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इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालयीन खेल कुंभ का जोशीला समापन

13-Dec-2025
रायपुर, ( शोर संदेश )।  इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में 08 से 11 दिसम्बर 2025 तक आयोजित विश्वविद्यालयीन चार दिवसीय खेल कुम्भ का कल यहां समापन हुआ। कृषि महाविद्यालय, रायपुर के स्पार्ट्स कॉम्पलैक्स में चार दिवसीय खेल कुम्भ के समापन समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. एस.एस. सेंगर ने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा ने की। इस विश्वविद्यालयीन खेल-कूद प्रतियोगिता में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व, पश्चिम, उत्तर एवं दक्षिण जोन के अंतर्गत आने वाले समस्त महाविद्यालयों के 160 प्रतिभागी शामिल हुए। विश्वविद्यालयीन खेल कुम्भ में ईस्ट जोन 174 अंक प्राप्त कर ओवर ऑल चैम्पियन रहा, वहीं 91 अंक के साथ साऊथ जोन ओवर ऑल रनर अप रहा। सर्वश्रेष्ठ बालिका एथलीट का खिताब ईस्ट जोन की कुमारी संध्या नेताम तथा सर्वश्रेष्ठ बालक एथलीट का खिताब ईस्ट जोन के ही कुनाल रावटे को प्रदान किया गया। समापन समारोह में कृषि महाविद्यालय रायपुर की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे, कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अजय वर्मा, निदेशक शिक्षण डॉ. ए.के. दवे, भी मौजूद थे। समापन समारोह में विभिन्न खेल स्पर्धाओं के निर्णायकगणों टीम मैनेजरों तथा आयोजन समिति के सदस्यों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालयीन खेलकूद प्रतियोगिता में शामिल होने वाले समस्त चार जोन के खिलाड़ी टीम मैनेजर, रैफरी, शिक्षकगण अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. दीप्ती झा ने किया।










 

दूसरा टी20 मैच: साउथ अफ्रीका ने भारत के ख़िलाफ 51 रन से जीता मुकाबला, सीरीज में 1-1 से बराबरी

12-Dec-2025
साउथ अफ्रीका ने भारत को मुल्लांपुर के महाराज यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए दूसरे टी20 मैच में 51 रन से शिकस्त दी। इसी के साथ मेहमान टीम ने पांच मुकाबलों की सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली है।
टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी साउथ अफ्रीकी टीम ने निर्धारित ओवरों में 4 विकेट खोकर 213 रन बनाए। क्विंटन डी कॉक ने रीजा हेंड्रिक्स के साथ 4.1 ओवरों में 38 रन की साझेदारी की। रीजा 10 गेंदों में 8 रन बनाकर पवेलियन लौटे।
इसके बाद क्विंटन डी कॉक ने कप्तान एडेन मार्करम के साथ दूसरे विकेट के लिए 47 गेंदों में 83 रन जोड़ते हुए मेहमानों को 121 के स्कोर तक पहुंचा दिया। मार्करम 29 रन बनाकर आउट हुए, जबकि क्विंटन डी कॉक ने 46 गेंदों में 7 छक्कों और 5 चौकों के साथ 90 रन की पारी खेली।
साउथ अफ्रीकी टीम 16.1 ओवरों में 4 विकेट खोकर 160 रन अपने खाते में जोड़ चुकी थी। यहां से डोनोवन फेरीरा (नाबाद 30) ने डेविड मिलर (नाबाद 20) के साथ पांचवें विकेट के लिए 23 गेंदों में 53 रन की अटूट साझेदारी करते हुए टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचाया।
भारत की तरफ से वरुण चक्रवर्ती ने 2 विकेट अपने नाम किए, जबकि अक्षर पटेल ने 1 विकेट निकाला। इस पारी में अर्शदीप सिंह ने एक ही ओवर में 13 गेंदें फेंकने के अनचाहे रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया है। इस मामले में वह अफगानिस्तान के नवीन उल हक के साथ संयुक्त रूप से नंबर-1 पायदान पर पहुंच गए हैं।
इसके जवाब में टीम इंडिया 19.1 ओवरों में महज 162 रन पर सिमट गई। भारतीय टीम 67 के स्कोर तक अपने चार विकेट गंवा चुकी थी। यहां से तिलक वर्मा ने मोर्चा संभाला। उन्होंने हार्दिक पंड्या के साथ पांचवें विकेट के लिए 51 रन की साझेदारी की।
पंड्या 20 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद तिलक वर्मा ने जितेश शर्मा के साथ 39 रन जुटाए, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। जितेश 27 रन बनाकर आउट हुए, जबकि तिलक वर्मा ने 34 गेंदों में 5 छक्कों और 2 चौकों के साथ 62 रन की पारी खेली।
साउथ अफ्रीका की ओर से ओटनील बार्टमैन ने 24 रन देकर 4 विकेट हासिल किए, जबकि लुंगी एनगिडी, मार्को जानसेन और लुथो सिपामला ने 2-2 विकेट निकाले। पांच मुकाबलों की टी20 सीरीज का तीसरा मुकाबला 14 दिसंबर को धर्मशाला में खेला जाना है।

इंग्लैंड को बड़ा झटका, मार्क वुड एशेज सीरीज से बाहर, फिशर को जगह दी गई

09-Dec-2025

नई दिल्ली, ( शोर संदेश )।सीरीज में 0-2 से पीछे चल रही इंग्लैंड को करारा झटका लगा है। दरअसल, तेज गेंदबाज मार्क वुड एशेज सीरीज से बाहर हो गए हैं। ऐसे में उनकी जगह मैथ्यू फिशर को टीम में शामिल किया गया है।

इस संबंध में इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने मंगलवार को जानकारी दी। बोर्ड ने बताया कि ”मार्क वुड इंजरी की वजह से एशेज सीरीज से बाहर हो गए हैं। रिहैबिलिटेशन और रिकवरी प्रक्रिया शुरू करने के लिए वह स्वदेश लौटेंगे। वह ईसीबी की मेडिकल टीम के साथ मिलकर रिकवरी पर काम करेंगे। उनकी जगह मैथ्यू फिशर को टीम में शामिल किया गया है।”
मार्क वुड ने चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान इंजर्ड होने के बाद पर्थ में खेले गए एशेज सीरीज के पहले टेस्ट में वापसी की थी। उसी टेस्ट में वुड को फिर से घुटने में समस्या आ गई। वह सिर्फ 11 ओवर फेंक सके थे। ब्रिसबेन में खेले गए दूसरे टेस्ट से वह बाहर हो गए थे। माना जा रहा था कि एडिलेड या मेलबर्न में वह वापसी कर सकते हैं, लेकिन अब उन्हें पूरी सीरीज से बाहर होना पड़ा है। 
वुड का करियर चोटों से परेशान रहा है। कई बार वह इंजरी की वजह से लंबे-लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहे हैं। 35 साल के वुड यह स्वीकार कर चुके हैं कि उनका शरीर अब पहले की तरह नहीं रहा। उन पर उम्र का असर हावी हो रहा है। 145 किलोमीटर की रफ्तार से गेंदबाजी भी उनके लिए मुश्किल हो रही है।
दाएं हाथ के तेज गेंदबाज मार्क वुड इंग्लैंड के लिए टी20 विश्व कप 2026 तक फिट नहीं हो पाए तो फिर उनकी वापसी बेहद मुश्किल होगी।
 वुड की जगह टीम में शामिल किए गए मैश्यू फिशर ने इंग्लैंड के लिए अब तक सिर्फ एक टेस्ट खेला है। 28 साल के फिशर ने 2022 में अपना एकमात्र टेस्ट वेस्टइंडीज के खिलाफ ब्रिजटाउन में खेला था। उस टेस्ट में उन्होंने 1 विकेट लिए थे। 
वुड की जगह टीम में शामिल किए गए मैथ्यू फिशर ने इंग्लैंड के लिए अब तक सिर्फ एक टेस्ट खेला है। 28 साल के फिशर ने 2022 में अपना एकमात्र टेस्ट वेस्टइंडीज के खिलाफ ब्रिजटाउन में खेला था। उस टेस्ट में उन्होंने 1 विकेट लिए थे। बता दें कि ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड भी एशेज सीरीज से बाहर हो गए हैं।









 

विद्यार्थियों में छिपे चैम्पियन को निखारती हैं खेल प्रतियोगिताएँ: कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल

09-Dec-2025
रायपुर ( शोर संदेश )।  इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा है कि हर खिलाडी में एक चैम्पियन होता है, बस उस चैम्पियन का प्रोत्साहित करने और उसे बाहर लाने की जरूरत होती है। उन्होने कहा कि खेल-कूद प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में छिपे चैम्पियन को बाहर लाने में मददगार होती है। डॉ. चंदेल ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों में अंतर्निहित खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। डॉ. चंदेल आज यहां कृषि विश्वविद्यालय के स्पोर्टस काम्प्लेक्स में विश्वविद्यालयीन खेल-कूद प्रतियोगिता 2025 का शुभारंभ कर रहे थे। कुलपति डॉ. चंदेल ने खेल ज्योति प्रज्ज्वलित कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। उन्होंने इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले चारों जोन की टीमों में शामिल खिलाड़ियों को खेल भावना की शपथ भी दिलाई। 
विश्वविद्यालयीन खेल-कूद प्रतियोगिता - 2025 में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के पूर्व, पश्चिम, उत्तर एवं दक्षिण जोन के अंतर्गत आने वाले समस्त महाविद्यालयों के 160 प्रतिभागी शामिल हुए हैं। 08 से 11 दिसम्बर, 2025 तक आयोजित होने वाली इस तीन दिवसीय विश्वविद्यालय खेलकूद प्रतियोगिता के अंतर्गत विभिन्न क्रीड़ा स्पर्धाओं का आयोजन किया जा रहा है। इस विश्वविद्यालय स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता के अंतर्गत व्यक्तिगत स्पर्धाओं में लम्बी कूद, ऊंची कूद, ट्रिपल जंप, भाला फेंक, गोला फेंक, डिस्क थ्रो, 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर, 1500 मीटर, हर्डल दौड़ तथा 4ग्100 मीटर एवं 4ग्400 मीटर रिले दौड़ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। सामूहिक स्पर्धाओं के अंतर्गत वॉलीबाल, खो-खो, कबड्डी, बैडमिंटन तथा टेबल टेनिस स्पर्धाओं का आयोजन किया जा रहा है। 
विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और कहा कि विद्यार्थी जीवन में खेलों का बहुत महत्व है। इससे शरीर स्वस्थ एवं मजबूत बनता है एवं बच्चों में टीम स्पिरिट तथा खिलाड़ी भावना का विकास होता है जो भविष्य में उन्हें सफल एवं अनुशासित नागरिक बनने में योगदान देते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से आव्हान किया कि वे अपनी पूरी क्षमता तथा मेहनत के साथ प्रतियोगिता में भाग लें तथा सफलता अर्जित करें। 
शुभारंभ समारोह में आयोजन समिति के अध्यक्ष अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा ने स्वागत भाषण देते हुए आयोजन की रूप-रेखा प्रतिपादित की। उन्हांने विद्यार्थियों से कहा कि वे ईमानदारी, निष्ठा और खेल भावना के साथ इस चार दिवसीय खेल-कूद प्रतियोगिता में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास करें। शुभारंभ समारोह में कृषि महाविद्यालय रायपुर की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे, खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एस.एस. सेंगर, कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अजय वर्मा, निदेशक शिक्षण डॉ. ए.के. दवे, संचालक अनुसंधान डॉ. वी.के. त्रिपाठी, निदेशक विस्तार डॉ. एस.एस. टूटेजा भी मौजूद थे। इस अवसर पर विश्वविद्यालयीन खेलकूद प्रतियोगिता में शामिल होने वाले समस्त चार जोन के टीम मैनेजर, रैफरी एवं रायपुर स्थित तीनों महाविद्यालयों के छात्र-छात्राएं, शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में आयोजन सचिव डॉ. आर.के. ठाकुर ने अतिथियों के प्रति आभार प्रदर्शन किया।
 

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल से कवर्धा में युवाओं के सर्वांगीण विकास की नई दिशा

08-Dec-2025
रायपुर, ।  ( शोर संदेश ) उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा के बीते दो वर्षों के प्रयासों ने कवर्धा में युवाओं के सर्वांगीण विकास की एक नई इबारत तैयार हो रही है। युवाओं व विद्यार्थियों के खेल तथा शिक्षा सुविधाओं को सुदृढ़ करने के ध्येय के साथ धरातल पर उतरती योजनाओं ने युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है। जिनमें आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित नालंदा परिसर का निर्माण, विद्यार्थियों के लिए हाई टेक स्मार्ट क्लास, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भोरमदेव विद्यापीठ का संचालन, खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए कई जगहों पर मिनी स्टेडियम का निर्माण के साथ एस आई भर्ती परीक्षा परिणाम जारी करवाने जैसे कार्य शामिल हैं। यह सभी विकास कार्य बताते है कि उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में कवर्धा में पिछले दो वर्षों में शिक्षा, खेल, युवा सशक्तिकरण और आधारभूत विकास के क्षेत्र में कई दूरगामी पहल की गयी है। उनका यह प्रयास न केवल वर्तमान बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक मजबूत और उम्मीदों से भरा आधार तैयार कर रहा है। 
कवर्धा में छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी विस्तार देते हुए 4 करोड़ 41 लाख रुपये की लागत से नालंदा परिसर निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। भूमिपूजन के पश्चात अब निर्माण कार्य तेजी से शुरू कर दिया है। नालंदा परिसर भविष्य में विद्यार्थियों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली शैक्षणिक गतिविधियों और संसाधनों का केंद्र बनेगा। यहां छात्रों को उन्नत लाइब्रेरी, डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युक्त संसाधन मिलेंगे। जो छात्रों को प्रतियोगी परीक्षा और उच्च शिक्षा की तैयारी के लिए एक मजबूत बुनियाद तैयार करने में सहायक सिद्ध होंगे।
खेल सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता देते हुए कवर्धा विधानसभा के अनेक ग्रामों में मिनी स्टेडियमों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इन स्टेडियमों के निर्माण से ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और अभ्यास के लिए उपयुक्त वातावरण मिलेगा। यह प्रयास स्थानीय युवाओं को खेल की मुख्यधारा से जोड़ने और राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की स्पष्ट सोच है कि आ संसाधनों के कमी के चलते जिले के होनहारों की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में कहीं कमी न हो। वे इस ध्येय को धरातल पर मूर्त रूप देने का कार्य भोरमदेव विद्यापीठ संचालन की पहल से कर रहे हैं।प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए समग्र संसाधन केंद्र के रूप में तैयार हुआ है। भोरमदेव विद्यापीठ के माध्यम से प्रति वर्ष 200 प्रतिभावान युवाओं को सीजी पीएससी और सीजी व्यापम परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी की सुविधा प्रदान की जा रही है। इस पहल से ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के छात्र–छात्राओं को उच्च गुणवत्ता की कोचिंग मिल रही है और सिविल सेवा जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं को हासिल करने का रास्ता उनके लिए आसान हुआ है।अनुभवी शिक्षक, सटीक रणनीति, सिलेबस के अनुसार स्टडी मटेरियल और मार्गदर्शन प्रतिभागियों की तैयारी पुख्ता हो रही है।
शिक्षा के आधुनिकीकरण को ध्यान में रखते हुए कवर्धा विधानसभा के 50 सरकारी स्कूलों में बड़े निजी स्कूलों की तर्ज पर स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए गए हैं। इससे विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से सीखने–समझने का अवसर मिल रहा है। स्मार्ट क्लासरूम बच्चों को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ते हुए शिक्षा को अधिक रोचक, प्रभावी और बहुआयामी बना रहे हैं। 
छह वर्षों से लंबित 975 पदों की एसआई भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाना और उसका परिणाम जारी कराना उप मुख्यमंत्री के प्रयासों से संभव हुआ है। इस भर्ती में कबीरधाम जिले के 40 युवाओं का चयन होना पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। यह उपलब्धि युवाओं के मन में नई ऊर्जा और विश्वास भरती है कि युवाओं के रोजगार के अवसर मजबूत हो रहे हैं।
सुदूर वनांचल झलमला में नए कॉलेज खोले जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जिससे आदिवासी क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। वहीं, कवर्धा के पीजी कॉलेज के विस्तार कार्य में भी तेजी लाई गई है, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएँ एवं अधिक विषयों में अध्ययन का अवसर उपलब्ध होगा।
 

गुजरात में संसद खेल महोत्सव 2025 का सफलतापूर्वक समापन, अमित शाह ने खेल क्रांति को बताया सबसे बड़ा आंदोलन

06-Dec-2025
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित ‘संसद खेल महोत्सव 2025’ के समापन समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया यह खेल उत्सव देशभर में खेल प्रतिभाओं के लिए एक मजबूत मंच बन गया है। इस कार्यक्रम के दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। शाह ने बताया कि करीब पांच वर्ष पहले शुरू किए गए इस महोत्सव ने आज 300 से अधिक लोकसभा क्षेत्रों में औसतन सवा लाख प्रतिभागियों को जोड़ दिया है, जिनमें विद्यार्थी, युवा और वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल ने खेल, फिटनेस और स्वास्थ्य को लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बनाने, प्रतिभाओं को पहचान देने और खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने में अहम भूमिका निभाई है।
शाह ने बताया कि गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में यह तीसरा खेल महोत्सव तीन चरणों में आयोजित किया गया 24 से 30 अक्टूबर को ग्रामीण/वार्ड स्तर, 6 से 14 नवंबर को विधानसभा स्तर और 21 नवंबर से 2 दिसंबर तक लोकसभा स्तर पर। इस बार कुल 1 लाख 57 हजार खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया, जिनमें 87 हजार पुरुष और करीब 70 हजार महिला खिलाड़ी शामिल थीं। उन्होंने कहा कि अगले खेल महोत्सव में बेटियों की भागीदारी और जीत दोनों में बढ़ोतरी होनी चाहिए। इस बार 1 लाख 57 हजार प्रतिभागियों में से 8,500 से अधिक विजेता बने, लेकिन बाकी सभी खिलाड़ी भी हार से सीख लेकर आगे बढ़ने की नई इच्छा के साथ मैदान में लौटेंगे। उन्होंने कहा कि अंडर-9, अंडर-11, अंडर-14, अंडर-17, ओवर-40, ओवर-50 और ओवर-60 इन सात आयु वर्गों में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। अकेले सांणंद में लगभग 59,000 खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स, बैडमिंटन, शतरंज, मल्लखंभ, स्विमिंग, योगासन, खो-खो, कबड्डी और वॉलीबॉल जैसी प्रतियोगिताओं में भाग लिया।
अमित शाह ने कहा कि मोदी के ‘खेलो गुजरात’, ‘खेल महाकुंभ’, प्रतिभा खोज कार्यक्रमों, खेल विद्यालयों, अकादमियों और आधुनिक ट्रेनिंग सेंटरों की वजह से गुजरात देश का सबसे बड़ा खेल आंदोलन चलाने वाला राज्य बन गया है। उन्होंने बताया कि वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, जिसे लगभग ₹800 करोड़ की लागत से बनाया गया है, अब एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल केंद्र बन चुका है, जहां खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और सुविधाएँ मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात को कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी मिल चुकी है और अहमदाबाद को 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए भी तैयार रहना होगा। शाह ने कहा कि जब भारत में ओलंपिक होंगे, गुजरात को सबसे अधिक पदक जीतने वाला राज्य बनना चाहिए और इसके लिए खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और संस्थानों को अभी से तैयारी शुरू करनी होगी।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएँ शुरू की हैं। वर्ष 2014 में खेल बजट केवल ₹800 करोड़ था, जो 2025 में बढ़कर करीब ₹4,000 करोड़ हो गया है। इसके परिणामस्वरूप भारत ने 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स में 15, 2018 में 26 और 2022 में 22 पदक जीते। एशियाई खेलों में भारत की उपलब्धियाँ 57 से बढ़कर 107 पदक तक पहुंची हैं, जबकि पैरा एशियन गेम्स में 33 की तुलना में अब 111 पदक जीतने में सफलता मिली है। शाह ने विश्वास जताया कि भारत जब ओलंपिक की मेजबानी करेगा, तब वह पदक तालिका में शीर्ष पाँच देशों में शामिल होगा। अमित शाह ने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की और कहा कि खेल जीवन में अनुशासन, टीम भावना, धैर्य और खेल भावना विकसित करते हैं। उन्होंने हर खिलाड़ी से पाँच पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लेने की भी अपील की, ताकि ‘ग्रीन गांधीनगर मूवमेंट’ को नई गति मिल सके।

वर्षों बाद खेल मैदान में लौटीं महिलाएं, बस्तर ओलंपिक बना हौसले की नई उड़ान

05-Dec-2025
रायपुर,  ( शोर संदेश )  बस्तर ओलम्पिक 2025 का आयोजन इस वर्ष कई महिलाओं को अपनी जड़ों से दोबारा जुड़ने का अवसर मिला है, ऐसी ही महिलाओं में शामिल हैं सरोज पोडियाम, जो विवाह और पारीवारिक जिम्मेदारियों के चलते वर्षों से खेल से दूर थीं। तीन वर्ष की बच्ची की मां होने के बावजूद उन्होंने खेल मैदान में वापसी कर सभी को प्रेरित किया।
सरोज पोडियाम कोंटा विकासखंड के दूरस्थ मुरलीगुड़ा ग्राम की निवासी हैं। वह बताती हैं कि बस्तर ओलम्पिक शुरू होने से उन्हें स्कूल के दिनों की खो-खो और कबड्डी जैसे खेलों की यादें ताजा हो गईं। सरोज बताती हैं हम महिलाओं का अधिकतर समय परिवार, बच्चे और गृहकार्य में बीत जाता है। लेकिन बस्तर ओलम्पिक ने हमें फिर से अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दिया। इस बार संभाग स्तर तक पहुंचना हम सभी के लिए बड़ी खुशी की बात है।
बस्तर ओलम्पिक में सरोज पोडियाम और उनकी टीम ने रस्साकसी में दमदार प्रदर्शन करते हुए संभाग स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन हासिल किया है। टीम की इस उपलब्धि से पूरे परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। सरोज कहती हैं कि हम सभी महिला साथी बहुत खुश हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी का धन्यवाद, जिन्होंने हमें अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच दिया। इस बार पूरा प्रयास रहेगा कि हम संभाग में अपने जिले को जीत दिलाएं। बस्तर ओलम्पिक ने हमें दोबारा खेलने का मौका दिया और आस-पास की सभी महिला साथी भी शामिल हुईं।
सरोज पोडियाम का परिवार माओवादी हिंसा से प्रभावित रहा है। वर्ष 2009 में नक्सलियों द्वारा उनके ससुर की हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद परिवार गहरे संकट में आ गया। घटना के बाद शासन ने नवा बिहान योजना के तहत सुकमा में उन्हें आवास उपलब्ध कराया तथा उनके पति राकेश को नगर सैनिक के रूप में पदस्थ कर परिवार को संबल दिया। आज वही परिवार संघर्ष की राह से निकलकर बस्तर ओलम्पिक में उपलब्धि की नई कहानी लिख रही है।
सरोज पोडियाम ने बताया कि उनकी टीम में नंदिता सोढ़ी, सरिता पोडियामी, लिपिका डे, मुन्नी नाग, ललिता यादव, पुनम भेखर, जसवंती वेट्टी, बण्डी बारसे शामिल हैं। सब महिलाओं ने मिलकर बेहतरीन तालमेल से प्रदर्शन किया और संभाग स्तर तक पहुंचने का गौरव पाया।



 

साउथ अफ्रीका ने दूसरा वनडे 4 विकेट से जीता, तीन मैचों की वनडे सीरीज 1-1 से बराबर

04-Dec-2025
रायपुर (शोर संदेश)। साउथ अफ्रीका ने भारत के खिलाफ बुधवार को खेले गए दूसरे वनडे मैच में 4 विकेट से जीत दर्ज की। इसी के साथ मेहमान टीम ने तीन मुकाबलों की वनडे सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली है।
भारत ने रांची में खेले गए पहले वनडे मैच को 17 रन से अपने नाम किया था। अब सीरीज का तीसरा और अंतिम मैच 6 दिसंबर को विशाखापत्तनम में खेला जाना है, जिसके बाद पांच टी20 मुकाबलों की सीरीज का आयोजन होगा।
टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने विराट कोहली और ऋतुराज गायकवाड़ की शतकीय पारियों के दम पर निर्धारित ओवरों में 5 विकेट खोकर 358 रन बनाए।
भारत ने 62 के स्कोर तक रोहित शर्मा (14) और यशस्वी जायसवाल (22) के रूप में अपने दोनों सलामी बल्लेबाजों का विकेट गंवा दिया था। यहां से विराट कोहली ने ऋतुराज गायकवाड़ के साथ तीसरे विकेट के लिए 156 गेंदों में 195 रन की साझेदारी करते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
ऋतुराज गायकवाड़ ने 83 गेंदों में 2 छक्कों और 12 चौकों की मदद से 105 रन की पारी खेली, जबकि विराट कोहली 93 गेंदों में 102 रन बनाकर आउट हुए। उनकी इस पारी में 2 छक्के और 7 चौके शामिल रहे।
भारतीय टीम ने 289 के स्कोर तक 5 विकेट गंवा दिए थे। यहां से कप्तान केएल राहुल (66) ने रवींद्र जडेजा (24) के साथ छठे विकेट के लिए 69 रन की अटूट साझेदारी करते हुए टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचाया।
साउथ अफ्रीका की तरफ से मार्को जानसेन ने सर्वाधिक 2 विकटे हासिल किए, जबकि लुंगी नगिडी और नंद्रे बर्गर ने 1-1 विकेट निकाला।
इसके जवाब में साउथ अफ्रीकी टीम ने 49.2 ओवरों में मुकाबला अपने नाम कर लिया। साउथ अफ्रीका को 26 के स्कोर पर क्विंटन डी कॉक (8) के रूप में बड़ा झटका लगा। यहां से कप्तान टेंबा बावुमा ने एडेन मार्करम के साथ दूसरे विकेट के लिए 101 रन की साझेदारी करते हुए मैच में मेहमान टीम की वापसी कराई।
बावुमा 48 गेंदों में 46 रन बनाकर पवेलियन लौटे। इसके बाद मार्करम ने मैथ्यू ब्रीत्जके के साथ तीसरे विकेट के लिए 70 रन जुटाते हुए टीम को 197 के स्कोर तक पहुंचा दिया। मार्करम 98 गेंदों में 4 छक्कों और 10 चौकों की मदद से 110 रन बनाकर आउट हुए।
ब्रीत्जके ने देवाल्ड ब्रेविस के साथ चौथे विकेट के लिए 63 गेंदों में 92 रन जुटाकर टीम को 289 रन तक पहुंचाया। ब्रेविस 34 गेंदों में 6 बाउंड्री के साथ 54 रन बनाकर पवेलियन लौटे।
साउथ अफ्रीका को 45 ओवरों की समाप्ति के बाद जीत के लिए 30 गेंदों में 27 रन की दरकार थी। इस बीच टोनी टी जोरजी (17) हैमस्ट्रिंग इंजरी के बाद रिटायर्ड हर्ट होकर वापस लौट गए।
केशव महाराज (10) उनके स्थान पर बल्लेबाजी के लिए आए और कॉर्बिन बॉश (26) के साथ मोर्चा संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने 27 रन की अटूट साझेदारी करते हुए टीम को जीत दिलाई। भारत की तरफ से अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा ने 2-2 विकेट हासिल किया, जबकि हर्षित राणा और कुलदीप यादव ने 1-1 विकेट निकाला।

T20 वर्ल्ड कप 2026: नई जर्सी लॉन्च, हिटमैन रोहित बने ब्रांड एंबेसडर

04-Dec-2025
रायपुर (शोर संदेश)। रोहित शर्मा और युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा ने बुधवार को आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय टीम की नई जर्सी लॉन्च की। भारत-साउथ अफ्रीका के बीच दूसरे वनडे मैच में इनिंग्स ब्रेक के दौरान भारत की नई जर्सी का अनावरण हुआ।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी से होगी, जिसका फाइनल 8 मार्च को खेला जाना है। किट प्रोवाइडर एडिडास की ओर से रोल आउट की गई डार्क ब्लू और बोल्ड ऑरेंज शेड वाली जर्सी के लॉन्च के समय भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) सेक्रेटरी देवजीत सैकिया भी मौजूद रहे।
भारत को बतौर कप्तान टी20 विश्व कप खिताब जिताने वाले रोहित शर्मा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इस सबसे छोटे फॉर्मेट से रिटायर हो गए हैं। अब रोहित शर्मा आगामी टी20 विश्व कप के ब्रांड एंबेसडर हैं।
रोहित शर्मा ने कहा, “यह एक लंबा सफर रहा है। हमने साल 2007 में अपना पहला वर्ल्ड कप जीता था। इस फॉर्मेट में अगला खिताब जीतने के लिए हमें 15 साल से ज्यादा लंबा इंतजार करना पड़ा। यह एक लंबा सफर रहा है, जिसमें बहुत सारे उतार-चढ़ाव आए, लेकिन फिर से ट्रॉफी उठाकर बहुत अच्छा लगा।”
रोहित ने कहा, “अब, जब वर्ल्ड कप भारत में हो रहा है, तो यह एक रोमांचक टूर्नामेंट होने वाला है। मेरी शुभकामनाएं हमेशा टीम के साथ हैं। मुझे यकीन है कि हर कोई टीम इंडिया के साथ होगा और उसे अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए सपोर्ट करेगा।”
टी20 वर्ल्ड कप 2025 में कुल 20 टीमें हिस्सा लेने जा रही हैं, जिन्हें 5-5 के चार ग्रुप में बांटा गया है। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ग्रुप-ए में पाकिस्तान, यूएसए, नीदरलैंड और नामीबिया से भिड़ेगी। टीम इंडिया 7 फरवरी को अपने अभियान की शुरुआत करेगी। इस दिन भारत मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में यूएसए से भिड़ेगा, जिसके बाद टीम इंडिया 12 फरवरी को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में नामीबिया का सामना करेगी।
15 फरवरी को भारत कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में पाकिस्तान का सामना करेगा, जिसके बाद 18 फरवरी को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में नीदरलैंड्स के खिलाफ मुकाबले में उतरेगा।

एकलव्य परिसर जवांगा की खिलाड़ी कोसी ने रचा इतिहास, बस्तर ओलंपिक में पहला स्थान

03-Dec-2025
रायपुर ( शोर संदेश ) दंतेवाड़ा जिले के नक्सल प्रभावित दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र से आने वाली कोसी ने बस्तर ओलंपिक में अपनी वॉलीबॉल टीम के साथ दंतेवाड़ा जिला स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल कर नया इतिहास रच दिया है। यह उपलब्धि सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि उस पूरे क्षेत्र की जीत का प्रतीक बन गई है, जहां वर्षों से संघर्ष, भय और चुनौतियाँ बच्चों के सपनों पर हावी रही हैं।
किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली कोसी बचपन से ही कठिन परिस्थितियों के बीच पली-बढ़ी। खेती-बाड़ी और रोज़मर्रा की समस्याओं से जूझते परिवार में कोसी ने बॉलीबाल खेल को एक उम्मीद की रोशनी की तरह देखा और लगातार मेहनत से अपने कौशल को निखारा। उसके पिता किसान हैं और भाई-बहन आज भी गाँव में कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, लेकिन कोसी की सफलता पूरे परिवार और गांव के लिए गर्व का क्षण बनकर आई है।
एकलव्य परिसर जवांगा ने कोसी की प्रतिभा को पहचाना, उसे प्रशिक्षण, संसाधन और अवसर प्रदान किए। इसी सहयोग और उसके अथक प्रयासों की बदौलत अब कोसी संभाग स्तरीय बस्तर ओलंपिक के मुकाबलों की तैयारी में जुटी है। उसकी यह प्रगति न केवल खेल उपलब्धि है, बल्कि उस सामाजिक परिवर्तन का संकेत भी है, जिसमें नक्सल प्रभावित क्षेत्र के बच्चे मैदानों की ओर लौट रहे हैं।
इलाके में खेल सुविधाओं की कमी, सीमित मैदान व सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के बावजूद कोसी जैसी बेटियों ने खेल को अपना साहस बनाया है। कोसी की सफलता इस बात का प्रमाण है कि अवसर मिले तो धुर नक्सल क्षेत्रों से भी बेहतरीन खिलाड़ी तैयार हो सकते हैं।खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार और खेल विभाग से आगे भी पर्याप्त सहयोग मिलता रहा, तो कोसी आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर न केवल बस्तर का, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर सकती है। उसकी कहानी उस नई पीढ़ी की कहानी है, जो बंदूकों की छाया से निकलकर खेल के मैदानों में अपनी पहचान बनाने की राह पर हैं।



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