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खेल

न्यायधानी नाइट्स लगातार तीसरी जीत के साथ सेमीफाइनल के और करीब

26-Oct-2026
रायपुर(शोर संदेश)।  बैलाडीला बुल्स के खिलाफ 4-1 की शानदार जीत के साथ न्यायधानी नाइट्स ने छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के सेमीफाइनल में अपनी जगह लगभग पक्की कर ली है। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव की मौजूदगी में न्यायधानी नाइट्स ने अपने तीनों मैच जीते हैं और वे पॉइंट्स टेबल में सबसे ऊपर पहुंच गए हैं। दूसरी ओर, बैलाडीला बुल्स अभी भी पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे की ओर है। टीम ने अब तक एक भी मैच नहीं जीता है।
आज का मैच लीग की सबसे मजबूत डिफेंस (रक्षा पंक्ति) वाली दो टीमों के बीच मुकाबला था। लीग के बांकी मुकाबलों से इसमें अलग मैच देखने को मिला। फैंस आमतौर पर हाई-स्कोरिंग मैच देखने के आदी हैं, लेकिन इस मुकाबले में दोनों टीमों का डिफेंस बहुत मजबूत दिखा। कम से कम पहले क्वार्टर में तो यही देखने को मिला, जिसमें कोई गोल नहीं हुआ।
सवाल बस यह था कि कौन सी टीम पहले गलती करेगी। और आखिरकार बैलाडीला ने गलती की। दूसरे क्वार्टर में उन्हें एक पेनल्टी कॉर्नर देना पड़ा, जिस पर चिराग ने आज की पहली ही ड्रैग-फ्लिक से गोल कर दिया। हाफ-टाइम के करीब, उन्होंने लगभग उसी तरह एक और गोल किया। 

बैलाडीला बुल्स ने वापसी की कोशिश की। जसकरण ने गेंद को डिफ्लेक्ट करके गोल में पहुंचा दिया, जिससे हाफ-टाइम तक स्कोर 2-1 हो गया और वे मैच में बने रहे।
2020 टोक्यो ओलंपिक के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट सुरेंद्र ने युवाओं को दिखा दिया कि पेनल्टी कॉर्नर बचाने के मामले में वे आज भी सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक हैं। 
तीसरे क्वार्टर में एक अनावश्यक 'स्टिक चेक' की वजह से नाइट्स को पेनल्टी कॉर्नर देना पड़ा। इसके जवाब में अनुभवी सुरेंद्र गोलपोस्ट पर बिना हिले-डुले खड़े रहे और एक बेहद तेज ड्रैग-फ्लिक को अपनी स्टिक के बीचों-बीच रोक दिया। इसी बीच पूरे आत्मविश्वास के साथ खेल रहे चिराग ने क्वार्टर के अंत में अपनी हैट्रिक पूरी की और अपनी टीम की बढ़त को और बढ़ा दिया। मैच के अंत में जब बैलाडीला की वापसी की कोई उम्मीद नहीं बची थी, तब केतन कुशवाहा ने एक शानदार गोल (टोमाहॉक) करके अपनी टीम की बढ़त को और बढ़ा दिया।
कुल मिलाकर यह एक बेहतरीन डिफेंसिव प्रदर्शन था। चिराग को उनके शानदार खेल के लिए 'स्ट्राइकर ऑफ द मैच' और 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। अब न्यायधानी अपना अगला मैच 27 अक्टूबर को चक्रधर चैंपियंस के खिलाफ खेलेगी, जबकि बैलाडीला बुल्स 26 अक्टूबर को संस्कारधानी स्ट्राइकर्स का सामना करेगी।





 

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के 7वें मैच में मैनपाट टाइटन्स ने राजधानी रॉयल्स को 5-2 से हराया

26-Oct-2026
रायपुर।( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के सातवें मुकाबले में आज प्रदीप मोर की मैनपाट टाइटन्स ने राजधानी रॉयल्स को 5-2 से करारी शिकस्त दी। लीग के मैचों के बढ़ते रोमांच के बीच केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री  तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव, सांसद कमलेश जांगड़े, पूर्व मंत्री  महेश गागड़ा और पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी नीता डूमरे भी आज मैच देखने पहुंचे। उन्होंने मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किए। उप मुख्यमंत्री साव तमाम व्यस्तताओं के बावजूद आज लगातार तीसरे दिन मैच देखने हॉकी स्टेडियम पहुंचे।  
आज के मैच में हार के साथ ही राजधानी रॉयल्स के सेमीफाइनल में पहुंचने का रास्ता लगभग बंद हो गया है। मैच के पहले क्वार्टर में ज्यादातर समय खेल काफी सुस्त रहा। दोनों टीमें मिडफील्ड में ही गेंद को घुमाती रहीं और बहुत कम बार ही विपक्षी सर्कल के अंदर पहुंच पाईं। क्वार्टर के अंत में मैनपाट टाइटन्स ने तेजी दिखाते हुए सर्कल के अंदर एक मौका बनाया, जिस पर मनीष वट्टी ने गोल करके टीम को बढ़त दिलाई।

इसके जवाब में राजधानी रॉयल्स ने भी वापसी की कोशिश की। रोशन ने सर्कल के बाहर से अनिकेत को गेंद पास की, जिस पर अनिकेत ने गोल करके स्कोर बराबर कर दिया। इसके लगभग 30 सेकंड बाद ही रोशन ने टाइटन्स के गोलकीपर अल्फ़ाज़ खान को छकाते हुए गोल कर दिया, जिसे रेफरी ने अमान्य करार दिया। मैनपाट के संदीप ठाकुर को मिडफील्ड से एक बेहतरीन पास मिला, जिस पर उन्होंने गोल करके हाफ-टाइम तक टीम को 2-1 की बढ़त दिला दी। इसके बाद ललित ने शानदार खेल दिखाते हुए काफी दूर से गेंद को उछालकर (स्कूप करके) रोशन के पास पहुंचाया, जिसे रोशन ने गोल में बदल दिया। इसे शायद इस टूर्नामेंट का 'सर्वश्रेष्ठ गोल' कहा जा सकता है। इसी क्वार्टर में मोहित नायक ने रिवर्स फ्लिक के जरिए गोल करके मैनपाट की बढ़त को और मजबूत कर दिया।
इसके बाद राजधानी रॉयल्स की ओर से कुछ कमजोर खेल देखने को मिला, जिसका फायदा उठाते हुए प्रिंस ने गोल किया और मैनपाट टाइटन्स की बढ़त 4-2 हो गई। रॉयल्स के लिए यह मैच यहीं खत्म हो गया, क्योंकि वे कोई खास हमला नहीं कर पाए। रॉयल्स के लिए सबसे बड़ी समस्या यह रही कि वे पेनल्टी कॉर्नर को गोल में नहीं बदल सके। इसके जरिए वे कोई गोल नहीं कर पाए। मैच खत्म होने के बाद मोहित नायक को 'स्ट्राइकर ऑफ द मैच' और 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।
26 अक्टूबर को संस्कारधानी स्ट्राइकर्स का सामना बैलाडीला बुल्स से होगा, जबकि चक्रधर चैंपियंस का मुकाबला मैनपाट टाइटन्स से होगा।
बैलाडीला बुल्स के खिलाफ 4-1 की शानदार जीत के साथ न्यायधानी नाइट्स ने छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के सेमीफाइनल में अपनी जगह जगह पक्की कर ली है। 
न्यायधानी नाइट्स ने अब तक खेले गए अपने तीनों मैच जीते हैं और वे पॉइंट्स टेबल में सबसे ऊपर पहुंच गए हैं। दूसरी ओर बैलाडीला बुल्स अभी भी पॉइंट्स टेबल के निचले हिस्से में हैं। टीम ने अब तक कोई जीत हासिल नहीं की है। इस मैच के स्टार ड्रैग-फ्लिकर चिराग रहे, जिन्होंने हैट्रिक लगाई। वहीं, विपक्षी टीम का इकलौता गोल जसकरण सिंह ने किया। शानदार प्रदर्शन के लिए चिराग को 'स्ट्राइकर ऑफ द मैच' और 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।

राजधानी रॉयल्स पर 4-3 की जीत के बाद चक्रधर चैंपियंस सेमीफाइनल में जगह बनाने के और करीब

25-Oct-2026
रायपुर ।( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में राजधानी रॉयल्स को लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा। चक्रधर चैंपियंस ने उसे 4-3 से मात दी। ललित उपाध्याय की कप्तानी वाली टीम के लिए यह हार उन्हें पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे ले आई है, जिससे उनके आगे बढ़ने की संभावनाएं काफी मुश्किल हो गई हैं। दूसरी ओर, चैंपियंस सेमीफाइनल में जगह बनाने के और करीब पहुंच गए हैं।
मैच की शुरुआत चक्रधर चैंपियंस ने की, जो लगातार दूसरे दिन अपना मैच खेल रहे थे। उन्होंने गोल करने का अपना शानदार फॉर्म जारी रखा और सबसे पहले गोल दागा। चौथे मिनट में मनीष ने टीम के लिए एक पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, जिसे युवराज वाल्मीकि ने एक बेहतरीन वेरिएशन के जरिए गोल में बदल दिया। टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत की तलाश कर रही राजधानी रॉयल्स ने कुछ ही मिनटों बाद बराबरी कर ली, जब रौशन कुमार ने 'टोमाहॉक' शॉट से गोल किया, जो इस लीग में उनका ट्रेडमार्क बन गया है। दोनों टीमों के बीच यह क्वार्टर काफी बराबरी का रहा, जिसमें दोनों तरफ से एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी गई।
चक्रधर चैंपियंस लीग में ऐसी टीम बनकर उभरी है जिसे हराना मुश्किल है, क्योंकि उनके पास अनुभवी और नए खिलाड़ियों का बेहतरीन मिश्रण है जो लगातार गोल कर रहे हैं। वाल्मीकि ने मिडफील्ड से एक लंबा पास दिया, जिसे रोकने के लिए कोई डिफेंडर मौजूद नहीं था। इसका नतीजा यह हुआ कि खोगेश्वर बाग ने शानदार तरीके से गेंद को डिफ्लेक्ट (दिशा बदलकर) करके चैंपियंस के लिए दिन का दूसरा गोल कर दिया। हाफ-टाइम से पहले उन्हें कुछ और मौके मिले, लेकिन पूरे टूर्नामेंट की तरह, पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने के मामले में उनका प्रदर्शन मिला-जुला रहा।
उनका तीसरा गोल एक पेनल्टी कॉर्नर से आया‌। इस बार परमप्रीत सिंह ने पोस्ट के बीच में निशाना साधा, और विपक्षी गोलकीपर हिमांशु मलिक एक आसान सा बचाव करने से चूक गए। राजधानी रॉयल्स ने एक गोल वापस किया, जब रौशन कुमार ने पेनल्टी कॉर्नर के रिबाउंड पर फिर से गोल दागा।
चक्रधर चैंपियंस के लिए अगला गोल आने में उम्मीद से कहीं ज्यादा समय लगा, जब परमप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर के जरिए गेंद को नेट के पार पहुंचाया। उनके दूसरे गोल के विपरीत, यह एक जोरदार प्रहार था, और मलिक को संभलने का कोई मौका नहीं मिला। ललित ने खेल खत्म होने के करीब वापसी की और एक पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रौशन को 'स्ट्राइकर ऑफ द मैच' चुना गया, जबकि परमप्रीत 'प्लेयर ऑफ द मैच' रहे। अब राजधानी रॉयल्स अपना अगला मैच 25 अक्टूबर को मैनपाट टाइटन्स के खिलाफ खेलेगी। वहीं चक्रधर चैंपियंस का भी अगला मैच 26 अक्टूबर को मैनपाट टाइटन्स के साथ है।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की खिलाड़ियों की हौसला अफजाई, मैच देखने पहुंचे हॉकी स्टेडियम

24-Oct-2026
रायपुर: छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का रोमांच जोर पकड़ रहा है।लीग के दूसरे दिन आज के दूसरे मैच में चक्रधर चैंपियंस ने संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को 6-4 से मात दी। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव भी इस मैच को देखने पहुंचे थे। उन्होंने दोनों टीमों के खिलाड़ियों की हौसला अफजाई की।
मैच की शुरुआत अनुभवी इंडिया प्लेयर एस.वी. सुनील के शानदार प्रदर्शन से हुई। जब चक्रधर चैंपियंस के लिए मौके नहीं आ रहे थे, तो उन्हें बस मिडफील्ड से एक पास की जरूरत थी। वहां से उन्होंने सर्कल में युवराज वाल्मीकि को एक सटीक पास दिया, जिन्होंने शॉट मारने की कोशिश की और रिबाउंड पर गोल कर दिया। ठीक एक मिनट बाद, चक्रधर चैंपियंस ने एक और मौका बनाया जिससे गोल हो गया। अर्जुन यादव ने सर्कल के ठीक बाहर संस्कारधानी स्ट्राइकर्स के डिफेंडर से बॉल छीनकर गोलपोस्ट के सामने पास कर दी। कार्तिक यादव ने एक बड़ा डाइव लगाकर बढ़त को 2-0 कर दिया। 
दूसरे क्वार्टर में चक्रधर चैंपियंस को अपना तीसरा गोल करने में ज़्यादा समय नहीं लगा। इस बार यह एक पेनाल्टी कार्नर कन्वर्ज़न था, एक रेयर कॉम्बिनेशन जिसमें ड्रैग फ़्लिकर ने बॉल सुनील की ओर भेजी, और फिर वाल्मीकि की ओर, जिन्होंने बॉल को पोस्ट में गाइड किया।
इन मुश्किलों के बावजूद संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने क्वार्टर में एक गोल वापस कर लिया जब शाहरुख ने रिबाउंड पर बोर्ड पर गेंद डाली। वैभव सिंह चंदेल सर्कल के अंदर से बुलेट स्ट्राइक को रोक नहीं सके। स्ट्राइकर्स के लिए चीजें और खराब हो गईं जब कीपर आदित्य कुमार नेताम ने कार्तिक के खिलाफ टैकल करने की कोशिश की। नतीजतन, वाल्मीकि को पेनल्टी स्ट्रोक मिला और उन्होंने एक और गोल किया।
तीसरा क्वार्टर संस्कारधानी स्ट्राइकर्स के लिए पूरी तरह से बदल गया जहां उन्होंने दो और गोल किए। पहला शाहरुख का फील्ड गोल था, जबकि दूसरा शमशेर के आखिरी पेनाल्टी स्ट्रोक से आया, जिससे स्कोर 4-3 हो गया। चौथे क्वार्टर में चक्रधर चैंपियंस ने पूरी ताकत झोंक दी। मनीष ने सर्कल में एक बढ़िया डिफ्लेक्शन से गोल कर दिया। इस गोल ने एक तरह से स्ट्राइकर्स की सारी उम्मीदें खत्म कर दीं। एक और पेनाल्टी कार्नर का मतलब था सुनील की टीम के लिए गोल करने का एक और मौका। हालांकि इस बार गोल आया वाल्मीकि के रिबाउंड पर, जिन्होंने रात का अपना तीसरा गोल किया। शमशेर ने फील्ड गोल के साथ मैच खत्म किया, जिससे स्कोर 6-4 हो गया। शाहरुख को स्ट्राइकर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला, जबकि वाल्मीकि को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
इससे पहले मैनपाट टाइटन्स और बैलाडीला बुल्स ने 3-3 से करीबी मुकाबला ड्रॉ खेला। पहले दो क्वार्टर में प्रदीप मोर की मैनपाट टाइटन्स ने दबदबा बनाया, जबकि आखिरी दो क्वार्टर में चिंगलेनसाना सिंह की बैलाडिला बुल्स बेहतर रही। हाफ टाइम तक टाइटन्स दो गोल से आगे थे, लेकिन जसकरण सिंह और राहुल यादव ने अपनी टीम को वापसी दिलाई, जब किसी को उम्मीद नहीं थी। मैच इतना बराबरी का था कि दोनों टीमें मैच के आखिरी मिनटों में दो-दो गोल करने में सफल रहीं। अपने शानदार खेल के लिए प्रहलाद को स्ट्राइकर ऑफ द मैच का अवॉर्ड दिया गया, जबकि करण धानुक प्लेयर ऑफ द मैच रहे।

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का दूसरा दिन : मैनपाट टाइटन्स और बैलाडिला बुल्स के बीच मुकाबला 3-3 से ड्रॉ

24-Oct-2026
रायपुर: छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के दूसरे दिन आज पहले मैच में कड़े मुकाबले के बीच मैनपाट टाइटन्स और बैलाडिला बुल्स के बीच मैच 3-3 से ड्रॉ पर समाप्त हुआ। पहले दो क्वार्टर्स में ओलंपियन प्रदीप मोर की टीम मैनपाट टाइटन्स का दबदबा रहा, जबकि आखिरी दो क्वार्टर्स में ओलंपियन चिंगलेनसाना सिंह की टीम बैलाडिला बुल्स ने बेहतर खेल दिखाया। शानदार खेल के लिए प्रहलाद को 'स्ट्राइकर ऑफ़ द मैच' चुना गया, जबकि करण धनुक को 'प्लेयर ऑफ़ द मैच' का पुरस्कार मिला।
मैच का पहला हमला चौथे मिनट में देखने को मिला। मैनपाट के खिलाड़ियों ने सर्कल में प्रवेश तो किया, लेकिन विपक्षी डिफेंडरों ने आसानी से गेंद को बाहर निकाल दिया। इसके बाद जवाबी हमले में बैलाडिला बुल्स ने भी सर्कल में जगह बनाई, लेकिन उनके पास डिफेंस को चुनौती देने के लिए पर्याप्त ताकत नहीं थी। मैच के 7वें मिनट में मैनपाट के पास गोल करने का एक बेहतरीन मौका आया, जब प्रहलाद टांडी को सर्कल के अंदर गेंद मिली, लेकिन बैलाडिला बुल्स के गोलकीपर ने तेजी से आगे आकर इस मौके को नाकाम कर दिया।
लगातार हमलों के बीच बैलाडिला को अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे संदीप ठाकुर ने गोल में बदल दिया। यादव अपनी बाईं ओर नहीं जा सके, जबकि गेंद उनके काफी करीब थी। बहरहाल, पहला क्वार्टर बिना किसी और हलचल के समाप्त हुआ। दूसरे क्वार्टर में मैनपाट ने अपनी बढ़त को और मजबूत किया। हालांकि ज्यादा मौके नहीं बने थे, लेकिन हाफ-टाइम से कुछ मिनट पहले प्रवीण यादव ने गोल कर दिया। प्रहलाद ने सर्कल के अंदर शानदार दौड़ लगाई और प्रवीण ने गेंद को बेहतरीन तरीके से डिफ्लेक्ट करके गोल में बदल दिया। हाफ-टाइम तक स्कोर 2-0 हो गया था।
शुरुआती बढ़त मिलने के बाद ऐसा लग रहा था कि मैनपाट अपना दबदबा बनाए रखेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बैलाडिला ने लगातार हमले कर विपक्षी डिफेंस पर दबाव बना दिया। उन्होंने कई बार सर्कल के अंदर प्रवेश किया और आखिरकार उनकी लगातार कोशिशों का फल उन्हें मिला। जसकरण सिंह सर्कल के काफी अंदर तक गए और उन्होंने राहुल यादव की तरफ गेंद फ्लिक की, जिसे राहुल ने गोल में बदल दिया। पिछले क्वार्टर की लय को बरकरार रखते हुए जसकरण ने चौथे क्वार्टर की शुरुआत में ही पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर स्कोर बराबर कर दिया। सर्कल के बाहर से लगाए गए एक 'टोमाहॉक' शॉट की वजह से बैलाडिला को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे मैनपाट के गोलकीपर अल्फ़ाज़ खान ने रोक दिया।
मैनपाट के प्रहलाद को सर्कल के अंदर कुछ खाली जगह मिली, जहाँ से उन्होंने एक 'रिवर्स फ़्लिक' के ज़रिए अपनी टीम के लिए गोल कर दिया। मैच के अंत के करीब बैलाडिला के निहाल हुसैन अंसारी ने पेनल्टी कॉर्नर के रिबाउंड पर शॉट लगाकर अपनी टीम के लिए बराबरी का गोल किया।

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के उद्घाटन मुकाबले में न्यायधानी नाइट्स की शानदार जीत, राजधानी रॉयल्स को 2-1 से हराया

23-Oct-2026
रायपुर। ( शोर संदेश )  छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के उद्घाटन मुकाबले में भारतीय हॉकी के दो ओलंपियन खिलाड़ियों की टीमों के बीच रोमांचक भिड़ंत देखने को मिली। गुरुवार को रायपुर के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में ओलंपियन सुरेंद्र सिंह की न्यायधानी नाइट्स ने ओलंपियन ललित उपाध्याय की राजधानी रॉयल्स को 2-1 से हराकर शानदार जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की। न्यायधानी नाइट्स की ओर से चिराग और केतन कुशवाहा ने एक-एक गोल किया, जबकि राजधानी रॉयल्स की ओर से रौशन एकमात्र गोल करने वाले खिलाड़ी रहे।
मैच की शुरुआत से ही न्यायधानी नाइट्स ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। मुकाबले के 12वें मिनट में चिराग ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर अपनी टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई। उनके तेज फ्लिक को राजधानी रॉयल्स के पहले रशर और गोलकीपर हिमांशु मलिक रोकने में नाकाम रहे। दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में केतन कुशवाहा ने शानदार मैदानी गोल कर न्यायधानी नाइट्स की बढ़त 2-0 कर दी। केतन ने विपक्षी टीम के कुछ रक्षकों को छकाते हुए गेंद गोलपोस्ट में पहुंचाई।

इसके ठीक एक मिनट बाद न्यायधानी नाइट्स को अपनी बढ़त और मजबूत करने का मौका मिला, लेकिन टीम पेनल्टी कॉर्नर को गोल में नहीं बदल सकी। दूसरी ओर, राजधानी रॉयल्स के कप्तान ललित उपाध्याय ने मिडफील्ड में आक्रामकता बढ़ाते हुए टीम को मुकाबले में वापस लाने का प्रयास किया। हालांकि, राजधानी रॉयल्स भी उसे मिले दुर्लभ पेनल्टी कॉर्नर का फायदा नहीं उठा सकी।

न्यायधानी नाइट्स के सुरेंद्र सिंह ने रक्षापंक्ति में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने विपक्षी खिलाड़ियों को डी क्षेत्र में खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। न्यायधानी नाइट्स के रक्षकों ने लगातार बेहतरीन ढंग से गेंद को खतरे के क्षेत्र से बाहर निकाला, जिसका असर स्कोर पर भी दिखाई दिया। दूसरे क्वार्टर के अंतिम क्षणों में राजधानी रॉयल्स के अनिकेत कुजूर के लिए दिए गए पास को रोकने के प्रयास में सुरेंद्र सिंह के चेहरे पर चोट भी लगी।

मुकाबले के दूसरे हाफ की शुरुआत में न्यायधानी नाइट्स को संजीत तिर्की द्वारा स्टिक चेक किए जाने के कारण पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन टीम इसे गोल में नहीं बदल सकी। इसके बाद मिले अगले मौके पर भी टीम को सफलता नहीं मिली। केतन कुशवाहा ने विपक्षी टीम के डी क्षेत्र में लगातार गोल करने के प्रयास किए, लेकिन उनके शॉट्स में सटीकता की कमी रही। दूसरी ओर, तीसरे क्वार्टर में राजधानी रॉयल्स के खिलाड़ियों ने भी कई बार विपक्षी टीम के डी क्षेत्र में प्रवेश किया, लेकिन अग्रिम पंक्ति के खिलाड़ियों के बीच तालमेल की कमी के कारण ये प्रयास गोल में तब्दील नहीं हो सके।

चौथे क्वार्टर में खेल की गति कुछ धीमी रही। राजधानी रॉयल्स के सामने मुकाबले में वापसी करने की चुनौती थी, लेकिन टीम की अग्रिम पंक्ति प्रभावी प्रदर्शन नहीं कर सकी। गोल करने के कई अवसर गंवाने के कारण टीम पर दबाव बढ़ता गया। इसी क्वार्टर में मुकाबले के दौरान दूसरी बार खिलाड़ियों को चोट लगी। राजधानी रॉयल्स के पहले रशर प्रेमचंद सोय की न्यायधानी नाइट्स के चिराग से जोरदार टक्कर हो गई। दोनों खिलाड़ी मैदान पर गिर पड़े, जिसके कारण कुछ समय के लिए खेल रोकना पड़ा।

इसके बाद मुकाबले में कोई बड़ा उलटफेर नहीं हुआ और न्यायधानी नाइट्स ने 2-1 से जीत दर्ज कर ली। पूरे मैच में प्रभावशाली प्रदर्शन करने वाले केतन कुशवाहा को 'स्ट्राइकर ऑफ द मैच' और 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।
शुक्रवार, 23 अक्टूबर को इसी स्टेडियम में दो मुकाबले खेले जाएंगे। पहला मुकाबला शाम 5:30 बजे मैनपाट टाइटंस और बैलाडीला बुल्स के बीच होगा। इसके बाद शाम 7:30 बजे चक्रधर चैंपियंस और संस्कारधानी स्ट्राइकर्स की टीमें आमने-सामने होंगी।

महिला प्रदर्शनी मैच में इंद्रावती टाइग्रेस की एकतरफा जीत, महानदी फाल्कन्स को 4-1 से हराया

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के अंतर्गत गुरुवार को खेले गए महिला प्रदर्शनी मुकाबले में इंद्रावती टाइग्रेस ने शानदार खेल दिखाते हुए महानदी फाल्कन्स को 4-1 से पराजित किया। इंद्रावती टाइग्रेस की कप्तान आंचल साहू ने दो गोल दागकर टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम की ओर से लीना कोरसे और ममतेश्वरी लहरे ने भी एक-एक गोल किया। वहीं महानदी फाल्कन्स की ओर से रिया खलखो ने एकमात्र गोल किया।
मुकाबले में इंद्रावती टाइग्रेस का शुरू से ही दबदबा रहा। टीम ने लगभग 60 प्रतिशत समय तक गेंद पर कब्जा बनाए रखा और लगातार आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। इसके विपरीत महानदी फाल्कन्स के खिलाड़ियों में तालमेल की कमी दिखाई दी। टीम की अग्रिम पंक्ति भी अपेक्षित आक्रामकता नहीं दिखा सकी। बेहतर रणनीति, गेंद पर नियंत्रण और आक्रामक खेल की बदौलत इंद्रावती टाइग्रेस ने चार गोल दागकर एकतरफा जीत दर्ज की।

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के बारे में

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग (सीएचएल) प्रदेश की पहली आधिकारिक राज्य स्तरीय हॉकी लीग है, जिसका आयोजन छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा किया जा रहा है। इस लीग की परिकल्पना प्रदेश के हॉकी खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, प्रतिस्पर्धात्मक मुकाबलों का महत्वपूर्ण अनुभव हासिल करने और राज्य, राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है।
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का पहला संस्करण 21 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक रायपुर के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में आयोजित किया जा रहा है। इसमें प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली छह फ्रेंचाइजी टीमें खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। इनमें राजधानी रॉयल्स, बैलाडीला बुल्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटंस शामिल हैं।
प्रत्येक टीम में 22 खिलाड़ी शामिल हैं। इनमें 18 खिलाड़ी छत्तीसगढ़ के तथा चार खिलाड़ी राज्य के बाहर के राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैं। इस लीग का उद्देश्य छत्तीसगढ़ में हॉकी के खेल तंत्र को मजबूत बनाना, उभरते खिलाड़ियों के लिए अधिक अवसर तैयार करना और प्रदेश में राष्ट्रीय खेल हॉकी के निरंतर विकास को गति देना है।
'चलो रे संगी, हॉकी खेलबो' के आकर्षक ध्येय वाक्य के साथ आयोजित यह लीग छत्तीसगढ़ की खेल पहचान, क्षेत्रीय गौरव और हॉकी के क्षेत्र में प्रदेश की बढ़ती आकांक्षाओं का उत्सव है।

 


पैरा तीरंदाज तोमन कुमार के स्वर्ण पदक से छत्तीसगढ़ गौरवान्वित, ओलिंपिक तक पहुंचाने वाले कोच को मिलेगा 5 लाख का पुरस्कार

22-Oct-2026
रायपुर।( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ के पैरा तीरंदाज तोमन कुमार ने अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया है। नक्सली घटना में अपना एक पैर गंवाने के बावजूद उन्होंने अदम्य साहस, मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत के दम पर यह उपलब्धि हासिल की। उनकी सफलता न केवल प्रदेश के लिए गौरव का विषय है, बल्कि दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।
तोमन कुमार की इस शानदार उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और खेल मंत्री अरुण साव ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। खेल जगत से जुड़े लोगों ने भी उनके प्रदर्शन की सराहना की है।

ओलिंपिक तक पहुंचाने वाले कोच को 5 लाख का पुरस्कार

छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन के महासचिव आयुष मुरारका ने बताया कि तोमन कुमार की उपलब्धि प्रदेश में तीरंदाजी की संभावनाओं को नई दिशा देने वाली है। उन्होंने कहा कि तोमन ने साबित किया है कि दृढ़ संकल्प और कठिन परिश्रम से बड़ी से बड़ी चुनौती को पार किया जा सकता है।
इधर, आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ में तीरंदाजी को बढ़ावा देने में सक्रिय कैलाश मुरारका ने बिलासपुर में आयोजित सीनियर राज्य तीरंदाजी प्रतियोगिता के दौरान एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के तीरंदाजों को ओलिंपिक तक पहुंचाने वाले कोच को तीरंदाजी संघ की ओर से 5 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इस घोषणा को प्रदेश में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार करने और प्रशिक्षकों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है।

पैरा तीरंदाजी को मिलेगी नई पहचान

तोमन कुमार का स्वर्णिम प्रदर्शन इस बात का उदाहरण है कि शारीरिक चुनौतियां किसी खिलाड़ी के सपनों की राह नहीं रोक सकतीं। उनकी सफलता से प्रदेश के युवा खिलाड़ियों, विशेषकर दिव्यांग खिलाड़ियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
छत्तीसगढ़ में तीरंदाजी की प्रतिभाओं को निखारने, उन्हें बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने की दिशा में ऐसे प्रयास महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। तोमन कुमार की उपलब्धि और ओलिंपिक स्तर के खिलाड़ी तैयार करने वाले कोच के लिए घोषित पुरस्कार से प्रदेश में तीरंदाजी को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।

छत्तीसगढ़ की धरती पर पहली बार भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट श्रृंखला का आयोजन

21-Oct-2026
रायपुर।( शोर संदेश )मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव और हर्ष का अवसर है कि नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच तीन टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की श्रृंखला का आयोजन किया गया है। छत्तीसगढ़ की धरती पर पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट श्रृंखला का आयोजन प्रदेश के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच पहली द्विपक्षीय श्रृंखला की शुरुआत छत्तीसगढ़ से होना इस अवसर को और भी ऐतिहासिक बनाता है।
मुख्यमंत्री  साय नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पहुंचे और भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के तीसरे मुकाबले का आनंद लिया। उन्होंने दोनों देशों की महिला क्रिकेट टीमों के खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ की धरती पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा और परिश्रम से पहचान बनाने वाली महिला खिलाड़ी देश की करोड़ों बेटियों के लिए प्रेरणा हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नवा रायपुर में पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मैचों का आयोजन खेलों के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की बढ़ती भूमिका का प्रमाण है। यह केवल एक क्रिकेट श्रृंखला नहीं, बल्कि प्रदेश की बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करने वाला अवसर भी है। हमारी बेटियां जब विश्वस्तरीय खिलाड़ियों को अपने सामने खेलते हुए देखेंगी, तो उनमें भी खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने और छत्तीसगढ़ तथा देश का नाम रोशन करने का आत्मविश्वास बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक श्रृंखला के अवसर पर माताओं, बहनों और बेटियों के लिए स्टेडियम में निःशुल्क प्रवेश की व्यवस्था की गई है। इसके पीछे उद्देश्य अधिक से अधिक महिलाओं और बालिकाओं को खेलों से जोड़ना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की महिला खिलाड़ियों के प्रदर्शन को प्रत्यक्ष देखने का अवसर उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी केवल खेल मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि आज हमारी बेटियां प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य से देश का गौरव बढ़ा रही हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। खेल अधोसंरचना के विस्तार के साथ प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, संसाधन और प्रतिस्पर्धा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं को अपने ही प्रदेश में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिले।
उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण खेल अधोसंरचना है। राज्य सरकार द्वारा स्टेडियम को छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ को लीज पर दिए जाने से यहां नियमित रूप से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की क्रिकेट प्रतियोगिताओं के आयोजन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इससे न केवल प्रदेश के क्रिकेट प्रेमियों को विश्वस्तरीय मुकाबले देखने का अवसर मिल रहा है, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवा खिलाड़ियों को भी बड़े खिलाड़ियों से सीखने और प्रेरणा लेने का अवसर प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बीते समय में नवा रायपुर में न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबलों का सफल आयोजन किया गया। राज्य सरकार की विशेष पहल पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के दो आईपीएल मुकाबलों का भी सफल आयोजन हुआ। अब भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के आयोजन ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े खेल आयोजन किसी प्रदेश की खेल संस्कृति को मजबूत करने के साथ उसकी अर्थव्यवस्था और पहचान को भी नई ऊर्जा देते हैं। देश-दुनिया से खिलाड़ी, खेल अधिकारी और दर्शक जब छत्तीसगढ़ आते हैं, तो इससे पर्यटन, होटल व्यवसाय, परिवहन, स्थानीय व्यापार और सेवा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित होते हैं।

उन्होंने कहा कि नवा रायपुर तेजी से आधुनिक अधोसंरचना और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से युक्त शहर के रूप में विकसित हो रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य नवा रायपुर को केवल एक आधुनिक और सुव्यवस्थित राजधानी के रूप में विकसित करना नहीं, बल्कि इसे देश के प्रमुख स्पोर्ट्स एवं इवेंट डेस्टिनेशन के रूप में भी नई पहचान दिलाना है। इसके लिए आधुनिक खेल सुविधाओं का विस्तार, मौजूदा अधोसंरचना का बेहतर उपयोग और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए एक सकारात्मक वातावरण बना है। खेलों में भारत की बेटियां लगातार शानदार उपलब्धियां हासिल कर रही हैं और विश्व मंच पर तिरंगे का मान बढ़ा रही हैं। छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी भावना के अनुरूप प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को पहचानने, तराशने और आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री साय ने भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह श्रृंखला उत्कृष्ट खेल भावना, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और दोनों देशों के बीच मैत्री का यादगार उदाहरण बनेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवा रायपुर में आयोजित यह ऐतिहासिक श्रृंखला प्रदेश की नई पीढ़ी, विशेषकर बेटियों को खेलों से जुड़ने की प्रेरणा देगी और छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास में एक गौरवपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होगी।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ एवं भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के पदाधिकारी, खेल जगत से जुड़े प्रतिनिधि, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी उपस्थित थे।














































 

 


शीतल देवी ने रचा इतिहास: पैरा एशियन गेम्स में की विश्व रिकॉर्ड की बराबरी, एशियाई रिकॉर्ड तोड़ा

19-Oct-2026
नई दिल्ली।( शोर संदेश )  पैरा एशियन खेल 2026 में भारत की पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने सोमवार को महिला कंपाउंड वर्ग की क्वालीफिकेशन स्पर्धा में कमाल का प्रदर्शन किया। उन्होंने 720 में से 704 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी कर ली और नया एशियाई रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
शीतल ने पहले स्थापित एशियाई रिकॉर्ड (698 अंक) को छह अंक से पीछे छोड़ दिया। 72 तीरों के इस राउंड में उन्होंने दोनों 50 मीटर राउंड में 352-352 अंक बनाए। उनके नाम 32 एक्स और 25 बारह अंकों के निशाने दर्ज हुए। यह प्रदर्शन भारतीय पैरा तीरंदाजी के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
सिंगापुर की नूर स्याहिदा अलीम 683 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। चीन की शुएकिंग शू ने 680 अंक हासिल कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। बांग्लादेश की जोमा अख्तर 676 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहीं।
भारत की एक अन्य तीरंदाज पायल नाग ने 675 अंक बनाए और क्वालीफिकेशन में संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर रहीं। इंडोनेशिया की तेओदोरा फेरेली ऑडी अयूदिया ने भी 675 अंक हासिल किए। शीतल देवी के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन ने भारतीय पैरा खेल प्रेमियों में उत्साह भर दिया है। ऐसे में आगे की स्पर्धाओं में उनसे और बेहतर नतीजों की उम्मीद की जा रही है।
 

खेल अनुशासन और एकाग्रता का प्रतीक हैं- मंत्री टंक राम वर्मा

15-Oct-2026
रायपुर।( शोर संदेश ) दशहरा मैदान तिल्दा में आयोजित राज्य स्तरीय पुरुष वालीबॉल प्रतियोगिता का रोमांचक समापन समारोह आज संपन्न हुआ। कड़े मुकाबले और बेहतरीन खेल भावना के बीच खेले गए इस फाइनल मैच में राजनादगांव सेक्टर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रायपुर सेक्टर को हराकर प्रतियोगिता की विजेता ट्रॉफी अपने नाम कर ली, जबकि रायपुर सेक्टर उपविजेता रहा।

समारोह के मुख्य अतिथि  राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने विजेता और उपविजेता टीमों को शील्ड, पदक और नगद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।। समापन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री टंक राम वर्मा ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि खेल केवल हार-जीत का नाम नहीं है, बल्कि यह आपसी भाईचारा, अनुशासन और शारीरिक-मानसिक विकास का मजबूत माध्यम है। छत्तीसगढ़ की माटी में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। राज्य सरकार युवाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए हरसंभव संसाधन और मंच उपलब्ध करा रही है।
मंत्री वर्मा ने खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की छुपी हुई खेल प्रतिभाएं निखर कर सामने आती हैं। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, खेल संघ के पदाधिकारी, खेल प्रेमी और बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।
 

 



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