोरोना की इस महामारी में लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहलाने वाला पत्रकार भी इन दिनों कोरोना की चपेट में आते जा रहा है। दुर्ग जिला में जहां एक ओर इलाज के दौरान कोरोना की बीमारी से दो पत्रकारों की मौत हो गई, जिसमें जितेन्द्र साहू, युवा पत्रकार नरेन्द्र साहू एवं वरिष्ठ पत्रकार गुरपेज खैरे (हार्टअटैक) से हो चुकी है। इसके अलावा दो दर्जन से अधिक पत्रकार और मार्केटिंग और प्रेस की दुनिया में काम करने वाले लोग, कम्प्यूटर ऑपरेटर भी आज हॉस्पिटल एवं घर में होम आइसोलेशन में घर में बिस्तर में पड़े हुए है। सत्ताधारी दल हो या विपक्ष हो, इन तमाम नेताओं को हिरो और जीरो बनाने वाला पत्रकार आज आर्थिक तंगी की मार तों झेल ही रहा है साथ ही भारी भरकम इलाज के बोझ से दबते चला जा रहा है इस ओर शासन प्रशासन के अलावा किसी भी समाजसेवी या बडे राजनैतिक दलों या बड़ व्यक्ति का ध्यान पत्रकारों की ओर नही दिया जाना, काफी चिंतनीय विषय है। उल्लेखनीय है कि जनप्रतिनिधियों की हर बात को मुखर होकर समाज के आगे लाने वाला ये पत्रकार ही होता है। लेकिन किसी का भी कोई भी ध्यान मीडिया जगत के इन पत्रकारों की ओर नही दिया जाना बड़ा ही चिंतनीय विषय है और पत्रकारों के जीवन के लिए ये बड़ा ही चुनौतीपूर्ण कार्य हो गया है। एक ओर स्थानीय शहर सरकार के मुखिया को चाहिए कि वे पत्रकारों की पीड़ा को राज्य सरकार के उच्च स्तर के पटल पर रखे ताकि पत्रकारों का भला हो सके। चूंकि आज मार्केट में समाज के लोगों को जागरूक करने का कार्य ये मीडियाकर्मी ही फं्रट लाईन में रह कर कर रहे हैं। सरकार को चाहिए कि जिस तरह वह लॉकडाउन लगाने का निर्णय कलेक्टरों पर थोप देते है, और कलेक्टर साहब इस बीमारी को लेकर लॉकडाउन लगाने का काम बखूबी करते हेैँ। निश्चित रूप से ये काबिले तारीफ है लेकिन प्रदेश के मुखिया श्री बघेल को चाहिए कि हर जिले के कलेक्टर को वह निर्देशित करे कि कोरोना महामारी में फिल्ड मे ंकार्य करने वाले पत्रकारों का बीमा सरकार को करना चाहिए ताकि कोरोना या सडक हादसे में पत्रकारों की मौत होने पर उनके परिवार को आर्थिक लाभ मिल सके। वहीं सरकारी और निजी अस्पतालों में बेड भी कुछ प्रतिशत पत्रकारों और उनके परिजनों के लिए आरक्षित किया जाये। साथ ही उनको या तो उनके पूरे बिल में छूट मिल सके या नही तो पचास प्रतिशत बिल माफ हो। अब चूकि कोरोना के महामारी में परिवार वाले भटकाव की स्थिति में ना रहे, ऐसे मामले में एजूकेशन हब कहलाने वाले इस भिलाई में बडे बडे नामचीन अस्पताल है, वहंा पर वेन्टीलेकर,आईसीयू,ऑक्सीजन, में पत्रकारों को या उनके परिवार के लोगों को तुरंत भर्ती के लिए भी नोडल अधिकारी नियुक्ति करेंऔर एक हेल्प लाईन नंबर जारी करे। जिससे पत्रकारों को निजी तौर पर इसका लाभ मिल सके। पत्रकार और उसके परिवार भटकाव की स्थिति में ना रहे। कई नामचीन अखबार, साप्ताहिक अखबार और सांध्य दैनिक अखबार और इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकार भी कोरोना के चपेट में है। स्थानीय युवा विधायक से भिलाई के पत्रकारों को काफी उम्मीदे हैं कि वह इन सारी बातों और मांगों को राज्य के मुखिया के समक्ष रखकर इसे जल्द लागू करायेगे। चूंकि अधिकांशतर मौत से दुनिया को अलविदा कहने वाले युवा वर्ग के ही पत्रकार है। ऐसे में समाजसेवा का दंभ भ्ररने वाले समाजसेवियों को भी आगे आकर पत्रकारों की इस पीड़ा मे सहयोगकर और अपना बडा योगदान देना चाहिए। वहीं विपक्ष के नेता एवं अन्य क्षेत्रीय दल को तो मानो जैसे सांप सूंध गया हो, कोई भी मीडिया जगत के लोगों का पूछ परख करने वाला नजर नही रहा है। 


*बड़ी खबर : छत्तीसगढ़ के कोरोना सैंपल में मिला ट्रिपल म्यूटेशन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को दी गई जानकारी*

20-Apr-2021

 00 रिपोर्ट में हुआ खुलासा...
रायपुर/नई दिल्ली (शोर सन्देश)। भारत में फिलहाल कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके पीछे कोरोना के डबल म्यूटेंट वैरिएंट को कारण माना जा रहा है। कोरोना डबल म्यूटेंट वैरिएंट B.1.167 को पहली बार पिछले साल अक्टूबर में ही डिटेक्ट कर लिया गया था। हालांकि जीनोम सीक्‍वेंस टेस्टिंग की रफ्तार धीमी होने की वजह से इस पर तेजी से कदम नहीं उठाए जा सके। अब खतरा और बढ़ गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक डबल म्यूटेंट वैरिएंट में एक और म्यूटेशन होने से इसके ट्रिपल म्यूटेंट में बदलने की जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय को दी गई है। डबल म्यूटेंट वैरिएंट की स्पाइक प्रोटीन में तीसरा म्यूटेशन हुआ है। महाराष्ट्र, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से लिए गए सैंपल में नया म्यूटेशन होते देखा गया है। ये वो राज्य हैं जहां कोरोना की दूसरी लहर में मामले तेजी से बढ़े हैं। इन राज्यों से लिए 17 सैंपल में ऐसा दिखा है। माना जा रहा है कि डबल म्यूटेशन वैरिएंट के कारण ही मामलों में इतनी तेज रफ्तार से बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में ट्रिपल म्यूटेंट वैरिएंट का पता चलने के बाद चिंता और बढ़ गई है। नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने एक नए वैरिएंट `डबल म्यूटेंट` की जानकारी कुछ महीने पहले दी थी। इस वैरिएंट को वैज्ञानिक तौर पर B.1.617 नाम दिया है, जिसमें दो तरह के म्यूटेशंस हैं- E484Q और L452R म्यूटेशन। ये वायरस का वो रूप है, जिसके जीनोम में दो बार बदलाव हो चुका है। वायरस खुद को लंबे समय तक प्रभावी रखने के लिए लगातार अपनी जेनेटिक संरचना में बदलाव लाते रहते हैं, ताकि उन्हें खत्म ना किया जा सके। दो तरह के वायरस म्यूटेशन के कारण ही यह बेहद खतरनाक माना जा रहा है। अब ट्रिपल म्यूटेंट की बात सामने आ रही है। क्‍लस्‍टर-बेस्‍ड जीनोम सीक्‍वेंस टेस्टिंग और सर्विलांस से वायरस के किसी म्‍यूटेशन की पहचान होती है। भारत में अबतक जीनोम सीक्‍वेंसिंग के लिए 10 सर्विलांस साइट्स बनाई गई हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रयोगशाला और महामारी निगरानी और देश में कोरोना वायरस की समूची ‘जीनोम सीक्वेंसिंग’ के विस्तार और यह समझने के लिए भारतीय सार्स-कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम स्थापित किया है जिससे पता चल सके कि वायरस का प्रसार किस तरह होता है एवं इसकी उत्पत्ति किस तरह होती है। देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर केंद्र सरकार ने चिंता व्यक्त की है। केंद्र ने राज्यों से कहा है कोरोना के पॉजिटिव सैंपल्स को रैंडमली जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजा जाना चाहिए। ऐसा नहीं करने से म्यूटेशन से जुड़े संक्रमण के बारे में सही पता नहीं लग पाएगा।


*बड़ी खबर : लॉक डाउन के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक*

20-Apr-2021

 नई दिल्ली (शोर सन्देश)। इलाहाबाद हाई कोर्ट के लॉकडाउन के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने आज रोक लगा दी है। अब उत्तर प्रदेश के पांच शहरों (लखनऊ, वाराणसी, कानपुरनगर, प्रयागराज और गोरखपुर) में लॉकडाउन नहीं लगेगा। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि क्यों न इस मामले की सुनवाई हाई कोर्ट ही करे, क्योंकि हमारे पास कई केस लंबित हैं। दरअसल यूपी सरकार आज इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी। यूपी सरकार की ओर से सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि हमने कोरोना कंट्रोल करने के लिए कई कदम उठाए हैं, कुछ और कदम उठाने हैं, लेकिन लॉकडाउन इसका हल नहीं है। दरअसल, यूपी सरकार की दलील है कि प्रदेश में कोरोना के मामले बढ़े हैं और सख्ती कोरोना के नियंत्रण के लिए आवश्यक है, सरकार ने कई कदम उठाए हैं और आगे भी सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। जीवन बचाने के साथ गरीबों की आजीविका भी बचानी है। ऐसे में शहरों में संपूर्ण लॉकडाउन अभी नहीं लगेगा, लोग स्वतः स्फूर्ति भाव से कई जगह बंदी कर रहे हैं। गौरतलब है कि कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के बीच इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी के पांच शहरों में लॉकडाउन लगाने का आदेश दिया था। हाई कोर्ट ने वाराणसी, कानपुर नगर, गोरखपुर, लखनऊ और प्रयागराज में 26 अप्रैल तक लॉकडाउन लगाने का आदेश जारी किया था।
00 हाई कोर्ट ने सरकार को लगाई थी फटकार
कल इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सुनावई के दौरान कहा कि किसी भी सभ्य समाज में अगर जन स्वास्थ्य प्रणाली चुनौतियों का सामना नहीं कर पाती और दवा के अभाव में लोग मरते हैं तो इसका मतलब है कि समुचित विकास नहीं हुआ है। स्वास्थ्य और शिक्षा एक साथ चलते हैं, शासन के मामलों के शीर्ष में रहने वाले लोगों को वर्तमान अराजक स्वास्थ्य समस्याओं के लिए दोषी ठहराया जा सकता है। ऐसे समय जबकि लोकतंत्र मौजूद है जिसका अर्थ है लोगों की सरकार, लोगों द्वारा और लोगों के लिए। अपने आदेश में कोर्ट की तरफ से यूपी के मुख्य सचिव को खुद निगरानी करने के लिए निर्देश दिए गए थे। कोर्ट की तरफ से दिया गया यह आदेश आज रात से लागू होना था। इस दौरान इन शहरों में जरूरी सेवाओं वाली दुकानों को छोड़कर कोई भी दुकान, होटल, ऑफिस और सार्वजनिक स्थल नहीं खुलने की बात कही गई थी। साथ ही मंदिरों में पूजा और आयोजनों पर भी रोक लगाने का आदेश दिया गया था। कोर्ट की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक प्रयागराज, लखनऊ, वाराणसी, कानपुर नगर और गोरखपुर में आर्थिक संस्थानों, मेडिकल और हेल्थ सर्विस, इंडस्ट्रियल और वैज्ञानिक संस्थानों और जरूरी सेवाओं वाले संस्थानों को छोड़कर सभी चीजें बंद रखने के लिए कहा गया था।


26 अप्रैल तक राजधानी में लॉकडाउन

17-Apr-2021

रायपुर (शोर सन्देश)।  छत्तीसगढ़ में कोरोना की वजह से जिला दर जिला सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों पर पाबंदियां जारी है। इसी क्रम में रायपुर में लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है। कलेक्टर एस भारतीदासन ने आदेश जारी किया है कि 26 अप्रैल तक राजधानी में लॉकडाउन रहेगा। लॉकडाउन के दौरान प्रशासन ने आम लोगों को राहत दी है। फल और सब्जियां ठेलों के माध्यम से गली मोहल्ले में बिक सकेंगे। इस दौरान ठेले वाले स्ट्रीट वेन्डर सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक खाद्य सामग्री बेच सकेंगे।


*बिग ब्रेकिंग : स्वास्थ्य मंत्री से चर्चा के बाद काम पर वापस लौटे जूनियर डॉक्टर*

15-Apr-2021

रायपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ में भयावह कोरोना के बीच हड़ताल पर गए जूनियर डॉक्टर्स ने काम पर लौटने की घोषणा कर दी है। जूनियर डॉक्टर्स जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती तब तक काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। इसके साथ ही यदि दिए गए समय सीमा में मांगे पूरी नहीं होंगी तब, 1 मई से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। जूनियर डॉक्टर एसोशिएशन के अध्यक्ष डॉ. इंद्रेश यादव ने बताया, स्वास्थ्य मंत्री काफी मांगे तुरंत सॉल्व करने का आश्वाशन दिया है साथ ही कुछ मांगो को एक निर्धारित समय सीमा की मांग की है। मंत्री ने सभी मांगों को ध्यान से सुना है। डॉ. यादव ने बताया कोविड वार्ड में पाई जाने वाले अव्यवस्था और डॉक्टर्स को होने वाली परेशानी को तुरंत सॉल्व किया जाएगा। एमबीबीएस और पीजी के बाद सिर्फ 2 साल का ही ग्रामीण बॉण्ड करना होगा, जो कि पहले 2 प्लस 2 साल का बॉण्ड था। फाइनल ईयर के एग्जाम को पहले से तय टाइम में लिया जाएगा। इंसेंटिव और स्टायफण्ड को दूसरे स्टेट को मिलने वाले स्टेट को फॉलो करते हुए दिया जाएगा। कोविड ड्यूटी के बाद मिलने वाला क्वारंटाइन पीरियड दिया जाएगा। कोविड एरिया और डॉक्टर्स ड्यूटी रूम्स में प्रॉपर एयर कंडीशन्स दिये जायेंगे। 2 दिन के अंदर डोंनिंग और डॉफिंग एरिया को प्रॉपर आईसीएमआर गाइडलाइन के अनुसार किया जाएगा। डॉ. यादव ने कहा कि आश्वाशन का समय सीमा में पालन नहीं किया जाता तो 1 मई से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर लौट जाएंगे।

 


*लॉकडाउन : प्रदेश के इन जिलों में भी लॉकडाउन का ऐलान*

11-Apr-2021

रायपुर (शोर सन्देश)। बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों ने राज्य शासन की चिंताएं बढ़ा दी है। कोरोना से निपटने जिला ने प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसके बावजूद भी स्थिति नियंत्रण में नहीं आ रही है। संक्रमण की रोकथाम के लिए जिलों में नाईट कर्फ्यू लागू किया गया था। लेकिन बढ़ते मामलों को देखते हुए अब प्रदेश के कई जिलों में टोटल लॉकडाउन लगाया जा रहा है। दुर्ग जिला लॉकडाउन लगाने वाला पहला जिला है, जिसके बाद राजधानी रायपुर, धमतरी, कोरबा, रजनांदगांव समेत कई जिलों में लॉकडाउन लगा दिया गया है। वहीं अब बिलासपुर, रायगढ़, सरगुजा और सूरजपुर में भी अब लॉकडाउन की तैयारियां शुरू हो गई है। जानकारी के अनुसार बिलासपुर जिले में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कलेक्टर सारांश मित्तर ने जिले में सम्पूर्ण लॉकडाउन लगाने का फैसला ले लिया है। जानकारी के मुताबिक, जिले में 14 से 21 अप्रैल तक यानी कि 8 दिनों का सख्त लॉकडाउन लगाया जाएगा जिसका आदेश कुछ ही देर में जारी हो जाएगा। वहीं रायगढ़ में भी कलेक्टर भीम सिंह ने 14 से 22 अप्रैल तक के लॉक डाउन की घोषणा कर दी है। इसी प्रकार सूरजपुर कलेक्टर रणबीर शर्मा ने भी लॉक डाउन की घोषणा कर दी है। सरगुजा कलेक्टर संजीव कुमार झा ने भी लॉक डाउन की घोषणा कर दी है। सरगुजा और सूरजपुर में आगामी तेरह अप्रैल से लॉकडॉउन प्रभावी होगा। यह लॉकडाउन दस दिनों का होगा। दोनों ही जिलों में अब से कुछ देर बाद लॉकडाउन को लेकर विस्तृत आदेश जारी होगा।


*ब्रेकिंग: बिलासपुर में भी लगा 8 दिनों का लाॅकडाउन*

11-Apr-2021

 बिलासपुर (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ का एक और महत्वपूर्ण जिले बिलासपुर में भी लाकडाउन होने जा रहा है। प्रदेश में अब तक 12 जिलों में लाॅकडाउन लग चुका है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर कलेक्टर अब सख्त कदम उठाने जा रहा है। कोराना प्रकरण के पाॅजिटिव मरीज की संख्या में लगातार वृद्धि होने कारण बिलासपुर जिला में सार्वजनिक आवागमन और अन्य गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध किए जाने की आवश्यकता हो गया है। जिसके तहत कलेक्टर ने 14 अप्रैल सुबह 6 बजे से 21 अप्रैल रात्रि 12 बजे तक कन्टेनमेंट घोषित किया है। 13वें जिले के रूप में अब बिलासपुर में लाॅकडाउन लग गया है। इस दौरान संपूर्ण जिला 8 दिनों के लिए बंद रहेगा। हालांकि अन्य जिलों से आमलोगों को यहां थोड़ी राहत होगी। बंद के दौरान सिर्फ अति आवश्यक जैसे पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर, दूध, अखबार बांटने की ही छूट रहेगी। शनिवार की रात इस संबंध में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया है। बैठक के बाद आज रविवार को लाकडाउन पर विस्तृत गाइडलाइन जारी किया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले कलेक्टर ने बाजारों के वक्त में बदलाव कर और नाईट कर्फ्यू के जरिए कोरोना को कंट्रोल करने की कोशिश की थी, लेकिन कोरोना का संक्रमण बढ़ता ही जा रहा था। आलम यह रहा कि रोज कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या इस साल में सबसे ज्यादा बढ़ रही है।


*रायपुर में भी कोरोना संक्रमण की चेन को तोडऩे 9 अप्रैल की शाम से 10 दिन का लॉकडाउन*

07-Apr-2021
रायपुर (शोर सन्देश)। कोरोना के बढ़ते संक्रमण की चेन को तोडऩे के लिए रायपुर के कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन ने 9 अप्रैल 2021 की शाम छह बजे से 19 अप्रैल तक संपूर्ण लॉकडाउन का ऐलान किया है। उन्होंने जिले को कंटेनमेंट जोन घोषित करते हुए प्रतिबंधों को लागू कर दिया है। कलेक्टर भारतीदासन ने प्रेस कांफ्रेंस कर मीडिया को बताया कि लॉकडाउन में सब्जी, दूध, मेडिकल सहित आवश्यक सेवाओं को छूट रहेगी। बता दें रायपुर में अब तक 1000 से अधिक मौंते हो चुकी है, जिसके बाद 9 से 19 अप्रैल तक का लॉक डाउन लगाया जा रहा है। केवल मेडिकल दुकान, पेट्रोल पंप को समय सीमा मेम खोलने की अनुमति रहेगी।

कोविड-19 के नियंत्रण हेतु जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करायें पुलिस अधीक्षक- श्री अवस्थी

06-Apr-2021

 रायपुर (शोर सन्देश), भारत सरकार एवं राज्य शासन द्वारा कोविड-19 के नियंत्रण हेतु समय-समय पर सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क एवं सेनेटाईजर का प्रयोग करने, नाईट कर्फ्यू आदि से संबंधित अनेक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। उक्त के संबंध में पुलिस महानिदेशक श्री डीएम अवस्थी ने निर्देश दिये हैं कि समस्त पुलिस अधीक्षक अपने-अपने जिलों में भारत सरकार एवं राज्य शासन द्वारा तत्संबंध में जारी दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराते हुए की गयी कार्रवाई के संबंध में डॉ. आनंद छाबड़ा, पुलिस महानिरीक्षक, गुप्तवार्ता, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर को अवगत करायें।




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