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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हरलीन देओल ने हॉकी अकादमी के खिलाडि़यों से की मुलाकात, दिया मेहनत और आत्मविश्वास का मंत्र

12-Oct-2026
रायपुर। ( शोर संदेश )भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी हरलीन देओल ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग की रायपुर आवासीय हॉकी अकादमी के खिलाडि़यों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सभी खिलाडि़यों से आत्मीय संवाद किया और अपने खेल जीवन के अनुभव साझा किए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाली खिलाड़ी से मिलकर अकादमी के बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
उप मुख्यमंत्री तथ खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव और छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ की पहल पर हरलीन देओल हॉकी अकादमी आई थीं। राज्य के युवा खिलाडि़यों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता प्राप्त करने वाली खिलाड़ी के अनुभवों से परिचित कराने तथा उन्हें अपने खेल जीवन में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करने हरलीन अकादमी पहुंची थीं।

खिलाडि़यों को दिया सफलता का मंत्र
हरलीन देओल ने खिलाडि़यों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अकादमी में उपलब्ध खेल सुविधाओं, प्रशिक्षण और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन का पूरा लाभ उठाएं। उन्होंने बच्चों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, अनुशासन के साथ नियमित अभ्यास करने और भारतीय टीम का हिस्सा बनकर देश के लिए खेलने का सपना देखने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा, आप मेहनत कीजिए, अपने लक्ष्य के लिए पूरी लगन से प्रयास कीजिए। भगवान भी आपकी मदद करेंगे। अपने ऊपर विश्वास रखिए और देश के लिए खेलने का सपना जरूर देखिए।
अपने खेल जीवन के अनुभव साझा करते हुए हरलीन देओल ने बताया कि सफलता प्राप्त करने के लिए प्रतिभा के साथ कड़ी मेहनत, धैर्य, अनुशासन और निरंतर अभ्यास आवश्यक है। उन्होंने खिलाडि़यों को अपनी कमियों को पहचानने, उनमें सुधार करने और हर दिन पहले से बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

मेंटर के रूप में हरलीन देओल के अनुभवों से मिली सीख
एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी से सीधे संवाद करने का अवसर युवा खिलाडि़यों के लिए विशेष महत्व रखता है। हरलीन देओल के अनुभवों से खिलाडि़यों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने, दबाव की परिस्थितियों में आत्मविश्वास बनाए रखने, असफलताओं से सीखने और निरंतर अपने प्रदर्शन में सुधार करने की प्रेरणा मिली।
क्रिकेट और हॉकी अलग-अलग खेल हैं, लेकिन दोनों में सफलता के लिए अनुशासन, फिटनेस, मानसिक मजबूती, टीम भावना और दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता महत्वपूर्ण है। हरलीन देओल के अनुभव ने हॉकी खिलाडि़यों को इन गुणों को अपने खेल में विकसित करने की प्रेरणा दी।
अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी से संवाद के माध्यम से खिलाडि़यों को यह समझने का अवसर मिला कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने के लिए केवल प्रतिभा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि निरंतर मेहनत, सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और सही मार्गदर्शन भी आवश्यक हैं।

दूर-दराज के जनजातीय क्षेत्रों से आए खिलाडि़यों को भी मिला प्रोत्साहन
खेल एवं युवा कल्याण विभाग की आवासीय हॉकी अकादमी में प्रदेश के दूर-दराज के जनजातीय क्षेत्रों से आए प्रतिभाशाली बच्चे भी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। ये खिलाड़ी अपने घर-परिवार से दूर रहकर अपनी प्रतिभा को निखारने और भविष्य में देश के लिए खेलने का सपना साकार करने की दिशा में प्रयासरत हैं।
अकादमी में उपलब्ध प्रशिक्षण, खेल सुविधाओं और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन से इन खिलाडि़यों को अपनी खेल क्षमता विकसित करने का अवसर मिल रहा है। ऐसे में हरलीन देओल जैसी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी से मुलाकात उनके लिए काफी प्रेरक है। 
हरलीन देओल के अनुभवों ने इन बच्चों को यह संदेश दिया कि भौगोलिक दूरी या शुरुआती संसाधनों की सीमाएं उनके सपनों के रास्ते में बाधा नहीं बननी चाहिए। मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ वे भी बड़े लक्ष्य हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। ऐसे कार्यक्रम खिलाडि़यों का मनोबल बढ़ाने और उनमें देश के लिए खेलने की आकांक्षा को मजबूत करने में सहायक होते हैं।

खिलाडि़यों के साथ बिताए यादगार पल
मुलाकात और बातचीत के दौरान हरलीन देओल ने प्रत्येक खिलाड़ी के साथ व्यक्तिगत रूप से फोटो खिंचवाया और उनके साथ समय बिताया। खिलाडि़यों ने उनके साथ बातचीत की और उनके अनुभवों से सीखने का अवसर प्राप्त किया। उनके साथ बिताए गए ये पल अकादमी के बच्चों के लिए यादगार बन गए।

खेल अधिकारी और प्रशिक्षक भी रहे मौजूद
इस अवसर पर खेल अधिकारी शिवराज साहू, हॉकी प्रशिक्षक रश्मि तिर्की, सॉफ्टबॉल प्रशिक्षक टी.एन. रेड्डी सहित खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अन्य अधिकारी एवं प्रशिक्षक उपस्थित रहे। सभी ने खिलाडि़यों को नियमित अभ्यास करने, अकादमी में उपलब्ध सुविधाओं का पूरा लाभ उठाने तथा अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से प्रदेश और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रोत्साहित किया।

खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में पहल
उप मुख्यमंत्री अरुण साव के प्रयासों तथा छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और विभिन्न खेलों के खिलाडि़यों के बीच अनुभवों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
आवासीय खेल अकादमियों में खिलाडि़यों को प्रशिक्षण और खेल सुविधाओं के साथ-साथ सफल खिलाडि़यों के अनुभवों से सीखने का अवसर मिलना उनके समग्र विकास में काफी सहायक है। ऐसे संवादात्मक कार्यक्रम युवा खिलाडि़यों में आत्मविश्वास बढ़ाने, बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ तथा भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 


जूडो सिखाता है साहस, आत्मसंयम और अनुशासन का पाठ: राज्यपाल रमेन डेका

10-Oct-2026
रायपुर। ( शोर संदेश ) राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि जूडो केवल एक खेल नहीं, बल्कि साहस, आत्मसंयम, अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करने का सशक्त माध्यम है। यह विपरीत परिस्थितियों में धैर्य और संतुलन के साथ चुनौतियों का सामना करना सिखाता है। विशेषकर बालिकाओं के लिए जूडो आत्मरक्षा और मानसिक मजबूती का महत्वपूर्ण आधार है। राज्यपाल डेका आज सरकंडा स्थित खेल परिसर में 26वीं राज्य स्तरीय सब-जूनियर एवं कैडेट जूडो चौम्पियनशिप-2026 का शुभारंभ कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए बालक-बालिका खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। छत्तीसगढ़ प्रदेश जूडो संघ के तत्वाधान में बिलासपुर जूडो संघ द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में राज्य भर के 16 जिलो से 240 खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक भाग ले रहे है।

राज्यपाल डेका ने कहा कि खेल हमें प्रतिद्वंद्वी का सम्मान करना, जीत में विनम्र रहना और हार से सीखकर आगे बढ़ना सिखाते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से बड़े लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज राज्य स्तर पर प्रतिभा दिखाने वाले खिलाड़ी भविष्य में राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं सहित एशियाई खेलों और ओलंपिक में भी देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीखकर आगे बढ़ना ही सच्चे खिलाड़ी की पहचान है।

राज्यपाल ने कोंडागांव जिले की जूडो खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि योगिता मंडावी को उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन के लिए राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। हेमवती नाग ने खेलो इंडिया नेशनल गेम्स और ओपन नेशनल प्रतियोगिता में पदक हासिल किए हैं। वहीं रंजीता कोरेटी ने ताइवान में आयोजित एशियन कैडेट जूडो चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों की उपलब्धियां अन्य युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
समारोह में राज्यपाल डेका ने जूडो में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले हेमवती नाग, अभिषेक जायसवाल, कुमारी शारदा गोस्वामी और योगिता मंडावी को सम्मानित किया। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
राज्यपाल डेका ने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों की खेल प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने छत्तीसगढ़ प्रदेश जूडो संघ से खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के प्रयास निरंतर जारी रखने की अपेक्षा की। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को खेल भावना और अनुशासन के साथ  उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में कलेक्टर बिलासपुर संजय अग्रवाल, छत्तीसगढ़ प्रदेश जूडो संघ के अध्यक्ष अरुण द्विवेदी, महासचिव शम्भू सोनी, बिलासपुर जिला जूडो संघ के अध्यक्ष शैलेन्द्र शुक्ला,  सहित खेल संघ के पदाधिकारी, प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित थे।

रायपुर की फुटबॉल अकादमी से टीम इंडिया तक किरण की उड़ान, रूस के खिलाफ दिखाएंगी दम

09-Oct-2026
रायपुर (शोर संदेश)। रायपुर की फुटबॉल अकादमी से टीम इंडिया तक किरण की उड़ान, रूस के खिलाफ दिखाएंगी दमछत्तीसगढ़ की बेटी किरण पिस्दा अब भारतीय महिला फुटबॉल टीम की जर्सी में अंतरराष्ट्रीय मैदान पर अपना दमखम दिखाएंगी। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की रायपुर आवासीय बालिका फुटबॉल अकादमी की इस प्रतिभावान खिलाड़ी का भारतीय सीनियर महिला फुटबॉल टीम में चयन हुआ है। किरण की इस कामयाबी ने एक बार फिर साबित किया है कि राज्य सरकार का प्रोत्साहन, बेहतर खेल सुविधाएं और व्यवस्थित प्रशिक्षण मिलने पर प्रदेश की बेटियां अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकती हैं। किरण की उपलब्धि से उत्साहित उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने उनसे वीडियो कॉल पर बातचीत कर बधाई दी। उन्होंने कहा कि किरण ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किरण पिस्दा को बधाई देते हुए कहा कि भारतीय महिला फुटबॉल टीम में उनका चयन पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। यह उनकी प्रतिभा, कठिन परिश्रम और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने किरण के माता-पिता, प्रशिक्षकों और रायपुर आवासीय बालिका फुटबॉल अकादमी को भी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। साव ने विश्वास जताया कि किरण भारतीय टीम के लिए शानदार प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की प्रतिभाशाली बेटियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाएं और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
किरण की इस सफलता में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित बालिका फुटबॉल अकादमी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अकादमी में मिले नियमित प्रशिक्षण, अनुशासित वातावरण, तकनीकी मार्गदर्शन और प्रतिस्पर्धात्मक अवसरों ने किरण की प्रतिभा को निखारने में अहम योगदान दिया है। राज्य सरकार द्वारा खिलाड़ियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और प्रोत्साहन का ही परिणाम है कि अकादमी की खिलाड़ी अब भारतीय सीनियर महिला फुटबॉल टीम तक पहुंच रही हैं। विभाग का उद्देश्य प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को व्यवस्थित प्रशिक्षण देकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार करना है। किरण की सफलता इस दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
भारतीय सीनियर महिला टीम में किरण पिस्दा की यह शानदार वापसी भी है। इससे पहले वे वर्ष 2022 में नेपाल में आयोजित एसएएफएफ वीमेन्सरायपुर की फुटबॉल अकादमी से टीम इंडिया तक किरण की उड़ान, रूस के खिलाफ दिखाएंगी दम चैंपियनशिप (SAFF Women's Championship) में भारतीय सीनियर महिला टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। अब इस महीने होने वाले फीफा (FIFA) इंटरनेशनल मैच विंडो में उन्हें रूस के खिलाफ दो अंतरराष्ट्रीय मैत्री मुकाबलों के लिए भारतीय टीम में चुना गया है। पहला मुकाबला 8 अक्टूबर को शाम छह बजे कोलकाता के किशोर भारती क्रीड़ांगन में निर्धारित है। दूसरा मुकाबला 11 अक्टूबर को इसी मैदान पर खेला जाएगा। इन मुकाबलों में किरण को एक बार फिर सीनियर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।
किरण को राष्ट्रीय टीम तक पहुंचाने में रायपुर आवासीय बालिका फुटबॉल अकादमी की कोच सरिता कुजूर के प्रशिक्षण और मार्गदर्शन की भी अहम भूमिका है। सरिता कुजूर खिलाड़ियों के तकनीकी कौशल के साथ उनकी मानसिक मजबूती, आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और मैच के दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने पर विशेष ध्यान देती हैं। खिलाड़ियों के खेल का नियमित आकलन कर उनकी तकनीकी एवं मानसिक कमियों को दूर करना उनकी प्रशिक्षण पद्धति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। किरण की सफलता में इस निरंतर प्रशिक्षण और व्यक्तिगत मार्गदर्शन का बड़ा योगदान रहा है।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालकआकांक्षा शिक्षा खलखो ने भी किरण पिस्दा के भारतीय महिला फुटबॉल टीम में चयन पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि किरण की उपलब्धि प्रदेश की खेल प्रतिभाओं के लिए गौरव का विषय है। यह उनकी कड़ी मेहनत, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि किरण की सफलता छत्तीसगढ़ की अन्य बालिका खिलाड़ियों को भी बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी।
रायपुर की आवासीय फुटबॉल अकादमी से भारतीय सीनियर टीम तक किरण पिस्दा का सफर प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए किए जा रहे प्रयासों की अहम सफलता है। राज्य सरकार के प्रोत्साहन और अकादमी में मिले तकनीकी एवं मानसिक प्रशिक्षण ने उनकी प्रतिभा को नई ऊंचाई दी है। अब छत्तीसगढ़ के खेलप्रेमियों की निगाहें रूस के खिलाफ होने वाले अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों पर हैं, जहां प्रदेश की यह बेटी भारतीय टीम की ओर से अपने खेल के प्रदर्शन के लिए तैयार है।

 


खेलों से मिलती है शारीरिक मजबूती, अनुशासन और करियर की नई राह: राज्यपाल रमेन डेका

08-Oct-2026
रायपुर (शोर संदेश)। राज्यपाल रमेन डेका नवभारत परिवार द्वारा आयोजित 17वीं अखिल भारतीय फुटबॉल एवं जिला स्तरीय विद्यालय फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने फाइनल मुकाबला देखा और विजेता तथा उपविजेता टीमों को ट्रॉफी एवं नकद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। अखिल भारतीय प्रतियोगिता के फाइनल में तमिलनाडु पुलिस ने दल्लीराजहरा माइंस को 1-0 से हराकर खिताब जीता। विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिता में सेंट जेवियर्स स्कूल भरनी ने नवीन पिछड़ा वर्ग क्रीड़ा परिसर को पराजित कर विजेता बनने का गौरव हासिल किया।
राज्यपाल डेका ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल शारीरिक मजबूती के साथ अनुशासन, टीमवर्क और खेल भावना विकसित करते हैं। नियमित रूप से मैदान में खेलने से शरीर स्वस्थ और सक्रिय रहता है। उन्होंने कहा कि खेल अब करियर का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर आगे बढ़ने के अवसर बढ़े हैं। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों की सहभागिता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ के खेलों के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं।

डेका ने कहा कि फुटबॉल हमें सिखाता है कि लक्ष्य पाने के लिए प्रत्येक खिलाड़ी को अपनी भूमिका निभानी होती है। एक-दूसरे का साथ देना, नियमों का सम्मान करना और अंतिम मिनट तक प्रयास करते रहना ऐसे गुण हैं, जो जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी होते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि खेल का आनंद लें, मेहनत करते रहें और हार से सीखकर फिर मैदान में उतरें। आपकी लगन ही आपकी सबसे बड़ी पूंजी है।

राज्यपाल ने कहा कि विद्यालय स्तर की प्रतियोगिताएं बच्चों की प्रतिभा निखारने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इन्हीं बच्चों में से खिलाड़ी आगे चलकर राज्य और देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। जिला और राज्य स्तर के मुकाबलों से अनुभव मिलता है, जबकि अखिल भारतीय प्रतियोगिताओं में विभिन्न राज्यों की टीमों के साथ खेलने से खेल का स्तर बेहतर होता है और आगे की तैयारी की दिशा मिलती है। ऐसे आयोजनों का सिलसिला जारी रहना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिले। समापन समारोह में विभिन्न विभाग के अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेलप्रेमी दर्शक उपस्थित थे।
 

एशियन गेम्स 2026: कुमकुम मोहोद का ऐतिहासिक गोल्ड, अंतिम और अमन फाइनल में पहुंचे

03-Oct-2026
नई दिल्ली।  ( शोर संदेश ) एशियन गेम्स 2026 में शनिवार का दिन भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरा रहा। 17 वर्षीय कुमकुम मोहोद ने दक्षिण कोरिया की येजिन ओह को शूट-ऑफ में हराकर महिला इंडिविजुअल रिकर्व में गोल्ड मेडल जीता और इस स्पर्धा में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। वहीं, कुश्ती में अंतिम पंघाल और अमन सहरावत ने अपने-अपने वर्ग के फाइनल में जगह बनाकर भारत के दो और मेडल पक्के कर दिए, जबकि सागर जगलान और दीपक पूनिया ब्रॉन्ज मेडल के लिए मुकाबला करेंगे।
कुमकुम और येजिन ओह के बीच फाइनल पांच सेट के बाद 5-5 से बराबर था। गोल्ड मेडल का फैसला शूट-ऑफ में एक ही तीर से हुआ। ओह ने 8 का स्कोर किया, जबकि कुमकुम ने दबाव के बीच 10 का निशाना लगाकर 6-5 से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
फाइनल में कुमकुम की शुरुआत चुनौतीपूर्ण रही। ओह ने पहला सेट 29-27 से जीतकर 2-0 की बढ़त बनाई। दूसरा सेट 29-29 से बराबर रहने के बाद दक्षिण कोरियाई खिलाड़ी 3-1 से आगे हो गईं। इसके बाद कुमकुम ने तीसरे सेट में लगातार तीन 10 लगाकर परफेक्ट 30 का स्कोर बनाया और 29 के स्कोर पर रुकी ओह के खिलाफ मुकाबला 3-3 से बराबर कर दिया।
ओह ने चौथा सेट 28-27 से जीतकर 5-3 की बढ़त बना ली और गोल्ड से सिर्फ एक सेट दूर थीं। कुमकुम ने पांचवें सेट में शानदार संयम दिखाया। उन्होंने लगातार तीन 10 लगाकर 30 का परफेक्ट स्कोर बनाया, जबकि ओह 28 का स्कोर ही कर सकीं। इसके बाद मुकाबला शूट-ऑफ में गया, जहां कुमकुम ने 10 का निशाना लगाकर इतिहास रच दिया।
कुमकुम ने एशियन गेम्स के इंडिविजुअल अभियान की शुरुआत रैंकिंग राउंड में 10वें स्थान पर रहते हुए की थी। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने दक्षिण कोरिया की मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन और ओलंपिक टीम गोल्ड मेडलिस्ट कांग चाएयंग को हराकर बड़ा उलटफेर किया। इसके बाद उन्होंने 2025 वर्ल्ड चैंपियनशिप की सिल्वर मेडलिस्ट चीन की जिंगी झू को 6-2 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।

सेमीफाइनल में जगह बनाने के साथ ही कुमकुम एशियन गेम्स के इंडिविजुअल रिकर्व फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं। अब गोल्ड जीतकर उन्होंने इस स्पर्धा में भारत के लिए पहली बार स्वर्ण पदक भी सुनिश्चित कर दिया है। ब्रॉन्ज मेडल चीन की युवेई हुआंग ने हमवतन जिंगी झू को 6-4 से हराकर जीता।
कुमकुम की इस जीत के साथ भारत को लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक गेम्स के लिए महिला इंडिविजुअल रिकर्व में एक कोटा भी हासिल हुआ। कुमकुम और येजिन ओह ने अपने-अपने देशों के लिए एक-एक ओलंपिक कोटा हासिल किया।

कुश्ती में अंतिम पंघाल ने महिलाओं के 53 किग्रा वर्ग के फाइनल में जगह बनाकर गोल्ड मेडल की दावेदारी कायम रखी। उन्होंने नॉकआउट राउंड में कजाकिस्तान की शुगिला ओमीरबेक को 9-0 और क्वार्टर फाइनल में उज्बेकिस्तान की साकिबजमल एस्बोसीनोवा को 8-0 से हराया। सेमीफाइनल में उन्होंने चीन की जिन झांग को 6-1 से शिकस्त दी।
सेमीफाइनल में अंतिम शुरुआत में 0-1 से पीछे थीं, लेकिन उन्होंने लगातार छह अंक हासिल कर मुकाबला अपने नाम किया। फाइनल में उनका सामना जापान की मो कियोका से होगा। फाइनल मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 4:02 बजे शुरू होना है। फाइनल में पहुंचकर अंतिम एशियन गेम्स कुश्ती फाइनल में पहुंचने वाली चुनिंदा भारतीय महिला पहलवानों में शामिल हो गई हैं।
पुरुषों के फ्रीस्टाइल 57 किग्रा वर्ग में अमन सहरावत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश किया। उन्होंने जापान के यामातो ओगावा को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर 20-9 से हराया और क्वार्टर फाइनल में कजाकिस्तान के नुरदनात ऐतानोव को 12-1 से शिकस्त दी।
ताजिकिस्तान के आइयाल बेलोल्युब्स्की के खिलाफ सेमीफाइनल में अमन पहले हाफ के बाद 2-6 से पीछे थे। हालांकि, दूसरे हाफ में उन्होंने जोरदार वापसी की और 12 अंक हासिल किए, जबकि विरोधी पहलवान सिर्फ दो अंक बना सके। अमन ने मुकाबला 14-8 से जीतकर फाइनल में जगह बनाई। अब गोल्ड के लिए उनकी भिड़ंत उत्तर कोरिया के चोंग सोंग हान से होगी।

 


खेल अकादमियों में प्रवेश के लिए 169 खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम

01-Oct-2026
रायपुर। (शोर संदेश) खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु रायपुर स्थित विभिन्न गैर-आवासीय खेल अकादमियों में खिलाड़ियों के प्रवेश (नवीनीकरण एवं नवीन प्रवेश) के लिए दो दिवसीय चयन ट्रायल आज संपन्न हुआ। तीरंदाजी (बालक/बालिका) के लिए तीरंदाजी एरिना के सामने, फुटबॉल (बालिका) एवं एथलेटिक्स (बालक/बालिका) के लिए स्वामी विवेकानंद स्टेडियम कोटा तथा हॉकी (बालक/बालिका) के लिए हॉकी स्टेडियम पिच-2 में आयोजित चयन ट्रायल में खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

चयन ट्रायल के अंतिम दिन आज चारों खेलों में पंजीकृत कुल 169 खिलाड़ियों की कौशल दक्षता का कड़ाई से परीक्षण किया गया। वरिष्ठ प्रशिक्षकों एवं विशेषज्ञों ने हॉकी और फुटबॉल के 57-57, तीरंदाजी के 23 और एथलेटिक्स के 32 खिलाड़ियों के खेल कौशल का परीक्षण किया। खिलाड़ियों के सटीक मूल्यांकन के लिए खेल के मानकों के आधार पर दक्षता परीक्षण किया गया। 

प्रशिक्षकों और विशेषज्ञों ने फुटबॉल में पासिंग, ड्रिबलिंग, व्यक्तिगत पोजीशन, मैच सेंस और पोजिशनिंग गेम का परीक्षण किया। वहीं आर्चरी में ड्रॉ लेंथ, आई डोमिनेंस, पोस्चर, मेंटल एबिलिटी तथा 20 मीटर शूटिंग का परीक्षण किया गया। एथलेटिक्स के अंतर्गत 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर, 1500 मीटर, 3000 मीटर दौड़, पैदल चाल, हाई जंप, लॉन्ग जंप, गोला फेंक, तवा फेंक, भाला फेंक इत्यादि का परीक्षण किया गया। 

हॉकी में परफेक्शन और एक्युरेसी स्किल टेस्ट के तहत हिट, पुश, स्कूप, स्टॉपिंग, रिसीविंग, टैकलिंग, क्लीयरेंस, पेनल्टी कॉर्नर इंजेक्टर, ड्रैगर, हिटर और गोलकीपर के लिए टी-टेस्ट जैसी तकनीकी योग्यताओं का बारिकी से आकलन किया गया।

 


गैर-आवासीय खेल अकादमी चयन ट्रायल : 144 खिलाड़ियों ने कराया पंजीयन

01-Oct-2026
रायपुर। (शोर संदेश) खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा रायपुर जिले में संचालित गैर-आवासीय फुटबॉल, तीरंदाजी, हॉकी एवं एथलेटिक्स अकादमी में खिलाड़ियों के प्रवेश (नवीनीकरण एवं नवीन प्रवेश) के लिए आयोजित दो दिवसीय चयन ट्रायल के पहले दिन आज खिलाड़ियों के पंजीयन के साथ दस्तावेज, शारीरिक दक्षता और चिकित्सीय परीक्षण किया गया। चयन ट्रायल के दूसरे दिन कल 1 अक्टूबर को पंजीकृत खिलाड़ियों के खेल कौशल का परीक्षण किया जाएगा।
चारों गैर-आवासीय अकादमी में चयन के लिए कुल 144 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। विभागीय अधिकारियों एवं विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की देखरेख में फुटबॉल, तीरंदाजी, हॉकी और एथलेटिक्स के इन खिलाड़ियों का आज पंजीयन, दस्तावेज परीक्षण तथा चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। खिलाड़ियों के शारीरिक दक्षता परीक्षण के तहत हाइट (ऊंचाई), वेट (वजन), वर्टिकल जम्प, 30 मीटर दौड़, शटल रन, बॉल थ्रो, 800 मीटर दौड़ एवं सीट-अप जैसी विभिन्न शारीरिक गतिविधियों का आंकलन किया गया।
चयन ट्रायल के दूसरे दिन 1 अक्टूबर को पंजीकृत खिलाड़ियों के खेल कौशल के परीक्षण के बाद उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर चयन समिति द्वारा अकादमियों में प्रशिक्षण के लिए खिलाड़ियों का अंतिम चयन किया जाएगा।


खेल और खिलाडिय़ों की तरक्की के लिए छत्तीसगढ़ सरकार प्रतिबद्ध - अरुण साव

30-Sep-2026
रायपुर। (शोर संदेश)  उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने राजनांदगांव के पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम में खिलाडि़यों और युवाओं से संवाद किया। वे जल, जन एवं सेवा संकल्प यात्रा के अभिनंदन और स्वागत कार्यक्रम में भी शामिल हुए। 
उप मुख्यमंत्री साव ने खिलाडि़यों को निरंतर मेहनत, अनुशासन, एकाग्रता और समर्पण के साथ आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव की पहचान खेल नगरी के रूप में है और यहां की खेल प्रतिभाओं ने प्रदेश एवं देश का नाम गौरवान्वित किया है। एक खिलाड़ी की सबसे बड़ी विशेषता एकाग्रता होती है। खिलाड़ी को अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह केंद्रित और अनुशासित रहना चाहिए। 
उन्होंने खिलाडिय़ों से कहा कि वे खेल भावना के साथ अपनी प्रतिभा को निखारें और आने वाले समय में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करें। उन्होंने छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की बेटियां विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। कबड्डी में संजू देवी ने एशियन गेम्स-2026 में स्वर्ण पदक जीता है। उन्होंने बताया कि संजू देवी बिलासपुर की बहतराई कबड्डी अकादमी में प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने जूनियर महिला हॉकी एशिया कप विजेता टीम की सदस्य छत्तीसगढ़ की बेटियों गीता यादव और मधु सिदार तथा कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतने वाली ज्ञानेश्वरी यादव की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया।
उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेल और खिलाडिय़ों की तरक्की एवं बेहतरी के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में पहली बार राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित हॉकी लीग का आयोजन किया जा रहा है। यह लीग 21 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक आयोजित होगी। लीग के लिए लगभग 400 खिलाडिय़ों ने पंजीयन कराया है, जिनमें से 223 खिलाडिय़ों ने पहले दिन के ट्रायल में हिस्सा लिया है। चयन प्रक्रिया के बाद छह टीमें गठित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि राजनांदगांव की टीम का नाम यहां की पहचान संस्कारधानी के नाम पर रखा गया है। इसी प्रकार विभिन्न क्षेत्रों की सांस्कृतिक एवं स्थानीय पहचान को टीमों के नाम से जोड़ा गया है। हॉकी लीग में छत्तीसगढ़ की स्थानीय संस्कृति एवं पहचान को भी विशेष महत्व दिया गया है। 
उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलो इंडिया सहित विभिन्न माध्यमों से खेल और खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित करने का कार्य किया जा रहा है। विकसित भारत के लक्ष्य में आर्थिक विकास के साथ खेल सहित प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारत को खेलों के क्षेत्र में भी विश्व के अग्रणी देशों में शामिल करने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। 
कार्यक्रम में वड़नगर-वाराणसी सेवा संकल्प अभियान यात्रा के तहत राजनांदगांव पहुंचे बाइकर्स का जोरदार स्वागत किया गया। उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि गुजरात के वड़नगर से निकली यह सेवा यात्रा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जन्मस्थली से जुड़ी है। उन्होंने यात्रा में शामिल युवाओं का स्वागत करते हुए सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ आगे बढऩे का आह्वान किया।
सांसद संतोष पाण्डेय ने कार्यक्रम में कहा कि वड़नगर से वाराणसी तक की यह यात्रा सेवा, आस्था और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी है। उन्होंने यात्रा में शामिल सभी सेवा यात्रियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि यात्रा की भारतीय परंपरा में विशेष महत्ता रही है। सेवा और सद्भावना के उद्देश्य से निकली इस यात्रा से समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचता है। 
उन्होंने यात्रियों को मां बम्लेश्वरी सहित छत्तीसगढ़ की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया तथा उनकी यात्रा की सफलता की कामना की। उन्होंने युवाओं और खिलाडिय़ों से संवाद करते हुए उनसे अपने अनुभव साझा करने तथा सेवा एवं राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया। महापौर मधुसूदन यादव ने भी युवाओं और खिलाडि़यों को संबोधित किया।
सेवा संकल्प यात्रा के प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद राजेश शुक्ला, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष सचिन बघेल, राजगामी संपदा न्यास की अध्यक्ष  पूर्णिमा साहू, कोमल सिंह राजपूत, सौरभ कोठारी और गीता साहू सहित जनप्रतिनिधियों, खिलाडि़यों और युवाओं ने बड़ी संख्या में कार्यक्रम में भागीदारी की।

 

 


चयन ट्रायल के बाद छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के लिए 130 खिलाड़ी शॉर्टलिस्टेड

30-Sep-2026
रायपुर। (शोर संदेश) छत्तीसगढ़ हॉकी लीग (सीएचएल) के पहले सीजन के लिए आयोजित दो दिवसीय चयन ट्रायल आज रायपुर स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में संपन्न हआ। ट्रायल के लिए कुल 373 खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 223 खिलाड़ियों ने भाग लिया। दो दिवसीय चयन प्रक्रिया और खिलाड़ियों के प्रदर्शन के मूल्यांकन के बाद 130 खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है।
प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए खिलाड़ियों ने चयन ट्रायल में हिस्सा लिया और लीग के पहले सीजन में जगह बनाने के लिए अपना दमखम दिखाया। चयन प्रक्रिया के दौरान खिलाड़ियों के खेल कौशल, प्रदर्शन और निर्धारित मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया गया।
उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव लगातार दूसरे दिन ट्रायल स्थल पहुंचे। उन्होंने मैदान पर खिलाड़ियों का खेल देखा, उनसे मुलाकात की और उन्हें अपने खेल को और निखारने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने खिलाड़ियों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि निरंतर अभ्यास और मेहनत के माध्यम से अपने खेल को बेहतर बनाते रहें।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा, "छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के लिए आयोजित चयन ट्रायल का सफल समापन राज्य की हॉकी प्रतिभाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। 373 खिलाड़ियों का पंजीकरण और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से खिलाड़ियों की भागीदारी यह दर्शाती है कि राज्य में हॉकी को लेकर उत्साह और प्रतिभा दोनों मौजूद हैं। 130 खिलाड़ियों का शॉर्टलिस्ट होना इस प्रक्रिया का एक अहम परिणाम है। अब इन खिलाड़ियों को प्लेयर ड्राफ्ट के माध्यम से लीग की छह टीमों का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा। हमारी सरकार का उ‌द्देश्य है कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को बेहतर प्रतिस्पर्धी माहौल, आवश्यक अनुभव और आगे बढ़ने के अवसर मिलें।" उन्होंने सभी शॉर्टलिस्टेड खिलाड़ियों को आगामी ड्राफ्ट और लीग के लिए शुभकामनाएँ दीं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक आकांक्षा शिक्षा खलखो, छत्तीसगढ़ हॉकी संघ के अध्यक्ष मनीष श्रीवास्तव और सचिव फिरोज अंसारी भी इस दौरान मौजूद थे।
 चयन ट्रायल के बाद अब लीग के पहले सीजन के लिए टीम गठन की दिशा में अगला महत्वपूर्ण चरण सीएचएल प्लेयर ड्राफ्ट होगा। 8 अक्टूबर को रायपुर में आयोजित होने वाले इस ड्राफ्ट में शॉर्टलिस्ट किए गए 130 खिलाड़ी शामिल होंगे। इन खिलाड़ियों में से छह फ्रेंचाइज़ी टीमें अपने-अपने खिलाड़ी दल का चयन करेंगी। इसके बाद लीग के पहले सीजन के लिए टीमों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
 

 


छत्तीसगढ़ हॉकी लीग : चयन ट्रायल के पहले दिन 223 खिलाड़ी उतरे मैदान पर, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने खिलाड़ियों से की मुलाकात

29-Sep-2026
रायपुर। ( शोर संदेश ) छत्तीसगढ़ हॉकी लीग (सीएचएल) के पहले सीजन के लिए खिलाड़ियों का चयन ट्रायल रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम के पिच-1 पर शुरू हुआ। ट्रायल के लिए पंजीकृत 373 खिलाड़ियों में से 223 खिलाड़ियों ने पहले दिन उपस्थित होकर ट्रायल में भाग लिया।

उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने ट्रायल स्थल पहुंचकर खिलाड़ियों की हौसला अफजाई की। उन्होंने मैदान पर खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनसे बातचीत की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में हॉकी की जड़ें बहुत गहरी हैं। इस ट्रायल में खिलाड़ियों का उत्साह इसका प्रमाण है। आज मैंने मैदान पर स्वयं उनके जुनून को देखा। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का उद्देश्य ऐसे ही युवा खिलाड़ियों को एक बड़ा मंच देना है, जहाँ वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ मैदान साझा करेंगे। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ की हर खेल प्रतिभा को राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक आगे बढ़ने का अवसर मिले। उन्होंने ट्रायल में भाग ले रहे खिलाड़ियों शुभकामनाएं दीं।

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में खेलने वाली छह टीमों के खिलाड़ियों के चयन के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा इस चयन ट्रायल का आयोजन किया गया है। ट्रायल की सम्पूर्ण प्रक्रिया छत्तीसगढ़ हॉकी संघ द्वारा निर्धारित नियमों एवं मापदंडों के अनुसार संचालित की जा रही है।

ट्रायल का संचालन खेल अधिकारियों, विशेषज्ञों, हॉकी संघ और वरिष्ठ खिलाड़ियों के पैनल की देखरेख में किया गया। पैनल में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के खेल अधिकारी दीनू प्रसाद पटेल, रायपुर की वरिष्ठ हॉकी प्रशिक्षक रश्मि संध्या एक्का, बिलासपुर के वरिष्ठ हॉकी प्रशिक्षक राकेश टोप्पो, छत्तीसगढ़ हॉकी संघ की ओर से अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मृणाल चौबे, राजनांदगांव से अनुराग श्रीवास्तव तथा वरिष्ठ हॉकी खिलाड़ी अमिताभ मानिकपुरी शामिल हैं।
29 सितम्बर को भी सुबह 9 बजे से चयन ट्रायल जारी रहेगा। ट्रायल पूर्ण होने के बाद चयनित खिलाड़ियों की सूची और चयन प्रक्रिया का प्रतिवेदन खेल संचालनालय को सौंपा जाएगा, जिसके आधार पर लीग की छह टीमों का गठन किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के बारे में
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग (CHL) छत्तीसगढ़ की पहली आधिकारिक राज्य स्तरीय हॉकी लीग है, जिसका आयोजन खेल एवं युवा कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किया जा रहा है। इस लीग की परिकल्पना राज्य के हॉकी खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, प्रतिस्पर्धी अनुभव हासिल करने तथा राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर प्राप्त करने के लिए एक सुव्यवस्थित और प्रतिस्पर्धात्मक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है।

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का पहला सीजन 21 अक्टूबर से 1 नवम्बर 2026 तक सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, रायपुर में आयोजित किया जाएगा। इसमें राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली छह फ्रेंचाइज़ी आधारित टीमें - राजधानी रॉयल्स, चित्रकोट चैलेंजर्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटन्स खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी। प्रत्येक टीम में 22 खिलाड़ियों का दल होगा, जिसमें छत्तीसगढ़ के 18 खिलाड़ी और राज्य के बाहर से चार राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल होंगे।
इस लीग का उद्देश्य छत्तीसगढ़ में हॉकी के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना, उभरते खिलाड़ियों के लिए अधिक अवसर तैयार करना और राज्य में राष्ट्रीय खेल के निरंतर विकास में योगदान देना है। “चलो रे संगी, हॉकी खेलबो” टैगलाइन के साथ यह लीग छत्तीसगढ़ की खेल पहचान, क्षेत्रीय गौरव और हॉकी के क्षेत्र में राज्य की बढ़ती आकांक्षाओं को सामने लाती है।

 

 



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