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200 पुलिसकर्मी और 18 शूटरों को छका रहा 5वां भेड़िया आखिरकार पकड़ा गया

10-Sep-2024
बहराइच।   ( शोर संदेश )  उत्तर प्रदेश के बहराइच में आदमखोर भेड़ियों ने 35 से ज्यादा गांवों में आतंक का माहौल बना दिया है. यहां लोग रात में चैन की नींद नहीं ले पाते हैं. रात-रातभर जाकर अपने परिवार की सुरक्षा कर रहे हैं. वन विभाग का कहना है कि महसी तहसील इलाके में छह भेड़ियों का एक झुंड है, जो बच्चों को निशाना बना रहा है. भेड़ियों के हमले में अबतक 9 बच्चों समेत 10 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हैं. इनमें से एक और आदमखोर भेड़िये को पकड़ लिया गया है यानी अबतक पांच भेड़िये पकड़ में आ चुके हैं और अब वन विभाग छठे भेड़िये की तलाश में जुटा है. 
वन विभाग ने सिसैया चूणामणि हरबक्शपुरवा गांव से आदमखोर को पकड़ा है. भेड़ियों को पकड़ने के लिए वन विभाग ने जाल, पिंजरे और ड्रोन कैमरे लगवाए थे. यहां पुलिस और वन विभाग की टीमें दिन-रात गश्त कर रही हैं ताकि भेड़िये बच्चों को शिकार न बना पाएं. 
बहराइच में इन आदमखोर भेड़ियों को पकड़ने के लिए 5 वन प्रभागों बहराइच, कतर्नियाघाट वाइल्ड लाइफ, श्रावस्ती, गोंडा और बाराबंकी की लगभग 25 टीमें लगी हुई हैं. जहां बहराइच के डीएफओ इन भेड़ियों की संख्या कुल छह बता रहे हैं तो प्रभावित इलाकों के ग्रामीण इनकी संख्या दो दर्जन बता रहे हैं. इन गांवों में भेड़ियों की वजह से डर का ऐसा माहौल बना है कि लोग रात-रातभर जागकर गांव का पहरा दे रहे हैं. अपने बच्चों और परिवार को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें अंधेरा होने के बाद घर के बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं.  
इससे पहले बहराइच में भेड़ियों से लोगों को बचाने के लिए 200 पुलिसकर्मियों और देखकर ही मार गिराने वाले शूटरों को इन गांवों में तैनात किया गया था. इसके अलावा पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमें रात में पेट्रोलिंग भी कर रही हैं. गांव वालों को सलाह दी जा रही है कि अपने बच्चों को सुरक्षित रखें और रात में घरों के गेट लगाकर अंदर ही सोएं. 
कबसे शुरू हुआ भेड़ियों का आतंक?   
बहराइच के औराही गांव से भेड़ियों के आतंक की शुरुआत हुई थी. यहां भेड़ियों ने पहला अटैक 7-7 साल के दो बच्चों पर किया था. फिरोज नाम के बच्चे पर करीब दो महीने पहले भेड़ियों के झुंड ने हमला कर दिया था. वो अपनी मां के साथ सोया था तभी रात करीब 12 बजे एक भेड़िया घर के बरामदे में घुसा और उसकी गर्दन दबोचकर भाग गया. इस दौरान उसकी मां दोनों पैर पकड़कर बच्चों को बचाने की कोशिश करती रही. भेड़िया बच्चे को करीब 200 मीटर दूर तक खेत में घसीटकर ले गया. जब उसकी मां ने शोर मचाया तो गांव के लोग जुटे और फिर वो भेड़िया बच्चे को गांव के पास खेत में छोड़कर भाग गया. लहू लुहान फिरोज को फिर परिवार और गांव के लोग अस्पताल ले गए, जहां 13 दिनों तक इलाज के बाद उसकी जान बची. उसके चेहरे, गर्दन, सिर, कान, पीठ और छाती पर भेड़िए के काटे हुए निशान आज भी मौजूद हैं और वह बच्चा भेड़िए के नाम से ही सिहर जाता है.

पश्चिम बंगाल में प्रदर्शनकारी डॉक्टर अब तक नहीं लौटे काम पर, स्वास्थ्य सचिव और स्वास्थ्य शिक्षा निदेशक काे हटाने की मांग

10-Sep-2024
कोलकाता।  ( शोर संदेश )  पश्चिम बंगाल के आरजी कर मेडिरकल कॉलेज का मामला सुर्खियों में है. ट्रेनी लेडी डॉक्टर के साथ हुई हैवानियत के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने अब तक प्रदर्शन बंद नहीं किया है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश को दरकिनार करते हुए उन्होंने कहा कि वे काम नहीं करेंगे क्योंकि उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है. 
प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने कहा कि हम स्वास्थ्य सचिव और स्वास्थ्य शिक्षा निदेशक का इस्तीफा चाहते हैं. उन्होंने घोषणा की कि वे मंगलवार दोपहर को साल्ट लेक स्थित स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय स्वास्थ्य भवन तक रैली भी निकालेंगे. एक प्रदर्शनकारी डॉक्टर ने कहा कि हमारी मांगे अब तक पूरी नहीं हुआ है. मृतका को न्याय नहीं मिला है. हमारा आंदोलन जारी रहेगा. हम चाहते हैं कि स्वास्थ्य सचिव और डीएचई इस्तीफा दें. हम आज दोपहर स्वास्थ्य भवन तक रैली निकालेंगे. 
जूनियर डॉक्टर करीब एक माह से काम नहीं कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने एक दिन पहले, डॉक्टरों को काम पर तत्काल रूप से लौटने का आदेश दिया. उन्होंने कहा कि कर्तव्य की कीमत पर विरोध प्रदर्शन नहीं किया जा सकता है. चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने प्रदर्शनकारी डॉक्टरों को निर्देश दिए कि वे शाम पांच बजे तक काम पर लौट जाएं. अदालत ने डॉक्टरों को आश्वस्त किया कि अगर वे शाम तक काम पर आ जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी. 
बता दें, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के लाल बाजार में स्थित आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में जूनियर महिला डॉक्टर के साथ आठ अगस्त और नौ अगस्त की दरमियानी रात दुष्कर्म किया गया. इसके बाद उसकी हत्या कर दी गई. नौ अगस्त की सुबह मेडिकल कॉलेज की चौथी मंजिल पर बने सेमिनार हॉल में डॉक्टर का अर्धनग्न शव मिला. शव के पास ही उसका मोबाइल और लैपटॉप भी पड़ा था. पीएम रिपोर्ट में महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई. इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज किया. एसआईटी ने रात को अस्पातल में ड्यूटी कर रहे एक सिविक वालंटियर संजय रॉय को गिरफ्तार किया. बता दें, मृतका मेडिकल कॉलेज के चेस्ट मेडिसिन विभाग की छात्रा और ट्रेनी डॉक्टर थी. वह स्नातकोत्तर के द्वितीय वर्ष में थी. पीड़िता आठ अगस्त को नाइट शिफ्ट कर रही थी और रात 12 बजे के बाद उसने दोस्तों के साथ डिनर भी किया था, जिसके बाद से वह अपने दोस्तों को नहीं दिखी और सुबह उसकी लाश मिली. बता दें, कोलकाता उच्च न्यायालय ने मामले की जांच बंगाल पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंप दिया है.

शिवराज सिंह चौहान को राहुल गांधी पर आया गुस्सा, बोले- ‘विदेश में देश की छवि खराब करना देशद्रोह’

10-Sep-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )  मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और मोदी सरकार में मौजूदा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी पर निशाना साधा है। शिवराज ने कहा है कि राहुल गांधी विदेश की धरती पर जाकर देश विरोधी बातें कह रहे हैं। यह देश की छवि खराब करने की कोशिश है। राहुल गांधी देशद्रोह कर रहे हैं।
बता दें, राहुल गांधी अमेरिका यात्रा पर हैं, जहां अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं, इंटरव्यू दे रहे हैं और सरकार को निशाने पर ले रहे हैं। राहुल गांधी ने भाजपा, नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पर निशाना साधा। साथ ही देश की न्याय व्यवस्था, मीडिया और चुनाव आयोग को भी कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की।
राहुल गांधी ने एक कार्यक्रम में कहा, देश में हुआ आम चुनाव निष्पक्ष नहीं था। यदि निष्पक्ष होता तो भाजपा को 246 सीट नहीं मिलती। यह चुनाव नियंत्रित था। हमारे पास निष्पक्ष खेल का मैदान नहीं था। हमारे खाते बंद कर दिए गए। तमाम संस्थाओं पर भाजपा का कब्जा था।
राहुल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा, राहुल गांधी लगातार हार के बाद कुंठित मानसिकता के हो गए हैं। राहुल गांधी को पता होना चाहिए कि वे नेता प्रतिपक्ष है।
शिवराज ने याद दिलाया कि नरसिम्हा राव की सरकार के समय अटल बिहारी वाजपेयी नेता प्रतिपक्ष थे। अटल जी जब भी विदेश जाते, भारत की बात करते थे। उन्होंने कभी देश की छवि खराब करने वाली बात नहीं कही। राहुल गांधी भाजपा और नरेंद्र मोदी की बुराई करते-करते देश के ही खिलाफ बोलने लगे हैं।

कानपुर टू अजमेर, रेल हादसे की साजिश, रेलवे ट्रैक पर मिला 1-1 क्विंटल का पत्थर

10-Sep-2024
अजमेर।   ( शोर संदेश )  उत्तर प्रदेश के कानपुर के बाद अब राजस्थान में ट्रेन को पलटाने की साजिश रचने का मामला प्रकाश में आया है. राजस्थान के अजमेर जिले में रेलवे ट्रैक पर अलग-अलग जगहों पर करीब एक क्विंटल के सीमेंट ब्लॉक मिले हैं. बताया जा रहा है कि इस साजिश के जरिए मालगाड़ी को पलटाने की कोशिश की गई थी. करीब 1 किलोमीटर तक रेलवे ट्रैक पर सीमेंट के ब्लॉक रखे गए थे. बता दें कि बीते सोमवार को कानपुर में रेलवे ट्रैक पर सिलेंडर मिला था, जिससे कालिंदी एक्सप्रेस टकरा गई थी.

अजमेर में सराधना और बांगड़ ग्राम स्टेशन के बीच 2 स्थानों पर सीमेंट के एक क्विंटल किलो वजनी ब्लॉक रखा हुआ मिला है. रेलवे ट्रैक पर एक किलोमिटर के दूरी में दो जगह सीमेंट के ब्लॉक रखे गए थे. डिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन (डीएफसीसी) कर्मचारी रवि बुंदेला और विश्वजीत दास ने एफआईआर दर्ज करवाई है. एफआईआर के मुताबिक़ 8 सितंबर की रात 10:36 बजे सूचना मिली कि ट्रैक पर सीमेंट का ब्लॉक रखा हुआ है. मौके पर पहुंचे तो पाया कि वह टूट कर गिरा हुआ है. एक किमी आगे एक और ब्लॉक टूट कर साइड में रखा हुआ था. ये दोनों ब्लॉक अलग-अलग जगह पर रखे हुए थे.

इसके बाद डीएफसीसी और रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स ने मिलकर सराधना से बांगड़ ग्राम स्टेशन तक पेट्रोलिंग की. इस दौरान स्थिति सामान्य पाई गई. बता दें कि राजस्थान में एक महीने में तीसरी बार ट्रेन को बेपटरी करने की साजिश हुई है. इससे पहले 28 अगस्त को बारां के छबड़ा में मालगाड़ी के ट्रैक पर बाइक का स्क्रैप फेंका गया था, जिसमें इंजन बाइक के कबाड़ से टकरा गया.
23 अगस्त को पाली में अहमदाबाद-जोधपुर वंदे भारत ट्रैक पर रखे सीमेंट ब्लॉक से टकरा गई थी. बता दें कि कानपुर में अनवरगंज-कासगंज के बीच रविवार की रात को कालिंदी एक्सप्रेस गैस सिलेंडर से टकरा गई थी. इस दौरान जब मौके पर छानबीन शुरू की गई तो पेट्रोल से भरे हुए बोतल और एक बैग भी मिला था. यूपी पुलिस ने गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
 

सूरत के सैयदपुरा में गणेश पूजा पंडाल पर पथराव से बवाल, अब तक 33 लोग दबोचे

09-Sep-2024
सूरत।   ( शोर संदेश )  गुजरात के सूरत के सैयदपुरा इलाके में कुछ नाबालिगों द्वारा गणेश पूजा पंडाल पर पथराव करने से शहर में सांप्रदायिक तनाव का माहौल है। पुलिस ने इस मामले में पथराव करने वाले सभी 6 आरोपियोंं को पकड़ा है। वहीं, 27 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। घटना के बाद से इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों की गुस्साई भीड़ ने इलाके में जमकर तोड़फोड़ और हंगामा किया था। 
सूरत जिले के सैयदपुरा इलाके में सोमवार तड़के गणेश पूजा पंडाल पर कुछ नाबालिगों द्वारा पथराव किए जाने के बाद तनाव फैल गया। इसके बाद हजारों की संख्या में स्थानीय लोग स्थानीय पुलिस इकाई के पास पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल स्थिति को काबू करने के लिए मौके पर पहुंचा। पुलिस ने गुस्साई भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया। मामले की जानकारी मिलते ही गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने मौके पर जाकर हालात का जायजा लिया और पुलिस को इस घटना में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
हर्ष संघवी ने सोमवार को कहा कि सूरत के सैयदपुरा इलाके में 6 लोगों ने गणेश पंडाल पर पथराव कर दिया और उन सभी को पकड़ लिया गया है। मंत्री ने कहा कि पुलिस ने ऐसी घटना को बढ़ावा देने वाले 27 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है।

पूर्व मंत्री पीसी शर्मा को कांग्रेस ने दी बड़ी जिम्मेदारी, इस राज्य की सौंपी कमान

09-Sep-2024
भोपाल।  ( शोर संदेश ) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा को आने वाले दिनों में आयोजित महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी की ओर से बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। जालना संसदीय क्षेत्र के विधानसभा क्षेत्रों के लिए एआईसीसी पर्यवेक्षक की कमान सौंपी गई है। पार्टी से मिली इस जिम्मेदारी को लेकर उन्होंने शीर्ष नेतत्व का आभार व्यक्त किया है।
इस संबंध में पीसी शर्मा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा, ‘अखिल भारतीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता विपक्ष राहुल गांधी और संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए जालना लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के विधानसभा क्षेत्रों के लिए एआईसीसी पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया है। इस बड़ी ज़िम्मेदारी के लिए शीर्ष नेतृत्व का आभार और धन्यवाद। पूरा प्रयास रहेगा कि शीर्ष नेतृत्व की उम्मीदों पर खरा उतर सकूं। परिवर्तन का संकल्प ,कांग्रेस ही विकल्प।’
कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे पीसी शर्मा
गौरतलब है की पीसी शर्मा पूर्व की कमलनाथ सरकार में जनसंपर्क मंत्री रहे हैं। हालांकि, पिछले विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन वो प्रदेश के कद्दावर नेता माने जाते हैं। उन्होंने अबतक पार्टी में कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभाई है।
 

मुहम्मद यूनुस ने पाकिस्तान को दिया जोर का झटका

09-Sep-2024
ढाका। ( शोर संदेश )   बांग्लादेश भारत के साथ अच्छे संबंध चाहता है। ये संबंध न्यायसंगत और औचित्यपूर्ण होने चाहिए। यह बात बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने छात्रों के साथ मुलाकात में कही है छात्रों के आंदोलन के चलते ही पांच अगस्त को शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद और देश छोड़ना पड़ा था। इस समय वह भारत में हैं। यूनुस ने कहा कि भारत के साथ अच्छे संबंध रखना हमारी जरूरत है लेकिन ये संबंध न्यायसंगत होने चाहिए। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश अपने पड़ोसी देशों से सम्मानजनक और न्यायपूर्ण तरीके से अच्छे संबंध रखना चाहता है।

कानपुर में कालिंदी एक्सप्रेस को उड़ाने की साजिश, पटरी पर रखे एलपीजी सिलेंडर से टकराई ट्रेन

09-Sep-2024
कानपुर।  ( शोर संदेश )  उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक महीने के अंदर ही एक और ट्रेन हादसे की साजिश सामने आई है. रविवार रात करीब 8.30 बजे प्रयागराज से भिवानी की ओर जा रही कालिंदी एक्सप्रेस रेलवे लाइन पर रखे भरे LPG सिलेंडर से टकरा गई. बीते 17 अगस्त की रात करीब 2.30 बजे साबरमती एक्सप्रेस के 22 डिब्बे पटरी से उतर गए थे. रेलवे ने इस हादसे में भी साजिश की बात कही थी.  
पुलिस की ओर से बताया गया है कि बीते 8 सितंबर की रात करीब 8.30 बजे अनवरगंज-कासगंज रेलवे लाइन पर बर्राजपुर और बिल्हौर के बीच कालिंदी एक्सप्रेस रेलवे ट्रैक पर रखे भरे एलपीजी सिलेंडर से टकरा गई. लोको पायलट ने बताया कि उसे ट्रैक पर कोई संदिग्ध चीज दिखाई दी जिसके बाद उसने ब्रेक मारी, लेकिन उसके बाद भी वह चीज ट्रेन से टकरा गई जिससे काफी तेज आवाज हुई. ड्राइवर ने ट्रेन रोककर गार्ड और बाकी लोगों को इसकी सूचना दी. 
वहीं इस घटना की जांच के लिए आतंकवाद विरोधी दस्ता (एटीएस) और अन्य एजेंसियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है. ATS की कानपुर और लखनऊ यूनिट ने मौके पर पहुंचकर सबूत जुटाए हैं.
घटना की जानकारी मिलते ही अनवरगंज स्टेशन के रेलवे अधीक्षक, आरपीएफ और अन्य रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंच गए. मौके पर जांच की गई तो झाड़ियों में पुलिस को एक सिलेंडर, पेट्रोल की बोतल, माचिस और बारूद जैसे कई घातक पदार्थ भी मिले. ट्रेन को आधा घंटा रोकने के बाद रवाना कर दिया गया. मौके पर पुलिस और फॉरेंसिक टीमों ने आकर जांच पड़ताल की. सभी संदिग्ध वस्तुओं को जांच के लिए भेज दिया गया.  
मौके पर पहुंचे एडिशनल कमिश्नर हरीश चन्द्र ने बताया कि जिसने भी ये किया है उसे पकड़ने का काम किया जाएगा. फिलहाल सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है. हमारी फॉरेंसिक टीम भी डिटेल में समीक्षा कर रही है. 
साबरमती एक्सप्रेस के 22 डिब्बे हुए थे डीरेल
इससे पहले बीते 17 अगस्त की रात कानपुर-झांसी रूट साबरमती एक्सप्रेस (19168) के 22 डिब्बे इंजन समेत पटरी से नीचे उतर गए थे. ये ट्रेन वाराणसी से अहमदाबाद जा रही थी. हादसे का शिकार हुई ट्रेन के ड्राइवर ने बताया था कि बोल्डर के इंजन से टकराने के कारण हादसा हुआ क्योंकि जैसे ही बोल्डर इंजन से टकराया, वैसे ही इंजन का कैटल गार्ड बुरी तरह से मुड़ गया. इस हादसे की जांच की जा रही है. 
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया था कि इस हादसे की जांच इंटेलिजेंस ब्यूरो और यूपी पुलिस कर रही है. हादसे के एविडेंस सुरक्षित कर लिए गए हैं. इस घटना में यात्रियों या कर्मचारियों को कोई चोट नहीं आई है. पैसेंजर्स के लिए अहमदाबाद के लिए ट्रेन की व्यवस्था की गई है.
 

क्या अजीत डोभाल रुकवा पाएंगे रूस-यूक्रेन युद्ध? पीएम मोदी ने सौंपी जिम्मेदारी

08-Sep-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )    राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल रूस-यूक्रेन संघर्ष को सुलझाने के उद्देश्य से चर्चा करने के लिए इस सप्ताह मास्को की यात्रा करेंगे. PM नरेंद्र मोदी पिछले दो महीनों में रूस और यूक्रेन दोनों का दौरा करने और वहां के नेताओं व्लादिमीर पुतिन और वलोडिमिर ज़ेलेंस्की से युद्धविराम को लेकर चर्चा की थी. दोनों देशों में शांति समझौता के लिए मध्यस्थता को लेकर दुनिया भारत की ओर देख रही है.
यूक्रेन की अपनी यात्रा और राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से मुलाकात के तुरंत बाद, प्रधान मंत्री ने 27 अगस्त को राष्ट्रपति पुतिन से फोन पर बात की. रूसी दूतावास के एक बयान में कहा गया कि फोन कॉल के दौरान, प्रधान मंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को कीव की अपनी हालिया यात्रा के बारे में जानकारी दी और राजनीतिक और राजनयिक तरीकों से यूक्रेन के लिए समाधान लाने की भारत की प्रतिबद्धता पर जोर दिया था.
सूत्रों के मुताबिक, इस फोन कॉल के दौरान नेताओं ने फैसला किया कि एनएसए डोभाल शांति वार्ता के लिए मॉस्को जाएंगे. इस यात्रा के कार्यक्रम के बारे में फिलहाल कोई विवरण उपलब्ध नहीं है.
रूसी दूतावास ने फोन कॉल के बारे में कहा, "व्लादिमीर पुतिन ने कीव अधिकारियों और उनके पश्चिमी संरक्षकों की विनाशकारी नीतियों के बारे में अपना सैद्धांतिक मूल्यांकन साझा किया, और इस संघर्ष को हल करने के लिए रूस के दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला."
प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने रूस-यूक्रेन संघर्ष पर विचारों का आदान-प्रदान किया. प्रधानमंत्री संघर्ष के स्थायी और शांतिपूर्ण समाधान को प्राप्त करने के लिए बातचीत और कूटनीति के साथ-साथ सभी हितधारकों के बीच ईमानदार और व्यावहारिक जुड़ाव के महत्व को रेखांकित किया.
प्रधानमंत्री ने एक्स पर अपने आधिकारिक हैंडल पर "संघर्ष के शीघ्र, स्थायी और शांतिपूर्ण समाधान" का समर्थन करने के लिए भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई.
पिछले महीने, प्रधान मंत्री यूक्रेन में थे और वहां के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की से मुलाकात की थी. बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने रूस-यूक्रेन संघर्ष पर चर्चा की और प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ''भारत कभी तटस्थ नहीं रहा, हम हमेशा शांति के पक्ष में रहे हैं." 

क्या राष्ट्रगान बदलेगा बांग्लादेश? कट्टरपंथी बोले- भारत ने हम पर थोपा

08-Sep-2024
ढाका।    ( शोर संदेश )   बांग्लादेश में हिंसा की आग थमने के बाद अब एक और नया मुद्दा गरमा गया है। अब बांग्लादेश में राष्ट्रगान 'आमार सोनार बांग्ला' को लेकर बवाल मचा है। दरअसल, जमात-ए-इस्लामी के पूर्व अमीर गुलाम आजम के बेटे अब्दुल्लाहिल अमान आजमी ने बांग्लादेश के राष्ट्रगान और संविधान में बदलाव की मांग की है।
जनरल अमान आजमी ने कहा, ''मैं राष्ट्रगान का मामला इस सरकार पर छोड़ता हूं। हमारा वर्तमान राष्ट्रगान हमारे स्वतंत्र बांग्लादेश के अस्तित्व के विपरीत है। यह बंगाल विभाजन और दो बंगालों के विलय के समय को दर्शाता है। दो बंगालों को एकजुट करने के लिए बनाया गया एक राष्ट्रगान एक स्वतंत्र बांग्लादेश का राष्ट्रगान कैसे हो सकता है?''
आजमी ने आगे कहा कि यह राष्ट्रगान 1971 में भारत द्वारा हम पर थोपा गया था। ऐसे कई गीत हैं जो राष्ट्रगान के रूप में काम कर सकते हैं। सरकार को एक नया राष्ट्रगान चुनने के लिए एक नया आयोग बनाना चाहिए। बता दें कि बांग्लादेश के राष्ट्रगान को प्रसिद्ध बंगाली रचनाकार रवीन्द्रनाथ टैगोर के लिखा था।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार में धार्मिक मामलों के सलाहकार अबुल फैज मुहम्मद खालिद हुसैन ने शनिवार को कहा कि देश के राष्ट्रगान को बदलने की कोई योजना नहीं है। पद्मा नदी के उत्तरी तट पर राजशाही में इस्लामिक फाउंडेशन का दौरा करने के बाद स्थानीय मीडिया ने हुसैन के हवाले से कहा कि अंतरिम सरकार विवाद पैदा करने के लिए कुछ नहीं करेगी, हम सभी के सहयोग से एक सुंदर बांग्लादेश का निर्माण करना चाहते हैं। 
बांग्लादेश में हिंदू समुदाय को निशाना बनाने वाले हमले अभी भी जारी हैं, इसपर हुसैन ने आश्वासन दिया कि जो लोग ऐसे जघन्य कृत्यों के लिए दोषी पाए जाएंगे, उन्हें मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार द्वारा दंडित किया जाएगा। जो लोग पूजा स्थलों पर हमला करते हैं, वे मानवता के दुश्मन हैं। वे अपराधी हैं और उन पर मौजूदा कानूनों के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।



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