
रायपुर (शोर सन्देश)। कोरोना महामारी के चलते इस बार नवरात्रि के दौरान डोंगरगढ़ में ट्रेनों का विशेष स्टाॅपेज नहीं होगा। दर्शनार्थियों को बम्लेश्वरी मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा। वहीं डोंगरगढ़ के लिए बिलासपुर से चलने वाली स्पेशल ट्रेनें भी नहीं चलेंगी। इसके अलावा डोंगरगढ़ का प्रशासन चल रही ट्रेनों का स्टॉपेज भी बंद करवाएगा। राजनांदगॉंव कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने बिलासपुर, रायपुर, जांजगीर चांपा, कोरबा और रागयढ़ के कलेक्टरों को पत्राचार कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि कोविड-19 के चलते मंदिर में मेला और बड़े पैमाने पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। इसे ही रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन ने कुछ कड़े फैसले किए हैं।
जिसे अमल में लाने के लिए अन्य जिलों के अधिकारियों से सहयोग की मांग हुई है। हर नवरात्रि में हजारों की संख्या में रेल और अन्य माध्यमों से दर्शनार्थी मां बम्लेश्वरी का दर्शन करने डोंगरगढ़ पहुंचते हैं। इनकी संख्या लाखों में होती है। इसके चलते रेल में बर्थ नहीं मिलती और मुसाफिरों को कई परेशानी होती है। हर बार इसके लिए स्पेशल ट्रेन चलाई जाती है। भीड़ और दूसरी दिक्कतों के कारण रेलवे कई एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टापेज डोंगरगढ़ में देता आया है। पर इस बार परिस्थितियों को देखते हुए ऐसा कुछ भी होना असंभव दिख रहा है, जिला कलेक्टर ने सरकारी निर्देशों का हवाला देते हुए इस बार ऐसी सारी गतिविधियों पर रोक लगाने की बात कही है।

रायपुर (शोर सन्देश)। कांकेर जिला मुख्यालय में पत्रकारों के साथ घटित घटना के तथ्यों के अन्वेषण के लिए राज्य शासन द्वारा सम्पादक नवभारत राजेश जोशी की अध्यक्षता में गठित पत्रकार दल 7 अक्टूबर और 8 अक्टूबर को कांकेर प्रवास में रहेगा। पत्रकार दल ने सभी नागरिकों से अपील की है कि जिस किसी व्यक्ति के पास घटना से संबंधित कोई तथ्य अथवा जानकारी है, तो वह उन्हें प्रस्तुत कर सकता है। जांच में पारदर्शिता बरतने के लिए जानकारी प्रस्तुत करने वाले हर व्यक्ति की वीडियोग्राफी भी करायी जाएगी। पत्रकार दल के अन्य सदस्य अनिल द्विवेदी सम्पादक आज की जनधारा, सुरेश महापात्र सम्पादक बस्तर इम्पेक्ट, सगुफ्ता सिरीन सहायक सम्पादक राष्ट्रीय हिन्दी मेल, रूपेश गुप्ता संवाददाता स्वराज एक्सप्रेस तथा राजेश शर्मा ब्यूरो चीफ दैनिक भास्कर कांकेर हैं।

रायपुर (शोर सन्देश)। कोरोना महामारी के प्रकोप से बचने की सबसे अहम कड़ी सिर्फ और सिर्फ फिजिकल डिस्टेंसिंग है। ऐसे में समाजिक कार्यकर्ता ओमप्रकाश बरलोटा ने बताया कि रिश्तेदारों, दोस्तों और समाजसेवियों की मृत्यु के बाद अन्तिम यात्रा में अनुपस्थित रहने का गम सदैव खटकता रहेगा। श्री बरलोटा ने बताया कि निधन के समाचार अखबारों के माध्यम से पढऩे को मिले और परिवार की ओर से भी निवेदन किया गया कि कृपया अपने घर से ही मृत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करें। इसका पालन आवश्य हुआ किंतु वर्षो पुरानी चली आ रही परम्परा में उपस्थित नहीं हो सकने और अन्तिम दर्शन से भी वंचित रहने का गम सदैव दिल में बना रहेगा।

कटरा (शोर सन्देश)। कोरोना संकट के बीच श्रद्धालुओं के लिए एक अच्छी खबर है। वैष्णो देवी की यात्रा आज से शुरू हो गई है। कोरोना महामारी के चलते बीते 18 मार्च को वैष्णो देवी यात्रा स्थगित कर दी गई थी। पांच महीने के इंतजार के बाद आज यानि 16 अगस्त से श्रद्धालु फिर से मां वैष्णो देवी के दर्शन कर सकेंगे। कोरोना के सख्त नियमों के साथ यात्रा शुरू हो रही है। फिलहाल यात्रा के पहले चरण में प्रतिदिन सिर्फ 2,000 श्रद्धालु ही दर्शन कर पाएंगे। जम्मू-कश्मीर राज्य प्रशासन ने गत मंगलवार को राज्य के धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति देने के साथ स्पष्ट और सख्त दिशा निर्देश जारी किए थे। राज्य प्रशासन की हरी झंडी मिलने के बाद माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने 16 अगस्त से वैष्णो देवी यात्रा शुरू करने का निर्णय लिया है।

00 भाई ने दायर की याचिका
बिलासपुर (शोर सन्देश)। मानसिक रूप से अस्वस्थ रिटायर्ड आईएएस के इलाज के लिये उनके खाते से पैसे निकालने के लिये उनके भाई की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। हाईकोर्ट ने इस मामले में न्याय मित्र से भाई के इलाज में होने वाले खर्च की जानकारी मांगी है। याचिकाकर्ता केएम शुक्ला ने मामले की खुद ही पैरवी करते हुए कहा है कि उनके अविवाहित छोटे भाई रिटायर्ड आईएएस विनय शुक्ला मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं। उनके इलाज और जरूरतों पर हर माह करीब 82 हजार रुपये खर्च हो रहा है। उन्हें यह राशि निकालने की अनुमति दी जाये। हालांकि रिटायर्ड आईएएस को हर माह 35 हजार रुपये पेंशन भी मिलती है।
शुक्ला का खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में है। बैंक की ओर से राशि निकालने का विरोध करते हुए कहा गया है कि यह संयुक्त खाता नहीं है, राशि नहीं निकाली जा सकती।
जस्टिस गौतम भादुड़ी की सिंगल बेंच ने पूरे मामले में प्रतिवेदन देने और शुक्ला पर होने वाले खर्च तथा स्वास्थ्य की जानकारी देने के लिये एडवोकेट प्रसून भादुड़ी को न्यायमित्र नियुक्त किया है।

रायपुर (शोर सन्देश)। अच्छाई हमेशा लौटकर आती है ,इसलिए इंसान को हमेशा नेक कार्य करना चाहिए ,ये सोच थी स्वर्गीय श्रीमती राजेश जैन की, जिन्होंने अपने अंतिम समय यानी मृत्यु उपरांत देहदान कर चिकित्सा रिसर्च में योगदान दिया। श्रीमती जैन ने अपनी अंतिम सांस जन्माष्टमी 11 अगस्त को ली। 19 सितम्बर 1941 में जन्म ली श्रीमती जैन जीवन पर्यन्त महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने सिलाई - बुनाई और क्राफ़्ट की शिक्षा दी। सैकड़ो महिलाओ को उन्होंने आखिरी समय तक फ्री ट्रेनिंग के साथ जरुरतमंदो की मदद कर अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। पत्रकार तपेश जैन व धर्मेश जैन की माता श्रीमती जैन की दो पुत्रियां रचना जैन व सपना गुप्ता है। हर्ष जैन व हार्दिक जैन दो पोते सहित पूरा भरा पूरा परिवार अपने पीछे छोड़ गई , पेशे से शिक्षक रही श्रीमती जैन ने बीए बीएड की शिक्षा पुराने समय में की जब महिला शिक्षा बड़ी बात होती थी। अल्प आयु में पति स्वर्गीय महेंद्र जैन के निधन के बाद अपने परिवार के भरण पोषण के साथ असहाय महिलाओं को शिक्षित करने का कार्य निसंदेह अनुकरणीय है , फिल्म स्टार व सांसद सुनील दत्त के हाथों से सम्मानित श्रीमती जैन को भारतीय जैन संघटना सहित कई संस्थाओं ने सम्मानित किया है। जेल में बंदी महिलाओं को स्वय के व्यय से सिलाई -बुनाई की ट्रेनिंग भी उल्लेखनीय है। रायपुर प्रेस क्लब ,छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ , छत्तीसगढ़ आल आर्टिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन और रायपुर स्टूडियो एंड फोटोग्राफर एसोसिएशन ने श्रीमती जैन को श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिवार को दुःख सहन करने की शक्ति देने भगवान से प्रार्थना की है .

कवर्धा (शोर सन्देश)। विकासखंड बोडला के अंतर्गत ग्राम पंचायत राजा नवागांव में गौठान कार्यक्रम में गोधन न्याय योजना की आज आज शुभारम्भ किया गया, जिसमें मुख्य रूप में गोठान समिति के अध्यक्ष खेमू पटेल सरपंच गंगुराम धुर्वे मोहम्मद अयूब शहजादा खान सोसायटी अध्यक्ष संजय पाली प्रताप पटेल लखन रामदास फागूदास बंजारे शिव प्रसाद पटेल उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ।

ज्यादातर घरों में आदमी सियान हो जाता है तो वह अकेला व उपेक्षित हो जाता है। घर के लोग उनका ख्याल नहीं रखते हैं। यह बात सियान लोगों को बहुत बुरी लगती है कि उन्हें अब कोई पूछता नहीं है, बात नहीं करता है।फिर भी उन्हें इस बात का संतोष तो रहता है कि वह घर के लोगों के साथ रहते हैं। अपने घर में रहते हैं। कई सियान ऐसे होते हैं जिन्हें घर वाले घर से निकाल देते हैं या वृध्दाश्रम में छोड़ आते हैं।ऐसे सियान ज्यादा अकेलापन महसूस करते हैं, ज्यादा उपेक्षित होते हैं। राज्य के मुखिया होने के नाते जब सीएम भूपेश बघेल उनसे बात करते हैं, उन्हें अपने परिवार का सियान कहते हैं तो वृद्धाश्रम में रहने वाले सभी बुजुर्गों का खुश होना स्वाभाविक हैं। सीएम ने कोरोना काल में, जब कोरोना से संक्रमित होकर मरने वालों में बुजुर्गों की संख्या ज्यादा है, सियान लोगों से बात करते हैं, उनसे कोरोना से बचने के लिए सुरक्षित रहने को कहते हैं तो सियान लोगों को सीएम अपना तो लगेगा ही। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अक्सर वक्त निकाल कर राज्य के विभिन्न् वर्गों के लोगों से बात करते है, ताकि उनकी समस्या को जान सकें, उनको कोई तकलीफ हो रही है तो उसे दूर कर सकें। इससे उनकी छबि एक संवेदनशील मुख्यमंत्री की बनती है। एक ऐसे सीएम की बनती है जो राज्य के छोटे से छोटे लोगों की सुविधा का ख्याल रखता है।वह प्रशासन के भरोसे राज्य के लोगों को छोड़ देने वाले सीएम नहीं है। वह जनता से जुड़े रहने वाले सीएम हैं। वह यह बताने से संतुष्ट नहीं होते हैं कि लोगों को राशन मिल रहा है, वह खुद लोगों के बात कर पूछते हैं कि राशन मिल रहा है या नहीं। स्वसहायता समूह की महिलाओं से बात करते हैं कि प्रशासन से सहयोग मिल रहा है या नहीं। वह इस बात के लिए हमेशा सजग रहते हैं कि सरकार ने योजना बनाई है तो उसका लाभ सभी पात्र लोगों को मिलना चाहिए।सरकार की कोई भी योजना तब ही सफल मानी जा सकती है जब उसका लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिले।धान खरीदी हो, कर्जमाफी हो मुख्यमंत्री ने खुद कई किसानों को फोन कर पूछा था,जहा दौरे पर गए वहां किसानों से पूछा। यही वजह है कि राज्य के किसानों को कर्जमाफी व धानखरीदी का ज्यादा लाभ मिला है।इससे राज्य को नई पहचान मिली है तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी सर्वे में देश के मुख्यमंत्रियों के बीच दूसरा ऐसा मुख्यमंत्री चुना गया जिससे राज्य की 80 प्रतिशत जनता संतुष्ट है।किसी भी राज्य में ऐसा कम होता है कि वहां की 80 प्रतिशत जनता मुख्यमंत्री के काम से संतुष्ट हो, भूपेश बघेल से राज्य के ज्यादातर लोग संतुष्ट है तो यह उनकी एक बड़ी उपलब्धि है।

प्रदेश में एक केबीनेट मंत्री के साथ अशासकीय व्यक्ति इन दिनों खूब तस्वीरों में दिखाई पड़ रहा है। इससे प्रदेश के अफसरों में खासी नाराजगी है। नाराजगी का कारण आईएएस और आईपीएस अफसरों को सीधे दिशा-निर्देश देना है। प्रदेश के आईएएस अफसरों की एक लॉबी इस पर प्रदेश से मुखिया से भी शिकायत करने की तैयारी में है।
कुछ दिनों पहले ही मंत्री के साथ दिखने वाला वह व्यक्ति सरकार के हर कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा भी ले रहा है। चूंकि इसके स्थान पर पदस्थ सरकारी कर्मचारी इन दिनों तस्वीरों से नदारद है, जिसकी चर्चा मंत्रालयीन अधिकारियों और कर्मचारियों में जारों से है।
