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एलपीजी की जमाखोरी को रोकने के लिए बढ़ाई गई सिलेंडर बुकिंग की अवधि

10-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) वैश्विक अस्थिरता के समय में दुनिया में बढ़ती प्राकृतिक गैस की कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने सोमवार को बड़ा फैसला लेते हुए एलपीजी सिलेंडर बुकिंग की अवधि को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया। इसकी वजह जमाखोरी को रोकना है। अमेरिका, इजरायल- ईरान युद्ध के कारण उत्पन्न अनिश्चितताओं के बीच बाजार में घबराहट में खरीदारी के संकेत मिलने के बाद केंद्र ने यह कदम उठाया है।
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि देश में एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है और स्टॉक को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के उपाय के रूप में एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग का समय बढ़ा दिया गया है। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध के कारण आपूर्ति बाधित होने की आशंका से बुकिंग बढ़ने से मांग में 15 से 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
एक अधिकारी ने बताया कि औसतन परिवार एक वर्ष में 14.2 किलोग्राम के 7-8 एलपीजी सिलेंडर का उपयोग करते हैं और सामान्यतः उन्हें 6 सप्ताह से कम समय में सिलेंडर रिफिल कराने की आवश्यकता नहीं होती है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की दरें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर होने के बावजूद फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि नहीं की जाएगी। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी तेल विपणन कंपनियां फिलहाल मौजूदा लागत दबाव को वहन करेंगी।
उन्होंने कहा कि सरकार वैश्विक तेल बाजारों पर कड़ी नजर रख रही है, लेकिन फिलहाल खुदरा ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की कोई योजना नहीं है। इसके अतिरिक्त, केंद्र ने सोमवार को संसद को सूचित किया गया कि भारत के पास वर्तमान में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के भंडारण की कुल 74 दिनों की क्षमता है, जो भू-राजनीतिक संघर्ष जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों में आपूर्ति में होने वाली रुकावटों से निपटने में सहायक हो सकती है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने राज्यसभा को लिखित उत्तर में बताया, “सरकार ने 5.33 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) की कुल क्षमता वाली रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार सुविधाएं स्थापित की हैं, जो भू-राजनीतिक संघर्ष जैसे अल्पकालिक आपूर्ति संकटों के लिए एक बफर के रूप में कार्य कर सकती हैं। यह लगभग 9.5 दिनों की कच्चे तेल की आवश्यकता को पूरा करने के लिए है। इसके अतिरिक्त, देश में तेल विपणन कंपनियों के पास कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के भंडारण की 64.5 दिनों की क्षमता है। इसलिए, कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के भंडारण की वर्तमान कुल राष्ट्रीय क्षमता 74 दिनों की है।”
 

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पहुंचे बेलूर मठ, कहा-आयोग हिंसा मुक्त और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध

10-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मंगलवार सुबह बेलूर मठ और दक्षिणेश्वर स्थित भवतारिणी मंदिर में दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य में हिंसा मुक्त और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
तीन दिन के पश्चिम बंगाल दौरे पर आए ज्ञानेश कुमार मंगलवार सुबह लगभग सात बजे बेलूर मठ पहुंचे। वहां उन्होंने मुख्य मंदिर में पूजा-अर्चना की और मठ के अध्यक्ष स्वामी गौतमानंद महाराज से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। वह लगभग 45 मिनट तक मठ परिसर में रहे।
बेलूर मठ से बाहर निकलने के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा कि इस बार के चुनाव में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो, इस पर विशेष नजर रखी जाएगी। चुनाव आयोग राज्य में शांतिपूर्ण और हिंसा मुक्त मतदान सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। 
बेलूर मठ से निकलने के बाद ज्ञानेश कुमार दक्षिणेश्वर स्थित भवतारिणी मंदिर भी पहुंचे। वहां जाते समय उन्हें काले झंडे दिखाए जाने का आरोप भी सामने आया है। इससे पहले सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ने राज्य के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की थी। 
इसके अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी उन्होंने चर्चा की। बैठक के बाद चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ ने माना कि कुछ स्थानों पर कुछ समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन राज्य में विधानसभा चुनाव कराने के लिए अनुकूल वातावरण मौजूद है।











 

शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल से बनेगा विकसित भारत: प्रधानमंत्री मोदी

09-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) बजट के बाद आयोजित वेबिनार श्रृंखला के चौथे सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि “सबका साथ, सबका विकास – जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति” केवल चर्चा का विषय नहीं, बल्कि सरकार का मूल ध्येय और संकल्प है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, कौशल, स्वास्थ्य, पर्यटन, खेल और संस्कृति जैसे मूलभूत क्षेत्र जन आकांक्षाओं को पूरा करने के बड़े माध्यम हैं। इसी उद्देश्य से बजट वेबिनार में इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर व्यापक चर्चा की जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं, विद्वानों, उद्यमियों और युवाओं के सुझाव बजट घोषणाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज प्रिवेंटिव और होलिस्टिक हेल्थ के लिए एक बड़े विजन पर काम कर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में देश का हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हुआ है और सैकड़ों जिलों में नए मेडिकल कॉलेज खुले हैं। आयुष्मान भारत योजना और आरोग्य मंदिरों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच गांव-गांव तक बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में देश में वरिष्ठ नागरिकों की संख्या तेजी से बढ़ेगी और दुनिया के कई देशों में केयरगिवर्स की मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में हेल्थ सेक्टर में युवाओं के लिए स्किल आधारित रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने विशेषज्ञों से नए ट्रेनिंग मॉडल और साझेदारी विकसित करने के सुझाव देने का आग्रह किया।
पीएम मोदी ने टेली-मेडिसिन को भी स्वास्थ्य सेवाओं का अहम माध्यम बताते हुए कहा कि दूर-दराज के क्षेत्रों के लोग बड़ी संख्या में इसका लाभ उठा रहे हैं और इस पर भरोसा बढ़ रहा है। हालांकि उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में अभी भी जागरूकता और सहजता बढ़ाने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में देश के युवाओं के माइंडसेट में बड़ा बदलाव आया है। आज गांव, कस्बों और शहरों से आगे बढ़कर हर युवा कुछ नया करने का सपना देख रहा है। उन्होंने कहा कि इस नई सोच को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा प्रणाली को लगातार आधुनिक और अपडेट रखना होगा। नई शिक्षा नीति ने इसके लिए मजबूत आधार तैयार किया है। अब जरूरी है कि पाठ्यक्रम बाजार की जरूरतों के अनुसार अपडेट हों और शिक्षा प्रणाली को रियल वर्ल्ड इकॉनमी से तेजी से जोड़ा जाए। उन्होंने AI, ऑटोमेशन, डिजिटल इकॉनमी और डिजाइन ड्रिवन मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में शिक्षा को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए लगातार काम हो रहा है। यूनिवर्सिटी टाउनशिप जैसे नए मॉडल इसी सोच को आगे बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत एवीजीसी सेक्टर यानी एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स को बढ़ावा दे रहा है और देश इनोवेशन आधारित अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने शिक्षाविदों से आग्रह किया कि वे अपने कैंपस को इंडस्ट्री कोलैबोरेशन और रिसर्च ड्रिवन लर्निंग का केंद्र बनाने पर विचार करें, ताकि छात्रों को रियल वर्ल्ड एक्सपोजर मिल सके।
पीएम मोदी ने कहा कि विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित यानी STEM क्षेत्रों में बेटियों की रुचि लगातार बढ़ रही है, जो गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि भविष्य की तकनीकों के दौर में यह सुनिश्चित करना होगा कि अवसरों की कमी के कारण कोई भी बेटी पीछे न रह जाए। उन्होंने महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और ऐसा रिसर्च इकोसिस्टम विकसित करने पर जोर दिया, जहां युवा शोधकर्ताओं को नए प्रयोग और नवाचार करने के पर्याप्त अवसर मिलें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति तभी राष्ट्रीय शक्ति बनती है जब वह स्वस्थ, अनुशासित और आत्मविश्वासी हो। इसी कारण पिछले वर्षों में खेलों को राष्ट्रीय विकास की महत्वपूर्ण धारा के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया जैसी पहलों से देश में स्पोर्ट्स इकोसिस्टम को नई ऊर्जा मिली है और खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने प्रतिभाओं की पहचान को बेहतर बनाने, खिलाड़ियों को संरचित आर्थिक सहायता देने और खेल संस्थाओं को अधिक प्रोफेशनल बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में देश में कॉमनवेल्थ गेम्स होने हैं और भारत ओलंपिक आयोजन के प्रयास में भी जुटा है। ऐसे में कम उम्र से ही प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें तराशना जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पर्यटन और संस्कृति रोजगार के नए अवसर पैदा करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। किसी स्थान पर पर्यटन बढ़ने से उस शहर की ब्रांडिंग और समग्र विकास भी तेज होता है। उन्होंने कहा कि भारत में ऐतिहासिक स्थलों की कमी नहीं है, लेकिन लंबे समय तक पर्यटन कुछ चुनिंदा स्थानों तक सीमित रहा। अब देश के कोने-कोने में नए पर्यटन स्थलों के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के टूरिज्म इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए होलिस्टिक अप्रोच अपनानी होगी। प्रशिक्षित गाइड, हॉस्पिटैलिटी स्किल, डिजिटल कनेक्टिविटी, सामुदायिक भागीदारी और स्वच्छता जैसे विषयों पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब संस्थान, उद्योग और अकादमिक जगत मिलकर काम करते हैं तो परिवर्तन की गति तेज हो जाती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बजट के बाद आयोजित वेबिनार की परंपरा से नीति निर्माण और क्रियान्वयन को नई दिशा मिल रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष लाखों लोग इन वेबिनार से जुड़े, जिनमें विशेषज्ञ, लाभार्थी और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वेबिनार से बहुत व्यावहारिक सुझाव मिल रहे हैं, जो समस्याओं के समाधान के साथ नई ऊर्जा और गति भी प्रदान करते हैं। प्रधानमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसे प्रयास विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार करेंगे।

सेशेल्स में शुरू हुआ भारत-सेशेल्स संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘लामितिये-2026’

09-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) भारतीय सशस्त्र बलों का एक दल सेशेल्स रक्षा बलों के साथ आयोजित होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘लामितिये-2026’ के 11वें संस्करण में भाग लेने के लिए सेशेल्स पहुंच गया है। यह संयुक्त अभ्यास 9 मार्च से 20 मार्च 2026 तक सेशेल्स रक्षा अकादमी में आयोजित किया जा रहा है। क्रियोल भाषा में ‘लामितिये’ का अर्थ ‘मित्रता’ होता है। यह द्विवार्षिक प्रशिक्षण कार्यक्रम वर्ष 2001 से सेशेल्स में आयोजित किया जा रहा है।
इस संस्करण में भारतीय सशस्त्र बलों की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संयुक्त सैन्य अभ्यास में असम रेजिमेंट के जवानों के साथ भारतीय नौसेना और वायु सेना के कर्मी भी शामिल हैं। इसके अलावा भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस त्रिकंद और भारतीय वायु सेना का सी-130 विमान भी इस अभ्यास का हिस्सा हैं।
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य अर्ध-शहरी वातावरण में अपरंपरागत अभियानों के संचालन में दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना है। साथ ही शांति स्थापना अभियानों के दौरान सहयोग और अंतर-संचालनीयता को मजबूत करना भी इसका अहम लक्ष्य है। इससे दोनों सेनाओं के बीच कौशल, अनुभव और बेहतर प्रथाओं का आदान-प्रदान होगा और द्विपक्षीय सैन्य संबंधों को भी मजबूती मिलेगी।
संयुक्त अभ्यास के दौरान दोनों देशों की सेनाएं अर्ध-शहरी वातावरण में संभावित खतरों से निपटने के लिए विभिन्न सामरिक अभ्यासों की श्रृंखला का संयुक्त रूप से प्रशिक्षण, योजना और क्रियान्वयन करेंगी। इसके साथ ही नई पीढ़ी के उपकरणों और आधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग और प्रदर्शन पर भी जोर दिया जाएगा।
12 दिनों तक चलने वाले इस अभ्यास में क्षेत्र प्रशिक्षण अभ्यास, युद्ध संबंधी चर्चाएं, केस स्टडी, व्याख्यान और प्रदर्शन शामिल होंगे। अभ्यास का समापन दो दिनों के सत्यापन अभ्यास के साथ किया जाएगा।
यह संयुक्त अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी समझ बढ़ाने और रक्षा सहयोग को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 
 

ईरानी युद्धपोत के डॉकिंग के लिए ईरान ने भारत का किया धन्यवाद : विदेश मंत्री एस जयशंकर

09-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच भारत ने ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस लवन को कोच्चि बंदरगाह पर डॉक करने की अनुमति दी। इसे लेकर ईरान ने भारत के प्रति आभार व्यक्त किया है। ईरान ने भारत के इस कदम को “मानवीय” बताया। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान इसकी जानकारी दी।
पश्चिम एशिया संघर्ष में बदलते हालात पर राज्यसभा में जयशंकर ने कहा कि मौजूदा हालात में ईरान के साथ उच्च स्तरीय संपर्क बनाए रखना मुश्किल रहा है, हालांकि मौजूद चैनलों के जरिए डिप्लोमैटिक बातचीत जारी है। विदेश मंत्री ने कहा, “हालांकि कोशिशें की गई हैं, लेकिन इस समय नेतृत्व के स्तर पर ईरान के साथ संपर्क करना साफ तौर पर मुश्किल है। हालांकि, मैंने 20 फरवरी, 2026 और 5 मार्च, 2026 को विदेश मंत्री अराघची से बात की है। हम आने वाले दिनों में ये उच्च स्तरीय बातचीत जारी रखेंगे।”
इस दौरान उन्होंने कोच्चि में अभी डॉक किए गए ईरानी नेवी के जहाज का भी जिक्र किया। विदेश मंत्री ने उन हालातों के बारे में बताया जिनके तहत भारत ने जहाज को भारतीय पोर्ट में आने की इजाजत दी थी। बता दें, यह तब हुआ जब श्रीलंका के पास ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस डेना के डूबने की घटना घटी। लगभग उसी समय, एक और ईरानी नौसेना का जहाज इस इलाके में काम करते समय तकनीकी दिक्कतों का सामना करने के बाद मदद मांगने के लिए भारत से संपर्क कर चुका था।
ईएएम जयशंकर ने कहा, “ईरानी पक्ष ने 20 फरवरी, 2026 को इस इलाके के तीन जहाजों को हमारे पोर्ट पर डॉक करने की इजाजत मांगी थी। यह 1 मार्च, 2026 को मिल गई। आईआरआईएस लवन असल में 4 मार्च, 2026 को कोच्चि में डॉक हुआ। क्रू अभी भारतीय नौसेना फैसिलिटी में है। हमारा मानना ​​है कि यह करना सही है। ईरानी विदेश मंत्री ने इस इंसानियत भरे काम के लिए हमारे देश का शुक्रिया अदा किया है।”
विदेश मंत्री ने पश्चिम एशिया में चल रही अस्थिरता के बीच भारत की एनर्जी सिक्योरिटी से जुड़ी चिंताओं पर भी बात की और कहा कि हालात को मैनेज करते हुए, सरकार ने भारतीय कंज्यूमर्स के हितों को “सबसे जरूरी प्राथमिकता” के तौर पर रखा है। उन्होंने कहा, “सबसे पहले, भारत शांति के पक्ष में है और बातचीत और डिप्लोमेसी पर लौटने की अपील करता है। हम तनाव कम करने, संयम बरतने और आम लोगों की सुरक्षा पक्का करने की वकालत करते हैं। दूसरी बात, इस इलाके में भारतीय समुदाय की भलाई और सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। हम इस दिशा में इलाके की सरकारों के साथ काम करते रहेंगे।”
राज्यसभा में अपने संबोधन के आखिर में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, “आखिर में, ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार सहित हमारा राष्ट्रीय हित हमेशा सबसे ऊपर रहेगा।”
 

पश्चिम एशिया संकट पर सरकार सतर्क, पीएम मोदी हालात पर रख रहे नजर: जयशंकर

09-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया में बदलते हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं। उन्होंने बताया कि खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं, इसलिए मौजूदा संघर्ष भारत के लिए विशेष चिंता का विषय है। ताजा हालात को देखते हुए वहां फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित भारत लाने के लिए ऑपरेशन तेजी से चलाया जा रहा है।
विदेश मंत्री ने कहा कि गल्फ क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक काम करते हैं और वहीं रहते हैं। ऐसे में क्षेत्र में जारी संघर्ष भारत के लिए गंभीर चिंता का कारण है। सरकार की प्राथमिकता वहां मौजूद भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित वापस लाना है।
राज्यसभा में सत्र शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने क्षेत्र में जारी संघर्ष के दौरान भारतीय नागरिकों की मौत का मुद्दा उठाने की कोशिश की, जिस पर सदन में विरोध शुरू हो गया। इसके बाद सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने खड़गे से अपना हस्तक्षेप समाप्त करने का आग्रह किया और विदेश मंत्री को स्थिति पर बयान देने के लिए आमंत्रित किया।
सदन में नारेबाजी के बीच जयशंकर ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद शुरू हुआ, जिसके परिणामस्वरूप व्यापक विनाश हुआ और कई वरिष्ठ नेताओं की मौत हुई। इसके बाद क्षेत्र में हालात और ज्यादा बिगड़ गए।
विदेश मंत्री ने बताया कि सरकार ने 28 फरवरी को बयान जारी कर गहरी चिंता जताई थी और सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव बढ़ाने से बचने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की थी। भारत का मानना है कि तनाव कम करने और अंदरूनी मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाया जाना चाहिए। साथ ही क्षेत्र के सभी देशों की संप्रभुता और प्रादेशिक अखंडता का सम्मान भी जरूरी है।
जयशंकर ने बताया कि हालात की गंभीरता को देखते हुए 1 मार्च को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट सुरक्षा समिति (सीसीएस) की बैठक हुई। इसमें ईरान में हुए एयरस्ट्राइक और उसके बाद कई खाड़ी देशों में हुए हमलों की जानकारी दी गई। सीसीएस ने क्षेत्र में भारतीय समुदाय की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई और सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक और कमर्शियल गतिविधियों पर पड़ने वाले असर की भी समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि समिति को इस क्षेत्र में आने-जाने वाले भारतीय यात्रियों और इन देशों में परीक्षाओं में बैठने वाले छात्रों को हो रही परेशानियों की भी जानकारी दी गई। इसके बाद सभी संबंधित मंत्रालयों और विभागों को इन समस्याओं से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री लगातार नए घटनाक्रमों पर नजर रख रहे हैं और संबंधित मंत्रालय मिलकर प्रभावी प्रतिक्रिया देने के लिए काम कर रहे हैं।
विदेश मंत्री ने कहा कि संघर्ष लगातार बढ़ रहा है और क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति काफी खराब हो गई है। यह लड़ाई अब अन्य देशों तक भी फैलती दिखाई दे रही है, जिससे तबाही और मौतों की संख्या बढ़ रही है। पूरे क्षेत्र में सामान्य जीवन और आर्थिक गतिविधियों पर इसका स्पष्ट असर पड़ा है और कुछ जगहों पर गतिविधियां पूरी तरह रुक गई हैं।
जयशंकर ने कहा कि भारत ने 3 मार्च को एक बार फिर बातचीत और कूटनीति के जरिए संघर्ष समाप्त करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा है कि पूरा सदन भी जान-माल के नुकसान पर दुख व्यक्त करने में उनके साथ है।
 

पीएम मोदी दिल्ली में देश की पहली ‘रिंग मेट्रो’ का करेंगे उद्घाटन

08-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को राष्ट्रीय राजधानी में दो नए दिल्ली मेट्रो कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे और 18,300 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसकी जानकारी देते हुए सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर (पिंक लाइन) और दीपाली चौक से मजलिस पार्क (मैजेंटा लाइन) का उद्घाटन किया जाएगा और दिल्ली मेट्रो फेज-V (ए) के तहत तीन नए कॉरिडोर का शिलान्यास भी प्रधानमंत्री मोदी करेंगे।
सीएम गुप्ता ने कहा कि इन मेट्रो प्रोजेक्ट्स की कुल लागत 18,300 करोड़ रुपए से ज्यादा है और इनसे दिल्ली में पब्लिक ट्रांसपोर्ट और मजबूत होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने मेट्रो प्रोजेक्ट्स के बारे में डिटेल में जानकारी देते हुए कहा कि ये कोशिशें देश की राजधानी को सच में ‘विकसित दिल्ली’ बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी। मेट्रो नेटवर्क के बढ़ने से पब्लिक ट्रांसपोर्ट बेहतर होगा, लोगों के लिए रोजाना का सफर आसान होगा, सड़कों पर गाड़ियों की संख्या कम होगी और प्रदूषण कंट्रोल करने में मदद मिलेगी।
यह प्रोग्राम डीडीए उत्सव स्थल-3 (निरंकारी मंडल के सामने) पर होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर मेट्रो सेक्शन 12.3 किलोमीटर लंबा है और इसमें आठ एलिवेटेड स्टेशन शामिल हैं। यह कॉरिडोर पहले से चल रही मजलिस पार्क-शिव विहार पिंक लाइन का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि इस मेट्रो सेक्शन के जुड़ने से पिंक लाइन की कुल लंबाई लगभग 71.56 किलोमीटर हो जाएगी, जिससे दिल्ली देश की पहली पूरी तरह से चालू रिंग मेट्रो का घर बन जाएगी।
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री दिल्ली मेट्रो फेज-V (ए) के तहत तीन नए कॉरिडोर का भी शिलान्यास करेंगे, जिससे राष्ट्रीय राजधानी के निवासियों के लिए यात्रा और आसान हो जाएगी। इनमें रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर, एरोसिटी से इंदिरा गांधी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक गोल्डन लाइन एक्सटेंशन और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक गोल्डन लाइन एक्सटेंशन शामिल हैं।
रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर 9.913 किलोमीटर लंबा होगा और अंडरग्राउंड बनेगा। इसमें नौ नए मेट्रो स्टेशन शामिल होंगे। इसमें आर.के. आश्रम मार्ग (बन रहा है), शिवाजी स्टेडियम, युगे-युगीन भारत, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल-हाई कोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ हैं। यह कॉरिडोर कर्तव्य भवन, भारत मंडपम और युगे-युगीन भारत म्यूजियम जैसी जरूरी जगहों को मेट्रो कनेक्टिविटी देगा।
एयरोसिटी से इंदिरा गांधी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक गोल्डन लाइन एक्सटेंशन 2.263 किलोमीटर लंबा होगा और अंडरग्राउंड बनेगा। इसमें एक नया स्टेशन शामिल होगा और यह पहले से चल रहे दो स्टेशनों को जोड़ेगा।
तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक गोल्डन लाइन एक्सटेंशन 3.9 किलोमीटर लंबा होगा और यह एक एलिवेटेड कॉरिडोर होगा। इस रूट पर सरिता विहार डिपो, मदनपुर खादर और कालिंदी कुंज जैसे स्टेशन होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स से नेशनल कैपिटल रीजन के शहरों को भी फायदा होगा। फरीदाबाद और बल्लभगढ़ के रहने वाले वायलेट लाइन से तुगलकाबाद पहुंच सकेंगे और फिर गोल्डन लाइन से सीधे इंदिरा गांधी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 जा सकेंगे।
इसी तरह, नोएडा के पैसेंजर मैजेंटा लाइन से कालिंदी कुंज पहुंच सकेंगे और फिर गोल्डन लाइन से एयरपोर्ट और साउथ दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों तक आसानी से जा सकेंगे। 
 

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु समेत कई नेताओं ने शुभकामनाएं दीं

08-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ पर शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षित और सशक्त महिलाएं एक प्रगतिशील राष्ट्र की आधारशिला होती हैं। वह अधिक समावेशी और समृद्ध समाज की नींव को मजबूत बनाती है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में लिखा, “अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं! शिक्षित और सशक्त महिलाएं एक प्रगतिशील राष्ट्र की आधारशिला होती हैं। जब नारी शक्ति अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल करती है और साहस के साथ नेतृत्व करती है, तो वह एक अधिक समावेशी और समृद्ध समाज की नींव को मजबूत बनाती है।”
उन्होंने आगे लिखा, “इस अवसर पर आइए हम यह सामूहिक संकल्प दोहराएं कि ऐसा समाज बनाएंगे जहां हर महिला को आगे बढ़ने और सम्मान, सुरक्षा व स्वतंत्रता के साथ जीवन जीने के समान अवसर मिलें। साथ मिलकर ऐसा वातावरण बनाएं, जहां महिलाओं की आकांक्षाएं और उपलब्धियां एक अधिक समान और न्यायपूर्ण भविष्य का निर्माण करें।”
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नारी शक्ति को बधाई देते हुए पोस्ट में लिखा, “समाज में नारी शक्ति की बेमिसाल भूमिका के लिए मानवता उनका ऋणी है। पीढ़ियों को पाल-पोसकर बड़ा करना और वैज्ञानिक और आर्थिक प्रगति को आगे बढ़ाना, वे हमारी जिंदगी के हर पहलू में योगदान देती हैं। इसी गहरी कृतज्ञता से प्रेरित होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला-नेतृत्व वाले विकास की परिकल्पना की है, जहां महिलाएं अब सिर्फ प्रगति की साक्षी नहीं हैं, बल्कि परिवर्तन की वाहक बनकर हमारे देश को महानता की ओर ले जाने वाली अग्रदूत हैं।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मैं सभी महिलाओं को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई देता हूं, जिनकी शक्ति, समर्पण और दृढ़ संकल्प हमारे राष्ट्र को निरंतर प्रेरित करते हैं।”
उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में हमारी सरकार महिला सशक्तिकरण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हम महिलाओं के लिए अधिक अवसर पैदा कर रहे हैं और नारी शक्ति को भारत की विकास यात्रा व राष्ट्र निर्माण में और अधिक सार्थक योगदान देने के लिए सक्षम बना रहे हैं। मैं भारत की नारी शक्ति के संकल्प, धैर्य और उनके अमूल्य योगदान को नमन करता हूं। साहस और अटूट आत्मबल के साथ महिलाएं हमारे देश की प्रगति को दिशा देने और आत्मविश्वासी व आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।”
वहीं, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पोस्ट किया, “प्रत्येक क्षेत्र में अद्वितीय योगदान दे रही देश की नारी शक्ति को नमन। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।”
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “नारी शौर्य है, साहस है, शक्ति है। नारी देवी है, दुर्गा है, ईश्वर की भक्ति है। देवीस्वरूपा नारी को कोटि-कोटि प्रणाम। ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ के अवसर पर सभी मातृशक्ति को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।”

राष्ट्रपति मुर्मु के बंगाल दौरे पर केंद्र सरकार सख्त, पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से मांगा जवाब

08-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश )राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान विवादित स्थिति के मामले में केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से जवाब तलब किया है। केंद्रीय गृह सचिव ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर रविवार शाम 5 बजे तक स्पष्टीकरण देने को कहा है। उनसे पूछा गया है कि राष्ट्रपति के दौरे के दौरान तय प्रोटोकॉल का पालन क्यों नहीं किया गया।
ज्ञात हो, राष्ट्रपति मुर्मु कल शनिवार को बागडोगरा एयरपोर्ट के पास आयोजित आदिवासी समुदाय के एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य सरकार के मंत्रियों की अनुपस्थिति का जिक्र करते हुए नाराजगी जाहिर की थी। राष्ट्रपति ने यह भी सवाल उठाया था कि पहले से तय कार्यक्रम स्थल को आखिर क्यों बदला गया।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय गृह सचिव ने पश्चिम बंगाल सरकार से कई बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने पूछा है कि राष्ट्रपति के दौरे से जुड़े सुरक्षा और प्रोटोकॉल से संबंधित ‘ब्लू बुक’ नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया। साथ ही, यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि कार्यक्रम का वेन्यू अचानक बदलने की जरूरत क्यों पड़ी।
राष्ट्रपति ने कार्यक्रम में अपेक्षाकृत कम लोगों की मौजूदगी पर भी असंतोष जताया था। जानकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम पहले बिधाननगर में आयोजित किया जाना था लेकिन बाद में इसका स्थान बदलकर बागडोगरा के पास कर दिया गया।
सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि आमतौर पर जब राष्ट्रपति किसी राज्य के दौरे पर जाते हैं, तो मुख्यमंत्री उनका स्वागत करते हैं और अन्य मंत्री भी कार्यक्रम में मौजूद रहते हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नहीं आईं और राज्यपाल के पद में बदलाव होने के कारण वे भी उपस्थित नहीं हो सके।
वहीं, राष्ट्रपति ने कार्यक्रम स्थल बदलने को लेकर भी हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी उनके लिए छोटी बहन जैसी हैं और वह खुद भी बंगाल की बेटी हैं, लेकिन उन्हें समझ नहीं आया कि तय स्थान पर जाने की अनुमति क्यों नहीं दी गई।








 

‘दुनिया में सिर्फ भारत में नारी को माना गया भगवान’, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पीएम मोदी का पुराना बयान चर्चा में

08-Mar-2026
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) चाहे वह वोट का अधिकार हो या नारी को अंबा, दुर्गा, सरस्वती और लक्ष्मी देवी का स्वरूप मानना, भारत में महिलाओं के अधिकार और सम्मान हमेशा से सर्वोपरि रहे हैं। ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ के अवसर पर आज रविवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक पुराना वीडियो भी वायरल है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत ने ऐतिहासिक रूप से नारी को छोटा या दोयम दर्जे का नहीं, बल्कि सबसे ऊपर का रूप माना है।
‘मोदी आर्काइव’ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री मोदी का पुराना वीडियो शेयर किया है। यह 2003 की एक सभा का है, जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “दुनिया की कुछ सबसे पुरानी डेमोक्रेसी (अमेरिका) को महिलाओं को वोट देने का अधिकार देने में एक सदी से ज्यादा लग गया, जबकि भारत ने 1947 में ही महिलाओं को वोट देने का अधिकार दे दिया था।”
पोस्ट में लिखा, “यह उस कानून, राष्ट्रीय मिशन, नीतिगत ढांचे और नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लागू होने से पहले की बात थी, जिसने संसद में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित की थीं। बीस साल पहले, एक मुख्यमंत्री पहले ही सवाल कर रहे थे कि महिलाओं की शक्ति सिर्फ परिवार तक क्यों सीमित रहे? क्यों न यह ग्राम सभा, जिला या हर उस कमरे तक पहुंचे, जहां निर्णय लिए जाते हैं?”
एक अन्य पोस्ट में कहा गया, “2003 में नरेंद्र मोदी ने एक सभ्यता का नजरिया पेश किया, जिसमें कहा गया कि भारत ने ऐतिहासिक रूप से महिलाओं को छोटा या दोयम दर्जे का नहीं, बल्कि सबसे ऊपर का रूप माना है। उन्होंने कहा कि दुनिया की किसी भी परंपरा ने स्त्री को भगवान का रूप नहीं दिया है।”
मोदी आर्काइव’ के पोस्ट में आगे लिखा गया है, “महिला को अंबा, दुर्गा, सरस्वती और लक्ष्मी के रूप में दिखाया गया है, हर एक को भगवान का रूप माना जाता है। समाज में महिलाओं की भूमिका के बारे में आज की बहस से सदियों पहले, भारत ने यह नियम बना लिया था कि नारी शक्ति, या स्त्री शक्ति का आदर और सम्मान किया जाना चाहिए।”
इससे पहले, आज रविवार को पीएम मोदी ने ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ को लेकर कहा, “हर क्षेत्र में महिलाएं अपने दृढ़ संकल्प, रचनात्मकता और अद्वितीय उत्साह के साथ भारत की प्रगति को आकार दे रही हैं। उनकी उपलब्धियां हमारे देश को प्रेरित करती हैं और ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए हमारे सामूहिक संकल्प को और मजबूत बनाती हैं।


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