
अटलांटा (शोर सन्देश)। कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले देशों में अमेरिका भी शामिल है। अब वहां स्कूली बच्चों पर भी इस जानलेवा महामारी के कहर का असर नजर आ रहा है। अमेरिका के जॉर्जिया जिले में स्कूल खुलने के महज एक हफ्ते के भीतर 250 से अधिक छात्र और शिक्षक कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। अटलांटा के चेरोकी काउंटी स्कूल ने अपनी वेबसाइट पर कोरोना वायरस के इन मामलों की जानकारी दी है। शुक्रवार तक पहली से 12वीं कक्षा तक के 11 छात्र कोरोना संक्रमित पाए गए थे। संक्रमितों की संख्या स्कूल में बढ़कर 250 तक पहुंच गई। इसके बाद एहतियातन स्कूल के ऐसे छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को 14 दिनों के लिए आइसोलेशन में भेज दिया गया है। छात्रों को इस दौरान ऑनलाइन निर्देश दिए जाएंगे। एलेक्स डेबर्ड नाम के शख्स ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद उनका बेटा दो सप्ताह के लिए उनसे अलग हो गया। उन्होंने कहा कि बचपन में शिक्षा की शुरुआत के दौरान ही उसे दूर कर देना उसके लिए निराशाजनक है। उस बच्चे ने सोमवार को स्कूल जाना शुरू किया था और पॉजिटिव पाए जाने के बाद बुधवार को ही उसे घर भेज दिया गया। जिस जिले में स्कूली छात्र और शिक्षक संक्रमित पाए गए हैं वहां करीब 40 स्कूल और स्टडी सेंटर्स हैं। इन स्कूलों में 42 हजार 200 छात्र और करीब 4800 कर्मचारी काम करते हैं। स्कूल के अधीक्षक ब्रायन हॉइटवर ने शुक्रवार को परिवारों को लिखे एक पत्र में कहा, छात्रों और कर्मचारियों का हर दिन कोरोना टेस्ट किया जाएगा क्योंकि हम एक महामारी के दौरान स्कूलों का संचालन कर रहे हैं।” उन्होंने वायरस के प्रसार को रोकने के लिए अतिरिक्त उपाय करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। वैश्विक मंच पर अलग-थलग पड़ चुके पाकिस्तान को अब इस्लामिक देशों के संगठन ओआईसी के रहनुमा सऊदी अरब ने तगड़ा झटका दिया है। सऊदी अरब ने इमरान खान सरकार द्वारा कश्मीर मुद्दे पर इस्लामिक देशों के संगठन (ओआईसी) को बांटने की धमकी देने के बाद पाकिस्तान के लिए ऋण पर तेल की सहूलियत को रोक दिया है। अक्टूबर 2018 में सऊदी अरब ने पाकिस्तान को तीन साल के लिए 6.2 अरब डॉलर का वित्तीय पैकेज देने का ऐलान किया था। इसमें तीन अरब डॉलर की नकद सहायता शामिल थी, जबकि बाकी रकम के एवज में पाकिस्तान को तेल गैस की सप्लाई की जानी थी। 00 पाकिस्तान के बर्ताव पर सऊदी को आया गुस्सा :
एक गंभीर आर्थिक संकट से घिरे पाकिस्तान ने सऊदी अरब से ऋण लिया था। पाकिस्तान के हालिया बर्ताव के कारण सऊदी ने अपने वित्तीय समर्थन को वापस ले लिया है। पाकिस्तानी मीडिया ने शनिवार को कहा कि इस्लामाबाद के लिए प्रावधान दो महीने पहले समाप्त हो गया है इसे रियाद द्वारा रिन्यू नहीं किया गया है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने पेट्रोलियम डिवीजन के प्रवक्ता साजिद काजी के हवाले से कहा कि इस्लामाबाद ने समय से चार महीने पहले ही एक अरब डॉलर का सऊदी का ऋण लौटा दिया है। 00 पाक के विदेश मंत्री ने दी थी आईओसी को बांटने की धमकी :
हाल ही में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने धमकी दी थी कि अगर सऊदी अरब के नेतृत्व वाले ओआईसी ने कश्मीर मुद्दे पर मुस्लिम देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक नहीं बुलाई, तो प्रधानमंत्री इमरान खान अपने सहयोगी इस्लामी देशों के बीच बैठक करेंगे, जो इस मुद्दे पर पाकिस्तान का साथ दे सकें। कुरैशी ने कहा, मैं एक बार फिर से पूरे सम्मान के साथ ओआईसी से कहना चाहता हूं कि विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक हमारी अपेक्षा है। यदि आप इसे बुला नहीं सकते हैं तो मैं प्रधानमंत्री इमरान खान से यह कहने के लिए बाध्य हो जाऊंगा कि वह ऐसे इस्लामिक देशों की बैठक बुलाएं जो कश्मीर के मुद्दे पर हमारे साथ खड़े होने के लिए तैयार हैं। 00 सउदी अरब पाकिस्तान की कश्मीर पर तोतारटंत पर नहीं दे रहा ध्यान :
विश्व में इस्लामी देशों के सबसे बड़े संगठन ओआईसी से पाकिस्तान कई बार गुजारिश कर चुका है कि वह कश्मीर मुद्दे पर एक बैठक आयोजित करे, मगर संगठन ने हर बार उसकी अपील को दरकिनार किया है। यही वजह है कि पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। दरअसल ओआईसी में किसी भी कदम के लिए सऊदी अरब का साथ सबसे ज्यादा जरूरी होता है। ओआईसी पर सऊदी अरब उसके सहयोगी देशों का दबदबा है। कश्मीर पर सऊदी अरब के कदम नहीं उठाने से पाकिस्तान की कुंठा बढ़ती ही जा रही है।
00 कश्मीर मसले पर बौखलाया है पाकिस्तान : पिछले साल अगस्त में भारत ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 को निरस्त कर दिया था, जिसके बाद जम्मू-कश्मीर दो हिस्सों लद्दाख व जम्मू-कश्मीर में केंद्र शासित प्रदेश के तौर पर बांट दिया गया। पाकिस्तान भारत के इस कदम का विरोध कर रहा है इमरान खान सरकार इस मुद्दे पर 57 सदस्यीय ओआईसी का समर्थन मांग रही है। यह अलग बात है कि सऊदी अरब अपनी भारत से दोस्ती की खातिर पाकिस्तान की इस मांग पर कान तक नहीं दे रहा है।

विजयवाड़ा (शोर सन्देश)। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा के एक कोविड केयर सेंटर में आग का तांडव देखने को मिला है। आग से 7 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, 30 लोगों को बचाया गया है। कोविड केयर सेंटर में सुबह 5 बजे आग लगी थी। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पान लिया है। बताया जा रहा है कि जिसमें आग लगी है वह एक होटल है। इस होटल को प्रशासन ने कोविड केयर सेंटर बनाया गया था। विजयवाड़ा स्वर्ण पैलेस होटल को कोविड केयर सेटर बनाया गया था। खबरों के मुताबिक, इस कोविड केयर सेंटर में 50 से ज्यादा मरीज भर्ती थे। रविवार सुबह करीब 5 बजे अचानक कोविड केयर सेंटर में आग लग गई। कोविड केयर सेंटर में आग लगने के बाद हड़कंप मच गया। जांच बचाने के लिए लोग इधर-उधर भागते दिखे। बताया जा रहा है कि जान बचाने के लिए कई लोग ऊपर से कूद गए, वे भी बुरी तरह घायल हुए हैं।
आग की सूचना पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग को दी गई। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने का कार्य शुरू किया। कोविड सेंटर में आग की घटना पर कलेक्टर ने कहा, `सुबह करीब 5 बजे हादसा हुआ। करीब 22 मरीजों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है, उनका इलाज चल रहा है। अभी हम पूरी बिल्डिंग को खाली करने की कोशिश कर रहे हैं, आग बुझ गई है। प्राथमिक रिपोर्ट के मुताबिक, आग लगने की वजह शॉट सर्किट है, लेकिन अभी कारण का पता लगाना होगा।` इससे पहले गुरुवार को गुजरात के एक कोविड अस्पताल में आग लग गई थी। यह आग अहमदाबाद के कोविड अस्पताल में लगी थी। इस घटना में 8 कोरोना मरीजों की मौत हो गई थी। राज्य के सीएम विजय रुपाणी ने जांच के आदेश दे दिए थे। मामले की जांच जारी है।

00 दर्दनाक हादसे को लोग कर रहे याद
टोक्यो(शोर सन्देश)। जापान ने हिरोशिमा पर हुए परमाणु हमले की 75वीं वर्षगांठ गुरुवार को मनाई। इस मौके पर शहर के महापौर ने पूरी दुनिया से मानवता के लिए खतरों के खिलाफ एकजुट होने का आग्रह किया, जिसमें परमाणु हथियारों से होने वाला खतरा भी शामिल है। हिरोशिमा के मेयर काजुमी मैत्सुई ने कहा कि देशों को `अपने आपसी मतभेदों को अलग रखकर मानव निर्मित और प्राकृतिक चुनौतियों को दूर करने के लिए एक साथ आना चाहिए`। सिन्हुआ की खबर के अनुसार, पीस मेमोरियल पार्क में हुए वार्षिक समारोह में मैत्सुई ने कहा, `नागरिकों को स्व-केंद्रित राष्ट्रवाद को खारिज करना चाहिए और सभी खतरों के खिलाफ एकजुट होना चाहिए। कोविड-19 संक्रमण को देखते हुए इस कार्यक्रम को छोटे रूप में आयोजित किया गया था। सुबह 8.15 बजे (स्थानीय समय) प्रधानमंत्री शिंजो आबे समेत यहां उपस्थित सभी लोगों ने एक मिनट का मौन रखा, यह वह समय था जब 6 अगस्त 1945 को अमेरिकी बमवर्षकों ने हिरोशिमा पर यूरेनियम-कोर परमाणु बम `लिटिल बॉय` गिराया था। 1945 के अंत तक इस बम ने लगभग 1.4 लाख लोगों की जान ले ली थी। इस मौके पर जापानी पीएम ने कहा, `प्रत्येक देश को गंभीर सुरक्षा वातावरण और परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए राष्ट्रों के बीच मतभेदों को दूर करने के लिए प्रयासों को आगे बढ़ाना चाहिए।`

रायपुर/मुंबई (शोर सन्देश) । बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की रहस्यम हालातों में हुई मौत का मामला अब पेचीदा होता जा रहा है। उनकी मौत की जांच के लिए रविवार को बिहार की राजधानी पटना से आईपीएस अफसर विनय तिवारी मुंबई पहुंचे हैं, लेकिन उन्हें मुंबई में क्वारंटाइन कर दिया गया है और उनसे जुड़ा एक वीडियो भी बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने ट्वीट किया है। आपको बता दें कि मुंबई पुलिस पर पहले ही आरोप लग रहे हैं कि वह इस मामले की जांच नहीं कर रही है और दोषियों को बचा रही है। डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने आईपीएस अफसर से जुड़ा एक वीडियो ट्वीट किया है जिसे अब तक करीब 55 हजार लोग देख चुके हैं। उन्होंने लिखा है, ये हैं बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी विनय तिवारी जिनको मुंबई में आज रात में 11 बजे रात में जबरदस्ती क्वारंटाइन कर दिया गया। सुशांत सिंह राजपूत केस में जांच करनेवाली टीम का नेतृत्व करने गए थे। अब यह यहां से कहीं निकल नहीं सकते।` उन्होंने एक और ट्वीट किया और मुंबई पुलिस पर उन्हें जबरन क्वारंटान करने का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा, `आईपीएस अफसर विनय तिवारी आज ऑफिशियल ड्यूटी पर पटना से मुंबई पहुंच गए हैं और पुलिस की जांच का नेतृत्व करेंगे। लेकिन उन्हें बीएमसी अधिकारियों ने जबरन क्वारंटाइन कर दिया है। अनुरोध के बावजूद उन्हें उन्हें आईपीएस मेस में रुकने की जगह नहीं दी गई और अब वह गोरेगांव के एक गेस्ट हाउस में रह रहे हैं।` आईपीएस अफसर पटना सिटी के एसपी पद पर तैनात हैं। बृहन्नमुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (बीएमसी) ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया है। बीएमसी की तरफ से कहा गया है कि पुलिस अफसर विनय तिवारी को मुंबई एयरपोर्ट पर लैंड करने के बाद बनाए गए मौजूदा निर्देशों के तहत ही क्वारंटाइन किया गया है। बिहार पुलिस की मानें तो पटना के सिटी एसपी को इसलिए होम क्वारंटाइन किया गया है ताकि पुलिस सुशांत की मौत की जांच न कर सके। बिहार पुलिस की मानें तो यह क्वारंटाइन नहीं बल्कि हाउस अरेस्ट है। राज्य पुलिस के मुताबिक हजारों लाखों लोग मुंबई रोजाना आ रहे हैं।

रायपुर/अयोध्या (शोर सन्देश)। राम मंदिर निर्माण को लेकर मध्यप्रदेश के जबलपुर की एक महिला ने जो संकल्प लिया था वो अब पूरा होने जा रहा है। जबलपुर निवासी 81 साल की उर्मिला चतुर्वेदी ने 28 साल पहले विवादित ढांचा गिरने पर संकल्प लिया था कि जब तक राम मंदिर का निर्माण शुरू नहीं होगा वो अन्न ग्रहण नहीं करेंगी और अब जब 5 अगस्त को राम मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन होने जा रहा है तो उर्मिला को अपना संकल्प पूरा होता दिख रहा है।
1992 में जब ढांचा गिरा था तब उर्मिला चतुर्वेदी 53 साल की थीं। ढांचा गिरने के बाद जब देश मे दंगे हुए तो इससे आहत होकर ही उर्मिला ने संकल्प लिया था कि जिस दिन सबकी सहमति से मन्दिर निर्माण शुरू होगा उस दिन वो अन्न ग्रहण करेंगी। अन्न त्यागने के संकल्प को लेकर उनके परिजनों ने कई बार उनसे संकल्प खत्म करने की मिन्नत की, लेकिन उर्मिला टस से मस नहीं हुईं और तब से उन्होंने अन्न ग्रहण नहीं किया और केवल फलाहार कर रहीं हैं। उर्मिला के घर में राम दरबार हैं जहां वो रोज़ बैठकर राम नाम का जाप भी करती हैं। अब जब 5 अगस्त को मन्दिर का भूमिपूजन होने जा रहा है तो उर्मिला चतुर्वेदी की इच्छा है कि अयोध्या में रामलला के दर्शन करके ही वो अपना संकल्प खोलें हालांकि ऐसा मुमकिन होता नहीं दिख रहा क्योंकि 5 अगस्त को अयोध्या में किसी भी बाहरी का जाना मना है ऐसे में परिवार का कहना है कि घर पर बैठकर कार्यक्रम का लाइव टेलीकास्ट देखने के बाद इनका संकल्प पूरा कराने की कोशिश की जाएगी

दिल्ली (शोर सन्देश)। अमेरिका में पांच अगस्त को राम मंदिर के भूमि पूजन के मौके पर भव्य तैयारियां की जा रही हैं। न्यूयॉर्क स्थित टाइम्स स्क्वायर में विशाल बिलबोर्ड पर भगवान राम और भव्य राम मंदिर के थ्रीडी फोटोज प्रदर्शित किए जाएंगे और पूरे टाइम्स स्क्वायर को राममय कर दिया जाएगा। इस कार्यक्रम के आयोजकों का कहना है कि इस ऐतिहासिक क्षण को संजोने वाला अमेरिका में अपनी तरह का ये अनोखा आयोजन होगा। अमेरिका में रहने वाले भारतीय न्यूयार्क में पांच अगस्त को ऐतिहासिक क्षण का जश्न मनाने की तैयारी में जुटे हैं। जब अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन करेंगे उसी समय टाइम्स स्क्वायर को राममय किया जाएगा। आयोजकों ने कहा कि विशाल नैस्डेक स्क्रीन के अलावा 17,000 वर्ग फीट वाली एलईडी स्क्रीन पर थ्री डी चित्रों का प्रदर्शन किया जाएगा। पांच अगस्त को सुबह आठ बजे से रात 10 बजे तक हिंदी और अंग्रेजी में ‘जय श्री राम’ प्रदर्शित किया जाएगा और भगवान राम के चित्र और वीडियो, मंदिर की संरचना के थ्री डी चित्र तथा प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शिलान्यास करने के फोटोज कई होर्डिंग्स पर प्रदर्शित किए जाएंगे। भारतीय समुदाय के लोग पांच अगस्त को टाइम्स स्क्वायर पर बड़ी तादाद में एकत्र होकर उत्सव मनाएंगे और मिठाइयां बाटेंगे।

विशाखापट्टनम (शोर सन्देश)। विशाखापट्टनम के हिन्दुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड में एक विशाल क्रेन गिरने से 11 लोगों की मौत हो गई है। घटना को लेकर डीसीपी सुरेश बाबू ने कहा है कि बड़ी क्रेन गिर गई जिसकी चपेट में आने से 11 लोगों की मौत हो गई है और एक जख्मी हैं। क्रेन किरने के बाद शिपयार्ड में अफरा-तफरी मच गई है। हादसे को लेकर स्थिति अभी साफ नहीं हो पाई है कि आखिरी यह घटना कैसे घटित हुई, जिसकी वजह से यह क्रेन गिर गई। इस संबंध में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है।

रायपुर/अंबाला (शोर सन्देश)। राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप के रूप में पांच विमान कल फ्रांस से भारत के लिए रवाना हो गए। फ्रांस के बंदरगाह शहर बोर्डेऑस्क में वायुसेना अड्डे से रवाना हुए ये विमान लगभग सात हजार किलोमीटर का सफर तय करके कल अंबाला वासुसेना अड्डे पर पहुंचेंगे। इन लड़ाकू विमानों के स्वागत की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। हालांकि, इन विमानों के आगमन के दौरान मौसम को भी ध्यान में रखा जाएगा।
बताया जा रहा है कि अंबाला एयर बेस के लिए सुरक्षा के बंदोबस्त कड़े कर दिए गए हैं। अंबाला में राफेल की कमान स्कवाड्रन-17 संभालेगी। इतना ही नहीं अंबाला एयरबेस के तीन किलोमीटर के दायरे को नो ड्रोन जोन घोषित कर दिया गया है। यानी अब एयरबेस के तीन किलोमीटर के दायरे में ड्रोन पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। हालांकि, वायुसेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि इन्हें बल में शामिल करने को लेकर औपचारिक समारोह का आयोजन अगस्त के मध्य में किया जाएगा।
राफेल लड़ाकू विमानों के स्वागत के लिए वायुसेना अड्डे को रंगे बिरंगे झंडों से सजाया जा रहा है। कहा जा रहा है कि विमानों के एयरबेस पर लैंड करने के बाद उनपर पानी की बौछारें की जाएंगी और वायुसेना की धुन भी बजाई जाएगी। प्रशासन ने आसपास के इलाके में पक्षियों को दाना डालने और कूड़ा डंप करने पर भी रोक लगा दी है। बता दें कि भारत ने वायुसेना के लिये 36 राफेल विमान खरीदने के लिये चार साल पहले फ्रांस के साथ 59 हजार करोड़ रुपये का करार किया था। इन पांच विमानों में तीन सिंगल सीटर विमान और दो ट्विन सीटर विमान शामिल हैं। वायुसेना के बेड़े में राफेल के शामिल होने से उसकी युद्ध क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होने की उम्मीद है। राफेल के आने से बढ़ जाएगी वायुसेना की ताकतभारत को यह लड़ाकू विमान ऐसे समय में मिल रहे हैं, जब उसका पूर्वी लद्दाख में सीमा के मुद्दे पर चीन के साथ गतिरोध चल रहा है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि 10 विमानों की आपूर्ति समय पर पूरी हो गई है और इनमें से पांच विमान प्रशिक्षण मिशन के लिये फ्रांस में ही रुकेंगे। बयान में कहा गया है कि सभी 36 विमानों की आपूर्ति 2021 के अंत तक पूरी हो जाएगी। वायुसेना को पहला राफेल विमान पिछले साल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की फ्रांस यात्रा के दौरान सौंपा गया था।

रायपुर/न्यूयार्क (शोर सन्देश)। अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए बहसों के तारीख का ऐलान कर दिया गया है। पहली बहस 29 सितंबर को हेल्थ एजुकेशन कैंपस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेट्स के उम्मीदवार और पूर्व उप-राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच होगी। कमिशन ऑन प्रेसिडेंशियल डिबेट्स ने सोमवार को एक बयान में कहा कि क्लीवलैंड की केस वेस्टर्न रिजर्व यूनिवर्सिटी और क्लीवलैंड क्लिनिक इस डिबेट को होस्ट करेंगे।
वहीं ट्रंप और बाइडेन दोनों नेता के बीच 15 अक्टूबर को फ्लोरिडा के मायामी में दोबारा आमने सामने होंगे, जबकि तीसरी बहस 22 अक्टूबर को टेनेसी में होगी। राष्ट्रपति के अलावा उप-राष्ट्रपति पद के लिए भी 7 अक्टूबर को एक बहस होगी। यह बहस सॉल्ट लेक सिटी की यूनिवर्सिटी में होगी, जिसमें उपराष्ट्रपति माइक पेंस का मुकाबला डेमोक्रेटिक उम्मीदवार से होगा। वहीं बाइडेन की ओर से अभी अपने डेप्युटी के नाम का ऐलान नहीं किया गया है। सभी बहसों का समय 90 मिनट का होगा जो रात 9:00 से 10:30 बजे के बीच चलेगा और इन सभी बहसों का सीधा प्रसारण किया जाएगा।
00 सर्वेक्षण के नतीजे में बाइडेन आगे :
बता दें कि वाशिंगटन के सर्वेक्षण के नतीजे 19 जुलाई को जारी किए गए थे, जिसमें बाइडेन के पास 54% और ट्रंप के पास 44% लोगों का समर्थन है। दरअसल यह पांचवा ऐसा नेशनल सर्वे था जिसमें बाइडेन को ट्रंप से 10 या उससे ज्यादा पॉइंट से आगे दिखाया गया