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पीएम मोदी ने कांग्रेस की गारंटियों को बताया 'जनता के साथ धोखा

02-Nov-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पोस्ट करते हुए कांग्रेस शासित राज्य सरकारों पर निशाना साधा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में कांग्रेस की ओर से दी गई गारंटी को लेकर सवाल खड़े किए हैं. 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस की ओर से चुनाव के दौरान दी जाने वाली गारंटियों को जनता के साथ धोखा करार दिया. इस पर अब हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए पर पलटवार किया है. वार-पलटवार का यह सिलसिला महाराष्ट्र और झारखंड राज्य विधानसभा चुनाव से पहले तेज हो रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस शासित राज्य सरकारों पर निशाना साधते हुए लिखा है, ''कांग्रेस पार्टी को यह बात अब समझ में आ रही है कि झूठे वादे करना तो आसान है, लेकिन उन्हें सही तरीके से लागू करना मुश्किल और नामुमकिन है. वे लगातार प्रचार अभियान के दौरान लोगों से ऐसे वादे करते रहते हैं, जिन्हें वे कभी पूरा नहीं कर पाते. अब वे लोगों के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं. आज कांग्रेस की सरकार वाले किसी भी राज्य को देख लीजिए- हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना. विकास की गति और वित्तीय स्थिति बद से बदतर होती जा रही है. उनकी तथाकथित गारंटियां अधूरी हैं, जो इन राज्यों के लोगों के साथ एक भयानक धोखा है. ऐसी राजनीति का शिकार गरीब, युवा, किसान और महिलाएं हैं, जिन्हें न केवल इन वादों के लाभों से वंचित किया जाता है, बल्कि उनकी मौजूदा योजनाओं को भी कमजोर किया जाता है'.

रांची और जमशेदपुर में भूकंप के तेज झटके, घरों से बाहर निकले लोग

02-Nov-2024
रांची। ( शोर संदेश )  झारखंड के कई हिस्सों में शनिवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.3 मापी गई. भूकंप के झटके राजधानी रांची और जमशेदपुर में महसूस किए गए. भूकंप के झटकों ने लोगों को डरा दिया और सभी घरों से बाहर आ गए. फिलहाल किसी तरह के कोई नुकसान की खबर नहीं है.
जमशेदपुर के कुछ इलाकों में शनिवार सुबह भूकंप का झटका महसूस किया गया. वहीं रांची के तमाड़ में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए. शनिवार सुबह आए भूकंप में धरती करीब पांच सेकेंड तक हिलती रही. चाईबासा के चक्रधरपुर में भी भूकंप के झटकों से डरकर लोग घरों से बाहर आ गए.
झारखंड के खरसावां जिले से 13 किलोमीटर दूर इलाके में भूकंप का एपिसेंटर पाया गया. शनिवार सुबह 9:20 बजे यहीं पर भूकंप आया था. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.3 मेग्नीट्यूड मापी गई है. हालांकि अब तक भूकंप के झटके से हुए नुकसान की कोई खबर नहीं है.

 


बांडीपोरा में सेना के शिविर पर आतंकी हमला! जवाबी कार्रवाई के बाद भागे दहशतगर्द

02-Nov-2024
कश्मीर। ( शोर संदेश ) आतंकियों ने शनिवार को उत्तरी कश्मीर के बांडीपोरा में 14 राष्ट्रीय राइफल्स के शिविर पर हमला किया। हालांकि जवानों की जवाबी कार्रवाई के बाद आतंकी वहां से भाग गए. 
इस हमले से कुछ समय पहले ही आतंकियों ने बडगाम में दो प्रवासी मजदूरों पर गोली चलाई थी. इसके बाद सेना ने आतंकियों को पकड़ने के लिए घेराबंदी शुरू कर दी थी.
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, आतंकियों ने रात लगभग साढ़े नौ बजे बांडीपोराा जिला में सेना की 14 आरआर के एक शिविर पर हमले करने की कोशिश की. इस दौरान उन्होंने शिविर पर कुछ दूर से गोलाबारी की. आतंकियों ने बाहरी गेट पर तैनात संतरी को निशाना बनाने की कोशिश, लेकिन उसने जवाबी कार्रवाई की. अन्य जवानों ने भी पोजिशन लेकर जवाबी फायर किया. इसके बाद आतंकी वहां से भाग निकले.  इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
बडगाम में दो लोग को आतंकियों ने बनाया निशाना
वहीं, जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में शुक्रवार शाम आतंकवादियों ने उत्तर प्रदेश के दो लोगों को गोली मार दी. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि मध्य कश्मीर जिले के मागम के मजहामा इलाके में गोली लगने से सूफियान और उस्मान घायल हो गए. अधिकारियों ने बताया कि उन्हें अस्पताल ले जाया गया और उनकी हालत स्थिर बताई गई है. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से कश्मीर घाटी में आतंकवादियों द्वारा किया गया यह पांचवां हमला है. 
इससे पहले पर्यटक स्थल गुलमर्ग से छह किलोमीटर दूर सेना के वाहन पर 24 अक्टूबर को हुए आतंकवादी हमले में दो सैनिक शहीद हो गये थे और दो कुली मारे गए थे जबकि एक अन्य कुली और एक सैनिक घायल हो गये थे. इससे पहले दिन में आतंकवादियों ने पुलवामा जिले के त्राल इलाके में उत्तर प्रदेश के एक श्रमिक शुभम कुमार को गोली मारकर घायल कर दिया था. गांदरबल के गगनगीर इलाके में 20 अक्टूबर को एक सुरंग निर्माण स्थल पर आतंकवादियों ने एक स्थानीय चिकित्सक और छह गैर-स्थानीय मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी थी. शोपियां जिले में 18 अक्टूबर को आतंकवादियों ने बिहार के एक मजदूर की गोली मारकर हत्या कर दी थी. 

पीएम मोदी के आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष बिबेक देबरॉय का निधन, राष्ट्रपति, पीएम समेत इन नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

01-Nov-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  अर्थशास्त्री और पीएम मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष बिबेक देबरॉय का 69 साल की उम्र में निधन हो गया. बिबेक देबरॉय का निधन आज सुबह 7 बजे दिल्ली एम्स में हुआ.वह आंत संबंधी बीमारी से पीड़ित थे. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, बंगाल की सीएम ममता बनर्जी समेत तमाम नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. पीएम मोदी ने शोक जताते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना जाहिर की.
बिबेक देबरॉय पद्म श्री अवॉर्ड से सम्मानित थे. पीएम मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष बनने से पहले देबरॉय  पुणे में गोखले इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिक्स एंड इकोनॉमिक्स (जीआईपीई) के चांसलर भी रहे. 
राष्ट्रपति मुर्मू ने दी बिबेक देबरॉय को श्रद्धांजलि
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ट्वीट कर लिखा, "डॉ. बिबेक देबरॉय के निधन से देश ने एक प्रतिष्ठित सार्वजनिक बुद्धिजीवी खो दिया. उन्होंने नीति निर्माण से लेकर हमारे महान ग्रंथों के अनुवाद तक विविध क्षेत्रों को समृद्ध किया. भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक परिदृश्य के बारे में उनकी समझ असाधारण थी. उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया. मैं उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करती हूं."
पीएम मोदी ने दी श्रद्वांजलि
पीएम मोदी ने एक पुरानी तस्वीर शेयर कर देबरॉय को महान स्कॉलर कहा. पीएम मोदी ने एक्स पर ट्वीट कर कहा कि डॉ. बिबेक देबरॉय जी एक महान विद्वान थे. वह अर्थशास्त्र, इतिहास, संस्कृति, राजनीति, आध्यात्मिकता और अन्य दूसरे क्षेत्रों में पारंगत थे. अपने कामकाज के जरिए उन्होंने भारत के बौद्धिक परिदृश्य पर एक अमिट छाप छोड़ी.

 


बीजेपी के 'बटेंगे तो कटेंगे' की काट के तौर पर सपा ने दिया 'जुड़ेंगे तो जीतेंगे'

01-Nov-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )  उत्तर प्रदेश में उप-चुनाव को लेकर तमाम राजनीतिक दल अपनी तैयारियों को आखिरी रूप देने में लगे हैं. इस चुनाव में अलग-अलग पार्टियां मतदाताओं तक पहुंचने के लिए नारों का भी जमकर सहारा ले रहे हैं. पहले जहां भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बटेंगे तो कटेंगे का नारा दिया था वहीं अब इस क्रम में समाजवादी पार्टी भी शामिल होती दिख रही है. सपा ने बीजेपी के 'बंटेंगे तो कटेंगे' के नारे के जवाब के तौर पर 'जुड़ेंगे तो जीतेंगे' का नारा दिया है. पार्टी ने लखनऊ में 'जुड़ेंगे तो जीतेंगे' के नारे वाले कई पोस्टर भी लगवाए हैं. 
बीजेपी ने सपा को दिया जवाब
सपा के जुटेंगे तो जीतेंगे के नारे के जवाब में बीजेपी ने कहा कि जो हमेशा बांटने का प्रयास करते रहे हैं, आज जोड़ने के बात कर रहे हैं. सीएम योगी ने जब बंटोगे तो कटोगे का नारा का क्या दिया तो अब सब जोड़ने की बात कर रहे हैं. अगर आपको जोड़ना है तो आपको सबका साथ सबका विकास के मंत्र पर काम करना होगा और सबको साथ लेकर चलना होगा. सिर्फ दिखावे के लिए पोस्टर लगा देने से ये नहीं होने वाला है. 

एसबीआई की रिपोर्ट : पांच लाख तक सालाना कमाई वालों में आय असमानता 74% घटी, अंतिम तबके तक पहुंच रहे सरकार के प्रयास

01-Nov-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  पांच लाख रुपये तक की सालाना आमदनी वाले लोगों में आय असमानता 2013-14 से 2022-23 के बीच यानी 10 साल में 74.2 फीसदी तक घट गई है। यह दर्शाता है कि सरकार के प्रयास आर्थिक पिरामिड के निचले हिस्से तक पहुंच रहे हैं। इससे निम्न आय वर्ग के लोगों की आय बढ़ रही है।
एसबीआई की शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि आकलन वर्ष 2014-15 और 2023-24 के दौरान आय असमानता के तुलनात्मक अध्ययन से पता चलता है कि आय वितरण वक्र में दायीं ओर झुकाव हुआ है। इसका मतलब है कि निम्न आय वर्ग के लोग आबादी में हिस्सेदारी के अनुपात में कमाई बढ़ा रहे हैं। देश में ‘असमानता की स्थिति बिगड़ने के बहुप्रचारित मिथक’ को स्पष्ट करने के लिए एसबीआई के आर्थिक विभाग ने आय असमानता की प्रवृत्तियों का विश्लेषण किया है।
निम्न वर्ग की आय में तेजी से बढ़ोतरी
3.5 लाख तक की कमाई वाले लोगों की आय असमानता में हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2013-14 में 31.8 फीसदी थी, जो 2020-21 में घटकर 12.8 फीसदी रह गई। इस समूह की आय हिस्सेदारी उनकी आबादी की तुलना में 19 फीसदी तेजी से बढ़ी है।
निम्न आय वर्ग (5.5 लाख से कम आमदनी) ने पिछले दशक में अध्ययन काल की पूरी अवधि के दौरान सकारात्मक वृद्धि दर दर्ज की है।
रिटर्न भरने में यूपी की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी
रिपोर्ट में कहा गया है कि आयकर आधार में अग्रणी रहने वाले महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात और कर्नाटक जैसे राज्य आयकर रिटर्न भरने में उच्चतम स्तर के करीब पहुंच रहे हैं। कुल कर आधार में उनकी हिस्सेदारी घट रही है। रिटर्न भरने में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है। इसके बाद बिहार, आंध्र प्रदेश, पंजाब व राजस्थान का स्थान है।
प्रत्यक्ष करों का जीडीपी में अनुपात आकलन वर्ष 2023-24 में 6.64 फीसदी तक बढ़ गया, जो 2000-01 के बाद सर्वाधिक है।
 

शिवसेना-उद्धव गुट की तीसरी लिस्ट में 5 नाम, अब तक 85 उम्मीदवारों का ऐलान

28-Oct-2024
मुंबई। ( शोर संदेश )  शिवसेना उद्धव गुट ने शनिवार देर रात पांच और उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की। पार्टी ने हारुन खान को वर्सोवा, संजय भालेराव को घाटकोपर (पश्चिम) और संदीप नाइक को विले पार्ले से मैदान में उतारा है।
इनमें से वर्सोवा और घाटकोपर पश्चिम सीट पर कांग्रेस और NCP (SP) ने अपना दावा पेश किया था। वहीं, दहिसर सीट से शिवसेना (UBT) नेता अभिषेक घोसालकर के पिता विनोद घोसालकर को टिकट दिया गया है।
8 फरवरी, 2024 की रात पूर्व पार्षद अभिषेक घोसालकर की गोली मार कर हत्या की गई थी। उद्धव चाहते थे कि दहिसर सीट से अभिषेक की पत्नी तेजस्विनी चुनाव लड़ें। अभिषेक के पिता और पूर्व विधायक विनोद घोसालकर भी इसी सीट से टिकट मांग रहे थे। इसी वजह से इस सीट को होल्ड कर रखा गया था। इसके अलावा लिस्ट में 5वां नाम भैरुलाल चौधरी जैन का है। उन्हें मलाबार हिल विधानसभा से उतारा गया है।
महायुति में 288 में से अब तक कुल 223 कैंडिडेट का नामों का ऐलान हो चुका है। बाकी बचे उम्मीदवारों को लेकर तीनों पार्टियों में खींचतान चल रही है।
दूसरी लिस्ट में 15 नामों का ऐलान किया था शिवसेना (UBT) ने शनिवार सुबह 15 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की थी। इसमें शिवडी विधानसभा से अनिल चौधरी को उम्मीदवार बनाया गया था। यहां से लालबाग राजा मंडल के मानद सचिव सुधीर साल्वी भी टिकट मांग रहे थे, लेकिन अनिल चौधरी का नाम फाइनल हुआ। शिवसेना (UBT) अब तक कुल 85 उम्मीदवारों का ऐलान किया है। MVA के सीट शेयरिंग के तहत उद्धव गुट, NCP शरद गुट और कांग्रेस 85-85 सीटों पर लड़ेगी। हालांकि, संजय राउत ने 24 अक्टूबर को कहा था उनकी पार्टी 100 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

 


दिवाली से पहले ही दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति 'गंभीर'

28-Oct-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) दिल्ली-एनसीआर की हवा मेें प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है. दिल्लीवालों को आने वाले हफ्ते में वायु गुणवत्ता के मामले में चिंताजनक स्थिति का सामना करना पड़ सकता है. पूर्वानुमान से संकेत मिलता है कि 28 अक्टूबर से 30 अक्टूबर, 2024 तक दिल्ली में हवा की गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में रहेगी. पटाखे और पराली जलाने जैसे कारक स्थिति को और खराब कर सकते हैं. जिससे 30 अक्टूबर तक प्रदूषण का स्तर 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच सकता है. मुश्किल ये भी है, वर्तमान मौसम संबंधी परिस्थितियां प्रदूषकों को दिल्ली से दूर ले जाने के लिए अनुकूल भी नहीं हैं, जिसके परिणामस्वरूप शहर में स्थिर हवा हानिकारक कणों को टिकाए रखती है. आईआईटीएम, पुणे द्वारा किए गए पूर्वानुमान ने अगले 6 दिनों के लिए प्रदूषण का पूर्वानुमान जारी किया गया है.
हवाओं के साथ रहेगा स्मॉग
इस अवधि के दौरान, दक्षिण-पूर्व से आने वाली प्रमुख सतही हवाओं की गति 28 अक्टूबर को 8 किमी प्रति घंटे रहने की उम्मीद है, जो धीरे-धीरे 30 अक्टूबर तक 6 से 12 किमी प्रति घंटे के बीच हो जाएगी. इन हवाओं के साथ सुबह स्मॉग भी रहेगा लेकिन आसमान साफ रहेगा, जिससे प्रदूषण के स्तर को कम करने में बहुत कम मदद मिलेगी.
हवाओं की धीमी गति और दिशा, साथ ही सुबह के समय धुंध का बनना, रात भर जमा होने वाले प्रदूषकों के प्रभावी फैलाव में बाधा डालता है. अगले कुछ दिनों में 1500 से 1550 मीटर तक की अधिकतम मिश्रण गहराई का पूर्वानुमान लगाया गया है. साथ ही लगातार कम वेंटिलेशन इंडेक्स भी प्रदूषण फैलाने वाले कारकों को कम करने के लिए प्रतिकूल परिस्थितियों का संकेत देता है. वेंटिलेशन इंडेक्स, जो 30 अक्टूबर तक 2800 m²/s तक कम हो जाएगा, फैलाव में अनुकूल परिस्थितियों के लिए आवश्यक सीमा से नीचे है, जो वायु गुणवत्ता को कम करने के लिए बाहरी हस्तक्षेप की आवश्यकता को उजागर करता है.
पॉल्यूशन से बचने के लिए करें ये उपाय
सरकारी एजेंसियां की ओर से दिल्ली वालों को सलाह दी जाती है कि वे खराब वायु गुणवत्ता के लंबे समय तक संपर्क से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों से बचने के लिए एहतियाती उपाय करें, जैसे कि बाहरी गतिविधियों को सीमित करना और घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का उपयोग करना शामिल है.

जम्मू-कश्मीर के अखनूर में सेना की गाड़ी पर गोलीबारी, जवानों ने चलाया सर्च ऑपरेशन

28-Oct-2024
जम्मू।  ( शोर संदेश ) जम्मू-कश्मीर के अखनूर में सोमवार को आतंकवादियों ने सेना की गाड़ी पर गोलीबारी कर दी। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू जिले के जोगवान इलाके में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास की यह घटना है। बताया जा रहा है कि आर्मी के एम्बुलेंस को निशाना बनाया गया है। सैन्य अधिकारी ने कहा कि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ। सतर्क जवानों ने टेरर अटैक को नाकाम कर दिया। साथ ही, इलाके में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। लोगों से पूछताछ के आधार पर और जानकारी जुटाई जा रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के साथ लगती सीमा के समीप अखनूर सेक्टर में 3 आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली है। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि खौर के भट्टल इलाके में आसन मंदिर के पास ग्रामीणों ने भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों की मौजूदगी की जानकारी दी थी। सीमा पर स्थित गांव से जब सेना की एक एम्बुलेंस गुजरी तो वहां गोलियों की आवाज भी सुनी गई। सैन्य कर्मियों के साथ पुलिस ने गांव और आसपास के इलाकों की घेराबंदी कर दी। ऐसी आशंका है कि ये आतंकवादी सीमा पार से घुसपैठ कर आए हैं।
पिछले 2 हफ्ते में 7 आतंकी हमले
बीते 2 हफ्ते में जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमलों में 12 लोगों की जान चली गई है। इस तरह, विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद केंद्र शासित प्रदेश में शांति भंग हो गई है। हाल के दिनों में जम्मू-कश्मीर में 7 आतंकी हमले हुए हैं। इनमें 24 अक्टूबर की शाम को गुलमर्ग में अटैक भी शामिल है, जिसमें 4 लोगों की जान चली गई थी। गांदरबल जिले के गगनगीर में 20 अक्टूबर को आतंकवादी हमला हुआ था। इसमें एक स्थानीय डॉक्टर और बिहार के 2 मजदूरों सहित 7 लोगों की जान चली गई थी। कश्मीर में स्थानीय युवकों के आतंकवादी समूहों में शामिल होने की गुप्त प्रवृत्ति ने चिंता पैदा कर दी है। अब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा को लेकर फिर से सवाल उठने लगे हैं।
आतंकियों के खिलाफ ऐक्शन जारी
इस बीच, जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में हथियार, गोला-बारूद और अन्य आपत्तिजनक सामग्री के साथ आतंकवादियों के सहयोगी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कहा कि हंदवाड़ा पुलिस ने सेना की 22 आरआर (राष्ट्रीय राइफल्स) और सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) 92 बटालियान (बीएन) के साथ मिलकर ऐक्शन लिया। यूनिसू में तलाशी के दौरान आतंकवादियों के एक सहयोगी को पकड़ा। आरोपी की पहचान उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के लट्टी शार्ट सोपोर निवासी इश्फाक मजीद डार के रूप में हुई है। उसके कब्जे से एक पिस्तौल, 2 मैगजीन, 12 राउंड और कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। हंदवाड़ा थाने में धारा 13, 23 यूएलएपी, 7/25 आईए अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।

भारत-चीन सीमा विवाद पर बनी सहमति, लेकिन चुनौतियां भी साथ; कितना भरोसेमंद ड्रैगन

25-Oct-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर स्थिति सुधारने की दिशा में हालिया सहमति महत्वपूर्ण कदम है, खासकर गलवान घाटी संघर्ष के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में आई खटास को देखते हुए। इस सहमति का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रूस के कजान में BRICS बैठक के दौरान द्विपक्षीय वार्ता की।
हालांकि, चीन पर भरोसा करने में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। पीएम मोदी ने अप्रैल 2024 में कहा था कि सीमाओं पर चल रही स्थिति का समाधान आवश्यक है, जबकि चीनी विदेश मंत्रालय ने इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सीमा विवाद के बीच अन्य मुद्दों के समाधान की उम्मीद जताई। भारत और चीन के बीच गश्ती अधिकारों पर सहमति, विशेषकर डेपसांग मैदान और डेमचोक क्षेत्र में स्थिति में सुधार की उम्मीद जगाती है।
हालांकि, दोनों देशों के बीच ब्रीफिंग में अंतर स्पष्ट है। भारत ने यह कहना जारी रखा कि जब तक सीमा विवाद का समाधान नहीं होता तब तक चीन के साथ सामान्य व्यापार नहीं हो सकता। यह स्थिति दर्शाती है कि सीमा विवाद अभी भी द्विपक्षीय संबंधों में एक संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है।
सतर्कता जरूरी
पीएम मोदी और शी जिनपिंग की बैठक के बाद कुछ भिन्नताएं उभरकर सामने आईं। भारत की तरफ से की गई ब्रीफिंग में कहा गया कि पीएम ने 2020 में भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में उत्पन्न समस्याओं के पूर्ण समाधान के लिए हाल के समझौते का स्वागत किया।" वहीं, चीनी बयान में केवल इतना कहा गया कि दोनों नेताओं ने सीमा क्षेत्रों में संबंधित मुद्दों के समाधान पर महत्वपूर्ण प्रगति की।
समझौते की रूपरेखा
दोनों देशों ने डेपसांग मैदान और डेमचोक क्षेत्र में एक-दूसरे को गश्ती अधिकार बहाल करने पर सहमति व्यक्त की है। ये ऐसे क्षेत्र हैं जहां समस्याएं 2020 के चीनी आक्रमण से पहले की हैं। इसका मतलब है कि भारतीय सैनिक गश्ती बिंदु (PP) 10 से 13 तक डेपसांग मैदान में और डेमचोक के चार्डिंग नाले में गश्ती कर सकते हैं।
 



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