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नीतीश कुमार 7वीं बार बनेंगे बिहार के मुख्यमंत्री, 16 नवंबर को लेंगे शपथ*

12-Nov-2020

पटना (शोर सन्देश) बिहार विधानसभा का रिजल्ट आने के बाद यह रोज चर्चा हो रही है की नीतीश कुमार कब सीएम पद की एक बार फिर से शपथ लेंगे। सूत्रों के हवाले से खबरें रही है उसमें 16 नवंबर बताया जा रहा है। इस दिन ही नीतीश कुमार बिहार के सातवीं बार सीएम पद की शपथ ले सकते हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को 125 सीटों पर जीत मिली है। बीजेपी को 74, जेडीयू को 43, हम को 4, वीआईपी को 4 सीटें मिली है। जेडीयू में विधायकों की संख्या कम होने के बाद ही नीतीश कुमार की सीएम बनेंगे। क्योंकि बीजेपी ने पहले ही इसकी घोषणा कर दी थी कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में फिर से एनडीए की सरकार बनेगी। उसकी घोषणा खुद पीएम मोदी कई बार कर चुके हैं।
00 कब-कब बने नीतीश कुमार सीएम

नीतीश कुमार 3 मार्च 2000 को पहली बार सीएम बने थे, लेकिन बहुमत के अभाव में 7 दिन में उनकी सरकार गिर गई। 24 नवंबर 2005 में दूसरी बार सीएम बने। 26 नवंबर 2010 में तीसरी बार सीएम बने, लेकिन 2014 में सीएम पद से इस्तीफा दिया। फिर 22 फरवरी 2015 को चौथी बार सीएम बने। 20 नवंबर 2015 को 5वीं बार और महागठबंधन से अलग होकर 27 जुलाई 2017 को 6वीं बार सीएम बने। अब सातवीं बार सीएम बनने की तैयारी हो चुकी है। 


तीन चरणों में एलएसी पर डटी चीनी फौज हटेगी पीछे, भारतीय सेना भी राजी*

11-Nov-2020

संवेदनशील स्थानों की यूएवी के जरिए होगी निगरानी
लद्दाख (शोर सन्देश) पिछले आठ महीनों से लद्दाख में एलएसी पर डटी हुई चीनी फौज तीन चरणों में पीछे हटने को राजी हो गई है। अगले एक हफ्ते में वह 30 परसेंट जवानों को पीछे ले जाने पर सहमति जता चुकी है।

पर भारतीय पक्ष अभी भी आशंकित है। यह वापसी मई 2021 तक पूरी होने की संभावना है। दोनों पक्षों द्वारा फौज हटाने की सहमति 6 नवंबर को कोर कमांडर स्तर पर चुशूल में बातचीत के दौरान हुई थी। अधिकारियों के मुताबिक, पहले दौर में दोनो देशों की आर्म्ड व्हीकल यानी कि तोप और टैंक एलओसी से पीछे जाएंगे।
दूसरे दौर में पेंगांग लेक के उत्तरी किनारे से दोनों देश अपनी सेना को पीछे हटाएंगे। चीन अपनी सेना को फिंगर 8 के पीछे यानी अपनी पुरानी जगह पर ले जाएगा और भारत अपनी सेना को धान सिंह थापा पोस्ट तक लेकर आएगा।
तीसरे स्टेप में पैंगांग के दक्षिणी इलाके से दोनों देशों की सेनाएं भी पीछे हटेगी। इस एरिया में भारतीय सेना ने ऊंचाई वाले रणनीतिक पोजीशन पर कब्जा कर रखा है और चीन ने अपनी पोजीशन मजबूत कर ली थी। हालांकि दोनों पक्षों ने यह भी तय किया है वो मिलकर यूएवी के जरिए इसकी निगरानी करेंगे। पर भारतीय पक्ष आशंका से इसलिए भरा हुआ है क्योंकि चीनी सेना की कथनी और करनी हमेशा पाक सेना की तरह अलग रही है। इसलिए भारतीय पक्ष इसको लेकर काफी सतर्क है।
दोनों पक्षों इसलिए भी इस योजना पर तैयार हुए हैं कि फिलहाल पूर्वी लद्दाख में चोटियों पर भारी बर्फबारी हो रही है। करीब 15-16 हज़ार की ऊंचाई पर तापमान माइनस 45 डिग्री तक चला जाता है। इससे दोनों देशों की सैनिको की परेशानी बढ़ सकती है अगर कुछ समाधान निकल जाता है तो सेना पहले की तरह अप्रैल -मई वाली अपनी पुरानी जगह पर चली जायेगी
अगर यह सहमति लागू होती है तो दोनों ओर की सेनाएं अप्रैल-मई वाली अपनी पुरानी स्थिति में वापस अपनी-अपनी जगहों पर लौट जाएंगी। सूत्रों के मुताबिक, मई 2021 तक यथास्थिति बहाल हो जाएगी और चीन सीमा के अग्रिम मोर्चों पर तैनात अपने 400 टैंकों को वापस ले लेगा।
दोनों देशों के बीच पिछले हफ्ते 6 नवंबर को चुशुल में 8वीं कोर कमांडर स्तर की बैठक हुई थी। इसी बैठक में तीन चरणों में पीछे हटने की योजना पर चर्चा की गई थी। सूत्रों ने बताया कि योजना को पैंगांग झील इलाके में हुई बातचीत से एक हफ्ते में पूरा किया जाएगा। इस योजना को तीन चरणों में बांटा गया है।
अधिकारियों की मानें तो योजना के पहले चरण में दोनों देशों की आर्म्ड वीकल यानी टैंक, तोपों और हथियारों से लैस सैन्य वाहनों को सीमा पर तैनाती से एलएसी से एक महत्वपूर्ण दूरी पर वापस ले जाया जाएगा। दोनों देशों के बीच हुई बातचीत के अनुसार, टैंक और सैन्य वाहन एक दिन के अंदर-अंदर वापस अपने स्थानों को भेजे जाएंगे। दोनों देशों के बीच 6 नवंबर को बैठक हुई थी जिसमें विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव नवीन श्रीवास्तव और सैन्य संचालन महानिदेशालय के ब्रिगेडियर घई ने हिस्सा लिया था।
दूसरे चरण के तहत, पैंगांग झील के उत्तरी किनारे पर दोनों ओर की सेनाएं वापस अपने स्थानों पर लौटेंगी। इसमें तीन दिनों तक रोजाना अपनी-अपनी सैन्य टुकड़ियों को 30 फीसदी तक हटाएंगी। इस चरण में भारतीय सेना धान सिंह थापा के प्रशासनिक पोस्ट के नजदीक वापस जाएगी जबकि चीनी सेना फिंगर 8 से पीछे अपनी पोजिशन पर वापस लौटने को राजी हुई है।
तीसरे और अंतिम चरण के अनुसार, दोनों ओर की सेनाएं चुशुल और रेजांग ला क्षेत्र के आसपास के इलाकों समेत पंगोंग झील क्षेत्र के दक्षिणी किनारे से अपनी वर्तमान स्थिति से वापस लौट जाएंगी। इस इलाके में भारतीय सेना ने ऊंचाई वाले इलाकों में कब्जा किया है जबकि चीन ने भी अपनी पोजिशन यहां मजबूत बना ली थी।

फिलहाल इस वापसी प्लान की सेना ने आधिकारिक घोषणा नहीं की है लेकिन इतना जरूर बताया जा रहा है कि इस योजना को लेकर चीनी सेना की मानसिकता को लेकर बहुत ही सावधानी बरती जा रही है। दरअसल चीनी सेना अभी तक पहले आप पहले आप पर ही अटकी हुई थी। 


2021 में एससीओ की 20वीं सालगिरह को भारत का पूरा सहयोग रहेगा : मोदी*

11-Nov-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) परिषद के सदस्य देशों के प्रमुखों का 20वां सम्मेलन वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित किया गया। बैठक की अध्यक्षता रूसी संघ के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। एससीओ के अन्य सदस्य देशों के राष्ट्रपति जबकि भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अपने-अपने देश का प्रतिनिधित्व किया। इसके अलावा एससीओ सचिवालय के महासचिव, एससीओ क्षेत्रीय आतंक रोधी तंत्र के कार्यकारी निदेशक के साथ-साथ 4 पर्यवेक्षक देशों अफगानिस्तान, बेलारूस, ईरान और मंगोलिया के राष्ट्रपति भी इस बैठक में शामिल हुए। वर्चुअल माध्यम से यह पहला एससीओ सम्मेलन है और 2017 में भारत के इस गुट के पूर्णकालिक सदस्य बनने के बाद तीसरा सम्मेलन है। एससीओ नेताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोविड-19 महामारी के चलते उपजी चुनौतियों और विपरीत स्थितियों के बीच इस बैठक को आयोजित करने के लिए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कोविड-19 महामारी के बाद के विश्व में सामाजिक और आर्थिक विषमताओं का मुकाबला करने के लिए तत्काल प्रभाव से बहुपक्षीय सुधार की आवश्यकता को रेखांकित किया। भारत, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अस्थाई सदस्य के रूप में 1 जनवरी, 2021 से वैश्विक प्रशासन व्यवस्था में अपेक्षित बदलाव के लिएबहुपक्षीय सुधारकी थीम पर अपना ध्यान केंद्रित करेगा। प्रधानमंत्री ने क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और संपन्नता के प्रति भारत की दृढ़ता को फिर दोहराया और आतंकवाद, हथियारों तथा नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी तथा मनी लॉन्ड्रिंग की चुनौतियों उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत के बहादुर सैनिक संयुक्त राष्ट्र संघ के लगभग 50 शांति मिशनों में शामिल हो चुके हैं और भारत का दवा उद्योग कोविड-19 के दौरान 150 से अधिक देशों को आवश्यक दवाओं की आपूर्ति कर रहा है। प्रधानमंत्री ने एससीओ सदस्य देशों वाले क्षेत्र में भारत के मजबूत सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों का रेखांकन किया और अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन कोरिडोर, चाबहार बंदरगाह और अश्गाबात समझौते जैसे क्षेत्र में बेहतर संपर्क के प्रति भारत की मजबूत प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने सदस्य देशों को आश्वस्त किया कि 2021 में आयोजित होने जा रही एससीओ की 20वीं सालगिरह को भारत का पूरा सहयोग रहेगा, जिसकी थीम होगीएससीओ ईयर ऑफ कल्चर साथ ही उन्होंने एससीओ को लेकर भारत में की गई पहलों का भी उल्लेख किया, जिसमें भारत के राष्ट्रीय संग्रहालय द्वारा साझा बौद्ध विरासत पर पहली प्रदर्शनी का आयोजन, अगले वर्ष भारत में एससीओ फूड फेस्टिवल का आयोजन और साहित्यिक प्रयास के क्रम में 10 क्षेत्रीय भाषाओं का रूसी और चीनी भाषा में अनुवाद शामिल है। प्रधानमंत्री ने एससीओ परिषद की अगली नियमित बैठक, जो कि 30 नवंबर, 2020 को वर्चुअल प्रारूप में होनी है, की मेजबानी के लिए भारत की तैयारी और तत्परता व्यक्त की। भारत ने सदस्य देशों के समक्ष नवाचार और उद्यम के लिएविशिष्ट कार्य समूहके गठन और पारंपरिक दवाओं पर एक उप-समूह के गठन का भी प्रस्ताव किया है। प्रधानमंत्री ने महामारी के बाद के विश्व के लिए भारत के विचारआत्मनिर्भर भारतके बारे में चर्चा की, जोकि वैश्विक अर्थव्यवस्था और एससीओ देशों की अर्थव्यवस्था को बल देने में अहम भूमिका निभा सकता है। प्रधानमंत्री ने ताजिकिस्तान गणराज्य के राष्ट्रपति इमोमाली रहमान के अगले वर्ष एससीओ के अध्यक्ष बनने के लिए बधाई दी और भारत की तरफ से पूरे सहयोग का आश्वासन दिया। 


सरकार पेंशनभोगी को जीवन में आत्मनिर्भर बनने में मदद कर रही : डॉ. जितेंद्र सिंह*

11-Nov-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग पेंशनभोगी के लिए डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र को बढ़ावा देकर इन्हें आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश कर रही है। इसे एक स्थान से सरल तरीके से दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इससे पहले कोविड-19 महामारी की वजह से जीवन प्रमाणपत्र को जमा करने में पेंशनभोगी को हो रही परेशानियों को देखते हुए सरकार ने इसे जमा करने की मौजूदा समय सीमा में ढील दी है। अब जीवन प्रमाणपत्र को एक नवंबर, 2020 से 31 दिसंबर, 2020 तक जमा किया जा सकता है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने डीओपीपीडब्ल्यू द्वारा यहां आयोजितकोविड-19 महामारी मेंविचारों और ध्यान की शक्तिपर ब्रह्म कुमारी सिस्टर शिवानी के आपसी संवाद सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी को देखते हुए वरिष्ठ नागरिकों के रूप में पेंशनभोगी सबसे कमजोर समूह है, इन्हें मदद के लिए चिकित्सकीय देखभाल और ऐसे कार्यक्रमों के अलावा सहयोग और दयाभाव की जरूरत है। इस तरह के कार्यक्रमों से इन्हें अपने मानसिक तनाव के स्तर से निपटने में मदद मिलेगी, जिससे पेंशनभोगी को शारीरिक बीमारी से बचाया जा सकेगा। जितेंद्र सिंह ने ब्रह्म कुमारी सिस्टर शिवानी द्वारा अपनी बात रखने की अटल शैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के पास समाज के लिए हमेशा बहुत कुछ होता है और उनके मूल्यवान अनुभव समाज में परिवर्तन ला सकते हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि हमारे पास आभार के रूप में सभी प्राचीन धर्मग्रंथों में जो आत्म साम्रागी है, ये खुशियों की कुंजी हैं। इसके अलावा विज्ञान ने भी इस बात को माना है कि मानसिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ होना बेहतर शारीरिक स्वास्थ्य और रोगों के खिलाफ प्रतिरक्षा की ओर ले जाता है। जीवन में सकारात्मकता के निर्माण पर ब्रह्म कुमारी सिस्टर शिवानी द्वारा दिए गए संबोधन का समर्थन करते हुए मंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी की अवधि में चिड़चिड़ापन पैदा करने वाले विचारों से खुद को मुक्त करने के लिए जीवन शैली में परिवर्तन जरूरी है। उन्होंने कहा कि हालिया वर्षों में भारत में औसत जीवन काल में वृद्धि हुई है, लेकिन किसी को जीवन को वर्षों में जोड़ना चाहिए कि वर्षों को जीवन में। इससे पहले कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रह्म कुमारी सिस्टर शिवानी ने कोविड-19 महामारी की इस अवधि में खुद को सकारात्मक विचारों से ऊर्जावान बनाए रखने और जैसे एक दीप से दूसरे दीप में ऊर्जा का प्रवाह होता है, ठीक उसी तरह दूसरे को भी ऊर्जावान बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अपने संस्कारों के माध्यम से केवल अपने भावनात्मक स्वास्थ्य का ध्यान रख सकते हैं, बल्कि घर और समाज में सभी की भावनात्मक सामर्थ्य को मजबूत करने में योगदान दे सकते हैं। बड़े पैमाने पर ये अपने परिवार और समाज के सभी युवा सदस्यों को बिना शर्त भावनात्मक समर्थन, स्थिरता, आशा और प्रेम देने वाले होते हैं। इस ऑनलाइन आयोजन में पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग के सचिव डॉ. छत्रपति शिवाजी और पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव संजीव नारायण माथुर के साथ अन्य अधिकारी और पेंशनभोगी के एसोसिएशनों के पदाधिकारी शामिल हुए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कोरोना महामारी के दौरान मानसिक स्वास्थ्य पर वरिष्ठ पेंशनभोगी को मजबूत बनाना था। डीओपीपीडब्ल्यू पेंशनभोगी के स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर अतिरिक्त प्रयास कर रहा है। इनमें पेंशनभोगी एसोसिएशनों की मदद से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूरे भारत से बड़ी संख्या में पेंशनभोगी को कोविड-19 पर परामर्श प्रदान करना, प्रतिरक्षा और संपूर्ण स्वास्थ्य में वृद्धि के लिए योग सत्र का संचालन करना शामिल है। 


बड़ी खबर : सूचना-प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत आएंगे सभी ऑनलाइन न्यूज और ओटीटी प्लेटफॉर्म*

11-Nov-2020

केंद्र ने जारी की अधिसूचना
नई दिल्ली (शोर सन्देश) केंद्र सरकार ने बुधवार को बड़ा कदम उठाते हुए ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टलों, ऑनलाइन कॉन्टेंट प्रोवाइडरों को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत लाने की अधिसूचना जारी की है। बता दें कि केंद्र सरकार ने इसके पहले सुप्रीम कोर्ट में एक मामले में वकालत की थी कि ऑनलाइन माध्यमों का नियमन टीवी से अधिक जरूरी है। लिहाजा अब सरकार ने ऑनलाइन माध्यमों से न्यूज़ या कॉन्टेंट देने वाले माध्यमों को मंत्रालय के तहत लाने का बड़ा फैसला लिया है।

बता दें कि वर्तमान में डिजिटल कंटेंट के नियमन के लिए कोई कानून या फिर स्वायत्त संस्था नहीं है। प्रेस आयोग प्रिंट मीडिया के नियमन, न्यूज चैनलों के लिए न्यूज ब्रॉडकास्टर्स असोसिएशन और एडवर्टाइज़िंग के नियमन के लिए एडवर्टाइज़िंग स्टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया है। जबकि फिल्मों के लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन है।
वहीं पिछले महीने शिर्ष अदालत ने ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर स्वायत्त नियमन की मांग वाली याचिका को लेकर केंद्र की प्रतिक्रिया मांगी थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में केंद्र सरकार, सूचना प्रसारण मंत्रालय और मोबाइल असोसिएशन ऑफ इंडिया को नोटिस भेजा था। इस याचिका में कहा गया था कि इन प्लेटफॉर्म्स के चलते फिल्ममेकर्स और आर्टिस्ट्स को सेंसर बोर्ड के डर और सर्टिफिकेशन के बिना अपना कंटेंट रिलीज करने का अवसर मिल गया है।

गौरतलब है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स, जैसे हॉटस्टार, नेटफ्लिक्स और अमेजन प्राइम पर प्रसारित हुई कई फिल्मों, सीरीज आदि पर विवाद हो चुका है। साथ ही ये भी मांग की जा रही थी इस पर निगरानी और विवादित कंटेंट पर अंकुश लगाने के लिए सरकार कोई कदम उठाए। 


बिहार में आई बहार, एनडीए ने किया कमाल : प्रकाश जावड़ेकर*

11-Nov-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित हो चुके हैं। एनडीए ने बहुमत का जादुई आंकड़ा पार किया है। जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने विपक्ष पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि बिहार में बहार आई है, एनडीए ने कमाल किया। बिहार और पूरे देश में पीएम मोदी के नेतृत्व में जिस तरह का भरोसा है- लोग देश की प्रगति चाहते हैं। लोगों ने विपक्षी दलों द्वारा की गई राजनीति को खारिज कर दिया है।

बता दें कि बिहार विधानसभा की सभी 243 सीटों में से एनडीए ने 125 सीटों के साथ बहुमत का आंकड़ा हासिल किया है। वहीं आरजेडी के नेतृत्व वाला विपक्षी महागठबंधन 110 सीटें मिली हैं। वहीं इस चुनाव में एआईएमआईएम ने 5, लोजपा 1, बसपा ने 1 एक सीट जीती है। एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार भी जीतने में सफल रहा है। 

एनडीए में शामिल भाजपा ने 74, जनता दल (यूनाइटेड) 43, विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) ने 4 और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) ने 4 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, विपक्षी महागठबंधन में शामिल राजद ने 74, कांग्रेस ने 19, भाकपा माले ने 12, भाकपा माकपा ने 2-2 सीटों पर जीत दर्ज की है। 


कोरोना अपडेट : 24 घंटे में सामने आए 44,281 नए मामले, 512 लोगों की गई जान*

11-Nov-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) देश में कोरोना के मामले तो लगातार सामने रहे हैं लेकिन अब इनमें कुछ स्थिरता देखने को मिल रही है। पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना वायरस के 44,281 नए मामले सामने आए हैं और कुल संक्रमण के मामले बढ़कर 86 लाख 36 हजार 12 पर जा पहुंचे हैं। देश में पिछले 24 घंटों में 512 लोगों ने कोरोना संक्रमण के कारण अपनी जान गंवाई है और कुल आंकड़ा देखें तो अब तक 12,75,71 लोग कोरोना संक्रमण के कारण अपनी जान से हाथ धो बैठे हैं।

देश में कोरोना के इस समय कुल 4 लाख 94 हजार 657 एक्टिव केस हैं और पिछले 24 घंटे में 6557 लोग इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं।
सोमवार को क्या था आंकड़ा 

भारत में कोविड-19 के 38074 नए मामले सामने आने के बाद रविवार को देश में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 85,91,731 हो गए। इनमें से 79 लाख से अधिक लोगों के संक्रमण मुक्त होने के साथ ही देश में मरीजों के ठीक होने की दर 92.64 प्रतिशत हो गई है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आकंड़ों के अनुसार रविवार को देश में संक्रमण से 448 और लोगों की मौत हो गई। देश में संक्रमण के कारण कल तक 1,27,059 लोगों की मौत हो चुकी थी। 


अर्नब को जेल या बेल, सुप्रीम कोर्ट आज देगा फैसला*

11-Nov-2020

नई दिल्ली (शोर सन्देश) आत्महत्या के लिए उकसाने के दो साल पुराने मामले में गिरफ्तार रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्बन गोस्वामी की अंतरिम जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज यानी बुधवार को सुनवाई है। सुप्रीम कोर्ट के जज धनन्जय वाई चंद्रचूड़ और जज इन्दिरा बनर्जी की पीठ अर्नब गोस्वामी की अंतरिम जमानत की अपील पर सुनवाई करेगी। दरअसल, रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक को अंतरिम जमानत देने से इनकार करने के बंबई उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ अर्नब की अपील दायर होने के कुछ घंटों के भीतर ही शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री ने इसे आज के लिए यानी 11 नवंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया। अधिवक्ता निर्निमेष दुबे के माध्यम से दायर इस अपील पर सुप्रीम कोर्ट सुबह साढ़े दस बजे सुनवाई करेगा।

बंबई उच्च न्यायालय ने नौ नवंबर को अर्नब गोस्वामी और दो अन्य को अंतरिम जमानत देने से इनकार करते हुए कहा था कि उन्हें राहत के लिए निचली अदालत जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि अगर आरोपी अपनी `गैरकानूनी गिरफ्तारी` को चुनौती देते हैं और जमानत की अर्जी दायर करते हैं तो संबंधित निचली अदालत चार दिन के भीतर उस पर निर्णय करेगी। अर्णब ने शीर्ष अदालत में दायर अपील में महाराष्ट्र सरकार के साथ ही अलीबाग थाने के प्रभारी, मुंबई के पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह को भी पक्षकार बनाया है।
इस बीच, महाराष्ट्र सरकार ने भी अपने अधिवक्ता सचिन पाटिल के माध्यम से न्यायालय में कैविएट दाखिल की है ताकि उनका पक्ष सुने बगैर गोस्वामी की याचिका पर कोई आदेश नहीं दिया जाये। महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के अलीबाग थाने की पुलिस ने चार नवंबर को, इंटीरियर डिजायनर की कंपनी की बकाया राशि का कथित रूप से भुगतान नहीं करने के कारण अन्वय नाइक और उनकी मां को कथित रूप से आत्महत्या के लिये बाध्य करने के मामले में, अर्नब को गिरफ्तार किया था।
उच्च न्यायालय का अंतरिम राहत के मामले में फैसला आने से पहले ही अर्नब ने अपनी नियमित जमानत के लिए अलीबाग की सत्र अदालत में आवेदन दायर कर दिया था। उच्च न्यायालय ने गोस्वामी और दो अन्य आरोपियों फिरोज शेख और नितीश सारदा की अंतरिम जमानत के आवेदन अस्वीकार करते हुये कहा था कि यह असाधारण अधिकार क्षेत्र के इस्तेमाल का कोई मामला नहीं बनता है। यह प्राथमिकी निरस्त करने के लिये दायर याचिका पर उच्च न्यायालय 10 दिसंबर को सुनवाई करेगा।
अर्नब गोस्वामी सहित तीनों आरोपियों को चार नवंबर को देर रात एक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया था जिन्होंने उन्हें पुलिस हिरासत में देने से इंकार करते हुये 18 नवंबर तक के लिये न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। अर्बन गोस्वामी को शुरू में अलीबाग जेल के लिए बनाये गये कोविड-19 सेंटर में रखा गया था लेकिन कथित रूप से मोबाइल इस्तेमाल करते पाये जाने के कारण उन्हें रायगढ़ की तलोजा जेल शिफ्ट कर दिया गया।

इस बीच, रिपब्लिक टीवी के कंसल्टिंग संपादक प्रदीप भंडारी ने रविवार को प्रधान न्यायाधीश एस बोबडे को एक पत्र लिखकर गोस्वामी को तलोजा जेल स्थानांतरित किये जाने और खतरनाक अपराधियों के बीच रखे जाने का संज्ञान लेने और उन्हें सुरक्षा प्रदान करने का आग्रह किया था। उनका कहना था कि अर्नब गोस्वामी की जान को खतरा है और उन्हें रविवार की सुबह पीटा गया है। 


नीतीश कुमार ने बुलाई बैठक, करेंगे ये बड़ा फैसला*

11-Nov-2020

पटना (शोर सन्देश) नीतीश कुमार ने पार्टी के बड़े नेताओं को 11 बजे मुख्यमंत्री आवास बुलाया है। नीतीश उन सभी नेताओं के साथ बैठक करेगें और उसके बाद राज्यपाल से समय मांगेंगे। मिली जानकारी के अनुसार, नीतीश कुमार गठबंधन के साथियों के साथ राजभवन जाकर सरकार बनाने का दावा करेगें। ऐसा माना जा रहा है की शपथ ग्रहण दीपावली के बाद और छठ के बीच होगा।

बिहार के चुनाव नतीजों में एनडीए को बहुमत मिलने के बाद अब सीएम पद पर नीतीश कुमार को लेकर भी चर्चा शुरु हो गई है। बीजेपी के नेता अब बिहार में अपनी पार्टी का मुख्यमंत्री बनाने की मांग करने लगे हैं। बीजेपी एससी मोर्चा के अध्यक्ष अजित चौधरी ने कहा है कि नतीजों से साफ है कि एक ही नेता के प्रति एंटी इनकंबेसी है। जनता की भावनाओं का ख्याल रखते हुए बीजेपी को अपना मुख्यमंत्री बनाना चाहिए।
वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने नीतीश कुमार को संघ और भाजपा का साथ छोड़ने की नसीहत दी है। उनका कहना है कि देश को बर्बाद होने से बचाने के लिए नीतीश कुमार को भाजपा और संघ का साथ छोड़ तेजस्वी का साथ देना चाहिए।
दिग्विजय सिंह पर जेडीयू नेता संजय सिंह ने पलटवार किया है। संजय सिंह ने कहा है कि एमपी में दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस को तो साफ ही कर दिया है, वे अपना ज्ञान कांगेस को दें, हमें दें।
बता दें कि भारतीय जनता पार्टी-जेडीयू गठबंधन ने बिहार में सत्ता बरकरार रखी है। जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष नीतीश कुमार अगले पांच साल तक क्षेत्र में सरकार का नेतृत्व करेंगे। भाजपा ने इस बार पर्याप्त बढ़त हासिल की है, लेकिन नीतीश कुमार की जेडीयू को जनता के गुस्से का सामना करना पड़ा। भाजपा ने 74 सीटें हासिल की हैं, जबकि जदयू सिर्फ 43 की पा सकी। वहीं एनडीए गठबंधन की दूसरी पार्टी जूनियर पार्टनर हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और विकाससेल इन्सान ने 4-4 सीटें जीती हैं।

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने बिहार 243 सीटों वाले विधानसभा चुनावों में 125 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत हासिल किया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) अकेली सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, लेकिन कांग्रेस और महागठबंधन केवल 110 सीटें जीतने में सफल रहा। बिहार की मतगणना पूरी होने में 19 घंटे लगे। 


बिहार विस की वो सीटें, जहां एक हजार से कम वोटों के अंतर से हुआ विजेता का फैसला*

11-Nov-2020

पटना (शोर सन्देश) मंगलवार को आए बिहार चुनाव के नतीजों में एनडीए को 125 सीटों के साथ बहुमत मिला है। आरजेडी की अगुवाई वाले महागठबंधन ने भी हालांकि 110 सीटों पर जीत दर्ज कर एनडीए को कड़ी चुनौती दी। देर रात तक सामने आए नतीजों में 8 सीटें ऐसी रही जहां जीत का अंतर 1 हजार वोट से भी कम रहा।

बरबीघा की सीट पर जेडीयू के उम्मीदवार सुदर्शन कुमार ने कांग्रेस के गजानन शाही को महज 113 वोट से हराया। भोरे सीट पर भी उम्मीदवारों के बीच जीत-हार का अंतर सिर्फ 462 वोट का रहा। भाजपा के सत्य नारायण सिंह ने आरजेडी के उम्मीदवार को डेहरी सीट पर सिर्फ 464 वोट के अंतर से हराया।
इनके अलावा बखरी की सीट पर जीत हार का अंतर 717 रहा, जबकि रामगढ़ में सिर्फ 189 वोट से उम्मीदवार की जीत तय हुई। कुढ़नी विधानसभा सीट पर 712 वोट के अंतर से जीत तय हुई। वहीं मटिहानी में 313 और चकई में 581 वोट के अंतर से विजेता का फैसला हुआ।
00 12 वोट से जेडीयू उम्मीदवार को मिली जीत
सबसे कम वोट वाली जीत हिसला विधानसभा क्षेत्र में देखने को मिली, जहां जेडीयू के उम्मीदवार कृष्ण मुरारी ने आरजेडी के शक्ति सिंह को सिर्फ 12 वोट से मात दी। इस सीट पर विजेता को लेकर आरजेडी का विरोध भी देखने को मिला।

इनके अलावा बछवाड़ा की सीट पर जीत और हार का अंतर 699 रहा, जबकि परबत्ता की सीट पर महज 951 वोट के अंतर से विजेता का फैसला हुआ। 




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