लखनऊ (शोर सन्देश)। हाथरस केस की जांच के लिए सीबीआई टीम घटनास्थल पर पहुंचने वाली है। क्राइम सीन पर पहुंचकर सीबीआई पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश करेगी। ये पहली बार होगा की सीबीआई की टीम मौके पर पहुंच रही है।
रविवार को सीबीआई ने इस केस को अपने हाथों में लिया है। सीबीआई की एफआईआर में गैंगरेप, हत्या, हत्या का प्रयास, एससी-एसटी एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं। कल ही पीड़ित परिवार हाईकोर्ट में पेश हुआ और परिवार ने अपनी बात कोर्ट के सामने रखी है। परिवार ने प्रशासन पर सवाल उठाये, जबरन अंतिम संस्कार करने की बात कही और हाथरस के डीएम पर गंभीर आरोप लगाये। अब इन सभी मामलों की जांच सीबीआई के पास है, तो मौका-ए-वारदात पर पहुंचने वाली सीबीआई इसकी जांच करेगी कि गलती कहां और किस-किस से हुई है।
सीबीआई की टीम पहुंचने से पहले हाथरस में भारी पुलिस व्यवस्था की गई है। हालांकि क्राइम सीन पर अब क्या मिलेगा इसको लेकर संशय है लेकिन सीबीआई की जांच उसी जगह से शुरू होगी। पीड़ित परिवार ने चार लोगों पर आरोप लगाया है और कहां कि पीड़ित लड़की से गैंगरेप के बाद गलादबाकर उसकी हत्या कर दी गई थी। इन सारे आरोपों के बाद अब सीबीआई की जांच शुरू हो गई है और सबूत जुटाने टीम मौके पर पहुंच रही है।
00 कल हाई कोर्ट से अधिकारियों को पड़ी थी फटकार
कल ही हाथरस का पीड़ित परिवार लखनऊ से वापस घर लौटा है। कोर्ट में पीड़ित परिवार ने प्रशासन पर संगीन आरोप लगाए। परिवार के आरोपों पर कोर्ट ने प्रशासन के आला अधिकारियों को फटकार लगाई तो उन्हें जवाब देते नहीं बन रहा था।
कोर्ट ने सीधे सवाल किया कि अगर किसी रसूखदार की बेटी होती, या आपके परिवार की बेटी होती तो क्या आधी रात को उसका अंतिम संस्कार कर दिया जाता?
कोर्ट ने ये भी कहा कि जहां जरूरत गंगाजल की थी, वहां केरोसिन डालकर चिता जला दी गई, ये मानवाधिकारों का उल्लंघन है। अपनी सफाई में डीएम ने दलील दी कि शव खराब होना शुरू हो गया था और गांव में 300 से 400 लोगों की भीड़ जुट गई थी, इस पर परिवार ने कोर्ट के सामने अधिकारियों की पोल पट्टी खोल दी।