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बिहार में तबाही लाने को बेचैन है ये नदियां, कोसी गंडक बागमती और गंगा उफान पर

06-Oct-2024
पटना।  ( शोर संदेश )   बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है. कोसी, गंडक, बागमती और गंगा जैसी तमाम नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. अवधारा समूह की नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. राज्य के कई तटबंधों पर पानी का भारी दबाव बना हुआ है. जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की मानें तो कोसी, गंडक, बागमती, बूढ़ी गंडक और गंगा तबाही लाने को बेचैन है. वैसे विभाग ने अपने सभी कर्मचारी को अलर्ट कर रखा हैं. संवेदनशील स्थलों पर बाढ़ सुरक्षा कार्य किए जा रहे हैं. अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं.
आपदा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बिहार में बाढ़ के हालात स्थिर हैं. पिछले महीने से राज्य के 38 जिलों में से 30 में आई बाढ़ से 40 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. अकेले सितंबर के तीसरे सप्ताह में गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण आई बाढ़ से 28.34 लाख लोग प्रभावित हुए. दूसरी ओर नेपाल से गंडक, कोसी, बागमती, महानंदा, कमला बलान और कई अन्य नदियों में भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण आई बाढ़ से कुल 16.68 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. सबसे अधिक प्रभावित जिलों में दरभंगा, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, शिवहर, सीतामढ़ी, और मुजफ्फरपुर शामिल हैं.
राज्य में प्रथम चरण में गंगा नदी में बाढ़ के पानी से लगभग 1.5 लाख हेक्टेयर में फसल क्षति हुई है. प्रभावित किसानों को इनपुट अनुदान जल्द उनके खाते में भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी. कृषि विभाग पटना सहित एक दर्जन से अधिक जिलों के किसानों से इनपुट अनुदान के लिए रविवार से आवेदन लेना शुरू कर दिया है. इसके लिए 200 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है. 33 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति पर राशि देने का प्रावधान है. सिचिंत क्षेत्र में किसानों को प्रति हेक्टेयर 17 हजार और असिचिंत क्षेत्र में प्रति हेक्टेयर 8500 रुपए दिये जायेंगे. कृषि विभाग के पोर्टल पर आवेदन आने के बाद कृषि समन्वयक जांच करेंगे. कृषि समन्वयक की जांच रिपोर्ट के आधार जिला स्तर पर एडीएम आपदा द्वारा अनुशंसा के आधार पर किसानों के बैंक खाते में इनपुट अनुदान राशि भेजी जायेगी.
 

14 साल बाद आया फैसला, अवैध निर्माण हटाने का आदेश

06-Oct-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )   संजौली मस्जिद में अवैध निर्माण से जुड़े मामले पर करीब 14 साल बाद शनिवार को नगर निगम आयुक्त कोर्ट ने फैसला सुनाया। साल 2010 से शुरू हुए इस मामले में अवैध निर्माण रोकने को लेकर कुल 38 नोटिस नगर निगम ने जारी किए।
इनमें 27 नोटिस अकेले सलीम नाम के व्यक्ति को भेजे गए, जो साल 2016 तक नगर निगम की सुनवाई में आता रहा। फिर अचानक गायब हो गया। सुनवाई में न आने पर 15 जून 2016 को कोर्ट ने इसे एक्स पार्टी घोषित कर दिया। वहीं, वक्फ बोर्ड को भी इस मामले में 11 नोटिस जारी किए गए। साल 2010 से लेकर 2024 तक इस मामले में कुल 45 पेशियां हुईं। अब 46वीं पेशी में कोर्ट ने अवैध निर्माण गिराने का आदेश सुना दिया।
मस्जिद में अवैध निर्माण होने की शिकायत 31 मार्च 2010 को नगर निगम को मिली थी। इस पर 3 मई 2010 को निगम ने पहला नोटिस जारी कर काम रोकने के आदेश दिए। यह नोटिस सलीम को जारी किया गया था। वहीं, दो सितंबर 2010 को वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भी नोटिस जारी हुआ था। 2011 में भी कई नोटिस जारी किए गए। 2012 तक दो मंजिला मस्जिद बनी थी।  कमेटी ने यहां और निर्माण के लिए नक्शा पास करने के लिए आवेदन किया। लेकिन खामियों के चलते नगर निगम ने यह नक्शा लौटा दिया। इसके बाद कमेटी ने बिना नक्शा पास करवाए ही साल 2018 तक यहां पांच मंजिला मस्जिद खड़ी कर दी।
चार पेशियों में ही आयुक्त अत्री ने सुनाया फैसला
इस मामले में कुल 46 बार आयुक्त कोर्ट में सुनवाई हुई। हर बार फैसला आगे टलता गया। वहीं, नगर निगम के वर्तमान आयुक्त भूपेंद्र अत्री के पास पिछले एक साल की अवधि में इस मामले पर कुल चार बार ही सुनवाई हुई। चौथी ही सुनवाई में आयुक्त ने सभी पहलुओं को जानने के बाद अवैध निर्माण गिराने का फैसला सुना दिया। इस फैसले से मस्जिद कमेटी समेत अन्य पक्ष भी संतुष्ट हैं। अत्री की तैनाती के बाद शहर में अवैध निर्माण से जुड़े करीब 1400 मामलों की सुनवाई में तेजी आई है। इससे अवैध निर्माण के मामलों में भी कमी आई है।
मस्जिद की जमीन पर भी अपने-अपने दावे
संजौली मस्जिद जिस जमीन पर बनी है, उस पर भी अलग-अलग दावे हो रहे हैं। शनिवार को आयुक्त कोर्ट में सुनवाई के दौरान रेजीडेंट वेलफेयर सोसायटी ने रिकॉर्ड पेश करते हुए दावा किया कि जिस जगह मस्जिद बनी है, वह सरकारी जमीन है और कब्जा अहल-ए-इस्लाम है। अहल-ए-इस्लाम का मतलब यह नहीं है कि यह प्रापर्टी वक्फ बोर्ड की हो गई। जिस खसरा नंबर 66 पर वक्फ बोर्ड मस्जिद होने का दावा कर रहा है, उस पर कोई मस्जिद रिकॉर्ड में नहीं है। कहा कि संजौली में वक्फ बोर्ड की करीब 156 बीघा जमीन है, लेकिन वह दूसरी है। जहां मस्जिद बनी है, वह सरकारी जमीन है। दूसरी ओर वक्फ बोर्ड के अधिवक्ता ने दावा किया कि यह बोर्ड की जमीन है। इसका राजस्व रिकॉर्ड भी उनके पास है। हालांकि, आयुक्त ने कहा कि इस कोर्ट में मामला अवैध निर्माण पर चल रहा है। भूमि किसके नाम है, इस पर बहस नहीं होगी। मस्जिद के भीतर होने वाली अन्य गतिविधियों पर भी कोर्ट में बहस नहीं हो सकती।  

दक्षिण 24 परगना : नाबालिग की हत्या पर तनाव, पुलिस थाने में तोड़फोड़ और आगजनी

05-Oct-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) पश्चिम बंगाल में एक बार फिर से उबाल देखने को मिल रहा है. दक्षिण 24 परगना में एक नाबालिग की हत्या पर तनाव काफी बढ़ गया है. गुस्साए लोगों ने पुलिस थाने में घुसकर न सिर्फ तोड़फोड़ की बल्कि आगजनी भी की. मामला नाबालिग बच्ची संग गैंगरेप से जुड़ा है. पुलिस के शिकायत दर्ज न करने पर लोगों में गुस्सा है, जिस वजह से वह पुलिस थाने में घुस गए.
कुलतली पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले कृपाखाली इलाके में चौथी क्लास में पढ़ने वाली एक नाबालिग लड़की को ट्यूशन से लौटते समय किडनैप कर लिया गया. खबर के मुताबिक गैंगरेप के बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई. बच्ची का शव ग्रामीणों को नदी किनारे मिला.
लाठी-डंडे लिए थाने में घुसे गुस्साए ग्रामीण
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई. इसलिए वह गुस्से में है और थाने में घुसकर उन्होंने तोड़फोड़ और आगजनी की. बच्ची संग गैंगरेप और हत्या से दक्षिण चौबीस परगना में पुरुष और महिलाएं सभी बहुत गुस्से में हैं.
पुलिस के शिकायत दर्ज नहीं करने पर उनका गुस्सा इस कदर फूटा कि उन्होंने थाने में जमकर तोड़फोड़ की.गुस्साए लोग हाथों में लाठी-डंडा लिए सड़क पर दौड़ते और थाने में घुसकर गहंगामा करते दिखाई दे रहे हैं.

पीएम किसान सम्मान निधि की 18वीं किस्त जारी : महाराष्ट्र में पीएम मोदी बोले- किसानों को गरीब-बदहाल बनाने में कांग्रेस ने कोई कसर नहीं छोड़ी

05-Oct-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाराष्ट्र के वाशिम में किसानों को बड़ा तोहफा दिया. उन्होंने कृषि और पशुपालन से संबंधित कई योजनाओं का शुभारंभ किया और पीएम किसान सम्मान निधि की 18वीं किस्त भी जारी की. इस दौरान उन्होंने कृषि और बंजारा समाज से जुड़े कार्यक्रम को संबोधित किया. पीएम मोदी ने कहा कि नवरात्रि के पावन मौके पर उनको प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 18वीं किस्त जारी करने का अवसर मिला है.
पीएम मोदी ने कहा कि महाराष्ट्र की डबल इंजन सरकार यहां के किसानों को दोहरा लाभ दे रही है. पोहरादेवी के आशीर्वाद से उनको अभी लाड़की बहन योजना की लाभार्थियों की मदद करने का अवसर मिला है, यह योजना नारी शक्ति का सम्मान बढ़ा रही है.
'किसानों के लिए भेजा पैसा ये लोग खा गए'
पीएम मोदी ने इस दौरान महाराष्ट्र के किसानों के संकट का जिक्र करते हुए कहा कि यहां के किसानों ने कई दशकों से बहुत बड़ा संकट झेला है. कांग्रेस और उसके सहयोगियों की सरकार ने किसानों को गरीब और बदहाल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. जब तक महाअघाड़ी सरकार थी, उनके पास सिर्फ़ दो एजेंडे थे. पहला, किसानों से जुड़ी परियोजनाओं को रोकना और दूसरा, इन परियोजनाओं के पैसे से भ्रष्टाचार करना. हम केंद्र से परियोजनाओं के लिए पैसा भेजते थे, लेकिन वो उसे खा जाते हैं. हर चुनाव से पहले झूठे वादे करना कांग्रेस का एजेंडा है. महाराष्ट्र में भी कांग्रेस और महाअघाड़ी सरकार ने कई योजनाओं को बंद कर दिया था.
कांग्रेस पर निशाना, बाजारा समाज की चिंता
पीएम मोदी ने इस दौरान कांग्रेस को भी निशाने पर लिया और बंजारा समाज पर ब्रिटिश सरकार में हुए अत्याचार का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ब्रिटिश सरकार ने इस पूरे समुदाय को अपराधी घोषित कर दिया था, लेकिन आजादी के बाद बंजारा समुदाय की देखभाल करना और उन्हें उचित सम्मान देना देश की जिम्मेदारी थी. उस समय कांग्रेस की नीतियों ने इस समुदाय को मुख्यधारा से अलग रखा. आजादी के बाद जिस परिवार ने कांग्रेस पार्टी को संभाला, उसकी मानसिकता शुरू से ही विदेशी थी. अंग्रेजी सरकार की तरह यह कांग्रेस परिवार भी दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों को अपने बराबर नहीं समझता. उनको लगता है कि भारत पर सिर्फ एक ही परिवार का शासन होना चाहिए, क्योंकि यह अधिकार उन्हें अंग्रेज देकर गए थे.
पोहरादेवी मंदिर में दर्शन, नगाड़ा बजाया
पीएम मोदी ने वाशिम के पोहरादेवी मंदिर में दर्शन कर नगाड़े पर हाथ आजमाय. जिसकी महान बंजारा संस्कृति में बहुत ही खास जगह है.पीएम ने कहा कि हमारी सरकार आने वाले समय में इस संस्कृति को और भी लोकप्रिय बनाने के लिए हर संभव कोशिश करेगी.
 

जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में सेना की बड़ी कार्रवाई, घुसपैठ की कोशिश नाकाम, दो आतंकी ढेर

05-Oct-2024
जम्मू-कश्मीर   के कुपवाड़ा जिले में सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई. कुपवाड़ा के गुगलधार क्षेत्र में घुसपैठ की जानकारी मिलने के बाद भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मिलकर कार्रवाई शुरू की.
कई घंटों तक चले इस मुठभेड़ में सेना ने दो आतंकियों को मार गिराया. उनके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया. सर्च ऑपरेशन अब भी जारी है.
घुसपैठ की कोशिश नाकाम
भारतीय सेना ने बताया कि सुरक्षा बलों ने कुपवाड़ा में नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया. श्रीनगर स्थित चिनार कोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि गुगलधार में संदिग्ध गतिविधियों को देखने के बाद जब घुसपैठियों को चुनौती दी गई, तो गोलीबारी शुरू हो गई.
सर्च ऑपरेशन जारी
सेना ने बताया कि गुगलधार में सर्च ऑपरेशन अभी भी चल रहा है, जिसमें सेना और पुलिस की संयुक्त टीम लगी हुई है.
कठुआ में एक आतंकी ढेर
हाल ही में जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सुरक्षा बलों ने एक आतंकवादी को मार गिराया था. मारे गए आतंकी के जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने का संदेह था. इसके अलावा, राजौरी जिले के थानामंडी क्षेत्र में भी एक मुठभेड़ शुरू हुई, जब सुरक्षा बलों को दो आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली.
मनियाल गली में तलाशी अभियान
थानामंडी के मनियाल गली में खुफिया जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों ने संयुक्त तलाशी अभियान चलाया. आतंकियों का पता लगते ही दोनों ओर से गोलीबारी शुरू हो गई.

'युवाओं को ड्रग्स की अंधेरी दुनिया में ले जाना चाहती है कांग्रेस', अमित शाह का करारा हमला

04-Oct-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )   दिल्ली से जब्त ड्रग्स को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक ओर जहां मोदी सरकार 'नशामुक्त भारत' के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है, वहीं उत्तर भारत से पकड़ी गई ड्रग्स की ₹5,600 करोड़ की खेप में कांग्रेस के एक प्रमुख व्यक्ति की संलिप्तता बेहद खतरनाक और शर्मनाक है।
दरअसल, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को आरोप लगाया कि ड्रग कारोबार से जुड़े 5,600 करोड़ रुपये की जब्ती के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी को भारतीय युवा कांग्रेस की दिल्ली इकाई के सूचना का अधिकार (आरटीआई) प्रकोष्ठ का अध्यक्ष बनाया गया है। इससे पहले पुलिस ने भी बताया था कि मुख्य आरोपी के एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल के नेताओं के साथ कथित संबंध होने का पता चला है। भारत और विदेश के करीब एक दर्जन लोग पश्चिम एशिया के देशों से भारत में प्रतिबंधित मादक पदार्थों की तस्करी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह में कथित रूप से संलिप्त थे।
इसे लेकर कांग्रेस पर हमला बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस के शासन में ड्रग्स से पंजाब, हरियाणा और समग्र उत्तर भारत में युवाओं का जो हाल हुआ, वह सभी ने देखा है। मोदी सरकार युवाओं को खेल, शिक्षा और इनोवेशन की ओर ले जा रही है, तो वहीं कांग्रेस उन्हें ड्रग्स की अंधेरी दुनिया में ले जाना चाहती है। कांग्रेस नेता द्वारा अपने राजनीतिक रसूख से युवाओं को ड्रग्स के दलदल में झोंकने का जो पाप किया जाना था, उन इरादों को मोदी सरकार कभी पूरा नहीं होने देगी। हमारी सरकार, ड्रग्स के कारोबारियों का राजनीतिक पद या कद देखे बिना, ड्रग्स के पूरे तंत्र का विनाश कर 'नशामुक्त भारत' बनाने के लिए संकल्पित है।
क्या है मामला?
पुलिस ने बुधवार को दक्षिण दिल्ली के महिपालपुर में एक गोदाम से 560 किलोग्राम से अधिक कोकीन और 40 किलोग्राम ‘हाइड्रोपोनिक मारिजुआना’ जब्त किया था। इसकी अनुमानित कीमत करीब 5,620 करोड़ रुपये आंकी गई थी। मामले में विशेष शाखा ने चार लोगों दिल्ली निवासी तुषार गोयल (40), हिमांशु कुमार (27) और औरंगजेब सिद्दीकी (23) तथा मुंबई निवासी भरत कुमार जैन (48) को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने गोदाम में बोरियों में रखे गए 602 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ भी जब्त किए थे।
कांग्रेस का नाम कैसा आया?
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि भारत में संचालित गिरोह के पीछे गोयल का दिमाग है। पूछताछ में पता चला कि चारों आरोपी दिल्ली और अन्य महानगरों में कंसर्ट, रेव पार्टी आदि में बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ बेचने की साजिश रच रहे थे। जांच के दौरान एक सोशल मीडिया खाते से गोयल की कई फोटो मिली हैं, जिसमें वह कांग्रेस के नेताओं के साथ दिखाई दे रहा है। गोयल के कथित फेसबुक खाते में उसकी 'प्रोफाइल पिक्चर' में एक बाघ की तस्वीर है और उसने अपना परिचय 'भारतीय युवा कांग्रेस, डीवाईपीसी के दिल्ली प्रदेश आरटीआई प्रकोष्ठ का अध्यक्ष' लिखा है। हालांकि, युवा कांग्रेस ने एक बयान में कहा कि उसे पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए 17 अक्तूबर, 2022 को संगठन से निष्कासित कर दिया गया था। 

अशोक तंवर ने थामा कांग्रेस का हाथ

04-Oct-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )   हरियाणा विधानसभा चुनाव में मतदान से पहले बड़ी राजनीतिक उलटफेर हुई है। भाजपा नेता और पूर्व सांसद अशोक तंवर कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मौजूदगी में अशोक तंवर ने कांग्रेस में घर वापसी की है। अशोक तंवर कांग्रेस की टिकट पर साल 2009 से 2014 तक लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं। हालांकि, उसके बाद उन्होंने तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और फिर भाजपा का हिस्सा रहे। साल 2024 में वो भाजपा के टिकट पर सिरसा से लोकसभा चुनाव भी लड़े लेकिन जीत नहीं पाए। अब वापस अशोक तंवर कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। बता दें, मतदान से दो दिन पहले अशोक तंवर का ये कदम भाजपा के लिए काफी चौंकाने वाला होगा।
मंच पर राहुल से मिले तंवर
अशोक तंवर ने राहुल गांधी की जनसभा के दौरान ही कांग्रेस का दामन थाम लिया है। कांग्रेस के आधिकारिक एक्स हैंडल से इसकी जानकारी दी गई। कांग्रेस ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “कांग्रेस ने लगातार शोषितों, वंचितों के हक़ की आवाज़ उठाई है और संविधान की रक्षा के लिए पूरी ईमानदारी से लड़ाई लड़ी है। हमारे इस संघर्ष और समर्पण से प्रभावित होकर आज बीजेपी के वरिष्ठ नेता, पूर्व सांसद, हरियाणा में बीजेपी की कैंपेन कमेटी के सदस्य और स्टार प्रचारक अशोक तंवर कांग्रेस में शामिल हो गए। दलितों के हक़ की लड़ाई को आपके आने से और मज़बूती मिलेगी। कांग्रेस परिवार में आपका पुनः स्वागत है, भविष्य के लिए शुभकामनाएं। 

अरविंद केजरीवाल ने खाली किया सीएम आवास, नवरात्रि के दूसरे दिन नए घर में गृहप्रवेश

04-Oct-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )   दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार, चार अक्टूबर को सीएम आवास खाली कर दिया और अपने नए पते के लिए रवाना हो गए। केजरीवाल नवरात्र के दूसरे दिन अपने परिवार के साथ नए घर में गृहप्रवेश कर रहे हैं जो लुटियन दिल्ली में है।
आप के मुखिया अरविंद केजरीवाल अपने नए पते के लिए रवाना हो गए जो लुटियंस दिल्ली में है। उनका नया पता फिरोजशाह रोड स्थित बंगला नंबर 5 है। केजरीवाल अपने पूरे परिवार के साथ नवरात्र के दूसरे दिन नए घर में शिफ्ट होने जा रहे हैं। उन्हें सीएम हाउस से रवाना होते देखा गया। 
 

11.72 लाख रेलवे कर्मचारियों को तोहफा?, 78 दिनों का बोनस, किसानों को सौगात

04-Oct-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )   केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 11.72 लाख से अधिक रेलवे कर्मचारियों को 2028.57 करोड़ रुपये के 78 दिनों के कार्यकुशलता से जुड़े बोनस के भुगतान को बृहस्पतिवार को मंजूरी दे दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी दी। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, यह राशि रेलवे कर्मचारियों की विभिन्न श्रेणियों जैसे ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर (गार्ड), स्टेशन मास्टर, पर्यवेक्षक, तकनीशियन, तकनीशियन हेल्पर, ‘पॉइंट्समैन’, मंत्रालयिक कर्मचारी और अन्य कर्मचारियों को दी जाएगी। कार्यकुशलता से जुड़े बोनस का भुगतान रेलवे के कार्यक्षमता में सुधार की दिशा में काम करने के लिए रेलवे कर्मचारियों को प्रेरित करने के लिए प्रोत्साहन के रूप में दिया जाएगा।
सरकार ने एक लाख करोड़ रुपये की दो कृषि योजनाओं को मंजूरी दी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने टिकाऊ कृषि को प्रोत्साहन और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बृहस्पतिवार को एक लाख करोड़ रुपये के परिव्यय वाली दो बड़ी कृषि योजनाओं को मंजूरी दी। इन योजनाओं के नाम ‘पीएम राष्ट्रीय कृषि विकास योजना’ (पीएम-आरकेवीवाई) और ‘कृषोन्नति योजना’ (केवाई) हैं।
मंत्रिमंडल ने टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए पीएम-आरकेवीवाई और आत्मनिर्भरता के लिए खाद्य सुरक्षा हासिल करने के लिए कृषोन्नति योजना को मंजूरी दी। सरकार ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि इन दोनों कृषि योजनाओं पर कुल मिलाकर 1,01,321.61 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके मुताबिक, मंत्रिमंडल ने कृषि मंत्रालय के तहत संचालित होने वाली सभी केंद्र-प्रायोजित योजनाओं को दो विस्तृत योजनाओं में युक्तिसंगत बनाने की मंजूरी दी है।
सरकार ने खाद्य तेल-तिलहन पर राष्ट्रीय मिशन को मंजूरी दी, 10,103 करोड़ रुपये खर्च होंगे
सरकार ने बृहस्पतिवार को भारत को खाद्य तेलों के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए 10,103 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ खाद्य तेल-तिलहन पर राष्ट्रीय मिशन को मंजूरी दी है। भारत अपनी खाद्य तेल की वार्षिक जरूरत का 50 प्रतिशत से अधिक आयात करता है। सरकार ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘अगले सात वर्षों में तिलहन उत्पादन मामले में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के मकसद से मंत्रिमंडल ने वर्ष 2024-25 से वर्ष 2030-31 के लिए 10,103 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन (एनएमईओ-तिलहन) को मंजूरी दी है।’’

महाराष्ट्र चुनाव से पहले मोदी सरकार का बड़ा फैसला, मराठी, पाली समेत पांच भाषाओं को दिया शास्त्रीय भाषा का दर्जा

04-Oct-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )   महाराष्ट्र चुनाव से पहले मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया. जिसके तहत मराठी समेत पांच भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दे दिया. दरअसल, गुरुवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया और बंगाली भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने को मंजूरी दे दी. बता दें कि केंद्र सरकार ने 12 अक्टूबर 2004 को तमिल को शास्त्रीय भाषा घोषित करते हुए शास्त्रीय भाषाओं के रूप में भाषाओं की एक नई श्रेणी बनाने का निर्णय लिया था.
शास्त्रीय भाषा के लिए निर्धारित किया गया मानदंड
बता दें कि केंद्र ने शास्त्रीय भाषा की स्थिति के लिए एक मानदंड भी निर्धारित किया है. जिसके तहत भाषा अपने प्रारंभिक ग्रंथों/एक हजार वर्षों से अधिक के दर्ज इतिहास में उच्च प्राचीन होनी चाहिए. इसके साथ ही प्राचीन साहित्य/ग्रंथों का एक संग्रह जिसे बोलने वालों की पीढ़ियों द्वारा एक मूल्यवान विरासत माना जाना चाहिए.
इसके साथ ही इस भाषा की साहित्यिक परंपरा मौलिक होनी चाहिए और किसी अन्य भाषण समुदाय से नहीं ली गई हो. बता दें कि शास्त्रीय भाषा की स्थिति के लिए प्रस्तावित भाषाओं की जांच करने के लिए नवंबर 2004 में साहित्य अकादमी के तहत संस्कृति मंत्रालय द्वारा एक भाषाई विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया था.
2004 में शुरू हुआ था सिलसिला
बता दें कि नवंबर 2005 में मानदंडों को संशोधित किया गया. इसके बाद संस्कृत को शास्त्रीय भाषा घोषित किया गया था. केंद्र सरकार ने 2004 में तमिल, 2005 में संस्कृत, 2008 में तेलुगु, 2008 में कन्नड़, 2013 में मलयालम और 2014 में उड़िया को शास्त्रीय भाषाओं का दर्जा दिया था. वहीं 2013 में महाराष्ट्र सरकार से एक प्रस्ताव मंत्रालय को भेजा था. जिसमें मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने की मांग की गई थी. इसके बाद इस प्रस्ताव को एलईसी को भेज दिया गया. एलईसी ने शास्त्रीय भाषा के लिए मराठी की सिफारिश की. 



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