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अटल बिहारी यूनिवर्सिटी बिलासपुर की छात्राओं ने तीरंदाजी में जीता सिल्वर

27-Dec-2024
रायपुर।  ( शोर संदेश )  कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी भुनेश्वर में ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट के तहत 24 से 28 दिसंबर 2024 विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें गुरुवार को छत्तीसगढ़ राज्य के बिलासपुर जिले के अटल बिहारी यूनिवर्सिटी के तीरंदाज खिलाडिय़ों ने इंडियन वर्ग में खेलते हुए सुलोचना राज, पायल मरावी और मया बघेल ने सिल्वर मेडल हासिल कर राज्य का नाम रौशन किया। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, तीरंदाजी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कैलाश मुरारका, छत्तीसगढ़ तीरंदाजी संघ के महासचिव आयुष मुरारका, उपाध्यक्ष दीपेश अरोरा, इतवारी राज, सौरभ लूनिया ने खिलाडिय़ों को शुभकामनाएं देते हुए बधाई दी।
 

 


राष्ट्रीय वनवासी क्रीड़ा प्रतियोगिता: रायपुर पहुंचे अण्डमान-निकोबार व मणिपुर के खिलाड़ी

24-Dec-2024

रायपुर ( शोर संदेश  )। रायपुर में होने जा रही 24वीं राष्ट्रीय वनवासी क्रीड़ा प्रतियोगिता के लिए जनजातीय खिलाड़ियों का रायपुर पहुॅचना शुरू हो गया है। आज दूरस्थ अण्डमान-निकोबार द्वीप और उत्तर पूर्वी राज्य मणिपुर से खिलाड़ी रायपुर पहुँचें। अण्डमान-निकोबार से 20 सदस्यीय दल और मणिपुर से 28 खिलाडियों का रायपुर पहुँचने पर गाजे-बाजे के साथ भव्य स्वागत किया गया। शबरी कन्या आश्रम परिसर में सभी खिलाड़ियों, कोच और प्रबंधकों का तिलक लगाकर पुष्प गुच्छों के साथ रायपुर में स्वागत किया गया।

अण्डमान-निकोबार से आये खिलाड़ियों में विशेष पिछड़ी जनजाति ग्रेट अण्डमानी की 2 सदस्य जुरोल और पिगरी भी शामिल है। मणिपुर के खिलाड़ियों ने रायपुर पहॅुंचने पर किए गए स्वागत के प्रति खुशी जाहिर की। अण्डमान-निकोबार के खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता के लिए की गई व्यवस्थाओं की भी तारीफ की। सभी खिलाड़ी इस प्रतियोगिता के उत्साह से भरे नजर आएं। आने वाले दो दिनों में अन्य प्रदेशों से भी तीरंदाजी और फुटबॉल के जनजातीय खिलाड़ी रायपुर पहॅुंचेंगे। खिलाड़ियों का स्वागत अमर बंसल, सचिव स्वागत समिति, डॉ अनुराग जैन सचिव वनवासी विकास समिति, उमेश कच्छप, अध्यक्ष वनवासी विकास समिती  छत्तीसगढ़, प्रवीण ढोलके क्षेत्रीय संगठन मंत्री , सुभाष बड़ोले क्षेत्रीय सह संगठन मंत्री, राम नाथ कश्यप प्रान्त संगठन मंत्री, रवि गोयल, गोपाल बियानी, श्रीमती माधवी जोशी ने किया ।

अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम से संम्बद्ध संस्था वनवासी विकास समिति छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित की जा रही 24वीं राष्ट्रीय वनवासी क्रीड़ा प्रतियोगिता 27 से 31 दिसम्बर तक राजधानी रायपुर में होगी। प्रतियोगिता में वनवासी कल्याण आश्रम के कार्यक्षेत्र अनुसार 33 प्रांतों के आठ सौ से अधिक जनजातीय बालक-बालिकाएं भाग लेंगे। प्रतियोगिता में फुटबॉल और तीरंदाजी की प्रतिस्पर्धायें होंगी। फुटबॉल की प्रतिस्पर्धाएं कोटा स्टेडियम और पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय मैदान पर होंगी। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए सभी तैयारियां तेजी से की जा रही हैं।

वनवासी विकास समिति के प्रचार-प्रसार प्रभाग के प्रभारी राजीव शर्मा ने बताया कि देशभर में जनजातीय खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने और उन्हें पहचान कर भविष्य के राष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार करने के उद्देश्य से यह प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। इस बार 24वीं प्रतियोगिता राजधानी रायपुर में हो रही है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में अण्डमान निकोबार से लेकर दिल्ली, पंजाब तक के लगभग 33 प्रांतों से जनजातीय खिलाड़ी शामिल होंगे। तीरंदाजी की प्रतियोगिता जूनियर और सब जूनियर वर्ग में बालक-बालिकाओं के लिए होगी। फुटबॉल प्रतियोगिता में जूनियर सब जूनियर वर्ग में जनजातीय बालक अपने खेल का जौहर दिखाएंगे।

शर्मा ने बताया कि विभिन्न प्रांतों से प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए रायपुर आने वाले जनजातीय खिलाड़ियों के आवास और भोजन की व्यवस्था वनवासी विकास समिति द्वारा की जा रही है। रोहणीपुरम स्थित शबरी कन्या आश्रम परिसर में बालिकाओं को रखा जाएगा। सरस्वती शिशु मंदिर और सरस्वती शिक्षा संस्थान परिसरों में बालकों के आवास की व्यवस्था रहेगी। सभी के लिए शबरी कल्याण आश्रम परिसर में नास्तें और भोजन की व्यवस्था की गई है। आवास स्थल से खेल मैदान तक आने-जाने के लिए खिलाड़ियों को वाहन व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रतियोगिता में विजेताओं को मेडल और ट्रॉफी के साथ प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।


3 टीमें जो चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में बन सकती हैं भारत के लिए बड़ा खतरा

22-Dec-2024
नई दिल्ली। आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के शुरू होने में ज्यादा वक्त नहीं बचा है। अगले साल फरवरी-मार्च में होने वाले इस टूर्नामेंट का काउंट डाउन शुरू हो चुका है। पाकिस्तान की मेजबानी में होने वाले इस टूर्नामेंट में टीम इंडिया खिताब जीतने की प्रबल दावेदार के रूप में उतरेगी।
भारतीय क्रिकेट टीम इस टूर्नामेंट का भले ही सुपर हॉट फेवरेट है, लेकिन यहां टीम इंडिया के लिए कुछ ऐसी टीमें हैं जो बड़ा खतरा बन सकती हैं। तो चलिए आपको बताते हैं वो 3 टीमें जो रोहित शर्मा एंड कंपनी के लिए चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में बन सकती है सबसे बड़ा खतरा।
टीम इंडिया का आईसीसी टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाफ एकतरफा पलड़ा भारी रहा है। भारतीय टीम ने बड़े इवेंट में पाकिस्तान को खूब परेशान किया है। लेकिन रोहित शर्मा एंड कंपनी के लिए पाकिस्तान भी आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में खतरा बन सकती है। क्योंकि ये टीम कभी भी किसी भी वक्त टीम इंडिया को अपना निशाना बना सकती है। जहां 2017 के चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल की हार अभी भी सब को याद होगी। ऐसे में भारत को इनसे भी सावधान रहना होगा। भारतीय क्रिकेट टीम आईसीसी टूर्नामेंट में अक्सर ही अहम मौकों पर फिसल जाती है। इस दौरान भारतीय टीम को न्यूजीलैंड ने कई बार अपना शिकार बनाया है। ब्लैककैप्स भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौतीपूर्ण टीम साबित हुई है। भारत के लिए 2019 का वनडे वर्ल्ड कप कोई नहीं भूल सकता है, जब न्यूजीलैंड से सेमीफाइनल में भारत को हार का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा कई अन्य मौकों पर न्यूजीलैंड ने भारत का काम खराब किया है।

रोहित शर्मा की चोट पर आया बड़ा अपडेट, मेलबर्न टेस्ट से होंगे बाहर?

22-Dec-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 26 दिसंबर से मेलबर्न में बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच खेला जाना है। यह वर्तमान बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का चौथा मुकाबला होगा। इस मैच से पहले सीरीज 1-1 से बराबरी पर है। शनिवार को भारतीय क्रिकेट टीम ने मेलबर्न में अभ्यास किया और इसी दौरान कप्तान रोहित शर्मा चोटिल हो गए। रोहित को लगी चोट भारत के लिए मेलबर्न टेस्ट से पहले चिंता का विषय हो सकती है। हालांकि, अब रोहित के साथी खिलाड़ी और तेज गेंदबाज आकाशदीप ने उनकी चोट को लेकर बड़ी अपडेट दी है।
रोहित शर्मा की चोट चिंता का विषय नहीं- आकाशदीप
भारतीय क्रिकेट टीम ने इस दौरे के पहले टेस्ट में ही शुभमन गिल को चोट के कारण गंवाया था। गिल को भी अभ्यास के दौरान ही अंगूठे में फ्रैक्चर हुआ था जिसके कारण वह पर्थ में हुआ पहला टेस्ट नहीं खेल पाए थे। रोहित शर्मा की चोट आकाशदीप के मुताबिक अधिक गंभीर नहीं है और फिलहाल मेलबर्न टेस्ट शुरू होने में चार दिन का समय है। रोहित के बल्ले से रन नहीं निकल रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद भारतीय टीम मैनेजमेंट उन्हें मेलबर्न टेस्ट में खोना नहीं चाहेगा।
रविवार को हुए अभ्यास के बाद आकाशदीप ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, "जब आप क्रिकेट खेलते हैं तो आपको चोट लगती है। यह कोई चिंता की बात नहीं है।"
आकाशदीप ने ब्रिस्बेन में हुआ तीसरा टेस्ट मैच खेला था लेकिन, गेंदबाजी में बहुत सफल नहीं हो पाए थे। नेट्स पर उन्हें अक्सर विराट कोहली और रोहित को ही गेंदबाजी करते हुए देखा जाता है। अब आकाशदीप ने बताया है कि ये दोनों ही दिग्गज बल्लेबाज अभ्यास के बाद उन्हें किस तरीके की टिप्स देते हैं और इन टिप्स का उनकी गेंदबाजी पर क्या प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा, "मेरी गेंदबाजी को लेकर रोहित और विराट द्वारा दिए गए टिप्स काफी असरदार होते हैं। ये दोनों ही नेट्स पर हमारी काफी मदद करते हैं चाहे वह मैं हूं या हर्षित राणा और इससे हमारे लिए भी गेंदबाजी करना आसान हो जाता है। जब आपके दिमाग में बहुत सारे ख्याल नहीं चल रहे होते हैं तो आप मैच में फ्री होकर अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।"

खो खो को वैश्विक स्तर पर जाते देखकर खुश हैं कोच सुमित भाटिया, कहा-हम देख सकते हैं कि हमारा सपना पूरा हो रहा है

17-Dec-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  भारतीय राष्ट्रीय टीम के कोच सुमित भाटिया 13-19 जनवरी, 2025 तक होने वाले खो खो विश्व कप के पहले संस्करण के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। भाटिया के पास जीतने वाले एकमात्र मुख्य कोच होने का एक विशिष्ट रिकॉर्ड है। दो बार एशियन चैंपियन रह चुके सुमित का मानना है कि यह ऐतिहासिक कदम खेल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने और वैश्विक पहचान दिलाने में मदद करने के सपने के साकार होने का संकेत है।
दिल्ली सरकार द्वारा सर्वश्रेष्ठ कोच पुरस्कार से सम्मानित होने के बाद, सुमित भाटिया 2016 और 2023 एशियाई खो खो चैम्पियनशिप जीत सहित विभिन्न भारतीय टीमों की सफलताओं का हिस्सा रहे हैं और उन्होंने नसरीन शेख और सारिका सुधाकर काले जैसे खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया है। ये दोनों अर्जुन अवॉर्डी रहे हैं। नसरीन जो विश्व कप शिविर का भी हिस्सा हैं, एकमात्र खिलाड़ी हैं जिन्होंने दो एशियाई चैंपियनशिप खेली हैं और स्वर्ण पदक जीता है। कोच-छात्र की जोड़ी अब वैश्विक आयोजन के लिए तैयारी कर रही है।
खो खो विश्व कप की शुरुआत की यात्रा कैसे शुरू हुई, इस पर कोच ने कहा, “ हमने 2020 में कोविड होने से पहले यहां एक अंतरराष्ट्रीय शिविर का आयोजन किया था। 16 देशों के कोच और खिलाड़ी यहां आए थे और हमने उन्हें प्रशिक्षण दिया था। अब वे विश्व कप के लिए यहां आएंगे लेकिन यह अभियान उस शिविर में शुरू हुआ।'
उन्होंने आगे कहा, “ लगभग 30-35 देश टूर्नामेंट खेलने के इच्छुक थे लेकिन हमने पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए सर्वश्रेष्ठ 20 टीमों को चुना। कुछ देशों में एकल टीमें हैं जबकि कुछ में दोहरी टीमें हैं लेकिन टूर्नामेंट में कुल 24 देश भाग लेंगे। खो खो को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाना हमारा सपना था और अब हम देख सकते हैं कि हमारा सपना पूरा हो रहा है।''
उन्होंने अल्टीमेट खो खो लीग के लॉन्च की भी सराहना की और बताया कि कैसे फ्रेंचाइजी-आधारित मॉडल ने खिलाड़ियों और कोचों को पहचान हासिल करने में मदद की है, साथ ही जमीनी स्तर की प्रतिभा को भी आगे लाया है।

भाटिया ने कहा, “जब अल्टीमेट खो खो लीग शुरू हुई, तो मैं तेलुगू योद्धाओं के साथ उनके मुख्य कोच के रूप में जुड़ गया और हमने फाइनल भी खेला। लीग के माध्यम से खिलाड़ियों को एक्सपोज़र मिला है और यह सिर्फ वित्तीय नहीं है। पहले हम खो-खो कोच होने की बात स्वीकार करने में झिझकते थे लेकिन आज हमारे खिलाड़ी हमें अपने कोच के रूप में पेश करते हैं।''

उन्होंने कहा, “लीग को इतना कवरेज मिला कि हम जहां भी जाते हैं, खिलाड़ियों से ऑटोग्राफ के लिए संपर्क किया जाता है। इसलिए लीग के मंच ने कोचों और खिलाड़ियों दोनों के लिए एक नई दुनिया की शुरुआत की और अब न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया हमें जानती है। पहले हम लोगों को अपने खेल के बारे में बताते थे लेकिन अब वे जानते हैं कि खो खो और अल्टीमेट खो खो लीग क्या है और वे तीसरे सीज़न का भी इंतज़ार कर रहे हैं।'
भाटिया ने खो खो पर खेल विज्ञान के प्रभाव पर भी चर्चा की और नई पेश की गई तकनीक की सराहना की, उन्होंने कहा, “हमें इससे बहुत फायदा हुआ है। कई बार हमें समझ नहीं आता कि कोई खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन क्यों नहीं कर पा रहा है. लेकिन खेल विज्ञान के आगमन के साथ, अब हम समस्या के विवरण के बारे में जानते हैं। उदाहरण के लिए, एक खिलाड़ी को बैठते समय अपने बाएं पैर में समस्या का सामना करना पड़ सकता है और इसलिए, यह हमें उस कमजोरी पर काम करने का मौका देता है... खेल विज्ञान ने हमें एक खिलाड़ी की सटीकता और कमजोरी की पहचान करने में मदद की है। इसलिए यह हमारे लिए बहुत फायदेमंद है।

नेशनल कराटे चैंपियनशिप में टीएसएच के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन

17-Dec-2024
कानपुर।  ( शोर संदेश ) लाल बंग्ला स्थित गुरुमाता गुरुद्वारा में आयोजित नेशनल कराटे चैंपियनशिप-2024 में द स्पोर्ट्स हब के खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया। प्रतियोगिता का आयोजन प्रैगन मार्शल आर्ट एसोसिएशन द्वारा किया गया, जिसमें बच्चों को द स्पोर्ट्स हब के विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और अत्याधुनिक सुविधाओं का लाभ मिला।
टीएसएच के मीडिया प्रभारी ने बताया कि काटा इवेंट में रियान अहमद, टीएसएच की लाइफ टाइम मेंबर मेहर भट्टर और आबान अहमद ने गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया, जबकि अंश यादव ने सिल्वर मेडल जीता। टीम काटा में भी रियान अहमद, आबान अहमद और मेहर भट्टर ने सिल्वर मेडल हासिल किया। ओपन काटा में रियान अहमद ने फिर से गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया।
कुमिते इवेंट में द स्पोर्ट्स हब के खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया। रियान अहमद, आदित्य कुमार, अंशुमान गुप्ता, विनशी वामन, पार्निका गुप्ता, शेखर मिश्रा, संताना कुमारी, अंश यादव, सृष्टि और कनुप्रिया ने स्वर्ण पदक अपने नाम किए। अशर जुबैर, प्रनवी और मेहर भट्टर ने सिल्वर मेडल जीता, जबकि शैलेश गुप्ता और अंशिका श्रीवास्तव ने ब्रॉन्ज मेडल जीता।

 


युवाओं के नेतृत्व क्षमता का विकास करता है युवा संसद मंत्री राजवाड़े

09-Dec-2024

रायपुर ( शोर संदेश )। महिला-बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े रविवार को सूरजपुर जिले के ग्राम बतरा स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में आयोजित जिला स्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस अवसर पर उन्होंने  युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा संसद युवाओं के नेतृत्व क्षमता का विकास करता है।

युवा संसद के माध्यम से छात्रों को सरकार की कार्यप्रणाली को जानने और समझने का अवसर मिलता है। युवा संसद कार्यक्रम के माध्यम से राजनीति सीखकर आज कई नेता अच्छे मुकाम पर पहुंच चुके हैं। युवा संसद का उद्देश्य युवाओं को सशक्त बनाना और उन्हें लोकतंत्र में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करना है, साथ ही सार्वजनिक मुद्दों पर विचार करने और अपनी राय बनाने के लिए भी प्रोत्साहित करना है।

मंत्री राजवाड़े ने इस अवसर पर विद्यालय के स्काउट गाइड के बच्चों से भी मुलाकात की और युवा संसद कार्यक्रम के सभी विजेताओं को प्रमाणपत्र प्रदान किए।


एसएनजी विद्यालय में वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता और मैराथन सीजन टू का किया गया आयोजन

08-Dec-2024

भिलाई (शोर संदेश )। सेक्टर चार स्थित एसएनजी स्कूल में वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता एवं मैराथन सीजन-2 का आयोजन 7 दिसंबर शनिवार को श्रीनारायण गुरु विद्या भवन सेक्टर-4 स्कूल परिसर में किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रफुल ठाकुर आईपीएस कमांडेंट 4वीं बटालियन माना रायपुर, विशिष्ट अतिथि इंद्रजीत सिंह छोटू युवा डायरेक्टर एचटीसी, समाजसेवी मलकीत सिंह ,वी.के. बाबू स्कूल प्रबंधक, टी.यू. सुनील, पी.एस. सुरेश कोषाध्यक्ष, विनय पीतांबरन उपाध्यक्ष, शिक्षा, के.टी. अनिल उप महासचिव शिक्षा, ई.भारती स्कूल प्राचार्य, शिक्षक, छात्र व छात्रों के पालक सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

इस अवसर पर एसएनजीवीबी परिवार कार्यक्रम में आये अतिथियों और गणमान्य व्यक्तियों द्वारा शांति, समृद्धि और एकता के प्रतीक गुब्बारे छोडे और कई कबूतर उड़ाए। कार्यक्रम के प्रारंभ मेें अतिथियों का बांस के पौधे भेंट कर उनका स्वागत किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि आईपीएस प्रफुल्ल ठाकुर ने लोगो से सतर्क रहने तथा बैंक, पुलिस आदि से धोखाधड़ी की कॉल को समझदारी से संभालने का आग्रह किया। उन्होंने विद्यार्थियों तथा अभिभावकों को अपने जीवन की रक्षा के लिए सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी।

ठाकुर ने अपने बाल्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि वे हिन्दी माध्यम के छात्र रहे, उनकी प्रारंभिक शिक्षा कोरर भानुप्रतापपुर, कांकेर जिले में हुई। पोष्ट ग्रेजुएशन व लॉ की पढ़ाई सेक्टर-7 कल्याण कालेज से हुई और आज वह छत्तीसगढ़ राज्य में आईपीएस की भूमिका निभा रहे है। इस दौरान कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एचटीसी के युवा डायरेक्टर इन्द्र्रजीत सिंह छोटू ने एस.एन.जी.वी.बी. की पूरी टीम भावना की सराहना की तथा उपस्थित लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और प्लास्टिक का उपयोग नही करने की सलाह दी।

उन्होंने कहा कि बेहतर परिणाम के लिए कोई भी काम टीम वर्क के रुप में करें इससे जरूर सफलता मिलेगी इन्द्रजीत ने आगे कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल को भी अपने जीवन में उतारें क्योंकि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ्य मस्तिष्क के लिए खेल आवश्यक है। कार्यक्रम में प्रारंभ में प्राचार्य ने स्वागत भाषण दिया और अभिभावकों से आव्हान किया कि वे अपने बच्चों को मोबाइल का अत्याधिक उपयोग करने की अनुमति देने के स्थान पर उन्हें आउटडोर खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें। विनय पीताम्बरन ने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए, साथ ही उनमें खेल भावना भी होनी चाहिए।

के.टी. अनिल ने सभी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया कि वे अपने अंदर खिलाड़ी कौशल कैसे विकसित करें। टी.यू. सुनील ने अपने संबोधन में हमें विशिष्ट अतिथियों तथा उनके व्यक्तित्व से अवगत कराया। वी.के. बाबू ने अभिभावकों से विनम्रतापूर्वक अनुरोध किया कि वे बिना ड्राइविंग लाइसेंस के दो पहिया वाहन न चलाएं। इस दौरान जहां रेड क्रॉस ड्रिल और विभिन्न सदनों एस.एन., आर.टी., एम.टी., आर.एल. के प्रदर्शन किये वहीं एन.सी.सी., स्काउट और गाईड के छात्रों ने आकर्षक मार्च पास्ट किये। इसके अलावा विद्यालय के छात्रों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देकर सबका मनमोह लिया। छात्रोंं ने छत्तीसगढ के पारंपरिक खेल गेड़ी दौड़ के साथ ही अन्य कई प्रकार के खेलों में भाग लिये इसमेंं उत्कृष्ट प्रदर्शन कर एस.एन.सदन ने चैम्पियनशिप जीती।

आर टी हाउस उपविजेता रहा। इसके अतिरिक्त, विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को मुख्य अतिथि आईपीएस प्रफुल्ल ठाकुर, विशेष  अतिथि इन्द्रजीत ङ्क्षसह छोटू भैया, प्राचार्य ई भारती सहित अन्य अतिथियों ने उनको पुरस्कृत करते हुए प्रदर्शन के आधार पर व्यक्तिगत प्रतिभागियों को पदक और प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनका हौसला अफजाई किये। विद्यालय प्रबंधन द्वारा कार्यक्रम में आये सभी अतिथियों का शाल-श्रीफल से सम्मान किया। कार्यक्रम का समापन ध्वजारोहण और राष्ट्रगान के साथ हुआ।


एडिलेड डे नाइट टेस्ट : भारत की पहली पारी 180 रन पर सिमटी, मिचेल स्टॉर्क ने झटके 6 विकेट

07-Dec-2024
एडिलेड ( शोर संदेश )  । भारत ने यहां बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के तहत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जा रहे दूसरे टेस्ट (डे-नाइट) के पहले दिन अपनी पहला पारी में 180 रन बनाए। भारत के लिए नीतीश रेड्डी शीर्ष स्कोरर रहे, उन्होंने 42 रन बनाए। नीतीश के अलावा केएल राहुल ने 37, शुभमन गिल ने 31, रविचंद्रन अश्विन ने 22 और ऋषभ पंत ने 21 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया की ओर से मिचेल स्टॉर्क ने 6 विकेट झटके।
भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। मिचेल स्टॉर्क ने मैच की पहली ही गेंद पर पिछले मैच के शतकवीर यशस्वी जायसवाल (00) को एलबीडब्ल्यू कर भारत की शुरुआत बिगाड़ दी।
इसके बाद केएल राहुल और शुभमन गिल ने मिलकर भारतीय पारी को संभालने की कोशिश की और दूसरे विकेट के लिए 69 रन जोड़े। खतरनाक दिख रही इस जोड़ी को स्टॉर्क ने अपने दूसरे स्पैल की पहली गेंद पर केएल राहुल को आउट कर तोड़ा। राहुल ने 37 रन बनाए। विराट कोहली कुछ खास नहीं कर सके और केवल 7 रन बनाकर स्टॉर्क का तीसरा शिकार बने।
स्कॉट बोलैंड ने इसके बाद 81 के कुल स्कोर पर शुभमन गिल को एलबीडब्ल्यू आउट कर भारत को चौथा झटका दिया। गिल ने 31 रन बनाए। 87 के कुल स्कोर पर बोलैंड ने रोहित शर्मा (03) को आउट कर भारत को पांचवां झटका दिया। 109 के कुल स्कोर पर पंत पैट कमिंस का शिकार बने। पंत ने 21 रन बनाए। यहां से नीतीश रेड्डी और रविचंद्रन अश्विन ने टीम का स्कोर 141 रन तक पहुंचाया। इसी स्कोर पर स्टॉर्क ने अश्विन को आउट कर भारत को सातवां झटका दिया। अशअविन ने 22 रन बनाए। स्टॉर्क ने इसके बाद इसी ओवर में हर्षित राणा (00) को बोल्ड कर अपने पांच विकेट पूरे किये।
राणा के आउट होने के बाद नीतीश रेड्डी ने अपने हाथ खोले और स्टॉर्क और बोलैंड को आड़े हाथों लिया। उन्होंने बोलैंड के एक ओवर में 2 छक्के सहित 21 रन कूट डाले। इसी बीच जसप्रीत बुमराह (00) को कमिंस ने पवेलियन भेज दिया। 180 के कुल स्कोर पर स्टॉर्क की गेंद पर बड़ा शॉट लगाने के चक्कर में नीतीश ट्रैविस हेड को कैच दे बैठे। नीतीश ने 42 रनों की शानदार पारी खेली, उन्होंने अपनी पारी में 3 छक्के लगाए।
वहीं, स्टॉर्क ने पारी में 6 विकेट लिए, भारत के खिलाफ उन्होंने पहली बार एक पारी में 6 विकेट हासिल किये। स्टॉर्क के अलावा कप्तान पैट कमिंस और स्कॉट बोलैंड ने 2-2 विकेट लिए।
बता दें कि भारतीय टीम ने इस मैच के लिए अपनी टीम में तीन बदलाव किये। देवदत्त पडिकल, ध्रुव जुरेल और वाशिंगटन सुंदर की जगह टीम में कप्तान रोहित शर्मा, शुभमन गिल और रविचंद्रन अश्विन को शामिल किया गया, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने चोटिल जोश हेजलवुड की जगह स्कॉट बोलैंड को टीम में शामिल किया।

 


संभाग स्तरीय बस्तर ओलंपिक के लिए खिलाड़ी तैयार

06-Dec-2024

कोंडागांव ( शोर संदेश )। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में बस्तर संभाग के युवाओं के खेल प्रतिभा को नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है। इसके माध्यम से न केवल यहां के खेल प्रतिभाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शन के लिए नया मंच मिल रहा है बल्कि यहां के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के नए अवसर भी मिला है। इसके अंतर्गत जिला स्तरीय प्रतियोगिता 20 से 24 नवंबर तक भव्य आयोजन हुआ, जिसमें जिले के सभी विकासखण्ड से लगभग 2000 खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। जिला स्तरीय आयोजन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता खिलाड़ी अब संभाग स्तरीय बस्तर ओलंपिक में अपनी खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे। जिले के खिलाड़ियों में संभाग स्तर पर खेलने के लिए जोश एवं उत्साह साफ दिखाई दे रहा है और इसके लिए खिलाड़ी अपने स्तर पर तैयारियों में जुट गये हैं। कोण्डागांव जिले से विभिन्न खेलों में 368 खिलाड़ी भाग लेंगे।  

जिला स्तरीय प्रतियोगिता के व्हॉलीबॉल खेल में कोण्डागांव विकासखण्ड के विजेता खिलाड़ियों ने बस्तर ओलंपिक के संभाग स्तरीय आयोजन में भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जताई है। कोण्डागांव विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम गोलावंड के रहने वाले व्हालीबॉल टीम ने भी जिला स्तरीय बस्तर ओलंपिक में टीम भावना के साथ खेलते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जीत हासिल किया है। उनकी टीम के सभी सदस्य एक ही गांव के रहने वाले हैं, व्हालीबॉल खेल के प्रति ग्रामीण युवाओं के इसी जुनून के कारण उन्होंने टीम बनाकर प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। अब टीम के सभी सदस्य संभाग स्तर पर अपनी खेल प्रतिभा को दिखाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

गोलावंड के युवा व्हॉलीबाल खेल में अपनी नई पहचान बना रहे हैं। युवाओं का सपना है कि व्हॉलीबाल खेल के क्षेत्र में अपने कौशल का प्रदर्शन कर जिले और राज्य का नाम रोशन करें। उनके सपने को साकार करने की दिशा में बस्तर ओलम्पिक एक नई उम्मीद बनी है। टीम के कप्तान अलेख कोर्राम ने बताया कि वे कक्षा 10वीं के छात्र हैं और कक्षा 09 से विद्यालयीन खेलों में भाग लेते आ रहे हैं। उनके परिवार में शुरू से ही खेल का माहौल रहा है और इसी माहौल में पले-बढ़े हैं। उनके पिता पीलाराम कोर्राम भी अपने समय में एक अच्छे खिलाड़ी रह चुके हैं और जिला स्तरीय प्रतियोगिता के विजेता भी रहे चुके हैं। साथ ही उनकी माता सुनीता कोर्राम भी खिलाड़ी रह चुकी हैं। इसके अलावा उनका बड़ा भाई मनमोहन भी व्हॉलीबाल के खिलाड़ी हैं। इस तरह बचपन से ही खेल के प्रति लगाव रहा है। उन्होंने बताया कि पहली बार उन्हें जिला स्तरीय प्रतियोगिता में खेलने का मौका मिला है। अलेख ने उम्मीद जताया कि अपने टीम के साथ संभाग स्तरीय बस्तर ओलंपिक में अच्छे प्रदर्शन करेंगे।

विशाल कोर्राम भी 10वीं के छात्र हैं और कक्षा 07वीं से स्कूल के प्रतियोगिताओं में भाग लेते आ रहे हैं। उनके परिवार में माता-पिता और चार भाई हैं। बस्तर ओलंपिक में उन्हें विकाखण्ड के साथ जिला स्तर पर स्तर पर पहली बार खेलने का मौका मिला है और उनकी टीम विजय हुई हैं। इसी प्रकार जशवंत कोर्राम ने बताया कि वे कक्षा 11वीं के छात्र हैं। बस्तर ओलंपिक के माध्यम से उन्हें पहली बार जिला स्तर के आयोजन में खेलने का मौका मिला है। उन्होंने बताया कि बस्तर ओलंपिक के आयोजन से उन्हें अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए अच्छा मंच मिला है। टीम में युशांत सेठिया, यशवंत सेठिया, विशाल कोर्राम और अभिजित कोर्राम सहित गांव के अन्य युवा शामिल है। पढ़ाई के साथ खेल के प्रति समर्पण और जुनून ने आज ग्रामीण युवाओं को इस मुकाम तक पहुंचाया है। सभी युवा खिलाड़ियों उनकी प्रतिभा को नया मंच देने के लिए मुख्यमंत्री साय को धन्यवाद दिया।

बस्तर क्षेत्र में लंबे समय से माओवाद ने विकास को बाधित किया था। युवा वर्ग जो कभी माओवाद के प्रभाव से मुख्य धारा से जुड़ नहीं पाए थे वे अब बस्तर ओलम्पिक के माध्यम से खेलों की ओर रुख कर रहे हैं। साथ ही ऐसे कई युवा हैं जो सेना में शामिल हो कर देश की रक्षा करने की सोच रखते हैं उनके सपनों में बस्तर ओलम्पिक ने पंख लगा दिए हैं। आज क्षेत्र के युवाओं ने खेलों में भागीदारी के माध्यम से न केवल अपनी क्षमताओं को पहचाना है, बल्कि अपने गांव, जिला और राज्य का नाम रोशन करने की ओर कदम बढ़ाया है। ऐसे में बस्तर ओलम्पिक का आयोजन ऐसे युवाओं के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है। यह न केवल राज्य के पारंपरिक खेलों को सहेजने और संवारने का माध्यम बना है, बल्कि युवाओं के भविष्य को गढ़ने में मददगार हो रहा है।  )। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में बस्तर संभाग के युवाओं के खेल प्रतिभा को नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है। इसके माध्यम से न केवल यहां के खेल प्रतिभाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शन के लिए नया मंच मिल रहा है बल्कि यहां के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के नए अवसर भी मिला है। इसके अंतर्गत जिला स्तरीय प्रतियोगिता 20 से 24 नवंबर तक भव्य आयोजन हुआ, जिसमें जिले के सभी विकासखण्ड से लगभग 2000 खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। जिला स्तरीय आयोजन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता खिलाड़ी अब संभाग स्तरीय बस्तर ओलंपिक में अपनी खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे। जिले के खिलाड़ियों में संभाग स्तर पर खेलने के लिए जोश एवं उत्साह साफ दिखाई दे रहा है और इसके लिए खिलाड़ी अपने स्तर पर तैयारियों में जुट गये हैं। कोण्डागांव जिले से विभिन्न खेलों में 368 खिलाड़ी भाग लेंगे।  

जिला स्तरीय प्रतियोगिता के व्हॉलीबॉल खेल में कोण्डागांव विकासखण्ड के विजेता खिलाड़ियों ने बस्तर ओलंपिक के संभाग स्तरीय आयोजन में भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जताई है। कोण्डागांव विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम गोलावंड के रहने वाले व्हालीबॉल टीम ने भी जिला स्तरीय बस्तर ओलंपिक में टीम भावना के साथ खेलते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जीत हासिल किया है। उनकी टीम के सभी सदस्य एक ही गांव के रहने वाले हैं, व्हालीबॉल खेल के प्रति ग्रामीण युवाओं के इसी जुनून के कारण उन्होंने टीम बनाकर प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। अब टीम के सभी सदस्य संभाग स्तर पर अपनी खेल प्रतिभा को दिखाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

गोलावंड के युवा व्हॉलीबाल खेल में अपनी नई पहचान बना रहे हैं। युवाओं का सपना है कि व्हॉलीबाल खेल के क्षेत्र में अपने कौशल का प्रदर्शन कर जिले और राज्य का नाम रोशन करें। उनके सपने को साकार करने की दिशा में बस्तर ओलम्पिक एक नई उम्मीद बनी है। टीम के कप्तान अलेख कोर्राम ने बताया कि वे कक्षा 10वीं के छात्र हैं और कक्षा 09 से विद्यालयीन खेलों में भाग लेते आ रहे हैं। उनके परिवार में शुरू से ही खेल का माहौल रहा है और इसी माहौल में पले-बढ़े हैं। उनके पिता पीलाराम कोर्राम भी अपने समय में एक अच्छे खिलाड़ी रह चुके हैं और जिला स्तरीय प्रतियोगिता के विजेता भी रहे चुके हैं। साथ ही उनकी माता सुनीता कोर्राम भी खिलाड़ी रह चुकी हैं। इसके अलावा उनका बड़ा भाई मनमोहन भी व्हॉलीबाल के खिलाड़ी हैं। इस तरह बचपन से ही खेल के प्रति लगाव रहा है। उन्होंने बताया कि पहली बार उन्हें जिला स्तरीय प्रतियोगिता में खेलने का मौका मिला है। अलेख ने उम्मीद जताया कि अपने टीम के साथ संभाग स्तरीय बस्तर ओलंपिक में अच्छे प्रदर्शन करेंगे।

विशाल कोर्राम भी 10वीं के छात्र हैं और कक्षा 07वीं से स्कूल के प्रतियोगिताओं में भाग लेते आ रहे हैं। उनके परिवार में माता-पिता और चार भाई हैं। बस्तर ओलंपिक में उन्हें विकाखण्ड के साथ जिला स्तर पर स्तर पर पहली बार खेलने का मौका मिला है और उनकी टीम विजय हुई हैं। इसी प्रकार जशवंत कोर्राम ने बताया कि वे कक्षा 11वीं के छात्र हैं। बस्तर ओलंपिक के माध्यम से उन्हें पहली बार जिला स्तर के आयोजन में खेलने का मौका मिला है। उन्होंने बताया कि बस्तर ओलंपिक के आयोजन से उन्हें अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए अच्छा मंच मिला है। टीम में युशांत सेठिया, यशवंत सेठिया, विशाल कोर्राम और अभिजित कोर्राम सहित गांव के अन्य युवा शामिल है। पढ़ाई के साथ खेल के प्रति समर्पण और जुनून ने आज ग्रामीण युवाओं को इस मुकाम तक पहुंचाया है। सभी युवा खिलाड़ियों उनकी प्रतिभा को नया मंच देने के लिए मुख्यमंत्री साय को धन्यवाद दिया।
बस्तर क्षेत्र में लंबे समय से माओवाद ने विकास को बाधित किया था। युवा वर्ग जो कभी माओवाद के प्रभाव से मुख्य धारा से जुड़ नहीं पाए थे वे अब बस्तर ओलम्पिक के माध्यम से खेलों की ओर रुख कर रहे हैं। साथ ही ऐसे कई युवा हैं जो सेना में शामिल हो कर देश की रक्षा करने की सोच रखते हैं उनके सपनों में बस्तर ओलम्पिक ने पंख लगा दिए हैं। आज क्षेत्र के युवाओं ने खेलों में भागीदारी के माध्यम से न केवल अपनी क्षमताओं को पहचाना है, बल्कि अपने गांव, जिला और राज्य का नाम रोशन करने की ओर कदम बढ़ाया है। ऐसे में बस्तर ओलम्पिक का आयोजन ऐसे युवाओं के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है। यह न केवल राज्य के पारंपरिक खेलों को सहेजने और संवारने का माध्यम बना है, बल्कि युवाओं के भविष्य को गढ़ने में मददगार हो रहा है।




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