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अगर 2029 में एक साथ हुए चुनाव तो 17 राज्यों में 3 साल या उससे कम समय तक रहेगी सरकार

19-Sep-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  मोदी सरकार के कैबिनेट ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरकार के 100 दिन होने पर की गई एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा था कि इस सरकार में एक राष्ट्र, एक चुनाव लागू किया जाएगा। यह पिछले तीन लोकसभा चुनावों में बीजेपी के घोषणापत्र का वादा रहा है। लेकिन यह कैसे लागू होगा, कब होगा और क्यों ऐसा हो रहा है? ऐसे कई सवाल हैं। कांग्रेस ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ को संविधान के खिलाफ बताया है। 
पिछले साल मोदी सरकार ने लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और नगर निगमों के चुनाव एक साथ कराने के तरीके सुझाने के लिए कोविंद कमेटी गठित की थी।
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली इस कमेटी ने लोकसभा चुनाव से पहले इस साल मार्च में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें अलग-अलग संवैधानिक संशोधनों की सिफारिश की गई थी। इस कमेटी ने सिफ़ारिश की थी कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराए जा सकते हैं और इसके 100 दिनों के अंदर स्थानीय निकायों के चुनाव कराए जा सकते हैं। 
बीजेपी बिल को कैसे कराएगी पास? 
बीजेपी के पास लोकसभा में 240 सीटें हैं। बहुमत के लिए उसे टीडीपी, जनता दल (यूनाइटेड) और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) जैसे सहयोगियों पर निर्भर रहना पड़ता है। अब ऐसे भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि एक साथ चुनाव कराने की बीजेपी की योजना उसके सहयोगी दलों का समर्थन मिलेगा या नहीं? लेकिन भाजपा खेमे का कहना है कि ये सभी सहयोगी इसके लिए तैयार हैं। 
अगर 2029 में एक साथ हुए चुनाव?
अगर 2029 में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ होना है तो इसके लिए प्रक्रिया अभी से शुरू हो जानी चाहिए। अगर इससे जुड़ी सारी पेचीदगी को 2029 से पहले सुलझा लिया जाता है और यह करने के लिए देश पूरी तरह तैयार दिखाई देता है तो कई राज्य विधानसभाओं को उनके पांच साल के कार्यकाल से पहले भंग कर दिया जाएगा। यानी उनका कार्यकाल पूरा होने से काफी पहले चुनाव के लिए राज्य को तैयार होना होगा। 
पिछले साल जिन 10 राज्यों में नई सरकारें बनीं उनमें 2028 में फिर से चुनाव होंगे और नई सरकारें लगभग एक साल या उससे भी कम समय तक सत्ता में रहेंगी। ये राज्य हिमाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा, कर्नाटक, तेलंगाना, मिजोरम, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान हैं। 
उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात में चुनाव 2027 में होने हैं यानी इन राज्यों में 2027 में बनने वाली सरकारें दो साल या उससे कम समय तक चलेंगी। इसी तरह पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम और केरल में चुनाव 2026 में होने हैं। यहां ऐसी सरकारें होंगी तीन साल तक चल पाएंगी। 
केवल अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और हरियाणा में जहां इस साल चुनाव हो चुके हैं या हो रहे हैं पांच साल तक एक ही सरकार चल सकती है।

राष्ट्रपति को पसंद आई कोसा और महेश्वरी, खरीदी 33 हजार की 2 साड़ी

19-Sep-2024
भोपाल।   ( शोर संदेश )  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दो दिवसीय दौरे पर बुधवार 18 सितंबर को मध्यप्रदेश आईं। इंदौर में मृगनयनी एम्पोरियम में हाथकरघा पर बनी रेशम, कॉटन की चंदेरी व महेश्वरी साडिय़ां देखीं। और यहां उपस्थित सभी कलाकारों और बुनकरों से मुलाकात की।
इस दौरान उन्होंने कर्मचारी से साड़ी चुनने कहा तो, कर्मचारी ने हल्की पिंक महेश्वरी साड़ी पसंद कर दी। मुर्मु ने एक और साड़ी खरीदी और यूपीआइ से 33 हजार रुपए का बिल पे किया। उन्होंने जनजातीय क्षेत्र के हस्तशिल्पी, बुनकरों से चर्चा की।
भोपाल निवासी गोंड चित्रकार पद्मश्री दुर्गाबाई श्याम, और झाबुआ के कलाकार दंपती पद्मश्री रमेश व शांति परमार से प्रभावित हुईं। उनकी कला को सराहा। मुर्मू ने कहा, हमारी संस्कृति को संजो कर रखने की जरूरत है। इस दौरान गोंडी भित्ति चित्रकार दुर्गा श्याम ने उन्हें अपनी बनाई हुई पेंटिंग गिफ्ट की तो वहीं, झाबुआ की परमार दंपती ने अपनी प्रसिद्ध झाबुआ की गुड़िया और जनजातीय प्रतीक चिन्ह राष्ट्रपति को भेंट किया।
सीएम ने तोहफे में दी चंदेरी साड़ी
मृगनयनी के स्टाफ ने बताया कि राष्ट्रपति को कोसा सिल्क और महेश्वरी सिल्क की दो साड़ियां पसंद आईं। उन्होंने ये दोनों ही साड़ियां खरीदीं। इनमें से एक साड़ी 14 और एक साड़ी की कीमत 19 हजार रुपए है। इस तरह राष्ट्रपति ने कुल 33 हजार रुपए की दो साड़ियों की खरीदारी की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी राष्ट्रपति को अपनी ओर से चंदेरी साड़ी तोहफे के रूप में दी। इस दौरान राज्यपाल मंगुभाई पटेल भी मौजूद थे।
 

टेलीकॉम कंपनियों को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली एजीआर बकाया वसूली पर राहत

19-Sep-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )  सुप्रीम कोर्ट ने वोडाफोन समेत बड़ी टेलिकॉम कंपनियों को बड़ा झटका देते हुए बकाया (एजीआर) वसूली से जुड़ी उनकी क्यूरेटिव याचिका को खारिज कर दिया है. टेलिकॉम कंपनियों पर सरकार का करीब 1.7 लाख करोड़ बकाया है. टेलिकॉम कंपनियों ने एजीआर वसूली में गड़बड़ी की शिकायत पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन कोर्ट ने एक बार फिर उनकी याचिक खारिज कर दी. यह वोडाफोन के लिए बड़ा झटका है. क्योंकि अकेले वोडाफोन की करीब 70 हजार करोड़ रुपये की देनदारी बनती है. 
सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में भी टेलिकॉम कंपनियों की याचिका को खारिज कर दिया था. तब सुप्रीम कोर्ट ने कंपनियों को 92 हजार करोड़ रुपये तीन महीने के अंदर जमा करने का आदेश दिया गया था. इस आदेश के खिलाफ टेलिकॉम कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा फिर खटखटाया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर एक और आदेश जारी कर कंपनियों को 10 साल की अवधि में सारा बकाया जमा करने को कहा था.
इसके खिलाफ कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट मे रिव्यू पिटिशन फाइल की थी, जो रद्द हो गई थी. 2023 मे कंपनियों ने फिर क्यूरेटिव पिटिशन के जरिए राहत की मांग की थी, लेकिन गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने इसे भी खारिज कर दिया. बता दें कि क्यूरेटिव याचिका को जज चैंबर में सुनते हैं. कंपनियों ने चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ से गुजारिश की थी कि इस मामले की सुनवाई ओपन कोर्ट में की जाए, जिसे भी कोर्ट ने खारिज किया. 30 अगस्त को चीफ जस्टिस चंद्रचूड़, जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस गवई की बेंच बैठी थी. चैंबर में यह फैसला लिया गया कि याचिका में मेरिट नहीं है. ओपन कोर्ट में सुनवाई की मांग को भी खारिज कर दिया गया. 

चुनाव प्रचार में दिख रहा विनेश फोगाट का अलग अंदाज, कितनी मुश्किल है जीत की राह?

18-Sep-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )  हरियाणा के विधानसभा चुनाव में जिस सीट की सबसे ज्यादा चर्चा है, वह है जींद जिले में पड़ने वाली जुलाना सीट। इस सीट की चर्चा इसलिए ज्यादा है क्योंकि यहां से पहलवान विनेश फोगाट कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। विनेश फोगाट के लिए पूरे भारत और विशेषकर हरियाणा में सहानुभूति की जबरदस्त लहर तब दिखाई दी थी, जब वह सिर्फ 100 ग्राम वजन ज्यादा होने की वजह से ओलंपिक का फाइनल नहीं खेल सकी थीं जबकि सेमीफाइनल में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था।
चुनाव प्रचार के अलावा विनेश फोगाट के लिए जुलाना में चुनावी लड़ाई कितनी मुश्किल है। चुनावी लड़ाई में कितने रणबांकुरे हैं और जुलाना के जातीय समीकरण क्या हैं, इस बारे में भी हम खबर में बात करेंगे। 
जुलाना में है विनेश की ससुराल
चुनाव प्रचार के दौरान विनेश फोगाट का जुलाना में अलग ही अंदाज देखने को मिलता है। यहां याद दिलाना होगा कि विनेश फोगाट मूल रूप से हरियाणा के चरखी दादरी जिले के बलाली गांव की रहने वाली हैं लेकिन उनकी ससुराल जुलाना में है। चुनाव प्रचार के दौरान विनेश जब जुलाना हलके के गांवों में जाती हैं, तो बुजुर्गों (हरियाणा में ताऊ और ताई) से बड़े भावनात्मक अंदाज में मिलती हैं।
चुनाव प्रचार के दौरान विनेश खुद को जुलाना की बहू भी बताती हैं और लोगों को भरोसा दिलाती हैं कि वह उनके साथ हमेशा खड़ी रहेंगी।  
विनेश का जगह-जगह पगड़ी पहनकर स्वागत किया जा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान विनेश के कार्यक्रमों में काफी लोग भी दिखाई देते हैं। हरियाणा के ताऊ और ताई घरों से बाहर निकाल कर उन्हें आशीर्वाद देने आते हैं और उनके सिर पर प्यार से हाथ रखते हैं। जबकि छोटे बच्चों से लेकर नौजवान तक उनके साथ सेल्फी लेना चाहते हैं।
चुनाव प्रचार को कवर करने पहुंचे पत्रकार जब जुलाना हलके के गांवों में महिलाओं से बात करते हैं तो वे कहती हैं कि वे सब विनेश के साथ हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जुलाना में विनेश फोगाट के लिए चुनावी लड़ाई कितनी मुश्किल है?
कौन-कौन हैं चुनावी रण में?
जुलाना सीट पर बीजेपी ने योगेश बैरागी, आम आदमी पार्टी ने महिला रेसलर कविता दलाल, जेजेपी ने अमरजीत ढांडा और इनेलो-बसपा ने डॉक्टर सुरेंद्र लाठर को उम्मीदवार बनाया है। विनेश फोगाट और कांग्रेस के लिए यहां जो मुश्किल दिखाई देती है वह यह है कि कांग्रेस पिछले 15 साल से यहां पर चुनाव नहीं जीती है। 2019 के विधानसभा चुनाव में तो कांग्रेस यहां तीसरे नंबर पर रही थी। पिछले चुनाव में जेजेपी के उम्मीदवार अमरजीत ढांडा ने यहां 24000 से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की थी।

गृह मंत्री अमित शाह का अग्निवीरों को लेकर बड़ा ऐलान

18-Sep-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  सेना में भर्ती के लिए केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई अग्निपथ योजना को लेकर कई युवाओं में नाराजगी थी. इस नाराजगी का असर बीते लोकसभा चुनाव में बीजेपी के उठाना भी पड़ा था. हरियाणा में पार्टी को 10 में से महज 5 सीट पर ही संतोष करना पड़ा था. लेकिन अब केंद्र सरकार और बीजेपी युवाओं के लिए शुरू की गई इस खास योजना को लेकर लगातार अपडेट कर रही है. इसी कड़ी में अब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अग्निवीरों को लेकर बड़ा ऐलान किया है.  
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हरियाणा में एक चुनावी रैली को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों के लिए एक बहुत बड़ा ऐलान कर डाला. दरअसल सेना से आने वाले हर अग्निवीर को लेकर केंद्र सरकार की ओर से नौकरी दिए जाने का ऐलान किया गया है. अमित शाह ने कहा कि देश में अग्निवीरों के लिए 20 फीसदी रिजर्वेशन भी कर दिया गया है. 
अमित शाह के ऐलान के मुताबिक देश के हर अग्निवीर को नौकरी जरूर मिलेगी. 20 फीसदी आरक्षण से जो अग्निवीर बच जाएंगे उन्हें हरियाणा में ही नौकरी दी जाएगी. ऐसे में हर अग्निवीर की नौकरी पक्की है. 
बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से 14 जून 2022 को अग्निपथ योजना की शुरुआत की गई थी. इस योजना का मकसद ज्यादा से ज्यादा युवाओं देश सेवा के लिए प्रेरित करना और उनका उज्जवल भविष्य तैयार करना था. इस योजना में सिर्फ चार वर्ष के लिए सैनिकों की भर्ती करने का प्रावधान किया गया. 
इसके साथ ही इसमें 25 फीसदी को नियमित सेवा में बनाए रखने का भी प्रावधान है. इस योजना के तहत जिन लोगों को भर्ती किया जाएगा उन्हें अग्निवीर कहा जाएगा. हालांकि इसकी लॉन्चिंग के साथ ही इसका देश के कई हिस्सों में विरोध भी शुरू हो गया. राजनीतिक दलों ने इस योजना में कमियों को लेकर सवाल उठाए थे. इसके बाद से ही सरकार इस पर लगातार अपडेट भी कर रही है. 

अमेरिका में भी छाए पीएम मोदी: चुनाव प्रचार के बीच डोनाल्ड ट्रंप बोले- अगले सप्ताह मिलूंगा

18-Sep-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  अमेरिका में नवंबर में राष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं. डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस के बीच मुख्य रूप से मुकाबला है. दोनों ही नेता चुनाव के लिए जोरों-शोरों से प्रचार कर रहे हैं. चुनाव प्रचार के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिया. ट्रंप ने कहा कि वह पीएम मोदी से मिलने वाले हैं.
जानकारी के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को अमेरिकी शहर मिशिगन पहुंचे थे. यहां वे एक चुनावी कार्यक्रम में अमेरिकी व्यापारियों को संबोधित कर रहे थे. अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि वह अगले सप्ताह नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. हालांकि. ट्रंप ने यह नहीं बताया कि दोनों नेता अमेरिका में कहां मिलेंगे. बता दें, नरेंद्र मोदी 21 सितंबर को तीन दिवसीय दौरे पर अमेरिका जाने वाले हैं. 
प्रचार के बीच क्यों लिया पीएम मोदी का नाम
अमेरिकी चुनाव प्रचार में पीएम मोदी का नाम लेना ट्रंप की रणनीति हो सकती है और इसकी दो बड़ी वजह हैं. पहला- पीएम मोदी से घनिष्ठता दिखाकर ट्रंप अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय को रिझाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे चुनावों में भारतीय समुदाय के वोटरों का झुकाव ट्रंप की ओर रहे. इसके अलावा, दूसरा बड़ा कारण है- भारत का बाजार. भारत एक बड़ा बाजार है. अमेरिकी व्यापारी भारत के बाजार में आना चाहते हैं. ऐसे में पीएम मोदी से दोस्ती जाहिर करके वे व्यापारियों को विश्वास दिलवा पाएंगे कि पीएम मोदी उनके दोस्त हैं और सरकार में आने के बाद ट्रंप भारत के बाजारों में उनकी पहुंच को आसान करेंगे. 
संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे पीएम मोदी
पीएम मोदी का अमेरिका दौरा 21 सितंबर से शुरू हो रहा है. पीएम मोदी यहां वार्षिक क्वाड शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे. पीएम मोदी इस दौरान संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे. भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक पीएम मोदी 22 सितंबर को न्यूयॉर्क में भारतीय समुदाय की एक सभा को भी संबोधित करेंगे. 
क्वाड शिखर सम्मेलन में भी होंगे शामिल
इसके अलावा, वार्षिक क्वाड शिखर सम्मेलन का आयोजन अमेरिका के डेलावेयर में होगा. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन इसकी मेजबानी करेंगे. क्वाड सम्मेलन में पीएम मोदी और बाइडन के अलावा, ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज और उनके जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा भी शामिल होंगे. 
कब-कब मिले ट्रंप और मोदी
पीएम मोदी और ट्रंप आखिरी बार साल 2020 में मिले थे. ट्रंप जब भारत आए थे. पीएम मोदी ने मुलाकात को पार्थ ब्रेकिंग बताया था. जी20 शिखर सम्मेलन से पहले साल 2019 में पीएम मोदी ने जापान में ट्रंप से मुलाकात की थी. दोनों नेता के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी हुई थी. इससे पहले साल 2017 में आसियान शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं ने फिलिपींस के मनीला में मुलाकात की थी.
 

राजौरी में बड़ा हादसा, सेना का वाहन गहरी खाई में गिरा, एक जवान शहीद चार घायल

18-Sep-2024
राजौरी।  ( शोर संदेश )   जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में बड़ा हादसा हो गया। भारतीय सेना का वाहन एक गहरी खाई में गिर गया। इस हादसे में एक जवान शहीद हो गया और चार घायल हो गए। बताया जा रहा है कि यह दुर्घटना उस समय हुई जब सेना का वाहन पहाड़ी मार्ग पर चलते हुए अचानक नियंत्रण खोकर खाई में जा गिरा। इस हादसे में जवान बलजीत सिंह शहीद हो गए है। सेना ने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
जानकारी के अनुसार सेना का वाहन एक गहरी खाई में गिर गया। इस दुर्घटना में पांच जवान जख्मी हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां एक जवान का निधन हो गया। व्हाइट नाइट कोर ने एक्स पर पोस्ट किया कि सभी रैंक लांस नायक बलजीत सिंह के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं जो मंजाकोट, राजौरी के पास आतंकवाद विरोधी ड्यूटी के दौरान एक दुखद सड़क दुर्घटना में अपनी जान गंवाने वाले बहादुर थे।
दुर्घटना की जानकारी मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुंचा। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया। गंभीर रूप से घायल दो जवानों को सेना के विशेष अस्पताल में रेफर किया है। हादसे में गाड़ी को भी काफी नुकसान हुआ है।

सभी पुराने या फिर नए चेहरे? टीम आतिशी में कौन-कौन

18-Sep-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  17 सितंबर का दिन राजधानी दिल्ली के लिए बेहद अहम दिन रहा. सियासी उठापटक के बाद केजरीवाल ने सीएम पद से इस्तीफा दिया और आतिशी दिल्ली की नईं मुख्यमंत्री बनना तय हो गया. कहा जा रहा है कि सबकुछ तय रणनीति के अनुसार हुआ. अब दिल्ली की नई मुख्यमंत्री की घोषणा के साथ सरकार की नए कैबिनेट में शामिल होने वाले चेहरों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. चर्चा इस बात की है कि आतिशी की कैबिनेट में मंत्री कौन-कौन बनेगा? क्या आतिशी सरकार में नए मंत्री होंगे शामिल या पुराने चेहरों को फिर मिलेगा मौका?
आतिशी कैबिनेट में किसे मिलेगा मौका?
कयास लगाए जा रहे हैं कि आतिशी की नई कैबिनेट के खाली पदों पर पार्टी क्षेत्रीय और जातीय समीकरण साधने की कोशिश करेगी. संवैधानिक प्रावधानों के मुताबिक दिल्ली में मुख्यमंत्री के अलावा अधिकतम 6 मंत्री हो सकते हैं. सूत्रों की मानें तो आतिशी पुराने चेहरों पर ही भरोसा जता सकती है. कारण - पुराने मंत्री अपने कामकाज से अवगत हैं. पुराने मंत्री पहले से चल रहे कामों को जारी रखने, नीतिगत मामलों को सुचारू रूप से चलाने में ज्यादा योगदान दे सकते हैं. नए चेहरों पर पार्टी इसलिए भी दांव नहीं खेलेगी क्योंकि दिल्ली चुनाव में करीब है.
दिल्ली विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 23 फरवरी को खत्म हो रहा है, ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव फरवरी महीने के शुरूआत में ही हो सकते हैं. निर्वाचन आयोग किसी भी वक्त चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर सकती है, जिसके बाद आचार संहिता लागू हो जाएगी. ऐसी समय में नए मंत्रियों के पास कामकाज करने के लिए समय नहीं होगा. संभावना कम ही है कि आतिशी कैबिनेट में फेर-बदल कर पार्टी में किसी भी तरह की अस्थिरता लाने की कोशिश करेंगी. माना जा रहा है कि आतिशी फिर पुराने मंत्रिमंडल के साथ ही अपना कार्यकाल जारी रखेंगी.
ये मंत्री हो सकते हैं शामिल
दिल्ली में फिलहाल 5 मंत्री हैं और कैबिनेट में एक सीट खाली है. आतिशी के मुख्यमंत्री बनने के बाद भी एक मंत्री पद खाली होगा. माना जा रहा है कि पुराने चेहरों कि लिस्ट में गोपाल राय, कैलाश गहलोत, इमरान हुसैन और सौरभ भारद्वाज को नई कैबिनेट में भी दोबारा मंत्री के रूप में शामिल किया जा सकता है. रेस में कोंडली विधायक कुलदीप कुमार और मंगोलपुरी विधायक राखी बिड़लान का नाम भी शामिल है. आतिशी इन दोनों में किसी एक को मौका दे सकती हैं. कैबिनेट में शामिल होने के लिए कई अन्य विधायक भी दौड़ में हैं. इनमें सोमनाथ भारती, दुर्गेश पाठक, संजीव झा, दिलीप पाण्डेय और महेंद्र गोयल जैसे नाम शामिल हैं.
 

पेंशनरों की दोटूक, पहली तारीख को पेंशन नहीं दी तो होगा आमरण अनशन

18-Sep-2024
शिमला।  ( शोर संदेश )  हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि अगर महीने की पहली तारीख को पेंशन का भुगतान सुनिश्चित नहीं किया गया तो पेंशनर आमरण अनशन से पीछे नहीं हटेंगे। शिमला शहरी इकाई की बैठक कालीबाड़ी हॉल में हुई। इस दौरान कई मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेशाध्यक्ष आत्माराम ने की। बैठक में लगभग 300 पेंशनरों ने भाग लिया और समस्याओं पर चर्चा की। शहरी इकाई के महासचिव सुभाष वर्मा ने बैठक के दौरान बताया कि प्रदेश सरकार के रवैये से पेंशनरों में रोष है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 से लंबित पेंशन संशोधन की राशि अब तक जारी नहीं की गई है, जबकि अगला वेतन आयोग 2026 में आना है। इस बीच कई बुजुर्ग पेंशनर दिवंगत हो चुके हैं लेकिन उनकी पेंशन संबंधी समस्या का निदान आज तक नहीं पाया। वर्मा ने कहा कि पेंशन कोई दान नहीं है, यह उनकी मेहनत से अर्जित अधिकार है। पेंशनरों का इस राशि पर पूरा हक है। जिससे वह परिवार का पोषण करते हैं। बैठक में महंगाई से त्रस्त पेंशनरों ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महंगाई भत्ते की तीन किस्तें अभी तक जारी नहीं की गई हैं। 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी पेंडिंग है। 
वहीं, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे पेंशनरों के चिकित्सा बिलों का भुगतान भी पिछले एक साल से लंबित है। इससे समस्या और बढ़ गई है। ज्यादातर वक्ताओं ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। निर्णय लिया गया कि 20 सितंबर को प्रदेशभर में जिला मुख्यालयों पर पेंशनर धरना-प्रदर्शन करें। पेंशनरों ने मांग की कि सरकार लंबित मांगों पर ध्यान दे और संयुक्त सलाहकार समिति का गठन कर सभी मुद्दों को सुलझाए। पेंशनरों ने कहा कि इससे पहले भी कई सरकारों ने वार्ता कर पेंशनरों की समस्याओं को सुलझाया है। बैठक में मोहन ठाकुर, पीएन भारद्वाज, मदन, हरिचंद गुप्ता, जीवन, भूपराम, कुशाल गुप्ता, सुभाष वर्मा और गुलाब सिंह मौजूद रहे।
व्यावसायिक शिक्षकों ने हरियाणा की तर्ज पर मांगी नीति
व्यावसायिक शिक्षक संघ ने हरियाणा की तर्ज पर नीति बनाने की मांग की है। संघ के प्रधान अश्वनी डटवालिया और राज्य महासचिव नीरज बंसल ने कहा कि व्यावसायिक शिक्षक काफी लंबे समय से प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं। लाखों बच्चों को हर वर्ष कुशल कर रोजगार के नए अवसर प्रदान कर रहे हैं। नई शिक्षा नीति में भी व्यावसायिक शिक्षा को तरजीह दी गई है। बावजूद व्यावसायिक शिक्षक कंपनियों के अधीन काम करने को मजबूर हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारी पूर्व सरकार के समय से हरियाणा की नीति का अध्ययन कर रहे हैं लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है। 

दिल्ली के करोल बाग में ढह गई इमारत, मलबे से निकाले गए 8 लोग; कई के फंसे होने की आशंका

18-Sep-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) राजधानी दिल्ली के करोल बाग में एक पुरानी इमारत ढह गई है। जानकारी के मुताबिक, मकान के ऊपरी दो मंजिल ढह गए। इस हादसे में मकान के मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। मौके पर दमकल की पांच गाड़ियां भेजी गईं हैं। यह मकान बापा नगर अंबेडकर गली के हरध्यान सिंह रोड पर है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस को इस हादसे की सूचना बुधवार सुबह करीब 9 बजे मिली। मौके पर दमकल की पांच गाड़ियां भेजी गईं हैं। मकान के ऊपरी दो मंजिल ढह गए हैं। वहीं मलबे में कई लोगों के फंसे होने की भी आशंका है। 
8 लोगों को बचाया गया
दिल्ली पुलिस ने बताया कि सुबह करीब 9 बजे बापा नगर इलाके से पुलिस स्टेशन प्रसाद नगर में एक इमारत गिरने की सूचना मिली। जो इमारत ढही है वह 25 वर्ग गज क्षेत्र में बनी थी। अब तक 8 लोगों को बचाया जा चुका है। आशंका है कि कुछ और लोग फंसे हो सकते हैं। स्थानीय पुलिस अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर बचाव अभियान चला रही है।
मौके पर पहुंची एनडीआरएफ
डीसीपी सेंट्रल एम हर्षवर्धन ने बताया कि मौके पर एनडीआरएफ की टीम भी पहुंच गई है। यह हादसा ऐसे जगह पर हुआ है जहां बहुत भीड़ है और सड़कें काफी संकरी हैं। ऐसे में भारी उपकरण और गाड़ियां नहीं आ पा रही हैं। इसलिए रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत आ रही है। अभी तक 8 लोगों को रेस्क्यू कर अस्पताल भेजा गया है। बताया जा रहा है कि मकान में किराएदार रहते थे।
करोल बाग में इमारत गिरने का हादसा दुखद: आतिशी
आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता और दिल्ली की नामित मुख्यमंत्री आतिशी ने करोल बाग इलाके में मकान गिरने की घटना को दुखद करार देते पीड़ितों की हर संभव मदद मुहैया कराने का आदेश दिया है। आतिशी ने एक्स पर कहा 'करोल बाग इलाके में मकान गिरने का ये हादसा बेहद दुखद है। मैंने जिलाधिकारी को आदेश दिए हैं कि वहां रहने वाले लोगों और पीड़ितों की हर संभव मदद करें, कोई घायल है तो उसका इलाज कराएं और इस हादसे के कारणों का पता लगाएं। हादसे को लेकर निगम मेयर से भी बात हुई हैं।' उन्होंने कहा 'इस साल बहुत बारिश हुई है, सभी दिल्लीवासियों से मेरी अपील है कि निर्माण से जुड़े किसी भी हादसे की कोई भी आशंका हो तो तुरंत प्रशासन और निगम को बताएं, सरकार तुरंत आपकी मदद करेगी।'
 

 




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