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वंदे भारत स्लीपर का रूट तय! मुंबई से दिल्ली के बीच चलेगी ट्रेन

04-Sep-2024
मुंबई।  ( शोर संदेश )   देश की पहली स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का दीदार तो हो ही चुका है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इस ट्रेन का बेंगलुरु में अनावरण किया गया। इसके स्टेटिक ट्रायल भी शुरू हो चुके हैं, जो दस दिनों तक चलेंगे। इस ट्रायल में ट्रेन के सॉफ्टवेयर इत्यादि का ट्रायल होगा। दूसरी ओर, 9 अगस्त के दिन रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन द्वारा मुंबई से अहमदाबाद के बीच 20 डिब्बों की वंदे भारत एक्सप्रेस का 130kmph की रफ्तार से सफल ट्रायल हुआ। इसके अलावा मुंबई से दिल्ली के बीच 160kmph रफ्तार से ट्रेन दौड़ाने वाली परियोजना का काम पूरा हो चुका है। ये सभी संकेत इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि देश की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस स्लीपर मुंबई से दिल्ली रूट पर चलाई जा सकती है।
नई वंदे भारत के अनावरण के दौरान रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह ट्रेन राजधानी जैसी ट्रेनों का विकल्प बनेगी। फिलहाल, मुंबई से दिल्ली के बीच करीब 16 घंटों में राजधानी एक्सप्रेस दौड़ती है, भविष्य में वंदे भारत स्लीपर 12 घंटों में दौड़ेगी।
'मिशन रफ़्तार' की होगी शुरुआत
वंदे भारत स्लीपर के अनावरण के दौरान बताया गया यह ट्रेन 160kmph की रफ्तार से चल सकती है। पांच साल पहले मुंबई से दिल्ली के बीच 160 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन चलाने के लिए 'मिशन रफ्तार' परियोजना की शुरुआत हुई थी। 1,478 रूट किमी और 8 हजार करोड़ रुपये के इस प्रॉजेक्ट से जुड़े काम पूरे हो चुके हैं। मिशन से जुड़े अधिकारी ने बताया कि मुंबई से अहमदाबाद तक 130kmph की गति से सफल ट्रायल हो चुका है। इसके बाद कई चरणों में और अलग-अलग सेक्शन में 160 kmph के साथ ट्रायल होंगे। स्पीड से ट्रेन दौड़ाने के लिए पूरे रूट पर पटरियों के दोनों छोर पर फेंसिंग जरूरी है। पूरे रूट का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा यानी 792 रूट किमी पश्चिम रेलवे के अधिकार क्षेत्र में है और इस पूरे हिस्से में कैटल फेंसिंग और वॉल फेंसिंग का काम लगभग पूरा हो चुका है।
कवच से होगा सुरक्षित
ट्रेनों की स्पीड के साथ उनकी सेफ्टी को बढ़ाने के लिए पूरे रूट पर भारतीय रेलवे की 'कवच' तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। जिन ट्रेन में कवच लगा हो, उनका आमने-सामने से टकराना असंभव है, क्योंकि टकराने से पहले ट्रेन में ऑटोमैटिक ब्रेक लग जाएंगे। दिसंबर, 2022 में पश्चिम रेलवे पर 735 किमी पर 90 इंजन में कवच लगाने के लिए 3 कॉन्ट्रैक्ट अवॉर्ड हुए थे, जिनका काम पूरा हो चुका है। पश्चिम रेलवे पर इस तकनीक का सफल ट्रायल हो चुका है। अब तक वड़ोदरा-अहमदाबाद सेक्शन में 62 किमी, विरार-सूरत पर 40 किमी और वडोदरा-रतलाम-नागदा सेक्शन में 37 किमी पर ट्रायल हो चुका है।

 


विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया के टिकट पक्के, सीटें भी तय; यहां से मुकाबला

04-Sep-2024
भारतीय    ( शोर संदेश ) पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया हरियाणा में कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। उनकी सीटें तय हो गई हैं। विनेश फोगाट हरियाणा की जुलाना से और बजरंग पुनिया बादली से चुनाव लड़ेंगे। बुधवार को इससे पहले विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से मुलाकात की थी। बजंरग पुनिया और विनेश फोगाट 2023 में भाजपा के पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ के तत्कालीन प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन का हिस्सा थे। 
लंबे समय से अटकलें लगाई जा रही थीं कि विनेश और बजरंग पुनिया कांग्रेस के टिकट पर हरियाणा विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। इसी क्रम में बुधवार को उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की। अब कंफर्म हो गया है कि विनेश जुलाना और बजरंग पुनिया बादली सीट से चुनाव लड़ेंगे। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस शुरू में चाहती थी कि विनेश गुड़गांव के पास किसी सीट से चुनाव में उतरे लेकिन, विनेश जुलाना से ही चुनाव लड़ना चाहती थीं।
विनेश फोगाट ने पिछले दिनों किसान आंदोलन के 200 दिन पूरे होने पर किसानों के प्रति अपना समर्थन भी जताया था। वह शंभू बॉर्डर पर पहुंची थीं। जब विनेश से राजनीति में कदम रखने का सवाल पूछा गया तो जवाब में उन्होंने कहा था कि चुनाव लड़ेंगी या नहीं, अभी नहीं बता सकतीं लेकिन, वह किसानों को अपना पूरा समर्थन करती हैं।
बता दें कि पेरिस ओलंपिक 2024 में विनेश 50 किलोग्राम रेसलिंग प्रतियोगिता में मेडल से चूक गई थीं। सिल्वर मेडल पक्का करने के बाद जिस दिन उनका गोल्ड के लिए फाइनल मुकाबला था, वह मुकाबले से पहले ही 100 ग्राम अधिक वजन के कारण प्रतियोगिता से बाहर हो गईं। इस वजह से उन्हें कोई भी मेडल नहीं मिल पाया। इस घटना के एक दिन बाद 8 अगस्त को विनेश ने कुश्ती से संन्यास की घोषणा की थी।
कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति ने हरियाणा की 90 में से 66 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नामों को मंजूरी दे दी है। हालांकि, नामों की घोषणा नहीं की गई है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, उम्मीदवारों की सूची एक या दो दिन में जारी होने वाली है। हरियाणा में विधानसभा चुनाव के लिए 5 अक्टूबर को मतदान होगा। वोटों की गिनती 8 अक्टूबर को होगी।
 

स्टेटहुड, बेरोजगारी... राहुल गांधी ने पहली ही रैली में सेट कर दिया जम्मू-कश्मीर का चुनावी एजेंडा

04-Sep-2024
जम्मू।    ( शोर संदेश )   लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने जम्मू-कश्मीर में मेगारैली संबोधित करते हुए कांग्रेस के चुनावी अभियान की शुरुआत की. जम्मू-कश्मीर के रामबन की रैली में राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस पर निशाना साधा. इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर के राज्य दर्जे, बेरोजगारी, बिजली समस्या और देश में फैली नफरत पर बात की. 
राहुल गांधी ने कहा, "भारत के इतिहास में पहली बार राज्य का दर्जा छीना गया है. एक राज्य को खत्म कर दिया गया और लोगों के अधिकार छीन लिए गए." उन्होंने आगे कहा कि पूरे देश में बीजेपी और आरएसएस के लोग नफरत और हिंसा फैला रहे हैं. उनका काम नफरत फैलाने का है और हमारा काम मोहब्बत फैलाने का है. वो तोड़ते हैं और हम जोड़ते हैं. नफरत को मोहब्बत से ही हराया जा सकता है. अंत में मोहब्बत की ही जीत होती है. पहले नरेंद्र मोदी छाती फैलाकर आते थे और अब झुककर आते हैं. हिंदुस्तान के इतिहास में पहली बार स्टेटहुड छीना गया है.
'पहला काम राज्य का दर्जा वापस दिलाना'
राहुल गांधी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि आपका राज्य ही नहीं छीना गया है, आपके अधिकार, आपकी संपत्ति, सब कुछ आपसे छीना जा रहा है. 1947 में हमने राजाओं को हटाकर लोकतांत्रिक सरकार बनाई, हमने देश को संविधान दिया. आज जम्मू-कश्मीर में राजा हैं, उनका नाम एलजी है.
राहुल गांधी ने कहा, "हमारा पहला कदम जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस दिलाना होगा. हम चाहते थे कि चुनाव से पहले आपको राज्य का दर्जा मिले और चुनाव जम्मू-कश्मीर के राज्य बनने के बाद हों. बीजेपी ऐसा नहीं चाहती, वे चाहते थे कि पहले चुनाव हो जाएं और फिर राज्य के दर्जे पर बात हो. बीजेपी चाहे या न चाहे, इंडिया गठबंधन उन पर दबाव बनाएगा और जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा मिलेगा."
 

बंगाल में दुष्कर्म की सजा होगी मौत! विधानसभा में ममता सरकार ने पेश किया बिल

03-Sep-2024
 ( शोर संदेश )   मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार ने मंगलवार (3 सितंबर) को पश्चिम बंगाल विधानसभा में महिला सुरक्षा पर एक बिल पेश किया. इसके जरिए दुष्कर्म के दोषियों को फांसी की सजा देने का प्रावधान किया गया है. टीएमसी सरकार ने विधानसभा में ‘अपराजिता महिला एवं बाल विधेयक' पेश किया है. इस बिल के तहत बलात्कार पीड़िता की मौत होने की सूरत में दोषियों के लिए मृत्युदंड का प्रावधान है. मौजूदा कानूनों में बदलाव के बाद इस बिल को पेश किया गया है. 
दरअसल, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के आरजी कर मेडिकल एंड हॉस्पिटल में महिला डॉक्टर के साथ रेप-मर्डर मामले को लेकर ममता सरकार बैकफुट पर है. कोलकाता केस के बाद ममता बनर्जी ने ऐलान किया था कि वह दुष्कर्म को लेकर कानून बनाएंगी. इसे लेकर उन्होंने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का भी ऐलान किया था. ममता ने कहा था कि वह भी चाहती हैं कि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिले. बीजेपी ने विधानसभा में पेश हुए इस बिल को लेकर अपनी सहमति व्यक्त की है.
अपराजिता महिला एवं बाल विधेयक की बड़ी बातें क्या हैं? 
पश्चिम बंगाल विधानसभा में पेश हुए अपराजिता महिला एवं बाल विधेयक बिल की तीन प्रमुख बाते हैं, जो दुष्कर्म के दोषियों को कड़ी सजा देने का प्रावधान कर रही हैं. 
    किसी महिला का दुष्कर्म करने के बाद अगर उसकी हत्या कर दी जाती है तो ऐसा करने वाले दोषी को मृत्युदंड दिया जाएगा. 
    किसी महिला के साथ दुष्कर्म किया गया तो इस अपराध को अंजाम देने वाले दोषी को आजीवन कारावास की सजा दी जाएगी. 
    किसी नाबालिग के साथ दुष्कर्म होता है तो उसके आपराधिक दोषी को 20 साल की कैद और मौत की सजा दोनों का प्रावधान है. 
इस बिल की ये तीन बड़ी बातें हैं, जिसे केंद्र सरकार के कानून में संशोधन के बाद पेश किया गया है. केंद्र सरकार का दुष्कर्म को लेकर जो कानून है, उसमें पूरी तरह से बदलाव नहीं किया जाएगा. मगर इस नए कानून के जरिए 21 दिनों में न्याय सुनिश्चित होगा. अगर 21 दिनों में फैसला नहीं आ पाता है तो पुलिस अधीक्षक की इजाजत से 15 दिन और मिल जाएंगे. यह समवर्ती सूची में है और हर राज्य को संशोधन करने का अधिकार है. 
कानून बनाने के लिए राज्यपाल के पास भेजा जाएगा बिल
विधानसभा से बिल पास होने के बाद राज्यपाल के पास भेजा जाएगा, जिनके हस्ताक्षर के बाद ये कानून का रूप लेगा. इस बात की उम्मीद है कि राज्यपाल सीवी आनंद बोस को बिल को साइन करने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए. राज्य का कानून राज्यपाल की मंजूरी से ही बनता है. अगर राज्यपाल की राय इस बिल को कानून में तब्दील करने को लेकर नहीं बन पाती है तो वह इसे राष्ट्रपति के पास भेज सकते हैं. हालांकि, राज्यपाल से मंजूरी लेना ही इसे राज्य में कानून बनाने के लिए पर्याप्त है. 
 

गोगामेड़ी जा रहे 7 श्रद्धालुओं की मौत, मरने वालों में बच्चा भी शामिल, 9 अन्य श्रद्धालु घायल

03-Sep-2024
 ( शोर संदेश )    हरियाणा के हिसार जिले के नरवाना शहर में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें 7 श्रद्धालुओं की जान चली गई। यह हादसा सोमवार और मंगलवार की देर रात हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर गांव बिधराना के पास हुआ, जब कुरुक्षेत्र के मर्चहेड़ी गांव से राजस्थान के गोगामेड़ी जा रहे श्रद्धालुओं की टाटा-एस गाड़ी को पीछे से एक ट्रक ने टक्कर मार दी। इस हादसे में मरने वालों में एक बच्चा भी शामिल है। हादसे में 9 अन्य श्रद्धालु घायल हो गए हैं।
पुलिस के अनुसार, कुरुक्षेत्र के मर्चहेड़ी गांव से करीब 15 लोग सोमवार शाम को एक टाटा-एस वाहन में राजस्थान के गोगामेड़ी जाने के लिए रवाना हुए थे। इस समूह में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। रात लगभग एक बजे, जब इनका वाहन हिसार-चंडीगढ़ हाईवे-152 पर नरवाना के गांव बिधराना और शिमला के बीच पहुंचा, तो लकड़ी से लदे एक ट्रक ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर के प्रभाव से टाटा-एस वाहन सड़क से नीचे गड्ढों में पलट गया। हादसे के बाद घायलों की चीख पुकार सुनकर हाईवे पर गुजर रहे अन्य वाहन चालकों ने उनकी मदद करने की कोशिश की, लेकिन अंधेरा होने के कारण उन्हें मुश्किलें आईं। बाद में, नरवाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सात एंबुलेंस की सहायता से सभी घायलों को नरवाना के सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने सात लोगों को मृत घोषित कर दिया। घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत अग्रोहा रेफर कर दिया गया।
 

तेलंगाना-आंध्र में कहर बनकर आसमान से बरस रही बारिश, अब तक 31 लोगों की मौत; 432 ट्रेनें रद्द

03-Sep-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )   तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में लगातार तीसरे दिन मूसलधार बारिश हुई। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नदियां-नाले उफान पर हैं। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया है, फसलों को नुकसान पहुंचा है। सड़क और रेलमार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। कई स्थानों पर पटरियों पर जलभराव और ट्रैक क्षतिग्रस्त होने के कारण 432 ट्रेनें रद की गई हैं जबकि 139 के मार्गों में फेरबदल किया गया।
बारिश की वजह से 1.5 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र की फसलों पहुंचा नुकसान 
एनडीआरएफ, सेना समेत अन्य एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। तेलंगाना में इस प्राकृतिक आपदा से 16 और आंध्र प्रदेश में 15 लोगों की मौत हो गई। 1.5 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र की फसलों को नुकसान पहुंचा है। राज्य सरकार ने करीब 5,000 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है और केंद्र से तत्काल 2,000 करोड़ की सहायता मांगी है। साथ ही बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है। आंध प्रदेश में भी बाढ़ से करीब 4.5 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।
तेलंगाना में तीन दशक बाद ऐसी बाढ़ आई
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने बाढ़ में मारे गए लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से प्रभावित इलाकों का दौरा करने और बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ से हुए नुकसान पर केंद्र को एक व्यापक रिपोर्ट सौंपेगी। खम्मम जिले में बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है। तीन दशक बाद यहां ऐसी बाढ़ आई है।
अगले 24 घंटों में इन जिलों में हो सकती है झमाझम बारिश 
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में आदिलाबाद, जगित्याल, कामारेड्डी, कोमाराम भीम आसिफाबाद, मेडक, मेडचल मलकाजगिरी, निजामाबाद, पेड्डापल्ली, संगारेड्डी समेत 11 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। उधर, आंध्र प्रदेश में पिछले तीन दिनों में हुई जोरदार बारिश और बाढ़ से 4.5 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। 31,238 लोगों को 166 राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। सबसे अधिक प्रभावित जिलों में एनटीआर, गुंटूर, कृष्णा, एलुरु, पालनाडु, बापटला और प्रकाशम शामिल हैं।
एसडीआरएफ की 20 और एनडीआरएफ की 19 टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। एनडीआरएफ की नौ और एसडीआरएफ की दो और टीमें सर्वाधिक प्रभावित विजयवाड़ा के लिए रवाना हो गई हैं। गुंटूर और एनटीआर के प्रभावित क्षेत्रों में खोज और बचाव कार्यों के लिए वायु सेना के दो हेलीकाप्टर तैनात किए गए हैं। बाढ़ से 20 जिलों में करीब 1.65 लाख हेक्टेयर फसलों को नुकसान पहुंचा है।

ब्रुनेई-सिंगापुर की यात्रा के लिए आज रवाना होंगे पीएम मोदी, सेमीकंडक्टर-फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर फोकस

03-Sep-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )   दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के साथ अपने रिश्तों को सुधारने की नई कोशिश में जुटे भारत के पीएम नरेन्द्र मोदी मंगलवार को ब्रुनेई और सिंगापुर की तीन दिवसीय यात्रा पर रवाना होंगे। इन दोनों के साथ पीएम मोदी भारत के रक्षा, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी सेक्टर में रिश्तों को प्रगाढ़ करने के लिए विमर्श करेंगे।
सिंगापुर में पीएम मोदी 04-05 सितंबर को रहेंगे और इस दौरान भारत व सिंगापुर के बीच सेमीकंडक्टर निर्माण व डिजिटल भुगतान क्षेत्र में दो अहम समझौते होने की संभावना है। विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) जयदीप मजूमदार का कहना है कि भारत व सगापुर के रिश्ते बहुत बड़े विस्तार के लिए तैयार है।
रक्षा क्षेत्र पर है ब्रुनेई का ध्यान
पीएम मोदी की यात्रा के दौरान कुछ अहम घोषणाएं होने की चर्चा है। ब्रुनेई के साथ भारत ऊर्जा व रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं को देख रहा है। ब्रुनेई ने हाल के वर्षों में रक्षा क्षेत्र पर ज्यादा ध्यान देना शुरू किया है और उसने भारत को करीबी सहयोग के लिए संदेश भी भेजा है। मजूमदार ने बताया है कि रक्षा क्षेत्र में एक कार्य समूह के गठन को लेकर भी दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है। यह रक्षा संबंधों की दिशा देने वाला साबित होगा।
ब्रुनेई से भारत कच्चे तेल की खरीद भी करता है। तेल उत्खनन क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावना तलाशी जा रही है।पीएम बुधवार और गुरुवार को सिंगापूर में होंगे जहां उनकी पीएम लारेंस वोंग के साथ बातचीत होगी।
यह भारतीय पीएम की तकरीबन छह वर्ष बाद सिंगापुर की यात्रा होगी। अपने तीसरे कार्यकाल के आरंभ में ही सिंगापुर यात्रा पर जा कर पीएम मोदी यह दोनों देशों के रिश्तों को और प्रगाढ़ करने का संकेत दे रहे हैं। मजूमदार ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों मे भारत व सिंगापुर के रिश्ते हर क्षेत्र में मजबूत हुए हैं।
रक्षा क्षेत्र में लगातार सहयोग बढ़ रहा है। आर्थिक संबंध भी प्रगाढ़ हो रहे हैं। एक हफ्ते पहले ही भारत सिंगापुर मंत्रिस्तरीय बैठक हुई है जिसमें हिस्सा लेने के लिए मोदी कैबिनेट के विदेश मंत्री, वित्त मंत्री, उद्योग व वाणिज्य मंत्री और आइटी व इलेक्ट्रोनिक्स मंत्री सिंगापुर गये थे।
डिजिटलीकरण और एडवांस मैन्यूफैक्चरिंग को लेकर बनी सहमति
इस तरह की सरकार के स्तर पर बैठक भारत किसी अन्य दूसरे देश के साथ आयोजित नहीं करता। मजूमदार ने बताया कि, “इस बैठक में कुछ भविष्य के सहयोग के नये क्षेत्रों की पहचान की गई है। डिजिटलीकरण और एडवांस मैन्यूफैक्चरिंग दो ऐसे क्षेत्र हैं जहां सहयोग की अपार संभआवनाओं को लेकर सहमति बनी है।

 


हरियाणा में सड़क हादसे में सात श्रद्धालुओं की मौत, तेज रफ्तार ट्रक ने मैजिक को मारी टक्कर, 10 घायल

03-Sep-2024
हरियाणा  ( शोर संदेश )   में एक बड़ा सड़क हादसा हो गया. हादसे में सात लोगों की मौत हो गई. मृतकों में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. हमले में 10 लोग घायल हो गए. घायल अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज जारी है. घटना हरियाणा के जींद की है. 
यह है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, जींद के हिसार-चंडीगढ़ हाइवे पर बिधराना गांव के पास सोमवार-मंगलवार की रात एक ट्रक ने अपने आगे चल रहे टाटा मैजिक को टक्कर मार दी. टक्कर के कारण टाटा मैजिक पलट कर सड़क किनारे गड्ढों में गिर गया. टाटा मैजिक में सवार सात लोगों की मौत हो गई. हादसे मे 10 लोग घायल भी हुए, जिनका इलाज जारी है. पुलिस के मुताबिक. शुरुआती जांच में सामने आया है कि लोग कुरुक्षेत्र जिले के मर्चहेड़ी गांव के रहने वाले हैं. वे सोमवार शाम को टाटा मैजिक से राजस्थान के गोगामेड़ी धाम जा रहे थे. 
पुलिस ने आगे बताया कि रात साढ़े 12 बजे वह बिधराना गांव के पास ही पहुंचे थे कि तभी एक तेज रफ्तार ट्रक ने टाटा मैजिक को टक्कर मार दी. टक्कर से टाटा मैजिक अनबैलेंस हो गया और सड़क किनारे गड्ढे में पलट गया. हादसे के कारण घटनास्थल पर हंगामा हो गया. आसपास के लोग भी मौके पर इकट्ठा हो गए लेकिन अंधेरा होने के कारण लोग कुछ कर नहीं पाए. लोगों के इसके बाद पुलिस को कॉल किया. कॉल पर उन्होंने हादसे की जानकारी दी. 
हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई. पुलिस ने देखा कि वह पूरा इलाका खून से लथपथ था. घायल दर्द से कराह रहे थे. उनके बर्तन और खाने-पीने की चीजें फैल गईं. हालत ऐसी थी कि मौके पर सात एंबुलेंसों को बुलाना पड़ गया. लोगों को नरवाना सिविल अस्पताल ले गए. डॉक्टरों ने वहां सात लोगों को मृत घोषित कर दिया.  प्राथमिक इलाज के बाद घायलों को सिविल अस्पताल से अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया. 
 

यूपी में 2.45 लाख कर्मचारियों की सैलरी लेने का आदेश लिया वापस

03-Sep-2024
लखनऊ।  ( शोर संदेश )  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के करीब 2.45 लाख कर्मचारियों का वेतन रोक दिया था। दरअसल, यूपी सरकार ने सभी राज्य कर्मचारियों को मानव संपदा पोर्टल पर अपनी संपत्तियों का ब्योरा देने को कहा था। सख्ती के बाद भी 2.45 लाख राज्य कर्मचारियों ने संपत्तियों का ब्योरा नहीं दिया। विभागों की रिपोर्ट के मुताबिक ऐसे कर्मचारियों का अगस्त महीने का वेतन रोक दिया गया था।
71% कर्मियों ने दी सम्पत्तियों की जानकारी
मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने राज्य कर्मियों को 31 अगस्त तक अनिवार्य रूप से मानव सम्पदा पोर्टल पर चल और अचल संपत्तियों का ब्योरा देने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद सभी कर्मियों ने अपनी संपत्तियों का ब्योरा ऑनलाइन नहीं किया है। मिली जानकारी के मुताबिक मात्र 71 फीसदी कर्मियों ने ही अपनी सम्पत्तियों की जानकारी ऑनलाइन की है। प्रदेश के सरकारी विभागों में 846640 राज्य कर्मचारी हैं। मुख्य सचिव के आदेश के बाद भी 602075 कर्मियों ने ही मानव सम्पदा पोर्टल पर अपनी संपत्तियों का ब्योरा ऑनलाइन दर्ज किया है।
सैलरी रोकने की लिस्ट में शिक्षक नहीं हैं शामिल
मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया था कि सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को भी आईएएस और पीसीएस की तर्ज पर ऑनलाइन अपनी संपत्तियों का ब्योरा देना होगा। इसमें शिक्षकों के साथ निगमों और स्वायत्तशासी संस्थाओं में कार्यरत कर्मियों को शामिल नहीं किया गया था। मुख्य सचिव के आदेश के बाद भी कर्मियों ने संपत्तियों का ब्योरा देने में दिलचस्पी दिखाई है।

'कंधार हाइजैक' वेब सीरीज में 'शिव' और 'भोला' पर नेटफ्लिक्स ने सरकार को दी सफाई

03-Sep-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )   नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज 'आईसी 814 कंधार हाईजैक' के कंटेंट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. इसमें 2 हाइजैकर्स को हिंदू नाम दिये गए हैं, जिन्हें लेकर आपतित जताई जा रही है. इस विवाद पर केंद्र सरकार ने नेटफ्लिक्स इंडिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा. सूत्रों ने बताया कि नेटफ्लिक्स इंडिया ने केंद्र को आश्वासन दिया है कि भविष्य में कंटेंट 'देश की भावनाओं' के अनुरूप होगी. ओटीटी दिग्गज का आश्वासन उसकी वेब सीरीज 'आईसी 814 कंधार हाईजैक' से जुड़े विवाद के बाद आया है.
'आईसी 814 कंधार हाईजैक' वेब सीरीज 1999 में पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन हरकत-उल-मुजाहिदीन द्वारा इंडियन एयरलाइंस की उड़ान के अपहरण की कहानी है. सूत्रों ने बताया कि वेब सीरीज के कंटेंट को लेकर केंद्र सरकार और स्ट्रीमिंग दिग्गज नेटफ्लिक्स के बीच एक घंटे की बैठक में हुई. अनुभव सिन्हा द्वारा निर्देशित और 29 अगस्त को रिलीज़ हुई. फिल्म में 2 हाइजैर्क्स को 'भोला' और 'शंकर' नाम दिया गया है, जिसे लेकर सवाल खड़े किये जा रहे हैं. इसे ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड माना जा रहा है. विरोध कर रहे लोगों का तर्क है कि यह आतंकवादियों की वास्तविक पहचान को गलत तरीके से प्रस्तुत करता है, जिससे हिंदू भावनाएं आहत होती हैं.
वेब सीरीज में हाइजैकर्स को (1) चीफ, (2) डॉक्टर, (3) बर्गर, (4) भोला और (5) शंकर से पुकारा जा रहा है, ये वे नाम थे, जिनसे अपहर्ता हमेशा एक को संबोधित करते थे. सरकारी दस्तावेज भी बताते हैं कि हाइजैक किये गए विमान में हाइजैकर्स एक-दूसरे को इन्हीं नामों से पुकार रहे थे. ऐसे में नेटफ्लिक्स पर शायद ही कोई कार्रवाई की जाए.



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