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मोदी 32 दिन में दूसरी बार जेलेंस्की से मिले: कहा- जंग रोकने पर दूसरे नेताओं से बात करता रहता हूं

24-Sep-2024
न्यूयॉर्क।  ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका दौरे के तीसरे दिन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की। 32 दिन के भीतर ये दोनों नेताओं की दूसरी मुलाकात रही। मोदी 23 अगस्त को यूक्रेन दौरे पर जेलेंस्की से मिले थे।
मोदी ने न्यूयॉर्क में जेलेंस्की से मुलाकात की तस्वीर एक्स पर पोस्ट की। उन्होंने लिखा- हम द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए यूक्रेन दौरे पर हुए फैसलों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
वहीं, विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि मोदी ने जेलेंस्की से कहा है कि वे कई देशों के नेताओं से रूस-यूक्रेन जंग को लेकर बात करते रहते हैं। सबका मानना है कि जल्द सीजफायर का रास्ता खोजना चाहिए।
जेलेंस्की ने जंग रोकने के लिए किए जा रहे प्रधानमंत्री मोदी की प्रयासों के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। जेलेंस्की ने मोदी के यूक्रेन यात्रा की भी सराहना की।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार रात को संयुक्त राष्ट्र संघ की जनरल असेंबली के समिट ऑफ द फ्यूचर को संबोधित किया। लगभग 4 मिनट के भाषण में PM मोदी ने दुनिया के सुरक्षित भविष्य को लेकर भारत का पक्ष रखा।
उन्होंने यूएन से विश्व की बड़ी संस्थाओं में बदलाव की मांग की। मोदी ने कहा, "मानवता की सफलता मिलकर काम करने में है। जंग के मैदान में नहीं। दुनिया की शांति के लिए वैश्विक संस्थाओं में बदलाव जरूरी हैं।"

लेबनान में इजरायल ने मचाई भारी तबाही, एक साथ 1600 ठिकानों पर हमला; 500 लोगों की मौत

24-Sep-2024
बेरूत।  ( शोर संदेश )   इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आईडीएफ ने लेबनान में भारी तबाही मचाई है। सोमवार को इजरायल ने हिजबुल्लाह के खिलाफ सबसे घातक हमला किया।
इस हमले में 90 से अधिक महिलाओं और बच्चों सहित करीब 500 से अधिक लोग मारे गए हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक, हमले में 500 लोगों की मौत हो गई है। इनमें 35 बच्चे और 58 महिलाएं शामिल हैं। घायलों की संख्या 1600 से ज्यादा है।
इजरायल ने कहा है कि उसने हिजबुल्ला के 1600 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया है, वहां से इजरायल पर हमले किए जाते थे या फिर वहां हमले की तैयारी की जाती थी। इस हमले पर अमेरिका ने भी चिंता जाहिर की है। अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में सैनिकों की अतिरिक्त तैनाती करने का फैसला किया है।
यह युद्ध लेबनान के खिलाफ नहीं: बेंजामिन नेतन्याहू
भले ही इजरायली सेना लगातार लेबनान पर हवाई हमले कर रही है, लेकिन इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि यह युद्ध लेबनान के खिलाफ नहीं है। जबकि हिजबुल्ला ने कहा है कि वह इजरायल और कब्जे वाले वेस्ट बैंक के सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है।
आम जनता को ढाल बना रहा हिजबुल्लाह
इजरायली सेना ने खासतौर से हिजबुल्ला के प्रभाव वाले दक्षिणी लेबनान के आम जनों को सशस्त्र संगठन के ठिकानों से दूर रहने की चेतावनी दी है। कहा है कि हिजबुल्ला लड़ाई में नागरिकों को ढाल बनाने के लिए उनके घरों से हमले कर रहा है।
 

जमीन आवंटन घोटाले में चलेगा सिद्धारमैया पर केस, हाईकोर्ट से लगा झटका; गवर्नर ने दी थी मंजूरी

24-Sep-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )   कर्नाटक के मुख्यमंत्री एम. सिद्धारमैया पर जमीन घोटाले के मामले में केस चलेगा। गवर्नर ने इसके लिए मंजूरी दी थी, जिसके खिलाफ सिद्धारमैया ने हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। उच्च न्यायालय ने सिद्धारमैया की अर्जी को खारिज कर दिया है और गवर्नर की ओर से दी गई मंजूरी को सही करार दिया है। मैसुरु अर्बन डिवेलपमेंट अथॉरिटी के प्लॉटों के आवंटन में घोटाले का आरोप है, जिसमें सिद्धारमैया के खिलाफ केस चलाने की परमिशन राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने दी थी। इसके खिलाफ सिद्धारमैया हाई कोर्ट गए थे।
उनकी अर्जी पर सुनवाई करते हुए जस्टिस एम. नागप्रसन्ना ने कहा कि राज्यपाल थावरचंद गहलोत की ओर से केस चलाने की मंजूरी नियमों के तहत दी गई। इस मामले में ऐक्टिविस्ट टीजे अब्राहम, एस. कृष्णा और प्रदीप कुमार एसपी ने शिकायत दर्ज कराई थी। जस्टिस नागप्रसन्ना ने कहा कि आमतौर पर राज्यपाल मंत्री परिषद की सिफारिश पर ही कोई निर्णय लेते हैं, लेकिन संविधान उन्हें विशेष परिस्थितियों में स्वतंत्र निर्णय लेने की भी परमिशन देता है। अदालत ने कहा कि इस मामले में शिकायत पर फैसला लेना जरूरी था। आमतौर पर राज्यपाल मंत्री परिषद की सलाह पर निर्णय लेते हैं, लेकिन कई बार विशेष परिस्थितियों में स्वतंत्र तौर पर भी फैसला लिया जा सकता है।
अदालत ने कहा कि यह मामला ऐसे ही अपवाद और विशेष स्थिति का है। बेंच ने कहा कि गवर्नर के फैसले में कोई भी गलती नहीं लगती है। हाई कोर्ट ने कहा कि हमारे आदेश के साथ ही निचली अदालत की ओर से आने वाला कोई अंतरिम आदेश भी निष्प्रभावी हो जाएगा। दरअसल इस मामले की सुनवाई सिद्धारमैया की अर्जी पर निचली अदालत में भी चल रही थी। अब उच्च न्यायालय के फैसले के बाद वह केस खत्म हो गया है। दरअसल राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने 16 अगस्त को प्रिवेंशन ऑफ करप्शन ऐक्ट के सेक्शन 17ए के तहत सिद्धारमैया के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी दी थी।
 

'जहां भी खाना मिला खा लिया, जहां भी सोने को मिला सो लिया', पीएम मोदी ने अमेरिका में बताया कैसे राजनीति में आए

23-Sep-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )   न्यूयॉर्क में रविवार को भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नियति ने मुझे राजनीति में पहुंचा दिया. मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन मुख्यमंत्री बनूंगा. प्रधानमंत्री मोदी ने मेरे जीवन का एक हिस्सा ऐसा भी रहा, जिसमें कई साल तक मैं देश में भटकता रहा. इस दौरान मुझे जहां खाना मिला खा लिया, जहां सोने को जगह मिला, सो लिया.
पीएम मोदी ने बताया कि वह भी एक वक्त था, जब मैंने कुछ और तय किया था, लेकिन नियति ने मुझे राजनीति में पहुंचा दिया. मैंने कभी सोचा ही नहीं था कि एक दिन मैं सीएम बनूंगा, जब बना तो सबसे ज्यादा समय तक रहने वाला सीएम बना.पीएम मोदी ने कहा कि 13 साल तक मैं मुख्यमंत्री रहा, फिर पीएम बना. देश की जनता ने बहुत भरोसे के साथ मुझे तीसरा टर्म सौंपा है. मैं तीन गुना दायित्व के साथ आगे बढ़ रहा हूं.
भारत एनर्जी और सपनों से भरा हुआ
भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है, भारत एनर्जी और सपनों से भरा हुआ है. हर रोज भारत नया कीर्तिमान स्थापित कर रहा है. हर रोज नई खबर मिलती है. आज ही अच्छी खबर मिली है चेस ओलंपियाड में मेंस औऱ विमेंस में भारत को गोल्ड मेडल मिला है. यह लगभग 100 साल के इतिहास में पहली बार हुआ है.पीएम मोदी ने कहा कि बीते दस सालों में करोड़ों लोगों को भारत में बिजली कनेक्शन मिला, करोड़ों शौचालय बना है.
2014 में भारत के सिर्फ 5 शहरों में मेट्रो थी
पीएम मोदी बोले, "भारत के लोगों को सिर्फ रेल कनेक्टिविटी नहीं, हाई स्पीड कनेक्टिविटी चाहिए, भारत के हर शहर की अपेक्षा है कि उसके यहां मेट्रो चले, देश का हर नागरिक और गांव-शहर चाहता है कि उसके यहां बेस्ट सुविधा हो. 2014 में भारत के सिर्फ 5 शहरों में मेट्रो थी, आज 23 शहरों में मेट्रो है, दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क भारत में हैं. 2014 में भारत के 70 शहरों में एयरपोर्ट थे और आज 140 से ज्यादा शहरों में एयरपोर्ट हैं, 2014 में 100 से भी कम ग्राम पंचायतों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी थी, आज 2 लाख से ज्यादा पंचायतों में ये सुविधा है.
अब भारत अवसरों का इंतजार नहीं करता
पीएम मोदी ने कहा कि एक दशक में भारत पांचवें नंबर की अर्थव्यवस्था बन गया. हर भारतीय चाहता है कि भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बने. देश के एक बड़े वर्ग की उम्मीद पूरी हो रही है. बड़ी संख्या में लोगों के घरों में पीने का साफ पानी पहुंच रहा है. उनके घरों में बिजली पहुंची. अब भारत के लोग गुणवत्तापूर्ण जीवन चाहते हैं. पहले जिस काम को करने में कई साल लग जाते थे, वह अब महीनों में खत्म हो रहा है. अब भारत अवसरों का इंतजार नहीं करता, बल्कि निर्माण करता है. बीते 10 साल में भारत में हर सेक्टर में अवसरों का एक नया लॉन्चिंग पैड तैयार किया है. एक दशक में ही 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं. यह इसलिए हुआ, क्योंकि हमने पुरानी सोच बदली, हमने गरीब को ताकतवर बनाने पर जोर दिया.

केजरीवाल की कुर्सी पर नहीं बैठीं आतिशी, संभाली दिल्ली के सीएम की कमान

23-Sep-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने सीएम पद की कमान संभाल ली है. सीएम आतिशी आज पहली बार दिल्ली सचिवालय पहुंची, लेकिन सीएम आतिशी दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल की कुर्सी पर नहीं बैठीं. सीएम आतिशी सचिवालय अपनी एक कुर्सी लेकर पहुंची और वो उसी कुर्सी पर बैठीं जोकि सफेद रंग की है. उनकी कुर्सी के साथ ही दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल की लाल रंग की कुर्सी रखी हुई है.
सीएम आतिशी ने कहा, आज मैंने दिल्ली के मुख्यमंत्री का कार्यभार संभाला लिया है. आज मेरे मन की वैसी ही व्यथा है जोकि भरत जी की थी, जिस तरह से भरत जी ने भगवान श्रीराम के खड़ाऊं रखकर काम किया वैसे ही मैं अगले 4 महीने मुख्यमंत्री का पद संभालूंगी.
सीएम आतिशी ने कहा, पिछले 2 साल से बीजेपी ने अरविंद केजरीवाल पर कीचड़ उछालने में कोई कसर नहीं छोड़ी, 6 महीने के लिए उन्हें जेल में डाला. कोर्ट ने भी कहा कि अरविंद केजरीवाल को एजेंसी ने दुर्भावना से गिरफ्तार किया. आतिशी ने आगे कहा, यह कुर्सी अरविंद केजरीवाल जी की है, मुझे भरोसा है कि फरवरी में होने वाले चुनाव में दिल्ली की जनता अरविंद केजरीवाल जी को जीताकर फिर से मुख्यमंत्री बनाएगी. तब तक अरविंद केजरीवाल जी की ये कुर्सी यहीं रहेगी.
आतिशी ने आगे कहा, अपने भरोसे के साथ विश्वास के साथ हम एक बार फिर से अरविंद केजीरवाल जी को इस कुर्सी पर बैठाएंगे और तब तक यह कुर्सी इसी कमरे में रहेगी.
सीएम आतिशी ने कहा, अरविंद केजरीवाल ने ईमानदारी की एक मिसाल कायम की है. पिछले 2 साल से बीजेपी ने केजरीवाल की इमेज को खराब करने की हर मुमकिन कोशिश की है. उन पर झूठे आरोप लगाए, उन्हें पूरे 6 महीने के लिए जेल भेज दिया.
अरविंद केजरीवाल ने कहा, जब तक दिल्ली की जनता उनको ईमानदार नहीं मान लेती वो सीएम की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे. इसी के चलते उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया. दिल्ली के मुख्यमंत्री की कुर्सी अरविंद केजरीवाल की है. मुझे उम्मीद है कि दिल्ली की जनता सीएम केजरीवाल को एक बार फिर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाएगी.
बीजेपी ने किया आतिशी पर हमला
मुख्यमंत्री की कमान संभालने के बाद भी सीएम आतिशी मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नहीं बैठीं और अपनी कुर्सी लेकर सचिवालय पहुंची, इस पर अब बीजेपी का रिएक्शन सामने आने लगा है. बीजेपी नेता अमित मालवीय ने आतिशी पर निशाना साधते हुए कहा, दिल्ली में ये ड्रामा बंद होना चाहिए, आज आतिशी मार्लेना ने अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी के बगल में एक खाली कुर्सी रखकर पदभार संभाला.

केजरीवाल ने जंतर मंतर पर बीजेपी पर भी साधा निशाना

22-Sep-2024
नई दिल्ली ( शोर संदेश ) राजधानी दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज एक बार फिर से जनता की अदालत में पहुंचे। यहां जंतर मंतर पर उन्होंने लोगों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि '4 अप्रैल 2011 को जंतर मंतर से अन्ना आंदोलन शुरू हुआ था। दो साल तक अलग-अलग जगहों पर आंदोलन चला। उस समय की सरकार भी अहंकारी थी, हमारी बात नहीं मानते थे और चैलेंज करते थे कि चुनाव लड़ के दिखाओ जीत कर दिखाओ। हमारे पास ना पैसा था, ना आदमी थे, ना गुंडे थे, हम चुनाव कैसे लड़ते, लेकिन हम भी चुनाव लड़ लिए। जनता ने हमें जिता दिया और दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बन गई। हमने देश में साबित कर दिया कि इमानदारी से चुनाव लड़े भी जा सकते हैं और जीते भी जा सकते हैं।' 
 
अरविंद केजरीवाल ने कहा, 'उस समय ये लोग कहते थे कि इनकी तो जमानत जब्त हो जाएगी, लेकिन पहली बार में हमारी 49 दिन की सरकार बन गई थी। पिछले 10 साल से हम लोग दिल्ली के अंदर सरकार चला रहे थे। ऐसी-ऐसी सुविधाएं दीं, जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता। दस साल इमानदारी से काम किया, मोदी जी को लगने लगा कि अगर इनसे जीतना है तो इनकी इमानदारी पर चोट करो। फिर मोदी जी ने षड़यंत्र रचा कि इनको बेइमान साबित करो और फिर हमारे सारे नेताओं को एक-एक करके जेल में डाल दो। अब हम जेल से बाहर आ गए और बाहर आने के बाद हमने इस्तीफा दे दिया।'
नवरात्रि में छोड़ दूंगा आवास 
 
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, 'मैं गंध करने के लिए बाहर नहीं आया था, मुझे सत्ता की भूख नहीं है, मैं पैसे कमाने नहीं आया। देश के लिए आए थे, देश की राजनीति बदलने के लिए आए थे। इन नेताओं को फर्क नहीं पड़ता। मैं नेता नहीं हूं, मेरी मोटी चमड़ी नहीं है, मेरे को फर्क पड़ता है। मुझे जब चोर, भ्रष्टाचारी कहते हैं तो मुझे फर्क पड़ता है। मैं अंदर से बहुत दुखी हूं, इसलिए मैंने इस्तीफा दिया। मैंने अपनी जीवन में केवल इज्जत कमाई है, मेरे बैंक अकाउंट में कोई पैसा नहीं है। जब मैंने इस्तीफा दिया है, आज मेरे पास दिल्ली में घर भी नहीं है रहने के लिए। कई लोग कहते हैं कि दस साल सीएम रहने के बाद दस कोठियां बन जातीं, लेकिन मैंने दस सालों में केवल आपका प्यार कमाया है। आज इतने लोगों के मैसेज आ रहे हैं कि मेरा घर ले लो कोई किराया नहीं लूंगा। श्राद्ध खत्म होने के बाद जब नवरात्रि शुरू होगी तो अपना आवास छोड़ दूंगा और आप में से ही किसी के घर आकर रहूंगा।'

तिरुपति लड्डू विवाद से आहत पवन कल्याण का ऐलान- 11 दिन उपवास रखकर प्रायश्चित करूंगा

22-Sep-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने शनिवार को घोषणा की कि वह तिरुमाला लड्डू प्रसादम को कथित रूप से अपवित्र करने का जो मामला सामने आया है, उसका प्रायश्चित करेंगे. इसके लिए वह गुंटूर जिले के नंबूर में श्री दशावतार वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में 22 सितंबर से 11 दिवसीय 'प्रायश्चित्त दीक्षा' लेंगे. उन्होंने तिरुपति लड्डू प्रसादम के कथित अपमान पर गहरा दुख व्यक्त किया. पवन कल्याण ने कहा कि पूर्ववर्ती जगन मोहन रेड्डी की सरकार के दौरान हुई इस घटना से वह आहत महसूस कर रहे हैं. 
 
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'हमारी संस्कृति, आस्था, विश्वास और श्रद्धा की धर्मधुरी, श्री तिरुपति बालाजी धाम के प्रसाद में कुत्सित प्रयासों के तहत, जो अपवित्रता का संचार करने की कोशिश की गई, उससे मैं व्यक्तिगत स्तर पर अत्यंत मर्माहत हूं. और सच कहूं तो अंदर से अत्यंत छला गया महसूस कर रहा हूं. प्रभु वेंकटेश्वर से, मेरी प्रार्थना है कि इस दुःख के क्षण में हमें और समस्त सनातनियों को अपनी अहैतुकी कृपा से सबलता प्रदान करें.'
उन्होंने आगे लिखा, 'मैं अभी इसी क्षण भगवन से क्षमा प्रार्थी हो प्रायश्चित दीक्षा हेतु प्रण सिद्ध कर रहा हूं और ग्यारह दिवसीय उपवास हेतु धर्म संकल्पित हो रहा हूं. ग्यारह दिवसीय, प्रायश्चित दीक्षा के उत्तरार्ध में, एक और दो अक्टूबर को मैं तिरुपति जाकर प्रभु के साक्षात दर्शन कर, क्षमा प्रार्थी हो, विनती करूंगा और तब भगवन के समक्ष मेरे प्रायश्चित दीक्षा की पूर्णाहूति होगी.' इससे पहले पवन कल्याण ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए 'सनातन धर्म रक्षण बोर्ड' के गठन की आवश्यकता पर जोर दिया था. 
लड्डू प्रसादम को घटिया घी से तैयार करने का आरोप
पवित्र तिरुपति मंदिर के लड्डू प्रसादम को घटिया घी से तैयार करने का मामला सामने आने के बाद पूरे देश के सनातन धर्मावलंबियों की भावनाएं आहत हुई हैं. बता दें कि कुछ दिन पहले एक लैब रिपोर्ट का हवाला देते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने पिछली जगन मोहन सरकार रेड्डी सरकार पर सनसनीखेज आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा था कि तिरुपति मंदिर के लड्डू प्रसादम को जिस घी से तैयार किया जा रहा था, उसके सैंपल में पशुओं की चर्बी मिले होने की पुष्टि लैब टेस्ट में हुई है.
जगन सरकार में एआर डेयरी को दिया गया था कॉन्ट्रैक्ट
तिरुपति मंदिर में घी सप्लाई करने वाली कंपनी एआर डेयरी को जगन सरकार में ही कॉन्ट्रैक्ट मिला था. इस बीच, आंध्र प्रदेश की कांग्रेस अध्यक्ष वाईएस शर्मिला रेड्डी ने शनिवार शाम राजभवन में राज्यपाल अब्दुल नजीर से मुलाकात की और तिरुमाला लड्डू प्रसादम में इस्तेमाल किए गए घी में कथित मिलावट की सीबीआई जांच का आग्रह किया. पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी ने भी आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल करके चंद्रबाबू नायडू के आरोपों की जांच के लिए न्यायिक आयोग के गठन की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया है कि टीडीपी राजनीतिक फायदे के लिए इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगा रही है.

 


यूएनएससी में विस्तार को तैयार हुए क्वाड नेशन, स्थायी सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी का भी समर्थन

22-Sep-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) क्वाड देशों ने शनिवार (स्थानीय समयानुसार) को आयोजित नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधार के प्रति अपना समर्थन जताया. इस दौरान स्थायी और अस्थायी सदस्यों की श्रेणियों में विस्तार की जरूरत पर भी जोर दिया गया. भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका ने 'विलमिंगटन घोषणा' में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को अधिक प्रतिनिधिक, समावेशी, पारदर्शी, कुशल, प्रभावी, लोकतांत्रिक और जवाबदेह बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि विस्तारित सुरक्षा परिषद में अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका और कैरिबियाई क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व होना चाहिए.
संयुक्त घोषणा में कहा गया कि "हम अपने वैश्विक और क्षेत्रीय साझेदारों के साथ मिलकर उन अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और पहलों का समर्थन जारी रखेंगे जो वैश्विक शांति, समृद्धि और सतत विकास का आधार हैं. हम संयुक्त राष्ट्र चार्टर और संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के तीन स्तंभों के प्रति अपने अडिग समर्थन को दोहराते हैं," क्वाड देशों ने यह भी कहा कि वे अपने साझेदारों के साथ मिलकर संयुक्त राष्ट्र, उसके चार्टर और उसकी एजेंसियों की अखंडता को कमजोर करने के एकतरफा प्रयासों का मुकाबला करेंगे. 

घोषणा में यह भी शामिल था कि "हम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार करेंगे, और इसे अधिक प्रतिनिधिक, समावेशी, पारदर्शी, कुशल, प्रभावी, लोकतांत्रिक और जवाबदेह बनाने की जरूरत को मान्यता देते हुए स्थायी और अस्थायी श्रेणियों में विस्तार करेंगे. इस विस्तार में अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका और कैरिबियाई क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व शामिल होना चाहिए." 
इससे पहले, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान वैश्विक संस्थानों में सुधार के लिए भारत की महत्वपूर्ण आवाज़ को मान्यता देने की बात की, जिसमें भारत को यूएनएससी में स्थायी सदस्यता देने का समर्थन भी शामिल है. व्हाइट हाउस द्वारा जारी संयुक्त तथ्य पत्र में कहा गया, "राष्ट्रपति बाइडन ने प्रधानमंत्री मोदी से साझा किया कि संयुक्त राज्य अमेरिका वैश्विक संस्थानों में सुधार की पहलों का समर्थन करता है ताकि भारत की महत्वपूर्ण आवाज को सही मंच मिले, जिसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता भी शामिल है."
शनिवार को विलमिंगटन, डेलावेयर में आयोजित क्वाड नेताओं के शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने भाग लिया. यह छठा क्वाड नेताओं का शिखर सम्मेलन था, जो अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के पद छोड़ने से पहले उनका 'विदाई' शिखर सम्मेलन भी माना जा रहा है.

मुझे काशी का प्रसाद मिला, तो मेरे दिमाग में तिरुपति की बात खटकी', पूर्व राष्ट्रपति ने लड्डू विवाद पर जताई चिंता

21-Sep-2024
नई दिल्ली।    ( शोर संदेश )   भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तिरुपति मंदिर के प्रसाद में मिलावट की खबरों पर गहरी चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि प्रसाद को लेकर हिंदुओं की गहरी आस्था होती है, लेकिन मिलावट की खबरें श्रद्धालुओं के बीच शंका उत्पन्न कर रही हैं. वाराणसी के दौरे का जिक्र करते हुए कोविंद ने कहा, "मैं काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन नहीं कर पाया, लेकिन मेरे कुछ सहयोगी मंदिर गए थे और उन्होंने मुझे प्रसाद दिया. उस समय मुझे तिरुपति मंदिर की मिलावट की खबरें याद आ गईं. यह समस्या सिर्फ एक मंदिर तक सीमित नहीं हो सकती, यह हर मंदिर की कहानी हो सकती है."

कोविंद ने मिलावट को "पाप" बताते हुए कहा, "मिलावट तो पाप है, और हिंदू शास्त्रों में भी इसे पाप कहा गया है. श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद आस्था का प्रतीक है, और इसमें मिलावट करना निंदनीय है." पूर्व राष्ट्रपति की इस टिप्पणी के बाद प्रसाद में मिलावट को लेकर जागरूकता बढ़ाने और इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग जोर पकड़ रही है.
केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने की जांच की मांग
बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने तिरुपति लड्डू से जुड़े विवाद को लेकर आंध्र प्रदेश सरकार से सख्त और निष्पक्ष जांच की मांग की है. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए कहा कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार को या तो विशेष टीम गठित करनी चाहिए या फिर मामले को सीबीआई को सौंपना चाहिए. उन्होंने कहा, "यह हिंदू आस्था और विश्वास पर सीधा हमला है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा."

गुजरात के सूरत के पास ट्रेन पलटाने की कोशिश, ट्रैक पर लगी फिश प्लेट और चाबियों को खोलकर फेंका

21-Sep-2024
सूरत।   ( शोर संदेश )  गुजरात के सूरत में ट्रेन पलटाने की साजिश की गई है। ट्रैक पर लगी फिश प्लेट और चाबियां खोलकर फेंकी गई हैं। समय रहते जानकारी मिलने से एक बड़ा हादसा टला है। ट्रैक की मरम्मत कर रूट को चालू किया गया है। मामला गुजरात के वडोदरा डिविजन का है।
गुजरात के सूरत के पास किम स्टेशन के करीब ट्रेन पलटाने के लिए ट्रैक पर लगी फिश प्लेट और चाबियों को खोलकर फेंक दिया गया था, लेकिन कीमैन की सूझबूझ से बड़ा ट्रेन हादसा होने से बच गया। आज सुबह करीब पांच बजे रेलवे के कीमैन सुभाष कुमार ट्रैक का निरीक्षण करने गए, तो उन्होंने देखा कि ट्रैक पर फिश प्लेट को खोलकर चाबियों को साइड में फेंक दिया गया है।
कीमैन ने फौरन घटना की जानकारी स्टेशन मास्टर और RPF को दी। रेलवे प्रशासन भी तुरंत एक्शन में आया और ट्रैक को दुरुस्त कराया गया जिससे कि रूट पर ट्रेनों का संचालन बाधित ना हो।
घटना आज सुबह की है। दरअसल जब ट्रैक मैन सुबह 5:40 बजे के करीब ट्रैक पर निरीक्षण करने गया तो उसने देखा कि ट्रैक पर फिश प्लेट को खोलकर चाबियों को साइड में फेंका हुआ है। पूरी घटना की जानकारी स्टेशन मास्टर और RPF को दी गई। जल्द से जल्द ट्रैक को दुरुस्त किया गया, ताकि ट्रेनों का संचालन ना रुके। रेलवे के मुताबिक समय रहते जानकारी मिलने से ट्रेनों की आवाजाही को रोका गया। कोई बड़ा हादसा होते-होते बच गया।



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