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बाबा रामदेव और पतंजलि से आखिर क्या गलती हुई, जो माफी भी स्वीकार नहीं कर रहा सुप्रीम कोर्ट

11-Apr-2024
नई दिल्ली  ( शोर सन्देश ) । योग गुरु बाबा रामदेव और पतंजलि आयुर्वेद के एमडी बालकृष्ण को सुप्रीम कोर्ट उस समय बड़ा झटका लगा जब कोर्ट ने बिना शर्त माफी मांगने वाले उनके हलफनामे को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इस मामले की अगली सुनवाई अब 16 अप्रैल को होगी। देश की सर्वोच्च अदालत ने इस मुद्दे पर निष्क्रियता के लिए राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरण को भी कड़ी फटकार लगाई और कहा कि वह इसे हल्के में नहीं लेगी। वहीं, कानून का उल्लंघन करने के लिए पतंजलि आयुर्वेद के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रहने के लिए उत्तराखंड सरकार की भी आलोचना की है।
किसने किया था पतंजली पर केस?
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने अगस्त 2022 में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। पतंजलि ने एक वितज्ञापन दिया था, जिसमें कहा था कि एलोपैथी, फार्मा और मेडिकल उद्योग द्वारा गलतफहमियों से खुद को और देश को बचाएं। बाबा रामदेव ने एलोपैथी को ‘बेवकूफ और दिवालिया विज्ञान’ कहा था। उन्होंने दावा किया था कि एलोपैथिक दवा कोविड-19 से होने वाली मौतों के लिए जिम्मेदार है। आईएमए ने दावा किया कि पतंजलि के कारण भी लोग वैक्सीन लगवाने से हिचकिचा रहे थे।
पहली सुनवाई में क्या-क्या हुआ?
इस मामले पर पहली सुनवाई 21 नवंबर 2023 को हुई थी। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अमानुल्लाह ने मौखिक रूप से पतंजलि को यह दावा करने के लिए चेतावनी दी कि उनके उत्पाद बीमारियों को पूरी तरह से ठीक कर सकते हैं। इसके अलावा, प्रत्येक उत्पाद पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने की धमकी दी थी। पतंजलि का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता साजन पूवैया ने कोर्ट से कहा था कि किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं किया जाएगा।
फिर से क्यों खुला मामला?
15 जनवरी, 2024 को सुप्रीम कोर्ट को झूठे और भ्रामक विज्ञापनों के निरंतर प्रकाशन के संबंध में भारत के मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति अमानुल्लाह को संबोधित एक गुमनाम पत्र मिला। इस पर ध्यान देते हुए 27 फरवरी को जस्टिस हेमा कोहली और अहसन्नुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ ने पतंजलि आयुर्वेद और इसके एमडी आचार्य बालकृष्ण को पहले के आदेशों का उल्लंघन करने और कंपनी के उत्पादों के साथ बीमारियों के इलाज के बारे में भ्रामक दावों का प्रचार जारी रखने के लिए अवमानना नोटिस जारी किया।

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में केजरीवाल ने क्या-क्या कहा?

11-Apr-2024
नई दिल्ली। ( शोर सन्देश ) दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हाईकोर्ट में अपनी याचिका खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल की याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया. इसे केजरीवाल के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.
सुप्रीम कोर्ट में अपनी याचिका में केजरीवाल ने तर्क दिया कि अगर उन्हें आगामी चुनाव में हिस्सा लेने के लिए तुरंत रिहा नहीं किया जाता है तो इससे विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार करने की गलत परंपरा स्थापित होगी. ऐसा कहकर उन्होंने याचिका पर तत्कालीन सुनवाई की मांग की थी.
उन्होंने कहा कि ये याचिका आपातकालीन परिस्थिति में दायर की जा रही है, क्योंकि दिल्ली के मौजूदा मुख्यमंत्री को चुनावों के बीच ईडी ने अवैध रूप से गिरफ्तार किया है.
 याचिका में कहा गया है कि केजरीवाल की गिरफ्तारी सह-आरोपियों की ओर से दिए गए बयानों के आधार पर की गई है, जो बाद में सरकारी गवाह बन गए हैं. ये तर्क दिया गया है कि ऐसे बयान और सबूत पिछले 9 महीनों से ईडी के पास थे और फिर भी लोकसभा चुनाव के बीच में अवैध रूप से गिरफ्तारी की गई है.
केजरीवाल ने अपनी याचिका में ईडी की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि ईडी ने खुद का इस्तेमाल होने दिया, जिससे न सिर्फ चुनाव के बीच राजनीतिक विरोधियों की स्वतंत्रता पर हमला किया जा गया, बल्कि उनकी प्रतिष्ठा और आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई गई.
याचिका में कहा गया कि अगर केजरीवाल को आगामी चुनावी में भाग लेने के लिए तुरंत रिहा नहीं किया गया तो ये सत्ताधारी पार्टी की ओर से चुनाव से पहले विपक्षी पार्टी के प्रमुखों की गिरफ्तारी की मिसाल होगी, जिससे हमारे संविधान के मूल सिद्धांत खत्म हो जाएंगे.

लोकसभा चुनाव के बीच बहुजन समाज पार्टी को बड़ा झटका, सांसद ने छोड़ा मायावती का साथ

11-Apr-2024
नई दिल्ली। ( शोर सन्देश )  लोकसभा चुनाव के बीच बहुजन समाज पार्टी को बड़ा झटका लगा है. उत्तर प्रदेश के बिजनौर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी सांसद मलूक नागर ने बसपा का दामन छोड़ दिया है. उन्होंने इस सदंर्भ में एक चि_ी भी जारी की है. उन्होंने कहा है कि बड़ी मजबूरी में पार्टी छोडऩी पड़ रही है. नागर ने कहा कि आगे की रणनीति बतायेंगे. राजनीति संभावना का खेल है. पार्टी छोड़ते हुए मलूक नागर ने दो पन्ने का पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने कहा है कि हमारे परिवार में करीब पिछले 39 वर्षों से लगातार काँग्रेस व बसपा द्वारा कई बार ब्लॉक प्रमुख व कई बार चेयरमैन जिला परिषद अध्यक्ष जिला पंचायत व कई बार विधायक व उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री व देश में सांसद लगातार रहते आ रहे हैं, इस करीब 39 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है कि हम विधायक भी नहीं लड़ पाए व सांसद भी नहीं लड़ पाए. मलूक ने लिखा-  हमने दिसंबर 2006 में आपके आशीर्वाद से बसपा पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी, आपके आशीर्वाद से हम कई पदों पर रहे, इसके लिए हम हमेशा आपके आभारी रहेंगे, हमारे परिवार की राजनीतिक हैसियत और सामाजिक हैसियत या देश स्तर पर पहचान वाला कोई भी व्यक्ति नहीं जो हमारे जितना लंबा समय के लिए बसपा पार्टी में रहा हो, उसे कुछ सालों में बसपा पार्टी द्वारा निकाल दिया गया या वह खुद बसपा पार्टी छोडक़र चला जाता हैं. मैं दावे से कर सकता हूं कि बसपा पार्टी में मैं व मेरे परिवार को इतने लंबे समय तक कई बार उतार-चढ़ाव देखने के बाद भी बसपा पार्टी में ही रहे.
नागर ने कहा कि 854 मुद्दों को उठाया, या ये कहे की 17वीं लोकसभा में सबसे अधिक मुद्दों को उठाया  व हम बाबा अंबेडकर सामान्यराम साहब व चौधरी काम सिंह व सभी जाति धर्म में जन्मे महापुरुषों की आवाज भी उठाई, बिजनौर लोकसभा और पूरे देश के हर हिस्से में किसानों, दलित, पिछड़ों, गरीबों, मजकू की आवाज संसद में उठाए.
बसपा के पूर्व नेता ने कहा कि आज के परिवेश व कई राजनीतिक कारणों से हम आज बसपा पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा देते हैं. आपके साथ करीब 18 वर्ष, साथ रहकर जो समय गुजारा व आपका आशीर्वाद मिला, उसके लिए हम हमेशा आभागी रहेंगे. धन्यवाद,

महाराष्ट्र में एमवीए ने किया शीट शेयरिंग : उद्धव को 21, कांग्रेस 17 और शरद पवार 10 सीट

09-Apr-2024

 नई दिल्ली। ( शोर सन्देश )  महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी ने सीट बंटवारे का ऐलान कर दिया है. इसके तहत 21 सीटों पर शिवसेना का उद्धव गुट, 10 सीटों पर एनसीपी और 17 सीटों पर कांग्रेस चुनाव लड़ेगी. मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तीनों दलों के प्रमुख नेता- उद्धव ठाकरे, शरद पवार और पृथ्वीराज चव्हाण मौजूद रहे. इस दौरान कांग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा, ‘कांग्रेस राष्ट्रीय पार्टी है. हमें तानाशाही से लडऩा होगा. गठबंधन के लिए सोनिया गांधी को ईडी दफ्तर में बैठाया गया. हमने सीट शेयरिंग की समस्या खत्म कर दी है. हमारे कार्यकर्ताओं को भी बीजेपी को हराने के लिए बड़ा दिल दिखाना चाहिए.’ नाना पटोले ने आगे कहा, ‘वे हमारे गठबंधन को मुस्लिम लीग बता रहे हैं, वह डरे हुए है. वोट ट्रांसफर होगा. हमारे साथ असली एनसीपी और असली शिवसेना है.लोग हमारे लिए चुनाव लड़ रहे हैं. वे मोदी के लिए वोट मांग रहे हैं. लोग मोदी को वोट क्यों देंगे?’ एनसीपी पवार- एनसीपी (पवार) को 10 सीटें मिली हैं जिनमें बारामती, शिरूर, सतारा, भिवंडी, डिंडोरी, माढा, रावेर, वर्धा, अहमदनगर दक्षिण और बीड शामिल है.


राहुल गांधी ने शहडोल में गुजारी रात, ढाबे पर किया डिनर

09-Apr-2024

 नई दिल्ली। ( शोर सन्देश )   कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सोमवार की रात मध्य प्रदेश के शहडोल में गुजारनी पड़ी. पहले उनके हेलिकॉप्टर का फ्यूल खत्म हो गया और फिर खराब मौसम के कारण उनका हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका, जिसके बाद उन्होंने शहडोल में ही सोमवार की रात गुजारी. राहुल गांधी ने शहडोल-कटनी नेशनल हाईवे 43 पर स्थित ढाबे में पहुंचकर डिनर किया, उनके साथ मध्य प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और कांग्रेस नेता कुणाल चौधरी भी मौजूद रहे.  दरअसल, राहुल गांधी लोकसभा अभियान के लिए मध्य प्रदेश में थे. वे मंडला और शहडोल में दो रैलियों को संबोधित कर चुके हैं. यहां 26 अप्रैल को मतदान होना है. राहुल ने शहडोल के एक होटल में रात गुजारी और मंगलवार सुबह 6 बजे रवाना हो गए. प्रदेश कांग्रेस चीफ जीतू पटवारी ने बताया कि शहडोल में खराब मौसम के कारण राहुल गांधी  का हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका. इसके बाद मंगलवार की सुबह राहुल गांधी ने उमरिया में महुआ बीनने वाली महिलाओं से चर्चा की. सुबह उमरिया से गुजरते हुए जब राहुल गांधी ने आदिवासी महिलाओं को देखा तो उनके पास पहुंच गए. महिलाएं महुआ बीन रही थीं, तब राहुल गांधी ने भी उनके साथ महुआ बीना और फिर कुछ देर चर्चा के बाद दिल्ली रवाना हो गए. आपको बता दें कि इस इलाके में बड़ी संख्या में आदिवासी रहते हैं, जहां महिलाएं महुआ बीन कर परिवार क गुजर-बसर करती हैं.

 

कर्जमाफी, कैश, जातिगत जनगणना, 25 लाख की हेल्थ इंश्योरेंस... कांग्रेस के घोषणापत्र के ये रहे बड़े वादे

05-Apr-2024
नई दिल्ली  ( शोर सन्देश )  । लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने घोषणा पत्र जारी कर दिया है. इसे ‘न्याय पत्र’ नाम दिया गया है. मैनिफेस्टो में कांग्रेस ने बड़े चुनावी वादे किए हैं. इसमें 25 तरह की गारंटी दी गई हैं. कांग्रेस ने सत्ता में आने पर एमएसपी को कानूनी दर्जा देने, 50 प्रतिशत की आरक्षण सीमा खत्म करेंगे और रिजर्वेशन सीमा बढ़ाएंगे, जातिगत जनगणना कराएंगे, कर्जामाफी आयोग बनेगा, रोजगार की गारंटी शामिल है. 
घोषणा पत्र में पांच तरह के न्याय का जिक्र किया है. न्यूनतम मजदूरी 400 रुपए, 40 लाख सरकारी नौकरियां, गरीब महिलाओं को एक लाख की मदद, ट्रेनिंग के लिए एक लाख की मदद, शहरी रोजगार गारंटी स्कीम लाने का वादा किया है. राजस्थान में कांग्रेस सरकार द्वारा लागू की गई चिरंजीवी योजना के तर्क पर देशभर में 25 लाख रुपए तक निशुल्क इलाज के लिए कैशलेस बीमा योजना लागू की जाएगी. परिवार की सबसे बुजुर्ग महिलाओं को महालक्ष्मी योजना के तहत 1 लाख सालाना दिया जाएगा. इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, पी चिदंबरम, केसी वेणुगोपाल, प्रियंका गांधी, सचिन पायलट समेत अन्य नेता मौजूद रहे.
सामाजिक न्याय के लिए कांग्रेस के ये बड़े वादे...
1.कांग्रेस जातियों और उपजातियों और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थितियों की गणना के लिए एक राष्ट्रव्यापी सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना करवाएगी.  आंकड़ों के आधार पर योजनाओं का लाभ देगी.
2. कांग्रेस ने गारंटी दी है कि वो एससी, एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत बढ़ाने के लिए एक संवैधानिक संशोधन पारित करेगी.
3. आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) के लिए नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 10 प्रतिशत का आरक्षण बिना किसी भेदभाव के सभी जातियों और समुदायों के लिए लागू किया जाएगा.
4. एक वर्ष की अवधि के भीतर एससी, एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षित पदों की सभी बैकलॉग रिक्तियों को भरेंगे.
5. सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों में नियमित नौकरियों की संविदा व्यवस्था को समाप्त किया जाएगा. ऐसी नियुक्तियों का नियमितीकरण सुनिश्चित किया जाएगा.
6. घर-निर्माण, व्यवसाय शुरू करने और संपत्ति खरीदने के लिए एससी और एसटी को संस्थागत ऋण बढ़ाया जाएगा.
7. भूमि सीमा अधिनियम के तहत गरीबों को सरकारी भूमि और अधिशेष भूमि के वितरण की निगरानी के लिए एक प्राधिकरण की स्थापना की जाएगी.
8. एससी और एसटी समुदायों से संबंधित ठेकेदारों को अधिक सार्वजनिक कार्य अनुबंध देने के लिए सार्वजनिक खरीद नीति का दायरा बढ़ाया जाएगा.
9. ओबीसी, एससी और एसटी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति की धनराशि दोगुनी की जाएगी. खासकर उच्च शिक्षा के लिए. एससी और एसटी छात्रों को विदेश में पढऩे में सहायता दी जाएगी. उनके लिए पीएचडी में छात्रवृत्ति की संख्या दोगुनी की जाएगी.
10. कांग्रेस गरीबों, विशेषकर एससी और एसटी छात्रों के लिए आवासीय विद्यालयों का एक नेटवर्क खड़ा करेगी और इसे हर ब्लॉक तक विस्तारित करेगी.

राजस्थान में बोले पीएम मोदी- ‘हर मुस्लिम परिवार की रक्षा की है’

05-Apr-2024

 जयपुर। ( शोर सन्देश )  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर शुक्रवार (5 अप्रैल, 2024) को निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जनता के लिए नहीं सिर्फ अपने परिवार के लिए काम किया है. हम लोगों के लिए लगातार काम कर रहे हैं. उन्होंने इस दौरान दावा किया कि हमारी सरकार ने हर मुस्लिम परिवार की रक्षा की है.

राजस्थान के चूरू में पीएम मोदी ने कहा, ‘तीन तलाक से मुस्लिम बेटियों के सिर पर तलवार लटकती रहती थी. इसे हटाकर मोदी ने हर मुस्लिम परिवार की रक्षा की है. मुस्लिम परिवार का पिता सोचता था कि बेटी की शादी करके भेजा तो है, लेकिन दो से तीन बच्चे करने के बाद बेटी को तीन तलाक बोल के वापस भेज दिया जाएगा तो क्या होगा. मां, बेटी और भाई हर किसी को चिंता होती थी. मोदी ने सभी मुस्लिम परिवार की जिंदगी को बचाया है।’
कांग्रेस का किया जिक्र
पीएम मोदी ने साथ ही कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि लूट और घोटाले के कारण देश की अर्थव्यवस्था चरमरा गई थी. पहले गरीब का पैसा सरकार में बैठे लोग खा जाते थे. 10 साल पहले देश में आराजकता की स्थिती थी. हमारी सरकार ने इसे सही किया है. उन्होंने आगे कहा, ‘बीजेपी हर स्तर पर लोगों के साथ खड़ी है. जो काम कई दशकों में नहीं हुए वो हमने करके दिखाया है. पिछले दस साल में कितना भी काम हुआ हो, लेकिन मेरे मन की बात चूरू में बता देता हूं. अभी तो जो भी हुआ वो तो ट्रेलर है’ 
पीएम मोदी क्या बोले?
पीएम मोदी ने कहा कि हमें देश को बहुत आगे ले जाकर जाना है. उन्होंने कहा, ‘देश में मोदी की गारंटी की चर्चा हो रही है. बीजेपी हर काम करती है. हम घोषणापत्र जारी नहीं करते बल्कि संकल्प पत्र जारी करते हैं. साल 2019 के लोकसभा चुनाव में जारी किए गए संकल्प पत्र के ज्यादातर वादे हमने पूरे कर दिए हैं.’

यूपी मदरसा एक्ट रद्द करने के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, सरकार को नोटिस

05-Apr-2024
नई दिल्ली। ( शोर सन्देश ) सुप्रीम कोर्ट ने यूपी मदरसा एक्ट को रद्द करने वाले इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है. चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने सुनवाई की और सरकार व अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी किया. कोर्ट ने कहा कि हमने विभिन्न पक्षों को सुना और गौर किया. यूपी सरकार भी फैसले के समर्थन में है. उसका कहना है कि 96 करोड़ रुपये मुहैया कराने में वो सक्षम नहीं है.
सर्वोच्च अदालत ने आगे कहा, अदालत हाईकोर्ट को चुनौती देने की मांग वाली याचिकाओं पर यूपी सरकार समेत अन्य सभी पक्षकारों को नोटिस जारी करती है. हाईकोर्ट ने अधिनियम को रद्द करते हुए आदेश दिया है कि छात्रों को राज्य द्वारा स्थानांतरित किया जाएगा. इससे सभी 17 लाख बच्चों की शिक्षा के भविष्य पर असर पड़ेगा.
कोर्ट ने कहा कि हमारा विचार है कि यह निर्देश प्रथम दृष्टया उचित नहीं था. राज्य सरकार समेत सभी पक्षकारों को सुप्रीम कोर्ट में 30 जून 2024 को या उससे पहले जवाब दायर करना होगा. याचिका को अंतिम निपटारे के लिए जून 2024 के दूसरे सप्ताह में सूचीबद्ध किया जाएगा. 22 मार्च 2024 के हाईकोर्ट के आदेश और फैसले पर रोक रहेगी.
इससे पहले वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि छात्रों की संख्या करीब 17 लाख है. हाईकोर्ट ने पहले यथास्थिति रखी. मगर बाद में असंवैधानिक करार दे दिया. हाईकोर्ट का कारण कितना अजीब है.यूपी सरकार के आदेश पर विज्ञान, हिंदी और गणित समेत सभी विषय पढ़ाए जा रहे हैं. बावजूद इसके उनके खिलाफ कदम उठाया जा रहा है. यह 120 साल पुरानी संहिता (1908 का मूल कोड) की स्थिति है. 1987 के नियम अभी भी लागू होते हैं.
उन्होंने कहा कि 30 मई, 2018 में सरकार ने एक आदेश जारी किया था. इसमें मदरसा में विभिन्न विषयों को पढ़ाने के लिए नियम थे. ताकि मदरसा भी मौजूदा स्कूलों के समान शिक्षा दे सकें. मदरसों में पाठ्यक्रम भी अन्य स्कूलों के समान है. बावजूद इसके हाईकोर्ट द्वारा सुनाया गया फैसला हैरान करता है. मदरसों की शिक्षा को धार्मिक आधार पर असंवैधानिक करार दिया गया है. सिंघवी ने कहा कि हाईकोर्ट ने कहा है अगर आप कोई धार्मिक विषय पढ़ाते हैं तो यह धार्मिक विश्वास प्रदान कर रहा है, जो धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ है. आज के दौर में गुरुकुल मशहूर हैं, क्योंकि वो अच्छा काम कर रहे हैं.

संजय सिंह का बड़ा दावा : ‘बीजेपी ने किया शराब घोटाला, कई बड़े नेता शामिल’

05-Apr-2024

 नई दिल्ली। ( शोर सन्देश )  आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें उन्होंने दावा किया है कि दिल्ली शराब घोटाला भाजपा ने किया है। इस घोटाले में भाजपा के कई बड़े नेता शामिल हैं।

उन्होंने ये भी दावा किया है कि केजरीवाल की गिरफ्तारी साजिश के तहत हुई है। संजय सिंह ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दाव किया है कि दिल्ली शराब घोटाले में जिन लोगों को आरोपियों के रूप में पकड़ा गया था, उन्होंने जब तक केजरीवाल का नाम नहीं लिया, ईडी ने उनके बयान को भरोसे लायक नहीं माना लेकिन जैसे ही उन्होंने अरविंद केजरीवाल का नाम ले लिया उस बयान को मान लिया गया।
उन लोगों के बयानों के आधार पर केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया। केजरीवाल ने सरकार बन चुके आरोपियों का नाम अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में लिया। पहला नाम संजय सिंह ने मगुंता रेड्डी का लिया और दूसरा नाम शरत रेड्डी का लिया।
सांसद संजय सिंह ने दावा किया, भाजपा नेता मगुंटा रेड्डी और उसके बेटे राघव मगुंटा इसमें शामिल हैं। इन्होंने दबाव में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ बयान दिया। इनके नौ बयानों में कहीं कुछ नहीं था जबकि दसवें बयान में अरविंद केजरीवाल का नाम आ जाता है।
16 जुलाई को इन्होंने बयान दिया और 18 जुलाई को उसकी जमानत हो गई। इनकी फोटो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ है और इसी फोटो के साथ वह टीडीपी से सांसद का चुनाव लड़ रहा है।
संजय सिंह ने आगे कहा, इनके बाद नाम आता है शरत रेड्डी का। इनके 12 बयान लिए गए। शुरुआती बयानों में यह कहते रहे कि केजरीवाल को नहीं जानते। छह महीने जेल में रहा तो टूट गया।
आखिरी में संजय सिंह ने कहा, केजरीवाल एकदम बेदाग है। उन्हें उनके अच्छे कामों की सजा दी जा रही है।भाजपा का नारा है जो जितना बड़ा भ्रष्टाचारी, उतना बड़ा पदाधिकारी।
तिहाड़ जेल से रिहा होने के एक दिन बाद आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने बृहस्पतिवार को कनॉट प्लेस के हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की और कहा कि उन्होंने भाजपा नीत केंद्र सरकार को सद्बुद्धि देने के लिए प्रार्थना की।

आतिशी पर चुनाव आयोग का शिकंजा, बीजेपी की शिकायत पर जारी किया नोटिस

05-Apr-2024
नई दिल्ली। ( शोर सन्देश )  दिल्ली सरकार में मंत्री और आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी को भारतीय चुनाव आयोग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आयोग ने उन्हें यह नोटिस बीजेपी द्वारा की गई उस शिकायत पर जारी किया गया है। जिसमें बीजेपी ने उनके उपर बीजेपी ज्वाइन करने के दावे को गलत और आधारहीन बताया है। आयोग द्वारा आतिशी को दिए गए नोटिस में उनसे 8 अप्रैल की दोपहर 12 बजे तक आयोग को जवाब देने का समय दिया गया है। मामले में आयोग ने बताया कि बीजेपी की तरफ से आयोग को 4 अप्रैल को शिकायत की गई थी। जिसमें उन्होंने आतिशी द्वारा 2 अप्रैल को की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस का हवाला देते हुए उनके द्वारा बीजेपी के लिए कही गई बातों को निराधार और गलत बताया था।
आतिशी ने लगाया था ये आरोप- आयोग के नोटिस में बीजेपी ने आतिशी के ऊपर जो आरोप लगाए हैं। इसमें उनके प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही गई ‘जैसा कि मैंने कल शाम को ट्वीट करके बताया था कि की आज एक बहुत ही सनसनीखेज खबर में आप सबके सामने रखने वाली हूं। मैं सभी मीडिया के साथियों से देशभर के लोगों को यह बताना चाहती हूं कि भारतीय जनता पार्टी ने मेरे बहुत व्यक्तिगत व्यक्ति के माध्यम से मुझे बीजेपी ज्वाइन करने के लिए अप्रोच किया। मुझे यह कहा गया कि यहां तो मैं बीजेपी ज्वाइन कर लूं, अपना पॉलिटिकल करियर बचा लूं, अपना पॉलिटिकल करियर बढृा लूं’...। इन बातों का भी जिक्र किया गया है।



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