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खरीफ की प्रमुख फसलों की बेहतर बुवाई हुई, उपज अच्छी होने की उम्मीद- शिवराज सिंह

29-Oct-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। देश के कृषि क्षेत्र को इस बार अनुकूल मानसून, पर्याप्त वर्षा, जलाशयों में बेहतर जलसंग्रह के चलते काफी लाभ मिला है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा देश में कृषि क्षेत्र की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रमुख जलाशयों में सामान्य या अधिक स्तर पर पानी संग्रहित है, जिससे सिंचाई संबंधी जरूरतें काफी हद तक पूरी हुई हैं व खरीफ की बुवाई समय पर पूरी हो सकी है। यह किसानों के लिए बड़ी राहत की बात रही, क्योंकि लगातार पर्याप्त नमी के कारण बुवाई में तेजी आई, पौधों की वृद्धि भी संतुलित रही हैं। पर्याप्त नमी से रबी बुवाई क्षेत्र में भी वृद्धि होगी।
 
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि समय पर और अनुकूल मानसून, पर्याप्त जलाशय संसाधन, बढ़िया योजना प्रबंधन एवं डिजिटल नवाचार के चलते देश के कृषि क्षेत्र में रिकॉर्ड उपलब्धियां दर्ज हो रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में, सरकार की किसान हितैषी नीतियों की वजह से ये उपलब्धियां किसानों के जीवन स्तर को ऊंचा उठा रही है, वहीं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लिए भी यह शुभ संकेत हैं। आगामी रबी मौसम में दलहनी और तिलहनी फसलों की ज्यादा बुवाई के लिए और रिकार्ड उत्पादकता प्राप्त करने के लिए केंद्र सरकार, प्रदेशों के साथ मिलकर हरसंभव सहायता किसानों को उपलब्ध कराएगी।
 
कल मंगलवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में बताया गया कि खरीफ-2025 के दौरान फसलों की बुवाई काफी अच्छी हुई है। खरीफ-2025 के लिए धान की बुवाई का कुल आंकड़ा 441.58 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की अपेक्षा अधिक है। वहीं, तिलहनी फसलों का अखिल भारतीय क्षेत्र 190.13 लाख हेक्टेयर तक दर्ज किया गया, जिसमें सोयाबीन एवं मूंगफली प्रमुख हैं।
 
इसी तरह, दालों का क्षेत्र 120.41 लाख हेक्टेयर तक पहुंचा है, जो पोषण सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है, वहीं गन्ने का क्षेत्र 59.07 लाख हेक्टेयर तक रहा हैं, जिससे गन्ना उत्पादक किसान भाइयों-बहनों को सीधा फायदा होगा।
 
शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा खाद सब्सिडी के लिए 38 हजार करोड़ रुपए जारी करने के फैसले पर किसानों की ओर से उनका आभार व्यक्त किया।
 
बैठक में मौजूद कृषि आयुक्त डा. पी.के. सिंह ने शिवराज सिंह को रिपोर्ट दी कि देशभर में सिंचाई परियोजनाओं एवं जलाशयों के लिए जल उपलब्धता में वृद्धि हुई हैं, जिससे सिंचाई आधारित कृषि क्षेत्रों में भी कृषि विकास संभव हुआ है। बैठक में बताया गया कि देश में पिछले वर्ष की तुलना में कुल जल संग्रहण की स्थिति बेहतर है, 161 जलाशयों में उपलब्ध संग्रहण 165.58 अरब घन मीटर (BCM) है, जो गत वर्ष के मुकाबले 104.30% और पिछले 10 वर्षों के औसत संग्रहण का 115.95% है।
 
इस दौरान, यह जानकारी भी दी गई कि देश के कुछ क्षेत्रों में खरीफ की फसलों की कटाई शुरू हो गई है, अब तक कुल खरीफ क्षेत्र के लगभग 27% भाग की कटाई हो चुकी है, साथ ही कुछ इलाकों में रबी की बुवाई भी प्रारंभ हो चुकी है, जो वर्तमान में प्रारंभिक चरण में है। देश में प्याज, आलू व टमाटर की फसलों की स्थिति भी औसतन अच्छी परिलक्षित हो रही है, वहीं चावल-गेहूं का वास्तविक स्टाक, बफर मानक की तुलना में ज्यादा है।
 

पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर तेज़ी से अग्रसर: केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी

29-Oct-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को तेल क्षेत्र (विनियमन एवं विकास संशोधन) अधिनियम 2025 को लेकर कहा कि यह अधिनियम आज के ऊर्जा युग के लिए 1948 के कानून का आधुनिकीकरण करता है।
अधिनियम एकीकृत लीज सिस्टम से ऊर्जा संसाधनों का दायरा व निवेश का अवसर बढ़ाता है
केंद्रीय मंत्री पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “पीएम मोदी के नेतृत्व में ऊर्जा स्वतंत्रता की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। अधिनियम एक समान पेट्रोलियम लीज सिस्टम को पेश करता है। इसके अलावा, यह सीबीएम, शेल गैस, टाइट ऑयल, गैस हाइड्रेट्स का दायरा बढ़ाता है। साथ ही, तेजी से अप्रूवल मिलने, इंफ्रा-शेयरिंग को लेकर निवेशकों का विश्वास बढ़ता है। इस अधिनियम के तहत तेल क्षेत्र में सोलर और हाइब्रिड सिस्टम को अनुमति दी जा रही है।” 
तेल क्षेत्र अधिनियम 2025 को लेकर शेयर किए गए वीडियो में दी गई जानकारी के अनुसार, मार्च 2025 में सरकार द्वारा तेल क्षेत्र (विनियमन एवं विकास संशोधन) अधिनियम 2025 के रूप में एक ऐतिहासिक सुधार पेश किया गया। यह अधिनियम भारत के तेल और गैस सेक्टर को नई दिशा, नया अनुशासन और एक हरित भविष्य देता है।
नए अधिनियम के साथ नियम आसान होने जा रहे हैं। यह पुराने माइनिंग लीज को एक आधुनिक पेट्रोलियम लीज से बदलता है ताकि कंपनियां एक जैसे नियमों के तहत तेल और गैस की खोज और उत्पादन कर सकें।इसके अलावा, अधिनियम मिनरल ऑयल की परिभाषा का विस्तार करता है, जिसमें कोल बेड मीथेन, शेल गैस, टाइट ऑयल और गैस हाइड्रेट्स शामिल हैं, जिससे स्वच्छ ऊर्जा के नए घरेलू स्रोत खुलते हैं। 
यह अधिनियम लीज नियमों को आधुनिक बनाकर, मंजूरी को आसान बनाता है और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग को बढ़ावा देकर ओएएलपी राउंड 10 के तहत भारत के एक्सप्लोरेशन अभियान को भी पूरा करता है। अधिनियम तेल का उत्पादन करने वाली जमीन को क्लीन पावर भी पैदा करने की अनुमति देता है। अधिनियम के साथ छोटे प्लेयर्स को भी कम लागत के साथ विकास के अवसर मिलेंगे। इसके अलावा, भारत को आयात कम करने और कीमती संसाधनों को बचाने में मदद मिलेगी। पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत अपने तेल क्षेत्रों का आधुनिकीकरण कर रहा है और धीरे-धीरे ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
 

भारत की कोल्ड चेन योजना से कम हुई उपज की खराबी, बढ़ी किसानों की आमदनी

29-Oct-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। भारत ने वर्ष 2008 से अब तक इंटीग्रेटेड कोल्ड चेन एंड वैल्यू एडिशन इन्फ्रास्ट्रक्चर स्कीम के तहत 291 एकीकृत कोल्ड चेन परियोजनाएँ शुरू की हैं। इनसे हर साल 25.52 लाख मीट्रिक टन की भंडारण क्षमता विकसित हुई है, यह जानकारी सरकार ने बुधवार को जानकारी दी।
इस विस्तार के साथ देश की प्रोसेसिंग क्षमता 114.66 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष हो गई है। पूरी और चालू परियोजनाओं के माध्यम से 1,74,600 रोजगार अवसर भी सृजित हुए हैं, आधिकारिक बयान में कहा गया।
जून 2025 तक इस योजना के तहत कुल 395 एकीकृत कोल्ड चेन परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। यह योजना आमतौर पर कोल्ड चेन स्कीम के नाम से जानी जाती है।
यह कोल्ड चेन स्कीम अब प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) का हिस्सा है। इसका उद्देश्य खेत से खुदरा बाजार तक एक सुगठित कोल्ड चेन नेटवर्क तैयार करना है, ताकि फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम किया जा सके और किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सके।
कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर का महत्व केवल भंडारण तक सीमित नहीं है। इसमें फार्म पर प्री-कूलिंग सुविधाएँ, आधुनिक प्रोसेसिंग सेंटर, प्रभावी वितरण केंद्र और तापमान नियंत्रित परिवहन प्रणाली शामिल हैं, जो आपस में समन्वित रूप से कार्य करती हैं।
PMKSY के तहत इस योजना को शामिल करने का उद्देश्य किसानों, प्रोसेसरों और बाजारों को जोड़ते हुए एक पूर्ण कोल्ड चेन समाधान तैयार करना था। इससे बर्बादी घटाने, रोजगार बढ़ाने और नाशवान उत्पादों के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मकता मजबूत करने में मदद मिली है।
जुलाई 2025 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने PMKSY के लिए 1,920 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि को मंजूरी दी, जिससे कुल आवंटन 6,520 करोड़ रुपये (31 मार्च 2026 तक) हो गया।
इसमें 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान 50 मल्टी-प्रोडक्ट फूड इर्रेडिएशन यूनिट्स की स्थापना के लिए किया गया है, जो कोल्ड चेन और वैल्यू एडिशन इंफ्रास्ट्रक्चर घटक के अंतर्गत आएंगी।
योजना के तहत वित्तीय सहायता के रूप में सामान्य क्षेत्रों में 35 प्रतिशत तक और कठिन क्षेत्रों, अनुसूचित जाति/जनजाति समूहों, एफपीओ व एसएचजी के लिए 50 प्रतिशत तक परियोजना लागत पर सहायता दी जाती है। प्रति परियोजना अधिकतम 10 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत है।

चक्रवात ‘मोंथा’ पहुंचा काकीनाडा, तमिलनाडु में छह दिनों तक बारिश की संभावना

29-Oct-2025
काकीनाडा (शोर संदेश)। चक्रवात ‘मोंथा’ बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश के काकीनाडा पहुंचा, जिससे तटीय जिलों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने लगी। मौसम विभाग (आईएमडी) ने पुष्टि की है कि इस सप्ताह की शुरुआत में दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बना यह चक्रवात मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच 110 किमी प्रति घंटे की गति से टकराया।

आईएमडी अधिकारियों के अनुसार, ‘मोंथा’ के कारण कृष्णा और मछलीपट्टनम जिलों के कई हिस्सों में गरज और बिजली के साथ तेज बारिश हुई, जिससे पेड़ उखड़ गए और संपत्ति को नुकसान पहुंचा। अल्लूरी जिले में, तूफान के दौरान एक पेड़ गिरने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

प्रभावित क्षेत्रों में गिरे हुए पेड़ों को हटाने और बिजली बहाल करने के लिए आपदा प्रबंधन टीमों को तैनात किया गया है। सोमवार से उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा भीषण चक्रवाती तूफान तट पार करने के बाद थोड़ा कमजोर पड़ गया, लेकिन इसके दक्षिण भारत में व्यापक वर्षा लाने की उम्मीद है। आईएमडी ने कहा कि मोंथा के प्रभाव के कारण, तमिलनाडु में अगले छह दिनों तक मध्यम वर्षा होने की संभावना है।

बुधवार सुबह जारी मौसम बुलेटिन में चेतावनी दी गई है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी और कन्याकुमारी सागर के तटीय क्षेत्रों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो कभी-कभी 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे हालात सुधरने तक समुद्र तट पर न जाएं। चेन्नई में, आसमान में बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन और तमिलनाडु आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने संभावित वर्षा संबंधी घटनाओं से निपटने के लिए सभी आपातकालीन नियंत्रण कक्षों को अलर्ट पर रखा है।

तमिलनाडु के अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन को नदियों और जलाशयों में जल स्तर की निगरानी करने और निचले व बाढ़-प्रवण क्षेत्रों में निवारक कदम सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है। 

 


पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री साने ताकाइची को दी बधाई, भारत-जापान संबंध को लेकर फोन पर हुई चर्चा

29-Oct-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान की पीएम से फोन पर बातचीत की। जापान को हाल ही में पहली महिला प्रधानमंत्री मिली हैं। साने ताकाइची ने जापान की प्रधानमंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभाली है। पीएम मोदी ने जापान की प्रधानमंत्री बनने के लिए ताकाइची को बधाई दी।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी इसकी जानकारी
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा, “जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची के साथ गर्मजोशी से बातचीत हुई। उन्हें पदभार ग्रहण करने पर बधाई दी और आर्थिक सुरक्षा, रक्षा सहयोग और प्रतिभा गतिशीलता पर केंद्रित भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को आगे बढ़ाने के हमारे साझा दृष्टिकोण पर चर्चा की। हम इस बात पर सहमत हुए कि वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए भारत-जापान के मजबूत संबंध अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।”

पीएम ताकाइची ने हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी
बता दें, पीएम ताकाइची ने हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी। अमेरिकी राष्ट्रपति इन दिनों एशिया दौरे पर हैं। एशिया दौरे के दूसरे चरण के तहत ट्रंप जापान के टोक्यो पहुंचे थे।ट्रंप के जापान दौरे पर दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर मुहर लगी। देशों ने रेयर अर्थ मिनरल्स की आपूर्ति को लेकर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। अमेरिका स्मार्टफोन से लेकर फाइटर जेट्स तक कई तरह के प्रोडक्ट्स के लिए जरूरी इन मटीरियल्स पर चीन के दबदबे को खत्म करना चाहता है, उस पर निर्भरता कम करना चाहता है।

जापान के अहम सुरक्षा और व्यापार पार्टनर संग ऐसा ही करीबी रिश्ता ताकाइची को देश में अपनी कमजोर राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने में मदद कर सकता है।जापानी मीडिया के अनुसार, ट्रंप ने अमेरिका से ज्यादा सुरक्षा उपकरण खरीदने की जापान की कोशिशों की भी तारीफ की। वहीं पीएम ताकाइची ने कंबोडिया-थाईलैंड और इजरायल-हमास के बीच सीजफायर कराने में ट्रंप की भूमिका को “अभूतपूर्व” बताया। यही वजह है कि उन्होंने दूसरे वर्ल्ड लीडर्स की तरह ट्रंप को शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया।जापानी मीडिया के अनुसार ताकाइची का अंदाज जनता को पसंद आ रहा है, लेकिन अभी भी वे निचले सदन में बहुमत से दो वोट दूर हैं। ऐसे में उम्मीद पक्की है कि जो डील सील हुई है, वह जापानी पीएम की स्थिति को और मजबूत करेगी। ट्रंप के साथ जापान का यह गठबंधन नई ऊर्जा भरने का काम करेगा।
 

राजनाथ सिंह कुआलालंपुर में 12वीं आसियान रक्षा मंत्री बैठक-प्लस में होंगे शामिल

29-Oct-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 12वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस में शामिल होंगे। वह एक नवंबर को मलेशिया के कुआलालंपुर में आयोजित होने जा रही इस बैठक का हिस्सा बनेंगे। इस दौरान राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस के 15 वर्षों पर चिंतन और आगे की राह तय करने संबंधी विषय पर अपने विचार साझा करेंगे।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारत 1992 में आसियान का वार्ता साझेदार बना और इसका पहला एडीएमएम-प्लस 12 अक्टूबर, 2010 को वियतनाम के हनोई में आयोजित किया गया था। 2017 से, एडीएमएम-प्लस का आयोजन आसियान और प्लस देशों के बीच रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिवर्ष किया जाता है। एडीएमएम-प्लस के तहत, भारत 2024-2027 चक्र के लिए मलेशिया के साथ आतंकवाद निरोध पर विशेषज्ञ कार्य समूह का सह-अध्यक्ष है। आसियान-भारत समुद्री अभ्यास का दूसरा संस्करण भी 2026 में निर्धारित है।
रक्षा मंत्री 31 अक्टूबर को आयोजित होने वाली दूसरी आसियान-भारत रक्षा मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक में भी भाग लेंगे। रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह बैठक मलेशिया की अध्यक्षता में होगी। इस बैठक में आसियान के सभी सदस्य देशों के रक्षा मंत्री मौजूद रहेंगे।
इस बैठक का उद्देश्य भारत और आसियान देशों के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को और सुदृढ़ बनाना है। इसके साथ ही इस बैठक के जरिए भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ को और गति देने का प्रयास किया जाएगा। अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान राजनाथ सिंह आसियान-प्लस सदस्य देशों के अपने समकक्ष रक्षा मंत्रियों से मुलाकात करेंगे। वह मलेशिया के वरिष्ठ नेतृत्व से द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे।
आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक आसियान के भीतर रक्षा संबंधी परामर्श और सहयोग का सर्वोच्च मंच है। आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस इस मंच का विस्तारित रूप है। इसमें ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, तिमोर लेस्ते और वियतनाम जैसे 11 सदस्य देश शामिल हैं।
इनके अलावा 8 संवाद साझेदार देश भी हैं, जिनमें भारत, अमेरिका, चीन, रूस, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड शामिल हैं। वर्तमान चक्र (2024–2027) में भारत मलेशिया के साथ मिलकर ‘काउंटर टेररिज्म (आतंकवाद-रोधी)’ विशेषज्ञ कार्य समूह की सह-अध्यक्षता कर रहा है। इसके अतिरिक्त, आसियान-भारत समुद्री अभ्यास का दूसरा संस्करण वर्ष 2026 में आयोजित किया जाएगा। 

राष्ट्रपति मुर्मु ने लड़ाकू विमान में उड़ान भरने के बाद कहा- ‘राफेल ने देश की रक्षा क्षमता पर गर्व बढ़ाया’

29-Oct-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को राफेल विमान में उड़ान भरने के बाद कहा कि शक्तिशाली राफेल विमान की पहली उड़ान ने मुझमें राष्ट्र की रक्षा क्षमताओं के प्रति एक नई गौरव की भावना जगाई है। राष्ट्रपति को राफेल और भारतीय वायु सेना की परिचालन क्षमताओं के बारे में भी जानकारी दी गई।
राष्ट्रपति मुर्मु भारतीय वायु सेना के दो लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति बनीं
राष्ट्रपति मुर्मु भारतीय वायु सेना के दो लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति हैं। इससे पहले उन्होंने 2023 में सुखोई-30 एमकेआई में उड़ान भरी थी। भारतीय सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति ने लगभग 30 मिनट तक उड़ान भरी और लगभग 200 किलोमीटर की दूरी तय की। विमान को 17 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन अमित गेहानी ने उड़ाया। विमान ने समुद्र तल से लगभग 15 हजार फीट की ऊंचाई पर और लगभग 700 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उड़ान भरी।
आगंतुक पुस्तिका में राष्ट्रपति ने एक संक्षिप्त नोट लिखकर व्यक्त कीं अपनी भावनाएं
बाद में आगंतुक पुस्तिका में राष्ट्रपति ने एक संक्षिप्त नोट लिखकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं, जिसमें उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना के राफेल विमान पर अपनी पहली उड़ान के लिए वायुसेना स्टेशन अंबाला आकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। राफेल पर उड़ान मेरे लिए एक अविस्मरणीय अनुभव है। शक्तिशाली राफेल विमान पर इस पहली उड़ान ने मुझमें राष्ट्र की रक्षा क्षमताओं के प्रति गर्व की एक नई भावना भर दी है। मैं इस उड़ान के सफल आयोजन के लिए भारतीय वायु सेना और वायुसेना स्टेशन, अंबाला की पूरी टीम को बधाई देती हूं। 

कर्नाटक के विजयपुरा जिले में भूकंप से दहशत, दो महीने में 11 झटके

29-Oct-2025
नई दिल्ली (शोर संदेश)। कर्नाटक के विजयपुरा जिले में लगातार आ रहे भूकंपों ने लोगों की नींद उड़ा दी है। पिछले दो महीनों में 11 झटके दर्ज किए गए हैं। मंगलवार रात 11:41 बजे के बाद बुधवार सुबह भी करीब 5:30 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। दोनों बार कंपन के बाद लोग घरों से बाहर भागे। कई इलाकों में सीसीटीवी कैमरों ने भूकंप के दौरान का पूरा दृश्य कैद कर लिया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि जैसे ही झटके लगे, दीवारे और सड़कों पर खड़े वाहन हिलने लगे और कुत्ते जोर-जोर से भौंकने व चीखने लगे।
भूकंप की तिव्रता रिक्टर स्केल पर 3.0 दर्ज की गई
भूकंप के केंद्र के बाहर रिक्टर स्केल पर 3.0 तीव्रता दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि यह तीव्रता मध्यम स्तर की है, लेकिन बार-बार आने से खतरा बढ़ रहा है। अभी तक किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन लोग सहमे हुए हैं।
डर के मारे कई परिवार अब रात में घर के बाहर सोने को मजबूर
स्थानीय लोगों के मुताबिक, रात में सोते वक्त अचानक बिस्तर हिलता है तो दिल बैठ जाता है। बच्चे रोने लगते हैं और बुजुर्ग घबरा जाते हैं। कई परिवार अब रात में घर के बाहर सोने लगे हैं। दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। स्कूलों में भी बच्चों में डर दिख रहा है।
भू-वैज्ञानिकों की टीम मौके पर पहुंच गई है
भू-वैज्ञानिकों की टीम मौके पर पहुंच गई है। वे भूकंप के कारणों का पता लगा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह इलाका भूकंपीय रूप से सक्रिय जोन में नहीं है, फिर भी इतने झटके चिंता की बात हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित जगह पर जाने की सलाह दी है।
जिला प्रशासन ने आपातकालीन हेल्पलाइन सेवा शुरू की है
जिला प्रशासन ने आपातकालीन हेल्पलाइन सेवा शुरू की है। लोगों से कहा गया है कि पुरानी इमारतों में न रहें और भूकंप आने पर टेबल के नीचे छिपें। अभी तक राहत शिविर नहीं लगाए गए, लेकिन जरूरत पड़ी तो तुरंत व्यवस्था की जाएगी। लगातार भूकंपों ने विजयपुरा को दहशत में डाल दिया है। जांच जारी है, जल्द ही पूरी रिपोर्ट आएगी।

कांकेर में 21 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, अमित शाह बोले — 2026 तक नक्सलवाद का होगा अंत

27-Oct-2025
नई दिल्ली  ( शोर संदेश ) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में 21 माओवादियों के सरेंडर के बाद उनकी प्रशंसा की। उन्होंने अभी भी हथियार थामने वाले माओवादियों से जल्द से जल्द आत्मसमर्पण करने की अपील भी की।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में 21 माओवादियों ने अपने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। इनमें से 13 वरिष्ठ कार्यकर्ता थे।”
उन्होंने कहा, “मोदी सरकार के आह्वान पर हिंसा का त्याग कर मुख्यधारा में शामिल होने के लिए मैं उनकी सराहना करता हूं। मैं उन बाकी लोगों से, जो अभी भी बंदूक थामे हुए हैं, अपनी अपील दोहराता हूं कि वे जल्द से जल्द आत्मसमर्पण कर दें।”
अमित शाह ने केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा, “हम 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का सफाया करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”कांकेर जिले में रविवार को 21 माओवादी कैडरों ने अपने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया और समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया। यह कदम “पूना मार्गम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के तहत किया गया।इन 21 कैडरों में 4 डीवीसीएम (डिवीजन वाइस कमेटी मेंबर), 9 एसीएम (एरिया कमेटी मेंबर) और 8 पार्टी सदस्य शामिल हैं। आत्मसमर्पण करने वालों में 13 महिला और 8 पुरुष कैडर हैं। इस समूह में डिवीजन कमेटी सेक्रेटरी मुकेश भी शामिल हैं।
इन कैडरों के पास से 18 हथियार भी बरामद किए गए, जिनमें तीन एके-47 रायफलें, चार एसएलआर रायफलें, दो इंसास रायफलें, छह .303 रायफलें, दो सिंगल शॉट रायफलें और एक बीजीएल हथियार शामिल हैं।करीब दो हफ्तों में छत्तीसगढ़ में 400 से अधिक माओवादियों ने पुलिस के सामने हथियार डाले हैं। सबसे बड़ी उपलब्धि उस समय मिली, जब माओवादी गढ़ माने जाने वाले माड़ क्षेत्र के 208 नक्सलियों ने बस्तर जिले के रिजर्व पुलिस लाइन्स में आयोजित एक कार्यक्रम में आत्मसमर्पण किया। इससे पहले, 16 अक्टूबर को 170 और 15 अक्टूबर को 27 माओवादियों ने सरेंडर किया था। 





 

प्रधानमंत्री मोदी बोले – स्वच्छता, संस्कृति और आत्मनिर्भरता ही भारत की नई पहचान

27-Oct-2025
नई दिल्ली ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 127वें एपिसोड में देशवासियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने त्योहारी सीजन, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, भारतीय संस्कृति और देश के युवा नेतृत्व पर अपने विचार साझा किए। पीएम मोदी ने कहा कि इस समय देश में दीपावली और छठ पूजा के उत्साह का माहौल है। उन्होंने अपने पत्रों के जवाब में आए संदेशों का जिक्र करते हुए बताया कि देशवासियों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और जीएसटी बचत उत्सव को लेकर उत्साह दिखाया। उन्होंने घरेलू उत्पादों की खरीद और खाद्य तेल की खपत में कमी के लिए लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रेरक उदाहरण साझा किए। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में प्लास्टिक कचरे के बदले भोजन देने वाले ‘गार्बेज कैफे’ शुरू किए गए हैं। वहीं, बेंगलुरु में इंजीनियर कपिल शर्मा और उनकी टीम ने 40 कुओं और 6 झीलों का जीर्णोद्धार किया और वृक्षारोपण अभियान में स्थानीय लोगों और कॉर्पोरेट्स को भी शामिल किया। गुजरात में धोलेरा और कच्छ में मैंग्रोव वृक्षारोपण अभियान की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि इन वृक्षों के कारण समुद्री पारिस्थितिकी में सुधार हुआ है, डॉल्फिन, क्रैब और प्रवासी पक्षियों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री ने भारतीय कुत्तों की नस्लों, उनके प्रशिक्षण और सुरक्षा बलों में उनकी भूमिका पर भी चर्चा की। उन्होंने बीएसएफ और सीआरपीएफ द्वारा देशी कुत्तों को प्रशिक्षित करने और उनके नामों में भारतीयता बनाए रखने की प्रशंसा की। इसके अलावा, उन्होंने 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ में भाग लेने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने भारतीय कॉफी, विशेषकर ओडिशा की कोरापुट कॉफी और देश के अन्य हिस्सों में कॉफी की विविधता और उसके लाभ पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत की कॉफी अब विश्व स्तर पर पहचान बना रही है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150वें वर्ष और इसके महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ मातृभूमि के प्रति हमारे कर्तव्यों और देशभक्ति की भावना जगाता है। उन्होंने देशवासियों से इस अवसर को यादगार बनाने के लिए सुझाव भेजने का अनुरोध किया।
साथ ही, उन्होंने संस्कृत भाषा और युवा पीढ़ी द्वारा संस्कृत में किए जा रहे रोचक कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भाषा किसी सभ्यता के मूल्यों और परंपराओं का वाहक होती है और युवा इसे पुनर्जीवित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने आदिवासी नायकों, कोमराम भीम और भगवान बिरसा मुंडा के योगदान को याद करते हुए युवा पीढ़ी से उनसे सीख लेने और उनके जीवन और कार्यों को जानने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ के माध्यम से देशवासियों को अपने आस-पास के प्रेरक व्यक्तियों और समूहों के बारे में बताने का मौका मिलता है। उन्होंने सभी से ऐसे संदेश भेजने का अनुरोध किया और अगले महीने फिर नए विषयों के साथ ‘मन की बात’ में मिलने का वादा किया।



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