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एयर इंडिया ने जून से तीन महीनों के लिए कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द किया

13-May-2026
नई दिल्ली। मध्य पूर्व संकट के कारण जेट ईंधन की बढ़ती कीमतों के चलते एयर इंडिया ने जून की शुरुआत से तीन महीनों के लिए कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को निलंबित करने का फैसला किया है। यह जानकारी रिपोर्ट्स में दी गई। कई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि दिल्ली से जिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कमी की गई है उनमें शिकागो और नेवार्क, सिंगापुर और शंघाई जैसे प्रमुख गंतव्य शामिल हैं। इसके अलावा, एयर इंडिया ने सैन फ्रांसिस्को, पेरिस और टोरंटो जैसे गंतव्यों के लिए भी उड़ानें कम कर दी हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, कुल मिलाकर एयरलाइन ने प्रतिदिन करीब 100 उड़ानों को कम कर दिया है। एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने पिछले सप्ताह कहा था कि भू-राजनीतिक तनाव के बीच ईंधन की बढ़ती कीमतों के चलते एयरलाइन अंतरराष्ट्रीय सेवाओं में कटौती जारी रखेगी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बढ़ते वित्तीय दबाव और परिचालन संबंधी चुनौतियों का सामना करते हुए, एयर इंडिया ने अपने आंतरिक अनुपालन और लागत नियंत्रण उपायों को और कड़ा कर दिया है। एयरलाइन ने पिछले तीन वर्षों में नैतिक कदाचार और नीतिगत उल्लंघनों के लिए 1,000 से अधिक कर्मचारियों को बर्खास्त किया है।

यह खुलासा विल्सन ने पिछले सप्ताह कर्मचारियों के साथ एक टाउन हॉल बैठक के दौरान किया। विल्सन ने कर्मचारियों को बताया कि एयरलाइन ने कई उल्लंघनों में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है, जिनमें एम्प्लॉई लीजर ट्रैवल (ईएलटी) सिस्टम का दुरुपयोग, विमान से सामान की तस्करी और उचित शुल्क के बिना अतिरिक्त सामान ले जाने की अनुमति देना शामिल है।

एयरलाइन की यह कदम ऐसे समय में उठाया, जब वह गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही है। एयर इंडिया समूह, जिसमें एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस शामिल हैं, को मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में 22,000 करोड़ रुपए से अधिक का घाटा होने का अनुमान है।

टाटा समूह के तहत व्यापक पुनर्गठन और सुधार प्रयासों के तहत, एयरलाइन ने पहले ही कई लागत-बचत उपाय शुरू कर दिए हैं। इनमें कर्मचारियों के वार्षिक वेतन वृद्धि को रोकना, विवेकाधीन खर्चों में कटौती करना और सभी विभागों में गैर-जरूरी खर्चों को कम करना शामिल है।

पेट्रोल-डीजल और सोने के 10 फीसदी कम इस्तेमाल से हर साल 2 लाख करोड़ विदेशी मुद्रा बचेगी : गौरव वल्लभ

13-May-2026
नई दिल्ली। भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील, पश्चिम बंगाल के नगर निगम भर्ती घोटाले में ईडी की कार्रवाई समेत विभिन्न मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन कक्षाओं और कारपूलिंग को बढ़ावा देने की अपील पर गौरव वल्लभ ने कहा, “भारत हर साल लगभग 12.5 लाख करोड़ रुपये का कच्चा तेल खरीदता है, जबकि करीब 6.5 लाख करोड़ रुपये का सोना आयात करता है। यानी इन दोनों पर ही कुल मिलाकर लगभग 18.5 लाख करोड़ रुपये खर्च होते हैं। यदि हम इसमें सिर्फ 10 प्रतिशत की कमी कर लें, तो करीब 2 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचाई जा सकती है।”

पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत बोस की ईडी द्वारा गिरफ्तारी पर गौरव वल्लभ ने कहा, “टीएमसी के 15 वर्षों के शासनकाल में धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। घुसपैठियों को संरक्षण देने और उन्हें बढ़ावा देने का मॉडल ध्वस्त हो चुका है। अब बंगाल में बंगाल की जनता के लिए विकास का मॉडल लागू किया जाएगा।”

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह पर भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने कहा, “हमने असम में लगातार तीसरी बार सरकार बनाई है और हर बार पिछली बार की तुलना में हमारे विधायकों की संख्या बढ़ी है।” इसके पहले गौरव वल्लभ ने कहा था, “असदुद्दीन ओवैसी को अब ‘वंदे मातरम’ से भी दिक्कत होने लगी है, जो उनकी ‘बांटने वाली मानसिकता’ को दर्शाता है। भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास’ की नीति में विश्वास करती है और देश की एकता तथा राष्ट्रभावना को सर्वोपरि मानती है। ‘वंदे मातरम’ महान साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्रीय गीत है और इसे लेकर किसी प्रकार की आपत्ति देश की भावनाओं के खिलाफ है। ‘भारत माता की जय‘ भी बोला जाएगा, ‘वंदे मातरम’ का गान भी होगा और ‘जन-गण-मन’ भी पूरे सम्मान के साथ गाया जाएगा।”

 


लद्दाख में डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा, अमित शाह करेंगे कई परियोजनाओं का उद्घाटन

30-Apr-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) सहकारिता आधारित ग्रामीण विकास को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम पहल के तहत केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 1 मई 2026 को लद्दाख में विभिन्न डेयरी अवसंरचना और सहकारी पहलों का उद्घाटन करेंगे। यह कार्यक्रम लेह स्थित केंद्रीय बौद्ध अध्ययन संस्थान (CIBS) में आयोजित होगा, जिसमें केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) और उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना भी मौजूद रहेंगे।
कार्यक्रम के दौरान दूध प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने और कोल्ड-चेन सिस्टम को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा। इसमें कारगिल में 10 टीएलपीडी क्षमता वाले डेयरी प्लांट का शिलान्यास और लेह में दही व पनीर उत्पादन इकाइयों का उद्घाटन शामिल है। साथ ही बल्क मिल्क कूलर प्रणाली की भी शुरुआत की जाएगी, जिससे भंडारण और परिवहन व्यवस्था बेहतर होगी।
सहकारी क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए एंड्रॉयड आधारित ऑटोमेटेड मिल्क कलेक्शन सिस्टम (AMCS) एप्लिकेशन का शुभारंभ किया जाएगा। यह प्रणाली दूध खरीद प्रक्रिया को आसान बनाएगी और किसानों को पारदर्शी व समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करेगी।
कार्यक्रम के तहत एक मोबाइल दूध परीक्षण प्रयोगशाला को भी हरी झंडी दिखाई जाएगी। इसका उद्देश्य डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और जमीनी स्तर पर किसानों को तकनीकी सहायता प्रदान करना है।
डेयरी उत्पादों के विपणन और वितरण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न हितधारकों के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इससे स्थानीय उत्पादकों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलने की उम्मीद है।
इस अवसर पर क्षेत्र के प्रगतिशील डेयरी किसानों को सम्मानित भी किया जाएगा। यह पहल सहकारी संस्थाओं को मजबूत बनाने, ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने और दूरस्थ क्षेत्रों में समावेशी विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।






 

ECI ने मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए क्यूआर-आधारित फोटो पहचान पत्र प्रणाली शुरू की

30-Apr-2026
नई दिल्ली।   (शोर संदेश) भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने मतगणना केंद्रों में अनाधिकृत प्रवेश को पूरी तरह रोकने के लिए एक नई और आधुनिक क्यूआर कोड-आधारित फोटो पहचान पत्र मॉड्यूल शुरू करने की घोषणा की है। यह प्रणाली ईसीआईएनईटी प्लेटफॉर्म पर कार्य करेगी और मतगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित तथा दक्ष बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
आयोग द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह नई व्यवस्था 4 मई 2026 को होने वाली मतगणना से लागू होगी। इसमें असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी की विधानसभा चुनावों के साथ ही 5 राज्यों के 7 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव शामिल हैं। बाद में इसे लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के सभी भविष्य के आम चुनावों और उपचुनावों में विस्तारित किया जाएगा।
यह पहल पिछले एक वर्ष में चुनाव आयोग द्वारा की गई 30 से अधिक सुधारात्मक पहलों की कड़ी में शामिल है। इससे पहले ब्लॉक स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) के लिए भी मानकीकृत क्यूआर कोड-आधारित फोटो पहचान पत्र शुरू किए जा चुके हैं। नई प्रणाली मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के स्तर को और ऊंचा उठाएगी।
मतगणना केंद्रों पर पहचान सत्यापन के लिए त्रि-स्तरीय सुरक्षा तंत्र बनाया गया है। इनमें पहले और दूसरे स्तर पर रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) द्वारा जारी पारंपरिक फोटो पहचान पत्रों की मैन्युअल जांच की जाएगी। तीसरा और सबसे भीतरी सुरक्षा घेरा (मतगणना कक्ष के निकट) में प्रवेश केवल क्यूआर कोड स्कैनिंग के माध्यम से सफल सत्यापन के बाद ही मिलेगा। इससे किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के अंदर जाने की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी।
नए क्यूआर कोड-आधारित फोटो पहचान पत्र उन सभी अधिकृत व्यक्तियों पर लागू होंगे जिन्हें मतगणना केंद्रों और मतगणना कक्षों में प्रवेश की अनुमति दी गई है। इनमें मुख्य रूप से रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ), सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, मतगणना कर्मचारी, तकनीकी स्टाफ, उम्मीदवार, चुनाव एजेंट, मतगणना एजेंट और अन्य अधिकृत अधिकारी शामिल हैं।
अधिकृत मीडिया कर्मियों की सुविधा के लिए हर मतगणना केंद्र पर मतगणना कक्षों के पास एक अलग मीडिया केंद्र स्थापित किया जाएगा। मीडिया कर्मियों का प्रवेश पहले की भांति आयोग द्वारा जारी प्राधिकार पत्रों के आधार पर ही रहेगा।
जिला निर्वाचन अधिकारियों और रिटर्निंग अधिकारियों को इस प्रणाली के सुचारू कार्यान्वयन के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें जांच चौकियों पर प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती भी शामिल है ताकि पहुंच नियंत्रण निर्बाध और सुरक्षित रहे।
सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, रिटर्निंग अधिकारियों और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों को मतगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता, सुरक्षा और दक्षता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

किंग चार्ल्स तृतीय ने अमेरिका और ब्रिटेन के बीच नए सिरे से गठबंधन का किया आग्रह

29-Apr-2026
नई दिल्ली।   (शोर संदेश) ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय ने अमेरिका और ब्रिटेन के बीच की दोस्ती को और मज़बूत करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया में जो अशांति और झगड़े चल रहे हैं, उन्हें देखते हुए दोनों देशों का मिलकर काम करना बहुत जरूरी है। कांग्रेस की जॉइंट मीटिंग में बोलते हुए, चार्ल्स ने कहा कि यूरोप से लेकर मिडिल ईस्ट तक संघर्ष के समय दोनों देश बहुत अनिश्चितता के समय का सामना कर रहे हैं, जिसके नतीजे दोनों समाजों पर महसूस किए जा रहे हैं।
चार्ल्स ने अमेरिका-ब्रिटेन के संबंध को साझा लोकतांत्रिक परंपराओं में निहित बताया
उन्होंने कैपिटल के पास हाल ही में हुई एक हिंसक घटना का भी जिक्र किया और कहा कि हिंसा के ऐसे काम कभी कामयाब नहीं होंगे। उन्होंने लोकतंत्र को बनाए रखने और हमारे सभी लोगों को नुकसान से बचाने के साझा वादे को दोहराया। चार्ल्स ने अमेरिका-ब्रिटेन के संबंध को साझा लोकतांत्रिक परंपराओं में निहित बताया, भले ही यह शुरुआती असहमतियों से उभरा हो। उन्होंने कहा, “असल में हमारे देश स्वाभाविक रूप से एक जैसी सोच रखते हैं।”
किंग चार्ल्स तृतीय ने अमेरिका और ब्रिटेन के संबंध को विवाद से पैदा हुई साझेदारी, लेकिन मजबूत बताया। उन्होंने इन संबंधों को मैग्ना कार्टा और इंग्लिश कॉमन लॉ समेत आम कानूनी और राजनीतिक बुनियाद से जोड़ा, जिसने चेक्स एंड बैलेंस जैसे अमेरिकी संवैधानिक सिद्धांतों को बनाने में मदद की।
मौजूदा ग्लोबल माहौल में मिलकर काम करने की जरूरत पर जोर दिया
किंग ने मौजूदा ग्लोबल माहौल में मिलकर काम करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा, “हम जिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, वे इतनी बड़ी हैं कि कोई एक देश अकेले उनका सामना नहीं कर सकता। दोनों देशों से पिछली कामयाबियों पर भरोसा करने के बजाय अपने गठबंधन को और मजबूत करने की अपील की।”
चार्ल्स ने यूक्रेन को लगातार समर्थन देने की सराहना की
डिफेंस को लेकर चार्ल्स ने कहा कि ब्रिटेन शीत युद्ध के बाद से रक्षा खर्च में सबसे बड़ी लगातार बढ़ोतरी कर रहा है। उन्होंने बढ़ते सुरक्षा खतरों का जिक्र किया और दोनों देशों के बीच गहरे मिलिट्री और इंटेलिजेंस सहयोग की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा, “हमारे रक्षा, खुफिया और सुरक्षा संबंध आपस में जुड़े हुए हैं।” चार्ल्स ने यूक्रेन को लगातार समर्थन देने की सराहना करते हुए कहा कि सच में न्यायपूर्ण और स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए इसकी जरूरत है। उन्होंने कलेक्टिव सिक्योरिटी में नाटो की भूमिका के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने आर्थिक संबंधों पर जोर देते हुए वार्षिक 430 बिलियन डॉलर के व्यापार और आपसी निवेश में 1.7 ट्रिलियन डॉलर का जिक्र किया और कहा कि दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग और न्यूक्लियर फ्यूजन जैसे उभरते क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। हमारे देश आने वाले कल की टेक्नोलॉजी में टैलेंट और रिसोर्स को मिला रहे हैं।
किंग ने पर्यावरण के खतरों के बारे में भी चेतावनी दी
ब्रिटेन किंग ने पर्यावरण के खतरों के बारे में भी चेतावनी दी और कहा कि अगर जरूरी प्राकृतिक सिस्टम के खत्म होने को नजरअंदाज किया गया तो यह लंबे समय की खुशहाली और सुरक्षा के लिए खतरा है। उन्होंने दोनों देशों से अंदर की सोचने वाली नीतियों का विरोध करने और अपने गठबंधन को मजबूत करने की अपील करते हुए आखिर में कहा, “आइए हम दोनों देश एक-दूसरे के लिए खुद को फिर से समर्पित करें।”
अमेरिका अपनी आजादी की घोषणा की 250वीं सालगिरह मना रहा है। ऐसे मौके पर चार्ल्स ने कहा कि यह एक मील का पत्थर है जो ऐतिहासिक मतभेदों और एक स्थायी साझेदारी दोनों को दिखाता है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने किंग चार्ल्स तृतीय को 2 जून, 1785 के उस पत्र की कस्टम कॉपी भेंट की
वहीं, उपहारों के आदान-प्रदान के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र वह ऐतिहासिक दस्तावेज रहा, जो दोनों देशों के संबंधों की नींव को 18वीं शताब्दी के एक महत्वपूर्ण कालखंड से जोड़ता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने किंग चार्ल्स तृतीय को 2 जून, 1785 के उस पत्र की कस्टम कॉपी भेंट की, जिसे जॉन एडम्स ने जॉन जे को लिखा था। इस पत्र में एडम्स ने अमेरिकी क्रांति के पश्चात किंग जॉर्ज तृतीय के साथ हुई अपनी मीटिंग का विवरण दिया था।
ब्रिटेन के राजा अलगाव के लिए सबसे अंत में तैयार हुए थे
लेटर में एडम्स ने बताया कि ब्रिटेन के राजा, जो अलगाव के लिए सबसे अंत में तैयार हुए थे, अब संबंधों को फिर से सुधारने की इच्छा जता रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि वे अमेरिकी मित्रता को स्वीकार करने वाले पहले व्यक्ति बनना चाहते हैं। यह तोहफा इस बात का प्रतीक था कि युद्ध में विरोधी रहे पक्ष अब कूटनीति के जरिए साझेदार बनने की ओर बढ़ रहे हैं और यही भाव पूरे दिन के कार्यक्रमों में दिखाई देता रहा।
 

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारी तेज, आयुष मंत्रालय की उच्चस्तरीय बैठक

29-Apr-2026
नई दिल्ली।   (शोर संदेश) आयुष मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई)-2026 के भव्य और प्रभावशाली आयोजन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मंगलवार एक उच्चस्तरीय कोर कमेटी की बैठक बुलाई। बैठक की अध्यक्षता आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने की और इसमें भारत सरकार के प्रमुख मंत्रालयों और विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
आयुष मंत्रालय के सचिव ने कहा कि वर्ष 2026 का आयोजन, पिछले वर्षों में रखी गई मजबूत नींव पर आधारित होगा और साथ ही जन-भागीदारी और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के नए आयाम भी प्रस्तुत करेगा। उन्होंने कहा कि सभी मंत्रालयों और हितधारकों के समन्वित प्रयासों से स्वास्थ्य, सद्भाव और सामूहिक कल्याण के एक शक्तिशाली साधन के रूप में योग की वैश्विक प्रतिष्ठा और भी बढ़ेगी।
विभिन्न मंत्रालयों और संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में, यह बैठक संस्थागत समन्वय, प्रारंभिक समीक्षा और समन्वित कार्रवाई के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुई। बैठक का संचालन आयुष मंत्रालय की संयुक्त सचिव मोनालिसा डैश ने किया। आयुष मंत्रालय की संयुक्त सचिव अलारमेलमंगई डी. और अन्य भाग लेने वाले मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें इसके वैश्विक विकास, विस्तार और प्रभाव को रेखांकित किया गया। चर्चा का मुख्य विषय 2026 के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के विस्तार, पहुंच और प्रभाव को और अधिक बढ़ाने के लिए मंत्रालयों के बीच समन्वय को मजबूत करना था।
समन्वित प्रचार रणनीतियों, सार्वजनिक भागीदारी बढ़ाने और समाज के विभिन्न वर्गों के दैनिक जीवन में योग को एकीकृत करने के उद्देश्य से अभिनव पहलों पर जोर दिया गया। मंत्रालयों को योग के माध्यम से समग्र स्वास्थ्य, निवारक स्वास्थ्य देखभाल और समग्र कल्याण को बढ़ावा देने के व्यापक दृष्टिकोण के साथ अपने-अपने कार्यक्रमों को संरेखित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
आयुष मंत्रालय ने इस बात पर प्रकाश डाला कि पिछले संस्करणों की अभूतपूर्व सफलता, जिसमें 2025 की व्यापक पहुंच भी शामिल है, को ध्यान में रखते हुए सरकार वर्ष 2026 के लिए समग्र सरकारी दृष्टिकोण अपना रही है। संरचित उलटी गिनती अभियान, डिजिटल सहभागिता रणनीतियां और समावेशिता, स्थिरता और युवा भागीदारी पर केंद्रित विषय-गत कार्यक्रम जैसे तैयारी संबंधी प्रयास सक्रिय रूप से किए जा रहे हैं।
बैठक में प्रतिष्ठित स्थानों पर योग प्रदर्शनों के आयोजन, वैश्विक स्तर पर पहुंच बढ़ाने और राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संस्थागत भागीदारी को मजबूत करने की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। बैठक का समापन सभी भाग लेने वाले मंत्रालयों और विभागों के बीच इस साझा संकल्प के साथ हुआ कि वे घनिष्ठ समन्वय में काम करेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस भारत और विश्व भर में अभूतपूर्व पैमाने, दृश्यता और प्रभाव के साथ मनाया जाए।

एनसीआर में बारिश से गर्मी से राहत, मौसम विभाग का येलो अलर्ट जारी

29-Apr-2026
नई दिल्ली।  (शोर संदेश) राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बीती रात हुई बारिश ने भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत दी है। तेज आंधी और गरज-चमक के साथ हुई इस बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया है और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार आज के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें दिनभर अलग-अलग समय पर आंधी, तेज हवाएं और गरज के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 29 अप्रैल को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूरे दिन ‘थंडरस्टॉर्म विद रेन’ यानी बारिश के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बनी रहेगी।
विभाग ने चेतावनी दी है कि सुबह, दोपहर और शाम—तीनों समय —तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका है। 30 अप्रैल को भी मौसम का यही मिजाज बना रहेगा। इस दिन अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री रहने का अनुमान है। हालांकि इस दिन कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन हल्की बारिश और बादलों की आवाजाही जारी रह सकती है। इसके बाद 1 मई और 2 मई को मौसम साफ होने की संभावना है। 1 मई को तापमान 40/26 डिग्री और 2 मई को 41/25 डिग्री रहने का अनुमान है।
इन दिनों आसमान मुख्यतः साफ रहेगा और कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। बारिश और तेज हवाओं के चलते वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले एक सप्ताह तक इसी तरह का मौसम बना रहेगा, जिससे तापमान में गिरावट और वायु गुणवत्ता में आंशिक सुधार देखने को मिल सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें और खुले स्थानों पर जाने से बचें। 
 

यूएन सुरक्षा परिषद सुधार पर बहस तेज, भारत समेत कई प्रस्तावों पर चर्चा : एनालेना

29-Apr-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक ने कहा कि सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधार को लेकर चर्चाएं बढ़ी हैं और इस दिशा में “छोटे-छोटे कदम” उठाए गए हैं।
सुरक्षा परिषद में सुधार को लेकर चर्चा अब और तेज हुई 
कल मंगलवार को नई दिल्ली में एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान बेयरबॉक ने कहा कि मौजूदा समय में पी-5 देश संयुक्त राष्ट्र के चार्टर पर दबाव बना रहे हैं।
उन्होंने कहा, “यह बहस पिछले 17 वर्षों से चल रही है। जैसा कि हम जानते हैं, चार्टर में पांच सदस्य देशों को खास जिम्मेदारी के साथ-साथ वीटो का अधिकार भी दिया गया है। सुरक्षा परिषद में सुधार को लेकर चर्चा अब और तेज हुई है। मैंने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए 2 को-फैसिलिटेटर नियुक्त किए हैं। अलग-अलग प्रस्ताव सामने आए हैं, जिनमें इस देश (भारत) का भी प्रस्ताव शामिल है। इसके अलावा अफ्रीकी संघ की तरफ से भी प्रस्ताव हैं, क्योंकि पूरा अफ्रीका महाद्वीप सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य के रूप में प्रतिनिधित्व नहीं रखता।”
वीटो इनिशिएटिव
उन्होंने आगे कहा क‍ि सुरक्षा परिषद में सुधार की यह बहस संयुक्त राष्ट्र की विश्वसनीयता से भी जुड़ी है। हालांकि, हमने कुछ छोटे कदम पहले ही उठाए हैं। उदाहरण के तौर पर, ‘वीटो इनिशिएटिव’ पर चर्चा हुई थी, जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े एक प्रस्ताव पर वीटो लगा था। इस सुधार के तहत, अगर सुरक्षा परिषद में कोई मामला अटक जाता है, तो उसे महासभा में चर्चा के लिए लाया जाता है। यह कदम संयुक्त राष्ट्र को मजबूत बनाने और उसकी साख बढ़ाने के लिए है।
हर सदस्य देश को अलग-अलग उम्मीदवारों में से चुनने का अधिकार
बेयरबॉक ने यह भी बताया कि वह अगले संयुक्त राष्ट्र महासचिव के चयन की प्रक्रिया की अध्यक्षता कर रही हैं। उन्होंने कहा, “महासचिव के चयन की प्रक्रिया में, मैं महासभा की अध्यक्ष के तौर पर इसे पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से चला रही हूं। हर सदस्य देश को अलग-अलग उम्मीदवारों में से चुनने का अधिकार है। पिछले हफ्ते चार उम्मीदवारों की सुनवाई हुई थी और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। सुरक्षा परिषद, जिसकी इसमें खास भूमिका होती है, वह भी उम्मीदवारों से बातचीत करेगी। इसके अलावा, अन्य उम्मीदवारों के साथ एक खुली टाउन हॉल बैठक भी होगी। मैं भारत के लोगों से भी अपील करती हूं कि इस प्रक्रिया में दिलचस्पी लें, क्योंकि अगला महासचिव सिर्फ संयुक्त राष्ट्र के अंदर काम करने वालों के लिए नहीं, बल्कि दुनिया भर के लोगों की सेवा के लिए होगा।”
सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग
भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र, खासकर सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग करता रहा है। भारत का मानना है कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार जरूरी है। आपको बता दें, सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं, पांच स्थायी और दस अस्थायी, जिन्हें महासभा की ओर से दो साल के लिए चुना जाता है। पांच स्थायी सदस्य हैं: चीन, फ्रांस, रूस, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका। फिलहाल दस अस्थायी सदस्य हैं: बहरीन, कोलंबिया, कांगो, ग्रीस, डेनमार्क, पाकिस्तान, लातविया, लाइबेरिया, पनामा और सोमालिया।

भगवान भोलेनाथ से समस्त देशवासियों के लिए सुख-समृद्धि और आरोग्यपूर्ण जीवन की कामना की : पीएम मोदी

29-Apr-2026
नई दिल्ली। (शोर संदेश) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बुधवार को काशी दौरे के दूसरे दिन करीब 14 किलोमीटर लंबे रोड शो के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर देश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान त्रिशूल और डमरू दिखाकर श्रद्धालुओं का अभिवादन किया।
पीएम मोदी ने एक्स पर ‘हर हर महादेव’ के कैप्शन के साथ कई तस्वीरें भी साझा की
प्रधानमंत्री मोदी ने इसे लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट भी किया, जिसमें उन्होंने ‘हर हर महादेव’ के कैप्शन के साथ कई तस्वीरें भी शेयर की। पीएम मोदी ने पोस्ट में लिखा, “काशी में बाबा विश्वनाथ मंदिर में दर्शन और पूजन का सौभाग्य मिला। यहां भगवान भोलेनाथ से समस्त देशवासियों के लिए सुख-समृद्धि और आरोग्यपूर्ण जीवन की कामना की। मां अन्नपूर्णा एवं मां गंगा के दर्शन से असीम शांति मिली। उनकी कृपा से हर किसी में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो! काशी की जनता को पुनः नमन।”
रोड शो के दौरान काशी की सड़कों पर जनसैलाब उमड़ा रहा
आपको बता दें, बीएलडब्ल्यू गेस्ट हाउस से निकले प्रधानमंत्री मोदी का काफिला मंडुवाडीह, पुलिस लाइन, लहुराबीर, मैदागिन और चौक होते हुए काशी विश्वनाथ धाम पहुंचा। रोड शो के दौरान काशी की सड़कों पर जनसैलाब उमड़ा रहा। इस दौरान प्रधानमंत्री ने दूसरी बार त्रिशूल और डमरू दिखाकर बाबा के भक्तों का अभिवादन किया, जिसे देखकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह नजर आया। मंदिर के प्रवेश द्वार पर बटुकों ने शंखनाद कर उनका स्वागत किया। ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के बीच प्रधानमंत्री ने मंदिर परिसर में प्रवेश किया। मुख्य अर्चक पंडित सहित पांच पंडितों ने षोडशोपचार विधि से उनका पूजन कराया।
पीएम मोदी ने मंदिर के गर्भगृह से देशवासियों की समृद्धि की कामना की
गर्भगृह में मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने विधिवत अभिषेक किया और देशवासियों की समृद्धि की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। काशी विश्वनाथ धाम परिसर में प्रधानमंत्री मोदी ने बच्चों से भी बातचीत की। उन्होंने बच्चों से सवाल पूछे, जिस पर बच्चे मुस्कुराते नजर आए।
बनारस रेलवे स्टेशन के सामने बनाए गए स्वागत स्थल पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी पहुंचे
वहीं, मंदिर में मौजूद श्रद्धालु प्रधानमंत्री की एक झलक पाकर उत्साहित दिखे और अभिवादन करते रहे। रोड शो के दौरान बनारस रेलवे स्टेशन के सामने बनाए गए स्वागत स्थल पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी पहुंचे। उनके हाथों में प्रधानमंत्री के लिए संदेश लिखे पोस्टर थे।
बच्चे पीएम मोदी के लिए उपहार भी लेकर आए
बच्चों ने बताया कि वे प्रधानमंत्री मोदी को देने के लिए छोटा सा उपहार भी लेकर आए हैं। जगह-जगह भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने फूल बरसाकर, ढोल-नगाड़ों और शंखध्वनि के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया। एनसीसी कैडेट्स और महिलाओं में भी खासा उत्साह देखा गया।

पीएम मोदी बच्चों के साथ फुटबॉल खेलते नजर आए, कहा- नन्हे दोस्तों के साथ खेलने का मजा ही कुछ और है

29-Apr-2026
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिक्किम दौरे पर हैं। मंगलवार की सुबह पीएम मोदी ने राजधानी गंगटोक में स्थानीय बच्चों के साथ फुटबॉल का आनंद लिया। पीएम मोदी ने बच्चों के साथ फुटबॉल खेलते हुए कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की हैं। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, “गंगटोक की एक प्यारी सुबह, सिक्किम में अपने नन्हे दोस्तों के साथ फुटबॉल खेलने का मजा ही कुछ और है।”
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, “इन युवाओं के साथ फुटबॉल का एक जबरदस्त सेशन।”
पीएम मोदी ने अपने एक्स पोस्ट में कई तस्वीरें पोस्ट की हैं जिसमें वे स्थानीय बच्चों के साथ फुटबॉल खेलते, उनके साथ बातचीत करते हुए नजर आ रहे हैं। इस दौरान पीएम पूरी तरह एक खिलाड़ी की वेशभूषा में हैं।
पीएम 27 अप्रैल की शाम को गंगटोक पहुंचे थे। उनका मंगलवार का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहने वाला है। बच्चों के साथ समय बिताने के बाद प्रधानमंत्री गंगटोक स्थित ऑर्किडेरियम का दौरा करेंगे। वह पालजोर स्टेडियम में सिक्किम के राज्य स्थापना के 50वें वर्ष के समारोह के समापन समारोह में भाग लेंगे, जहां वे राज्य भर में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शुभारंभ और शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर वे सभा को संबोधित भी करेंगे।
ये परियोजनाएं बुनियादी ढांचे, संपर्क, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, बिजली, शहरी विकास, पर्यावरण, पर्यटन और कृषि सहित कई क्षेत्रों को कवर करती हैं, और इनका उद्देश्य सिक्किम में समग्र और समावेशी विकास को गति देना है।
प्रधानमंत्री युवा भागीदारी और खेल विकास को बढ़ावा देने के लिए पाकयोंग जिले के माइनिंग, रंगपो में इनडोर क्रिकेट सुविधाओं का भी उद्घाटन करेंगे।पीएम मोदी की यह यात्रा सिक्किम के राज्य बनने की स्वर्ण जयंती के वर्ष में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और राज्य तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र के तीव्र और सतत विकास के प्रति वर्तमान सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
 


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