
नई दिल्ली (शोर सन्देश)। मौजूदा वक्त में चीन के साथ लद्दाख में भारत का विवाद जारी है। इसके अलावा पाकिस्तान भी आए दिन सीमा और एलओसी पर नापाक हरकत करता रहता है। दो देशों से विवाद के बीच भारत लगातार अपनी सुरक्षा को और मजबूत कर रहा है, ताकी वक्त आने पर दुश्मन को कड़ा जवाब दिया जा सके। इस बीच शुक्रवार को डीआरडीओ को बड़ी कामयाबी मिली, जहां क्विक रिएक्शन सर्फेस टू एयर मिसाइल (Quick Reaction Surface to Air Missile) का सफल परीक्षण हुआ।
30KM दूर स्थित टारगेट को किया हिट
जानकारी के मुताबिक डीआरडीओ ने जमीन से हवा में मार करने वाली एक मिसाइल को विकसित किया है, जो दुश्मन पर तेजी से हमला करती है। इस वजह से इसे क्विक रिएक्शन सर्फश टू एयर मिसाइल कहा जा रहा है। शुक्रवार को ओडिशा के बालासोर तट पर इस मिसाइल को लॉन्च किया गया। जिसने 25-30 किलोमीटर दूर स्थित अपने टारगेट का सफलतापूर्वक भेद दिया। इस दौरान हाईटेक उपकरणों से मिसाइल की निगरानी हुई। डीआरडीओ अधिकारियों के मुताबिक मिसाइल सभी मानकों पर खरी उतरी है।
6 कैनिस्टराइज्ड मिसाइल की क्षमता
डीआरडीओ के मुताबिक मिसाइल सिंगल-स्टेज-सॉलिड-प्रोपलेंट रॉकेट मोटर से चलती है, जो पूरी तरह से भारत में विकसित किया गया है। इसके अलावा मिसाइल परिवहन के लिए कैनिस्टराइज्ड है और मोबाइल लॉन्चर का उपयोग करने में सक्षम है। अभी इसकी क्षमता 6 कैनिस्टराइज्ड मिसाइलों को ले जाने की है। वहीं रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इसे डीआरडीओ की बड़ी सफलता बताई है। साथ ही इसके लिए डीआरडीओ की पूरी टीम को बधाई दी।
पिनाका का भी सफल परीक्षण
नवंबर की शुरूआत में भी डीआरडीओ के हाथ बड़ी कामयाबी लगी थी, जहां 4 तारीख को स्वदेशी तकनीक से निर्मित पिनाका एमके-I रॉकेट गाइडेड रॉकेट लांच सिस्टम के अपडेट वर्जन का सफल परीक्षण हुआ था। इस दौरान परीक्षण के लिए तय किए गए सभी मानक सफलतापूर्वक हासिल किए गए। इस टेस्ट में 6 रॉकेट को एक सीरीज में लॉन्च किया गया। सभी रॉकेट अपना तय लक्ष्य भेदने में सफल रहे। परीक्षण के दौरान ओडिशा के चांदीपुर के रक्षा क्षेत्र में रडार इलेक्ट्रो ऑप्टिकल सिस्टम और टेलीमेट्री सिस्टम ने राकेट के पूरे मार्ग की निगरानी की।

आर्मी चीफ एमएम नरवणे भी रहेंगे मौजूद
नई दिल्ली (शोर सन्देश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को राजस्थान के जैसलमेर स्थित लोंगेवाला में तैनात सीमा सुरक्षा बल के जवानों के साथ दीवाली मनाएंगे। जवानों के साथ दीवाली मनाने की परंपरा को कायम रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी लगातार सातवीं बार जैसलमेर बॉर्डर पर पहुंच गए हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री के साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत, आर्मी चीफ एमएम नरवने और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के डायरेक्टर जनरल राकेश अस्थाना भी हैं।
रोशनी के त्योहार दीवाली को मनाने के लिए हर साल की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जवानों के पास हैं। वे जैसलमेर में मिलने वाले भारत-पाकिस्तान सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल के साथ इस बार त्योहार मनाएंगे।
देशवासियों को दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री ने दीपावली के शुभ अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं भी दी। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, `सभी देशवासियों को दीपावली की हार्दिक मंगलकामनाएं। यह त्योहार लोगों की जिंदगी में खुशहाली लाए और सभी स्वस्थ व समृद्ध रहें।`
शुक्रवार को ही प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा था, `इस दीपावली हम सभी एक दीया उन सैनिकों के सम्मान में जलाएं जो निडर होकर देश की रक्षा करते हैं। सैनिकों की अनुकरणीय बहादुरी के लिए उनके प्रति शब्दों से कृतज्ञता ज्ञापित करने की भावना न्याय नहीं कर सकती। हम सीमाओं पर डटे सैनिकों के परिवार वालों के प्रति भी कृतज्ञ हैं।`
2014 से दीवाली पर जवानों के साथ होते हैं पीएम
हर साल की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री सीमा पर तैनात वीर और साहसी जवानों के साथ दीवाली मनाएंगे।पिछले वर्ष 27 अक्टूबर 2019 को प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी में जवानों के साथ दीवाली मनाई थी। आर्मी ड्रेस में प्रधानमंत्री मोदी ने जवानों के बीच मिठाइयां बांटी थी। इससे पहले 2018 में पीएम मोदी ने उत्तराखंड के उत्तरकाशी में सेना और ITBP के जवानों के बीच दीवाली मनाई थी। वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री जम्मू कश्मीर के गुरेज में जवानों के बीच दीवाली मनाने के लिए मौजूद थे जैसलमेर में भारत-पाकिस्तान की मिलने वाली सीमा पर बीएसएफ के जवान तैनात हैं।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राजधानी दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के परिसर में स्वामी विवेकानंद की आदमकद मूर्ति का अनावरण किया। वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हो रहे इस अनावरण कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी उपस्थित हैं। लेफ्ट का गढ़ कहे जाने वाले जेएनयू में इस कार्यक्रम को लेकर विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं। कई छात्र संगठनों ने परिसर में विवेकानंद की मूर्ति लगाने का विरोध करते हुए नारेबाजी की।
इससे पहले, प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि स्वामी विवेकानंद के सिद्धांत और संदेश आज भी देश के युवाओं को राह दिखाते हैं और भारत को गर्व है कि यहां पैदा हुई उनकी जैसी महान शख्सियत आज भी दुनिया भर के करोड़ों लोगों को प्रेरित करती है।
बयान के मुताबिक, ``प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा कहते रहे हैं कि स्वामी विवेकानंद के आदर्श जितने उनके जीवनकाल में प्रासंगिक थे वह आज भी हैं। प्रधानमंत्री ने हमेशा जोर दिया है कि लोगों की सेवा करने और युवाओं को सशक्त बनाने से देश शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनता है और इससे देश की वैश्विक साख भी बढ़ती है। भारत की समृद्धि और शक्ति यहां के लोगों में निहित है और सभी को सशक्त करने से ही देश आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल कर सकेगा।``

नई दिल्ली (वीएनएस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया का बिहार चुनाव में महागठबंधन की हार के बाद बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने बिहार चुनाव में मिली कांग्रेस की हार पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि तारिक अनवर का कहना सही है। ज्यादा सीटो पर लड़ने का फैसला गलत था, 70 सीटो पर लड़ना और कम सीट जीतना नुकसान देह रहा।
उन्होंने कहा कि पिछली बार 40 मे से 27 सीट कांग्रेस ने जीती थी। इस बार क्यों 70 सीटों पर लड़े, इसे नुकसान हुआ।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाले इस कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक भी उपस्थित रहेंगे। पीएमओ की ओर से कहा गया है कि स्वामी विवेकानंद के सिद्धांत और संदेश आज भी देश के युवाओं को राह दिखाते हैं। भारत को गर्व है कि यहां पैदा हुई उनकी जैसी महान शख्सियत आज भी दुनियाभर के करोड़ों लोगों को प्रेरित करती है।
यूनिवर्सिटी के कुलपति एम जगदीश कुमार ने बताया था कि ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 नवंबर को शाम 6:30 बजे विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित स्वामी विवेकानंद की आदमकद प्रतिमा का (वीडियो-कॉफ्रेंस से) अनावरण करेंगे। प्रतिमा के अनावरण से पहले स्वामी विवेकानंद पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
00 जेएनयू के किसी कार्यक्रम में पीएम मोदी की पहली सहभागिता
गौरतलब है कि पीएम मोदी कई मंचों से स्वामी विवेकानंद की शिक्षाएं और उपदेश बताते रहे हैं, मगर जेएनयू के किसी कार्यक्रम में यह उनकी पहली सहभागिता होगी। जेएनयू के कई छात्र व छात्रनेता खुलकर पीएम मोदी के विरोध में सामने आते रहे हैं। पिछले कुछ सालों में जेएनयू कई बार विवादों के घेरे में रहा है। ऐसे में पीएम मोदी के इस कार्यक्रम पर लोगों की नजर बनी हुई है।
बता दें कि स्वामी विवेकानंद की इस मूर्ति का निर्माण तीन साल पहले शुरू हुआ था। 2018 में काम पूरा हो गया था और तब से मूर्ति ढकी रखी है। जेएनयू छात्रों ने लगातार मूर्ति के निर्माण को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन पर हमले किए हैं।
मूर्ति के लिए पैसा कहां से आया, इसको लेकर जेएनयू के कई छात्रों ने कई बार सवाल उठाए। प्रशासन ने बार-बार कहा कि फंड्स पूर्व छात्रों से मिले, जेएनयू ने अपनी तरफ से कुछ नहीं लगाया।

वैक्सीन को लेकर टेड्रोस एडनोम ने की प्रधानमंत्री मोदी से बात
नई दिल्ली (शोर सन्देश)। देश में कोरोना का कहर जारी है। भारत में कोरोना वायरस से अब तक 86 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और 1 लाख 28 हजार से ज्यादा की मौत हो चुकी है। कोरोना की वैक्सीन को लेकर भी देश में कई तरह के शोध चल रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि जल्द की हमें इस दिशा में कोई बड़ी खुशखबरी सुनने को मिलेगी। भारत में कोरोना की कई वैक्सीन परीक्षण के अलग-अलग दौर में हैं। कोरोना की वैक्सीन बनने के बाद इसे देश के हर नागरिक तक पहुंचाने के लिए भी सरकार की तरफ से तैयारी की गई है।
उधर, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) प्रमुख टेड्रोस एडनोम घेब्रयासस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को Covax के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और कोरोना वैक्सीन बन जाने पर दुनिया भर के लिए उसकी उपलब्धता की बात करने को लेकर धन्यवाद दिया।
उन्होंने हिंदी में ट्वीट कर लिखा, ‘धन्यवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, COVAX के प्रति आपकी मजबूत प्रतिबद्धता और कोविड-19 वैक्सीन को वैश्विक स्तर पर उपलब्ध कराने पर ज़ोर देने के लिए। महामारी दुनिया के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है, और हम इसे समाप्त करने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे।
डब्लूएचओ प्रमुख ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, ‘नमस्ते, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, आपसे ट्रेडिशनल मेडिसिन के संदर्भ में ज्ञान, अनुसंधान और प्रशिक्षण के लिए सहयोग और मजबूत करने पर बातचीत हुई। डब्लूएचओ वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य में और यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज में भारत के नेतृत्व का स्वागत करता है!
प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से एक बयान जारी किया गया, जिसमें पीएम मोदी ने कोविड-19 महामारी में दुनिया भर के बीच समन्वय बनाने को लेकर डब्लूएचओ के अहम योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस दौरान दूसरी बीमारियों की लड़ाई को कमजोर नहीं पड़ने देना है और विकासशील देशों में स्वास्थ्य व्यवस्था में सहयोग के अहम का उल्लेख किया। रिलीज में बताया गया कि पीएम मोदी ने डब्लूएचओ प्रमुख को 13 नवंबर को आर्युवेद दिवस पर ‘Ayurveda for COVID-19’ की थीम के तहत किए जा रहे आयोजन की भी बात की।

पटना (शोर सन्देश)। बिहार में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनने जा रही है। इस चुनाव में एनडीए को महागठबंधन ने कड़ी चुनौती दी, मगर वह बहुमत के जादुई आंकड़े से पीछे रह गया। इस पराजय के बाद आज लालू प्रसाद यादव की पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के घर मंथन बैठक आयोजित की गई है। बैठक में महागठबंधन के सभी बड़े नेता शामिल हो रहे हैं।
महागठबंधन के नवनिर्वाचित विधायकों की ये बैठक आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की अध्यक्षता में हो रही है, जिसमें कांग्रेस और वामदलों के वरिष्ठ नेता भी शामिल हैं। बैठक सुबह 11 बजे से राबड़ी आवास पर हो रही है। बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस भी हो सकती है।
वहीं, जेडीयू के विधायक दल की बैठक भी आज हो सकती है। बता दें कि महागठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने सबसे अधिक 75 सीटें हासिल की हैं। वहीं वामदलों को गठबंधन का सबसे ज्यादा फायदा हुआ है। इस बार विधानसभा चुनाव में वामदलों को कुल 16 सीटें मिली हैं। सीपीआई को 2 सीट, सीपीएम को 2 सीट और कम्युनिस्ट पार्टी (माले-लिबरेशन) को 12 सीटें मिली हैं।
महागठबंधन की अगुवाई करने करने वाली आरजेडी को 75 सीटें मिली हैं। हालांकि पिछले चुनाव के मुकाबले उसे पांच सीटों का घाटा हुआ है। वहीं कांग्रेस ने पिछले चुनाव में 27 सीटें जीती थीं, मगर इस बार उसे 19 सीट ही मिल पाई हैं।

बीएसएफ जवानों को सौंपेंगे स्पेशल ऑपरेशन मेडल
कच्छ (शोर सन्देश)। विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद अब केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह गुजरात यात्रा पर हैं। गुरुवार को वह कच्छ के धोरडो शहर में कच्छ, पाटण और बनासकांठा जिले के सरपंचों से मिलेंगे। शाह इस दौरान एक बैठक आयोजित कर सरपंचों को संबोधित भी करेंगे। शाह के पहुंचने से पहले ही कच्छ के रण टेंट सिटी में काफी जोर-शोर से तैयारियां की गईं। गृह मंत्री शाह आज कच्छ टेंट सिटी के रण में 3 सीमावर्ती जिलों-कच्छ, बनासकांठा और पाटण के ग्राम प्रधानों की सभा संबोधित करेंगे। उनके संबोधन से पहले, उन्हें बीएसएफ गुजरात के सीमावर्ती क्षेत्रों में होने वाले काम के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। बताया जा रहा है कि, वे यहां अब बीएसएफ के जवानों को स्पेशल ऑपरेशन मेडल से सम्मानित करेंगे।
अमित शाह के इस कार्यक्रम में 158 गांवों के सरपंच हिस्सा ले रहे हैं। जिनमें कच्छ के 106, पाटण के 35 और बनासकांठा के 17 सरपंच शामिल हैं। एक अधिकारी ने बताया कि, टेंट सिटी में विशेष तौर पर 1500 लोगों के बैठने का इंतजाम किया गया है। सोशल डिस्टेंसिंग को फॉलो करते हुए यहां बीएडीपी के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों में शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य से जुड़े विकासात्मक कार्यों पर चर्चा होगी। इस मर्तबा इस बात का ध्यान जरूर रखा जाए कि सोशल डिस्टेंसिंग भंग न हो। इसीलिए केंद्र सरकार की ओर से कोरोना से बचाव के लिए निर्धारित नियमों का पालन किया गया है। इस दौरान कुछ सरपंच भी अपने अनुभव भी साझा करेंगे।
कच्छ के रण में कार्यक्रम के दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे। उनके अलावा केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण और पंचायत मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, गुजरात राज्य मंत्री (गृह) प्रदीप सिंह जडेजा और गुजरात पर्यटन राज्यमंत्री वसनभाई अहीर भी शरीक होने आए।
अतिरिक्त कलक्टर कुलदीपसिंह झाला ने बताया कि, प्रशासन की ओर से गृह मंत्री शाह की यात्रा के लिए तैयारियां की गईं हैं। उन्होंने कहा कि, गृहमंत्री यहां केन्द्र व राज्य सरकार की ओर से मिलने वाले अनुदान के उपयोग के बारे में सरपंचों से जानकारी प्राप्त करेंगे। इसके बाद केंद्रीय गृहमंत्री के कच्छ स्थित माता आशापुरा के मंदिर में जाने की भी संभावना है। फिर वह दिल्ली लौटेंगे।

नई दिल्ली (शोर सन्देश)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण गुरुवार दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगी। वित्त मंत्रालय ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है। उम्मीद की जा रही है कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री धनतेरस के मौके पर कोई बड़ी घोषणा कर सकती है। भारत अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए इस हफ्ते कुल 1.5 लाख करोड़ रुपये के ताजा प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा करने की तैयारी कर रहा है।
सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अन्य शीर्ष अधिकारी नए प्रोत्साहन पैकेज से जुड़ी योजना को गुरुवार को अंतिम रूप दे सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि देश की अर्थव्यवस्था को ऐतिहासिक संकुचन से बाहर निकालने के लिए भारत सरकार इस दिशा में कदम उठा सकती है।
गौरतलब है कि बुधवार को मंत्रिमंडल ने करीब दो लाख करोड़ रुपये के उत्पादन आधारित प्रोत्साहन राशि (PLI) की घोषणा की थी। यह घोषणा 10 सेक्टर्स में मैन्युफैक्चरर्स के लिए पांच साल के लिए हुई है। इन सेक्टर्स में ऑटोमोबाइल और ऑटो पुर्जे, दूरसंचार, दवा, विशेष रसायन, पूंजीगत सामान, प्रौद्योगिकी उत्पाद, सफेद वस्तुएं, घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, नेटवर्किंग उत्पाद, टेक्सटाइल्स, एसी व एलईडी और उन्नत बैटरी सेल शामिल हैं।
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था में 23.9 फीसद का जबरदस्त संकुचन देखने को मिला था। वहीं, कई सर्वेक्षणों में चालू वित्त वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था में 10 फीसद से ज्यादा के संकुचन का अनुमान जताया गया है। इसी के चलते नए प्रोत्साहन पैकेज की मांग हो रही है।

नई दिल्ली(शोर सन्देश) देश में कोविड-19 के दैनिक मामलों में एक बार फिर बढ़ोतरी देखी जा रही है। पिछले 24 घंटे में कोरोना के 47,905 नए मामले रिपोर्ट किए गए हैं। वहीं, बुधवार को 44,281 मामले सामने आए थे। देश में संक्रमणमुक्त होने वाले मरीजों की संख्या 80 लाख को पार कर गई है। वहीं, कोविड-19 के सक्रिय मामले पांच लाख से नीचे बने हुए हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के 47,905 नए मामले सामने आए हैं। इस दौरान देश में कोविड-19 से 550 लोगों की मौत हुई है। देश में कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या 86,83,917 हो गई है।
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, कोरोना से संक्रमणमुक्त होने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 80,66,502 हो गई है। पिछले 24 घंटे में 52,718 मरीज उपचार के बाद ठीक हुए हैं और अस्पताल से घर लौटे हैं। देश में सक्रिय मामलों की संख्या पांच लाख से नीचे है।
आंकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना वायरस के सक्रिय मामलों की संख्या 4,89,294 है। इसमें पिछले 24 घंटे में 5,363 की कमी हुई है। वहीं, कोरोना के चलते जान गंवाने वाले मरीजों की संख्या 1,28,121 है।