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स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान से सुदूर अंचलों तक पहुँची विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएँ

23-Sep-2025
रायपुर( शोर संदेश )। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की महत्त्वाकांक्षी पहल “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” के अंतर्गत आज प्रदेशभर के प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय मिशन (PM JANMAN) क्षेत्रों में विशेष जनजातीय स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों के माध्यम से पिछड़ी जनजातीय समूहों (PVTGs) सहित हजारों लोगों को समर्पित स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की गईं, जो प्रदेश सरकार की जनजातीय स्वास्थ्य सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
छत्तीसगढ़ राज्य में ‘‘स्वस्थ्य नारी, सशक्त परिवार‘‘ अभियान के आज के थीम के अनुरूप विशेष रूप से पीवीटीजी (विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूह) क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने हेतु मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (MMU) के माध्यम से व्यापक स्तर पर सेवाएं प्रदान की गई, जिसमें राज्य के 24 ज़िलों में कुल 85 स्वास्थ्य शिविरों का संचालन किया गया। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में 51 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की सक्रिय भागीदारी से पिछड़ी जनजातीय समूह के 1,815 सहित कुल 7,825 लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। 
दूरस्थ अंचलों में बसे जनजातीय समुदायों को ध्यान में रखते हुए इन शिविरों में विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा समग्र स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श सेवाएँ प्रदान की गईं। सेवाओं के अंतर्गत सामान्य ओपीडी उपचार के अंतर्गत 2,118 लोगों का इलाज किया गया, वहीं 1,020 लोगों की हाईपरटेंशन (बीपी) जांच और 1108 लोगों की मधुमेह स्क्रीनिंग की गई। महिलाओं के स्वास्थ्य को केंद्र में रखते हुए एनीमिया की जांच 878 महिलाओं में की गई, जबकि मातृत्व सेवाओं के तहत 260 महिलाओं की एएनसी/पीएनसी जांच की गई। साथ ही, 210 मलेरिया, 340 सिकल सेल, और 112 टीबी जांचें की गईं। कैंसर स्क्रीनिंग (मुख, स्तन व ग्रीवा) के माध्यम से 150 महिलाओं की जांच की गई। बच्चों को टीकाकरण सेवाएं भी दी गईं, जिससे 185 बच्चों को लाभ मिला, जबकि परिवार नियोजन सेवाओं का लाभ 145 महिलाओं ने उठाया। मानसिक स्वास्थ्य परामर्श के तहत 80 लोगों को परामर्श दिया गया और आयुष एवं वेलनेस सेवाओं से 60 लोगों को लाभ मिला।
इसके साथ ही, मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर भी विशेष रूप से जागरूकता सत्र आयोजित किए गए, जिसमें किशोरियों और महिलाओं को स्वच्छता प्रबंधन, सैनिटरी नैपकिन के उपयोग, संक्रमण से बचाव जैसे विषयों पर जानकारी दी गई। यह प्रयास स्वास्थ्य सेवाओं से आगे बढ़कर, महिलाओं के स्वस्थ जीवन की दिशा में एक सशक्त पहल सिद्ध हो रहा है।
स्वास्थ्य सेवा वितरण के साथ-साथ समुदाय में जागरूकता और विश्वास का संचार भी इन शिविरों की एक विशेष उपलब्धि रही। शिविरों में आए हितग्राहियों को न केवल जांच और उपचार प्रदान किया गया, बल्कि उन्हें पोषण, जीवनशैली में सुधार, नियमित जांच की महत्ता आदि विषयों पर भी मार्गदर्शन दिया गया।
यह अभियान राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण पहल है, जो दूरस्थ और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में रह रहे समुदायों तक मूलभूत स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में एक प्रभावशाली कदम है। महिलाओं के स्वास्थ्य को केंद्र में रखकर चलाया गया यह कार्यक्रम सम्पूर्ण परिवार की सशक्तता और समग्र स्वास्थ्य सुधार की दिशा में उल्लेखनीय भूमिका निभा रहा है।
 

 


स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान : अबूझमाड़ क्षेत्र के गाँवों तक पहुँची स्वास्थ्य सुविधाएँ

22-Sep-2025
रायपुर ( शोर संदेश )। छत्तीसगढ़ में जब बस्तर के दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचाने की बात होती है तो सबसे पहले दुर्गम जंगलों और उफनती इंद्रावती नदी का ख्याल आता है। बरसात के मौसम में दुर्गम गाँवों तक पहुँचना बेहद जोखिमपूर्ण माना जाता है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में प्रदेश का प्रत्येक स्वास्थ्यकर्मी अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हुए लोगों की जान बचाने की प्राथमिकता के साथ कार्य कर रहा है।
नक्सल प्रभावित जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। कांकेर, बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जैसे क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ अब आमजन तक पहुँच रहा है। यह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन का परिणाम है, जिसने बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है।
स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया और आयुक्त-सह-संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार हेतु प्रतिबद्ध हैं। इसी क्रम में प्रदेशव्यापी “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान ने बीजापुर जिले के सबसे दुर्गम क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित की है। बीते शनिवार को स्वास्थ्य दल ने स्वयं नाव चलाकर उफनती इंद्रावती नदी पार की और अबूझमाड़ से लगे ग्राम कोंडे में शिविर लगाया। इस शिविर में कुल 132 मरीजों की जांच की गई, जिनमें मलेरिया, सर्दी-खाँसी और त्वचा रोग से पीड़ित रोगी प्रमुख रहे। विशेष रूप से 10 गर्भवती महिलाओं की संपूर्ण स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और परामर्श प्रदान किया गया। मातृ स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत महिलाओं को पोषण, एनीमिया से बचाव और सुरक्षित मातृत्व संबंधी विस्तृत जानकारी भी दी गई। बीजापुर जिले में बीते तीन दिनों के दौरान अभियान की गति उल्लेखनीय रही है। इस अवधि में हजारों लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई, जिनमें उच्च रक्तचाप के 3,177 मामले सामने आए। इसके अतिरिक्त, महिलाओं में मुख, स्तन और सर्वाइकल कैंसर की 2,823 स्क्रीनिंग की गई तथा उन्हें आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराया गया। साथ ही 314 गर्भवती महिलाओं को जांच, टीकाकरण और परामर्श का लाभ मिला। अभियान के अंतर्गत दूरस्थ अंचलों में आयोजित शिविरों के माध्यम से अब तक 1,200 से अधिक लोगों की टीबी स्क्रीनिंग और 800 से अधिक व्यक्तियों की सिकल सेल जांच भी की जा चुकी है।
ये आँकड़े केवल संख्याएँ नहीं, बल्कि उस संकल्प का प्रमाण हैं जिसके तहत प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि बीजापुर जिले के दूरस्थ और दुर्गम अंचलों में भी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बाधित न हो। यही कारण है कि स्वास्थ्य कर्मी नदी, पहाड़ और जंगल पार करके महिलाओं और बच्चों तक जीवन रक्षक सेवाएँ पहुँचा रहे हैं। प्रदेश सरकार का यह प्रयास इस विचार को सशक्त करता है कि “स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार की आधारशिला है।” इसी दिशा में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर पहुँच इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता है।
बस्तर संभाग में स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे ये सुधार न केवल स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर को ऊँचा उठा रहे हैं, बल्कि यह भी प्रमाणित कर रहे हैं कि सुशासन और समर्पित प्रयासों से सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी सकारात्मक बदलाव संभव है।








 

स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान के अंतर्गत किशोरियों में बढ़ी स्वास्थ्य जागरूकता

20-Sep-2025
रायपुर,।  ( शोर संदेश )  केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मार्गदर्शन में संचालित ‘‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’’के अंतर्गत “स्वस्थ किशोरी, सशक्त भविष्य” थीम पर प्रदेशभर में दूसरे दिन विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य किशोरियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा एक स्वस्थ, समर्थ और सशक्त पीढ़ी की नींव को मजबूत करना रहा।
प्रदेश के सभी जिलों में शासकीय विद्यालयों, छात्रावासों एवं समुदाय स्तर पर माहवारी स्वच्छता, पोषण, एनीमिया और संपूर्ण स्वास्थ्य जीवनशैली से जुड़े विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में स्वास्थ्य विशेषज्ञों, शिक्षकों तथा चिकित्सा अधिकारियों द्वारा किशोरियों से संवाद कर उन्हें सही जानकारी उपलब्ध कराई गई। जनजातीय बहुल क्षेत्रों में स्थित छात्रावासों और विद्यालयों में विशेष रूप से सहभागिता-आधारित गतिविधियाँ आयोजित की गईं। कार्यक्रमों की एक प्रमुख विशेषता रही  “Her Hygiene, Her Strength” विषय पर आयोजित क्विज़ प्रतियोगिताएँ, जिनमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। 
स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला में किशोरी बालिकाओं की हीमोग्लोबिन (HB) जांच की गई तथा गर्भवती माताओं एवं किशोरियों को एनीमिया की रोकथाम संबंधी जानकारी प्रदान की गई। माहवारी स्वच्छता पर विशेष परामर्श सत्रों के साथ सेनेटरी पैड का निःशुल्क वितरण किया गया। यह अभियान न केवल किशोरियों के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, बल्कि यह “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” की संकल्पना को साकार करने का एक सशक्त माध्यम भी है।

दुर्ग में ‘हर दिन हर घर आयुर्वेद’ थीम पर मिलेट्स प्रदर्शनी और स्वास्थ्य परीक्षण

12-Sep-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )  छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत जिला स्तर पर अनेक कार्यक्रमों का आयोजन का सिलसिला शुरू हो गया है। दुर्ग, जशपुर, बीजापुर, सूरजपुर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और दंतेवाड़ा जिला प्रशासन की पहल पर रंगोली प्रतियोगिता, दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण, महिला सशक्तीकरण और पोषण आहार मेला जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।  
दुर्ग जिले के आयुष विभाग द्वारा ’हर दिन हर घर आयुर्वेद’ की थीम पर मिलेट्स प्रदर्शनी और बुजुर्गों का स्वास्थ्य परीक्षण तथा शहरी एवं अनेक संस्थाओं में मिलेट्स प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। सियान जतन कार्यक्रम में 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का विशेष रूप से बी.पी. व शुगर वात रोगों का परीक्षण कर औषधि वितरण किया गया। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में बच्चों ने “हर दिन हर घर आयुर्वेद” विषय को अपनी कल्पनाशीलता के साथ चित्र के माध्यम से प्रस्तुत किया। डॉ. मेघा रानी गुप्ता ने बच्चों को स्वच्छता, सही नींद और पोषणयुक्त आहार की महत्ता के बारे में उपयोगी जानकारी दी, वहीं डॉ. पूर्णिमा सिंह ने बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। स्वास्थ्य शिविर में 70 हितग्राहियों को आयुष्मान वय वंदन कार्ड का वितरण किया गया।
बीजापुर जिले में भोपालपट्टनम के गोटाइगुड़ा में दिव्यांगजनों को वॉकिंग स्टिक सहायक उपकरण वितरित किए गए। सूरजपुर जिले में राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से क्विज, भाषण एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। दंतेवाड़ा जिले के आईटीआई गीदम में आयोजित रंगोली प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास, विकास एवं संस्कृति” पर प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध परंपराओं और विकास यात्रा को रंगों के माध्यम से जीवंत किया। 
जशपुर जिले के आंगनबाडी केन्द्र तपकरा में पोषण माह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिन बच्चों के आधार कार्ड नहीं बने है या ऐसी गर्भवती माताएं जिनका आधार कार्ड अपडेट नहीं हुआ है उन्हें आधार निर्माण एवं अपडेट करवाने की जानकारी दी गयी। इसी प्रकार जशपुरनगर में महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम में छात्राओं को महिलाओं से जुड़े कानूनी अधिकारों के साथ ही बाल विवाह रोकथाम, सखी वनस्टॉप सेंटर, महिला हेल्प लाइन नंबर की जानकरी दी गई।
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में ग्राम पंचायतों और विकासखंड मुख्यालयों में पारंपरिक खेलों रस्साकशी, फुगड़ी, खो-खो, कुर्सी दौड़, बाल्टी बॉल एवं कबड्डी का आयोजन 15 से 18 सितंबर तक होगा। जिला स्तरीय रजत महोत्सव का आयोजन 24 सितंबर को होगा। जिसमें खेल प्रतियोगिताओं के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण से संबंधित बैंकिंग गतिविधियां तथा महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
























 

आयुष्मान भारत योजना : निजी अस्पतालों में रोज़ाना 1,600+ मरीजों को मिल रही निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएँ

12-Sep-2025
रायपुर  ( शोर संदेश ) आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पंजीकृत निजी अस्पतालों द्वारा आयुष्मान कार्डधारक मरीजों का उपचार लगातार किया जा रहा है। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 1,600–1,700 दावे प्रस्तुत किए जा रहे हैं, जिनकी राशि प्रतिदिन 4 करोड़ रुपये से अधिक है।
वित्तीय वर्ष 2025–26 में राज्य सरकार द्वारा अब तक रु. 375 करोड़ जारी किए जा चुके हैं। इस राशि से जुलाई 2025 तक के लगभग रु. 280 करोड़ के दावे भुगतान कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार से रु. 130 करोड़ इस सप्ताह प्राप्त होने की संभावना है, जिससे निरंतर अस्पतालों के दावे भी भुगतान किये जाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग लगातार इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के साथ परामर्श कर रहा है और सभी पंजीकृत अस्पताल लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। कोई भी गरीब अथवा कमजोर वर्ग का परिवार आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत नि:शुल्क उपचार से वंचित न हो, यह सुनिश्चित किया गया है। सभी पैनल में शामिल अस्पतालों को निर्देशित किया गया है कि मान्य आयुष्मान कार्डधारकों को कैशलेस उपचार उपलब्ध कराएं और किसी भी प्रकार का शुल्क न लें।
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक योजना के नियमों का उल्लंघन करने वाले 118 अस्पतालों के विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है, जिसमें 24 अस्पतालों का डी-एम्पैनलमेंट तथा 11 अस्पतालों का निलंबन शामिल है। भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है कि इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे और उन्हें गुणवत्तापूर्ण उपचार बिना किसी आर्थिक बोझ के प्राप्त हो।
योजना के बेहतर क्रियान्वयन हेतु राज्य सरकार शीघ्र ही एक स्टेकहोल्डर्स कार्यशाला आयोजित करने जा रही है, जिसमें सभी संबंधित पक्षों के साथ योजनागत मुद्दों और उनके समाधान पर चर्चा की जाएगी।
डा. सुरेंद्र शुक्ला, चेयरमैन, हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ ने बताया कि विभागीय मंत्री की पहल पर 375 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों ने आज यह भी जानकारी दी कि इसके अतिरिक्त 130 करोड़ रुपये केंद्र से आबंटित किए जा चुके हैं, जो इस सप्ताह प्राप्त हो जाएंगे। इस प्रकार लगभग 505 करोड़ रुपये निजी अस्पतालों के लंबित बकाया भुगतान हेतु उपलब्ध हो जाएंगे।
राज्य एवं जिला शाखाओं के प्रतिनिधियों ने मरीजों के हित में लिए गए इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब शासन द्वारा बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जा चुका है, तो ऐसी स्थिति में मरीजों का निःशुल्क इलाज किसी भी परिस्थिति में बंद नहीं किया जाएगा।
आयुष्मान भारत योजना का लाभ हर पात्र परिवार तक पहुँचे और कोई भी नागरिक आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित न रहे, इसके लिए राज्य सरकार दृढ़ संकल्पित है। पारदर्शी भुगतान व्यवस्था, सख्त निगरानी और निरंतर सुधार के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रदेश में निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सभी नागरिकों को उपलब्ध हो।
 

बलौदाबाजार जिला अस्पताल की लैब का होगा राष्ट्रीय गुणवत्ता आकलन

11-Sep-2025
रायपुर  ( शोर संदेश ) जिला अस्पताल बलौदाबाजार में संचालित इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब(आईपीएचएल) के स्टैंडर्ड का आकलन एवं परीक्षण करने 11 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन स्टैंडर्ड की विशेषज्ञ टीम आएगी। टीम के आकलन एवं परीक्षण में तय मानकों पर खरा उतरने पर  एनक्यूएएस सर्टिफिकेट प्राप्त होगा जो जिला व राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। सर्टिफिकेट प्राप्त होने पर जिला अस्पताल में संचालित आईपीएचएल देश का पहला एनक्यूएएस सर्टिफाइड सरकारी लैब होगा। कलेक्टर दीपक सोनी ने  जिला अस्पताल पहुंचकर आईपीएचएल का निरीक्षण एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने पब्लिक सुविधाओं के साथ ही हाइजिन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश अधिकारियों को दिये।
बताया गया कि जिला अस्पताल में संचालित इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब का एनक्यूएएस  सर्टिफिकेशन के लिए पहली बार आवेदन किया है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा मानक पर खरा उतरने सभी सुविधाएं व व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है। वर्तमान में इस लैब में लगभग 103 प्रकार की जांच सुविधा उपलब्ध है। इसमें हिमेटोलॉज़ी अंतर्गत 16 टेस्ट, क्लिनिकल पैथोलॉजी अंतर्गत 14 टेस्ट, क्लिनिकल बायोकेमिस्ट्री अंतर्गत 30 टेस्ट,सिरोलॉजी अंतर्गत 8 टेस्ट,इम्युनोलॉजी अंतर्गत 28 टेस्ट एवं माइक्रोबायोलॉजी अंतर्गत 7 टेस्ट शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि  राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक, भारत सरकार स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा स्थापित एक कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बढ़ाना और सुनिश्चित करना है। ये मानक विशिष्ट आवश्यकताओं और सर्वोत्तम प्रक्रियाओं पर आधारित हैं।प्रमाण-पत्र प्रदान करने के पूर्व विशेषज्ञों की टीम द्वारा अस्पताल की सेवाओं और संतुष्टि स्तर का कई मानकों पर परीक्षण किया जाता है। इन कड़े मानकों पर खरा उतरने वाले अस्पतालों को ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुणवत्ता प्रमाण-पत्र जारी किये जाते हैं। 
















 

अबूझमाड़ से निकलकर मासूम संजय को मिली नई जिंदगी

10-Sep-2025
रायपुर।  ( शोर संदेश )अबूझमाड़ के परपा गांव का नन्हा बालक संजय लंबे समय से कुष्ठ रोग एवं अन्य जटिल बीमारियों से जूझ रहा था। लेकिन पहुंच विहीन क्षेत्र में रहने के कारण संजय के माता पिता ने कभी उसे अस्पताल ले जाने के बारे में नहीं सोचा और जंगल में ही उपचार करते रहे। बीमारी से कष्ट और दर्द झेल रहे इस 5 साल के मासूम के बारे में ग्रामीणों ने  जिला प्रशासन को इसकी जानकारी दी। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देश पर स्वास्थ्य अमले ने बच्चे को जंगल से सुरक्षित निकालने और उपचार की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी उठाई। 
संजय को पहले नारायणपुर जिला अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ प्रारंभिक उपचार के बाद डॉक्टरों की सलाह पर उसे बेहतर इलाज के लिए रायपुर के डीकेएस अस्पताल रेफर किया गया। 
रायपुर डीकेएस में मासूम संजय को भर्ती कर उसका मेडिकल टेस्ट किया गया और अब उसका इलाज शुरू कर दिया गया है। ग्रामीणों ने इस संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन की सराहना की है। नारायणपुर कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगई ने कहा कि अबूझमाड़ के हर बच्चे और ग्रामीण तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पहुँचाना मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री की प्राथमिकता है। संजय के इलाज में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिला प्रशासन संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से काम कर रहा है।

 

तुलसी के बीज: वजन घटाने से डायबिटीज कंट्रोल तक के अद्भुत फायदे

08-Sep-2025
वजन घटाने में असरदार- तुलसी के बीज मोटापे से ग्रसित लोगों को अपनी डाइट में जरूर शामिल करने चाहिए। इन्हें खाने से काफी देर तक पेट भरा रहता है और आपको खाने की क्रेविंग कम होती है। भूख को कंट्रोल करने से वजन भी कम होता है। साथ ही फाइबर से भरपूर होने की वजह से तुलसी के बीज फैट को बर्न करने में मदद करते हैं।
गैस की समस्या में राहत- तुलसी के बीज तासीर में ठंडे होते हैं। इसलिए गर्मियों में इसे खाने से पेट ठंडा रहता है। इससे गैस एसिडिटी और जलन की समस्या कम होती है। 1 चम्मच सब्जा सीड्स को आप दूध में डालकर पी लें। गैस एसिडिटी से छुटकारा मिल जाएगा।
डायबिटीज में फायदेमंद- दूध के साथ सब्जा सीड्स यानि तुलसी के बीज खाने से शुगर को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। डायबिटीज के रोगियों के लिए तुलसी के बीज अच्छे माने जाते हैं। दिन में 1 बार इनका सेवन जरूर करें।
शरीर को ठंडक पहुंचाने में असरदार- गर्मियों में तुलसी के बीज का सेवन जरूर करें। इन्हें खाने से पेट ठंडा रहता है। सब्जा सीड्स में प्राकृतिक रूप से शरीर को ठंडा करने वाले गुण पाए जाते हैं। इन्हें जूस, मिल्कशेक या पानी में डालकर आप पी सकते हैं।
























 

स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा कदम : राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक मशीनरी का शुभारंभ

07-Sep-2025
रायपुर, ( शोर संदेश ) विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा विभाग मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज भारतरत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय राजनांदगांव परिसर में 12 करोड़ 5 लाख 92 हजार 500 रूपए की लागत के सीटी स्कैन मशीन का लोकार्पण किया। उल्लेखनीय है कि शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव परिसर में सीटी स्कैन मशीन लगने से जनसामान्य के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोत्तरी होगी। इस मशीन से मरीजों को त्वरित एवं सटीक जांच सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। 
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष एवं स्वास्थ्य मंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए मॉडल का अवलोकन किया। जिसमें तुरंत ओपीडी के लिए ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन के संबंध में जानकारी दी गई। इसके साथ ही सीटी स्कैन मशीन, एक्स-रे मशीन, सोनोग्राफी मशीन, स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं अन्य विभाग द्वारा रूचिकर मॉडल के माध्यम से नागरिकों को जानकारी प्रदान की गई।     
इस दौरान महापौर मधुसूदन यादव, अध्यक्ष सीजीएमएससी दीपक मस्के सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, चिकित्सा महाविद्यालय के डॉक्टर्स एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

इम्यूनिटी बढ़ाएँ और संक्रमण से बचें : मानसून डायबिटीज गाइड

05-Sep-2025
इम्यूनिटी बढ़ाने वाला खाना खाएं- बारिश के दौरान स्ट्रीट फूड लोगों को अच्छा लगता है, लेकिन ये खाना खराब होने का खतरा भी कहीं ज्यादा होता है। ऐसे में डायबिटीज के रोगियों को संक्रमण को रोकना कठिन हो सकता है। खाने में घर की बनी चीजें, एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर चीजें, पकी सब्जियां, खाएं। फल सब्जियों को अच्छी तरह धोकर खाएं।
पैरों की खास देखभाल करें- मधुमेह पीड़ितों को इस समय अपने पैरों की खास देखभाल करनी चाहिए। पैर गीले होने पर फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। इस मौसम में चोट लगने से भी बचाएं। पैरों को सूखा रखें। गीले सॉक्स न पहनें। पैरों के नाखून साफ और कटे हुए रखें। नंगे पैर चलने से बचें। आरामदायक जूते ही चुनें।
नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच- मानसून में नियमित रूप से अपने ब्लड शुगर की जांच रखें। खाने, व्यायाम या तनाव के स्तर में ग्लूकोज लेवल प्रभावित कर सकता है। मौसम में नमी और तापमान में परिवर्तन भी इंसुलिन संवेदनशीलता को प्रभावित कर सकते हैं। जिससे ब्लड शुगर कम या ज्यादा हो सकता है। इसलिए समय समय पर ब्लड शुगर की जांच करते रहें।
घर में कोई न कोई व्यायाम करें- इस मौसम में भी अपनी फिटनेस दिनचर्या को कम न होने दें, भले ही आपको घर के अंदर ही क्यों न व्यायाम करना पड़े। बारिश न हो तो बाहर जाकर वॉक करें। घर के अंदर लो इंटेंसिटि वाली एक्सरसाइज कर सकते हैं। जैसे 30 मिनट की छोटी कसरत या घर के अंदर रोजाना सुबह की वॉक कर लें इससे ब्लड शुगर मेंटेन रहेगा।

हाइड्रेटेड रहें- ह्यूमिडिटी के मौसम में डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ जाती है। जिससे ग्लूकोज का लेवल भी प्रभावित हो सकता है। इसलिए सुनिश्चित करें कि आप खूब पानी पीते रहें। भले ही आपको प्यास न लगे। हर्बल टी और इन्फ्यूज्ड पानी भी हाइड्रेशन में सहायता कर सकते हैं।

 



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