ब्रेकिंग न्यूज

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लगातार बढ़ रहे कोरोना के आंकड़े देश में 66,330 वही और छग में एक्टिव केस 220

26-May-2020

रायपुर (छत्तीसगढ़) छत्तीसगढ़ में लगातार सामने रहे कोरोना संक्रमितों से राज्य में पॉजीटिव की मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कल ही प्रदेश में 4 कोरोना पॉजिटिव स्वस्थ होकर डिस्चार्ज किए गए हैं। लेकिन फिर भी राज्य में कोरोना प्रभावित कुल 220 सक्रिय मरीज हैं। आपको बता दें कि सोमवार को प्रदेश में कोरोना के 31 नए मामले सामने आए हैं। इसमें मुंगेली से 26, धमतरी से 2, राजनांदगांव से 1, बलरामपुर से 1 और बिलासपुर से 1 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले है। वहीं देश में कई दिनों से रोजाना 6 हजार से अधिक मरीज मिल रहे हैं। पिछले एक दिन में भी 6535 संक्रमित केस सामने आए हैं। इसी तरह देश में कुल मरीज 1 लाख 45 हजार 380 हो गई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 6 हजार 535 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 146 लोगों की मौत हुई है. सबसे अधिक महाराष्ट्र में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या है। 


दो महीने बाद हवाई सेवा शुरू हुई तो 5 साल का बच्चा अकेले ही पहुंच गया दिल्ली से बैंगलूर

25-May-2020

 

करीब दो महीने बाद हवाई सेवा शुरू हुई तो कई ऐसी खबरें भी निकलकर आने लगी, जिस पर एकबारगी विश्वास करना मुश्किल होगा। लेकिन ये सच भी है। अभी-अभी मीडिया में खबर रही है कि 5 साल का एक बच्चा अकेले दिल्ली से बैंगलूर पहुंच गया। हालांकि बेंगलुरू एयरपोर्ट पर बच्चे को मां ने रिसीव किया है। लेकिन यह अपने आप में बड़ी बात है।
मीडिया रिपोट्र्स में बताया जा रहा है कि दरअसल 5 साल का विवान नाम का लड़का दिल्ली में अपने दादा-दादी के घर आया था और लॉकडाउन के चलते यहीं फंस गया था। इसी 25 मई से शुरू की गई घरेलू उड़ान सेवा के कारण विशेष श्रेणी की यात्रा करते हुए विवान दिल्ली से बेंगलुरू अपने माता-पिता के पास पहुंच चुका है। सबसे खास बात ये है कि विवान अकेले ही दिल्ली से बेंगलुरू पहुंचा है, बेंगलुरू एयरपोर्ट पर विवान की मां ने उसे रिसीव किया है।


देश में कोरोना संक्रमण के आंकड़े लगातार बढ़ते जा रहे, 24 घंटे में 7111 केस, छग में एक्टिव मामले 185

25-May-2020

रायपुर (छत्तीसगढ़) देश में कोरोना संक्रमण के आंकड़े लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अब संक्रमित मरीजों की संख्या 1 लाख 38 हजार 536 हो चुकी है। रविवार को देशभर में रिकॉर्ड 7 हजार 111 संक्रमित मिले। उधर, महाराष्ट्र में भी 24 घंटे में सबसे ज्यादा 3041 नए मरीज सामने आए।
वहीं छत्तीसगढ़ में अब में एक्टिव मरीजों की संख्या 185 पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग ने संशोधित आंकड़ों के साथ रविवार को जो मेडिकल बुलेटिन जारी है, उसके मुताबिक कवर्धा जिले में रविवार को मरीज नहीं मिले हैं। छत्तीसगढ़ शासन स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग राज्य कन्ट्रोल एंड कमांड सेंटर ने 24 मई की शाम 5 बजे तक की स्थिति मेडिकल बुलेटिन जारी की थी। मेडिकल बुलेटिन में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 52,878 संभावितों की सैम्पलिंग की गई है। इनमें 49,996 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं 2631 की जांच हो रही है।


बस्तर की इमली विदेशियों को अपने स्वाद से काफी लुभा रही,जगदलपुर में एशिया की सबसे बड़ी इमली मंडी है

25-May-2020

जगदलपुर में एशिया की सबसे बड़ी इमली मंडी है। यहां से इमली दूसरे राज्यों में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी भेजी जाती है। दूसरे मुल्कों में जा रही बस्तर की इमली विदेशियों को अपने स्वाद से काफी लुभा रही है। इसका औसतन कारोबार 1000 करोड़ रूपये के आसपास है। बस्तर की आबोहवा इमली के लिए ज्यादा फायदेमंद है। यही वजह है कि हर साल इमली की बंपर पैदावार और कारोबार बस्तर में होता है। बस्तर में इमली की बड़ी तादाद में पैदावार होती हैं जिसके चलते यहां के व्यापारी बस्तर की इमली को दूसरे राज्यों में भेजते हैं। इसकी क्वालिटी और रंग है, जो विदेशों में अपनी पहचान बनाए हुए हैं। यहां की इमली की मांग आंध्रप्रदेश, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में तो है ही, वहीं सालाना करीब 200 करोड़ के इमली का निर्यात श्रीलंका, मलेशिया, पाकिस्तान और वियतनाम जैसे दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में भी किया जाता है। हालांकि पड़ोसी देशों में जाने वाली इमली सीधे बस्तर से वहां तक पहुंचती है। बस्तर के नारायणपुर से आने वाली इमली अपनी बेहतर क्वालिटी के लिए विख्यात है तो लोहड़ीगुड़ा की इमली अपने रंग को लेकर लोकप्रिय है।
वहीं दरभा की इमली गूदेदार और मीठे स्वाद की वजह से अन्य राज्यों के मुताबिक बस्तर की इमली को काफी ज्यादा पसंद किया जाता है। बस्तरिया इमली की मांग अन्य राज्यों में होने की वजह से स्थानीय व्यापारियों को इसकी कीमत अच्छी मिलने लगी है। वहीं दूसरे राज्यों के व्यापारी भी यहां आकर इमली खरीदने में काफी रूचि दिखा रहे हैं। यह न्यूनतम समर्थन मूल्य 2200 रूपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। लेकिन इमली की मांग ऐसी है कि कई बार वनवासी व्यापारियों को समर्थन मूल्य से अधिक कीमत पर भी इमली बेच लेते हैं।
बस्तर क्षेत्र में इमली का बंपर उत्पादन होने के कारण अब इमली से संबंधित विभिन्न संस्करण इकाइयां भी लगाई जा रही है। इमली के बीज और रेशे निकालकर चपाती बनाने का काम भी शुरू हो चुका है। यह कार्य मशीनों के जरिए किया जा रहा है। इससे महिलाओं का समय बचने के अलावा उन्हें मुनाफा भी अधिक मिल रहा है। कृषि विभाग द्वारा इमली के बीज और रेशे को निकालकर चपाती बनाने का प्रशिक्षण ट्राईफेड के क्षेत्रीय प्रबंधक पीके पंडा के मुताबिक 300 आदिवासी महिला समूहों को इमली चपाती बनाने का प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण लेने के बाद महिलाओं ने इमली से जो भी उत्पाद बनाए इसकी मांग स्थानीय स्तर के साथ बाहर भी है। इसके अलावा बस्तर की इमली से बनाई जा रही खटटी-मीठी केण्डी तेजी से लोकप्रिय हो रही है, साथ ही ग्रामीणों को स्वरोजगार का एक अच्छा जरिया भी दे रही है।

वनोपज के संग्रहण से वनवासी ग्रामिणों के रोजगार के अवसर बढ़े है। वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि देश में सर्वाधिक मुल्य की लघु वनोपजो की खरीदी करने वाला छत्तीसगढ़ राज्य प्रथम स्थन पर है। तमाम चुनौतियों के बावजूद नक्सल प्रभावित नारायणपुर एवं बीजापुर तथा सुकमा जिले में वनोपज संग्रहण केन्द्र खोले गये। बस्तर कमीश्नर द्वारा भी इन संग्रहण केन्दों को देखा। उन्होंने नारायणपुर जिले के महिला समूहों को स्टीकर तथा फुल झाडु बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। 


करीब दो महीने बाद सोमवार से घरेलू विमान सेवा की शुरूआत हो गई, 82 यात्रियों को लेकर छत्तीसगढ़ पहुंची फ्लाइट

25-May-2020

रायपुर (छत्तीसगढ़ ) छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन के करीब दो महीने बाद सोमवार से घरेलू विमान सेवा की शुरूआत हो गई है। लेकिन 25 मई से शुरू हुई विमान सेवाओं को लेकर नियम और कड़े कर दिए गए हैं। वहीं रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट क्रमांक 2757 दिल्ली से उड़ान भरकर करीब 9 बजे रायपुर पहुंच गई है। इसमें कुल 82 यात्री सवार थे। 25 मार्च के बाद लैंडिंग करने वाली यह पहली विमान है।

आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ में विदेश से घरेलू उड़ान से पहुंच रहे राज्य के निवासियों को एसओपी (स्टैण्डर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। विदेश से छत्तीसगढ़ लौटने के इच्छुक लोगों को संबंधित देश से प्रस्थान के पूर्व स्वयं को राज्य के पोर्टल पर पंजीकृत कराना होगा। राज्य नोडल अधिकारी के माध्य से एयरलाइन्स इत्यादि से समन्वय स्थापित कर संबंधित यात्रियों का ब्यौरा संकलित किया जाकर उक्त जानकारी को जिलेवार पृथक कर संबंधित जिला कलेक्टर को भेजा जाएगा। राज्य के बाहर अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट (जैसे- नागपुर, इन्दौर आदि) पर रायपुर हेतु उड़ान सुविधा होने की स्थिति में समूह के रूप में स्वयं के व्यय पर राज्य तक लाने हेतु परिवहन व्यवस्था हेतु राज्य नोडल अधिकारी वांछित सहायता प्रदान करेंगे। वाहन हेतु -पास गृह विभाग की अनुमति से नियमानुसार जारी किया जाएगा। भारत में पहुंचने के उपरांत यदि यात्री द्वारा 14 दिवस का क्वारेन्टाईन राज्य के बाहर पूर्ण किया जा चुका है और इस आशय का प्रमाण पत्र संबंधित के पास उपलब्ध हो तो राज्य में पहुंचने पर उन्हें होम क्वारेंटीन किया जाएगा। पूर्व में क्वारेंटीन होने वाले यात्रियों को निर्धारित व्यवस्था अनुसार फेसिलिटी-पेड क्वारेंटीन किया जाएगा। सभी यात्रियों के हैण्ड बैगेज-चेकइन बैगेज पर नगर निगम द्वारा कीटाणुनाशक घोल का छिड़काव किया जाएगा। भारत की सीमावर्ती देशों (नेपाल, भूटान, इत्यादि) के सड़क मार्ग से आने वाले व्यक्तियों के छत्तीगसढ़ में प्रवेश से पूर्व संबंधित सीमावर्ती राज्य (उत्तर प्रदेश, बिहार इत्यादि) से उनका सम्पूर्ण ब्यौरा राज्य नोडल अधिकारी द्वारा संकलित किया जाएगा। 


(बड़ी खबर)- बिलासपुर के प्रवासी मजदूर की मौत कोरोना से नहीं हुई

25-May-2020

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ ) 22 मई को बिलासपुर में जिस प्रवासी मजदूर की संदिग्ध मौत को कोरोना से माना जा रहा था, उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। रिपोर्ट आने से पहले तक बिलासपुर में मजदूर की मौत को कोरोना संदिग्ध माना जा रहा था, लेकिन रिपोर्ट आने से सारा मामला स्पष्ट हो गया। आपको बता दें कि बिलासपुर में जिस प्रवासी मजदूर की मौत हुई, उसके बारे में बताया जा रहा है कि वो पुणे से आया था। उसे मस्तूरी के क्वारेंटाइन सेंटर रखा गया था। जहां उसे 20 मई को 12.05 बजे सिम्स में भर्ती कराया गया था। उसकी सैंपल रिपोर्ट 20 मई को जांच के लिए भेजा गया था। लेकिन शुक्रवार 22 मई शुक्रवार को उसकी सुबह 8.00 बजे मौत हो गई। मजदूर सिम्स के कोरोना वार्ड में भर्ती था। जहां उसकी रिपोर्ट आना अभी बाकी थी। लेकिन आज रिपोर्ट सामने आते ही स्पष्ट हो गया कि उसकी मौत कोरोना से नहीं हुई है। 


ईद उल फित्तर 25 मई को मनाई जाएगी

24-May-2020

रायपुर (छत्तीसगढ़ ) ईद उल फित्तर का चांद शनिवार को कही भी नजर नहीं आया, इसलिए रविवार 24 मई को भी रोजा रखा जाएगा और सोमवार को ईद उल फित्तर मनाई जाएगी।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने चांद के लिए छत्तीसगढ़ प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगभग 38 केन्द्र निर्धारित किए गए थे। छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने उन्हें यह निर्देश दिए गए थे, कि प्रदेश के किसी भी जिले अथवा कस्बे में यदि चांद नजर आता है, तो तत्काल उसकी खबर छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड को दे, ताकि समय पर शरई तस्दीक प्राप्त कर चांद को ऐलान किया जा सके। 


विश्व स्क्रिजोफ्रेनिया दिवस हर साल 24 मई को मनाया जाता है

24-May-2020

रायपुर (छत्तीसगढ़) अक्सर लोग शारीरिक बीमारियों पर ही ध्यान देकर मानसिक रोगों को नज़रंदाज़ कर देते हैं। सच्चाई यह कि मानसिक रोग व्यक्तिको और अधिक कमजोर बना देते है।
स्क्रिजोफ्रेनिया मानसिक रोग का एक गंभीर रूप है जहाँ व्यक्ति भ्रम और मतिभ्रम (आवाजे सुनाई देना स्वयं से बातें करना) का अनुभव करता हैं। ऐसे लोगों को समाज में अपनाया नहीं जाता है और यह माना जाता है कि ऐसेलोगों का कभी उपचार नहीं हो सकता है।
इसलिए इसकी जागरुकता और इससे जुडी हुई भ्रांतियों और अन्धविश्वास को मिटाने के लिए हर साल 24 मई को विश्व स्क्रिजोफ्रेनिया दिवस मनाया जाता है। इस बार विश्व स्क्रिजोफ्रेनिया दिवस की थीमस्टीग्मा रीमूविंग’ (भ्रांतियों को मिटाना है।
मनोचिकित्‍सक डॉ.शुक्‍ला ने बताया, स्क्रिजोफ्रेनिया एक मानसिक बीमारी है जहाँ व्यक्ति भ्रम और मतिभ्रम (आवाजे सुनाई देना स्वयं से बातेंकरना ) का अनुभव करते हैं। उन्‍हें लगता हैउनके बारे में लोग कुछ बाते करते हैं। उनकों डर लगना और कुछ होने का आभाष लगता है जो केवल उनका वहम होता है ।उन्होंने बताया, मानसिक बीमारी वाले लोग महत्वाकांक्षी, प्रेरित, बुद्धिमान या निर्णय लेने कार्य करने में अक्सर सक्षम नहीं होते हैं। बीमारी की चपेट में आने वाले सबसे अलग रहने लगते हैं और आत्महत्याकी भावना भी उनके मन में आतीहै। यह रोग आनुवांशिक हो सकता है या तनाव, पारिवारिक झगड़े नशे की आत से भी होता है। ऐसे में समय से समुचित इलाज बेहद जरूरी है। समय से इलाज शुरू होने पर 8 से 10 माह में मरीज पूरी तरह ठीक हो सकता है।
डॉ. शुक्‍ला ने बताया समाज में कई तरह की रुढ़ीवादी परम्पराएँ चली रही हैं जिसके कारण भी मानसिक बीमारी का पता आसानी से नही लगता हैं। इसीलिए मानसिक रोग से जुडी भ्रांतियों और गलत धारणों को मिटाने के लिए हर साल स्क्रिजोफ्रेनिया दिवस मनाया जाता है।लोगों को मानसिक बीमारियों के प्रति जागरूक किया जा सके और इसके प्रति फैली भ्रांतियों से भी अवगत कराया जा सके। इस भाग दौड़ भरी लाइफ में व्‍यक्ति में बहुत तरह की मानसिक परेशानियां होती हैं जो कभी कभी जीवन में बहुत गहरा प्रभाव डालती हैं।  


छत्तीसगढ़ में मिले 5 नए कोरोना मरीज, 115 का इलाज जारी

23-May-2020

रायपुर (छत्तीसगढ़) छत्तीसगढ़ में 5 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की पहचान की गई है। संक्रमित मरीजों में रायगढ़ से 04 और जशपुर से 01 मरीज़ की पुष्टि हुई है। सभी मरीजों को रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती करने की प्रक्रिया जारी है। प्रदेश में सक्रिय मरीजों की संख्या 115 हो गई है। 


हवाई यात्रा करने वालों को 14 दिन केवल राज्य सरकार के पेड क्वारंटाइन पर रहना अनिवार्य करें : भूपेश बघेल

23-May-2020

रायपुर (छत्तीसगढ़) मुख्यमंत्री ने नागरिक उड्यन मंत्रालय की ओर से 25 मई से घरेलू उड़ान प्रारंभ करने के निर्णय के संबंध में नागरिक उड्यन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) को पत्र लिखा है। भूपेश बघेल ने पत्र में लिखा है कि घरेलू उड़ान शुरू करने से संक्रमण फैलने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के रोकथाम तथा संक्रमण से बचाव की दृष्टि से नागरिक उड्यन मंत्रालय को प्रभावी उपायों एवं दिशा निर्देशों अंतर्गत ही उड़ान संचालन प्रारंभ करना चाहिए। राज्यों को प्रत्येक उड़ान की जानकारी और यात्रियों का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए। हवाई यात्रा करने वालों को 14 दिन कोरेन्टाईन केवल राज्य सरकार द्वारा संचालित एवं पेड कोरेन्टाईन पर रहना अनिवार्य किया जाए और टिकिट बुक करते समय ही इसकी जानकारी यात्रियों को दी जाए।
मुख्यमंत्री बघेल ने केन्द्रीय राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र में लिखा है कि विभिन्न प्रिंट, इलेक्ट्रानिक एवं सोशल मीडिया के माध्यम से संज्ञान में आया है कि आपके द्वारा 25 मई 2020 से घरेलू उड़ान प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। यह भी जानकारी दी गई है कि नागरिक उड्यन मंत्रालय द्वारा यात्रियों के आवागमन के लिए पृथक से स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर भी जारी नहीं किया गया है।
बघेल ने पत्र में लिखा है कि गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अंतर्गत 18 मई 2020 से प्रारंभ लाॅकडाउन फेज-4 कि अवधि में उड़नों को प्रतिबंधित किया गया है। विगत कुछ दिनों से देश में कोविड-19 से संक्रमितों की संख्या में तेजी देखी गई है। ऐसी स्थिति में उड़ान शुरू करने से संक्रमण फैलने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। कोविड-19 महामारी के रोकथाम तथा संक्रमण से बचाव की दृष्टि से नागरिक उड्यन मंत्रालय को प्रभावी उपायों एवं दिशा निर्देशों के अंतर्गत ही उड़ान संचालन प्रारंभ करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय राज्य मंत्री से अनुरोध किया है कि राज्यों को प्रत्येक उड़ानों की जानकारी उपलब्ध करायी जाए, जिसमें उस राज्य में आने वाले यात्रियों का विस्तृत विवरण सम्मिलित हो। हवाई यात्रा करने वाले सभी यात्रियों की 14 दिन कोरेन्टाईन (केवल राज्य सरकार द्वारा संचालित एवं पेड कोरेन्टाईन) पर रहने को अनिवार्य किया जावे। कोरेन्टाईन संबंधी शर्त एवं अनिवार्यता की जानकारी यात्रियों को टिकिट बुक करने के समय ही प्रदान की जाए ताकि वे नियमों से भलीभांति परिचित रहें। उपरोक्तानुसार प्रभावी दिशा निर्देशों के तहत उड़ान प्रारंभ करने से राज्य सरकारों को कोविड-19 महमारी के नियंत्रण एवं बचाव के संबंध में आवश्यक कार्यवाही किये जाने में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने पत्र में उम्मीद जताई है कि उपरोक्त सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए सख्त एवं प्रभावी गाईड लाईन के साथ घरेलू उड़ान संचालन की कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी। 




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