ब्रेकिंग न्यूज

स्वास्थ

राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने मैदान में झाड़ू लगाकर दिया स्वच्छता का संदेश

02-Oct-2025
रायपुरशोर संदेश )  सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत बुधवार को सुबह राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने दलदल शिवनी, रायपुर स्थित खेल मैदान एवं मिलन चौक परिसर में स्वयं सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया।
राजस्व मंत्री वर्मा ने झाड़ू लगाकर मैदान व आसपास की गंदगी साफ की और लोगों से अपील की कि सभी नागरिक स्वच्छता को जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा अभियान है। जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझेगा तभी स्वच्छ भारत का सपना साकार होगा।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, युवा और स्वयंसेवी संगठन भी शामिल हुए और सामूहिक रूप से सफाई अभियान में हिस्सा लिया। मंत्री वर्मा ने सभी को नियमित रूप से अपने आसपास सफाई बनाए रखने का संकल्प दिलाया।
 

वनांचल की बेटी रोशनी को मिला नया जीवन, चिरायु योजना बनी सहारा

02-Oct-2025
रायपुर,शोर संदेश ) सुदूर वनांचल की कठिन परिस्थितियों में रहने वाली रोशनी बैगा की जिंदगी अब अंधेरी दुनिया से बाहर निकलकर रोशनी से जगमग हो उठी है। कक्षा 6वीं की यह छात्रा, जो कस्तूरबा गांधी कन्या आवासीय छात्रावास, लोरमी में पढ़ाई करती है, चिरायु योजना की समय पर पहल और चिकित्सा दल के अथक प्रयासों से आज एक नई सुबह देख रही है।
छात्रावास में चिरायु दल–बी द्वारा किए गए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान रोशनी के हृदय में गंभीर समस्या का पता चला। जानकारी मिलते ही हॉस्टल अधीक्षिका ने उसके पिता शिवप्रसाद बैगा से संपर्क साधा और इलाज की प्रक्रिया समझाई। शुरुआत में संकोच और अनिश्चितता जरूर थी, लेकिन परिजनों की सहमति के बाद बच्ची को सत्य साईं हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां विशेषज्ञों ने ऑपरेशन की सलाह दी और तय दिन पर भर्ती कर एक सप्ताह से अधिक चले उपचार के बाद रोशनी स्वस्थ होकर घर लौटी।
इलाज की पूरी प्रक्रिया और अनुभव को रोशनी के पिता और मामा ने वीडियो संदेश के माध्यम से साझा किया। उन्होंने शासन, स्वास्थ्य विभाग और चिरायु दल के प्रति गहरी कृतज्ञता प्रकट की। उनका कहना था कि यह योजना उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं।
ज्ञात हो कि बैगा जनजाति के इस सुदूर क्षेत्र तक पहुंचना आसान नहीं था। चिरायु दल–बी को कई बार प्रयास करने पड़े, तब जाकर परिवार से संपर्क और विश्वास कायम हो पाया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला शाहा और जिला कार्यक्रम प्रबंधक (एनएचएम) गिरीश कुर्रे के मार्गदर्शन तथा समन्वित प्रयासों से यह उपचार निःशुल्क संभव हो सका।
यह कहानी सिर्फ एक बच्ची की जान बचाने की नहीं, बल्कि यह विश्वास जगाने की भी है कि सही समय पर मिली चिकित्सा सुविधा और शासन की संवेदनशील योजनाएँ दूरस्थ वनांचलों तक भी आशा की किरण पहुँचा सकती हैं।
 

बलौदाबाजार में मेगा स्वास्थ्य शिविर : 1098 मरीजों को मिला विशेषज्ञ उपचार

01-Oct-2025
रायपुर। ( शोर संदेश ) स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान अंतर्गत  स्वास्थ्य विभाग द्वारा सोमवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कटगी में जिला स्तरीय मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 1098 मरीजों ने पंजीयन कर विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टरों से जांच और उपचार का लाभ उठाया। इस अवसर पर पहली बार प्राथमिक स्तर पर ही सोनोग्राफी, फंडस कैमरा जांच, एक्स-रे और फिजियोथेरेपी जैसी आधुनिक सेवाएँ उपलब्ध कराई गईं, जिससे ग्रामीण मरीजों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएँ नजदीक ही मिल सकीं।
शिविर में स्त्री रोग, मेडिसिन, शिशु रोग, शल्य चिकित्सा, हड्डी रोग, नेत्र, ईएनटी, दंत और फिजियोथेरेपी के विशेषज्ञ मौजूद रहे। गर्भवती महिलाओं की जांच, सोनोग्राफी, नेत्र परीक्षण, बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण, हड्डी और दंत रोगों का उपचार समेत अनेक सेवाएँ दी गईं। शिविर के दौरान 14 मरीजों में मोतियाबिंद की पहचान कर उन्हें आगे की चिकित्सा के लिए चिह्नित किया गया, वहीं 30 मरीजों को मौके पर चश्मे वितरित किए गए। शिशु रोग विशेषज्ञों ने दो बच्चों में जन्मजात मस्तिष्क विकृति और एक में बाल लकवे की आशंका जताई, जिनका उपचार "चिरायु योजना" के तहत कराया जाएगा।
चिकित्सकों  द्वारा 700 से अधिक बीपी जांच और 600 से अधिक शुगर जांच की, वहीं 27 लोगों को आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए। एक कुष्ठ रोगी की पहचान भी इस शिविर के दौरान की गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश अवस्थी ने बताया कि इस तरह के शिविरों का उद्देश्य दूरस्थ ग्रामीण अंचलों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना है, ताकि मरीजों को बड़े शहरों तक न जाना पड़े। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रवि अजगले द्वारा स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए  कहा गया कि इस प्रकार के शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचने में अहम भूमिका निभाते हैं ।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक सृष्टि शर्मा ने कहा कि आगे भी समय-समय पर ऐसे शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर इलाज के लिए भटकना न पड़े और उन्हें आवश्यक उपचार स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सके।
 

 


उप मुख्यमंत्री अरुण साव की अगुवाई में महामाया मंदिर से अस्पताल तक सफाई

27-Sep-2025
रायपुर( शोर संदेश )   उप मुख्यमंत्री अरुण साव की अगुवाई में शुक्रवार को सेवा पखवाड़ा के तहत लोरमी नगर पालिका में ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान चलाकर सफाई की गई। इस दौरान लोरमी के महामाया मंदिर से लेकर 50 बिस्तर अस्पताल तक सफाई अभियान चलाया गया। उप मुख्यमंत्री साव के साथ मुंगेली के कलेक्टर कुन्दन कुमार, पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, जिला पंचायत के सीईओ प्रभाकर पाण्डेय और नगर पालिका के अध्यक्ष सुजीत वर्मा सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी श्रमदान किया।  
उप मुख्यमंत्री साव ने श्रमदान के बाद कहा कि हमारे स्वभाव व संस्कार में स्वच्छता का हमेशा स्थान रहा है। इस अभियान से सभी लोगों को प्रेरणा लेनी चाहिए। सभी संगठनों के एक-एक व्यक्ति द्वारा मेरा लोरमी, मेरा अभिमान की भावना से शहर को स्वच्छ बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। लोरमी स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बने, ऐसा एक-एक व्यक्ति का संकल्प हो। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2014 में हमारी सरकार बनने के बाद जो भावना आई है, उससे बच्चे भी स्वच्छता के प्रति जागरूक हुए हैं। हमें शहर को अपना घर मानकर चलना पड़ेगा। घर की ही तरह शहर को भी साफ रखेंगे तो हमारा लोरमी स्वच्छ और सुंदर हो जाएगा। 
साव ने लोरमीवासियों को ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान में समयबद्धता व उत्साह के साथ भाग लेने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने श्रमदान के बाद लोगों को स्वच्छता के प्रति सजग रहने, गंदगी नहीं करने तथा दूसरों को भी गंदगी करने से रोकने की शपथ दिलाई।  
















 

पीएम सुरक्षित मातृत्व अभियान: 2 दिन में 40 हजार गर्भवती महिलाओं की जांच

27-Sep-2025
रायपुर( शोर संदेश )  केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की महत्वाकांक्षी योजना “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में मातृत्व सुरक्षा को लेकर विशेष स्वास्थ्य सत्रों का आयोजन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के तहत 24 और 25 सितंबर को प्रदेश के 843 शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में आयोजित इन सत्रों में 40 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं ने भाग लिया। उन्हें निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, परामर्श और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
"छत्तीसगढ़ की महतारी, हम सबकी जिम्मेदारी" की थीम पर आधारित इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में मातृ मृत्यु दर को घटाना तथा उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय रहते पहचान कर उन्हें समुचित उपचार उपलब्ध कराना है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित इस अभियान ने न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच को और सुदृढ़ किया, बल्कि जनसहभागिता को प्रोत्साहित करते हुए मातृत्व सुरक्षा को लेकर जनजागरूकता भी बढ़ाई है।
इन सत्रों में हीमोग्लोबिन, रक्तचाप, वजन, रक्त परीक्षण, अल्ट्रासाउंड एवं पोषण परामर्श जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं दी गईं। इस दौरान लगभग 10 हज़ार से अधिक महिलाओं को ‘उच्च जोखिम गर्भावस्था’ (High-Risk Pregnancy) की श्रेणी में चिन्हित कर विशेषज्ञ चिकित्सकों के परामर्श और सतत निगरानी में लाया गया, जिससे संभावित जटिलताओं का समय रहते उपचार संभव हो सका।
अभियान अंतर्गत 6 हज़ार से अधिक महिलाओं की अल्ट्रासोनोग्राफी भी की गई। इससे जटिलताओं की समय पर पहचान और इलाज की दिशा में ठोस कार्रवाई संभव हुई। खासकर दूरस्थ अंचलों की महिलाओं के लिए यह सेवाएं विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध हुईं।
कार्यक्रम की निगरानी हेतु राज्य एवं जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा 187 सत्रों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया गया। सेवाओं की गुणवत्ता, प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और हितग्राहियों तक सेवा की वास्तविक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए यह निरीक्षण अहम रहा।
बिलासपुर जिले में हर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं पहुंचीं
इसी अभियान के अंतर्गत बिलासपुर जिले ने मातृत्व स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उदाहरण प्रस्तुत किया। फेडरेशन ऑफ ऑब्स्ट्रेट्रिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटीज़ ऑफ इंडिया और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सहयोग से जिले के हर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं पहुंचाई गईं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महतारी, हम सबकी जिम्मेदारी के संकल्प के साथ हमारी सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत दो दिनों में 40 हज़ार से अधिक गर्भवती महिलाओं की जांच और 10 हज़ार से अधिक उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान इस बात का प्रमाण है कि हमारी स्वास्थ्य सेवाएं दूरस्थ अंचलों तक भी प्रभावी रूप से पहुँच रही हैं। मातृ मृत्यु दर में कमी लाना और हर बहन को सुरक्षित मातृत्व उपलब्ध कराना हमारी प्रतिबद्धता है, तथा यह केवल स्वास्थ्य का प्रश्न नहीं बल्कि सशक्त परिवार और समृद्ध समाज की मजबूत नींव है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में जिस व्यापक स्तर पर गर्भवती महिलाओं की जांच, परामर्श और उपचार की सुविधा सुनिश्चित की गई है, वह मातृ स्वास्थ्य को लेकर हमारी सरकार की गंभीरता को दर्शाता है। दो दिनों में 40 हज़ार से अधिक महिलाओं की जांच और 10 हज़ार से अधिक उच्च जोखिम गर्भावस्थाओं की पहचान यह साबित करती है कि समय पर जांच और विशेषज्ञ सेवाओं से मातृ मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
गर्भवती महिलाओं को समय पर संपूर्ण जांच, परामर्श एवं उपचार की सुविधा देना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। इसके अंतर्गत स्थानीय चिकित्सकों के साथ-साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीमों ने महिलाओं की एनीमिया, रक्तचाप, शुगर स्तर, भ्रूण की स्थिति, वजन आदि की जांच की। साथ ही प्रसव पूर्व देखभाल, पोषण, सुरक्षित प्रसव और नवजात शिशु की देखभाल संबंधी जानकारी भी प्रदान की गई। इस पहल से न केवल मातृ मृत्यु दर में कमी आएगी, बल्कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं को पहली बार विशेषज्ञ सेवाएं सुलभ रूप से उपलब्ध कराई जा सकीं। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान प्रत्येक माह की 9 और 24 तारीख को आयोजित किया जाता है, लेकिन विभाग द्वारा “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार” अभियान को देखते हुए सितंबर माह में इसका दायरा तीन अतिरिक्त दिनों के लिए बढ़ाया गया है, ताकि एक भी गर्भवती महिला आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रह जाए।


























 

बलरामपुर में ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान: कृषि मंत्री नेताम ने किया सामूहिक श्रमदान

26-Sep-2025

 

रायपुर। शोर संदेश )  स्वच्छ भारत की परिकल्पना को साकार करने स्वच्छता अभियान तहत बलरामपुर स्थित बाजार परिसर में एक दिन-एक घंटा स्वच्छा ही सेवा अभियान के तहत कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने सामूहिक श्रम कर लोगों को स्वच्छता के लिए प्रेरित किया।मंत्री नेताम ने कहा कि स्वच्छता सिर्फ अभियान नहीं है, बल्कि इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा। स्वच्छता हर नागरिक का दायित्व है। इसके लिए हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने स्वच्छता के महत्व को बताते हुए कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास से हर कार्य आसानी से संभव है। हम सभी प्रतिदिन थोड़ी देर भी सफाई के लिए निकालें तो पूरा जिला स्वच्छ और साफ हो जाएगा। मंत्री नेताम ने कहा कि जब हम सब मिलकर एक दिन, एक घंटा, एक साथ-सफाई के लिए समय देंगे, तभी स्वच्छ जिला, राज्य और देश बनेगा। स्वच्छ वातावरण से न केवल बीमारियों से बचाव होता है, बल्कि समाज और राष्ट्र की प्रगति भी होती है। मंत्री नेताम ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले को स्वच्छ और सुंदर बनाने के प्रयास को सफल बनाने जिले के आम नागरिकों से स्वच्छता अभियान में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की है। इस दौरान कलेक्टर राजेंद्र कटारा, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर रमनलाल, रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष लोधीराम एक्का सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।


 

‘स्वच्छता ही सेवा’ पखवाड़ा: उप मुख्यमंत्री साव और अधिकारियों ने मिलकर लगाया झाड़ू

26-Sep-2025
रायपुरशोर संदेश ) उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज ‘स्वच्छता ही सेवा’ पखवाड़ा के अंतर्गत बिलासपुर नगर निगम द्वारा आयोजित सामूहिक श्रमदान में सहभागिता करते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय गार्डन और उसके आसपास के स्थानों की सफाई की और स्वच्छता का संदेश दिया। उप मुख्यमंत्री साव ने इससे पूर्व एकात्म मानववाद के प्रणेता, प्रसिद्ध विचारक एवं चिंतक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें सादर नमन किया। उन्होंने दीनदयाल गार्डन में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। साव ने गार्डन में विधायक धरमलाल कौशिक और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ झाड़ू लगाकर कचरा साफ किया। उन्होंने स्वच्छता दीदियों को साड़ी और किट भी वितरित किए। बिलासपुर नगर निगम की महापौर पूजा विधानी, सभापति विनोद सोनी, कलेक्टर संजय अग्रवाल, निगम आयुक्त अमित कुमार और जिला पंचायत के सीईओ संदीप अग्रवाल भी अभियान में शामिल हुए।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम में कहा की पंडित दीनदयाल उपाध्याय देश के बड़े विचारक और चिंतक थे। उन्होंने आधुनिक राजनीति को एक नई दिशा दी। देश की विरासत के अनुरूप हमारा देश तरक्की करे, ये उनका विचार था। उनकी विचारधारा के अनुरूप देश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आगे ले जा रहे हैं। पंडित उपाध्याय अंत्योदय के प्रणेता थे, जिनका मानना था कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक मिले। इस दिशा में आज पूरे देश में कार्य किए जा रहे हैं। पीएम आवास, आयुष्मान भारत योजना, सबके घरों में शौचालय, उज्जवला योजना इसका प्रमाण है। इन सभी योजनाओं से देश के जरुरतमंद परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। 
साव ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, बाबा साहेब अंबेडकर और पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने स्वच्छता को जीवन में सर्वोच्च स्थान दिया। इसका सीधा संबंध हमारी बेहतरी और स्वास्थ्य से है। भारत सरकार और राज्य सरकार स्वच्छता पर लगातार काम कर रही है। जनभागीदारी और सबके सहयोग से यह अभियान पूरा और सफल होगा। साव ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी नागरिकों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। उन्होंने पौधारोपण भी किया।
जीएसटी 2.0 पर व्यापारियों से की चर्चा
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने व्यापार विहार व्यापारी संघ के साथ बैठक कर जीएसटी 2.0 पर चर्चा की। उन्होंने इस दौरान बताया कि जीएसटी 2.0 ने बाजार पर भरोसा बढ़ाया है। आम जनता और व्यापारी इससे खुश हैं। जीएसटी 2.0 से खरीदारी सस्ती हुई है और देश में आर्थिक उत्साह बढ़ा है। जीएसटी में किए गए बदलाव पर व्यापारी संघ ने हर्ष जताया। साव ने बैठक के बाद पीएम स्वनिधि के हितग्राहियों को यूपीआई बॉक्स वितरित किए।  



 

छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास: सरकारी अस्पताल में हुआ देश का पहला बैकमैन टोटल फिजियोलॉजिकल पेसिंग

25-Sep-2025
रायपुर,( शोर संदेश ) प्रदेश में आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की उत्कृष्टता का प्रतीक, प्रदेश का सबसे पुराना और सबसे बड़ा पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय तथा इससे संबद्ध डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के डॉक्टरों की टीम ने जटिल उपचारों में लगातार ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए हैं जिन पर हर किसी को गर्व हो सकता है। ताज़ा उदाहरण एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट (एसीआई) के कार्डियोलॉजी विभाग में हुआ, जहाँ 68 वर्षीय महिला मरीज पर देश का छठा और किसी भी सरकारी संस्थान का पहला बैकमैन टोटल फिजियोलॉजिकल पेसिंग सफलतापूर्वक किया गया।
डॉक्टरों के अनुसार यह जटिल प्रक्रिया अब तक एम्स दिल्ली और पीजीआई चंडीगढ़ जैसे शीर्ष संस्थानों में भी नहीं की गई थी। बैकमैन टोटल फिजियोलॉजिकल पेसिंग का अर्थ है – हृदय की धड़कन को पूरी तरह प्राकृतिक कंडक्शन सिस्टम (conduction system) के जरिए नियंत्रित करना, ताकि मरीज को लंबे समय तक स्थिर और सुरक्षित हृदय गति मिल सके।
यहां ध्यान देने योग्य है कि अब तक एसीआई और अन्य सरकारी कार्डियक संस्थानों में लेफ्ट बंडल या हिज़ बंडल में लीड लगाने के कई केस हो चुके हैं, लेकिन राइट एट्रियम यानी बैकमैन बंडल में लीड लगाने का यह पहला मामला है। इससे हृदय के दोनों चैम्बर्स की धड़कनें प्राकृतिक विद्युत मार्ग (conduction system) से संचालित होती रहती हैं।
एसीआई के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव ने बताया कि रायपुर निवासी यह मरीज सिक साइनस सिंड्रोम नामक गंभीर हृदय रोग से पीड़ित थी। इस रोग में हृदय को धड़कन देने वाली कोशिकाएँ (पेसमेकर कोशिकाएँ) क्षतिग्रस्त हो जाती हैं और धड़कन अनियमित हो जाती है। सामान्यतः ऐसे मामलों में वेंट्रिकुलर या लेफ्ट बंडल पेसिंग की जाती है, लेकिन इस मरीज का हृदय कमजोर था और एट्रियल रिद्म भी अनियमित थी। केवल वेंट्रिकुलर पेसिंग करने से हार्ट फेल्योर और तेज धड़कन का खतरा था।
इसी कारण एसीआई की टीम ने बैकमैन टोटल फिजियोलॉजिकल पेसिंग का निर्णय लिया। इस प्रक्रिया में हृदय की प्राकृतिक विद्युत संरचना के एट्रियम भाग में पेसमेकर की लीड लगाई गईं। यह तकनीक हृदय को उसके स्वाभाविक ढंग से धड़कने में मदद करती है और हार्ट फेल्योर का जोखिम बेहद कम कर देती है।
इस तरह संपन्न हुई प्रक्रिया
सबसे पहले लेफ्ट बंडल की स्थिति का इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी मैपिंग किया गया। फिर ठीक उसी तरह राइट एट्रियम के बैकमैन बंडल की मैपिंग कर लीड इंप्लांट की गई। इस तरह पूरा पेसिंग सिस्टम प्राकृतिक ढंग से काम करने लगा।
उपचार करने वाली टीम में कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव, डॉ. एस. के. शर्मा, डॉ. कुणाल ओस्तवाल, डॉ. अनुराग कुजूर और डॉ. वेद प्रकाश शामिल थे। यह उपचार मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत किया गया, जिसमें योजना का लाभ दिलाने में मेडिको सोशल वर्कर खोगेंद्र साहू का विशेष योगदान रहा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट द्वारा किया गया यह सफल उपचार छत्तीसगढ़ की चिकित्सा सेवाओं के उच्च स्तर और निरंतर प्रगति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल अब केवल सामान्य उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्वस्तरीय जटिल प्रक्रियाओं को भी सफलतापूर्वक अंजाम दे रहा है। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों की टीम को साधुवाद देते हुए कहा कि यह उपलब्धि न केवल मरीजों के जीवन को नई आशा देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी संस्थान चिकित्सा विज्ञान में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट, रायपुर द्वारा किया गया यह जटिल उपचार प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे की मजबूती और चिकित्सकों की उत्कृष्ट क्षमता का परिचायक है। उन्होंने कहा कि अब छत्तीसगढ़ के मरीजों को अत्याधुनिक कार्डियक प्रक्रियाओं के लिए महानगरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि हर नागरिक को मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से निःशुल्क और उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध हों। स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सक दल को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय चिकित्सा मानचित्र पर और अधिक प्रतिष्ठित करेगी।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022-23 में इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी के सर्वाधिक मामलों के उपचार में एसीआई देशभर में पाँचवें स्थान पर रहा है।





 

स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार अभियान के तहत हजारों महिलाओं ने बढ़ाया कदम

25-Sep-2025
रायपुर ( शोर संदेश )। ‘स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार’ अभियान के अंतर्गत आज पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में महिला स्वास्थ्य सम्मेलन दिवस का राज्यस्तरीय आयोजन बड़े उत्साह और व्यापक सहभागिता के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और मातृत्व संबंधी समग्र सेवाएं प्रदान करते हुए उन्हें जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना था।
राज्य के सुदूर ग्रामीण अंचलों से लेकर नगरीय क्षेत्रों तक फैले इस व्यापक अभियान में हजारों महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। स्वास्थ्य जांच शिविरों, टीकाकरण सत्रों, पोषण संवादों और जनजागरूकता गतिविधियों में महिलाओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
कार्यक्रम के तहत आयोजित VHSND (Village Health Sanitation and Nutrition Day) सत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा महिलाओं की हीमोग्लोबिन, रक्तचाप और शर्करा स्तर की जांच की गई। । इस दौरान 1,889 गर्भवती महिलाओं को आवश्यक टीकाकरण, पोषण संबंधी परामर्श तथा आयरन और कैल्शियम की खुराक प्रदान की गई। किशोरी बालिकाओं को मासिक धर्म स्वच्छता, सेनेटरी नैपकिन के प्रयोग और संक्रमण से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि संतुलित आहार, स्वच्छ जल, नियमित जांच और व्यायाम से कैसे अनेक रोगों की रोकथाम संभव है। पोषण शिक्षा, स्वच्छता व्यवहार और मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उपायों पर विशेष बल दिया गया।
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार:
6447 शिशुओं की स्वास्थ्य जांच 
23,000 से अधिक  टीकाकरण 
बड़ी संख्या में किशोरी बालिकाओं को मासिक धर्म प्रबंधन पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुसार, आगामी सप्ताह तक सभी जिलों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में विशेष रूप से हाई-रिस्क प्रेगनेंसी, कुपोषण और अन्य जटिल स्वास्थ्य स्थितियों से ग्रस्त महिलाओं की गहन जांच की जाएगी।
यह कार्यक्रम न केवल चिकित्सकीय सेवाओं का विस्तार करता है, बल्कि महिलाओं को उनके स्वास्थ्य अधिकारों, जरूरतों और आत्मनिर्भरता के प्रति भी सजग करता है। स्वास्थ्य के साथ सामाजिक सशक्तिकरण को जोड़ते हुए यह पहल प्रदेश की महिलाओं के समग्र विकास की दिशा में एक सशक्त कदम है।










 

‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान के तहत पेण्ड्रा में स्वास्थ्य शिविर आयोजित

24-Sep-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार‘ अभियान के अंतर्गत बहुद्देशीय हायर सेकेण्डरी स्कूल, पेण्ड्रा के सभा कक्ष में महिला स्वास्थ्य सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मण्डावी की उपस्थिति में आयोजित किया गया। उन्होंने संबोधन में कहा कि जिले के 169 गांवों को आदि कर्मयोगी अभियान में शामिल किया गया है, जिसमें प्रत्येक गांवों से न्यूनतम 20 आदि सहयोगी वालिंटियर के रूप में चयन किया जाना था। 
गौरतलब है कि इस अभियान का उद्देश्य 2030 में अपने गांवों को कैसा दिखना चाहिए, इसके लिए ट्रायबल विलेज विजन तैयार करना है, जिसमें गांवों की संस्कृति, ऐतिहासिक, धार्मिक महत्व और समस्याओं के बारे में भी ट्रायबल विलेज विजन में उल्लेख कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि पंचायतों को आदि सेवा केंद्र के रूप में स्थापित की गई है, जिसमें शिकायत संबंधी आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हर महिला को स्वस्थ रहना चाहिए, क्योंकि जब महिलाएं स्वस्थ रहेंगी तभी परिवार स्वस्थ रहेगा। महिला दोहरे कार्यों में शामिल होती हैं, और वे घर के कामों के अलावा अन्य गतिविधियों में भी अपना योगदान देती हैं। ऐसी सभी महिलओं को स्वस्थ रहने की जरूरत है। उन्होंने सभी महिलाओं को स्वस्थ रहने की सुखद कामना की और राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस, बाल विवाह और स्वस्थ नारी सशक्त परिवार के संबंध में शपथ दिलाई।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा महिलाओं को एनीमिया, सिकल सेल, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मानसिक स्वास्थ्य, स्तन एवं सर्वाइकल कैंसर, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, माहवारी स्वच्छता एवं देखभाल की जानकारी दी गई। सम्मेलन में आदि कर्मयोगी महिलाओं को कर्मयोगी किट प्रदान किया गया। सम्मेलन में स्वास्थ्य जांच, परामर्श एवं उपचार शिविर में 203 महिलाओं एवं बच्चों की स्वास्थ्य जांच और उपचार किया गया।
इस सम्मेलन में 169 ग्रामों की आदि कर्मयोगी महिलाओं और महिला जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, जिला पंचायत सदस्य बुंद कुंवर मास्को, राधा रैदास, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे सहित जनप्रतिनिधि, चिकित्सक एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।





















 



kalyan chart

Feedback/Enquiry



Log In Your Account