रायपुर (CHHATTISGARH)। लॉकडाउन के बीच जांजगीर-चांपा के करीब 85 मजदूर गाजियाबाद (उत्तरप्रदेश) में फंसे हुए हैं। मजदूरों ने छत्तीसगढ़ वापसी की गुहार लगाई है। मजदूरों का कहना है कि लॉकडाउन के चलते उनका छत्तीसगढ़ वापस आने में असमंजस बना हुआ है। लिहाजा, इन मजदूरों ने विजन न्यूज सर्विस को फोन कर अपनी पीड़ा बताई है। गाजियाबाद में फंसे मजदूर बजरंग ने बताया कि वे मानसरोवर यात्रियों की सुविधा के लिए भवन निर्माण कार्य में लगे हुए हैं, लेकिन लॉकडाउन के चलते मानसरोवर यात्रा भी बंद है और उनके साथ-साथ उनके करीब 85 मजदूर साथी भी गाजियाबाद में फंस गए हैं। बजरंग का कहना है कि हालांकि कंपनी की ओर से उन्हें रहने और खाने की सुविधा दी गई है, लेकिन इसके एवज में प्रबंधन उनके जमा पैसों से इसकी कटौती करना चाह रहा है, जो गरीब मजदूरों के लिए संभव नहीं हो पाएगा, इसलिए वे जांजगीर-चांपा जिले के पांच गांवों में अपनी वापसी चाहते हैं, इसलिए उन्होंने विजन न्यूज सर्विस को फोन कर अपनी पीड़ा बताई और वापसी के लिए गुहार लगाई है। बजरंग ने बताया कि वे और उनके मजदूर साथी जांजगीर-चांपा जिले के सेवई, खोखरा, धीरकोट, सरखो, आमनआरा, मरकाडीह और भड़ेसर के रहने वाले हैं।
ज्ञातव्य है कि कोरोना संक्रमण को लेकर पूरे देश में इन दिनों 17 मई तक लॉकडाउन जारी है। इस बीच सबसे ज्यादा दिक्कतें मजदूरों को लेकर ही है। हालांकि उन्हें राशन और अन्य जरूरत की चीजें मुहैया कराई जा रही है, लेकिन फिर भी मजदूर काम बंद होने के चलते अपने-अपने घरों को वापस लौटना चाहते हैं। इसलिए वे अपने-अपने स्तर पर लगातार प्रयास में लगे हुए हैं, कि वे किसी भी तरह से अपने गृह ग्राम में लौट जाएं।