
पीएम मोदी ने शहीद पुलिसकर्मियों को दी श्रद्धांजलि
नई दिल्ली (शोर सन्देश)। आज देश में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशसेवा में बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पुलिस स्मृति दिवस 2020 के मौके पर देश रक्षा में शहीद हुए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने कहा, पुलिस स्मृति दिवस पूरे भारत में हमारे पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों के प्रति आभार व्यक्त करने का दिन है। हम देशसेवा में शहीद हुए सभी पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि देते हैं। उनके बलिदान और सेवा को हमेशा याद किया जाएगा।
श्री मोदी ने आगे लिखा,`कानून और व्यवस्था को बनाये रखने से लेकर पुलिसकर्मी भयावह अपराध को हल करने, आपदा प्रबंधन से कोविड-19 की चुनौती से निपटने में बेहिचक होकर अपना बेहतर योगदान करते हैं। हमें उनकी लगन और नागरिकों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने पर गर्व है।`
चीन के साथ देश की सीमा की रक्षा करते हुए पुलिसकर्मियों ने बलिदान दिया था, उसकी याद में हर वर्ष 21 अक्टूबर को `पुलिस स्मृति दिवस` मनाया जाता है। यह घटना वर्ष 1959 में हुई थी जब पुलिसकर्मी पीठ दिखाने के बजाय चीनी सैनिकों की गोलियां सीने पर झेलकर शहीद हुए थे।
जनवरी 1960 में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिरीक्षकों के वार्षिक सम्मेलन में तय हुआ कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों की शहादत बिसराई नहीं जाएगी और 21 अक्टूबर को `पुलिस स्मृति दिवस` के रूप में मनाने का निर्णय हुआ। तब से हर वर्ष देश उन 10 शहीदों को याद करता है जो चीनी आक्रमण का शिकार हुए। वर्ष 2012 के बाद से हर वर्ष इस दिन दिल्ली के चाणक्यपुरी में स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर परेड का आयोजन होता है।

अपन संबोधन में प्रधानमंत्री ने की त्यौहारों के दौरान अधिक सावधानी बरतने की अपील
नई दिल्ली (शोर सन्देश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन के दौरान देशवासियों से आगामी त्यौहारों के दौरान और अधिक सावधानी बरतने की अपील की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लॉकडाउन भले चला गया है, लेकिन वायरस नहीं गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते सात से आठ महीने में प्रत्येक भारतीय के प्रयास से जिस संभली हुई स्थिति में हम आज हैं, उसे बिगड़ने नहीं देना है, बल्कि इसे और अधिक सुधारना है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जनता कर्फ्यू से लेकर आज तक हम भारतवासियों ने लंबा सफर तय किया है। समय के साथ आर्थिक गतिविधियों में भी धीरे-धीरे तेजी ला रहे हैं। अधिकांश लोग अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए फिर से जीवन में गति देने के लिए रोज घरों से बाहर निकल रहे हैं। त्योहारों के मौसम में बाजारों में भी रौनक धीरे-धीरे लौट रही है। लेकिन हमें ये भूलना नहीं है कि लॉकडाउन भले चला गया हो, वायरस नहीं गया है।
पीएम ने एक बार फिर जोर देकर कहा कि कई लोगों ने अब सावधानी बरतना बंद कर दिया है, जो ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर आप लापरवाही बरत रहे हैं, बिना मास्क के घरों से बाहर निकल रहे हैं, तो आप अपने आप को, अपने परिवार को, परिवार के बच्चों को और बुजुर्गों को उतने ही बड़े संकट में डाल रहे हैं। इसलिए सचेत रहें, ढिलाई न करें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश में कोरोना का रिकवरी रेट काफी अच्छा है। मौत की दर कम है। भारत में जहां प्रत्येक दस लाख जनसंख्या पर करीब साढ़े पांच हजार लोगों को कोरोना हो रहा है, वहीं अमेरिका में ये आंकड़ा 25 हजार के करीब है। भारत में प्रति दस लाख लोगों में मृत्यु दर 83 है, जबकि अमेरिका, ब्राजील, स्पेन जैसे अनेक देशों में ये आंकड़ा छह सौ के पार है। पीएम ने कहा कि महामारी के खिलाफ लड़ाई में टेस्ट की लगातार बढ़ती। संख्या हमारी एक बड़ी ताकत है।
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के कई देशों की तरह हमारे देश के वैज्ञानिक भी कोरोना वैक्सीन की खोज में रात-दिन जुटे हैं। भारत में अभी कोरोना के कई वैकसीन पर काम चल रहा है। पीएम ने कहा कि कोरोना की वैक्सीन जब भी आएगी, वो प्रत्येक भारतीय तक कैसे पहुंचे इसके लिए सरकार की तैयारी चल रही है। ताकि एक एक नागरिक तक जल्द से जल्द वैक्सीन पहुंचाया जा सके।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। भारत में एक दिन में कोरोना से मौत का आंकड़ा 600 से कम हो गया है, लेकिन फिर भी ये संख्या दुनिया में सबसे ज्यादा है। पिछले 24 घंटे में 46,790 नए कोरोना मामले दर्ज किए गए हैं और 587 कोरोना संक्रमितों ने अपनी जान गंवाई है। देश में रिकवर होने वाले मरीजों की संख्या भी नए मामलों से ज्यादा आ रही है। बीते दिन 69,720 मरीज ठीक हो गए।
स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 75 लाख 97 हजार तक पहुंच गई है। इनमें से एक लाख 15 हजार 197 मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं रिकवरी मामलों की संख्या 67 लाख 33 हजार तक पहुंच गई है और एक्टिव केस की संख्या घटकर 7 लाख 48 हजार पर आ गई है।
संक्रमण के एक्टिव केस की संख्या की तुलना में रिकवर हुए लोगों की संख्या आठ गुना ज्यादा है। महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में कोरोना वायरस के एक्टिव केस, मृत्यु दर और रिकवरी रेट का प्रतिशत सबसे ज्यादा है। ICMR के मुताबिक, 19 अक्टूबर तक कोरोना वायरस के कुल 9 करोड़ 61 लाख सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं, जिनमें से 10 लाख सैंपल की टेस्टिंग कल की गई। पॉजिटिविटी रेट करीब सात फीसदी है।
00 सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में एक्टिव केस
देश के एक्टिव केस 6 हफ्ते के बाद 8 लाख से नीचे आए हैं। 22 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में 20,000 से कम एक्टिव केस हैं। केवल केरल, कर्नाटक और महाराष्ट्र में 50,000 से ज्यादा एक्टिव मामले रिपोर्ट हो रहे हैं। सबसे ज्यादा एक्टिव केस महाराष्ट्र में हैं। एक्टिव केस मामले में दुनिया में भारत का दूसरा स्थान है। कोरोना संक्रमितों की संख्या के हिसाब से भारत दुनिया का दूसरा सबसे प्रभावित देश है। मौत के मामले में अमेरिका और ब्राजील के बाद भारत का नंबर है।
राहत की बात है कि मृत्यु दर और एक्टिव केस रेट में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मृत्यु दर गिरकर 1।51% हो गई। इसके अलावा एक्टिव केस जिनका इलाज चल है उनकी दर भी घटकर 10% हो गई है। इसके साथ ही रिकवरी रेट यानी ठीक होने की दर 88% पर है। भारत में रिकवरी रेट लगातार बढ़ रहा है।

रायपुर (शोर सन्देश)। केंद्र सरकार के नए कृषि कानून को लेकर विधानसभा का विशेष सत्र 27 और 28 अक्टूबर को होने की संभावना है। प्रदेश के संसदीय कार्यमंत्री रविंद्र चौबे ने इसकी जानकारी दी। चौबे ने बताया कि छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए सरकार नए कृषि कानून बनाने का निर्णय लिया है। वहीं विधानसभा के विशेष सत्र में नए कृषि कानून को पारित किया जाएगा। वहीं दो दिवसीय विशेष सत्र के लिए सरकार राज्यपाल को फाइल भेजी है।

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (शोर सन्देश)। छत्तीसगढ़ में इन दिनों मरवाही उपचुनाव की सरगर्मी चरम पर है। जनता कांग्रेस (जे) के प्रदेशाध्यक्ष अमित जोगी और उनकी पत्नी ऋचा जोगी के नामांकन निरस्त होने के बाद अमित जोगी ने नामांकन स्क्रूटनी के वीडियोग्राफी की क्लिप की मांगी है।
सियासी सरगर्मी के बीच अमित और रेणु जोगी ने रविवार को अमरकंटक के कल्याण बाबा से मुलाकात की। हालांकि अभी इस बात का खुलासा नहीं हुआ है कि कल्याण बाबा से मुलाकात के दौरान किन मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन कल्याण बाबा से मुलाकात के बाद अमित जोगी ने बड़ा बयान दिया है।
अमित जोगी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जोगी से ज्यादा जोगी के नाम से डरते हैं, अजीत जोगी के मरणोपरांत भी उनके परिवार का पीछा नही छोड़ रहे हैं। अब हम जनता के बीच वोट नही न्याय मांगने जाएंगे। न तो अब मैं मरवाही में किसी के पक्ष में बोलूंगा न ही विरोध में।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। इस्पात मंत्रालय भारतीय उद्योग परिसंघ के साथ मिलकर 20 अक्टूबर, 2020 को एक वेबिनार आत्मनिर्भर भारत: ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि, ग्रामीण विकास, डेयरी एवं खाद्य प्रसंस्करण में इस्पात के इस्तेमाल को प्रोत्साहन का आयोजन करेगा। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस तथा इस्पात मामलों के मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान इस वेबिनार के विशिष्ट अतिथि होंगे। ग्रामीण विकास, कृषि और किसान कल्याण मामलों, पंचायती राज और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर भी इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। केन्द्रीय इस्पात राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते इस दौरान अपना विशेष संबोधन देंगे। इस वेबिनार का उद्देश्य ग्रामीण विकास क्षेत्र में इस्पात और इस्पात उत्पादों की मौजूदा एवं भविष्य की जरूरतों की पहचान करना तथा समुदाय में इस्पातोन्मुखी ढांचों/ सामान्य सुविधा क्षेत्र, जल भंडारण सुविधाओं, अन्न भण्डारण साइलो, अन्न भंडारण सुविधाओं और घरेलू जल भंडारण ड्रम इत्यादि में इस्पात उत्पादों के इस्तेमाल और फायदे से लोगों को जागरूक करना है। इस वेबिनार में इस्पात उत्पादों को हासिल करने में आ रही चुनौतियों, देश में मौजूदा इस्पात मांग को पूरा करने में भारतीय लौह एवं इस्पात उद्योग की क्षमताओं, भविष्य की विस्तार योजना, विनिर्माण एवं नए उत्पादों के विकास के लिए शोध एवं अनुसंधान क्षमता को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर विचार किया जाएगा। इस वेबिनार में ‘पैनल एवं स्टेट्स’ में सचिव स्तर की चर्चा होगी जिसमें केन्द्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालयों के सचिवों और राज्यों के सचिवों तथा महत्वपूर्ण ग्रामीण विकास एजेसिंयों के प्रतिनिधि भी अपने विचार साझा करेंगे। देश में निर्माण, आधारभूत ढांचा, विनिर्माण, रेलवे, तेल एवं गैस, रक्षा और ग्रामीण तथा कृषि क्षेत्रों में इस्पात की अहम भूमिका है और भारत के 5 ट्रिलियन इकोनॉमी के लक्ष्य को हासिल करने में इस्पात एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विश्व में इस्पात का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश होने के बावजूद भारत की वार्षिक प्रति व्यक्ति इस्पात खपत 74.1 किलोग्राम है जो वैश्विक औसत 224.5 किलोग्राम का मात्र एक तिहाई है। देश के शहरी क्षेत्रों में इस्पात का इस्तेमाल ज्यादा हो रहा है जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह बहुत ही कम देखा गया है। वर्ष 2019 में देश के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति इस्पात खपत 19.1 किलोग्राम थी और राष्ट्रीय औसत 74.1 किलोग्राम था। एक अनुमान के मुताबिक देश में ग्रामीण क्षेत्रों में इस्पात की खपत का 54 प्रतिशत आवास निर्माण, 10 प्रतिशत सामुदायिक निर्माण, 20 प्रतिशत पेशेवर इस्तेमाल (प्राथमिक कृषि सुविधाएं), फर्नीचर, वाहनों और घरेलू सामानों (शेष 16 प्रतिशत) होता है। अत: क्षमता विस्तार को बढ़ावा देने के अलावा इस्पात मंत्रालय ने देश में इस्पात की मांग में वृद्धि के लिए उपाय किए हैं और संबद्ध मंत्रालयों के साथ इस दिशा में लगातार काम चल रहा है। रेलवे और रक्षा मंत्रालय की ओर से 17 फरवरी, 2020 को कार्यशालाओं/वेबिनारों, 16 जून, 2020 को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस और 18 अगस्त, 2020 को आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय तथा नागरिक उड्डयन मंत्रालय के वेबिनार का पहले ही आयोजन हो चुका है।

भोपाल (शोर सन्देश)। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग की महिला एवं पूर्व मंत्री इमरतीदेवी के खिलाफ अपमानजनक बयान के विरोध में आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अन्य नेता मौन उपवास पर बैठ गए।
शिवराज चौहान ने यहां मिंटो हाल परिसर में दो घंटे का मौन उपवास करेंगे। मिंटो हाल परिसर में उपवास में शामिल होने के लिए सुबह लगभग दस बजे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राज्य सरकार के अनेक मंत्री और पदाधिकारी पहुंच चुके हैं। इस अवसर पर अनेक महिला पदाधिकारी भी मौजूद हैं। भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेता भी राज्य में अन्य स्थानों पर मौन उपवास कर रहे हैं।
चौहान ने कहा कि कमलनाथ अपनी आपत्तिजनक टिप्पणी के बावजूद उसे जायज ठहराने का प्रयास कर रहे हैं। यह उचित नहीं है। हमारी संस्कृति नारियों के प्रति सम्मान और पूजने की है। लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री प्रायश्चित का भाव नहीं ला रहे हैं, इसलिए प्रायश्चित के स्वरूप उन्होंने दो घंटे का मौन उपवास प्रारंभ किया।
बता दें कि कमलनाथ ने कल ग्वालियर जिले के डबरा में आयोजित चुनावी सभा में भाजपा प्रत्याशी इमरती देवी को आइटम कहा है। इसके बाद से ही भाजपा काफी हमलावर हो गयी है। वहीं कमलनाथ ने कल देर रात अपनी सफाई में दावा करते हुए कहा कि आइटम कोई असम्मानजनक शब्द नहीं है।
वहीं इमरती देवी का भी मीडिया से चर्चा का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें इमरती देवी कमलनाथ को लेकर काफी भला बुरा कहते हुए सुनी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कमलनाथ पश्चिम बंगाल के हैं और वे महिलाओं के प्रति अक्सर सम्मानजनक भाव नहीं रखते हैं। इस वीडियो में इमरती देवी की आंखों में आंसू भी दिखायी दे रहे हैं।

देश में कुल संक्रमितों की संख्या 75 लाख के पार, 7,72,055 सक्रिय मामले
नई दिल्ली (शोर सन्देश)। देश में कोरोना महामारी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 75 लाख के पार पहुंच गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 55,722 नए केस सामने आए हैं और 579 लोगों की जान चली गई है।
देश में कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 75,50,273 हो गई है। इनमें कोरोना के 7,72,055 मामले सक्रिय हैं। वहीं, 66,63,608 लोगों को अब तक इलाज के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है। कोरोना की चपेट में आकर अब तक देश में 1,14,610 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
देश के अलग-अलग राज्यों से कोरोना के जो आंकड़े सामने आ रहे हैं वह बेहद चिंताजनक हैं। महाराष्ट्र में अब तक कोरोना के 15,95,381 केस सामने आ चुके हैं। कोरोना प्रभावित राज्यों में महाराष्ट्र पहले नंबर पर है। राज्य में कोरोना के 1,82,973 मामले सक्रिय हैं। अब तक 13,69,810 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है और 42,115 लोगों की मौत हो चुकी है।
कोरोना प्रभावित राज्यों में आंध्र प्रदेश दूसरे नंबर पर है। आंध्र प्रदेश में कोरोना के अब तक 7,83,132 मामले सामने आ चुके हैं। राज्य में 36,474 सक्रिय केस हैं और 7,40,229 लोगों को अस्पताल से इलाज के बाद छुट्टी दी जा चुकी है। अब तक 6,429 लोगों की मौत हो चुकी है।
कोरोना प्रभावित राज्यों में कर्नाटक तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। कर्नाटक में अब तक कोरोना के 7,65,586 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 1,09,264 केस सक्रिय हैं और 6,45,825 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। राज्य में कोरोना से अब तक 10,478 लोगों की जान जा चुकी है।
वहीं, तमिलनाडु कोरोना प्रभावित राज्यों में चौथे ने नंबर पर है। राज्य में अब तक कोरोना के 6,87,400 केस सामने आ चुके हैं। इनमें 39,121 मामले सक्रिय हैं और 6,37,637 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। राज्य में अब तक कोरोना से 10,642 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
उत्तर प्रदेश कोरोना प्रभावित राज्यों में पाचंवें नंबर पर है। यूपी में कोरोना के अब तक 4,55,146 मामले सामने आए हैं। प्रदेश में कोरोना के 32,896 सक्रिय मामले हैं। अब तक 4,15,592 लोगों को इलाज के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है। कोरोना की चपेट में आकर अब तक 6,658 लोगों की मौत हो चुकी है।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। देश और दुनिया में कोरोना का उत्पात जारी है। भारत में पिछले 24 घंटों में 61,871 नए मामले सामने आए हैं और 1033 मौतें हुई हैं। कुल मामले - 74,94,552 (कल से 11,776 तक गिरे), 7,83,311 सक्रिय मामले, अब तक 65,97,210 (कल से 72,615 की वृद्धि) ठीक हो चुके हैं जबकि 1,14,031 (कल से 1033 तक वृद्धि) की मौत हो गई हैं।
शनिवार के मुकाबले नए मामलों का आंकड़ा कम हुआ है। शनिवार के आंकड़ों के अनुसार 24 घंटों में कोरोना के 62,212 नए मामले सामने आए जबकि 837 लोगों की मौत हुई है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार कुल 65,32,681 मामलों में से 7,95,087 सक्रिय, 65,24,596 ठीक हो चुके और 1,12,998 मौतें शामिल हैं।
कोरोना वायरस को लेकर अब लगातार राहत की खबर मिल रही है। वैश्विक महामारी कोविड-19 से प्रभावित दुनियाभर के देशों में कोरोना वायरस से अमेरिका के बाद भारत दूसरा सर्वाधिक प्रभावित देश है मगर सुकून की बात है कि यह प्रति दस लाख की आबादी पर कोरोना संक्रमण की चपेट में आने और इससे जान गंवाने वालों के औसत मामलों में प्रमुख राष्ट्रों से काफी पीछे है। यानी भारत में मिलने वाले कोरोना के नए मामलों और मौतों की रफ्तार अन्य देशों के मुकाबले काफी कम है। इतना ही नहीं, रिकवरी रेट के मामले में भारत दुनियाभर में सबसे आगे है।
केंद्रीय परिवार और स्वास्थ्य मंत्रालय के बुधवार के इस पर जारी आंकड़ों के अनुसार, प्रति दस लाख की आबादी पर संक्रमण की जद में आने वालों की औसत संख्या 4794 है और मृतकों की संख्या 138 है। कोरोना संक्रमण से प्रति दस लाख की जनसंख्या पर सर्वाधिक प्रभावित ब्राजील में 23911 का औसत है और यहां इतनी आबादी पर वायरस से जान गंवाने वालों की संख्या सबसे अधिक 706 है। गौरतलब है कि ब्राजील विश्व में इस वैश्विक महामारी से तीसरा सबसे अधिक प्रभावित है। भारत में यह संख्या क्रमश: 5199 और 79 है।
कोरोना से सबसे बुरी तरह प्रभावित विश्व महाशक्ति अमेरिका है। यहां प्रति दस लाख पर कोरोना पीड़ितों का औसत 23072 और मृतकों की संख्या 642 है। दक्षिण अफ्रीका में यह आंकड़ा क्रमश: 11675 और 631 तो फ्रांस में 10838 तथा 498 है। रूस में क्रमश: 8992 और 300 है जबकि ब्रिटेन में 8893 और 156 है।

नई दिल्ली (शोर सन्देश) । केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने वाई-20 वैश्विक सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इसका उद्देश्य दुनिया भर में युवाओं को सशक्त बनाने के लिए राष्ट्रों के बीच विचारों और संवादों का आदान-प्रदान करना है। श्री रिजिजू युवाओं के लिए कोविड के बाद अवसरों पर चर्चा करने के लिए एक पैनल पर थे। उनके साथ इटली के पूर्व प्रधानमंत्री और सीनेटर मैत्तियो रेंज़ी, युवा नीतियों और यूनिवर्सल काउंसिल विभाग के प्रमुख और इटली मंत्रिमंडल के सदस्य डॉ. फ्लैवियो सिनिस्कालची, सिंगापुर के समुदाय, संस्कृति, युवा, व्यापार और उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री एल्विन टैन, शामिल हुए थे। इस वर्ष के वाई- 20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी सऊदी अरब ने की थी। शिखर सम्मेलन में श्री रिजीजू ने युवाओं को विश्वव्यापी कोविड-19 महामारी के कारण उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता पर बल दिया। भारत के अनुभव को साझा करते हुए, श्रीरिजू ने कहा, एक बड़ी युवा आबादी वाले देश के रूप में, भारत ने कोविड महामारी के दौरान अपने युवाओं को लगातार व्यस्त रखा है, जो युवा कार्य मंत्रालय के 6.5 मिलियन से अधिक युवा स्वयंसेवकों के साथ काम करते हुए आम जनता में जागरूकता पैदा कर रहे हैं। कोविड महामारी ने हमारे सामने अभूतपूर्व चुनौतियाँ उत्पन्न की हैं और यह हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ही दृष्टिकोण है कि युवाओं को स्वयंसेवा से जुडे रहना चाहिए, और अगले कुछ महीनों के भीतर भारत में लगभग 10 मिलियन स्वयंसेवक होंगे जो कोविड महामारी की चुनौतियों से निपटने की दिशा में आगे आकर काम करेंगे।