
राजनांदगांव ( शोर संदेश )। युवा अभ्यर्थी उत्साह और ऊर्जा के साथ वनरक्षक बनने के लिए शारीरिक नापजोख एवं दक्षता परीक्षण कार्यक्रम मिनी स्टेडियम बजरंगपुर नवागांव में शामिल हो रहे है। वन एवं जलवायु विभाग द्वारा वनरक्षक के 1484 पदों पर सीधी भर्ती के लिए अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किया गया है। वनमंडलाधिकारी आयुष जैन ने बताया कि वनमंडल राजनांदगांव एवं खैरागढ़ वनमंडल को आबंटित 107 वनरक्षक पदों के लिए 42 हजार 666 अभ्यर्थियों का शारीरिक नापजोख एवं दक्षता परीक्षण मिनी स्टेडियम बजरंगपुर नवागांव में किया जा रहा है। राजनांदगांव जिले के लिए 48 वनरक्षक पद और खैरागढ़ जिले के लिए 59 वनरक्षक पदों के लिए भर्ती की जा रही है। राजनांदगांव जिले के 26 हजार और खैरागढ़ जिले के 16 हजार से अधिक अभ्यर्थी को प्रवेश पत्र जारी किया गया है। इसमें लगभग 11 हजार महिला अभ्यर्थी शामिल है। अभ्यर्थियों के लिए जारी प्रवेश पत्र में समय एवं तिथि अंकित किया गया है। उसी के अनुसार अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। लिखित परीक्षा के लिए पद के विरूद्ध 15 अनुपात में वरिष्ठता की सूची के आधार पर चयन किया जाएगा। शारीरिक नापजोख एवं दक्षता परीक्षण में कुल 100 अंक एवं लिखित परीक्षा के लिए 100 अंक निर्धारित है। अभ्यर्थियों का शारीरिक नापजोख एवं दक्षता परीक्षण की कार्रवाई 25 नवम्बर 2024 से लगातार चल रहा है। शारीरिक नापजोख एवं दक्षता परीक्षण 14 दिसम्बर 2024 तक चलेगा। इस परीक्षा में अभ्यर्थियों को महिला वर्ग के लिए 200 मीटर एवं पुरूष वर्ग के लिए 800 मीटर की दौड़, लंबीकूद व गोला फेंक किया जा रहा है।
एसडीओ वन योगेश साहू ने बताया कि वनरक्षक भर्ती शारीरिक दक्षता परीक्षा को शांति पूर्ण तरीके से कराने वन विभाग एवं सुरक्षा टीम भी तैनात है। भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शितापूर्वक किया जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से कम्प्यूटराईज्ड तरीके से किया जा रहा है। सभी शारीरिक नापजोख में सीसीटीवी से निगरानी रखी जा रही है। दौड़ के समय अभ्यर्थियों के पैर में चिप लगाकर आधुनिक तरीके से दौड़ का आकलन किया जा रहा है। गोला फेंक और लंबी कूद का माप सेंसर के माध्यम से किया जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संचालन के लिए 250 अधिकारी-कर्मचारी शामिल है। शारीरिक नापजोख एवं दक्षता परीक्षण हेतु पात्र अभ्यर्थियों को प्रवेश-पत्र जारी कर दिया गया है। अभ्यर्थियों निर्धारित तिथि, समय एवं स्थान पर उपस्थित हो सकते हैं। ऐसे अभ्यर्थी जिन्हें प्रवेश पत्र प्राप्त नहीं हुआ है वे अपना प्रवेश पत्र विभागीय वेबसाईट से डाउनलोड कर सकते हैं।

कांकेर ( शोर संदेश )। राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ रायपुर के निर्देशानुसार एवं कांकेर कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के मार्गदर्शन में समग्र शिक्षा समावेशी शिक्षा के तहत् जिले के शालाओं में अध्यनरत कक्षा 1ली से 12वीं तक के दिव्यांग बच्चों में छिपी हुई प्रतिभा को निखारने, सामाजिक कौशल और आत्मविश्वास को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विश्व दिव्यांगता दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय स्पोर्ट्स इवेंट खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन ग्राम कोदाभाट में किया गया। इवेंट का उद्घाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य मत्स्य बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष भरत मटियारा और विशिष्ट अतिथि के तौर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष रामचरण कोर्राम कोदाभाट सरपंच उपस्थित थे। कार्यक्रम में सभी सातों विकासखण्डों से 164 व श्रवण एवं दृष्टिबाधित विशेष विद्यालय कोदाभाट के 50 इस प्रकार कुल 214 दिव्यांग बच्चे शामिल हुए।
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि कार्यक्रम में विकासखण्ड अंतागढ. के 26, भानुप्रतापपुर के 16, चारामा के 14, दुर्गूकोंदल के 14, कांकेर के 43, नरहरपुर के 37, कोयलीबेड़ा के 14 एवं श्रवण दृष्टि बाधित विद्यालय कोदाभाट से 50 बच्चें शामिल हुए। कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों के लिए रंगोली, चित्रकला, 100 मीटर दौड़, 50 मीटर दौड़, जलेबी दौड़, कुर्सी दौड़, लम्बी कूद, मिश्रित मोतियों को अलग करना एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दिव्यांग छात्र-छात्राओं ने अपनी शानदार प्रतिभा को साबित करते हुए प्रथम, द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इसी कड़ी में प्राथमिक स्तर पर 50 मीटर दौड़ बालक में प्रथम मलसाय नेताम, द्वितीय संजूकुमार और बालिका वर्ग में प्रथम कु. गुंजन गावड़े, द्वितीय कु. प्रियंका मण्डावी रहीं। कुर्सी दौड़ में प्रथम हिमांशु कोड़ोपी, द्वितीय अनिल कुमार उइके और दृष्टि बाधित बच्चों के लिए मिश्रित मोतियो को अलग करने में प्रथम कु. पायल तथा पीहू द्वितीय स्थान पर रहीं। इसी प्रकार से माध्यमिक बालक वर्ग लम्बी कूद में प्रथम डेविड मोरे, द्वितीय रोहन सलाम, बालिका वर्ग में प्रथम सौम्या चक्रधारी, द्वितीय भवनी रसिया, 100 मीटर दौड़ में प्रथम जितेन्द्र विश्वकर्मा, द्वितीय राजेश नाग, बालिका वर्ग में निशा तुलानी प्रथम व आकृति राय द्वितीय स्थान प्राप्त किए। इसके अलावा विभिन्न प्रकार के चित्रकला, पेन्टिग, रंगोली, एकल, सामूहिक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन कराया गया, जिसमें चित्रकला में प्रथम रियानी नेताम, द्वितीय लिजिया पुजारी और रंगोली प्रतियोगिता में प्रथम कु. ईवानी हिचामी एवं द्वितीय गीतांजली कुलदीप रहीं।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कांकेर विधायक आशाराम नेताम शामिल हुए और सभी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्होंने सभी बच्चों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि दिव्यांग बच्चे सामान्य बच्चों की अपेक्षा अधिक कुशल व ऊर्जावान वाले होते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चे अपनी दिव्यांगता को कभी भी कमजोरी न समझें, बल्कि उसे अपना ढाल बनाकर आगे बढ़ें।







