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दुनिया में बजा प्रधानमंत्री मोदी का डंका, अब ये दो राष्ट्र देंगे अपना 'सर्वोच्च सम्मान'

20-Nov-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्तमान समय में दुनिया के सबसे पॉपुलर नेताओं में से एक हैं। पीएम मोदी फिलहाल तीन देशों की यात्रा पर हैं। पहले उन्होंने नाइजीरिया की यात्रा की। इसके बाद वह जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए ब्राजील के रियो डी जेनेरियो शहर गए। वहीं, यात्रा के अंतिम चरण में पीएम मोदी बुधवार को गयाना पहुंचे हैं। अब गयाना और बारबाडोस दोनों ही देशों ने पीएम मोदी को अपने सर्वोच्च पुरस्कार से सम्मानित करने का ऐलान किया है।
कौन से अवार्ड मिलेंगे?
गयाना और बारबाडोस ने पीएम मोदी को अपने सबसे बड़े अवार्ड पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा की है। जानकारी के मुताबिक, गयाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार "द ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस" प्रदान करेगा। वहीं, बारबाडोस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रतिष्ठित मानद ''ऑर्डर ऑफ फ्रीडम ऑफ बारबाडोस'' से सम्मानित करेगा।
क्यों अहम है गयाना की यात्रा?
50 साल से अधिक समय में यह पहला मौका है जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने गयाना की यात्रा की है। आपको बता दें कि गयाना में बड़ी संख्या में भारतीय मूल की आबादी रहती है। इनकी संख्या  3,20,000 के करीब है। पीएम मोदी जब हवाई अड्डे पर पहुंचे तब गयाना के राष्ट्रपति इरफान अली अपने 12 से अधिक कैबिनेट मंत्रियों के साथ उनके स्वागत के लिए खड़े थे। पीएम मोदी 21 नवंबर तक गयाना में रहेंगे और यहां के राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली के साथ दोनों देशों के बीच अनूठे संबंधों को रणनीतिक दिशा देने पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा पीएम मोदी दूसरे भारत-कैरिकॉम शिखर सम्मेलन में कैरेबियाई साझेदार देशों के नेताओं से भी मुलाकात करेंगे।
पीएम मोदी को अब तक कितने सम्मान?
इससे कुछ दिन पहले पहले डोमिनिका ने भी पीएम मोदी के लिए अपने सर्वोच्च पुरस्कार "डोमिनिका अवार्ड ऑफ ऑनर" की घोषणा की थी। आपको बता दें कि पीएम मोदी को अन्य देशों से मिलने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की संख्या अब तक 19 पहुंच गई है।

गुयाना के पास तेल का अकूत भंडार, इस वजह से पीएम मोदी की यात्रा है खास

20-Nov-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को कैरेबियाई देश गुयाना की ऐतिहासिक यात्रा पर पहुंचेंगे. उनकी तीन दिवसीय यात्रा में एनर्जी सिक्योरिटी पर बात हो सकती है. गुयाना तेल और गैस संसाधनों की खोज के बाद तेजी से विकास करने वाला देश है. उसके साथ जुड़कर भारत न केवल एनर्जी सिक्योरिटी को बढ़ावा देने की उम्मीद कर रहा है, बल्कि दुनिया के दक्षिण देशों और कैरिबियन क्षेत्र के बीच अपनी स्थिति को मजबूत करने का प्रयास कर रहा है.
पूरी दुनिया की गुयाना पर नजरें हैं, जिसकी वजह कच्चे तेल के अकूत भंडार हैं. ऐसी खबर पहले आ चुकी है कि गुयाना आने वाले समय में संसार के दस सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों में शामिल हो सकता है. आठ अरब बैरल कच्चे तेल का भंडार यहां है.
भारत और गुयाना के बीच एनर्जी और रक्षा समझौतों की उम्मीद
पीएम मोदी की यात्रा के दौरान भारत और गुयाना के बीच एनर्जी और रक्षा समझौतों होने की उम्मीद है. भारत अनूठे इतिहास का लाभ उठाने के प्रयास में जुटा है. यहां की लगभग 40 प्रतिशत आबादी भारतीय मूल की है. इसमें राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली भी शामिल हैं, जिनके पूर्वजों को 19वीं सदी में ब्रिटिश सरकार ने गिरमिटिया मजदूर के रूप में कैरिबियन क्षेत्र में भेजा था.
1968 के बाद किसी भारतीय पीएम की पहली गुयाना यात्रा
पीएम मोदी की गुयाना यात्रा से दोनों देशों के बीच संबंध और मजबूत होंगे. पिछले साल, राष्ट्रपति अली प्रवासी भारतीय दिवस में मुख्य अतिथि थे. उन्हें प्रवासी भारतीय सम्मान से सम्मानित भी किया गया था, जो भारतीय मूल के लोगों के लिए सर्वोच्च सम्मान है. मोदी की गुयाना यात्रा 1968 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की यात्रा के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा है. मोदी अली के साथ बातचीत करेंगे और गुयाना की संसद के विशेष सत्र को संबोधित करेंगे.

बारिश, आंधी, भूकंप सबसे बचाएगी ये खास ट्रेन…

20-Nov-2024
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश )  भारत सरकार की मुंबई-अहमादाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत, चलने वाली ट्रेनों को खास तरीके से तैयार किया जा रहा है. रेलवे की मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलने वाली बुलेट ट्रेनों में कई सारे सेफ्टी फीचर्स दिए जाएंगे. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने खुद इस बारे में सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी. इस बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में यात्रियों की सेफ्टी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. प्रोजेक्ट के तहत बनने वाली बुलेट ट्रेनों को भूकंप, आंधी और तेज बारिश से बचाने के लिए खास तरीके से डिजाइन किया जा रहा है.

भारत सरकार रेल सुविधाओं को लगातार बेहतर करने की दिशा में काम कर रही है. इसी क्रम में भारतीय रेलवे ने नई बुलेट ट्रेन परियोजना में भूकंप सेंसर, रेनफॉल मॉनिटरिंग सिस्टम और तेज हवाओं के चलने पर ट्रेन की सुरक्षा को लेकर नए सिस्टम अपडेट किए जा रहे हैं.
भूकंप सेंसर
मुंबई-अहमादाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में जापानी शिंकानसेन बुलेट ट्रेनों की तकनीकी का इस्तेमाल किया जा रहा है. मुंबई और गुजरात के बीच में कुल 28 भूकंपमापी सेंसर लगाए जाएंगे, जिनमें से 22 महाराष्ट्र और 8 गुजरात में लगेंगे. ये सेंसर भूकंप तरंगों की निगरानी करेंगे साथ ही भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में ट्रेन के जाने पर खुद-ब-खुद इमरजेंसी ब्रेक लगा देंगे.
बारिश की निगरानी
बुलेट ट्रेनों को हैवी रेन से बचाने के लिए नई तकनीकी का इस्तेमाल किया जा रहा है. इससे जिस इलाके में ट्रेन चलेगी. वहां के मौसम के बारे में आसानी से पता चल जाएगा और बुलेट ट्रेनों को खराब मौसम और भारी बारिश की मार नहीं झेलनी पड़ेगी. कई बार भारी बारिश के चलते ट्रेनें लेट हो जाती हैं. इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए रेलवे बुलेट ट्रेनों में बरिश की निगरानी के लिए एक नया सिस्टम लगाएगा.
तेज गति की हवाओं का पता लगाना

मुंबई-अहमदाबाद के बीच चलने वाली बुलेट ट्रेनें कई तटीय क्षेत्रों से होकर के गुजरेंगी. इसलिए ट्रेनों पर तेज हवाओं का कोई प्रभाव न पड़े, आंधियों के बारे में पहले ही पता चल जाए. इसके लिए रेलवे ने हवाओं की गति का पता लगाने के लिए वायडक्ट के साथ-साथ 14 जगहों पर एनीमोमीटर लगाएगा, जो 0 से 252 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच चलने वाली हवाओं का डेटा देगा, जिससे यदि हवा की रफ्तार 72 किलोमीटर प्रति घंटा से 130 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच पहुंचती है तो ट्रेन की स्पीड को कम कर दिया जाएगा.

पीएम मोदी के बाद अब 'द साबरमती रिपोर्ट' की तारीफ में बोले अमित शाह, 'सच को दबाया नहीं जा सकता'

20-Nov-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश )  विक्रांत मैसी की फिल्म 'द साबरमती रिपोर्ट' रिलीज से पहले से ही विवादों में हैं. 2002 में हुए गोधरा कांड पर बनी फिल्म को लेकर दर्शक दो गुटों में बंट गए हैं. इस बीच पहले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिल्म की तारीफ की था. वहीं अब गृह मंत्री अमित शाह ने 'द साबरमती रिपोर्ट' को सराहा है. सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए अमित शाह ने कहा कि सच को दबाया नहीं जा सकता चाहे कोई कितनी भी कोशिश कर ले.
अमित शाह ने एक्स पर एक यूजर के पोस्ट को री-शेयर किया है. इसके साथ उन्होंने लिखा है- 'कोई भी पावरफुल इकोसिस्टम कितनी भी कोशिश कर ले, वो सच को अंधेरे में छुपाए नहीं रख सकता. फिल्म 'द साबरमती रिपोर्ट' अद्वितीय साहस के साथ इकोसिस्टम को चुनौती देती है और उस भयावह घटना के पीछे की सच्चाई को दिन के उजाले में उजागर करती है.'
पीएम मोदी भी कर चुके हैं फिल्म की तारीफ
बता दें कि इससे पहले पीएम मोदी ने भी विक्रांत मैसी की फिल्म 'द साबरमती रिपोर्ट' की तारीफ की थी. उन्होंने एक्स पर लिखा था- 'खूब कहा है. ये अच्छा है कि ये सच सामने आ रहा है और वो भी इस तरह से कि आम लोग इसे देख सकें. एक फेक नैरेटिव सिर्फ लिमिटेड टाइम तक ही कायम रह सकता है. आखिरकार, फैक्ट हमेशा सामने आएगा.'
क्या है 'द साबरमती रिपोर्ट' की कहानी?
बता दें कि विक्रांत मैसी की फिल्म 'द साबरमती रिपोर्ट' 15 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है. फिल्म को अपनी कहानी के चलते काफी आलोचना का शिकार करना पड़ रहा है. फिल्म की कहानी 2002 के गोधरा कांड पर बेस्ड है जिसमें साबरमती एक्सप्रेस के एक कोच को कुछ लोगों ने आग के हवाले कर दिया था. इस हादसे के बाद सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी थी.
 

 


भारत में बदल गई इंटरनेट-ब्रॉडबैंड की दुनिया! एलन मस्क की स्पेश-एक्स ने लॉन्च किया इसरो का सैटेलाइट

20-Nov-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) एलन मस्क के स्वामित्व वाली स्पेस एक्स ने मंगलवार को फ्लोरिडा के कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के संचार उपग्रह जीसैट-एन2 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। इस उन्नत संचार उपग्रह को स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट का उपयोग करके लॉन्च किया गया।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की वाणिज्यिक शाखा न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक राधाकृष्णन दुरईराज के अनुसार, जीसैट एन2 या जीसैट 20 को सटीक कक्षा में स्थापित कर दिया गया है। जीसैट-एन2 एक संचार उपग्रह है जिसे इसरो के सैटेलाइट सेंटर और लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम सेंटर ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। 48 जीबीपीएस डेटा ट्रांसमिशन क्षमता वाला यह हाई-थ्रूपुट उपग्रह ब्रॉडबैंड सेवाओं को बढ़ाएगा और देश भर में इन-फ़्लाइट कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
14 सालों तक लगातार काम करता रहेगा
यह संचार उपग्रहों की जीसैट श्रृंखला को जारी रखेगा और भारत के स्मार्ट सिटी मिशन के लिए आवश्यक संचार बुनियादी ढांचे में डेटा ट्रांसमिशन क्षमता को जोड़ेगा। उपग्रह के 14 वर्षों तक परिचालन में रहने की उम्मीद है। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा, “उपग्रह 32 उपयोगकर्ता बीम से सुसज्जित है, जिसमें पूर्वोत्तर क्षेत्र पर 8 संकीर्ण स्पॉट बीम और शेष भारत पर 24 चौड़े स्पॉट बीम शामिल हैं। इन 32 बीमों को मुख्य भूमि भारत के भीतर स्थित हब स्टेशनों द्वारा समर्थित किया जाएगा। का-बैंड एचटीएस संचार पेलोड लगभग 48 जीबीपीएस का थ्रूपुट प्रदान करता है।”
इसरो ने ऐसे भारी उपग्रह प्रक्षेपणों के लिए फ्रांसीसी वाणिज्यिक प्रक्षेपण सेवा प्रदाता एरियनस्पेस को चुना है; हालांकि, कंपनी के पास वर्तमान में कोई भी परिचालन रॉकेट नहीं है, जिससे वह भारी पेलोड का प्रक्षेपण कर सके – जीसैट एन2 उपग्रह के मामले में 4,700 किलोग्राम। भारत का प्रक्षेपण यान, एलवीएम-3 भी 4,000 किलोग्राम तक का पेलोड ले जा सकता है। इसलिए, उपग्रह को लॉन्च करने के लिए स्पेसएक्स के फाल्कन 9 रॉकेट को चुना गया।
 

सिर्फ बालकनी से नहीं, अब अंतरिक्ष से भी दिखने लगा दिल्ली का प्रदूषण

20-Nov-2024
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) उत्तर भारत में इन दिनों प्रदूषण का कहर जारी है। खराब आबोहवा के बीच लोगों का सांस लेना भी दूभर हो रहा है। सोमवार को दिल्ली के कई इलाकों में विजिबिलिटी बेहद खराब रही जहां कोहरे और धुंध की वजह से स्थिति असामान्य बनी हुई है। दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद जैसे प्रमुख शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक का स्तर गंभीर श्रेणी तक पहुंच गया है जो विश्व स्वास्थ्य संगठन के बताए गए सुरक्षित सीमा से कहीं ज्यादा है। इस बीच अब सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं जिनमें यह दावा किया जा रहा है कि दिल्ली का प्रदूषण अंतरिक्ष से भी दिखाई दे रहा है।
रेडिट पर शेयर किए गए एक तस्वीर में भारत के नक्शा दिखाई दे रहा है। इस तस्वीर के कैप्शन में लिखा है, “उत्तर भारत में प्रदूषण अंतरिक्ष से साफ दिखाई दे रहा है। सिर्फ एक महीने पहले ऐसा नहीं था।” नक्शे में देखा जा सकता है कि एक महीने पहले जहां स्थिति सामान्य थी, वहां अब सफेद चादर की परत दिखाई दे रही है।
इस पोस्ट पर लोग तरह तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "यह सच में पागलपन है।" वहीं एक अन्य यूजर ने कहा, "यह इतना भयानक है कि मेरा एयर प्यूरीफायर बिना रुके चल रहा है लेकिन यह अभी भी लाल बत्ती दिखाता है। मैंने दरवाजे और खिड़कियां बंद कर दी हैं लेकिन यह ठीक नहीं हो रहा।" कुछ लोग इस पर मजेदार कमेंट भी करते दिखे। एक यूजर ने कहा, "अगर ऐसा ही चलता रहा तो हमें भारत में ज्यादा जनसंख्या के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है। मुझे लगता है कि औसत जीवन आयु दर 1900 की स्थिति में पहुंच जाएगी।"
 

शीतकाल के लिए बंद हुए बद्रीनाथ धाम के कपाट, आखिरी दिन दर्शन करने पहुंचे 10 हजार से ज्यादा श्रद्धालु

18-Nov-2024
बद्रीनाथ।  ( शोर  संदेश )  उत्तराखंड में होने वाली चार धाम यात्रा समाप्त हो गई. गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ के बाद रविवार को भगवान बदरी विशाल के कपाट भी शीतकाल के लिए बंद हो गए. हालांकि आखिरी दिन भारी संख्या में श्रद्धालु भगवान बद्रीनाथ के दर्शन करने के लिए पहुंचे. भगवान बद्रीनाथ धाम के कपाट रविवार रात 9.07 बजे बंद कर दिए गए.
बता दें कि इस साल 14.20 लाख भक्तों ने भगवान बदरी विशाल के दर्शन किए. जबकि आखिरी दिन दर्शन करने के लिए 10 हजार से ज्यादा श्रद्धालु बद्रीनाथ पहुंचे. जहां उन्होंने भगवान बदरी विशाल से सुख एवं समृद्धि की कामना की. श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने के दिन पूरे मंदिर को 15 क्विंटल फूलों से सजाया गया था. जब बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद किए गए तब पुजारियों ने 'जय श्री बद्री विशाल' का उद्घोष किया.
बद्रीनाथ मंदिर के कपाट बंद होने के बाद आज (सोमवार) को देव डोलियां योग बदरी पांडुकेश्वर और जोशीमठ के लिए प्रस्थान करेंगी. बता दें कि देव डोलियों की यात्रा बद्रीनाथ धाम के शीतकालीन पूजाओं की शुरुआत का प्रतीक होती हैं. इसके बाद 19 नवंबर को योग बदरी पांडुकेश्वर तथा श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ में शीतकालीन पूजा की शुरुआत हो जाएगी.
बता दें कि हर साल सर्दी के मौसम में भारी बर्फबारी की संभावना के चलते बद्रीनाथ मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं. जिसे शीतकाल कहा जाता है. इसके बाद भगवान बद्री विशाल की पूजा और दर्शन पांडुकेश्वर और जोशीमठ स्थित शीतकालीन तीर्थ स्थानों पर शुरू होता है. बद्रीनाथ धाम उत्तराखंड के  चार धामों में से एक है जो भगवान विष्णु को समर्पित है. यह मंदिर चमोली जिले में स्थित है. बद्रीनाथ धाम समुद्र तल से 10,200 फीट की ऊंचाई पर स्थित है.

महाराष्ट्र और झारखंड में आज थमेगा चुनाव प्रचार

18-Nov-2024
मुंबई।   ( शोर  संदेश )  महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव प्रचार का आज आखिरी दिन है. ऐसे में सभी पार्टियां चुनाव प्रचार के अंतिम दिन पूरी ताकत झोंकने को तैयार हैं. दोनों राज्यों में आज शाम 5 बजे चुनाव प्रचार थम जाएगा. उसके बाद कोई भी राजनेता चुनाव प्रचार नहीं कर पाएगा. बता दें कि महाराष्ट्र की सभी 288 विधानसभा सीटों के लिए बुधवार (20 नवंबर) को मतदान होगा.
वहीं झारखंड विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए भी इसी दिन वोट डाले जाएंगे. दूसरे चरण में राज्य की कुल 38 सीटों पर मतदान होगा. इससे पहले 13 नवंबर को प्रथम चरण में 43 सीटों पर मतदान हुआ था. वहीं महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजे 23 नवंबर को आएंगे. ऐसे में आज यानी सोमवार को चुनाव प्रचार के आखिरी दिन सभी पार्टियों के दिग्गज नेता चुनाव प्रचार के लिए पहुंचेंगे.
महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार का आज आखिरी दिन है.  ऐसे में सभी पार्टियों ने अपने दिग्गज नेताओं को चुनाव प्रचार में उतारा है. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा आज महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार करेंगे. इस दौरान वह ठाणे, सोलापुर और अहमदनगर में चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे. जबकि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव चुनाव प्रचार के अंतिम दिन मायानगरी मुंबई में जनसभा और रैली को संबोधित करेंगे. वहीं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी चुनाव प्रचार के अंतिम दिन झारखंड में रैली करेंगे.
बता दें कि महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव के साथ-साथ 20 नवंबर को उत्तर प्रदेश, पंजाब और केरल में भी उपचुनाव के लिए वोटिंग होनी है. बुधवार को उत्तर प्रदेश की 9 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान होगा. इन में सीसामऊ, फूलपुर, गाजियाबाद, मझवां खैर, मीरापुर, कटेहरी, करहल और कुंदरकी विधानसभा सीट शामिल हैं. बता दें कि चुनाव आयोग ने इन सीटों पर 13 नवंबर को मतदान का ऐलान किया था. लेकिन बाद में इसे बदलकर 20 नवंबर कर दिया गया. उपचुनाव के नतीजे भी 23 नवंबर को जारी किए जाएंगे.

बीजेपी में शामिल हुए कैलाश गहलोत

18-Nov-2024
नई दिल्ली।   ( शोर  संदेश )  आम आदमी पार्टी (आप) को बड़ा झटका देते हुए बीजेपी में शामिल हुए दिल्ली के पूर्व मंत्री व पूर्व AAP नेता कैलाश गहलोत ने जमकर आप पर भड़ास निकाली. साथ ही आप पार्टी छोड़ने की वजह भी बताई. बीजेपी का दामन थामने वाले कैलाश गहलोत ने कहा कि हम एक विचारधारा से जुड़े थे, एक पार्टी से जुड़े थे. दिल्लीवासियों की सेवा के लिए आप से जुड़ा था. दिल्ली का विकास कैसे कर सकें, इस मकसद से जुड़ा था. उन्होंने कहा कि इन शब्दों के पीछे हजारों लाखों कार्यकर्ताओं की भावना है. जिस मकसद के लिए जुड़े थे, उन्हें आज वो नजर नहीं आ रहा है. आम आदमी की सेवा के लिए जुड़े थे, आज वो आम से खास हो गए हैं. 
हमारा मकसद दिल्ली की जनता के लिए काम करना
बीजेपी में शामिल होते हुए कैलाश गहलोत ने कहा कि गलत धारणा फैलाने की कोशिश की जा रही है कि मेरा फैसला ईडी, सीबीआई के दबाव का नतीजा है, सच्चाई यह है कि आप ने अपने मूल्यों से समझौता किया. अगर सरकार, उसके मुख्यमंत्री और मंत्री केंद्र सरकार से लगातार लड़ते रहेंगे तो दिल्ली का विकास नहीं हो सकता. दिल्ली के विकास अगर हमें करना है, तो अच्छे संबंध बनाकर रखना जरूरी है. उन्होंने कहा कि जितना भी मुझे मौका मिला, पूरी कोशिश की काम करने की. हमारा मकसद दिल्ली की जनता के लिए काम करना था. मुझे यकीन है कि दिल्ली का विकास केंद्र में बीजेपी की सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हो सकता है, इसी कारण से मैं बीजेपी के साथ जुड़ा हूं.
बता दें कि दिल्ली में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. चुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी (आप) को बड़ा झटका देते हुए कैलाश गहलोत ने कल पार्टी से इस्तीफा दे दिया था. जिसके बाद से ही अटकलें लगाई जा रही थी कि वो बीजेपी में शामिल होने वाले हैं.
 

दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति गंभीर, आज से GRAP- 4 लागू

18-Nov-2024
नई दिल्ली।  ( शोर  संदेश )  देश की राजधानी दिल्ली और उसके आस-पास के इलाकों में वायु गुणवत्ता (AQI) बेहद खराब स्थिति में पहुंच गई। सोमवार को दिल्ली का ओवरऑल AQI 481 दर्ज किया गया, जबकि कुछ इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 490 और इसके ऊपर भी रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा नोएडा का AQI 384 और गुरुग्राम का AQI 468 दर्ज किया गया। इन शहरों में भी प्रदूषण की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिससे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधित खतरे भी बढ़ गए हैं। 
वायु गुणवत्ता में इस गिरावट की वजह से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का चौथा चरण यानी GRAP- 4 लागू कर दिया गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग की ओर से गठित इस योजना का उद्देश्य वायु प्रदूषण के नियंत्रण के लिए कड़े उपायों को लागू करना है, खासकर जब AQI 400 से ऊपर हो जाता है। GRAP- 4 के तहत निर्माण कार्यों पर रोक, निर्माण स्थल से धूल के उड़ने पर कड़ी कार्रवाई और वाहनों की संख्या में कमी के लिए कदम उठाए जाएंगे।
वहीं, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार को दिल्ली और उसके आस-पास के इलाकों में घना से बहुत घना कोहरा होने का अनुमान जताया है और इसके मद्देनजर राजधानी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

 




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