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पीएम मोदी ने समस्तीपुर जिले से चुनाव अभियान की शुरुआत की

25-Oct-2025
नई दिल्ली  ( शोर संदेश )   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बिहार के समस्तीपुर से अपने चुनाव प्रचार का आगाज किया। उन्होंने जननायक कर्पूरी ठाकुर की धरती से कहा, “लोकतंत्र के महापर्व का बिगुल बज चुका है और पूरा बिहार कह रहा है- ‘फिर एक बार एनडीए सरकार, फिर एक बार सुशासन सरकार, जंगलराज वालों को दूर रखेगा बिहार’। ”
अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने दावा किया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए जीत के सारे रिकॉर्ड तोड़ देगा। इन चुनावों में एनडीए को अब तक का सबसे बड़ा जनादेश प्राप्त होगा।
पीएम मोदी ने कहा, “राजद और कांग्रेस वाले क्या कह रहे हैं और क्या कह रहे हैं ये आपको मुझसे ज्यादा पता है। आपको याद दिलाने की जरूरत नहीं है। ये लोग हजारों करोड़ रुपए के घोटालों में जमानत पर चल रहे हैं। कोई चोरी के मामले में जमानत पर है, अब चोरी की आदत इनकी ऐसी है कि ये ‘जननायक’ की उपाधि की चोरी में जुटे हैं। बिहार के लोग जननायक कर्पूरी ठाकुर का ये अपमान कभी नहीं सहेंगे।”
उन्होंने कहा कि इस बार बिहार में भी नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए जीत के अपने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ने वाला है। इन चुनावों में बिहार एनडीए को अब तक का सबसे बड़ा जनादेश देगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “लोकतंत्र के महापर्व का बिगुल बज चुका है और पूरा बिहार कह रहा है- ‘फिर एक बार एनडीए सरकार, फिर एक बार सुशासन सरकार, जंगलराज वालों को दूर रखेगा बिहार’।”
उन्होंने कहा कि इस समय आप जीएसटी बचत उत्सव का भी खूब आनंद ले रहे हैं और कल से छठी मैया का महापर्व भी शुरू होने जा रहा है। ऐसे व्यस्त समय में भी आप इतनी विशाल संख्या में यहां आए हैं, समस्तीपुर का जो ये माहौल है, मिथिला का जो मूड है उसने पक्का कर दिया है- ‘नई रफ्तार से चलेगा बिहार, जब फिर आएगी एनडीए सरकार।’
पीएम मोदी ने कहा, “आज का दिवस मेरे जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण दिवस है। यहां आने से पहले मैं कर्पूरी ग्राम गया था, वहां मुझे भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को श्रद्धापूर्वक उन्हें नमन करने का अवसर मिला। ये उनका ही आशीर्वाद है कि आज हम जैसे पिछड़े और गरीब परिवारों से निकले लोग इस मंच पर खड़े हैं। आजाद भारत के सामाजिक न्याय लाने में, गरीब और वंचितों को नए अवसरों से जोड़ने में भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की भूमिका बहुत बड़ी रही है। वे मां भारती के अनमोल रत्न थे। उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने का सौभाग्य हमारी सरकार को मिला। ये हमारे लिए सम्मान की बात है। हमारी सरकार भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को प्रेरणापुंज मानती है। वंचितों को वरीयता, पिछड़ों को प्राथमिकता, गरीब की सेवा हम इस संकल्प के साथ आगे बढ़े हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कर्पूरी ठाकुर के दिखाए सामाजिक न्याय के रास्ते को एनडीए ने सुशासन का आधार बनाया है। हमने गरीबों, दलितों, महादलितों, पिछड़ों, अतिपिछड़ों के हितों को प्राथमिकता दी है। हमारी सरकार ने सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया। भाजपा एनडीए ने ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के आरक्षण को भी 10 साल के लिए और आगे बढ़ाया। डॉक्टर की पढ़ाई के लिए अखिल भारतीय कोटे में पहले पिछड़ों को, गरीबों को आरक्षण नहीं था। ये संविधान लेकर जो गुमराह करते हैं तब ये हक नहीं मिलता था। एनडीए सरकार ने ही ये प्रावधान किया। हमारे देश में ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा देने की मांग कई दशकों से हो रही थी। ये मांग भी एनडीए सरकार ने ही पूरी की। अब गरीब का बेटा अपनी भाषा में पढ़ाई कर सकता है।”
 

पीएम मोदी का छठ पूजा संदेश — देशवासियों से पर्व की भव्यता बढ़ाने वाले गीत साझा करने का आग्रह

24-Oct-2025
नई दिल्ली ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के प्रमुख सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्व छठ पूजा के आगमन पर देशवासियों से उत्साहपूर्ण भागीदारी की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में कहा कि प्रकृति और संस्कृति को समर्पित यह महापर्व जल्द ही शुरू होने वाला है। बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों में श्रद्धालु इस पर्व की तैयारियों में भक्ति-भाव से जुटे हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में छठ पूजा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस पर्व के गीत इसकी भव्यता और दिव्यता को और बढ़ाते हैं। उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि वे छठ पूजा से जुड़े अपने पसंदीदा गीत उनके साथ साझा करें।
पीएम मोदी ने यह भी घोषणा की कि वे अगले कुछ दिनों तक इन गीतों को देशवासियों के साथ सोशल मीडिया के माध्यम से साझा करेंगे, ताकि इस पर्व का उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा पूरे देश में फैले। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “प्रकृति और संस्कृति को समर्पित महापर्व छठ आने वाला है। बिहार सहित देशभर में इसकी तैयारियों में श्रद्धालु पूरे भक्ति-भाव से जुट चुके हैं। छठी मइया के गीत इस पावन अवसर की भव्यता और दिव्यता को और बढ़ाने वाले होते हैं। आपसे आग्रह है कि आप भी छठ पूजा से जुड़े गीत मेरे साथ शेयर करें। मैं अगले कुछ दिनों तक इन्हें सभी देशवासियों के साथ साझा करूंगा।”
छठ पूजा, जो मुख्य रूप से सूर्य देव और छठी मैया की उपासना का पर्व है, भारतीय संस्कृति में विशेष स्थान रखता है। यह पर्व चार दिनों तक चलता है, जिसमें नहाय-खाय, खरना, डूबते सूर्य को अर्घ्य और उगते सूर्य को अर्घ्य जैसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान शामिल हैं।
बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में यह पर्व विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है, जहां लाखों श्रद्धालु घाटों पर एकत्र होकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करते हैं। इस दौरान छठी मइया के गीतों की गूंज वातावरण को और भी पवित्र बनाती है। प्रधानमंत्री मोदी के इस आह्वान से देशभर के लोग छठ पूजा के गीतों को साझा करने के लिए उत्साहित हैं। 

भारत में पहला ऑस्ट्रेलियाई नेशंस बिजनेस मिशन, माइनिंग पार्टनरशिप को मिलेगा नया आयाम

24-Oct-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच माइनिंग पार्टनरशिप को मजबूत करने के उद्देश्य से ऑस्ट्रेलिया इस महीने भारत में अपना पहला नेशंस बिजनेस मिशन लीड करने जा रहा है। इस अवसर पर पार्टनरशिप के मौकों को तलाशने के लिए आठ ऑस्ट्रेलियाई माइनिंग इक्विपमेंट, टेक्नोलॉजी और सर्विसेज कंपनियां (एमईटीएस) 26 अक्टूबर से 3 नवंबर तक मुंबई, नई दिल्ली और कोलकाता का दौरा करेंगी।
डेलिगेशन पहले 26 से 28 अक्टूबर तक मुंबई उसके बाद 28 से 30 अक्टूबर दिल्ली और इसके बाद 30 अक्टूबर से 2 नवंबर तक कोलकाता के दौरे पर रहेगा। इस दौरान भारत के सबसे बड़े माइनिंग कॉन्फ्रेंस इंटरनेशनल माइनिंग, इक्विपमेंट एंड मिनरल्स एग्जीबिशन में अपनी विशेषज्ञता और इनोवेशन का प्रदर्शन करेंगे।
इस दौरे को लेकर ऑस्ट्रेलियाई हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन ने कहा, “दुनिया भर में स्वदेशी अधिकारों को आगे बढ़ाने और फर्स्ट नेशंस ट्रेड और इन्वेस्टमेंट को बढ़ाने में मदद करने की हमारी कोशिशों के तहत, ऑस्ट्रेलिया भारतीय अर्थव्यवस्था से ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
उन्होंने आगे कहा कि भारत ऑस्ट्रेलियाई फर्स्ट नेशंस इंडस्ट्रीज के लिए एक बहुत अवसर पेश करता है। चाहे यह अवसर एग्रीफूड और नेटिव बोटैनिकल,कला, डिजाइन का निर्यात हो या साइबर, क्लीन एनर्जी या माइनिंग सॉल्यूशन डेवलप करना हो। ऑस्ट्रेलियाई सरकार इस ऐतिहासिक बिजनेस मिशन को सपोर्ट करने पर गर्व महसूस करती है।
ऑस्ट्रेलियाई फर्स्ट नेशंस एबोरिजिनल और टोरेस स्ट्रेट आइलैंडर लोग धरती की सबसे पुरानी लगातार चलने वाली सभ्यताओं में से एक हैं, जो 65,000 साल से भी अधिक पुरानी है। इनकी पहचान ऑस्ट्रेलिया के पहले डिप्लोमैट, ट्रेडर, इनोवेटर और ज्ञान रखने वालों के रूप में होती है।
इस डेलिगेशन को पर्थ यूएसएशिया सेंटर और चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया द्वारा ऑस्ट्रेलियाई सरकार की ओर से लीड किया जा रहा है। जो कि डीजल माइनिंग गाड़ियों को इलेक्ट्रिक में बदलने से लेकर फ्यूल एफिशिएंसी को बेहतर बनाने के लिए केमिकल बनाने, सेफ्टी, इंडस्ट्रियल गैस, इंजीनियरिंग और टेक्निकल सर्विसेज जैसे कई सेक्टरों में ऑस्ट्रेलियाई क्षमताओं का बेहतरीन उदाहरण पेश करते हैं।








 

पीएम मोदी ने दी गुजराती नववर्ष की शुभकामनाएं, बोले— नया साल लाए सुख, शांति और समृद्धि

22-Oct-2025
नई दिल्ली ( शोर संदेश )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत अन्य नेताओं ने बुधवार को गुजराती नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि ”नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। मेरी हार्दिक कामना है कि आज से शुरू हो रहा नव वर्ष आप सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और उल्लास लेकर आए। गुजरात की इस उपजाऊ धरती के मेहनती लोग और समृद्ध संस्कृति और भी जीवंत हो, यही मेरी हृदय की गहराइयों से प्रार्थना है। नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं।” https://x.com/narendramodi/status/1980817578516967784 वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक्स पोस्ट में लिखा कि ”सभी गुजराती भाइयों और बहनों को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि यह नववर्ष आप सभी के लिए दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और अपार सुख-समृद्धि लेकर आए।” 
केंद्रीय मंत्री धमेंद्र प्रधान ने एक्स पोस्ट में लिखा ”गुजरात के सभी भाइयों और बहनों को नूतन वर्ष की हार्दिक मंगलकामनाएं। गुजरात की कर्मभूमि ने सदैव राष्ट्र को प्रेरणा, परिश्रम और प्रगति का संदेश दिया है – उसी भावना के साथ आइए, इस नववर्ष को नए संकल्प और नवतेज के साथ आरंभ करें। नए वर्ष का यह शुभारंभ सभी के जीवन में नई ऊर्जा, उत्साह और उत्कर्ष की किरणें लेकर आए, ऐसी कामना है। शुभ नूतन वर्ष।”
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पोस्ट में लिखा कि ”आप सभी को गुजराती नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। नए वर्ष का यह शुभ अवसर गुजरात की जीवंत संस्कृति, कर्मनिष्ठा और उद्यमशीलता की प्रेरणा का उत्सव है। आइए, इस नवप्रभात का स्वागत नई ऊर्जा, नव-संकल्प और उत्कर्ष की भावना के साथ करें। यह नववर्ष सभी के जीवन में आरोग्य, आनंद, समृद्धि और अपार सफलता लेकर आए, यही मंगलकामना है।” (इनपुट-एजेंसी) 

पीएम मोदी ने गोवा और करवार में INS विक्रांत पर नौसेना के जवानों के साथ मनाई दीपावली

20-Oct-2025
नई दिल्ली ( शोर संदेश ) । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सोमवार को दीपावली का त्योहार भारतीय नौसेना के जवानों के साथ मनाया। इस बार पीएम मोदी गोवा और करवार तट के पास स्थित भारतीय एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत पर पहुंचे। उन्होंने नौसैनिक अधिकारियों और जवानों के साथ बातचीत की और कहा कि उन्हें नौसेना के जवानों के साथ दीपावली मनाने का सौभाग्य मिला। पीएम मोदी ने कहा, “आज एक तरफ मेरे सामने अनंत आकाश और समुद्र हैं, और दूसरी तरफ यह विशाल INS विक्रांत, जो अनंत शक्ति का प्रतीक है। महासागर पर सूर्य की किरणों की चमक उन दीपकों जैसी है, जो बहादुर सैनिकों ने जलाए हैं।”
INS विक्रांत 262 मीटर लंबा और लगभग 45,000 टन का भारी है। यह अपने पूर्ववर्ती जहाज से अधिक बड़ा और उन्नत है। इसे चार गैस टरबाइन से संचालित किया जाता है, जो कुल 88 मेगावाट शक्ति प्रदान करती हैं, और इसकी अधिकतम गति 28 नॉट्स है। इस परियोजना की कुल लागत लगभग 20,000 करोड़ रुपए रही। इसे तीन चरणों -मई 2007, दिसंबर 2014 और अक्टूबर 2019 में विकसित किया गया।
INS विक्रांत में 76 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। यह “आत्मनिर्भर भारत” और ‘मेक इन इंडिया’ पहल का सफल उदाहरण है। इस एयरक्राफ्ट कैरियर में मशीनरी संचालन, नेविगेशन और सुरक्षा के लिए उच्च स्तर का ऑटोमेशन है। इसे 30 विमान संचालित करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिनमें MiG-29K लड़ाकू विमान, Kamov-31 और MH-60R मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर, साथ ही स्वदेशी एडवांस लाइट हेलीकाॅप्टर्स और लाइट काम्बैट एयरक्राफ्ट (नेवी) शामिल हैं। INS विक्रांत की डिलीवरी के साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जो स्वदेशी रूप से एयरक्राफ्ट कैरियर डिजाइन और बना सकते हैं।
पीएम मोदी ने पिछले साल दीपावली कच्छ में भारत-पाक सीमा के पास सशस्त्र बलों के साथ मनाई थी। दीपावली पांच दिन का त्योहार है, जो धनतेरस से शुरू होता है। इसके बाद नरक चतुर्दशी (छोटी दीपावली), मुख्य दीपावली दिवस, गोवर्धन पूजा और भाई दूज आता है। इस दौरान लोग भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं और भाई दूज पर भाई-बहन एक-दूसरे को आशीर्वाद और उपहार देते हैं। इस बार INS विक्रांत पर दीपावली का आयोजन भारत की सुरक्षा, नौसेना की शक्ति और आत्मनिर्भर भारत के महत्व को दर्शाता है।

मुंबई : रियर एडमिरल शांतनु झा, एनएम ने संभाली महाराष्ट्र नौसेना क्षेत्र की कमान

18-Oct-2025
नई दिल्ली।   ( शोर संदेश ) भारतीय नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी रियर एडमिरल शांतनु झा, एनएम ने शुक्रवार को महाराष्ट्र नौसेना क्षेत्र (फोमा) की कमान संभाल ली। उन्होंने यह जिम्मेदारी रियर एडमिरल अनिल जग्गी से एक औपचारिक परेड समारोह में ग्रहण की, जो मुंबई स्थित आईएनएस कुंजली में आयोजित किया गया। 
रियर एडमिरल शांतनु झा का नौसेना में शानदार करियर तीन दशकों से अधिक का रहा है। उन्हें 1 जुलाई 1993 को भारतीय नौसेना में कमीशन मिला था। नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) के स्नातक शांतनु झा नौवहन और दिशा निर्देशन के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान नौसेना की छह प्रमुख फ्रिगेट्स और डेस्ट्रॉयर्स, साथ ही विमानवाहक पोत आईएनएस विराट को भी नेविगेट किया है।
उन्होंने प्रतिष्ठित आईएनएस विक्रमादित्य पर बतौर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर भी सेवा दी है। समुद्र में उनके कमांड अनुभव में आईएनएस निशांक, आईएनएस कोरा और आईएनएस सह्याद्री जैसे जहाजों की कमान शामिल है। स्टाफ असाइनमेंट्स के दौरान उन्होंने नई दिल्ली में नौसेना मुख्यालय में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। इनमें ज्वाइंट डायरेक्टर (पर्सनल), नेवल असिस्टेंट टू वाइस चीफ ऑफ नेवल स्टाफ, कमोडोर (फॉरेन कोऑपरेशन) तथा कमोडोर (स्ट्रैटेजी, कॉन्सेप्ट्स एंड ट्रांसफॉर्मेशन) जैसे पद शामिल हैं। इसके अलावा, उन्होंने तेहरान (ईरान) स्थित भारतीय दूतावास में भारत के नौसेना अताशे के रूप में भी सेवाएं दीं।
रियर एडमिरल झा डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन और रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज, लंदन के स्नातक हैं। उन्होंने मद्रास विश्वविद्यालय से रक्षा अध्ययन में और किंग्स कॉलेज, लंदन से अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीति में मास्टर डिग्री हासिल की है। अपने शानदार करियर के दौरान उन्हें कई सम्मान प्राप्त हुए हैं। वे प्रतिष्ठित ‘नौसेना पदक’ से सम्मानित हैं और उन्हें नौसेना प्रमुख तथा कमांडर-इन-चीफ द्वारा चार बार प्रशस्ति पत्र भी मिल चुका है।
15 जनवरी 2024 को फ्लैग रैंक पर पदोन्नत होने के बाद रियर एडमिरल झा को पूर्वी नौसैनिक कमान में चीफ स्टाफ ऑफिसर (ऑपरेशंस) के रूप में नियुक्त किया गया था। वहां अपनी जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाने के बाद अब उन्होंने महाराष्ट्र नौसेना क्षेत्र की कमान संभाली है।
 

2014 से पहले ‘नाजुक पांच’ में था भारत, अब दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में : पीएम मोदी

18-Oct-2025
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में ‘एनडीटीवी वर्ल्ड समिट 2025’ में मुख्य भाषण दिया। अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की अटूट गति और तेजी से विकसित हो रहे विश्व में आशा की किरण के रूप में उसकी भूमिका पर जोर दिया।
उन्होंने देशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एनडीटीवी वर्ल्ड समिट उत्सव के माहौल में आयोजित हो रहा है। उन्होंने सत्र के विषय “अजेय भारत” की सराहना की और कहा कि यह बिल्कुल उपयुक्त है, क्योंकि आज भारत रुकने के मूड में नहीं है। भारत न रुकेगा, न थमेगा, 140 करोड़ भारतीय एक साथ मिलकर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विविध बाधाओं और गतिरोधकों का सामना कर रहे विश्व में अजेय भारत पर चर्चा स्वाभाविक और सामयिक दोनों है। उन्होंने इस विषय को ग्यारह वर्ष पूर्व और वर्तमान की स्थिति के संदर्भ में रखने का प्रयास किया। 2014 से पहले के दौर को याद करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने उस समय ऐसे शिखर सम्मेलनों में होने वाली चर्चाओं की प्रकृति पर प्रकाश डाला। जैसे भारत वैश्विक चुनौतियों का सामना कैसे करेगा, वह नाजुक पांच समूह से कैसे बाहर निकलेगा, देश कब तक नीतिगत निष्क्रियता में फंसा रहेगा और बड़े पैमाने पर घोटालों का दौर कब समाप्त होगा।
उन्होंने कहा कि 2014 से पहले महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएं व्यापक थीं और आतंकवादी स्लीपर सेल के अनियंत्रित प्रसार के बारे में खुलासे चर्चा में छाए रहते थे। महंगाई पर विलाप करने वाले गीत, जैसे कि ‘महंगाई डायन खाए जा रही है’ आम तौर पर सुने जाते थे।प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 11 सालों में भारत ने हर शक को तोड़ा और हर चुनौती पर जीत हासिल की। भारत ‘कमजोर पांच देशों’ से निकलकर दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया। महंगाई 2 फीसदी से कम है, और विकास दर 7 फीसदी से ज्यादा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि चिप्स से लेकर जहाज तक ‘आत्मनिर्भर भारत’ का आत्मविश्वास हर क्षेत्र में दिखता है। अब भारत आतंकी हमलों पर चुप नहीं रहता, बल्कि सर्जिकल स्ट्राइक, हवाई हमले और ‘सिंदूर’ जैसे ऑपरेशनों के जरिए जवाब देता है।
प्रधानमंत्री ने कोविड-19 के समय को याद करने को कहा, जब दुनिया जीवन-मृत्यु के संकट में थी। लोग सोच रहे थे कि इतनी बड़ी आबादी वाला भारत इस संकट से कैसे बचेगा। भारत ने सभी आशंकाओं को गलत साबित किया। भारत ने तेजी से अपनी वैक्सीन बनाई, रिकॉर्ड समय में टीकाकरण किया और सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बनकर उभरा।
उन्होंने कहा कि कोविड का असर खत्म होने से पहले ही दुनिया में कई जगह युद्ध की खबरें आने लगीं। फिर से भारत की प्रगति पर सवाल उठे। भारत ने एक बार फिर सभी आशंकाओं को गलत साबित किया और 7.8 फीसदी की औसत विकास दर के साथ सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहा। दो दिन पहले जारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत के माल निर्यात में पिछले साल की तुलना में करीब 7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि हाल ही में गूगल ने भारत के एआई सेक्टर में 15 अरब डॉलर के बड़े निवेश की घोषणा की। इसके अलावा, हरित ऊर्जा और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में भी बड़े निवेश हो रहे हैं। भारत की आज की प्रगति दुनिया के लिए नए अवसर बना रही है। उन्होंने हाल ही में हुए ईएफटीए व्यापार समझौते का उदाहरण दिया, जिसमें यूरोपीय देशों ने भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश का वादा किया है। इससे बड़े पैमाने पर नौकरियां पैदा होंगी।
पीएम मोदी ने अपने करीबी दोस्त, यूके के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के हाल के दौरे का जिक्र किया, जो अब तक की सबसे बड़ी व्यापारिक डेलीगेशन के साथ आए थे। यह दिखाता है कि दुनिया भारत में कितने बड़े अवसर देख रही है। उन्होंने बताया कि भारत का जी-7 देशों के साथ व्यापार 60 फीसदी से ज्यादा बढ़ा है। पीएम मोदी ने संबोधन में कहा, “दुनिया अब भारत को भरोसेमंद, जिम्मेदार और मजबूत साझेदार मानती है। इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयों, ऑटोमोबाइल और मोबाइल निर्माण जैसे क्षेत्रों में निवेश की बाढ़ आ रही है, जिससे भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का केंद्र बन रहा है।”
उन्होंने कहा कि समिट का विषय ‘एज ऑफ द अननोन’ दुनिया के लिए अनिश्चितता हो सकता है, लेकिन भारत के लिए यह अवसरों का द्वार है। सदियों से भारत ने अनजान रास्तों पर चलने का साहस दिखाया है। चाहे तकनीक, महामारी के दौरान वैक्सीन विकास, कुशल जनशक्ति, फिनटेक या हरित ऊर्जा हो, भारत ने हर जोखिम को सुधार में, सुधार को मजबूती में और मजबूती को क्रांति में बदला है।
पीएम ने हाल ही में आईएमएफ प्रमुख की टिप्पणी का जिक्र किया, जिन्होंने भारत के सुधारों की हिम्मत की तारीफ की।प्रधानमंत्री ने 60 वर्षों तक शासन करने वाली विपक्षी पार्टी की आलोचना की और कहा कि वह लगातार नीतियों और प्रक्रियाओं के नौकरशाहीकरण को बढ़ावा दे रही है। इसके विपरीत, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पिछले ग्यारह वर्षों में उनकी सरकार ने नीतियों और प्रक्रियाओं, दोनों के लोकतंत्रीकरण पर ध्यान केंद्रित किया है, जो एक अजेय भारत के उदय का एक महत्वपूर्ण कारक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत में अब एक ऐसी सरकार है, जो गरीबों और वंचितों की सेवा के लिए समर्पित है, पिछड़े समुदायों को प्राथमिकता दे रही है और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रमुख चर्चाओं में अक्सर ऐसे प्रयासों पर ध्यान नहीं दिया जाता।
उदाहरण के तौर पर, उन्होंने बीएसएनएल के हाल ही में लॉन्च किए गए मेड-इन-इंडिया 4जी स्टैक का हवाला दिया और इसे एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उपलब्धि बताया। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि भारत अब स्वदेशी रूप से विकसित 4जी स्टैक वाले दुनिया के शीर्ष पांच देशों में शामिल है। बीएसएनएल, जो कभी विपक्ष द्वारा उपेक्षित सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी थी, अब नए मुकाम हासिल कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि 4जी स्टैक के लॉन्च के साथ ही बीएसएनएल ने उसी दिन लगभग एक लाख 4जी मोबाइल टावरों को सक्रिय किया। परिणामस्वरूप, दूरदराज के जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लाखों लोग, जो पहले हाईस्पीड इंटरनेट से अछूते थे, अब तीव्र इंटरनेट सेवाएं प्राप्त कर रहे हैं।
उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि 2014 से पहले, 1 जीबी डेटा की कीमत 300 रुपए थी, जबकि अब इसकी कीमत केवल 10 रुपए है, जिससे प्रत्येक भारतीय को सालाना हजारों रुपए की बचत हो रही है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से, प्रधानमंत्री ने बताया कि गरीब मरीजों ने 1.25 लाख करोड़ रुपए की बचत की है। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों पर दवाइयां 80 प्रतिशत छूट पर उपलब्ध हैं, जिससे लगभग 40,000 करोड़ रुपए की बचत हुई है। इसके अतिरिक्त, स्टेंट की कम कीमतों से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को सालाना 12,000 करोड़ रुपए की बचत हुई है।प्रधानमंत्री ने आयकर और जीएसटी दोनों में महत्वपूर्ण कटौती पर प्रकाश डाला और कहा कि इस वर्ष 12 लाख रुपए तक की आय को कर-मुक्त कर दिया गया है।
 

 


दलहन आत्मनिर्भरता मिशन और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का क्रियान्वयन जल्द शुरू होने से किसानों को होगा फायदा : शिवराज सिंह चौहान

17-Oct-2025
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज शुक्रवार को कहा कि दलहन आत्मनिर्भरता मिशन और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन जल्द शुरू होने से किसानों को फायदा होगा। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ और ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ से जुड़ी एक उच्चस्तरीय बैठक की। केंद्रीय मंत्री चौहान ने बैठक में इन योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए निर्देश जारी किए।
कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय के अनुसार, बैठक में बताया गया कि दलहन आत्मनिर्भरता मिशन पर जिलेवार क्लस्टर बनाकर काम किया जाएगा, जिसे लेकर राज्यों से क्लस्टर निर्माण के लिए सहयोग लिया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री चौहान ने ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए इस मिशन से जुड़े राज्यों से जुड़े नोडल अधिकारियों के साथ भी एक बैठक आयोजित करने का अधिकारियों को निर्देश दिया, जिससे कि मिशन को सफलतापूर्वक लागू किया जा सके।
ज्ञात हो, बीते 11 अक्टूबर को दिल्ली में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का शुभारंभ किया था। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को देश के 100 आकांक्षी जिलों में कृषि उत्थान के लिए 11 मंत्रालयों की 36 उप-योजनाओं को कॉर्डिनेट करते लॉन्च किया गया है।
इससे पहले 16 जुलाई 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को मंजूरी दी थी। वित्त वर्ष 2025-26 से ये योजनाएं छह वर्ष की अवधि के लिए चलाई जाएगी। इसका वार्षिक परिव्यय 24,000 करोड़ रुपए है। वहीं, ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन’ छह वर्षों की अवधि में 11,440 करोड़ रुपए के वित्तीय परिव्यय के साथ क्रियान्वित किया जाएगा।
इस मिशन से 2030-31 तक दलहन क्षेत्रफल को 275 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 310 लाख हेक्टेयर तक विस्तृत करने, उत्पादन को 242 लाख टन से बढ़ाकर 350 लाख टन तक बढ़ाने और उत्पादकता को 1130 किलोग्राम/हेक्टेयर तक बढ़ाने की उम्मीद है। उत्पादकता में वृद्धि के साथ-साथ यह मिशन बड़ी संख्या में रोजगार सृजन भी करेगा।




 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ग्रामीण बैंकों से कृषि ऋण वितरण बढ़ाने का आग्रह किया

17-Oct-2025
नई दिल्ली। ( शोर संदेश ) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ग्रामीण बैंकों को कृषि और उससे जुड़े क्षेत्र में बढ़ती क्रेडिट की मांग को पूरे करने के लिए अधिक लोन देने को कहा है। गुरुवार को बेल्लारी में कर्नाटक ग्रामीण बैंक (केएजीबी) के व्यावसायिक प्रदर्शन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए वित्त मंत्री ने लोन वृद्धि, एनपीए, वित्तीय समावेशन के तहत प्रदर्शन और सरकार प्रायोजित योजनाओं के कार्यान्वयन सहित प्रमुख संकेतकों का मूल्यांकन किया।
वित्त मंत्री सीतारमण ने सभी पक्षकारों को क्षेत्र में कृषि गतिविधियों की क्षमता का दोहन करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का भी निर्देश दिया। केएजीबी और केनरा बैंक को विशेष रूप से एमएसएमई और उससे जुड़े क्षेत्रों को लोन वितरण बढ़ाने के लिए राज्य सरकार के विभागों के साथ मिलकर काम करने का निर्देश दिया गया।
वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी दरों को कम करने से खपत में वृद्धि के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में नए अवसर खुले हैं। उन्होंने ग्रामीण बैंकों से आग्रह किया कि वे अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लोन की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इस अवसर का लाभ उठाएं। केंद्रीय मंत्री ने केएजीबी और प्रायोजक बैंक को पंचायत स्तर पर संबंधित समितियों के साथ मिलकर पीएम-विश्वकर्मा और पीएमएफएमई जैसी सरकारी प्रायोजित योजनाओं के तहत प्राप्त आवेदनों की जांच प्रक्रिया में सुधार करने की सलाह दी।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने केएजीबी से आग्रह किया कि वह कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बढ़ाए और जहां भी बैंकिंग आउटलेट्स की उपलब्धता अपर्याप्त है, वहां नई शाखाएं खोलकर अपनी उपस्थिति को बढ़ाए। केएजीबी को परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार, नई तकनीक अपनाने और ग्राहक सेवा वितरण को मजबूत करके परिचालन दक्षता बढ़ाने की भी सलाह दी गई।
वित्त मंत्रालय के सचिव, एम. नागराजू ने कहा कि विलय के बाद प्रणालियों और प्रक्रियाओं का एकीकरण पूरा हो गया है और ग्रामीण बैंक की दीर्घकालिक स्थिरता और व्यवहार्यता के लिए केएजीबी की मध्यम अवधि की व्यावसायिक योजना और प्रायोजक बैंक द्वारा उसकी समीक्षा पर जोर दिया।नागराजू ने क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण और एमएसएमई की संभावनाओं का जिक्र किया और केएजीबी से कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में किसानों द्वारा मूल्य सृजन के लिए नाबार्ड के साथ साझेदारी करने का आग्रह किया।









 

छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर नक्सलमुक्त, अमित शाह बोले- 2026 तक पूरे देश से खत्म होगा नक्सलवाद

16-Oct-2025
नई दिल्ली।( शोर संदेश )  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज गुरुवार को ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर, जो कभी नक्सलवाद के सबसे बड़े गढ़ माने जाते थे, अब पूरी तरह नक्सलमुक्त हो चुके हैं। शाह ने यह भी विश्वास जताया कि वर्ष 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का सफाया कर दिया जाएगा। अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर खुशी जताते हुए लिखा, “यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है कि छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ और उत्तरी बस्तर, जो कभी आतंकवादियों के गढ़ थे, आज नक्सली आतंक से मुक्त घोषित किए गए हैं। अब दक्षिणी बस्तर में नक्सलवाद का नामोनिशान बचा है, जिसे हमारे सुरक्षा बल जल्द ही मिटा देंगे।”
शाह ने बताया कि जनवरी 2024 में छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद से अब तक 2100 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, 1785 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है और 477 नक्सली मारे गए हैं। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने नक्सलवाद से निपटने के लिए तीन प्रमुख रणनीतियों-संवाद, सुरक्षा और समन्वय पर एक साथ काम किया है। शाह ने कहा, “आज हम इस नीति के परिणाम देख रहे हैं। पहले जो इलाके नक्सल हिंसा के प्रतीक थे, वे अब विकास और शांति की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।” इससे पहले 28 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित ‘नक्सल मुक्त भारत’ सम्मेलन में भी अमित शाह ने कहा था, “मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि 31 मार्च 2026 तक इस देश से हथियारी नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा।” उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की दृढ़ नीतियों, सुरक्षा बलों की कार्रवाई और स्थानीय जनता के सहयोग से नक्सलवाद का आधार धीरे-धीरे खत्म हो गया है।
शाह ने यह भी कहा कि अब ध्यान दक्षिण बस्तर जैसे बचे हुए इलाकों पर केंद्रित किया जा रहा है, जहां अंतिम चरण में नक्सलवाद को जड़ से मिटाने के प्रयास चल रहे हैं।











 



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