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रायपुर (शोर सन्देश)। कोरोना महामारी के प्रकोप से बचने की सबसे अहम कड़ी सिर्फ और सिर्फ फिजिकल डिस्टेंसिंग है। ऐसे में समाजिक कार्यकर्ता ओमप्रकाश बरलोटा ने बताया कि रिश्तेदारों, दोस्तों और समाजसेवियों की मृत्यु के बाद अन्तिम यात्रा में अनुपस्थित रहने का गम सदैव खटकता रहेगा। श्री बरलोटा ने बताया कि निधन के समाचार अखबारों के माध्यम से पढऩे को मिले और परिवार की ओर से भी निवेदन किया गया कि कृपया अपने घर से ही मृत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करें। इसका पालन आवश्य हुआ किंतु वर्षो पुरानी चली आ रही परम्परा में उपस्थित नहीं हो सकने और अन्तिम दर्शन से भी वंचित रहने का गम सदैव दिल में बना रहेगा।