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देश-विदेश

16 अक्टूबर को घोषित होंगे नीट 2020 के परिणाम, उच्चतम न्यायालय ने दिया निर्देश*

13-Oct-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) उच्चतम न्यायालय ने चिकित्सा शिक्षा पाठ्यक्रमों के लिए हुई राष्ट्रीय प्रवेश एवं प्रात्रता परीक्षा-नीट का परिणाम इस महीने की 16 अक्टूबर की तारीख को घोषित करने के आदेश दिये हैं। न्यायालय ने कोविड-19 के नियंत्रण क्षेत्रों में रहने वाले उन सभी छात्रों के लिए कल नीट परीक्षा कराने के भी आदेश दिये हैं जो पहले करायी गई परीक्षा में शामिल नहीं हो पाये। इससे पहले सोलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायालय को बताया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी उन सभी छात्रों के लिए नीट परीखा करायेगी जो कोविड-19 के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में फंसे होने या स्वयं कोविड-19 से संक्रमित होने के कारण पहले परीक्षा नहीं दे पाए। ऐसे छात्रों के लिए कल नीट की परीक्षा कराई जायेगी। नीट देश की सर्वाधिक प्रतियोगी परीक्षाओं में एक है जिससे छात्रों को सर्वाधिक प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश का अवसर मिलता है। 


जीएसटी संग्रह पर उधारी विकल्प के मुद्दे पर वित्तमंत्री ने दिया स्पष्टीकरण*

13-Oct-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा है कि केन्द्र उन राज्यों को ऋण लेने में मदद करेगा जो जीएसटी राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए प्रस्तावित उधारी विकल्प अपनाना चाहते हैं। कोविड महामारी के कारण राज्यों की जीएसटी क्षतिपूर्ति के उपायों पर अधिकांश राज्य और केन्द्रशासित प्रदेश के वित्तमंत्री सहमत हैं। नई दिल्ली में जीएसटी परिषद की 43वीं बैठक के बाद वित्तमंत्री निर्मला सीतारामण ने बताया कि 21 राज्य और केन्द्रशासित प्रदेशों ने उधार लेने के विकल्प पर सहमति व्यक्त की है लेकिन इस मुद्दे पर अभी आम सहमति बनाई जानी है। उन्होंने कहा कि परिषद उन राज्यों से बातचीत कर मतभेद हल करने का प्रयास करेगी, जो चाहते है कि केन्द्र उधार लेकर उनके नुकसान की भरपाई करे। बता दें छत्तीसगढ़ समेत कुछ राज्यों ने यह मांग उठाई थी कि केन्द्र उधार लेकर उनके नुकसान की भरपाई करे। वित्तमंत्री ने आश्वासन दिया कि यदि केन्द्र उधार लेकर राज्यों की क्षतिपूर्ति का भुगतान करता है तो इससे सरकार और निजी क्षेत्र दोनों की उधारी लागत बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकारी प्रतिभूतियों में किसी बढ़ोत्तरी से अन्य कंपनियों की उधारी लागत बढ़ेगी। श्रीमती सीतारामन ने राज्यों को भरोसा दिलाया कि उनके ऋण की मूलराशि और पूरे ब्याज का भुगतान क्षतिपूर्ति उपकर से किया जाएगा। जी.एस.टी. परिषद उपकर की अवधि पांच वर्ष की तय सीमा से पहले ही बढ़ा चुकी है। पहले यह जून 2022 में समाप्त हो रही थी। 


कोरोना अपडेट: 24 घंटे में 55,342 नए केस, 706 लोगों की गई जान, कुल संक्रमितों की संख्या 71,75,881*

13-Oct-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 55,342 नए केस सामने आए हैं और 706 लोगों की मौत हो गई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 71,75,881 हो गई है। इसमें कोरोना के 8,38,729 मामले सक्रिय हैं। वहीं, 62,27,296 लोगों को इलाज के बाद अब तक अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है। वहीं, कोरोना की चपेट में आकर अब तक 1,09,856 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
देश के अलग-अलग राज्यों से कोरोना के जो आंकड़े सामने रहे हैं वह बेहद चिंताजनक हैं। महाराष्ट्र में अब तक कोरोना के 15,35,315 केस सामने चुके हैं। कोरोना प्रभावित राज्यों में महाराष्ट्र पहले नंबर पर है। राज्य में कोरोना के 2,12,439 मामले सक्रिय हैं। अब तक 12,81,896 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है और 40,514 लोगों की मौत हो चुकी है।
कोरोना प्रभावित राज्यों में आंध्र प्रदेश दूसरे नंबर पर है। आंध्र प्रदेश में कोरोना के अब तक 7,58,951 मामले सामने चुके हैं। राज्य में 43,983 सक्रिय केस हैं और 7,08,712 लोगों को अस्पताल से इलाज के बाद छुट्टी दी जा चुकी है। अब तक 6,256 लोगों की मौत हो चुकी है।
कोरोना प्रभावित राज्यों में कर्नाटक तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। कर्नाटक में अब तक कोरोना के 7,17,915 मामले सामने चुके हैं। इनमें 1,15,776 केस सक्रिय हैं और 5,92,084 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। राज्य में कोरोना से अब तक 10,036 लोगों की जान जा चुकी है।
वहीं, तमिलनाडु कोरोना प्रभावित राज्यों में चौथे ने नंबर पर है। राज्य में अब तक कोरोना के 6,61,264 केस सामने चुके हैं। इनमें 43,747 मामले सक्रिय हैं और 6,07,203 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। राज्य में अब तक कोरोना से 10,314 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

उत्तर प्रदेश कोरोना प्रभावित राज्यों में पाचंवें नंबर पर है। यूपी में कोरोना के अब तक 4,39,161 मामले सामने आए हैं। प्रदेश में कोरोना के 38,815 सक्रिय मामले हैं। अब तक 3,93,908 लोगों को इलाज के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है। कोरोना की चपेट में आकर अब तक 6,438 लोगों की मौत हो चुकी है। 


40 करोड़ ग्राहक वाली देश की पहली कंपनी बनी जियो*

13-Oct-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) रिलायंस जियो देश में 40 करोड़ ग्राहक का आंकड़ा पार करने वाली देश की पहली दूरसंचार सेवा कंपनी बन गयी है। दूर संचार विनियामक ट्राई की सोमवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार कंपनी ने जुलाई में शुद्ध रूप से 35 लाख नए ग्राहक जोड़े हैं। रिपोर्ट के मुताबिक कुल देश में कुल दूरसंचार ग्राहकों की संख्या जुलाई में थोड़ी बढ़ कर 116.4 करोड़ हो गयी है। जुलाई में यह संख्या 116 करोड़ थी।

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार जुलाई में मोबाइल फोन कनेक्शन बढ़ कर 114.4 करोड़ हो गए हैं। जून में यह संख्या 114 करोड़ थी। इनमें शहरी ग्रामीण क्षेत्र के कनेक्शन क्रमश: 61.9 करोड़ 52.1 करोड़ थे। स्थिर लाइन कनेक्शन की संख्या कई वर्ष बाद जुलाई में हल्की बढ कर 1,98,20,419 हो गयी। इसमें जियो अन्य निजी कंपनियों का बड़ा योगदान रहा। इस दौरान सरकारी क्षेत्र की भारत संचार निगम लि. एमटीएनएल तथा रिलायंस कम्यूनिकेशन्स तथा टाटा टेली सविसेज के स्थिर लाइन कनेक्शनों की संख्या में गिरावट का सिलसिला बना रहा।
00 रिलायंस जियो का हिस्सा 35.03 फीसदी पर पहुंचा

भारत के मोबाइल बाजार में रिलायंस जियो का हिस्सा 40,08,03,819 ग्राहकों के साथ 35.03 प्रतिशत पर पहुंच गया है। भारती एयरटेल ने जुलाई में 32.6 बीएसएनएल ने 3.88 लाख मोबाइल ग्रहक जोड़े। इसी दौरान वोडाफोन ने 37 लाख से अधिक एमटीएनएल ने 5,457 लाख मोबाइल ग्रहाक गंवाए। आलोच्य माह में ब्राडबैंड कनेक्शन की संख्या 1.03 प्रतिशत बढ़ कर 70.54 करोड़ हो गयी. जून में यह 69.82 करोड़ थी। 


हाथरस कांड : आज क्राइम सीन का मुआयना करेगी सीबीआई की टीम

13-Oct-2020

लखनऊ (शोर सन्देश) हाथरस केस की जांच के लिए सीबीआई टीम घटनास्थल पर पहुंचने वाली है। क्राइम सीन पर पहुंचकर सीबीआई पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश करेगी। ये पहली बार होगा की सीबीआई की टीम मौके पर पहुंच रही है।

रविवार को सीबीआई ने इस केस को अपने हाथों में लिया है। सीबीआई की एफआईआर में गैंगरेप, हत्या, हत्या का प्रयास, एससी-एसटी एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं। कल ही पीड़ित परिवार हाईकोर्ट में पेश हुआ और परिवार ने अपनी बात कोर्ट के सामने रखी है। परिवार ने प्रशासन पर सवाल उठाये, जबरन अंतिम संस्कार करने की बात कही और हाथरस के डीएम पर गंभीर आरोप लगाये। अब इन सभी मामलों की जांच सीबीआई के पास है, तो मौका--वारदात पर पहुंचने वाली सीबीआई इसकी जांच करेगी कि गलती कहां और किस-किस से हुई है।
सीबीआई की टीम पहुंचने से पहले हाथरस में भारी पुलिस व्यवस्था की गई है। हालांकि क्राइम सीन पर अब क्या मिलेगा इसको लेकर संशय है लेकिन सीबीआई की जांच उसी जगह से शुरू होगी। पीड़ित परिवार ने चार लोगों पर आरोप लगाया है और कहां कि पीड़ित लड़की से गैंगरेप के बाद गलादबाकर उसकी हत्या कर दी गई थी। इन सारे आरोपों के बाद अब सीबीआई की जांच शुरू हो गई है और सबूत जुटाने टीम मौके पर पहुंच रही है।
00 कल हाई कोर्ट से अधिकारियों को पड़ी थी फटकार
कल ही हाथरस का पीड़ित परिवार लखनऊ से वापस घर लौटा है। कोर्ट में पीड़ित परिवार ने प्रशासन पर संगीन आरोप लगाए। परिवार के आरोपों पर कोर्ट ने प्रशासन के आला अधिकारियों को फटकार लगाई तो उन्हें जवाब देते नहीं बन रहा था।
कोर्ट ने सीधे सवाल किया कि अगर किसी रसूखदार की बेटी होती, या आपके परिवार की बेटी होती तो क्या आधी रात को उसका अंतिम संस्कार कर दिया जाता?

कोर्ट ने ये भी कहा कि जहां जरूरत गंगाजल की थी, वहां केरोसिन डालकर चिता जला दी गई, ये मानवाधिकारों का उल्लंघन है। अपनी सफाई में डीएम ने दलील दी कि शव खराब होना शुरू हो गया था और गांव में 300 से 400 लोगों की भीड़ जुट गई थी, इस पर परिवार ने कोर्ट के सामने अधिकारियों की पोल पट्टी खोल दी। 


कर्मचारियों को 10000 रुपये का फेस्टिवल एडवांस देगी मोदी सरकार*

12-Oct-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) दीपावली और दशहरे से पहले मोदी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को तोहफा दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि महामारी से अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। अर्थव्यवस्था में मांग बढ़ाने के लिए दो प्रस्ताव पेश किए हैं। पहला एलटीसी कैश वाउचर स्कीम और दूसरा स्पेशल फेस्टिवल एडवांस स्कीम है। स्पेशल फेस्टिवल एडवांस स्कीम के तहत सरकारी कर्मचारियों को 10,000 रुपये फेस्टिवल एडवांस देगी। साथ ही कर्मचारियों को एलटीसी में टिकट किराये का भुगतान नकद में किया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि एलटीसी नकद वाउचर योजना और विशेष त्योहार अग्रिम योजना शुरू की जाएगी। मांग को प्रोत्साहन के लिए एलटीए खर्च के लिए अग्रिम में राशि दी जाएगी। एलटीसी के लिए नकद पर सरकार का खर्च 5,675 करोड़ रुपये बैठेगा। सार्वजनिक उपक्रमों और बैंकों को 1,900 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। साथ ही सरकारी कर्मचारियों को 10,000 रुपये फेस्टिवल एडवांस के तौर पर दिये जाएंगे। ताकि त्योहारों के समय सरकारी कर्मचारियों के पास खरीदारी के लिए पैसा हो। महामारी ने अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डाला। सरकार की कई घोषणाओं के जरिए गरीब और कमजोर तबकों की जरूरतों को पूरा किया गया। आपूर्ति की बाधा को कम किया गया लेकिन उपभोक्ता मांग को अभी भी प्रोत्साहित करने की जरूरत है। 


रक्षा मंत्री ने देश को समर्पित किए 44 पुल, नेचिपु सुरंग का भी किया उद्घाटन*

12-Oct-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) चीन से तनाव के बीच भारत लगातार खुद को मज़बूत करने में लगा हुआ है। हाल ही में हुए अटल टनल के उद्घाटन के बाद आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीमा सड़क संगठन (शोर सन्देश) द्वारा सात राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में बनाए गए 44 पुलों को देश को समर्पित किया।

अरुणाचल के तवांग के लिए बनने वाली नेचिपु सुरंग की रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिए आधारशिला रखी। उन्होंने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा बनाए गए 44 पुलों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए उद्घाटन किया। 44 में से 10 पुल जम्मू-कश्मीर वहीं 3 पुल हिमाचल प्रदेश में बनाए गए हैं। रणनीतिक महत्व के चलते बनाए गए ये पुल सुरक्षाबलों की हथियार और उपकरण के आवागमन में मदद करेंगे।
रक्षा मंत्री बोले-एक नये युग होगी शुरुआत
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस दौरान कहा कि आज, BRO के बनाए गए 44 पुलों के एक साथ उद्घाटन और अरुणाचल प्रदेश में नेचिपु सुरंग के शिलान्यास के अवसर पर, आप सभी के बीच उपस्थित होने पर मुझे बड़ी खुशी हो रही है। एक साथ इतनी संख्या में पुलों का उद्घाटन, और टनल का शिलान्यास, अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। सात राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में मौजूद ये पुल कनेक्टिविटी और विकास के एक नये युग की शुरूआत करेंगे।
रक्षा मंत्री ने कहा मैं बीआरओ से संबंधित स्थानीय लोगों सहित, समस्त देशवासियों को बधाई देता हूं, और इन पुलों को देश को समर्पित करता हूं। साथ ही नेचिपु सुरंग के काम की शुरुआत पर शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने कहा आज हमारा देश, हर क्षेत्र में, कोरोना के कारण उपजी अनेक समस्याओं का, समान रूप से सामना कर रहा है। वह चाहे कृषि हो या अर्थव्यवस्था, उद्योग हों या सुरक्षा व्यवस्था। सभी इससे गहरे प्रभावित हुए हैं। हमारी उत्तरी और पूर्वी सीमा पर पैदा की गयी स्थितियों से भी आप भली-भांति अवगत हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा पहले पाकिस्तान, और अब चीन के द्वारा भी, मानो एक मिशन के तहत सीमा पर विवाद पैदा किया जा रहा है। इन देशों के साथ हमारी लगभग 7 हजार किलोमीटर की सीमा मिलती है, जहां आए दिन तनाव बना रहता है। इतनी समस्याओं के बावजूद, हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल, और दूरदर्शी नेतृत्व में यह देश, केवल इन संकटों का दृढ़ता से सामना कर रहा है, बल्कि सभी क्षेत्रों में बड़े और ऐतिहासिक बदलाव भी ला रहा है।
विश्व के इतिहास में यह निर्माण अद्भुत
हाल ही में राष्ट्र को समर्पित `अटल टनल, रोहतांग`, इसका जीता-जागता उदाहरण है। केवल भारत, बल्कि विश्व के इतिहास में यह निर्माण अद्भुत, और अभूतपूर्व है। यह टनल हमारी `राष्ट्रीय सुरक्षा`, और `हिमाचल`, `जम्मू-कश्मीर` और `लद्दाख` के जनजीवन की बेहतरी में एक नया अध्याय जोड़ेगा। इनके पुलों के निर्माण से, हमारे पश्चिमी, उत्तरी और पूर्वोत्तर के दूर-दराज के इलाकों में, सेना और सिविल ट्रांसपोर्ट में बड़ी सुविधा मिलेगी। हमारी सुरक्षाबलों के जवान, बड़ी संख्या में ऐसे इलाकों में तैनात होते हैं जहाँ पूरे साल ट्रांसपोर्ट की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती है। इन पुलों में कई छोटे, तो कई बड़े पुल हैं, पर उनकी महत्ता का अंदाजा उनके आकार से नहीं लगाया जा सकता है। शिक्षा हो या स्वास्थ्य, व्यापार हो या खाद्य आपूर्ति, सेना की सामरिक आवश्यकता हो या अन्य विकास के काम, इन्हें पूरा करने में ऐसे पुलों और सड़कों की समान, और अहम भूमिका होती है।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक मनाली-लेह मार्ग पर दारचा नदी, अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल में चंद्रा नदी, मनाली के पलचान में ब्यास नदी पर पुल बनकर तैयार हैं। जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल-प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड और पंजाब में बनाए गए हैं।

पिछले हफ्ते, रक्षा मंत्री ने कहा था कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अटल सुरंग भारत की सीमाओं और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले सशस्त्र बलों को समर्पित है। इसके रणनीतिक महत्व को हर कोई समझता है। 


निजी कंपनियों को जल्द ही उपग्रह प्रक्षेपण एवं अंतरिक्ष आधारित गतिविधियों में अवसर मिलेगा*

12-Oct-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज कहा कि इसरो (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) अपनी सुविधाओं को निजी क्षेत्र के लिए खोलने को पूरी तरह तैयार है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अंतरिक्ष विभाग में हुए कुछ महत्वपूर्ण ऐतिहासिक सुधारों का जिक्र करते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि संभवत: स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार ग्रहों से संबंधित अनुसंधान की भविष्य की परियोजनाएं, बाहरी अंतरिक्ष की यात्राएं आदि निजी क्षेत्र के लिए खोल दी जायेंगी। उन्होंने कहा कि यह कदम भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मोदी सरकार के आत्मनिर्भर योजना का भी हिस्सा है। इसमें अंतरिक्ष गतिविधियों में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने की पहल की परिकल्पना की गयी है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस बारे में आगे जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय निजी क्षेत्र भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र की यात्रा में सहयात्री होंगे। उन्होंने कहा कि निजी कंपनियों को उपग्रह प्रक्षेपण और अंतरिक्ष आधारित गतिविधियों में बराबरी का अवसर प्रदान किया जायेगा। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि नए सुधार, देश में अंतरिक्ष संबंधी गतिविधियों को आपूर्ति आधारित मॉडल से मांग आधारित मॉडल में बदलने की कोशिश करेंगे। भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (आईएन-एसपीएसीई) के निर्माण के साथ हमारे पास इसके लिए एक निश्चित तंत्र होगा और निजी क्षेत्र को अपनी क्षमता में सुधार करने के लिए इसरो की सुविधाओं तथा अन्य प्रासंगिक संपत्तियों का उपयोग करने की अनुमति होगी। डॉ. जितेंद्र सिंह ने आगे बताया कि निजी उद्योगों को अपना आवेदन जमा करने के लिए एक वेब लिंक प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि उद्योगों और स्टार्ट-अप से प्राप्त आवेदनों की जांच एक उच्च स्तरीय समिति द्वारा की जायेगी। 


कांग्रेस प्रवक्ता खुशबू सुंदर ने पार्टी छोड़ी*

12-Oct-2020

चेन्नई (शोर सन्देश) कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता खुशबू सुंदर ने सोमवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देते हुए कहा कि वह ऐसा कुछ नेताओं के अपनी बात थोपने और दबाव डालने के विरोध में कर रही हैं। कांग्रेस ने भी इस बीच दिल्ली में घोषणा की कि खुशबू सुंदर को पार्टी प्रवक्ता के पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। लोकप्रिय तमिल अभिनेत्री सुंदर 2014 में कांग्रेस में शामिल हुई थीं। उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस की शीर्ष नेता सोनिया गांधी को भेजा है। कांग्रेस में शामिल होने से पहले वह द्रमुक में थीं। उन्होंने कहा, पार्टी के अंदर शीर्ष स्तर पर कुछ लोग हैं जिनका जमीनी स्तर पर कोई संपर्क या सार्वजनिक पहचान नहीं है, वो अपनी बात थोप रहे हैं और मेरे जैसे लोग जो पार्टी के लिये गंभीरता से काम करना चाहते हैं उन्हें पीछे किया जा रहा है और दबाया जा रहा है। उनके भाजपा में शामिल होने की तैयारी की अटकलों के बीच मीडिया संगठनों को उनके इस्तीफे की प्रति जारी की गई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी प्रणव झा ने एक बयान में कहा, खुशबू सुंदर को कांग्रेस प्रवक्ता के पद से तत्काल प्रभाव से हटाया जाता है।अभिनेत्री ने कहा कि लंबे समय तक व्यापकविचार प्रक्रियाके बाद उन्होंने कांग्रेस से अपने रिश्ते खत्म करने का फैसला किया है।


हाथरस कांड : कड़ी सुरक्षा के बीच पीड़ित परिवार लखनऊ रवाना, हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में आज सुनवाई*

12-Oct-2020

लखनऊ (शोर सन्देश) उत्तर प्रदेश के हाथरस कांड पर आज इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में सुनवाई होने वाली है। कड़ी सुरक्षा के बीच पीड़िता का परिवार कोर्ट में पेश होने वाला है। कोर्ट ने सरकार और पुलिस के उन तमाम बड़े अफसरों को भी तलब किया है जिनपर केस में लापरवाही बरतने का आरोप है। सुनवाई में शामिल होने के लिए पीड़ित परिवार हाथरस से कड़ी सुरक्षा के बीच लखनऊ के लिए रवाना हो गया है। उन्हें लेने के लिए पुलिस की टीम बुलगढ़ी गांव पहुंच थी। हालांकि, पहले परिवार को रविवार रात में ले जाने की तैयारी थी, लेकिन रात में जाने से इनकार के बाद उन्हें सुबह लखनऊ के लिए ले जाया जा रहा है। पीड़ित परिवार ने पुलिस की ओर से हुई देरी के बाद सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए रात में लखनऊ जाने से इनकार कर दिया था।

पीड़ित परिवार से पांच लोग सीओ और मजिस्ट्रेट की निगरानी में कोर्ट के सामने पेश होंगे और अपना बयान दर्ज कराएंगे।पीड़िता के परिवार के जो सदस्य लखनऊ जा रहे हैं उनमें पीड़िता के दोनों भाई, पिता, माता और भाभी शामिल हैं। आपको बता दें कि इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने 1 अक्टूबर को घटना पर स्वत: संज्ञान लिया था। हाई कोर्ट के दखल के बाद योगी सरकार हरकत में आई और परिवार को सुरक्षा का पहरा दिया गया। परिवार की सुरक्षा में करीब 60 पुलिसवालों की तैनाती की गई और घर के आसपास सीसीटीवी कैमरों का घेरा लगाया गया। इसके साथ ही घर आने-जाने वाले हर शख्स पर कड़ी नजर रखी गई। 

हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने सुनवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह, डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार के अलावा हाथरस के डीएम प्रवीण कुमार और एसपी रहे विक्रांत वीर को तलब किया है। हाथरस कांड में जिस तरह से पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठे हैं, उससे साफ है कि हाथरस पुलिस और योगी सरकार को अदालत में कई तरह के कड़े सवालों का सामना करना होगा। सीबीआई ने दर्ज किया केस वहीं, इस पूरे मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने केस दर्ज किया है। साथ ही सीबीआई ने इस मामले में अपनी जांच पड़ताल शुरू कर दी है। सीबीआई ने उत्तर प्रदेश सरकार के अनुरोध पर मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसी ने इस सिलसिले में एक टीम गठित की है। सीबीआई में हाथरस मामले की जांच ग़ाज़ियाबाद सीबीआई यूनिट में तैनात डीएसपी सीमा पाहुजा करेंगी। सीमा पाहुजा एक तेज तर्रार महिला अफसर हैं जो हिमाचल प्रदेश के गुड़िया मामले की जांच भी कर चुकी हैं। उन्हें बेहतरीन जांच के लिए पुलिस पदक से लेकर कई सम्मान मिल चुके हैं। हाथरस कांड की जांच अभी तक एसआईटी कर रही थी। 14 सितंबर का सच जानने के लिए एसआईटी ने जब जांच शुरू की तो उसके निशाने पर गांव के 40 लोग थे। गांव के इन 40 लोगों से पूछताछ हो चुकी है। ये 40 लोग वे हैं, जो 14 सितंबर को आसपास के खेतों में काम कर रहे थे। इनमें आरोपी और पीड़िता के घर वाले भी शामिल हैं। 




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