
नई दिल्ली (शोर संदेश)। आर्थिक परेशानी से श्रीलंका में जूझ रहे प्रदर्शनकारियों ने अंतत: आज सारी सीमाए लांघ दी और खुद ही निर्णय ले लिया। शनिवार को हिंसक भीड़ ने राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के आवास पर कब्जा कर लिया। इसके बाद राष्ट्रपति राजपक्षे अपने आवास को छोड़कर भाग निकले। इतना ही नहीं प्रदर्शनकारियों ने सांसद रजिता सेनारत्ने के घर पर भी हमला किया है। बता दें कि इससे पहले 11 मई को तत्कालीन प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे पूरी परिवार के साथ भाग गए थे। उग्र भीड़ ने कोलंबो में राजपक्षे के सरकारी आवास को घेर लिया था। बताया जा रहा है कि कोलंबो स्थित राष्ट्रपति आवास को प्रदर्शनकारियों ने दोपहर में घेर लिया था। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने राजपक्षे के आधिकारिक आवास पर जमकर तोड़फोड़ भी की और आवास पर कब्जा कर लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने राष्टपति भवन में तोड़फोड़ की। बेड और सोफा सेट पर लेटकर सेल्फी ली। कई बेड पर आराम फरमाते देखे गए। वहीं स्वीमिंग पूल में घूसकर नहाने लगे। बता दें कि श्रीलंका में बिगड़ते आर्थिक संकट के बीच राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के इस्तीफे की मांग को लेकर आज सरकार विरोध रैली चल रही है। उधर, श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने स्थिति पर चर्चा करने और त्वरित समाधान के लिए पार्टी नेताओं की आपात बैठक बुलाई है। प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे ने स्पीकर से संसद सत्र बुलाने की अपील की है। श्रीलंका पोदुजाना पेरामुना (एसएलपीपी) के 16 सांसदों ने एक पत्र में राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे से तत्काल इस्तीफा देने का अनुरोध किया है। उधर, रैली के दौरान श्रीलंका की पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हो गई। हिंसक झड़पों में 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबर है। घायलों को राष्ट्रीय अस्पताल कोलंबो ले जाया गया है। शुक्रवार को श्रीलंका में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया गया था। सेना को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस प्रमुख चंदना विक्रमरत्ने ने कहा कि राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में शुक्रवार रात नौ बजे से कर्फ्यू लगा दिया गया है। उन्होंने बताया कि हजारों सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को सत्ता से हटाने के लिए शुक्रवार को कोलंबो में प्रवेश किया था जिसके बाद कर्फ्यू का फैसला लिया गया।

नई दिल्ली (शोर संदेश)। अफगानिस्तान के पूर्वी इलाके पाकटिका में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। वहां की स्थानीय मीडिया के अनुसार, भूकंप के कारण 155 लोगों की मौत हो गई। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.1 मापी गई। आपदा प्रबंधन अधिकारियों की ओर से मिली जानकारी के अनुसार इस भूकंप में अधिक नुकसान पाकटिका में हुआ है। तालिबानी प्रशासन के आपदा प्रबंधन अथारिटी के प्रमुख मोहम्मद नसीम हक्कानी ने बताया कि प्रभावित इलाकों में राहत व बचाव कार्य जारी है।
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नई दिल्ली (शोर संदेश)। भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक डॉ. आरती प्रभाकर को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपना शीर्ष वैज्ञानिक सलाहकार नियुक्त किया है। डॉ. प्रभाकर व्हाइट हाउस के ‘ऑफिस ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (OSTP) की प्रमुख बनाई गई हैं।अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने मंगलवार को डॉ. प्रभाकर को ओएसटीपी के निदेशक के रूप में नामित किया। अमेरिकी सीनेट की पुष्टि के बाद वह पहली महिला, अप्रवासी और अश्वेत होंगी जो ओएसटीपी का नेतृत्व करेंगी। प्रभाकर की नियुक्ति करते हुए बाइडन ने कहा कि वह एक शानदार और बेहद सम्मानित इंजीनियर और व्यावहारिक भौतिक विज्ञानी हैं। हमारी संभावनाओं का विस्तार करने, हमारी सबसे मुश्किल चुनौतियों को हल करने और असंभव को संभव बनाने के लिए तथा विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार का लाभ उठाने के लिए वह विज्ञान और प्रौद्योगिकी नीति कार्यालय का नेतृत्व करेंगी। प्रसिद्ध भौतिकी वैज्ञानिक डॉ. आरती प्रभाकर एरिक लैंडर का स्थान लेंगी। 34 वर्षीय डॉ. प्रभाकर इसके पूर्व 1993 में तत्कालीन क्लिंटन प्रशासन ने राष्ट्रीय मानक और प्रौद्योगिकी संस्थान (NIST) के प्रमुख के रूप में चुना था। इसके बाद ओबामा प्रशासन ने प्रभाकर को डिफेंस एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी (DARPA) का प्रमुख बनाया था। सीनेट से पुष्टि के बाद डॉ. प्रभाकर विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए राष्ट्रपति की सहायक, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए राष्ट्रपति के मुख्य सलाहकार और विज्ञान व प्रौद्योगिकी पर राष्ट्रपति की सलाहकार परिषद की सह-अध्यक्ष तथा बाइडन मंत्रिमंडल की सदस्य होंगी।
दिल्ली में जन्मीं, टेक्सास में पली बढ़ीं
डॉ. आरती प्रभाकर का जन्म दिल्ली में हुआ था। उनका बचपन और शुरुआती पढ़ाई टेक्सास में हुई। 1984 में कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से पीएचडी करने के बाद वह संघीय सरकार के लिए काम करने चली गईं। उन्होंने 30 जुलाई 2012 से 20 जनवरी 2017 तक यूनाइटेड स्टेट्स डिफेंस एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी (DARPA)की प्रमुख की जिम्मेदारी संभाली। वह एक गैर-लाभकारी संगठन एक्चुएट (Actuate) की संस्थापक और सीईओ हैं। उन्होंने 1993 से 1997 तक राष्ट्रीय मानक और प्रौद्योगिकी संस्थान (NIST) का नेतृत्व किया और इसकी प्रमुख बनने वाली पहली महिला रहीं।

जिनेवा (शोर संदेश)। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल विश्व व्यापार संगठन के आज से शुरू हो रहे बारहवें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए स्विट्जरलैंड के जिनेवा पहुंच गये हैं। यह सम्मेलन करीब पांच वर्षं के अंतराल के बाद हो रहा है। श्री गोयल सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। एक ट्वीट में, श्री गोयल ने कहा कि बारहवें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में भारत का प्रयास रहेगा कि वार्ताओं के सकारात्मक और न्यायसंगत परिणाम प्राप्त हों। उन्होंने आशा व्यक्त कि सम्मेलन में समाज के कमजोर वर्गों को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर भारत की चिंताओं का समाधान होगा।
इस वर्ष सम्मेलन में कई विषयों पर चर्चा और वार्ता होगी। इनमें कोविड महामारी पर विश्व व्यापार संगठन की प्रतिक्रिया, मत्स्य पालन सब्सिडी वार्ता और खाद्य सुरक्षा के लिए सार्वजनिक भंडार व्यवस्था सहित कृषि से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।

लंदन (शोर संदेश)। ब्रिटेन में पहली बार दिए जा रहे ‘वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल’ (विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्कूल) पुरस्कारों की जारी शीर्ष 10 की सूची में पांच भारतीय स्कूलों को शामिल किया गया है। समाज की प्रगति के क्षेत्र में दिए गए योगदान के लिए ब्रिटेन में ढाई लाख डॉलर के इन पुरस्कारों की घोषणा की गई है। मुंबई स्थित एसकेवीएम के सीएनएम स्कूल और नयी दिल्ली के लाजपत नगर-3 के एसडीएमसी प्राथमिक स्कूल को ‘वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल प्राइज फॉर इनोवेशन’ श्रेणी के शीर्ष 10 की सूची के लिए चयनित किया गया है। इसके अलावा ‘कम्युनिटी कोलैबोरेशन’ (सामुदायिक सहयोग) श्रेणी के शीर्ष 10 की सूची में मुंबई के खोज स्कूल और पुणे के बोपखेल में स्थित पीसीएमसी इंग्लिश मीडियम स्कूल को शामिल किया गया है। हावड़ा के समारितन मिशन स्कूल (हाई) को विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्कूलों की सूची में ‘ओवरकमिंग एडवर्सिटी’ श्रेणी की सूची में जगह मिली है। टी4 एजुकेशन और ‘वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल’ पुरस्कार के संस्थापक विकास पोटा ने कहा, कोविड के कारण स्कूल और विश्वविद्यालयों के बंद होने से डेढ़ अरब से ज्यादा छात्र प्रभावित हुए। संयुक्त राष्ट्र ने महामारी से पहले ही चेतावनी दी थी कि वैश्विक शिक्षा संकट गहरा सकता है क्योंकि 2030 तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में पहले से ही विलंब हो रहा था। उन्होंने कहा, हमने व्यवस्थागत बदलाव लाने के उद्देश्य से जमीनी स्तर पर समाधान निकालने के लिए वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल पुरस्कारों की शुरुआत की है। छात्रों के जीवन में परिवर्तन लाने और प्रेरणा देने वाले स्कूलों की कहानी बताकर शिक्षा में बदलाव लाया जा सकता है। ब्रिटेन स्थित डिजिटल मीडिया मंच टी4 एजुकेशन द्वारा वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल पुरस्कारों की शुरुआत की गई है। संबंधित श्रेणियों में अंतिम विजेताओं की घोषणा इस साल अक्टूबर में की जाएगी। पांच पुरस्कार विजेताओं के बीच ढाई लाख डॉलर का पुरस्कार बराबर बांटा जाएगा और प्रत्येक विजेता को 50 हजार डॉलर का पुरस्कार मिलेगा।

वियतनाम (शोर संदेश)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को वियतनाम को 12 तेज गति वाली तटरक्षक नौकाएं सौंपी। इन नौकाओं का निर्माण भारत द्वारा वियतनाम को दी गई 10 करोड़ डॉलर की ऋण सहायता के तहत किया गया है। राजनाथ ने अपने वियतनाम दौरे के दूसरे दिन होंग हा पोत कारखाने में आयोजित एक समारोह में यह अत्याधुनिक तटरक्षक नौकाएं(हाई-स्पीड गार्ड बोट) सौंपीं। यह नौकाएं ऐसे समय में वियतनाम को सौंपी गयी हैं जब दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में बीजिंग की बढ़ती सैन्य गतिविधियों से निपटने के लिए दोनों पक्षों के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ रहा है।
रक्षा मंत्री आठ से 10 जून तक वियतनाम के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। रक्षा मंत्री ने इस अवसर पर कहा, भारत द्वारा 10 करोड़ अमेरिकी डालर की रक्षा ऋण सहायता के तहत 12 अत्याधुनिक तटरक्षक नौकाओं के निर्माण की परियोजना के सफल समापन के अवसर पर इस ऐतिहासिक समारोह में शामिल होकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। शुरुआती पांच नौकाओं का निर्माण भारत में एलएंडटी शिपयार्ड में किया गया था जबकि शेष सात को होंग हा पोत कारखाने में बनाया गया था। सिंह ने कहा, मुझे विश्वास है कि यह सहयोग भारत और वियतनाम के बीच कई और सहकारी रक्षा परियोजनाओं का अग्रदूत साबित होगा।

न्यूयॉर्क/नई दिल्ली (शोर संदेश)। अमेरिका में एक अध्ययन के दौरान इम्यूनोथेरेपी की नई दवा से रेक्टल कैंसर के सभी 18 मरीज पूरी तरह ठीक हो गए। छह महीने के कोर्स के बाद किसी भी मरीज की जांच में ट्यूमर सामने नहीं आया। कुछ मरीजों को दो साल का समय हो चुका है और अब तक कैंसर का कोई लक्षण नहीं उभरा है। न्यूयॉर्क स्थित एमएसके कैंसर सेंटर के डा. लुइस ए डियाज जूनियर के नेतृत्व में हुए इस अध्ययन के नतीजे न्यू इंग्लैंड जर्नल आफ मेडिसिन में प्रकाशित किए गए हैं।
विज्ञानियों का कहना है कि भले ही 18 मरीजों पर किया गया यह अध्ययन छोटा है, लेकिन इसके नतीजे बहुत उत्साहजनक हैं। भविष्य में इससे विभिन्न प्रकार के कैंसर के सटीक इलाज की राह निकल सकती है। अध्ययन के दौरान सभी मरीजों को चेकप्वाइंट इनहिबिटर कही जाने वाली दवा डोस्टारलिमैब दी गई। छह माह तक हर तीसरे हफ्ते एक खुराक दी गई। डोज पूरी होने के बाद जब जांच की गई तो किसी भी मरीज में कैंसर का लक्षण नहीं बचा था। अध्ययन से पहले यह माना जा रहा था कि शायद कुछ मरीजों को बाद में कीमोथेरेपी या अन्य दवा की जरूरत पड़े, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अध्ययन में शामिल किए गए सभी मरीजों का कैंसर शुरुआती स्टेज में था, यानी उसका शरीर के दूसरे अंगों तक फैलना शुरू नहीं हुआ था।
दवा ऐसे करती है काम
कैंसर कोशिकाएं स्वयं को शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) से छिपाने में सक्षम होती हैं। उनकी इसी खूबी के कारण शरीर में ट्यूमर बनता है। यह दवा कैंसर की कोशिकाओं से उस पर्दे को हटा देती हैं और हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली उन्हें आसानी से देख पाती है। इसके बाद हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली ही उन कैंसर कोशिकाओं को नष्ट कर देती है। इसीलिए इस प्रक्रिया को इम्यूनोथेरेपी कहा जाता है।
पांच साल पहले एक परीक्षण से बंधी थी उम्मीद
2017 में फार्मा कंपनी मर्क ने डा. लुइस डियाज के नेतृत्व में ही अपनी चेकप्वाइंट इनहिबिटर दवा पेमब्रोलिजुमैब का परीक्षण किया था। उस दौरान ऐसे मरीजों को शामिल किया गया था, जिनमें मेटास्टेटिक कैंसर था यानी कैंसर शरीर के कई अंगों में फैल चुका था। दो साल तक दवा लेने से करीब आधे मरीजों में ट्यूमर छोटा हो गया या उसका प्रसार रुक गया था। 10 प्रतिशत मरीजों में कैंसर खत्म हो गया था। इसी नतीजे को देखकर डा. डियाज ने सोचा था कि यदि एक ही अंग में फैले कैंसर पर दवा का प्रयोग करें, तो क्या नतीजा मिलेगा? इसी विचार के साथ उन्होंने फार्मा कंपनी ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन के साथ मिलकर अध्ययन को पूरा किया।
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नई दिल्ली (शोर संदेश)। हत्या या किसी अन्य अपराध में आपने आरोपी को सजा पाते हुए तो देखा ही होगा, लेकिन अब तक सजा इंसानो को ही मिलती थी। पहली बार ऐसा हुआ है कि एक मामले में अदालत ने एक जानवर यानी भेड़ को सजा सुनाई है। महिला की हत्या की दोषी भेड़ को तीन साल कैद की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा भी अदालत ने कई तरह की शर्तें रखी हैं। मामला अफ्रीकी देश सूडान का है। यहां एक भेड़ पर महिला की हत्या करने का आरोप था। अदालत ने भेड़ को हत्या का दोषी पाया और भेड़ समेत उसके मालिक को भी सजा सुनाई। सूडान में एक भेड़ ने 40 वर्षीय महिला पर हमला किया और उसे मौत के घाट उतार दिया। जानकारी के मुताबिक, भेड़ के हमले से महिला जमीन पर गिर गई। इसके बाद भेड़ अपने सींगों से उस पर वार करती रही। भेड़ ने तब तक वार किए जब तक महिला की मौत नहीं हो गई। इसके बाद मृतक के परिजनों ने अदालत का रुख किया। अदालत ने भेड़ के मालिक को तो जेल की सजा नहीं सुनाई, लेकिन भेड़ को कैंप में भेज दिया। वह वहां तीन साल तक रहेगी, इसके बाद जब वह छूटकर बाहर आएगी तो उसे मृतक महिला के परिवार वालों को सौंप दिया जाएगा। इसके अलावा अदालत ने भेड़ के मालिक को पांच गाय खरीदकर मृतक के परिजनों को देने का आदेश दिया है।

वाशिंगटन (शोर संदेश)। अमरीका के राष्ट्रपति जो. बाइडेन ने कहा है कि यदि चीन ताइवान पर हमला करता है तो अमरीका सैन्य हस्तक्षेप करेगा। उन्होंने कहा कि यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद ताइवान की सुरक्षा सुनिश्चित करने का दायित्व अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। दशकों में अमरीका के किसी राष्ट्रपति की ओर से यह सर्वाधिक सशक्त बयान है।
अमरीका पारम्परिक रूप से ताइवान को सीधे सुरक्षा गारंटी मुहैया कराने से बचता रहा है। ताइवान के साथ अमरीका का कोई रक्षा समझौता नहीं है। वर्ष 1979 के ताइवान संबंध अधिनियम के अनुसार अमरीका को चीन के हमला करने की स्थिति में ताइवान की रक्षा के लिए सैन्य हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है। हालांकि यह संधि अमरीका को, ताइवान की सुरक्षा के लिए संसाधन सुनिश्चित करने में मदद करने और चीन द्वारा ताइवान की स्थिति में कोई एकतरफा बदलाव करने से रोकने का अधिदेश करती है।

टोक्यो ( शोर संदेश ) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (सोमवार को) जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचे। पीएम मोदी टोक्यो क्वाड शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए जापान पहुंचे हैं। टोक्यो में आगमन के बाद प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, ‘टोक्यो में उतर चुका हूं। इस यात्रा के दौरान क्वाड शिखर सम्मेलन सहित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लूंगा, इसके अलावा क्वाड नेताओं से मुलाकात होगी, जापानी व्यापार जगत के नेताओं और भारतीय प्रवासियों के साथ बातचीत होगी।’
इससे पहले पीएम मोदी ने रविवार को कहा कि क्वाड समिट के दौरान नेताओं को एक बार फिर आपसी हित के विभिन्न पहलों और मुद्दों पर चर्चा करने का मौका मिलेगा। अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे। वार्ता में यूक्रेन की स्थिति पर निरंतर चर्चा के साथ एक ‘रचनात्मक और सीधा’ संवाद भी होने वाला है।
भारतीय प्रवासियों ने किया गर्मजोशी से स्वागत
प्रधानमंत्री मोदी का टोक्यो,जापान में भारतीय प्रवासियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। पीएम मोदी के आगमन पर ‘भारत माता की जय’ और ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगे। बता दें कि वह आज यानी सोमवार को 23 मई से शुरू हो रहे अपने 2 दिवसीय दौरे के हिस्से के रूप में क्वाड लीडर्स समिट में भाग लेंगे।
पीएम मोदी ने बच्चों से की मुलाकात
टोक्यो में होटल के आगमन पर पीएम मोदी की मुलाकात एक जापानी बच्चे से हुए, बच्चे ने अपना परिचय हिंदी में दिया, जिसे सुनकर पीएम मोदी ने पूछा कि वाह! आपने हिंदी कहां से सीखी। आप इसे अच्छी तरह से जानते हैं। कुछ भारतीय बच्चों ने पीएम मोदी से आटोग्राफ भी लिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का न्यू ओटानी में भारतीय प्रवासियों से जोरदार स्वागत किया गया। यात्रा के दौरान इसी होटल में ठहरेंगे पीएम मोदी। होटल में ‘हर हर मोदी’, ‘मोदी मोदी’, ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे गूंज रहे थे और प्रधानमंत्री को देखकर भारतीय मूल के लोग खुशी से झूम उठे और भारत के झंडे लहराए। होटल में कई बच्चे अपने माता-पिता के साथ प्रधानमंत्री के आगमन पर हाथ लहराते हुए मौजूद थे। गौरतलब है कि बच्चों को अलग-अलग भाषाओं में लिखे शब्द ‘वेलकम’ के साथ तख्तियां पकड़े हुए देखा गया।
इस बीच, जापान में भारतीय समुदाय पहले से ही सैतामा प्रान्त के कावागुची शहर में पीएम मोदी के स्वागत के लिए तैयार है। बंगाली भारतीय समुदाय के सचिव रमेश कुमार पांडे ने कहा कि आज लगभग 100-150 लोग पीएम मोदी का स्वागत करेंगे। पांडे ने कहा, ‘पीएम मोदी का स्वागत करीब 100-150 लोग जमा होंगे। जिस होटल में वे ठहरे हैं, उसके सामने एक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। पांडे ने आगे कहा कि पीएम मोदी ने विदेशों में भारत का कद बढ़ाया है। आजकल हर कोई यूक्रेन के संदर्भ में भारत की ओर देख रहा है।
भारतीय मूल के लोगों ने कहा कि जापान में पीएम मोदी का स्वागत करते हुए हमें बेहद खुशी हो रही है। लोगों ने आगे कहा कि उनकी ऊर्जा संक्रामक है, जिन्होंने हमें हर जगह गौरवान्वित किया है।’
बता दें कि जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के निमंत्रण पर आज यानी सोमवार से शुरू होने वाले अपने 2-दिवसीय दौरे के हिस्से के रूप में क्वाड लीडर्स समिट में भाग लेने के लिए पीएम मोदी टोक्यो पहुंचे हैं।
भारत में निवेश को और बढ़ावा देने के लिए पीएम मोदी का यह दौरा बेहद अहम होने वाला है। जापानी कारोबारी के साथ प्रधानमंत्री मोदी की व्यस्तताओं पर एक संक्षिप्त जानकारी देते हुए जापान में भारतीय राजदूत संजय कुमार वर्मा ने कहा कि टोक्यो नई दिल्ली में अवसरों के बारे में उत्साहित है। पीएम मोदी और उनके जापानी समकक्ष फुमियो किशिदा की भारत में सार्वजनिक, निजी और वित्त पोषण के माध्यम से पांच ट्रिलियन जापानी येन निवेश की महत्वाकांक्षा है। जापान भारत में अवसरों के बारे में बहुत उत्साहित है। विशेष रूप से पीएलआई योजना योजनाओं के बारे में। इसलिए उन्हें हमें बेहतर ढंग से समझने की जरूरत है। मार्च 2022 में जब दोनों देशों के प्रधानमंत्री इस साल नई दिल्ली में 14वें शिखर सम्मेलन में मिले, तो उन्होंने पांच ट्रिलियन जापानी येन को सार्वजनिक, निजी और वित्तपोषण मोड के माध्यम से भारत में निवेश करने की महत्वाकांक्षा थी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखलाओं के विविधीकरण के लिए क्वाड लीडर भी पहल करेंगे और उन पर खास चर्चा करेंगे।