ब्रेकिंग न्यूज

देश-विदेश

राष्ट्रपति मुर्मू और शाह समेत तमाम दिग्गजों ने दी शुभकामनाएं

17-Sep-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 74 साल के हो गए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पीएम के दीर्घायु होने की प्रार्थना की है तो केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री को शांति, करुणा व संवेदना की प्रेरणा बताया है। राष्ट्रपति मुर्मू ने एक्स के जरिए बधाई संदेश दिया है। लिखा, प्रधानमंत्री जी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। आपने अपने व्यक्तित्व एवं कृतित्व के बल पर असाधारण नेतृत्व प्रदान किया है तथा देश की समृद्धि और प्रतिष्ठा में वृद्धि की है। मेरी कामना है कि आपके द्वारा राष्ट्र प्रथम की भावना से किए जा रहे अभिनव प्रयासों से भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का मार्ग प्रशस्त हो। मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि आप दीर्घायु हों तथा सदैव स्वस्थ और सानंद रहें।

मध्य प्रदेश-झारखंड समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

16-Sep-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )   देश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई होने में अब ज्यादा वक्त नहीं रहा है. 20 सितंबर के बाद मानसून वापस जाने लगेगा. हालांकि इससे पहले देश के कई राज्यों में मानसून जमकर बरस रहा है. इस बीच मौसम विभाग ने एक बार फिर से कई राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग की मानें तो पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय क्षेत्र और उससे सटे बांग्लादेश के ऊपर बने गहरे दबाव के चलते कई राज्यों में भारी बारिश होने की संभावना है. आईएमडी की मानें तो पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में आज भी अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है.
ये है गहरे दबाव की स्थिति
भारत मौसम विज्ञान विभाग की मानें तो, बंगाल के गंगा तटीय क्षेत्र पर बना गहरा दबाव अब धीरे-धीरे पश्चिम की ओर बढ़ रहा है. जिसके सोमवार को कमजोर होने के बाद सिर्फ दबाव में बदलने की संभावना है. दबाव का ये क्षेत्र धीरे-धीरे झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ेगा, जिसके चलते आज पूर्वी मध्य प्रदेश में झमाझम बारिश हो सकती है.
इन राज्यों में शुक्रवार तक भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में भी देशके कई राज्यों में बारिश होने की संभावना है. इस दौरान बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है. वहीं इस दौरान झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और पूर्वोत्तर के राज्यों में 20 सितंबर तक भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं आज यानी सोमवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश और गांगीय पश्चिम बंगाल में भी भारी बारिश होने की संभावना है.
वहीं पिछले दो दिनों से दिल्ली वालों को बारिश से राहत मिल रही है. बीते गुरुवार और शुक्रवार को दिल्ली एनसीआर समेत उत्तर भारत के ज्यादातर इलाकों में झमाझम बारिश हुई. जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. हालांकि शनिवार को मौसम साफ हो गया लेकिन शाम को फिर से मौसम खराब हो गया. लेकिन रविवार को फिर से पूरे दिन तेज धूप खिली. उधर राजस्थान में भी अब भारी बारिश का दौर थम गया है. पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में कुछ स्थानों पर ही हल्की बारिश हुई है. जयपुर मौसम केंद्र के मुताबिक, रविवार सुबह 8.30 बजे पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं पर मेघ गर्जन के साथ हल्की बारिश दर्ज की गई. वहीं पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क बना रहा.

हर्षोल्लास के साथ मनाएं पर्व-त्योहार - सीएम योगी

16-Sep-2024
लखनऊ।   ( शोर संदेश )  उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने आगामी त्योहारों को देखते हुए अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान सीएम योगी ने कानून व्यवस्था और आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। सीएम योगी ने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था, संवाद और सभी वर्गों से मिल रहे सहयोग का परिणाम है कि हाल के वर्षों में प्रदेश में सभी पर्व-त्योहार शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में सम्पन्न हो रहे हैं। बेहतर टीमवर्क और जन सहयोग का यह क्रम जारी रखा जाए। उन्होंने कहा कि 16 सितंबर को बारावफात के अतिरिक्त अनंत चतुर्दशी तक गणेश उत्सव मनाया जाएगा। इसके उपरांत, पितृ पक्ष प्रारंभ होगा और तीन अक्टूबर से शारदीय नवरात्र, विजयदशमी का उत्सव है। कानून-व्यवस्था के दृष्टिगत यह समय संवेदनशील है। माहौल खराब करने वालों पर होगा एक्शन
सीएम योगी ने कहा कि हर पर्व शांति और सौहार्द के बीच सम्पन्न हों, इसके लिए सभी जरूरी प्रयास किए जाएं। शरारतपूर्ण बयान जारी करने वालों के साथ जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ कड़ाई से पेश आएं। माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले अराजक तत्वों के साथ पूरी कठोरता से निपटें।
शरारती तत्वों पर रहेगी नजर
सीएम योगी कहा कि पर्व और त्योहार खुशियों का अवसर होते हैं। हर व्यक्ति उल्लास-उमंग और आह्लाद में होता है। शरारती तत्व दूसरे सम्प्रदाय के लोगों को अनावश्यक उत्तेजित करने की कुत्सित कोशिश कर सकते हैं, ऐसे मामलों पर नजर रखें। पिछले अनुभवों को दृष्टिगत रखते हुए सुरक्षा के इंतजाम करें।
सभी जिलों के लिए प्रभारी मंत्रियों की तैनाती
इसके अलावा, सीएम योगी ने कहा कि सभी जिलों के लिए प्रभारी मंत्रियों की तैनाती की गई है। प्रभारी मंत्रियों का दौरा प्रत्येक माह होगा। जिलों में एक कोर कमेटी भी गठित की गई है। प्रभारी मंत्रियों के दौरे के समय सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें, अपनी विभागीय प्रगति से मंत्री को अवगत कराएं। प्रभारी मंत्री द्वारा दिये गए निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी/पुलिस कप्तान अपने जिले के प्रभारी मंत्री से सतत संवाद-संपर्क बनाए रखें। जिले की गतिविधियों से उन्हें अपडेट करते रहें। जिलों के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती भी शीघ्र कर दी जाएगी।
‘राहत कार्यों में देर बर्दाश्त नहीं’
अतिवृष्टि के कारण जन-धन की हुई क्षति को लेकर सीएम योगी ने कहा कि इसका आकलन कर बिना विलंब क्षतिपूर्ति की जाए। राहत कार्यों में कतई देर न हो। राहत सामग्री का वितरण जारी रखें। यह सुनिश्चित करें कि राहत सामग्री की क्वालिटी और क्वांटिटी मानक के अनुरूप ही हो। कुछ नदियों का जलस्तर अब भी सामान्य से ऊपर है। इनकी मॉनीटरिंग की जाए। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ/पीएसी तथा आपदा प्रबंधन की टीमें 24×7 एक्टिव मोड में रहें। सभी जिलाधिकारी नौकाओं, राहत सामग्री आदि का पर्याप्त प्रबंध रखें।

'वन नेशन वन इलेक्शन' पर तेजी से काम कर रही केंद्र सरकार

16-Sep-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  केंद्र की एनडीए  सरकार अपने मौजूदा कार्यकाल के दौरान ही 'एक राष्ट्र एक चुनाव' पर विधेयक लाएगी. सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी. लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराने की अवधारणा को 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' नाम दिया गया है. सूत्रों ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल सभी राजनीतिक दलों, विशेष रूप से केंद्र सरकार में शामिल सहयोगियों द्वारा इस बिल का समर्थन करने की उम्मीद है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार तीसरे कार्यालय के पहले 100 दिन पूरे होने से ठीक पहले यह रिपोर्ट आई है. बता दें कि लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे चार जून को घोषित हुए थे और इसके पांच दिन बाद, 9 जून को नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. 'एक राष्ट्र एक चुनाव' भाजपा के लोकसभा चुनाव घोषणापत्र में प्रमुख वादों में से एक रहा है. इस वर्ष लाल किले पर अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण के दौरान भी, प्रधानमंत्री मोदी ने वन नेशन वन इलेक्शन के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों को एक साथ आने का अनुरोध किया था.

चुनाव सिर्फ तीन या चार महीने के लिए होने चाहिए: पीएम

पीएम मोदी ने कहा था, 'मैं सभी से एक राष्ट्र एक चुनाव के संकल्प को हासिल करने के लिए एक साथ आने का अनुरोध करता हूं, जो समय की मांग है.' लोकसभा चुनाव से पहले आजतक से विशेष बातचीत में पीएम मोदी ने इस मुद्दे पर कहा था कि सरकारों के पूरे पांच साल के कार्यकाल के दौरान चुनाव ही नहीं होते रहने चाहिए. उन्होंने कहा था, 'मैं हमेशा कहता हूं कि चुनाव सिर्फ तीन या चार महीने के लिए होने चाहिए. पूरे पांच साल राजनीति नहीं होनी चाहिए. इससे चुनावों का प्रबंधन करने वाले खर्च में कटौती होगी.'
उन्होंने कहा था, 'हमने एक एक राष्ट्र एक चुनाव के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है. उसने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. हम उसका अध्ययन कर रहे हैं, जिसके बाद ऐसे बिंदु सामने आएंगे जिस पर आगे कदम उठाए जाएंगे. एक राष्ट्र एक चुनाव हमारी प्रतिबद्धता है और यह केवल राजनीतिक प्रतिबद्धता नहीं है. यह देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.' सूत्रों ने यह भी कहा कि 'मोदी 3.0 सरकार' अगले सप्ताह 100 दिन पूरे कर रही है और वह 2014 में लिए गए अपने संकल्पों पर कायम है. 
रामनाथ कोविंद समिति ने सौंप दी है अपनी रिपोर्ट
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नेतृत्व वाली समिति ने वन नेशन वन इलेक्शन की संभावनाओं पर मार्च में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी. इस रिपोर्ट में जो सुझाव दिए गए हैं, उसके मुताबिक पहले कदम के रूप में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराए जाने चाहिए. समिति ने आगे सिफारिश की है कि लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव एक साथ संपन्न होने के 100 दिन के भीतर स्थानीय निकाय चुनाव भी हो जाने चाहिए. इससे पूरे देश में एक निश्चित समयावधि में सभी स्तर के चुनाव संपन्न कराए जा सकेंगे. वर्तमान में, राज्य विधानसभाओं और लोकसभा के चुनाव अलग-अलग आयोजित किए जाते हैं.

पटना-नई दिल्ली के बीच अब स्लीपर वंदे भारत का ट्रायल सफल

16-Sep-2024
पटना। ( शोर संदेश )   पटना-नई दिल्ली के बीच स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस जल्द चलेगी। देश की पांच पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में पटना-नई दिल्ली के बीच स्लीपर वंदे भारत शामिल होगी। यह घोषणा पटना साहिब के सांसद रविशंकर प्रसाद ने की। वे रविवार को पटना जंक्शन पर टाटानगर-पटना वंदे भारत उद्घाटन स्वागत समारोह के मौके पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि स्लीपर वंदे भारत का ट्रायल सफल हो गया है। उन्होंने रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव से पटना दिल्ली के बीच स्लीपर वंदे भारत ट्रेन देने का अनुरोध किया है। 
मौके पर विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, राज्यसभा सांसद भीम सिंह, मेयर सीता साहू, उपमहापौर रेशमी चंद्रवंशी सहित अन्य लोग मौजूद थे। अतिथियों का स्वागत दानापुर डीआरएम जयंत कुमार चौधरी ने किया।
रात 8.20 बजे पटना जंक्शन पहुंची ट्रेन, सेल्फी की होड़
पटना-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन रात आठ बजकर 20 मिनट पर पटना जंक्शन पर पहुंची इसके बाद यात्रियों में सेल्फी की होड़ मच गई। उपस्थित नेताओं ने पायलट को माला पहनाकर उनका स्वागत किया। विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने कहा कि मोदीजी पूर्वी भारत के विकास का संकल्प ले चुके हैं। उन्होंने छह वंदे भारत ट्रेनों की सौगात दी है।
नई वंदे भारत देने का आभार जताया
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि जब वे खुद पथ निर्माण मंत्री थे तब भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ले बिहार को बड़ा पैकेज दिया था। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि डबल इंजन की सरकार रोज रोड और रेल नेटवर्क में बढ़ोतरी हो रही है। मेयर सीता साहू और महापौर रेशमी चंद्रवंशी ने प्रधानमंत्री को पटना को नई वंदे भारत देने का आभार जताया।

मजबूत कर रहे इकोनॉमी : पीएम मोदी ने बताया 1,000 साल का प्लान,

16-Sep-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )   मोदी 3.0 के 100 दिन पूरे हो चुके हैं. इस दौरान किए गए कामों को बीजेपी का हर सांसद देश की जनता हो बताने में जुट गया है. गुजरात के गांधी नगर में आयोजित ‘वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा निवेशक बैठक एवं प्रदर्शनी’ (री-इनवेस्ट 2024) के चौथे एडिशन में देश के प्रधानमंत्री ने भी 100 दिनों के कामों की चर्चा के साथ-साथ अगले 1000 साल के प्लान के बारे में भी देश को बताया. इससे पहले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साल 2047 तक देश को विकसित करने की चर्चा कर चुके हैं. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर उन्होंने री-इनवेस्ट 2024 के कार्यक्रम के किस तरह की जानकारी देश को दी.
100 दिनों में कहां रहा फोकस
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि उनकी सरकार ने अपने तीसरे कार्यकाल के पहले 100 दिनों में देश की तेज प्रगति के लिए हर क्षेत्र और कारक पर ध्यान देने की कोशिश की है. उन्होंने गांधीनगर में ‘वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा निवेशक बैठक एवं प्रदर्शनी’ (री-इनवेस्ट 2024) के चौथे संस्करण को संबोधित करते हुए कहा कि न केवल देशवासियों बल्कि पूरी दुनिया को लगता है कि भारत 21वीं सदी के लिए सबसे अच्छी जगह है. प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले 100 दिनों (केंद्र सरकार के तीसरे कार्यकाल के) में आप हमारी प्राथमिकताओं, गति और पैमाने को देख सकते हैं. हमने देश की तेज प्रगति के लिए जरूरी हर क्षेत्र और कारक पर ध्यान देने की कोशिश की है. मोदी ने कहा कि भारत की विविधता, पैमाना, क्षमता, संभावना और प्रदर्शन अद्वितीय हैं और यही कारण है कि मैं वैश्विक अनुप्रयोग के लिए भारतीय समाधान कहता हूं.
अगले 1,000 साल का बेस हो रहा तैयार
उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत अगले 1000 वर्षों के लिए वृद्धि का आधार तैयार कर रहा है और ध्यान केवल शीर्ष पर पहुंचने पर नहीं, बल्कि इस स्थान को बनाए रखने पर है. उन्होंने री-इन्वेस्ट 2024 में कहा कि हमारे लिए हरित भविष्य और शुद्ध शून्य उत्सर्जन केवल दिखावटी शब्द नहीं हैं. ये देश की जरूरतें हैं और हम इसे हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. सरकार अयोध्या और 16 अन्य शहरों को मॉडल ‘सोलर सिटी’ के रूप में विकसित करने के लिए काम कर रही है. उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों ने देश को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प लिया है.
ग्रीन एनर्जी पर 12 हजार करोड़
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार ने इन 100 में ग्रीन और रिन्युएबल एनर्जी से जुड़े कई अहम फैसले लिए हैं. पीएम ने जानकारी देते हुए बताया कि देश 31 हजार मेगावाट हाइड्रोपावर जनरेट करने पर तेजी के साथ काम कर रहा है. इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार की ओर से 12 हजार करोड़ रुपए अप्रूव किए जा चुके हैं. पीएम ने कहा कि देश में रिन्यूएबल एनर्जी की डिमांड में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है. सरकार की ओर से इस पर पॉलिसी तैयार कर रही है.ताकि पूरे देश में ग्रीन एनर्जी की सप्लाई हो सके. साथ ही दुनिया के बाकी हिस्सों में भी एक्सपोर्ट किया जा सके.
ऊर्जा मंत्री ने क्या किया ऐलान
वहीं केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी ने सोमवार को निवेशकों से भारत में निवेश करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने हरित परियोजनाओं में 32.45 लाख करोड़ रुपए के वित्तपोषण की प्रतिबद्धता जताई है. चौथे ‘री-इन्वेस्ट 2024’ कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए जोशी ने कहा कि हमें 2030 तक 500 गीगावाट के अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ ही डेवलपर, निर्माताओं और वित्तीय संस्थानों से भारी प्रतिबद्धताएं मिली हैं. उन्होंने बताया कि डेवलपर ने अतिरिक्त 570 गीगावाट क्षमता जोड़ने की प्रतिबद्धता जताई है.
उन्होंने कहा कि विनिर्माताओं ने सौर मॉड्यूल में 340 गीगावाट, सौर सेल में 240 गीगावाट, पवन टर्बाइन में 22 गीगावाट और इलेक्ट्रोलाइजर में 10 गीगावाट की अतिरिक्त विनिर्माण क्षमता की प्रतिबद्धता जताई है. बैंक और वित्तीय संस्थानों ने 2030 तक 386 अरब अमेरिकी डॉलर (32.45 लाख करोड़ रुपए) के अतिरिक्त वित्तपोषण के लिए प्रतिबद्धता जताई है.

पांचवीं और आखिरी बार...ममता ने डॉक्टरों को फिर मीटिंग के लिए बुलाया, हड़ताल जारी

16-Sep-2024
कोलकाता। ( शोर संदेश )   पश्चिम बंगाल सरकार ने आरजी कर अस्पताल मामले में जारी गतिरोध को दूर करने के लिए सोमवार को एक बार फिर प्रदर्शनकारी जूनियर डॉक्टरों को मीटिंग के लिए बुलाया है। यह मीटिंग शाम पांच बजे यहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास पर बुलाई गई है। मुख्य सचिव मनोज पंत ने एक मेल भेजकर जूनियर डॉक्टरों को बैठक के लिए आमंत्रित किया है। इस मेल में लिखा है कि यह पांचवीं और आखिरी बार है जब हम आपको बैठक के लिए बुला रहे हैं। पहले से चल रही हमारी बातचीत को जारी रखने के लिए हम एक बार फिर आपको आमंत्रित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के कालीघाट आवास पर आइए, खुले दिमाग से बातचीत होगी। इस बीच, प्रदर्शनकारी जूनियर डॉक्टरों का राज्य के स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय स्वास्थ्य भवन के बाहर आठवें दिन भी धरना जारी रहा। लगातार 36वें दिन डॉक्टरों ने काम बंद रखा।

चीफ सेक्रेट्री ने मेल में लिखा है कि इस मीटिंग की न तो वीडियोग्राफी होगी और न ही इसकी लाइव स्ट्रीमिंग की जाएगी। ईमेल में आगे लिखा है कि हमें भरोसा है कि हमारी आपसी सहमति और परसों मीडिया को दिए आपके बयान के मुताबिक बैठक की कोई लाइव स्ट्रीमिंग या वीडियोग्राफी नहीं होगी। चूंकि मामला देश की सर्वोच्च अदालत में विचाराधीन है, इसलिए ऐसा करना ठीक नहीं होगा। हां, मीटिंग मिनट्स तैयार किए जाएंगे और दोनों पक्ष इस पर दस्तखत करेंगे। चीफ सेक्रेट्री ने मीटिंग की टाइमिंग और जगह भी बताई है। इसके मुताबिक यह बैठक मुख्यमंत्री के कालीघाट स्थित आवास पर शाम पांच बजे होगी। इसमें यह भी कहा गया है कि पिछली बार जो डेलीगेशन चर्चा के लिए आया था, वही डेलीगेशन इस बार भी आएगा। हमारी गुजारिश है कि आप लोग आज शाम 4 बजकर 45 मिनट पर तय स्थान पर पहुंच जाएं।

इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शनिवार को कनिष्ठ चिकित्सकों के धरनास्थल पर अचानक पहुंची थीं। उन्होंने डॉक्टरों की मांगों पर गौर करने और दोषी पाए जाने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया था। लेकिन गतिरोध को दूर करने के लिए प्रस्तावित वार्ता विफल होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि मुख्यमंत्री के आवास पर तीन घंटे तक इंतजार करने के बाद उन्हें कार्यक्रम स्थल से चले जाने को कहा गया। एक अन्य चिकित्सक ने दावा किया कि वे सीधा प्रसारण या वीडियो रिकार्डिंग के बिना ही बैठक में शामिल होने पर राजी हो गये थे जैसा कि ममता ने अनुरोध किया था और स्वास्थ्य राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य को इस निर्णय की सूचना दी गई थी लेकिन प्रदर्शनकारियों को यह कहते हुए मुख्यमंत्री आवास से जाने के लिए कहा गया कि अब काफी देर हो गयी है।

इस बीच जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल सोमवार को भी जारी रही। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे आरजी कर अस्पताल में बलात्कार एवं हत्या की घटना की पीड़िता को न्याय दिलाने के अपने संकल्प पर कायम रहेंगे। स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय स्वास्थ्य भवन के बाहर चिकित्सकों का धरना प्रदर्शन आठवें दिन और उनकी हड़ताल 36वें दिन भी जारी है। उन्होंने कोलकाता पुलिस आयुक्त को हटाने तथा राज्य के वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों से मुलाकात करने की अपनी मांगों को पूरा किए जाने तक प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प लिया है। एक प्रदर्शनकारी जूनियर ने कहा कि हम अपनी मांगें पूरी किए जाने तक हड़ताल जारी रखेंगे। राज्य सरकार इस संकट को हल करने को लेकर गंभीर नहीं है।

मेरठ बिल्डिंग हादसा: मलबे में दबकर 10 लोगों की मौत, 5 की हालत गंभीर

15-Sep-2024
मेरठ , ( शोर संदेश ) उत्तर प्रदेश के मेरठ  में शनिवार की शाम को एक बड़ा हादसा हो गया. यहां जर्जर हालत की एक तीन मंजिला बिल्डिंग ढह गई, जिसमें दबकर 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोगों की हालत गंभीर है. मरने वाले सभी एक ही परिवार के थे. बिल्डिंग गिरने के बाद मौके पर भगदड़ मच गई. पुलिस, फायर ब्रिगेड के साथ एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. एहतियातन घटनास्थल के आस-पास के घरों को भी खाली करा लिया गया है.  
यह घटना लोहिया नगर थाना इलाके के जाकिर कॉलोनी की है, जहां ग्राउंड फ्लोर के साथ दो मंजिला बनी एक 35 साल पुरानी बिल्डिंग ढह गई. बताया जा रहा है कि नीचे ग्राउंड फ्लोर पर डेयरी चला करती थी. यहां कई दुधारू पशु भी बंधे हुए थे और घर के सभी लोग ऊपरी दो मंजिलों में रहा करते थे. 
रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी टीमों को भी काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा क्योंकि ये शहर का पुराना इलाका है. यहां की गलियां बहुत ही संकरी है, जिसकी वजह से बड़ी मशीन और बुलडोजर रेस्क्यू के लिए नहीं आ पाए. उनकी जगह नगर निगम की छोटी मशीनों और बुलडोजरों को लाया गया है. बताया जा रहा है कि जबसे मकान गिरा है, तबसे ही बारिश जारी है. 
मेरठ के जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया है कि प्रशासन को बिल्डिंग के अंदर मौजूद जिन 15 लोगों की लिस्ट दी गई थी. उन सभी 15 लोगों का रेस्क्यू कर लिया गया है. इनमें से 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पांच लोगों का गंभीर हालत में अस्पताल में इलाज चल रहा है. हालांकि हम तबतक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखेंगे, जबतक कि मलबा वहां से हट नहीं जाता है.  
मेरठ में भरभराकर गिरा तीन मंजिला मकान, 10 लोगों की मौत
उन्होंने बताया कि मलबे में दबने वालों में केवल एक पुरुष है, जबकि तीन महिलाएं हैं, जिनकी उम्र 18 साल से ज्यादा है. इनके अलावा सभी बच्चे हैं, जिनकी उम्र 18 साल से कम है. डीएम ने बताया कि मलबे में कितने जानवरों की मौत हुई है, इसकी संख्या स्पष्ट नहीं है. लोगों के मुताबिक, मलबे में 10 जानवर दब गए थे, लेकिन हमारा फोकस पहले व्यक्तियों को बचाने का है. 
सीएम योगी ने लिया हादसे का संज्ञान 
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने मेरठ में हुए हादसे का संज्ञान लिया है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंच कर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही घायलों के समुचित उपचार के भी निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री के निर्देश पर राहत बचाव की टीमें मौके पर राहत कार्य में जुटी है.

15 सितंबर-13 नवंबर तक धारा 163 लागू, जानें किन-किन चीजों पर रहेगा प्रतिबंध

15-Sep-2024
लखनऊ।  ( शोर संदेश )  उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 14 सितंबर से 13 नवंबर तक योगी सरकार ने धारा 162 लागू कर दी है। आगामी त्योहारों को देखते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य सरकार ने यह आदेश दिया है। इस धारा के तहत वही नियम और प्रतिबंध लागू होते हैं, जो इससे पहले कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर (सीआरपीसी) की धारा 144 लागू करने पर लग जाते थे। 
इन त्योहारों के कारण लागू है धारा 163
बारावफात, ईद-ए-मिलाद, विश्वकर्मा पूजा, अनंत चतुर्दशी, महात्मा गांधी जयंती, शारदीय नवरात्र, विजयदशमी, दीपावली, दुर्गा पूजा और छठ पूजा जैसे सहित अन्य त्योहारों में भारी भीड़ जुटती है। ऐसे में भारी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। इस वजह से ही प्रदेश में 13 नवंबर तक धारा 163 लागू की गई है।
क्या कहता है धारा 163
धारा 163 लागू होने के बाद लखनऊ में कहीं भी 4 या उससे ज्यादा लोगों की भीड़ नहीं जुटाई जा सकेगी।
बिना अनुमति के धरना-प्रदर्शन करने पर भी रोक लग जाएगी. अनुमति मिलने पर भी निर्धारित धरना स्थल पर ही प्रदर्शन कर पाएंगे।
विधानसभा और राज्य सचिवालय समेत सरकारी दफ्तरों के एक किलोमीटर के दायरे मे ड्रोन से कोई शूटिंग नहीं कर पाएंगे।
लखनऊ की सीमा के अंदर तेज धार वाले, नुकीले शस्त्र या बंदूक-पिस्टल लेकर चलने पर रोक रहेगी, ज्वलनशील पदार्थ लाने- ले जाने पर रोक रहेगी।
सार्वजनिक स्थल पर पुतला जलाना या किसी भी माध्यम से कोई झूठी अफवाह फैलाना आपराधिक कृत्य घोषित किया जाएगा।
धारा 163 लागू होने पर मजिस्ट्रेटी पावर रखने वाले हर अधिकारी को शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए खास अधिकार मिल जाते हैं।

जिद इधर भी, जिधर उधर भी, जानिए बंगाल में ममता और हड़ताली डॉक्टरों के बीच कहां अटकी हुई है बात

15-Sep-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ पहले रेप और बाद में मर्डर के मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टर्स और राज्य की ममता सरकार के बीच हर बीतते दिन के साथ तलखी और बढ़ती ही जा रही है. ममता सरकार प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों से बातचीत की कई बार पहल कर चुकी है, लेकिन प्रदर्शन पर बैठे डॉक्टर अपनी शर्तों पर ही बात करने को तैयार दिखे. नतीजतन इन डॉक्टरों और राज्य सरकार के बीच कई प्रयासों के बाद भी कोई बातचीत नहीं हो पा रही है. उधर, दूसरी तरफ प्रदर्शन कर रहे डॉक्टर और राज्य सरकार के बीच बातचीत को लेकर सहमति न बनने का खिमायाजा अब मरीजों को भुगतना पड़ रहा है. डॉक्टरों के प्रदर्शन के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही है. 
आखिर कहां फंसी है बात 
शनिवार को शाम को खबर आई कि ममता सरकार और प्रदर्शन कर रहे डॉक्टर बातचीत करने को तैयार हैं. लेकिन इसके बाद भी दोनों पक्षों के बीच बातचीत नहीं हो पाई. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि आखिर ये बातचीत फंस कहा रही है. दरअसल, राज्य सरकार इस बात से अच्छे से वाकिफ है कि डॉक्टरों के प्रदर्शन का स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है. ऐसे में अगर समय रहते प्रदर्शन कर रहे डॉक्टर काम पर वापस नहीं लौटे तो इससे समस्या और बढ़ सकती है. वहीं दूसरी तरफ प्रदर्शन कर रहे डॉक्टर अपनी सुरक्षा की मांग और आरजी कर अस्पताल में महिला डॉक्टर से रेप और हत्या के मामले के आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की जिद पर भी अड़े हुए हैं. 
सीएम ममता बनर्जी ने शनिवार शाम भी प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों को बातचीत का न्योता दिया था.डॉक्टरों का एक प्रतिनिधिमंडल सीएम आवास भी पहुंचा था. लेकिन उनकी मांग थी कि वह सीएम आवास में बातचीत के लिए तभी जाएंगे जब इस पूरी बातचीत की लाइव स्ट्रीमिंग कराई जाएगी. अपनी इस मांग को लेकर प्रदर्शनकारी डॉक्टर 40 मिनट तक सीएम आवास के बाहर ही खड़े रहे. मामले को बिगड़ता देख सीएम ममता बनर्जी बाहर आईं थी और उन्होंने वहां मौजूद डॉक्टरों से कहा था कि वह इस पूरी बातचीत की रिकॉर्डिंग कराएंगी लेकिन वो रिकॉर्डिंग उन्हें अभी नहीं दी जाएगी क्योंकि अभी मामला सुप्रीम कोर्ट में है. लेकिन उनकी इस आश्वासन के बाद भी डॉक्टर नहीं मानें. 
तो क्या इस वजह से लाइव स्ट्रीमिंग के लिए नहीं मानीं ममता 
सीएम आवास पर पहुंचे डॉक्टरों की मांग थी कि सीएम से उनकी बातचीत का लाइव स्ट्रीमिंग कराया जाए लेकिन ममता बनर्जी इस बात के लिए तैयार नहीं थी. उन्होंने इन डॉक्टरों से कहा कि मैं इसकी रिकॉर्डिंग कराऊंगी और ये रिकॉर्डिंग आपको सुप्रीम कोर्ट से इजाजत लेने के बाद दे दी जाएगी. चुकि ये मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में है लिहाजा हमारी सरकार इस बातचीत की लाइव स्ट्रीमिंग नहीं करा सकती.
 



kalyan chart

Feedback/Enquiry



Log In Your Account