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इजराइल की संसद ‘नेसेट’ को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी

26-Feb-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजराइल के दो दिवसीय दौरे के दौरान यरुशलम में इजराइल की संसद को संबोधित किया। इसके साथ ही वे नेसेट को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए।
इजराइल की संसद ‘नेसेट’ (Knesset) में अध्यक्ष अमीर ओहाना ने प्रधानमंत्री मोदी का औपचारिक स्वागत किया। संबोधन से पहले इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और विपक्ष के नेता यायर लापिड ने भी संसद को संबोधित किया और भारत-इजराइल संबंधों के प्रति मजबूत द्विदलीय समर्थन व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत स्पीकर को धन्यवाद देते हुए की और ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट’ मेडल से सम्मानित किए जाने पर आभार जताया। उन्होंने यह सम्मान दोनों देशों की स्थायी मित्रता और साझा लोकतांत्रिक परंपराओं को समर्पित किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इजराइल के संबंध प्राचीन सभ्यतागत जुड़ाव के साथ-साथ प्रौद्योगिकी, नवाचार, रक्षा, सुरक्षा और रणनीतिक समानताओं पर आधारित हैं। कृषि, ग्रामीण विकास, जल प्रबंधन, सतत विकास और उद्यमिता में सहयोग ने जन-से-जन रिश्तों को और सशक्त बनाया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इजराइल में भारतीय समुदाय और भारत में यहूदी प्रवासी समुदाय ने दोनों देशों की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और द्विपक्षीय संबंधों को गहराई दी है।
प्रधानमंत्री ने 7 अक्टूबर के आतंकी हमले के पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी क्रूरता का कोई औचित्य नहीं हो सकता। उन्होंने क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता के प्रयासों के प्रति भारत के समर्थन की पुष्टि की और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा समर्थित गाजा शांति पहल के प्रति भारत के दृढ़ समर्थन का उल्लेख किया।
उन्होंने बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप आर्थिक गलियारे और आई2यू2 जैसे ढांचों में गहन सहभागिता की बात कही। प्रधानमंत्री ने व्यापार, निवेश, अवसंरचना, हरित विकास, स्टार्ट-अप, डिजिटल समाधान और उभरती प्रौद्योगिकियों में अधिक सहयोग की जरूरत पर बल दिया और महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते को शीघ्र अंतिम रूप देने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने भारत में गठित इजराइल संसदीय मैत्री समूह का उल्लेख करते हुए दोनों लोकतंत्रों के बीच संसदीय संवाद बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत का “वसुधैव कुटुंबकम” और इजराइल का “टिक्कुन ओलम” एक समरस और जिम्मेदार विश्व व्यवस्था के प्रति साझा दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने नेसेट के सदस्यों का भारत-इजराइल संबंधों में योगदान के लिए आभार व्यक्त किया और आगामी पुरिम पर्व के लिए शुभकामनाएं दीं।

बिहार दौरे पर गृह मंत्री अमित शाह, सीमांचल में सुरक्षा और विकास की समीक्षा

26-Feb-2026
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बिहार के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। बुधवार को उन्होंने किशनगंज में भारतीय भूमि बंदरगाह प्राधिकरण (एलपीएआई) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
दौरे के पहले दिन किशनगंज में गृह मंत्री ने केंद्रीय राज्यमंत्री नित्यानंद राय, बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय गृह सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। गृह मंत्रालय के आधिकारिक एक्स हैंडल से बैठक की तस्वीर साझा कर इसकी जानकारी दी गई।
अपने दौरे के दौरान अमित शाह सीमांचल क्षेत्र में सीमा सुरक्षा, प्रशासनिक तैयारियों और चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा करेंगे। यह इलाका नेपाल और बांग्लादेश की सीमाओं के निकट स्थित है।
बिहार के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि गृह मंत्री नेपाल और बांग्लादेश से लगी सीमाओं की समीक्षा के लिए आ रहे हैं। जद(यू) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि सीमांचल क्षेत्र में एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर कृषि कॉलेज, पूर्णिया एयरपोर्ट और वक्फ संपत्तियों के विकास सहित कई परियोजनाएं चल रही हैं। लोजपा विधायक राजू तिवारी ने दौरे का स्वागत करते हुए इसे सरकार की जिम्मेदारी का संकेत बताया। 

कैबिनेट ने केरल राज्य के नाम को बदलकर ‘केरलम’ करने को मंजूरी दी

25-Feb-2026
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को ‘केरल’ राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। कैबिनेट की मंजूरी के बाद, भारत के राष्ट्रपति संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत विचार व्यक्त करने के लिए केरल राज्य विधान सभा को केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 नामक एक विधेयक भेजेंगे। केरल राज्य विधान सभा की राय प्राप्त होने के बाद, भारत सरकार आगे की कार्रवाई करेगी और संसद में ‘केरल’ राज्य का नाम ‘केरलम’ करने के लिए केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 को पेश करने के लिए राष्ट्रपति की सिफारिश प्राप्त की जाएगी।
केरल विधानसभा ने 24.06.2024 को ‘केरल’ राज्य का नाम ‘केरलम’ करने का एक प्रस्ताव पारित किया, जो इस प्रकार है- “हमारे राज्य का नाम मलयालम भाषा में ‘केरलम’ है।
1 नवंबर, 1956 को भाषा के आधार पर राज्यों का गठन किया गया था। केरल पिरवी दिवस भी 1 नवंबर को है।
राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम के समय से ही मलयालम भाषा बोलने वाले लोगों के लिए संयुक्त केरल के गठन की एक मजबूत मांग रही है। लेकिन संविधान की पहली अनुसूची में हमारे राज्य का नाम ‘केरल’ दर्ज है। यह विधानसभा सर्वसम्मति से केंद्रीय सरकार से संविधान के अनुच्छेद 3 के अनुसार नाम को ‘केरलम’ में संशोधित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील करती है।”
इसके बाद, केरल सरकार ने भारत सरकार से संविधान के अनुच्छेद 3 के अनुसार राज्य का नाम ‘केरल’ से ‘केरलम’ करने के लिए संविधान की पहली अनुसूची में संशोधन करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है। संविधान का अनुच्छेद 3 मौजूदा राज्यों के नामों के परिवर्तन के लिए प्रदान करता है। अनुच्छेद 3 के अनुसार, संसद कानून द्वारा किसी भी राज्य का नाम बदल सकती है।
‘केरल’ राज्य का नाम ‘केरलम’ करने के मामले पर भारत सरकार के गृह मंत्रालय में विचार किया गया और अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री और केंद्रीय सहकारिता मंत्री की मंजूरी से, ‘केरल’ राज्य का नाम ‘केरलम’ करने के लिए कैबिनेट के लिए मसौदा नोट को टिप्पणियों के लिए कानून और न्याय मंत्रालय के विधायी विभाग और विधि कार्य विभाग को प्रसारित किया गया था। विधि कार्य विभाग और विधायी विभाग, कानून और न्याय मंत्रालय ने ‘केरल’ राज्य का नाम ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव से सहमति व्यक्त की है। 
 

 


रेगिस्तान में ‘अग्नि वर्षा’: भारतीय सेना का हाई-टेक युद्धाभ्यास शुरू

25-Feb-2026
नई दिल्ली  ( शोर संदेश )। भारतीय सेना 24 फरवरी से ‘अग्नि वर्षा’ नामक व्यापक सैन्य युद्धाभ्यास शुरू कर रही है। इस अभ्यास में आधुनिक टैंक, तोप, ड्रोन, रोबोट, मिसाइल, हेलिकॉप्टर और हवाई शक्ति का समन्वित उपयोग किया जाएगा।
दरअसल ‘अग्नि वर्षा’ भारतीय सेना का एक बड़ा युद्धाभ्यास है, जिसे वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में अंजाम दिया जा रहा है। 24 फरवरी को दक्षिणी कमान के तत्वावधान में रेगिस्तानी क्षेत्र में यह महत्त्वपूर्ण सैन्य अभ्यास आयोजित किया जा रहा है।
इस व्यापक युद्धाभ्यास का उद्देश्य सेना की ऑपरेशनल तैयारी, संयुक्त युद्धक क्षमता और आधुनिक युद्ध प्रणाली की प्रभावशीलता का परीक्षण करना है। रेगिस्तान की कठिन परिस्थितियों में सेना की विभिन्न शाखाएं इसमें भाग ले रही हैं। इनमें पैदल सेना, बख्तरबंद कोर, तोपखाना, वायु रक्षा और संचार इकाइयां शामिल हैं। सभी इकाइयां एकीकृत रूप से युद्धाभ्यास में भाग लेंगी।
अभ्यास का मुख्य फोकस सभी हथियार प्रणालियों के समन्वित उपयोग पर है। इसमें लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता का परीक्षण किया जाएगा और नेटवर्क आधारित कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम को परखा जाएगा। रेगिस्तानी इलाके की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में तेज और निर्णायक कार्रवाई की रणनीति विकसित की जाएगी। इसके माध्यम से आधुनिक तकनीक और स्वदेशी हथियार प्रणालियों की प्रभावशीलता का भी मूल्यांकन होगा।
इस युद्धाभ्यास को 25 देशों के अंतरराष्ट्रीय रक्षा विशेषज्ञ प्रत्यक्ष रूप से देखेंगे। इससे भारत की सैन्य क्षमता का वैश्विक प्रदर्शन होगा और रक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता व विश्वास निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। यह अभ्यास आधुनिक तकनीक के समावेश, स्वदेशीकरण और युद्धक क्षमता के निरंतर विकास की नीति को भी दर्शाता है।
सेना का उद्देश्य है कि भविष्य के युद्धक्षेत्र की चुनौतियों के अनुरूप उसकी रणनीति, संसाधन और प्रणालियां पूरी तरह सक्षम और अद्यतन रहें। यह अभ्यास राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के प्रति सेना की तत्परता का स्पष्ट संदेश देता है। आवश्यकता पड़ने पर त्वरित, सटीक और निर्णायक कार्रवाई की क्षमता सेना के पास मौजूद है।
‘अग्नि वर्षा’ केवल एक सैन्य अभ्यास नहीं, बल्कि तकनीक-सक्षम और आत्मनिर्भर भारतीय सेना की शक्ति, तैयारी और संकल्प का व्यापक प्रदर्शन भी है।
 

अत्याधुनिक टर्मिनल के साथ श्रीनगर बनेगा प्रमुख हवाई केंद्र

24-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर 1,677 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से सिविल एन्क्लेव के बृहत् विस्तार को मंजूरी दे दी है। नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में लिए गए इस निर्णय से जम्मू-कश्मीर में विमानन अवसंरचना और कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।
यह हवाई अड्डा श्रीनगर शहर से लगभग 12 किमी दूर स्थित है और भारतीय वायु सेना के बडगाम एयरबेस के तहत संचालित होता है, जबकि नागरिक संचालन भारतीय विमानन प्राधिकरण द्वारा किया जाता है। परियोजना के अंतर्गत सुरक्षा कर्मियों के लिए बैरकों का निर्माण भी शामिल है।
73.18 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाले नए सिविल एन्क्लेव में 71,500 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाला अत्याधुनिक टर्मिनल भवन होगा, जिसमें वर्तमान 20,659 वर्ग मीटर का ढांचा भी शामिल रहेगा। इसे व्यस्ततम समय में 2,900 यात्रियों की सेवा और प्रति वर्ष 10 मिलियन यात्रियों की क्षमता के अनुरूप डिजाइन किया गया है।
विस्तारित एप्रॉन में 15 विमान पार्किंग बे विकसित किए जाएंगे, जिनमें 1 वाइडबॉडी (कोड ई) विमान के लिए स्थान शामिल होगा। 3,658 मीटर x 45 मीटर का रनवे भारतीय वायु सेना द्वारा संचालित होता रहेगा। परियोजना में 1,000 कारों की क्षमता वाली मल्टी-लेवल कार पार्किंग सुविधा भी विकसित की जाएगी।
नया टर्मिनल आधुनिक डिजाइन और कश्मीर की सांस्कृतिक विरासत का संतुलित मिश्रण प्रस्तुत करेगा। इसमें लकड़ी की पारंपरिक कारीगरी और स्थानीय शिल्प कौशल को शामिल किया जाएगा। साथ ही यात्री प्रसंस्करण क्षेत्र, विशाल लाउंज और उन्नत सुरक्षा व चेक-इन सुविधाओं से संचालन क्षमता को मजबूत किया जाएगा।
परियोजना में जल संचयन प्रणाली, प्राकृतिक प्रकाश का अधिकतम उपयोग और स्थानीय पर्यावरण-अनुकूल सामग्रियों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका लक्ष्य 5-स्टार जीआरआईएचए रेटिंग प्राप्त करना है।
इस परियोजना से डल झील, शंकराचार्य मंदिर और मुगल गार्डन जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच बेहतर होगी। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, निवेश को बढ़ावा मिलेगा और भारत में क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
सिविल एन्क्लेव का विकास विश्व स्तरीय अवसंरचना, बेहतर यात्री सुविधाओं और बढ़ी हुई हवाई संपर्क क्षमता की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम माना जा रहा है। यह परियोजना कश्मीर की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



 

पर्यटन नेतृत्व शिखर सम्मेलन 2026, उपराष्ट्रपति ने सतत और तकनीक-आधारित पर्यटन पर दिया जोर

24-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली में आयोजित ‘पर्यटन नेतृत्व शिखर सम्मेलन 2026’ को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यटन संस्कृतियों के बीच सेतु, आर्थिक अवसरों का चालक और सॉफ्ट कूटनीति का शक्तिशाली साधन है। उन्होंने पर्यटन विकास को पर्यावरणीय लक्ष्यों के अनुरूप आगे बढ़ाने और एआई जैसी उभरती तकनीकों के एकीकरण पर बल दिया।
यह सम्मेलन यूएस-इंडिया पार्टनरशिप फोरम द्वारा संकला फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया गया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह मंच पर्यटन की संभावनाओं को रेखांकित करने के साथ भारत-अमेरिका आर्थिक गलियारे को मजबूत करने का रणनीतिक रोडमैप भी प्रस्तुत करता है।
उन्होंने कहा कि पर्यटन लोगों के बीच गहरे संबंध, साझा मूल्यों और भारतीय प्रवासी समुदाय की जीवंतता को दर्शाता है। यह वैश्विक स्तर पर सांस्कृतिक संवाद और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है।
नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में घोषित पर्यटन विजन 2029 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य प्रत्येक राज्य में विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल विकसित करना है। यह पहल केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं, बल्कि बेहतर कनेक्टिविटी, स्मार्ट सुविधाएं, सुरक्षा, सततता और डिजिटल एकीकरण पर आधारित समग्र पर्यटन इको-सिस्टम के निर्माण पर केंद्रित है।
उन्होंने भारत की सभ्यतागत विरासत और विविध भूदृश्यों को वैश्विक पर्यटन की नई पहचान बताते हुए यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों के संरक्षण और उन्नयन पर जोर दिया। बेहतर आगंतुक सुविधाएं, व्याख्या केंद्र, अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी और डिजिटल कहानी-वाचन को उन्होंने आवश्यक बताया।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि पर्यटन विकास जलवायु-सचेत अवसंरचना और समुदाय आधारित मॉडल पर आधारित होना चाहिए। प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को पर्यटन नीति का अभिन्न हिस्सा बनाने की आवश्यकता है।
उन्होंने अंतरिक्ष, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, नवीकरणीय ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों को नए युग के पर्यटन आकर्षण के रूप में विकसित करने की बात कही। साथ ही पर्यटन अनुभव को बेहतर बनाने के लिए एआई आधारित समाधानों के व्यापक उपयोग पर बल दिया।
पर्यटन को रोजगार सृजन का प्रमुख स्रोत बताते हुए उन्होंने प्रशिक्षण, उद्यमिता और महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों में निवेश बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
अपने संबोधन के अंत में उपराष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि यह शिखर सम्मेलन सततता, नवाचार और साझा समृद्धि पर आधारित भारत-अमेरिका सहयोग के नए अध्याय की शुरुआत करेगा।

 

प्रधानमंत्री 25-26 फरवरी को इजराइल दौरे पर, रणनीतिक साझेदारी पर होगी व्यापक चर्चा

24-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निमंत्रण पर 25-26 फरवरी, 2026 को इजराइल की राजकीय यात्रा पर जाएंगे। यह प्रधानमंत्री की इजराइल की दूसरी यात्रा होगी।
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात करेंगे। दोनों नेता भारत-इजराइल रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवाचार, रक्षा एवं सुरक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, व्यापार और अर्थव्यवस्था सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा करेंगे।
दोनों नेताओं के बीच पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान होने की उम्मीद है। यह बैठक द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा के दौरान इसहाक हर्जोग से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न आयामों पर चर्चा होगी।
पीएम नरेंद्र मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक साझेदारी की पुष्टि करेगी। साथ ही साझा चुनौतियों की समीक्षा और दो लोकतांत्रिक देशों के बीच मजबूत सहयोग के विजन को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगी। 





 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ‘जीवन बचाओ और एक स्वस्थ भारत बनाओ’ अभियान का किया उद्घाटन

24-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 24 फरवरी, 2026 को मुंबई के लोक भवन में पीडी हिंदुजा अस्पताल द्वारा आयोजित राष्ट्रव्यापी अभियान ‘जीवन बचाओ और एक स्वस्थ भारत बनाओ’ का उद्घाटन किया। राष्ट्रपति ने कहा कि नागरिकों का स्वास्थ्य सामूहिक जिम्मेदारी है और सभी हितधारकों को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि सबसे गरीब लोगों तक भी समय पर और समुचित चिकित्सा देखभाल पहुंचे।
राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले एक दशक में सरकार ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। देशभर में 1,80,000 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत लगभग 12 करोड़ परिवारों को प्रति वर्ष प्रति परिवार 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध है। मिशन इंद्रधनुष, टीबी मुक्त भारत अभियान और सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन जैसे कार्यक्रम नागरिकों को बीमारियों से बचाने में योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि किसी की जान बचाना सबसे बड़ा परोपकार है। समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से अधिकांश जीवन बचाए जा सकते हैं। प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपए तक नकद उपचार सुविधा प्रदान की जाती है। एम्बुलेंस, ट्रॉमा सेंटर और जन-जागरूकता आपात स्थितियों में जीवन बचाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
मुर्मु ने कहा कि स्वस्थ नागरिक एक मजबूत राष्ट्र की नींव हैं। गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाना राष्ट्र निर्माण का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने किफायती और विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता स्वास्थ्य सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और भविष्य में इसका प्रभाव और बढ़ेगा। नवाचार और नई तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है, जिससे एआई आधारित स्वास्थ्य समाधान विकसित हो रहे हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर दवा उत्पादन में अग्रणी है, लेकिन कई चिकित्सा उपकरणों और महत्वपूर्ण दवाओं के लिए आयात पर निर्भरता बनी हुई है। किफायती स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए देश में दवाओं और उपकरणों का निर्माण बढ़ाना आवश्यक है। मेक इन इंडिया और पीएलआई जैसी पहलें इस दिशा में सहायक हैं।
द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए स्वस्थ नागरिक आवश्यक हैं। समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होने से भारत वैश्विक स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में और अधिक मान्यता प्राप्त करेगा। 
 

पीएम मोदी से मिले मणिपुर सीएम खेमचंद सिंह, शांति और विकास पर चर्चा

24-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) मणिपुर सीएम युमनाम खेमचंद सिंह ने मंगलवार को नई दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए मणिपुर में शांति, समान विकास और महिला सशक्तीकरण के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।
प्रतिनिधिमंडल में उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन और लोसी दिखो भी शामिल थे। नेमचा किपगेन मणिपुर की पहली महिला उपमुख्यमंत्री हैं और कांगपोकपी जिले की निवासी हैं।
यह मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह की पदभार संभालने के बाद प्रधानमंत्री से पहली औपचारिक मुलाकात थी। बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में शांति, सद्भाव और सामाजिक एकता स्थापित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार पहाड़ी और घाटी दोनों क्षेत्रों में समान विकास और सामंजस्यपूर्ण वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से महिलाओं के सशक्तीकरण पर जोर देते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और स्वरोजगार के क्षेत्रों में केंद्र सरकार से विशेष सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी से सामाजिक स्थिरता और आर्थिक प्रगति को मजबूती मिलेगी।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों ने प्रधानमंत्री को मणिपुर आने का औपचारिक निमंत्रण दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री का दौरा राज्य में शांति और विकास प्रयासों को नई गति देगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। बैठक में शांति बहाली, विकास परियोजनाओं और महिला सशक्तीकरण के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
हाल के समय में मणिपुर में जातीय तनाव और हिंसा की घटनाओं के बीच नई सरकार ने शांति बहाली को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। संवाद, विकास योजनाओं और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से राज्य में स्थिरता बहाल करने के प्रयास तेज किए गए हैं।


 

एआई समिट की सफलता पर पीएम मोदी ने कहा- ‘पूरी दुनिया ने भारत के सामर्थ्य की जमकर सराहना की’

23-Feb-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई समिट की सफलता को लेकर कहा है कि पूरी दुनिया ने इस ऐतिहासिक समिट में भारत के सामर्थ्य की जमकर सराहना की। इसे लेकर पीएम मोदी ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि दिल्ली में हुए ऐतिहासिक एआई समिट में पूरी दुनिया ने भारत के सामर्थ्य की जमकर सराहना की है। इससे पता चलता है कि टेक्नोलॉजी को लेकर हमारे युवा साथियों की सोच पूरी मानवता के बहुत काम आने वाली है।
पीएम मोदी ने एक्स पोस्ट में 55 सेकंड का एक वीडियो भी शेयर किया। इस वीडियो में बताया गया कि अज्ञात ज्ञान को खोजने के लिए प्रयोग और अनुसंधान आवश्यक है। ज्ञात तथ्यों पर निर्णय और विश्लेषण शोध की शुरुआत है, और अनुभव एवं अवलोकन से ही वह ज्ञान सत्यापित होता है।
बता दें कि रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में पीएम मोदी ने एआई समिट की तारीफ करते हुए कहा कि इसमें दुनिया ने भारत की अद्भुत क्षमताएं देखी हैं। उन्होंने कहा कि एआई की शक्ति के उपयोग की दिशा में यह समिट एक टर्निंग प्वाइंट साबित हुई है।
पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली में हुई ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान कई देशों के नेता, उद्योग जगत के लीडर्स, इनोवेटर्स और स्टार्ट-अप सेक्टर से जुड़े लोग इस समिट के लिए भारत मंडपम में एकत्र हुए। आने वाले समय में एआई की शक्ति का उपयोग दुनिया किस प्रकार करेगी, इस दिशा में यह समिट एक टर्निंग पॉइंट साबित हुई है।
पीएम मोदी ने अपने अनुभव शेयर करते हुए कहा, “समिट में मुझे वैश्विक नेताओं और टेक सीईओ से मिलने का भी अवसर मिला। एआई समिट की प्रदर्शनी में मैंने वैश्विक नेताओं को ढेर सारी चीजें दिखाईं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया भर के लीडर्स ये देखकर हैरत में पड़ गए कि कैसे एआई की मदद से हम हमारे प्राचीन ग्रंथों और हमारे प्राचीन ज्ञान को हमारी पांडुलिपियों को संरक्षित कर रहे हैं और आज की पीढ़ी के अनुरूप ढाल रहे हैं।



 


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