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जम्मू-कश्मीर में विधानसभा सत्र- 370 निरस्त के खिलाफ पीडीपी विधायक का प्रस्ताव, सीएम उमर बोले- कोई अहमियत नहीं

04-Nov-2024
कश्मीर। ( शोर संदेश )  जम्मू-कश्मीर में विधानसभा सत्र का का आज पहला दिन था. आज ही स्पीकर का चुनाव हुआ. सत्र के पहले ही दिन पीडीपी विधायक वहीद उर रहमान पर्रा ने 370 के निरस्त के खिलाफ प्रस्ताव पेश कर दिया. बीजेपी विधायकों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया. इसके बाद सदन में जमकर हंगामा होने लगा. जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि 370 के खिलाफ प्रस्ताव की कोई अहमियत नहीं है.
सीएम अब्दुल्ला ने कहा कि अगर इसके पीछे कोई उद्देश्य होता, तो वे पहले हमसे इस पर चर्चा करते. हमें पता था कि इसके लिए एक सदस्य द्वारा तैयारी की जा रही है. वास्तविकता यह है कि जम्मू-कश्मीर के लोग 5 अगस्त 2019 को लिए गए फैसले को स्वीकार नहीं करते हैं. अगर उन्होंने इसे स्वीकार किया होता, तो आज के नतीजे अलग होते. सदन इस पर कैसे विचार करेगा, यह कोई एक सदस्य तय नहीं करेगा.
सीएम अब्दुल्ला ने कहा कि पीडीपी विधायक द्वारा आज लाए गए प्रस्ताव का कोई महत्व नहीं है, यह केवल कैमरों के लिए है. अगर इसके पीछे कोई उद्देश्य होता, तो वे पहले हमसे इस पर चर्चा करते. इसके बाद उन्होंने स्पीकर से सदन को स्थगित करने का रिक्वेस्ट किया. इसके बाद स्पीकर ने विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी.

पीएम मोदी ने सोरेन सरकार पर साधा जमकर निशाना

04-Nov-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड के गढ़वा में सोमवार को एक चुनावी जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने हेमंत सोरेन सरकार पर जमकर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि झारखंड में भर्तियों में धांधली और पेपर लीक जेएमएम का उद्योग बन गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, 'मैं आज सबका आशीर्वाद मांगने आया हूं. आज झारखंड में हर तरफ एक ही गूंज है, रोटी, बेटी, मांटी की पुकार, झारखंड में भाजपा-एनडीए सरकार.'
पीएम मोदी ने कहा कि, इस समय छठ के महापर्व का उत्साह भी चारों तरफ दिख रहा है, मैं छठी मैया की उपासना करने वाले सभी व्रतियों को भी मैं अपनी शुभकामनाएं देता हूं. झारखंड का ये चुनाव ऐसा समय हो रहे हैं जब पूरा देश जब आजादी के 100 साल होंगे तो हिंदुस्तान को विकसित होने का संकल्प लेकर के पूरा देश आगे बढ़ रहा है. आने वाले 25 वर्ष देश के लिए भी और झारखंड के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण हैं. देश की आजादी के सौ वर्ष पूरे होंगे और झारखंड भी तब 50 वर्ष का होने वाला है.
पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा ने तो झारखंड के लोगों की आकांक्षाओं का सम्मान करते हुए झारखंड अलग राज्य का निर्माण किया था, कुछ लोग यहां बैठे हैं वो कहते थे हमारी छाती पर झारखंड बनेगा, उनकी छाती पर झारखंड बन गया लेकिन झारखंड के कुछ नेता उनकी गोदी में जाकर बैठ गए. विकसित झारखंड बनाने के लिए बीते दस वर्षों में झारखंड के इंफ्रास्ट्रक्चर पर बहुत आधुनिक फोकस किया गया है.
पीएम मोदी ने कहा कि झारखंड को देश के दूसरे हिस्सों से जोड़ने वाली सड़कों को आधुनिक और चौड़ा किया जा रहा है. यहां रेल कनेक्टिविटी को सशक्त किया जा रहा है. आज झारखंड को 12 आधुनिक वंदे भारत ट्रेनें कनेक्ट कर रही हैं, गंगा जी पर जो वोटरवे बन रहा है, उससे भी झारखंड कनेक्टिड है, जगदीशपुर, हल्दिया, बोकारो, धामरा ये गैस पाइप लाइन झारखंड वालों को सस्ती गैस पहुंचाने में मदद कर रही है।
 

पीएम मोदी 8 नवंबर से महाराष्ट्र में करेंगे 11 रैलियां, योगी आदित्यनाथ भी संभालेंगे कमान

03-Nov-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाराष्ट्र में 20 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर 8 से 14 नवंबर राज्य में पार्टी के प्रचार के लिए कई रैलियां करेंगे। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी राज्य में 8 से 14 नवंबर के बीच करीब 11 रैलियों को संबोधित करेंगे। महाराष्ट्र भाजपा प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि पीएम मोदी के 8 नवंबर को धुले और नासिक, 9 नवंबर को अकोला और नांदेड़, 12 नवंबर को चंद्रपुर, चिमूर, सोलापुर व पुणे और 14 नवंबर को संभाजीनगर, नवी मुंबई और मुंबई में चुनावी सभाओं को संबोधित करने की उम्मीद है। इसके अलावा गृह मंत्री अमित शाह भी राज्य में चुनाव से पहले करीब 20 रैलियों को संबोधित करेंगे।
साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगभग 22 और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा के लगभग 13 रैलियों को संबोधित करेंगे। इन सब के साथ महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष बावनकुले भी राज्य में पार्टी को बहुमत दिलाने के लिए प्रचार-प्रसार में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री अजित पवार भी राज्य में धुआंधार रैलियां करेंगे।
बता दें कि सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन और विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए), जिसमें शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (शरद पवार गुट) और कांग्रेस शामिल हैं, दोनों ने 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा के चुनावों के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। भाजपा सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का हिस्सा है, जिसमें शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) और अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी भी शामिल है।

इसरो ने भारत का पहला एनालॉग अंतरिक्ष मिशन लेह में किया शुरू, जानें क्या है मिशन

03-Nov-2024
लेह।   ( शोर संदेश ) इसरो ने शुक्रवार को देश के पहले एनालॉग अंतरिक्ष मिशन के लॉन्च की घोषणा की जो लद्दाख के लेह में शुरू हुआ। इस मिशन का नेतृत्व इसरो के मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र ने किया है जिसे एएकेए स्पेस स्टूडियो, लद्दाख विश्वविद्यालय, आईआईटी बॉम्बे के साथ साझेदारी में विकसित किया गया है और लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद द्वारा समर्थित है। मिशन का उद्देश्य एक अंतरग्रहीय आवास में जीवन का अनुकरण करना और पृथ्वी से परे एक बेस स्टेशन स्थापित करने की चुनौतियों का पता लगाना है।
भारत का पहला एनालॉग अंतरिक्ष मिशन लेह में शुरू
इसरो के मुताबिक भारत का पहला एनालॉग अंतरिक्ष मिशन लेह में शुरू हुआ। मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र, इसरो द्वारा एएकेए स्पेस स्टूडियो, लद्दाख विश्वविद्यालय, आईआई बॉम्बे और लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद द्वारा समर्थित एक संयुक्त प्रयास में यह मिशन पृथ्वी से परे एक बेस स्टेशन की चुनौतियों से निपटने के लिए एक अंतरग्रहीय आवास में जीवन का अनुकरण करेगा। लद्दाख का अत्यधिक अलगाव, कठोर जलवायु और अद्वितीय भौगोलिक विशेषताएं इसे इन खगोलीय पिंडों पर अंतरिक्ष यात्रियों के सामने आने वाली चुनौतियों का अनुकरण करने के लिए एक आदर्श स्थान बनाती हैं। यह मिशन भारत के गगनयान कार्यक्रम और भविष्य के अंतरिक्ष अन्वेषण का समर्थन करने के लिए मूल्यवान डेटा का योगदान देगा। लद्दाख की शुष्क जलवायु, उच्च ऊंचाई, बंजर भूभाग मंगल और चंद्र स्थितियों से काफी मिलते-जुलते हैं, जो इसे एनालॉग शोध के लिए आदर्श बनाते हैं। भारत के प्रमुख वैज्ञानिकों में से एक डॉ. आलोक कुमार ने शुरू में अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए लद्दाख का उपयोग करने का विचार प्रस्तावित किया था।
क्या है एनालॉग मिशन
एनालॉग मिशन पृथ्वी के वातावरण में क्षेत्र परीक्षण हैं जो चरम अंतरिक्ष स्थितियों की नकल करते हैं। एनालॉग मिशन वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को यह समझने में मदद करते हैं कि अंतरिक्ष जैसी परिस्थितियों में मनुष्य, रोबोट और तकनीक किस तरह से प्रतिक्रिया दे सकते हैं। नासा के इंजीनियर और वैज्ञानिक अंतरिक्ष में इस्तेमाल किए जाने से पहले कठोर वातावरण में परीक्षण के लिए आवश्यकताओं को इकट्ठा करने के लिए सरकारी एजेंसियों, शिक्षाविदों और उद्योग के साथ काम करते हैं। परीक्षणों में नई तकनीकें, रोबोट उपकरण, वाहन, आवास, संचार, बिजली उत्पादन, गतिशीलता, बुनियादी ढांचा और भंडारण शामिल हैं।
ये मिशन अलगाव, टीम की गतिशीलता और कारावास जैसे व्यवहार संबंधी प्रभावों का भी निरीक्षण करते हैं, जो क्षुद्रग्रहों या मंगल जैसे गहरे अंतरिक्ष मिशनों के लिए तैयारियों में सहायता करते हैं। इन मिशनों के लिए परीक्षण स्थलों में महासागर, रेगिस्तान और ज्वालामुखीय परिदृश्य जैसे विविध स्थान शामिल हैं जो अंतरिक्ष अन्वेषण की चुनौतियों को दोहराते हैं।
 

 


विदेश मंत्री जयशंकर 3 से 8 नवंबर तक ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर के दौरे पर रहेंगे

03-Nov-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )  भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर 3 से 8 नवंबर के बीच महत्वपूर्ण बैठकों और द्विपक्षीय वार्ता के लिए ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर का दौरा करेंगे। विदेश मंत्री कैनबरा में ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग के साथ 15वें विदेश मंत्रियों की रूपरेखा वार्ता (FMFD) की सह-अध्यक्षता भी करेंगे। वह ऑस्ट्रेलियाई संसद भवन में आयोजित होने वाले दूसरे रायसीना डाउन अंडर के उद्घाटन सत्र में मुख्य भाषण देंगे।

विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान जारी कर कहा कि इस यात्रा के दौरान, विदेश मंत्री जयशंकर ब्रिसबेन की यात्रा करेंगे और ऑस्ट्रेलिया में भारत के चौथे वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन करेंगे। विदेश मंत्री कैनबरा में ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग के साथ 15वें विदेश मंत्रियों की रूपरेखा वार्ता (FMFD) ) की सह-अध्यक्षता भी करेंगे। वह ऑस्ट्रेलियाई संसद भवन में आयोजित होने वाले दूसरे रायसीना डाउन अंडर के उद्घाटन सत्र में मुख्य भाषण देंगे। विदेश मंत्री का ऑस्ट्रेलियाई नेतृत्व, सांसदों, भारतीय प्रवासियों, व्यापार समुदाय, मीडिया और थिंक टैंक के सदस्यों के साथ बातचीत करने का भी कार्यक्रम है।

यात्रा के दूसरे चरण में विदेश मंत्री 8 नवंबर को आधिकारिक यात्रा के लिए सिंगापुर जाएंगे, जिसके दौरान वे आसियान-भारत थिंक टैंक नेटवर्क के 8वें गोलमेज सम्मेलन को संबोधित करेंगे। वे दोनों देशों के बीच घनिष्ठ साझेदारी की समीक्षा करने और द्विपक्षीय संबंधों को और बढ़ाने के अवसरों का पता लगाने के लिए सिंगापुर के नेतृत्व से भी मिलेंगे।

उत्तराखंड में केदारनाथ धाम के कपाट आज होंगे बंद

03-Nov-2024
केदारनाथ। ( शोर संदेश )  केदारनाथ धाम के कपाट भैया दूज यानी 3 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद हो रहे है। बाबा केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव मूर्ति शनिवार को प्रात: मंदिर परिसर पहुंची।इस अवसर पर बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय पंचमुखी उत्सव मूर्ति की पूजा-अर्चना में शामिल रहे। इससे पहले शुक्रवार को सीएम पुष्कर धामी ने श्री केदारनाथ धाम में पूजा-अर्चना की और देश भर से आए श्रद्धालुओं, स्थानीय दुकानदारों व सम्मानित पुरोहितगणों से बातचीत कर व्यवस्थाओं के बारे में फीडबैक भी लिया।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने कहा कि केदारनाथ धाम के कपाट 03 नवंबर भैया दूज के पावन अवसर पर सुबह 08 बजकर 30 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे। कपाट बंद होने के बाद बाबा केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव मूर्ति विभिन्न पड़ावों में प्रवास के बाद शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचेगी।

इसी क्रम में शनिवार को भगवान केदारनाथ की पंचमुखी मूर्ति को भंडार से बाहर लाया गया। पंचमुखी उत्सव मूर्ति को पुजारी शिवशंकर लिंग की ओर से स्नान कराया गया धर्माधिकारी औंकार शुक्ला वेदपाठी स्वयंबर सेमवाल ने पूजा-अर्चना संपन्न की और श्रद्धालुओं ने पंचमुखी उत्सव मूर्ति के दर्शन किये। मंदिर की परिक्रमा के बाद भगवान केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव मूर्ति डोली को मंदिर परिसर में विराजमान कर दिया गया।

आपको बता दें शुक्रवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री केदारनाथ धाम में पूजा-अर्चना कर देशवासियों के लिए सुख-समृद्धि व मंगल हेतु प्रार्थना की थी। साथ ही उन्होंने इस दौरान देश भर से आए श्रद्धालुओं, स्थानीय दुकानदारों व सम्मानित पुरोहितगणों से बातचीत कर व्यवस्थाओं के बारे में फीडबैक भी लिया।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि इस वर्ष आई आपदा के बाद भी प्रशासन द्वारा की गई बेहतर व्यवस्थाओं के फलस्वरुप केदारनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सीएम धामी ने कहा कि सुगम, सुरक्षित और सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

भारत की छवि धूमिल कर रहा कनाडा, विदेश मंत्रालय ने कहा- दोनों देशों के संबंधों पर पड़ेगा गंभीर असर

03-Nov-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) भारत ने आरोप लगाया है कि कनाडा लगातार भारत की वैश्विक स्तर पर छवि खराब करने के अनर्गल प्रयास कर रहा है। भारत ने कड़ी चेतावनी दी है कि द्विपक्षीय संबंधों पर इसके गंभीर परिणाम होंगे।

भारत का हालिया बयान कनाडा में सुरक्षा संबंधी स्थाई समिति की सुनवाई के दौरान गृहमंत्री अमित शाह का नाम आने के संबंध में आया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शनिवार को साप्ताहिक पत्रकार वार्ता में कहा कि कल कनाडा के दूतावास के प्रतिनिधि को इस संबंध में तलब किया गया था और राजनयिक नोट दिया गया था।

रणधीर जायसवाल ने आज प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि 29 अक्टूबर को ओटावा में सार्वजनिक सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा पर स्थाई समिति कार्रवाई के संदर्भ में एक राजनयिक नोट प्रतिनिधि को सौंपा गया है। जिसमें बताया गया कि भारत सरकार उप मंत्री डेविड मॉरिसन द्वारा समिति के समक्ष भारत के केंद्रीय गृह मंत्री के बारे में व्यक्त किए गए अनर्गल और निराधार संदर्भों का कड़े से कड़ा विरोध करती है।

उन्होंने कहा कि कनाडा के उच्चाधिकारी भारत को बदनाम करने और अन्य देशों को प्रभावित करने की सुविचार रणनीति के तहत जानबूझकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया को निराधार आक्षेप लीक करते हैं। यह भारत के उस दृष्टिकोण की ही पुष्टि करता है जो भारत सरकार लंबे समय से वर्तमान कनाडा सरकार के राजनीतिक एजेंडा और उसके व्यवहार के तौर-तरीके के बारे रखता रहा है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह की गैर जिम्मेदाराना कार्रवाइयों से दोनों के द्विपक्षीय संबंधों पर गंभीर परिणाम होंगे।
 

रक्षामंत्री का युवाओं से आह्वान, कहा- देश में वह तकनीक विकसित करें, जिनका देश आयात करता है

03-Nov-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए भारतीय युवाओं का आह्वान किया कि वे देश में वह उच्च तकनीक विकसित करें, जिनका देश आयात करता है। उन्होंने यह बातें बीते शनिवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), कानपुर में 65वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करने के दौरान कहीं।

रक्षा मंत्री ने आज हर क्षेत्र में हो रहे तेजी से बदलाव के पीछे ‘प्रौद्योगिकी’ को सबसे बड़ा कारक बताया, जिसमें देश वर्तमान सामरिक परिदृश्य में बढ़त स्थापित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी विशिष्ट तकनीक में महारत हासिल करने के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। इसे आगे समझाते हुए उन्होंने बताया कि तकनीकी विकास के आधार पर देशों के तीन समूह हैं- पहला उन्नत तकनीक में शिखर पर है, दूसरे एक स्थिर स्थिति में पहुंच गए हैं और तीसरे तकनीकी टेक-ऑफ के चरण में हैं।

भारत को तीसरे समूह में रखते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्र आज तकनीकी प्रगति में शीर्ष स्थान की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने उच्च स्तरीय प्रौद्योगिकी पर पकड़ बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया और युवाओं से अपनी क्षमता का एहसास करने और देश की प्रगति में योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने आईआईटी कानपुर जैसे संस्थानों को अकादमिक इंजन करार दिया, जो वर्तमान प्रतिस्पर्धी माहौल में भारत को एक गतिशीलता प्रदान कर सकते हैं और इसे पहले सेट में स्थान दे सकते हैं।

इस दौरान राजनाथ सिंह ने आईआईटी कानपुर में स्टार्ट-अप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (एसआईआईसी) द्वारा आयोजित एक रक्षा प्रदर्शनी का दौरा किया। इसमें 23 एसआईआईसी-इनक्यूबेटेड स्टार्ट-अप के बारे में जानकारी दी गई, जो स्वायत्त प्रणाली, एआई-संचालित निगरानी और अगली पीढ़ी के संचार उपकरणों जैसी रक्षा प्रौद्योगिकी में प्रगति पेश करते हैं। रक्षा मंत्री ने प्रदर्शनी स्टालों पर स्टार्ट-अप संस्थापकों और अनुसंधान टीमों के साथ बातचीत की और राष्ट्रीय सुरक्षा बढ़ाने में उनके योगदान की सराहना की।

इस दौरान कई समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए, जिसमें सैन्य रसद और रक्षा नवाचार में प्रगति के लिए बीईएमएल और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ आईआईटी कानपुर के सहयोग और इनक्यूबेशन प्रयासों को मजबूत करने के लिए कानपुर विश्वविद्यालय के साथ साझेदारी शामिल है। डीडीआर एंड डी के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ समीर वी कामत ने छह परिवर्तनकारी डीआरडीओ परियोजनाओं के लिए स्वीकृति पत्र प्रस्तुत किए।

देश की नवीनतम रक्षा पहलों के बारे में की गई चर्चा

इस कार्यक्रम में देश की नवीनतम रक्षा पहलों, जैसे कि आईडीईएक्स की डिफेंस इंडिया स्टार्ट-अप चैलेंज 12 और अदिति 2.0 चुनौतियों पर महत्वपूर्ण चर्चाएं शामिल थीं, जिन्होंने रक्षा नवाचार परिदृश्य में मूल्यवान जानकारी प्रदान की। इस कार्यक्रम में सचिव (रक्षा उत्पादन) संजीव कुमार, रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ समीर वी कामत, आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल, एसआईआईसी के प्रभारी प्रोफेसर दीपू फिलिप, संस्थान के छात्र और प्रतिष्ठित पूर्व छात्र शामिल हुए।

प्रधानमंत्री मोदी ने भाई दूज के अवसर पर दीं शुभकामनाएं

03-Nov-2024
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रविवार को भाई दूज के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “मैं सभी देशवासियों को भाई दूज की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। मुझे आशा है कि यह पावन अवसर भाई-बहनों के बीच स्नेह को और बढ़ाएगा।”

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस त्योहार पर सभी के जीवन में अपार खुशियां आने की कामना की। शाह ने एक्स पर लिखा, “भाई दूज के पावन पर्व पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। कामना करता हूं कि यह प्रेम, समर्पण और भक्ति का त्योहार सभी के जीवन में अपार खुशियां लाए।”

गौरतलब है कि भाई दूज भाई-बहन के प्यार और बंधन का प्रतीक है। इस खास दिन पर बहनें अपने भाई की लंबी उम्र और सुखी जीवन की कामना करते हुए उनके माथे पर ‘टीका’ लगाती हैं। इस मौके पर भाई-बहन एक-दूसरे को उपहार और मिठाई देकर अपने रिश्ते को और मजबूत करते हैं।

भारत के विभिन्न हिस्सों में भाई दूज को अलग-अलग नामों से जाना जाता है। उत्तर भारत में इसे भाई दूज, भाऊ बीज और भाई बीज के नाम से मनाया जाता है, जबकि महाराष्ट्र में इसे भाई टीका के रूप में मनाया जाता है। बंगाल में इस दिन को भाई फोंटा के नाम से जाना जाता है। दक्षिण भारत में, खासकर कर्नाटक और तेलंगाना में, इसे यम द्वितीया के रूप में मनाया जाता है।

इस त्योहार के पीछे की पौराणिक कथा यह है कि देवी यमुना ने अपने भाई यमराज को अपने घर पर भोजन कराया था, और यह दिन कार्तिक द्वितीया का था। तभी से इस दिन को यम द्वितीया के रूप में मान्यता मिली और मनाया जाने लगा। इस दिन बहनें अपने भाई के माथे पर तिलक लगाती हैं और व्रत व पूजा जैसे अन्य अनुष्ठान करती हैं ताकि उनके भाई का जीवन लंबा और समृद्ध रहे। इसके बदले में भाई अपनी बहनों को उपहार देते हैं और उनकी सुरक्षा का वचन देते हैं।

दिवाली पर चीनी सैनिकों को खिलाई मिठाई, डेमचोक में गश्त शुरू

02-Nov-2024
डेमचोक। ( शोर संदेश )  पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले दो बिंदुओं से भारतीय और चीनी सैनिकों की पूरी तरह वापसी के कुछ दिन बाद भारतीय सेना ने शुक्रवार को डेमचोक में गश्त शुरू कर दी। सेना के सूत्रों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देपसांग में गश्त जल्द ही फिर शुरू हो सकती है। सेना के सूत्रों ने बुधवार को बताया था कि भारत और चीन के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते के बाद पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गतिरोध वाले दो स्थानों-डेमचोक और देपसांग में सैनिकों की वापसी पूरी हो गई है और जल्द ही इन जगहों पर गश्त शुरू कर दी जाएगी।
इसके एक दिन बाद दिवाली के मौके पर एलएसी पर कई सीमा बिंदुओं पर भारत और चीन के सैनिकों ने मिठाइयों का आदान-प्रदान किया। मिठाइयों के परंपरागत आदान-प्रदान से एक दिन पहले दोनों देशों के सैनिकों ने टकराव वाले दोनों बिंदुओं से वापसी की प्रक्रिया पूरी की थी जिसे चीन-भारत संबंधों में नये सकारात्मक आयाम के रूप में देखा जा रहा है।
सेना के सूत्रों ने बताया कि डेमचोक में गश्त शुरू हो गई है। सूत्रों ने पहले कहा था कि क्षेत्रों और गश्त का स्तर अप्रैल 2020 के पहले के स्तर पर पहुंच सकता है। सूत्रों ने बुधवार को कहा था कि सैनिकों के पीछे हटने के बाद सत्यापन प्रक्रिया जारी है और कमांडरों के बीच गश्त के तौर-तरीकों पर फैसला किया जाना है। सूत्रों ने कहा था, ‘‘स्थानीय कमांडर स्तर पर बातचीत जारी रहेगी।’’
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 21 अक्टूबर को दिल्ली में कहा कि पिछले कई हफ्तों की बातचीत के बाद भारत और चीन के बीच एक समझौते को अंतिम रूप दिया गया है और इससे 2020 में उपजे मुद्दों का समाधान निकलेगा। पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर गश्त और सैनिकों को पीछे हटाने के लिए दोनों देशों के बीच बनी सहमति को चार साल से अधिक समय से जारी गतिरोध को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। जून 2020 में गलवान घाटी में हुई भीषण झड़प के बाद से पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर गतिरोध बरकरार था और भारत-चीन संबंध निचले स्तर पर पहुंच गए थे।
 



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